
सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन ने आज हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड (एच.आई.एल.) के सहयोग से कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जिला सोलन के किसानों एवं कृषि हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं आवश्यकता-आधारित उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड के अतिरिक्त महाप्रबंधक डॉ. राजेंद्र थापर इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि रसायनों के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. थापर ने देशभर के किसानों के कल्याण हेतु कंपनी द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईएल बीज, कृषि रसायन एवं उर्वरकों के उत्पादन में संलग्न है। उन्होंने किसानों को कीटनाशक खरीदते समय लेबल पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ने की सलाह दी। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा किट के उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया। कीटनाशक सुरक्षा उपायों पर एक वीडियो प्रस्तुति तथा डॉ. थापर एवं केईसी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली के अशोक कुमार जरवाल द्वारा सुरक्षा किट का प्रदर्शन कार्यक्रम का आकर्षण रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में तकनीकी सहायक पूजा ठाकुर ने मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं जिला सोलन के विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों का स्वागत किया। वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें कीटनाशकों का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा स्वास्थ्य का महत्व, सब्जी फसलों में आईपीएम पद्धतियां, पशुधन का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी वित्तीय योजनाएं शामिल थीं।
कीट वैज्ञानिक डॉ. अनुराग शर्मा एवं डॉ. अजय शर्मा ने फसल-विशिष्ट एवं आवश्यकता-आधारित कीटनाशक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक परामर्श का पालन करने, आईपीएम पद्धतियां अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि कृषि उत्पादकता में वृद्धि के साथ पर्यावरण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। किसानों को गैर-रासायनिक कीट प्रबंधन विधियों को अपनाने, लेबल की सही व्याख्या, उचित मात्रा का प्रयोग, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, प्राथमिक उपचार, सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग, सुरक्षित भंडारण एवं पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
मृदा वैज्ञानिक डॉ. मीरा देवी ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में किसानों को अवगत करवाया। उन्होंने मृदा में जैविक कार्बन, रंध्रता एवं जल धारण क्षमता बढ़ाने में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की भूमिका को भी विस्तार से समझाया। कंडाघाट की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसी शर्मा ने पशुधन के वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल देते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक सत्रों ने किसानों को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करने एवं क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया। लगभग 200 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए।

सोलन: अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी को मज़बूत कर आत्मनिर्भर हिमाचल के सपने को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। संजय अवस्थी आज अर्की उपमण्डल की ग्राम पंचायत सनयाड़ी मोड़ के गांव पनसोड़ा में ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनने के उपरान्त जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थेे।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में ही प्रदेश की आर्थिक मज़बूती निहित है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक और जहां कृषि, बागवानी एवं दुग्ध उत्पादन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए अनेक दीर्घकालिक निर्णय लिए गए हैं वहीं ग्राम स्तर तक सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाया जा रहा है।
संजय अवस्थी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अभूतपर्व वृद्धि कर यह सुनिश्चित बनाया है कि दुग्ध उत्पादकों को बेहतर लाभ मिले। प्रदेश सरकार का यह निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निर्णायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशु पालन एवं दुग्ध एकत्रीकरण में महिलाओं का योगदान सर्वविदित है और दूध के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि महिलाओं की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में और वृद्धि की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आरम्भिक चरण में गेहूं, हल्दी और मक्का जैसे प्राकृतिक कृषि के माध्यम से उगाए गए उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने से किसान व्यापक स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से उगाई गई अदरक के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का मामला मुख्यमन्त्री एवं कृषि मन्त्री के ध्यान में लाया गया है। उन्होेंने युवाओं से आग्रह किया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने घर-द्वार के समीप रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्राप्त करें।
विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश को बहुमूल्य खनन निधि प्राप्त हो रही है और उनके सत्त प्रयासों से वर्ष 2021 के उपरान्त खनन निधि से अर्की विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समुचित धनराशि प्राप्त होना आरम्भ हुई है। वर्ष 2021 के उपरान्त पहले वर्ष में ही इस निधि से अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए 24 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं।
संजय अवस्थी ने कहा कि गत तीन वर्षों में ग्राम पंचायत सनयाड़ी मोड़ मंे विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 75 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंनेे कहा कि नालसू नाला से जावल सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए 16.50 लाख रुपए उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने लिली फार्म से पनसोडा होते हुए चाम्बा गांव तक मार्ग निर्माण के लिए 27 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। इस मार्ग के लिए पूर्व में 19 लाख रुपए उपलब्ध करवाए ग्ए हैं। उन्होंने चाम्बा गांव के सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए, पनसोडा, चाम्बा व कुणकुणू गांव में मोक्षधाम के लिए एक-एक लाख रुपए, गांव छामला चलेरनी में पेयजल टैंक के लिए 6.80 लाख रुपए तथा जठोथ सम्पर्क मार्ग के लिए आकलन अनुसार धनराशि प्रदान करने की घोषणा की।
विधायक ने कोठी गांव में वोल्टेज की समस्या के निदान के निर्देश भी दिए। उन्होंने इस अवसर पर महिला मण्डल पनसोडा, छामला, जठोत व चाम्बा के लिए 21-21 हजार रुपए तथा महिला मण्डल पनसोडा के भवन निर्माण के लिए भूमि की औपचारिकताओं के पूर्ण होने के अनुरूप प्रथम चरण में 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने युवक मण्डल पनसोडा को 11 हजार रुपय देने की घोषणा भी की।
विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास ही उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में वह सदैव कार्यरत रहेंगे। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।

चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित नहीं करने वाले जिलों से रिपोर्ट मांगी
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद न की जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिलती रहेगी और विभाग को शेष पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अब तक 7,60,772 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है और सभी पात्र व्यक्तियों को बिना किसी अपवाद के कवर करने पर बल दिया।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की भी समीक्षा की और कहा कि वर्तमान में राज्य के 4,131 बच्चे इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 30.69 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित करने के निर्देश दिए और जिन जिलों ने अभी तक ऐसे भ्रमण आयोजित नहीं किए हैं, उनसे रिपोर्ट देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धन की कोई कमी नहीं है और आश्वस्त किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 10 प्रतिशत उपयोग करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य में 21,588 लाभार्थी हैं, जिनमें से 20,735 बच्चे 18 वर्ष तक की आयु के हैं। इस योजना के लिए 31.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर एवं आशीष सिंहमार, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित खिमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रिकांगपिओ : अधिशाषी अभियंता विद्युत टाशी छोड़ुप नेगी ने बताया कि किन्नौर जिला के विद्युत उपमंडल, एचपीएसईबीएल के डाटा सेंटर में सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन कार्य के चलते 27 फरवरी 2026 से 03 मार्च 2026 तक एसएपी (SAP) सेवाएं पूर्णतः बंद रहेंगी।
इस अवधि के दौरान एचपीएसईबीएल की वेबसाइट, उपभोक्ता पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, बिल संग्रह प्रणाली तथा डाटा सेंटर से संचालित अन्य सभी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी।
उन्होंने विद्युत उपमंडल, रिकांग पिओ एवं पूह के अंतर्गत आने वाले समस्त उपभोक्ताओं तथा आम जनता से अनुरोध किया कि वे उक्त अवधि के दौरान आवश्यक कार्यों की योजना पूर्व में ही सुनिश्चित कर लें।

