


समालखा: “ब्रह्मज्ञान की वास्तविक सार्थकता उसे जीवन में अपनाने और अपने विचारों, व्यवहार एवं कर्मों में शामिल करने में है।” ये दिव्य भाव सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के समापन दिवस पर लाखों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने पावन आशीर्वचनों द्वारा प्रदान किए।
जागृति’ की आध्यात्मिक प्रेरणाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर स्वयं के उत्थान के साथ-साथ जगत कल्याण की भावना को सुदृढ़ करने वाला यह पावन संत समागम कल रात्रि प्रेमभक्ति एवं श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। समागम से आध्यात्मिक प्रेरणा और मधुर स्मृतियां लेकर श्रद्धालु भक्तजन धीरे-धीरे अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करने लगे।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने विशाल मानव परिवार को सम्बोधित करते हुए अपने पावन प्रवचनों में फरमाया कि ‘जागृति’ केवल सत्संग या समागम तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर पल में निराकार परमात्मा के अहसास के साथ जीने का नाम है। ब्रह्मज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम इसे अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों में अपनाएं।
सतगुरु माता जी ने सकारात्मक सोच, प्रेम, करुणा और विनम्रता अपनाने तथा दूसरों की कमियों के बजाय उनकी खूबियों को देखने की प्रेरणा दी। सच्ची जागृति का आरंभ अपने घर-परिवार और निजी जीवन से होता है। सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग मानकर हर परिस्थिति में परमात्मा का एहसास बनाए रखना ही जीवन को सुखमय और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है।
इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के सचिव आदरणीय श्री जोगिंदर सुखीजा ने सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी के पावन दर्शन कर उनके दिव्य आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही, समस्त साध-संगत तथा समागम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सरकारी विभागों का हार्दिक आभार प्रकट किया। उन्होंने इस वर्ष समागम में पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी संगत की संख्या में निरंतर वृद्धि होने की मंगलकामना की।
कवि दरबार
इस वर्ष समागम के चारों दिन आयोजित कवि दरबार में बाल कवियों सहित महिला एवं पुरुष कवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जो आकर्षण का एक मुख्य बिन्दू रहा। इस अवसर पर 80 कवियों ने ‘जागृति’ विषय पर आधारित अपनी स्वरचित कविताएँ हिंदी, राजस्थानी, पंजाबी, अंग्रेज़ी, हरियाणवी, मुल्तानी, मराठी, भोजपुरी एवं संस्कृत सहित विभिन्न भाषाओं में प्रस्तुत कीं। इन भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया और सभी ने इस आयोजन का भरपूर आनंद प्राप्त किया।
इस प्रकार, 79वाँ वार्षिक निरंकारी संत समागम सतगुरु के दिव्य संदेश, प्रेम, भक्ति एवं मानवता के भावों से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। निःसंदेह, यह पावन संत समागम आध्यात्मिक जागृति एवं सद्भाव का अनुपम संगम बना, जिसने अनेकता में एकता और संपूर्ण मानवता को एक सूत्र में पिरोने का दिव्य संदेश दिया।

रिकांगपिओ : राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज सांगला घाटी की पंचायतों का दौरा कर रक्छम पंचायत में 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आईस स्केटिंग रिंक का शिलान्यास किया।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रक्छम के खेल मैदान में जनसभा को सम्बोधित करते हुए बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, मनरेगा अधिनियम, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह की तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देन है। मनरेगा से गा्रमीण अंधोरंचना का विकास हुआ है तथा वन अधिकार अधिनियम-2006, को लाने का मुख्य उद्देश्य जनजातीय जिला के निर्धन एवं भूमिहीन लोगों को जमीन उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार वन अधिकार अधिनियम-2006 के माध्यम से जनजातीय लोगों लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा नोतौड़ अधिनियम-1968 स्वर्गीय मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार की देन है जिससे जन-जातीय लोगों व उपेक्षित वर्गों को भूमि का मालिकाना हक प्राप्त हुआ है। उन्होंने जिला के भूमिहीन लोगों से आग्रह किया कि वे इस अधिनियम का लाभ उठाएं तथा अपने नाम जमीन प्राप्त करें।
बागवानी मंत्री ने बताया कि जनजातीय जिला किन्नौर में वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में लगभग 800 निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के लोगों को भू पट्टे प्रदान किए गए हैं जिससे उन्हें जमीन का स्वामित्व प्राप्त हुआ है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि जिला किन्नौर जहां पर्यटन की दृष्टि से अहम है, वहीं सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। बॉर्डर-टूरिज्म को खोलने से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं सेना के लिए भारत की सीमा तक का सफर कम होगा और बॉर्डर-टूरिज्म में इज़ाफा होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को भी पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा और विशेषकर साहसिक खेलों के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएगें। तथा स्थानीय आर्थिकी को बल मिल सके।
इससे पूर्व स्थानीय पंचायत प्रधान सुनीला नेगी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया।
इससे पश्चात् राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री श्री जगत सिंह नेगी ने गा्रंम पंचायत बटसेरी में 1 करोड 92 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली मल निकासी योजना का शिलान्यास किया।
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने देवता बद्रि नरायाण जी के प्रांगण में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनजातीय जिला किन्नौर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी विकास के लाभ मिल रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बसपा नदी तटीकरण के तहत सुरक्षा दीवारों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाएगा ताकि आपदा प्रबंधन में मदद मिल सके।
जनजातीय विकास मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र को प्रभावित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और कांग्रेस पार्टी भारतीय लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला मण्डल बटसेरी व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बटसेरी की छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए दस-दस हजार रुपये की राशि प्रदान की।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी का ग्राम पंचायत बटसेरी पहुंचने पर स्थानीय पंचायत प्रधान कान्ता देवी ने स्वागत किया व गांव की समस्याओं से मंत्री जी को अवगत करवाया।
इसके बाद राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री श्री जगत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत थैमगारंग में बनने वाले युवक मंडल भवन थैमगारंग का शिलान्यास किया तथा 1 करोड़ 60 लाख रूपये की निर्मित राजकीय उच्च विद्यालय भवन थैमगारंग का उद्घाटन किया।
राजस्व मंत्री ने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा के आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि घर-द्वार पर ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा के सुधार के लिए व्यापक कदम उठा रही है तथा प्रदेश में 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही हैं। उन्होने बताया कि किन्नौर जिला में निचार, भावानगर, सांगला, रिकांगपिओ व कानम स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा आरंभ किया जा रहा हैं व सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान की जा रही है जिससे हर वर्ग के बच्चों को घर-द्वार पर आधुनिक शिक्षा प्रणाली का लाभ मिल सके।
राजस्व मंत्री ने सभी पंचायतों में लोगों की समस्याएं सुनी तथा उनकी समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से निपटाने का आश्वासन दिया।

