प्रदेश के सभी अस्पतालों व उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में 11 तरह की बीमारियों के टीके बिल्कुल मुफ्त : विपिन सिंह परमार

प्रदेश के सभी अस्पतालों व उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में 11 तरह की बीमारियों के टीके बिल्कुल मुफ्त : विपिन सिंह परमार

  • प्रदेश में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित बनाने के लिये विशेष अभियान : परमार
  • : प्रदेश में टीकाकरण नवीनतम टेक्नोलाजी आटो डिसेबल्ड सिंरिज से ही किया जा रहा है
  • : राज्य में विशेष टीकाकरण अभियान
  • : राज्य में नए कोल्ड चेन स्थल स्थापित किए गए हैं ताकि लाभार्थी को उसके घरद्वार के नजदीक टीकाकरण की सुविधा हो उपलब्ध
  • : स्कूल में बच्चे के दाखले के दौरान उसका सम्पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य करने के लिए शिक्षा विभाग और महिला एंव बाल विकास विभाग का लिया जा रहा सहयोग

शिमला: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत प्रदेश के दस जिलों के 93 गांवों में 23 से 27 अप्रैल तक सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान टीकाकरण से छूटे 77 बच्चों तथा 15 गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका टीकाकरण कर सम्पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी अस्पतालों और उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में 11 तरह की बीमारियों के टीके बिल्कुल मुफ्त दिए जा रहे हैं जिनमें क्षय रोग, पोलियो, काली खांसी, गलघोंटू, टेटनस, निमोनिया, खसरा, रुबेला, हेपेटाइटिस हेमोफिलस इन्फ्लून्जा टाइप-बी शामिल हैं। प्रदेश में टीकाकरण नवीनतम टेक्नोलाजी आटो डिसेबल्ड सिंरिज से ही किया जा रहा है।  इससे किसी भी तरह का संक्रमण होना शून्य के बराबर है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की शत-प्रतिशत कवरेज के लिये अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके लिये राज्य में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है और प्रत्येक माह इसकी समीक्षा की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में दैनिक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं ताकि एक भी बच्चा बिना टीकाकरण के न रहे। विभिन्न स्वास्थ्य खण्डों में टीकाकरण गतिविधि की सूक्ष्म नियोजन और निगरानी के लिए चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

बेहतर टीकाकरण के लिए संचार, प्रेरणा और आ.ई.सी पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता और आशा के लिए यूनिसेफ के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना बनाई गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मातृ एंव शिशु सुरक्षा कार्ड की काउंटर फॉयल बच्चे के सम्पूर्ण टीकाकरण होने का सबूत होगा। सभी बच्चे जिनका आंशिक रुप से टीकाकरण हुआ होगा उन्हें शिक्षा विभाग व महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रुप से ट्रेक किया जाएगा।

परमार ने कहा कि स्कूल में बच्चे के दाखले के दौरान उसका सम्पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य करने के लिए शिक्षा विभाग और महिला एंव बाल विकास विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। पहली कक्षा में छात्र के प्रवेश से पहले अभिभावकों को टीकाकरण की अनुसूची के अनुसार पूर्ण टीकाकरण की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र लेना होगा, जो स्कूल में प्रवेश के दौरान जमा करवाया जाएगा। टीकाकरण कार्यक्रम की सूची सभी प्राथमिक विद्यालयों व स्वास्थ्य संस्थानों में प्रदर्शित की जाएगी। राज्य में नए कोल्ड चेन स्थल स्थापित किए गए हैं जिनमें यह सुनिश्चित किया गया है कि लाभार्थी को उसके घरद्वार के नजदीक टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध हो।

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