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हिमाचल : कांग्रेस ने सोलन नगर निगम चुनाव में प्रचार के लिए गठित की चार सदस्‍यीय कैंपेनिंग कमेटी

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की आम सभा, जरनल हाउस की पहली बैठक 16 अप्रैल को

शिमला : प्रदेश कांग्रेस कमेटी की आम सभा, जरनल हाउस की पहली बैठक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में 16 अप्रैल को बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने आज इस संदर्भ में तैयारियों का ज्याजा लेते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार विमर्श कर बैठक के आयोजन को अंतिम रूप दिया।
ज़िंटा ने बताया कि इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू,उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल,सह प्रभारी चेतन चौहान,विदित चौधरी,
विशेष तौर पर शिरकत करेंगे।
बैठक में प्रदेश मंत्री मंडल के सभी सदस्य,पीसीसी कार्यकारणी के सभी सदस्यों,सभी जिला अध्यक्षों, अग्रणी संगठनों के प्रदेश प्रमुखों को बुलाया गया है।
ज़िंटा ने बताया कि दो सत्रों में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में पहले संगठन से जुड़े मसलों पर आपसी विचार विमर्श होगा। दूसरे सत्र में पीएसी के सभी सदस्यों के साथ प्रदेश के राजनैतिक मसलों पर गहन चर्चा होगी।
ज़िंटा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारणी बनने के बाद पीसीसी की यह पहली बैठक जरनल हाउस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रदेश में कांग्रेस की भावी राजनीति, संगठन की सक्रियता पर विचार विमर्श करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।

हिमाचल दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी व दूरदर्शन से प्रसारित होगा मुख्यमंत्री का संदेश

शिमला: हिमाचल दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे, जिसे आकाशवाणी शिमला से 14 अप्रैल, 2026 को सायं 8 बजे प्रसारित किया जाएगा। यह संदेश एफएम शिमला, एफएम हमीरपुर, एफएम धर्मशाला और आकाशवाणी शिमला के सभी रिले केंद्रांे से एक साथ प्रसारित किया जाएगा।
दूरदर्शन केंद्र, शिमला से हिमाचल दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का संदेश 14 अप्रैल, 2026 को सायं 7ः30 बजे प्रसारित किया जाएगा।

कमला नेहरू अस्पताल शिफ्टिंग और पास शुल्क वृद्धि पर भाजपा का राजभवन मार्च- जनविरोधी फैसलों के खिलाफ सौंपे ज्ञापन”

शिमला:भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल  कविंद्र गुप्ता से लोक भवन, शिमला में मिला और प्रदेश सरकार के दो महत्वपूर्ण जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ विस्तृत ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कोषाध्यक्ष कमल सूद, सह मीडिया प्रभारी रमा ठाकुर तथा प्यार सिंह कंवर उपस्थित रहे।

भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार द्वारा कमला नेहरू अस्पताल, शिमला की गायनी सेवाओं को IGMC में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पिछले लगभग 100 वर्षों से प्रदेश की महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करता रहा है, लेकिन बिना किसी स्पष्ट अधिसूचना के “साइलेंट शिफ्टिंग” के माध्यम से इसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि IGMC पहले ही अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रहा है और ऐसे में 300 बेड के विशेष अस्पताल की सेवाओं को वहां स्थानांतरित करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। भाजपा ने यह भी उल्लेख किया कि कमला नेहरू अस्पताल के उन्नयन पर ₹20 करोड़ से अधिक का सार्वजनिक धन व्यय किया गया है, जिसे इस निर्णय के माध्यम से निष्प्रभावी किया जा रहा है।

भाजपा ने आशंका जताई कि अस्पताल की भूमि का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जो एक गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने शिमला शहर की प्रतिबंधित एवं बंधित सड़कों पर पास शुल्क में 5 गुना वृद्धि के निर्णय को भी जनविरोधी बताते हुए राज्यपाल के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रोसेसिंग फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹500, पास शुल्क ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 तथा अन्य शुल्कों में भारी वृद्धि की जा रही है, जो आम जनता, व्यापारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यह निर्णय न केवल अनुचित है बल्कि इसे राजस्व संग्रह का माध्यम बना दिया गया है, जिससे आम नागरिकों में भय और असंतोष का माहौल उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कठोर दंडात्मक प्रावधान, जैसे भारी जुर्माना और कारावास, लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत हैं।

भाजपा ने राज्यपाल से आग्रह किया कि इन दोनों मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए कि कमला नेहरू अस्पताल की सेवाओं को यथावत बनाए रखा जाए और पास शुल्क में की गई भारी वृद्धि को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

अंत में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश सरकार के ये निर्णय जनता के हितों के खिलाफ हैं और भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनआंदोलन को और तेज करेगी।

तिब्बतन प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में राज्यपाल से की भेंट

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की

शिमला: शिमला में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के मुख्य प्रतिनिधि ल्हाकपा त्सेरिंग के नेतृत्व में एक तिब्बती प्रतिनिधिमंडल ने आज लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और तिब्बती समुदाय के बीच हमेशा गहरा और सौहार्दपूर्ण संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में परम पावन दलाई लामा की उपस्थिति ने राज्य को वैश्विक स्तर पर एक विशेष पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा का जीवन करुणा, अहिंसा, शांति और सार्वभौमिक मानव कल्याण का जीवंत उदाहरण है, जो पूरी दुनिया के लोगों को नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा की शिक्षाएं न केवल तिब्बती समुदाय बल्कि समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में तिब्बती भाइयों और बहनों के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की।
इस अवसर पर ल्हाकपा त्सेरिंग ने राज्यपाल को सम्मानित किया।
लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