मण्डी : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मंडी जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। जारी प्रवास कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा मंत्री 29 अक्टूबर, 2026 को सायंकाल मंडी के बिजणी पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि प्रवास होगा।
इसके उपरांत 30 अक्टूबर को प्रातःकाल करीब 10.30 बजे शिक्षा मंत्री बल्ह विधानसभा क्षेत्र के बड़सु स्थित दि विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 21वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। इसी दिन दोपहर बाद वे सोलन के लिए प्रस्थान करेंगे।

हमीरपुर: भारतीय थल सेना की मैकेनाइज्ड इनफेंट्री की पेंशन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए 30 अक्तूबर को सुबह 10 बजे जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में ‘मिशन निरंतर मिलाप 1.0’ अभियान के तहत पेंशन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के उपनिदेशक स्क्वॉड्रन लीडर मनोज राणा ने बताया कि इस शिविर में पेंशन से संबंधित सभी समस्याओं की सुनवाई की जाएगी।
उन्होंने मैकेनाइज्ड इनफेंट्री से सेनानिवृत्त सैनिकों और उनके परिजनों से इस शिविर का लाभ उठाने तथा अपनी डिस्चार्ज बुक, पीपीओ की कॉपी, स्पर्श से संबंधित दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक की पासबुक की कॉपी साथ लाने की अपील की है।

हमीरपुर : क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) राजीव ठाकुर ने बताया कि जिला हमीरपुर के पांचों उपमंडलों में ई-ऑटो के संचालन के लिए 60 परमिट जारी किए जाएंगे। इन परमिटों के लिए इच्छुक बेरोजगार लोगों से फार्म नंबर-45 पर 16 नवंबर तक आरटीओ कार्यालय हमीरपुर में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हमीरपुर उपमंडल में 20 और जिला के अन्य उपमंडलों नादौन, बड़सर, सुजानपुर तथा भोरंज में 10-10 परमिट जारी किए जाएंगे। आवेदक अपने उपमंडल के लिए ही आवेदन कर सकता है। किसी अन्य उपमंडल के लिए उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आरटीओ ने बताया कि ई-ऑटो जिला एवं उपमंडल मुख्यालय की प्लेन सड़कों, राष्ट्रीय राज मार्गों और बाजार को छोड़कर अन्य मार्गों पर ही संचालित किए जा सकेंगे, लेकिन एक रूट से दूसरे रूट पर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से क्रॉस कर सकेंगे। एक परिवार में केवल एक ही व्यक्ति के नाम पर परमिट स्वीकृत किया जाएगा। ई-ऑटो का संचालन स्वयं करना होगा क्योंकि यह स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दिया जाएगा। इसका संचालन उपमंडल मुख्यालय से 20 किलोमीटर के दायरे में किया जा सकता है।
आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों के अलावा 100 रुपये का शुल्क भी जमा करवाना होगा। आरटीओ ने बताया कि पूर्व में आवेदन कर चुके लोगों को भी नये सिरे से आवेदन करना होगा। जिन आवेदकों ने पूर्व में फीस जमा करवा दी है, उन्हें दोबारा फीस देने की आवश्यकता नहीं है।
आवेदन पत्र के साथ हिमाचली स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, बेरोजगार प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की सत्यापित प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न होने चाहिए। आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में परमिटों का आवंटन लॉटरी के आधार पर किया जाएगा। लॉटरी के समय आवेदक या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य होगी, अन्यथा उसका आवेदन लॉटरी में शामिल नहीं किया जाएगा।

