
उपायुक्त ने जिला राजस्व की विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
शिमला: जिला राजस्व विभाग की विशेष समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बचत भवन में शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में राजस्व से जुड़े मामलों के अतिरिक्त पंचायती राज चुनावों और विभिन्न मुददों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि राजस्व विभाग के कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी अधिकारी फील्ड स्टाफ के साथ विशेष रणनीति बनाएं। उपायुक्त ने हैरानी जताते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों में एक भी अवैध खनन का चालान एसडीएम ने नहीं काटा है। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी एसडीएम औचक निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध खनन को लेकर शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सभी एसडीएम कार्यवाही मल में लाए। इसके अलावा कई उपमंडलों में ट्रैफिक की समस्या बढ़ती जा रही है। इसलिए सभी एसडीएम अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पीक ऑवर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैक्लपिक व्यवस्थाओं के प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को प्रेषित करें। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी करेगा।
उन्होंने जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण, ठियोग आदि क्षेत्र में धारा 118 के तहत कई आवदेन आ रहे हैं। ऐसे में यहां के फील्ड स्टाफ से लेकर आला अधिकारी सारे दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने के बाद ही आगामी प्रक्रिया को आंरभ करें। ऐसे मामलों में कोई भी कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की चुनावी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। ऐसे में सभी एसडीएम निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव करवाना सुनिश्चित करें। चुनावों के दौरान पेश आने वाली दिक्कतों के निराकरण के लिए पहले से ही योजना बनाकर कार्य करें।
अनुपम कश्यप ने कहा कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के प्रभावितों को मिली वित्तीय सहायता का सही ढंग से इस्तेमाल सुनिश्चित करवाने के लिए अधिकारी और फील्ड स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि तीन सालों में आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 541 लोगों को विशेष आपदा राहत पैकेज के तहत वित्तीय सहायता दी गई है। कई घरों के निर्माण के लिए पहली किश्त का सही इस्तेमाल नहीं हो पाया है। ऐसे में संबधित अधिकारी और फील्ड स्टाफ तय मानकों के अनुसार वित्तीय सहायता का सही खर्च करवाना सुनिश्चित करें।

शिमला: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुक्खू सरकार की राजनीति “समान दृष्टि” नहीं बल्कि “बदले की भावना” पर आधारित है। भाजपा प्रवक्ता आशीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही झूठ गढ़ने, विपक्ष को निशाना बनाने और विरोध करने वाले नेताओं को परेशान करने की नीति अपनाई, लेकिन अब न्यायालय के फैसले ने उनके इस एजेंडे पर सीधा प्रहार किया है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 07.04.2026 में स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित संशोधन विधेयक की प्रभावशीलता पूर्व प्रभाव (retrospective) नहीं हो सकती और यह केवल भविष्य (prospective) के लिए ही लागू होगा।
न्यायालय ने साफ निर्देश दिए कि संबंधित पूर्व विधायकों को उनकी पेंशन एवं बकाया राशि एक माह के भीतर जारी की जाए, अन्यथा राज्य को 6% वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
भाजपा प्रवक्ता आशीष शर्मा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “यह फैसला सुक्खू सरकार के चेहरे पर तमाचा है। कांग्रेस ने कानून को बदले का हथियार बनाने की कोशिश की, लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि कानून किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट करने के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि भविष्य के लिए बनाए जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया 2024 का संशोधन बिल, जिसमें अयोग्य घोषित विधायकों (10वीं अनुसूची) की पेंशन रोकने का प्रयास किया गया, पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था। लेकिन सरकार को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसे वह बिल वापस लेना पड़ा। इसके बाद 2026 में नया संशोधन लाया गया, जिसकी सीमा केवल 14वीं विधानसभा के बाद के विधायकों तक सीमित रखी गई—यह स्वयं साबित करता है कि पहले किया गया कदम गलत और असंवैधानिक था।
आशीष शर्मा ने कहा कि “कांग्रेस सरकार ने दो वर्षों तक पूर्व विधायकों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। उनकी वैध पेंशन रोकी गई, उन्हें न्याय के लिए अदालतों के चक्कर काटने पड़े—यह लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) का दुरुपयोग करते हुए पेंशन रोकने का प्रयास किया गया, जबकि यह प्रावधान केवल सदस्यता समाप्ति तक सीमित है, न कि पूर्व अधिकारों को समाप्त करने के लिए।
“कांग्रेस सरकार ने संविधान को अपने हिसाब से मोड़ने की कोशिश की, लेकिन न्यायपालिका ने स्पष्ट कर दिया कि कानून के साथ ‘मनमानी’ नहीं चलेगी,” उन्होंने कहा।
आशीष शर्मा ने आगे कहा कि यह पूरा प्रकरण कांग्रेस सरकार की “Deflection Politics” का उदाहरण है—जहां अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए मुद्दों को भटकाया जाता है और विपक्ष को टारगेट किया जाता है।
“पहले दिन से ही कांग्रेस सरकार की एक ही सोच रही—झूठ कैसे गढ़ना है, विपक्ष को कैसे दबाना है और विरोध करने वालों को कैसे परेशान करना है। लेकिन अब अदालत ने सच्चाई सामने ला दी है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल पूर्व विधायकों की जीत नहीं, बल्कि Rule of Law, संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है।
अंत में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रदेश की जनता के बीच लेकर जाएगी और बताएगी कि कैसे कांग्रेस सरकार ने कानून का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया।
“यह सरकार ‘बदले की भावना’ से चल रही है, न कि ‘समान दृष्टि’ से—और अब जनता भी इसका जवाब देने के लिए तैयार है,” उन्होंने निष्कर्ष में कहा।

