राशन दुकानों में आटा-चावल के कोटे में नही की जा रही कोई कटौती

डिजिटल राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य पहली फरवरी से शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग राज्य में ईपीडीएस परियोजना के माध्यम से लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के विभिन्न कार्यों का कम्प्यूट्रीकरण कर रहा है। विभाग ने परिवारों की आधार कार्ड संख्या सहित विस्तृत जानकारी पर पहले ही डिजिटाइज्ड राशन कार्ड तैयार करने का कार्य आरम्भ कर दिया है। डिजिटल राशनकार्ड सत्यापन तथा डी-डुप्लिकेशन के उपरांत उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।

प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि अधिकतम राशनकार्डों को डिजिटाइज्ड कर लिया है और इसमें शामिल करने व हटाने का कार्य लोगों के दावे व आपतियों के आधार पर 1 फरवरी, 2016 से पहले ही शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड धारकों की सूची ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत घरों और शहरी क्षेत्रों में उचित मूल्यों की दुकान पर सत्यापन के लिए उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने सभी राशनकार्ड धारकों से आग्रह किया कि वे राशनकार्ड प्राप्त करने से पूर्व पंचायत व उचित मूल्यों की दुकानों में अपने प्रविष्टियों का सत्यापन सुनिश्चित बना लें, जिन उपभोक्ताओं ने राशनकार्डों के डिजिटाइजेशन के लिए प्रपत्र नहीं भरे हैं, वे पंचायतों व नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के निरीक्षकों को इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया 29 फरवरी तक चलेगी तथा इस बारे जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नम्बर 1967 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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