शिमला : शिमला पुलिस प्रदेश में नशे के बड़े सप्लायरों की पहचान कर उन पर लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस की रणनीति अब नशे की छोटी खेपों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने पर केंद्रित है।इसी अभियान के तहत स्पेशल सैल शिमला की टीम काफी समय से एक संदिग्ध सप्लायर पर नजर रख रही थी और उसे पकड़ने के लिए प्रयासरत थी। आखिरकार, शोघी के नजदीक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक टैक्सी को चेकिंग के लिए रोका और तलाशी में आरोपी रेशम सिंह (34), निवासी अमृतसर, पंजाब के कब्जे से लगभग 257 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की सप्लाई शिमला में करने के प्रयास में था। बरामदगी वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है और इस वर्ष की प्रमुख बरामदगियों में से एक है।
इस संबंध में पुलिस थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 230/2026, दिनांक 27.10.2026, धारा 21 ND&PS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में आगामी अन्वेषण जारी है, ताकि नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
शिमला पुलिस ने इस वर्ष अपनी रणनीति के तहत नशे के बड़े सप्लायरों और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की है। इस वर्ष अब तक लगभग 5.5 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें लगभग 1.120 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी बरामदगी भी शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक मात्रा में LSD, 16.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और 6 किलोग्राम पॉपी हस्क बरामद की गई है। साथ ही, भांग और अफीम की अवैध खेती के 10 लाख से अधिक पौधों को नष्ट किया गया है।
शिमला पुलिस नशे के बड़े सप्लायरों, उनके नेटवर्क और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। पुलिस का उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना, नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है।

धर्मशाला: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने मंगलवार को धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ प्रदेश में चार स्थानों पर विशाल पदयात्राएं निकालेगी। धर्मशाला में 30 अक्तूबर, शिमला में एक नवंबर तथा मंडी और हमीरपुर में चार नवंबर को पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के माध्यम से भाजपा कांग्रेस की नीतियों और उसके राजनीतिक रवैये को जनता के सामने रखेगी। विपिन परमार ने दावा किया कि पदयात्राओं को समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है। इनमें चिकित्सक, इंजीनियर, खिलाड़ी, उच्च अधिकारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, पत्रकार और धर्मगुरु भी भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में हार के बाद कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाने के साथ चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर टिप्पणियां करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने शिक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, रोजगार और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत हुई है।
आपातकाल का उल्लेख करते हुए परमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल के दौरान लाखों लोगों को जेल में डाला गया और प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय कांग्रेस को लोकतंत्र खतरे में क्यों नजर नहीं आया। उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान करना जरूरी है। उनके अनुसार, फॉर्म-6 और बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने ईवीएम और मतपत्र, दोनों माध्यमों से हुए चुनावों में जीत हासिल की है। उन्होंने धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगमों के चुनावों तथा पंचायती राज संस्थाओं में भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के चुनावी आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल घुसपैठ के मुद्दे पर उचित रुख नहीं अपनाते, जबकि भाजपा सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। इस दौरान धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक अरुण मेहरा (कूक्का), भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा और मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में हिमाचल प्रदेश से 15 हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ता “वोट बचाओ -देश बचाओ” महारैली में भाग लेंगे। उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं, पीसीसी के सभी पदाधिकारियों जिला व ब्लॉक अध्यक्षों अग्रणी संगठनो व विभागों के पदाधिकारियों से इस महारैली में पार्टी कार्यकर्ताओं की सुव्यवस्थित ढंग से उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के जिन भी पदाधिकारियों को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की जिम्मेवारी दी गई है उस मे कोई भी कोताही नहीं होनी चाहिए।
विनय कुमार ने आज पार्टी पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल इस महारैली की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि 1 नवंबर को होने वाली इस महारैली के लिये लोगों को लाने ले जाने की व्यवस्था की भी जानकारी लेते हुए कहा कि हिमाचल से जाने वाले पार्टी के सभी लोग प्रदेश की पारंपरिक भेष भूषा में आये, जिससे इस महारैली में प्रदेश की भारी उपस्थिति दर्ज हो सके।
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प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद ज़िंटा ने दिल्ली की महारैली में पार्टी कार्यकर्ताओं को लाने ले जाने की व्यवस्था के लिए पार्टी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के सभी लोग 31 अक्टूबर को दिल्ली के लिये रवाना हो जाएंगे। 1 नवंबर की सुबह सभी लोग मंडी हाउस हिमाचल भवन के बाहर एकत्रित होकर 10 बजे हाथों में बैनर लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में रामलीला मैदान की ओर कूच करेंगे।
ज़िंटा ने कहा कि प्रदेश से जितने भी लोग इस महारैली में भाग लेने जाएंगे या जाना चाहते हो वह सब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कनेक्ट सेंटर शिमला से सपर्क कर सकते है।