हाईकोर्ट ने कहा—चुनाव ट्रायल में साक्ष्य और गवाह आवश्यक, महाजन की गवाह सूची सही और वैध
शिमला:भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को चुनाव याचिका मामले में महत्वपूर्ण राहत मिली है। उनके अधिवक्ता विक्रांत ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही याचिका में आज माननीय न्यायालय ने अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें गवाहों की आवश्यकता और जिरह (cross-examination) को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
विक्रांत ठाकुर ने बताया कि अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से यह तर्क दिया गया था कि इस मामले में गवाहों की जरूरत नहीं है और न ही विस्तृत साक्ष्य की आवश्यकता है। इस पर न्यायालय में विस्तृत बहस हुई थी।
आज दिए गए निर्णय में माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चुनाव याचिका एक ट्रायल प्रकृति (trial-based proceeding) का मामला है, जिसमें साक्ष्य (evidence) और गवाहों (witnesses) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
न्यायालय ने यह भी माना कि हर्ष महाजन की ओर से प्रस्तुत की गई गवाहों की सूची उचित, वैध और प्रक्रिया के अनुरूप है। इसलिए सिंघवी की ओर से दायर की गई अर्जी को खारिज कर दिया गया।
भाजपा की ओर से इसे एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत बताते हुए कहा गया कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है।
अधिवक्ता विक्रांत ठाकुर ने कहा कि “माननीय न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव संबंधी मामलों में साक्ष्य और गवाहों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यह निर्णय न्याय और निष्पक्ष सुनवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सच्चाई को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अदालत में भी सच्चाई से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि सच्चाई सामने आएगी और पूरी पारदर्शिता के साथ आएगी। यह सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब तथ्य कमजोर हों तो कांग्रेस साक्ष्यों से भागती है, लेकिन भाजपा सच्चाई के साथ खड़ी है और हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार है।” इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई आगे साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जारी रहेगी।

शिमला: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा नगर निकायों व पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में अपनी हार को देखते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि चुनाव 31 मई से पहले करवा दिए जाएंगे।
विनय कुमार ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के उस आरोप को पूरी तरह निराधार व तथ्यों से परे बताया है जिसमें उन्होंने रोस्टर पर सवाल उठाते हुए इन चुनावों को हाईजैक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव रोस्टर में पूरी पारदर्शिता बरती गई है और इसमें सभी वर्गों,जाति व महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
विनय कुमार ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि वह चुनावों को लेकर प्रदेश के लोगों को गुमराह नही कर सकती। कांग्रेस ने हमेशा ही लोकतंत्र का सम्मान किया है और लोकतंत्र में जनमत सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा है कि भाजपा को किसी भी मुद्दे पर राजनैतिक रोटियां सेंकने की आदत है,पर अब ज्यादा दिनों तक यह चलने वाला नहीं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तहस नहस करने वाली भाजपा प्रदेश के हितों से भी भागती फिर रही है। उन्होंने कहा है कि भाजपा का असली चेहरा प्रदेश के लोग देख चुके है इसलिए प्रदेश के लोग अब इसके किसी बहकावे में आने वाले नहीं।