गुरूकोठा और गागल स्कूल को दूसरे चरण में सीबीएसई से संबद्ध करने पर होगा विचार- रोहित ठाकुर*
मण्डी: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज बल्ह विधानसभा क्षेत्र के सरकीधार में लगभग 03 करोड़ 29 लाख से निर्मित होने वाले सरकीधार उच्च और प्राथमिक विद्यालय भवनों तथा पंचायत घर सरकीधार के भवन का विधिवत शिलान्यास किया।
इस अवसर पर रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में प्राकृतिक आपदा का केंद्र जिला मंडी रहा था, जिसमें जान-माल का अत्याधिक नुकसान हुआ, वहीं शिक्षा विभाग भी इससे अछूता न रहा और कई विद्यालयों के भवनों सहित अन्य संपदा को नुकसान पहुंचा। यह स्कूल भी इस दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रभावितों को त्वरित राहत पहुंचाने के साथ ही नुकसान की भरपाई के हरसंभव प्रयास किए गए। शिक्षा विभाग के माध्यम से लगभग 27 करोड़ 61 लाख रूपए की धन राशि पुनर्बहाली कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई गई।
उन्होंने बताया कि राजकीय उच्च पाठशाला सरकीधार के नए भवन के निर्माण पर लगभग एक करोड़ 40 लाख रुपए तथा प्राथमिक विद्यालय सरकीधार के नए भवन पर 74.68 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पंचायत घर सरकीधार का निर्माण पर लगभग 01 करोड़ 14 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में आई आपदा में उक्त स्कूल क्षतिग्रस्त हो गया था जिसे असुरक्षित घोषित किया गया था। इस समय बच्चों की पढ़ाई निजी भवन में करवाई जा रही है। इस मौके पर उन्होंने स्थानीय निवासी चमन लाल और दिनेश को सम्मानित भी किया जिन्होंने अपने भवन इन स्कूलों के अस्थायी रूप से संचालन के लिए प्रदान किए हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। गत दो वर्षों में शिक्षा विभाग के तहत 07 हजार से अधिक अध्यापक नियुक्त किए गए जबकि 04 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 600 पद सीबीएससी से संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश में 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने बल्ह विधानसभा क्षेत्र के गुरूकोठा और गागल स्कूल को दूसरे चरण में सीबीएसई से संबद्ध करने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा विभाग में मूलभूत सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सीबीएसई स्कूल खोलने का जो निर्णय लिया, वह सराहनीय है। उन्होंने रिवालसर और भंगरोटू स्कूलों को सीबीएसई में शामिल करने के लिए आभार जताया और गुरुकोठा व गागल स्कूलों को भी इसमें शामिल करने का आग्रह किया।
उपनिदेशक (माध्यमिक शिक्षा) यशवीर धीमान ने मंत्री का स्वागत किया व स्कूल की गतिविधियों की जानकारी दी।
मण्डी/गोहर: तहसील चच्योट के राजकीय उच्च विद्यालय बहवा के 25 विद्यार्थियों एवं दो शिक्षकों ने आज कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, थुनाग स्थित गोहर का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस अवसर पर डॉ. अरुणा मेहता, वैज्ञानिक (औषधीय एवं सुगंधित पौधे) ने विद्यार्थियों को औषधीय और सुगंधित पौधों के महत्व, उनके स्वास्थ्य लाभ तथा आय के स्रोत के रूप में उनकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. रजत सिंह, सहायक प्राध्यापक (खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) तथा कनिष्ठ शोध अध्येता अंकिता शर्मा ने विद्यार्थियों को कैंथ फल के स्वास्थ्य लाभों, उसकी प्रसंस्करण विधियों और उत्पाद निर्माण की तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
सभी छात्रों व शिक्षकों ने इस शैक्षणिक भ्रमण पर खुशी जताई। छात्रों के साथ आए शिक्षक सुनील शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर न केवल विद्यार्थियों को नई तकनीकें सिखाते हैं, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर भी उपलब्ध कराते हैं।

कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा, स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में सशक्त होंगे युवा
बिलासपुर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 6 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में बागवानी, प्राकृतिक खेती तथा डेयरी तकनीक पर आधरित एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स को प्रदेश सरकार ने शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आधारित यह पाठ्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में सशक्त बनाने में अहम कड़ी साबित होंगे। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के चयनित 6 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स प्रारम्भ करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी तथा उद्योग-उपयुक्त कौशल प्रदान करना है, ताकि वह स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में सशक्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि आईटीआई घुमारवीं, जुब्बल तथा रिकांगपिओ में बागवानी, आईटीआई रैल तथा ठियोग में नैचुरल/ऑर्गेनिक फार्मिंग जबकि आईटीआई शाहपुर में डेयरी टेक्नोलॉजी का एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्थान में प्रति बैच 30 प्रशिक्षुओं की प्रवेश क्षमता निर्धारित की गई है, ताकि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए कृषि, बागवानी तथा पशुपालन विभागों के विषय-विशेषज्ञ अतिथि संकाय के रूप में नियुक्त किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि नाॅन सब्सिडाइज्ड़ कोर्स की वार्षिक फीस 15 हजार 970 रुपये निर्धारित की गई है, जिसे राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती तथा डेयरी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना राज्य की आर्थिक संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
नादौन : नागरिक अस्पताल नादौन के परिसर में स्थित लैब के पुराने भवन को गिराने और उसके मलबे को उठाने के लिए उक्त भवन की नीलामी प्रक्रिया 28 फरवरी को सुबह 11 बजे आरंभ की जाएगी।
इस पुराने भवन की नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय नादौन में संपर्क कर सकते हैं।

हमीरपुर : अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 14 मार्च को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर हमीरपुर और उपमंडल स्तर के न्यायिक परिसरों नादौन तथा बड़सर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, एन. आई. एक्ट के मामले, धन वसूली के मामले और भूमि विवाद आदि पर सुनवाई करके निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, मोटर व्हीकल अधिनियम, श्रम विवाद के मामले, बिजली, पानी और टेलीफोन के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों और सेवानिवृत्ति से संबधित मामलों का भी निपटारा होगा।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि लोक अदालत में उन मामलों का निपटारा भी करवाया जा सकता है जो अभी तक न्यायालय में दायर नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि अपने मामलों का निपटारा करवाने के इच्छुक लोग जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कार्यालय हमीरपुर या संबंधित न्यायालय में सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं। लोक अदालत से पहले प्री-लोक अदालत सीटिंग में भी इन मामलों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर करवाया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01972-224399 पर संपर्क किया जा सकता है।