


शिमला: दिल्ली पुलिस शिमला के रोहड़ू से तीन युवा कांग्रेस के पदाधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी अनुसार एआई समिट यूथ कांग्रेस की ओर से किए गए प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की। जब सोलन पुलिस को मामले की सूचना मिली तो धर्मपुर में सोलन पुलिस ने चंडीगढ़ कालका शिमला हाईवे पर बैरिकैडिंग कर दी और फिर दिल्ली पुलिस के जवानों को डिटेन कर लिया।
सुबह 10 बजे हिमाचल पुलिस की टीम धर्मपुर में खड़ी हो गई। यहां पर शिमला की ओर से आने वाले हर वाहन की जांच की जा रही थी। वहीं यहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के बाद पुलिस उन्हें शिमला ले गई। हिमाचल पुलिस ने इस कार्रवाई नियमों को विरुद्ध बतायाई। हिमाचल पुलिस तीनों युवकों व पुलिस को लेकर शिमला रवाना हुई हिमाचल ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को अवैध बताया, क्योंकि प्रदेश पुलिस को तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं दी गई।

हिमाचल : प्रदेश में परिवहन सेवाओं को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश ट्रांसपोर्ट विभाग ने अधिकांश सेवाओं को पूरी तरह ऑटोमेटिक अप्रूवल प्रणाली से जोड़ दिया है। विभाग की नई व्यवस्था से लोगों को तेज और सरल सेवाएं मिल रही हैं।
शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि विभाग ने इस वर्ष 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। बेहतर कार्यप्रणाली के लिए भारत सरकार ने भी विभाग को 93 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। डिप्टी सीएम ने बताया कि गुड्स, टूरिस्ट और नेशनल परमिट अब पूरी तरह ऑटोमैटिक प्रणाली से जारी किए जा रहे हैं, जिसका लाभ 6543 लोग ले चुके हैं। डिजिटल फिटनेस प्रणाली भी लागू की जा चुकी है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं और छह स्थानों पर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार हो चुके हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में 2257 पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की जा चुकी है। विभाग ने 50 वर्ष पुरानी गाड़ियों को विंटेज घोषित करने का निर्णय लिया है और उनके लिए विशेष “VA” (Vintage Agnihotri) नंबर प्लेट जारी की जाएगी। राजस्व के आंकड़ों पर बोलते हुए अग्निहोत्री ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार के तीन वर्षों में 2744 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में समान अवधि में 1564 करोड़ रुपये ही जुटाए गए थे। फैंसी नंबरों की नीलामी से भी 81 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें HP 97 0001 नंबर 20 लाख रुपये में सबसे महंगा बिका।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के टैक्सी संचालकों की वर्षों पुरानी मांग को प्राथमिकता देते हुए टैक्सी परमिट की अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का मुद्दा दृढ़ता और निरंतरता के साथ केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया। लगातार संवाद और सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप अंततः इस दिशा में सफलता प्राप्त हुई और केंद्र सरकार ने परमिट अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी। देवभूमि हिमाचल से उठी यह आवाज केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश के लाखों टैक्सी संचालकों के लिए राहत और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करने वाली सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों की “नेशनल परमिट” अवधि 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की मांग भी मजबूती के साथ केंद्र सरकार के समक्ष उठायी जाएगी।
रिकांगपिओ: अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह रविंद्र सिंह ठाकुर ने आज यहां बताया कि रोपा घाटी की ग्राम पंचायत ज्ञाबुंग के पंचायत भवन में प्रातः 11:00 बजे 26 फरवरी 2026 को एक दिवसीय संयुक्त जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस शिविर में बागवानी, कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, राज्य सहकारी बैंक, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति निगम, कल्याण विभाग व नाबार्ड के प्रतिनिधि भाग लेंगे और अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देंगे।
रविंद्र सिंह ठाकुर ने रोपा वैली की सभी ग्राम पंचायतों के जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस संयुक्त जागरूकता शिविर के बारे में अपने क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि स्थानीय लोगों को वर्तमान प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ मिल सके।

धर्मशाला: जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 33 व 34 के तहत ट्रैकिंग गतिविधियों से जुड़े आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए चयनित ट्रैकिंग रूट्स को दिन के समय खोलने की अनुमति प्रदान की है। यह निर्णय पर्यटन गतिविधियों को संतुलित रखते हुए जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
उन्होंने बताया कि करेरी लेक ट्रेक, त्रिउंड ट्रेक और आदि हिमानी चामुंडा ट्रेक पर केवल दिन के समय सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ट्रैकिंग की अनुमति रहेगी। इन रूट्स के लिए पुलिस स्टेशन में पूर्व सूचना प्रपत्र जमा कराने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी है, हालांकि सभी ट्रैकिंग रूट्स पर नाइट ट्रैकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि उक्त रूट्स को छोड़कर 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर पूर्व प्रतिबंध यथावत लागू रहेगा। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी या अलर्ट जारी होने की स्थिति में ट्रैकिंग गतिविधियां तुरंत निलंबित कर दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आदेश के उल्लंघन पर ट्रेकर और संबंधित गाइड के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गाइड के लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने की संस्तुति भी की जा सकती है।

