मुख्यमंत्री ने ज्वालामुखी में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की दिशा में ‘कांगड़े दी मुन्नी’ कार्यक्रम की शुरूआत की

मुख्यमंत्री करेंगे 33 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र जदरांगल का शिलान्यास : अनुराग पराशर

  • : सुजान सिंह पठानिया और सुधीर शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी करेंगे कार्यक्रम में शिरकत
  • : बोर्ड ने जदरांगल में 33 के.वी.विद्युत उप-केन्द्र जदरांगल को स्थापित करने का लिया निर्णय
  • : विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण पर लगभग 5 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान
  • : इस विद्युत उपकेन्द्र के बनने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति सशक्त होगी और लॉ वोल्टेज की समस्या का भी होगा समाधान
  • : इस विद्युत उप-केन्द्र के बन जाने से जदरांगल और आस-पास क्षेत्रों के 16 गांवों के करीब 34 हजार लोग होंगे लाभान्वित
स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर

स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर

शिमला : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आगामी कल यानि कि 7 मई, 2016 को जिला कांगड़ा के जदरांगल में (श्री चामुण्डा जी) मन्दिर के नजदीक 33 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र जदरांगल का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा एवं कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया और शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति समारोह की शोभा बढ़ायेंगे।

यह जानकारी देते हुए स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर ने बताया कि वर्तमान में जदरांगल और आस-पास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 33 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र नगरोटा बगवां और 33 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र सिद्धपुर से 11 के.वी. फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिनके अत्याधिक लम्बे होने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में कई बार व्यवधान आ जाता है तथा वोल्टेज भी कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त अधिकांश 11 के.वी. फीडर घने जंगल से गुजर रहे हैं, जिस कारण विद्युत आपूर्ति में बाधा आने की दिशा में कई बार विद्युत आपूर्ति बहाल करना मुश्किल हो जाता है। अतः जदरांगल और आस-पास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवतापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड ने जदरांगल में 33 के.वी. विद्युत उप-केन्द्र जदरांगल (श्री चामुण्डा जी) को स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण पर लगभग 5 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस विद्युत उपकेन्द्र से 11 के.वी. के 3 फीडरों चामुण्डा एक्सपै्रस, टंग और डाढ सहित एक अतिरिक्त फीडर निकाला जाएगा।

इस विद्युत उपकेन्द्र के बन जाने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति सशक्त होगी और Low वोल्टेज की समस्या का भी निवारण होगा। इसके साथ ही संचार एवं वितरण में होने वाली हानियों (T&D losses) में भी कमी आएगी। इस विद्युत उप-केन्द्र के बन जाने से जदरांगल और आस-पास क्षेत्रों के 16 गांवों के लगभग 34 हजार लोग लाभान्वित होंगे।

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