टूरिज़्म (Page 2)

HPTDC’s Hotel Bhagsu at McLeodganj Dharamshala

HPTDC’s Hotel Bhagsu at McLeodganj Dharamshala

Opened in Oct. 1978, HPTDC’s Hotel Bhagsu is located at McLeodganj near the residence of His Hiliness, the Dalai Lama and the Namgyal Monastery. The Hotel is named after the famous temple of Bhagsunath. Sprawled over a wide area with lush green deodar trees, spacious lawns and backdrop of the majestic Dhauladar mountains, Hotel Bhagsu

हिमालयन रनिंग एण्ड लिविंग मैराथन का 7वां संस्करण 30 अप्रैल से

“सांगला” किन्नौर की खूबसुरत घाटी

उपजाऊ भूमि के लिए लोकप्रिय सांगला पाइन नट के बगीचे, सेब और चेरी के सुंदर पेड़ के लिए प्रसिद्ध सांगला हिमाचल प्रदेश के ज़िला किन्नौर में बसी है सांगला घाटी। सांगला ऊंचे पर्वतों और वनाच्छादित...

झील के रूप में पूजी जातीं हैं देवी "रेणुका"

इसलिए पड़ा झील का नाम “रेणुका”….

झील के रूप में पूजी जाती हैं माँ “रेणुका”,  राजा प्रसेनजित् की पुत्री थी देवी “रेणुका” हिमाचल में सदियों से ही देवी-देवताओं का वास रहा है। यहां के लोगों की देवी-देवताओं के प्रति गहरी...

"किन्नौर" किन्नर कैलाश की विशेष महत्ता के साथ संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाज व पर्यटन के लिए भी विख्यात

“किन्नौर” किन्नर कैलाश की विशेष महत्ता के साथ संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाज व पर्यटन के लिए भी विख्यात

मान्यता : किन्नर कैलाश केवल भगवान शिव का ही निवास स्थान नहीं, बल्कि यहां पर स्वर्ग का राज है “किन्नौर”  शिव की धरती से जहां विख्यात है वहीं किन्नौर अपनी संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाजों,...

“देव कमरूनाग” ...यहां स्थानीय ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लोग भी होते हैं नतमस्तक

“देव कमरूनाग” … स्थानीय ही नहीं, देश-विदेश के लोग नतमस्तक

  कमरूनाग झील में समाया है अपार खजाना परंपरा के कारण सिक्कों और अमूल्य धातुओं का भारी भंडार हिमाचल को देवभूमि के नाम से ना केवल देशों में अपितु विदेशों में भी जाना जाता है। यहाँ हर देवी-...

मनाली के देवदार जंगलों में बसा पैगोडा शैली का कलात्मक मंदिर "हिडिम्बा"

मनाली के देवदार जंगलों में बसा पैगोडा शैली का कलात्मक मंदिर “हिडिम्बा”

हिडिम्बा को कहा जाता है ढूंगरी देवी हिडिम्बा को राजपरिवार मानता है अपनी दादी हिडिम्बा मंदिर के बारे में हमने बहुत कुछ पढ़ा व सुना है। वास्तव में खुद वहां जाकर एक अद्भुत् अनुभूति  का जो अनुभव...

पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था मसरूर मंदिर का निर्माण

चट्टानों पर बना विशाल मन्दिर “मसरूर”

हमारी धरोहर हमारी गौरवशाली परम्परा का प्रतीक पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था मसरूर मंदिर निर्माण सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा करना हम सब का नैतिक कर्तव्य सांस्कृतिक धरोहर के...