रसोई गैस सिलेंडर के लिए पैनिक बुकिंग से बचें उपभोक्ता, आवश्यकतानुसार ही करवाएं बुकिंग, विभाग ने की अपील
मण्डी: जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले बृजेंद्र सिंह पठानिया ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा जिला में घरेलू एल.पी.जी. सिलेंडरों की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। जिला में कार्यरत 24 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनके ग्राहक संख्या के अनुसार बुकिंग करवाकर घरेलू गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार शहरी क्षेत्र में 25 दिनों एवं ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिनों के बाद बुकिंग कर उपभोक्ता गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बुकिंग एवं आपूर्ति की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है तथा विभाग द्वारा अब तक कुल 497 निरीक्षण किए गए हैं। इनमें 50 सिलेण्डर जब्त कर आगामी आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। विभाग ने अनुरोध किया है कि एल.पी.जी. उपभोक्ता गैस बुकिंग के लिए परेशान न हों तथा पैनिक बुकिंग के बजाय अपनी आवश्यकतानुसार गैस बुक करवाएं ताकि निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार विस्तार बिंदु पर एल.पी.जी. सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा सकें।
विभाग ने उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह किया है कि वे शहरी क्षेत्रों में होम डिलीवरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अपने फोकल बिंदु पर ही घरेलू गैस प्राप्त करें। कोई भी उपभोक्ता गोदाम से सिलेंडर प्राप्त न करें तथा अनावश्यक रूप से गैस की गाड़ियों का न रोकें। उन्होंने बताया कि सभी गैस एजेन्सी प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गोदाम से घरेलू सिलेण्डर न देकर निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार शहरी क्षेत्रों में होम डिलीवरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फोकल बिंदुओं के माध्यम से ही घरेलू सिलेंडर का वितरण ग्राहक संख्या बुकिंग के अनुसार ही करें, ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने व्यापारिक सिलेण्डर प्रयोग कर रहे होटल/ढाबा मालिक व अन्य संस्थानों से भी आग्रह किया है कि वे अपनी मांग सम्बन्धित गैस एजेन्सी में लिखित तौर पर देना सुनिश्चित करें ताकि मांग के अनुसार व्यापारिक सिलेंडर की आपूर्ति प्लांट से करवाई जा सके।

· राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे को दें सर्वोच्च प्राथमिकता- अपूर्व देवगन
मण्डी: उपायुक्त अपूर्व देवगन ने आज वीरवार को सुंदरनगर उपमंडल की दूरदराज तहसील निहरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड का गहनता से अवलोकन किया और राजस्व अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। इसके तहत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर राजस्व लोक अदालत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सभी राजस्व अधिकारी पूरी तत्परता से कार्य करें, ताकि लोगों को सरकार की इस पहल का समय पर पूरा लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने इस अवसर पर राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित फाइलों का एक-एक कर गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार कोर्ट में लंबित मामलों का भी ब्यौरा प्राप्त किया। तहसीलदार कोर्ट में तकसीम का एक, निशानदेही के तीन तथा दुरुस्ती के दो मामले लंबित पाए गए। वहीं नायब तहसीलदार के कोर्ट में तकसीम के 9, निशानदेही के 12 तथा दुरुस्ती के 7 मामले लंबित पाए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि निशानदेही एवं दुरुस्ती के मामलों का निपटारा 30 अप्रैल, 2026 तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नायब तहसीलदार की कोर्ट में लंबित मामलों की अधिकता के दृष्टिगत इन्हें तहसीलदार कोर्ट में भेजने बारे उपमंडलाधिकारी (ना.) को आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी पूरी तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण भाव से कार्य करें, ताकि लोगों को राजस्व मामलों के निपटान में सुविधा मिल सके। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले राजस्व अधिकारियों का उत्साहवर्धन भी किया।
उपमंलाधिकारी (ना.) अमर नेगी, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित निहरी तहसील के अंतर्गत तीन क्षेत्रीय कानूनगो एवं 18 पटवार वृत्त से संबंधित राजस्व अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

कांगड़ा: वर्तमान शैक्षणिक सत्र से राज्य के 151 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू करने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पूरे हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में छात्र प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए हैं कि इन सभी स्कूलों में तीनों शैक्षणिक संकाय मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स शुरू किए जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद विभिन्न स्कूलों में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। चंबा ज़िला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ में 90.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मंडी ज़िला के जंजैहली में 90.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। किन्नौर के रिकांगपिओ में 50.50 प्रतिशत, शिमला के नेरवा में 52.22 प्रतिशत और घनाहट्टी में 26.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के काजा में 23.40 प्रतिशत, शिमला के ठियोग में 16.19 प्रशित, सिरमौर के नौहराधार में 29.69 प्रतिशत और शिमला के चोपाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 28.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर भी विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण क़दम उठाए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में वर्ष 2021 के अनुसार 21वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। साथ ही प्रदेश ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव भी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस दिशा में और ठोस कदम उठाने के लिए प्रयासरत हैं।
हमीरपुर : जाहू क्षेत्र की कंपनी हिमगिरि मल्टी लेवल मैजिक प्राइवेट लिमिटेड सुलगवान में फील्ड ऑफिसरों के 22 पद भरे जा रहे हैं। इन पदों के लिए 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे उप रोजगार कार्यालय भोरंज में साक्षात्कार लिए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कॉमर्स में बारहवीं पास 18 से 35 वर्ष तक की आयु के उम्मीदवार साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 12,500 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।
भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।