सुंदरनगर: विद्युत उपमंडल सुंदरनगर, अनुभाग पुराना बाजार के अंतर्गत आने वाले बीएसएनएल फीडर पर बुधवार, 25 फरवरी 2026 को आवश्यक विद्युत अवरोध रहेगा। यह अवरोध एचआरटीसी के नए इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन की स्थापना से संबंधित कार्य को पूर्ण करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल सुंदरनगर ई. राजन गौर ने जानकारी दी कि 25 फरवरी को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान रोपा, पुराना बाजार, बीएसएनएल एक्सचेंज, हंडेती, खरीड़ी, नया बाजार, सवार, करनोडी, न्यू बस स्टैंड, हमसफर तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए बताया कि मौसम एवं अन्य परिस्थितियों के अनुसार कार्य की समयावधि में परिवर्तन संभव है।

25 फरवरी से प्रातः 5:00 बजे से 8:30 बजे तक यातायात रहेगा प्रतिबंधित
मण्डी: मण्डी से सुंदरनगर मार्ग को पुलघराट के समीप 25 फरवरी से एक सप्ताह तक प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे से 8:30 बजे तक अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए लिंक मार्ग निर्माण के तहत चल रहे सड़क कटिंग कार्य के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी मदन कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त अवधि के लिए सड़क बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग, मंडी मंडल संख्या-2 द्वारा अवगत कराया गया है कि सड़क कटिंग कार्य के दौरान भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है तथा ढीली मिट्टी और पत्थरों को हटाने का कार्य जारी है, जिससे सामान्य यातायात के दौरान राहगीरों और श्रमिकों दोनों के लिए जोखिम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह अस्थायी यातायात प्रतिबंध लगाया गया है। इस अवधि के दौरान वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। संबंधित विभागों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मण्डी: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर 25 फरवरी को रिवालसर में आयोजित राज्य स्तरीय छेश्चू मेला में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे मेले का विधिवत शुभारम्भ करेंगे और श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों को संबोधित करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा मंत्री प्रातः 10ः30 बजे लोक निर्माण विश्राम गृह नैना देवी से प्रस्थान कर 10ः45 बजे सरकीधार पहुंचेंगे, जहां वे राजकीय उच्च विद्यालय भवन, राजकीय माध्यमिक पाठशाला सरकीधार तथा पंचायत घर सरकीधार के भवनों का का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वे रिवालसर पहुंचकर राज्य स्तरीय छेश्चू मेला के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम के अनुसार वे 24 फरवरी को देर सायं 9ः00 बजे विश्राम गृह नैना देवी में पहुंचेंगे और 25 फरवरी को अपराह्न 3ः00 बजे रिवालसर से शिमला के लिए प्रस्थान करेंगे।

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री
बिलासपुर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के आयोजन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मेले की तैयारियों, व्यवस्थाओं और प्रस्तावित नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित मेला समितियों एवं विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रबंध समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला जिला का सबसे बड़ा आयोजन है। यह आयोजन महज सांस्कृतिक एवं दंगल आयोजन तक सीमित न होकर समाज के सभी वर्गों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित बनाते हुए एक समावेशी कार्य योजना के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार नलवाड़ी मेला को युवा प्रतिभाओं, साहित्य, रंगमंच, खेल और साहसिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से इस बार “वॉइस ऑफ बिलासपुर” का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जिला के युवाओं के लिए पहचान और प्रोत्साहन का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि इस वर्ष मेले के दौरान नलवाड़ी नाट्य उत्सव तथा नलवाड़ी लिटरेचर फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे साहित्यकारों, रंगकर्मियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी अभिव्यक्ति का मंच मिलेगा। इसके अतिरिक्त कबड्डी, हैंडबॉल, शतरंज, एथलेटिक्स और बैडमिंटन जैसी खेल स्पर्धाओं में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके और युवाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा तथा पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग निर्धारित वाणिज्यिक दरों पर इसका आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही मेला अवधि के दौरान जलक्रीड़ा गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मेले में रोमांच और आकर्षण को बल मिलेगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार नलवाड़ी मेले के लिए लोगो डिजाइन करने के लिए प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी भाग ले सकेंगे और चयनित लोगो को आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त लोगो डिजाइन करने वाले विजेता प्रतिभागी को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इसे युवाओं की सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।
उन्होंने मेले में अनाथ, विधवा एवं दिव्यांगजनों को अलग से स्टॉल कम दरों पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल सके। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनियों के लिए भी अलग से स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए, जिससे आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने मेले के दौरान सभी विभागों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभान्वित किया जा सके।
बैठक के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा गठित विभिन्न मेला समितियों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