बिलासपुर: महर्षि मंदिर मारकण्ड परिसर में 13 से 15 अप्रैल तक मनाया जाएगा बैसाखी मेला

बिलासपुर : उप मंडलाधिकारी (नागरिक) सदर एवं अध्यक्ष मंदिर न्यास श्री महर्षि मार्कण्डेय मारकण्ड मंदिर बिलासपुर डाॅ. राजदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री महर्षि मंदिर मारकण्ड परिसर में 13 से 15 अप्रैल तक बैसाखी मेला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मेला शुभारम्भ 13 अप्रैल को सायं 3 बजे किया जाएगा, जबकि समापन 15 अप्रैल को छिंज/दंगल के आयोजन के बाद किया जाएगा।

उन्होंने सभी से 13 अप्रैल को इस उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित होने वाली झंडा रस्म की शोभा यात्रा तथा 15 अप्रैल को छिंज/दंगल के समापन समारोह में भाग लेने का आग्रह किया।

शिमला: 9.28 किलोग्राम अफीम और ₹12 लाख कैश के साथ तीन गिरफ्तार

शिमला: जिला शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए नारकंडा क्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 9.28 किलोग्राम अफीम तथा ₹12 लाख नकद राशि बरामद की है। जानकारी के अनुसार, डिटेक्शन सेल रामपुर की टीम को 10 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली कि तीन नेपाली मूल के व्यक्ति एक वाहन में अवैध रूप से अफीम लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नारकंडा में नाकाबंदी कर एक इनोवा वाहन को जांच के लिए रोका। वाहन की तलाशी स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अफीम और नकदी बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एन बहादुर उर्फ राजू (41), चक्रा बहादुर (25) और मोहन साही (44) के रूप में हुई है, जो नेपाल के निवासी हैं।

पुलिस की विशेष टीम की ओर से थाना कुमारसैन में तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इसके पीछे जुड़े अन्य नेटवर्क/बैकवर्ड लिंक की भी गहनता से जांच कर रही है। इस संबंध में पुलिस थाना कुमारसैन में अभियोग संख्या 27/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

“हर दिन बदलता चुनावी रोस्टर—पंचायती राज चुनावों में धांधली का बड़ा खेल” – बिंदल

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं के बयानों को हास्यास्पद और जनता को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर जो स्थिति बनी है, वह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर तीन दिनों में तीन अलग-अलग चुनावी रोस्टर कैसे जारी हो रहे हैं, और हर रोस्टर में आरक्षण का स्वरूप अलग-अलग क्यों है।

“एक दिन एक रोस्टर जारी होता है, अगले दिन गांव की जनसंख्या बदल जाती है और नया रोस्टर आ जाता है, और तीसरे दिन फिर एक नया रोस्टर—यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनावी धांधली का सुनियोजित प्रयास है,” बिंदल ने आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यह सब केवल पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है और अब जनता का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।

“आज स्थिति यह है कि जनता को यह भी विश्वास नहीं कि जो रोस्टर आज जारी हुआ है, वह 5 या 10 दिन बाद भी वही रहेगा,” उन्होंने कहा।

डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता चंबा से लेकर भरमौर और किन्नौर तक सड़कों पर उतरकर विरोध कर रही है क्योंकि सरकार ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले डीजल पर ₹10.40 का वैट लगाकर जनता पर हजारों करोड़ का बोझ डाला और अब ₹5 प्रति लीटर सेस लगाने की तैयारी कर ली है।

“इसका सीधा असर परिवहन, महंगाई और रोजमर्रा के सामानों पर पड़ेगा—जनता की जेब पर सीधा वार किया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

बिंदल ने कहा कि सीमेंट के दामों में भारी वृद्धि, स्टांप ड्यूटी में बढ़ोतरी, एचआरटीसी किराए में वृद्धि, पानी और बिजली के बिलों में इजाफा तथा राशन डिपो में महंगे दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

“बिजली के बिल करंट मार रहे हैं, पानी महंगा हो गया है, राशन महंगा हो गया है—हर तरफ केवल महंगाई ही महंगाई है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने एंट्री टैक्स को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश की छवि पड़ोसी राज्यों में खराब हो रही है और प्रदेश के लोगों को अपमान का सामना करना पड़ रहा है।

“एंट्री टैक्स ने हिमाचल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है—यह सरकार की नीतिगत विफलता का बड़ा उदाहरण है,” उन्होंने कहा।

अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है और जनता अब इसे उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है।

“अब जनता सड़कों पर उतर चुकी है—यह लड़ाई भाजपा की नहीं, बल्कि जनता की है, और इस जनविरोधी सरकार को हटाकर ही दम लिया जाएगा,” उन्होंने निष्कर्ष में कहा।

“राज्य स्तरीय हरौली उत्सव बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच-‘व्यवस्था परिवर्तन’ नहीं, ‘व्यवस्था पतन’ का उदाहरण”: राकेश जमवाल

“SDM चेयरमैन, DC की देखरेख में सरकारी कार्यक्रम—फिर भी कांग्रेस प्रभारी से समापन, खुला सत्ता दुरुपयोग”

शिमला:भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने राज्य स्तरीय हरौली उत्सव के आयोजन को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से सरकारी होते हुए भी इसे कांग्रेस के राजनीतिक मंच में बदल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह उत्सव प्रशासनिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रम है, जिसमें SDM इस समिति के चेयरमैन होते हैं और पूरा आयोजन जिला आयुक्त (DC) की देखरेख में संपन्न होता है, ऐसे में इस कार्यक्रम का राजनीतिकरण करना स्पष्ट रूप से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है।

“जब कार्यक्रम पूरी तरह से प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत हो—SDM चेयरमैन हो और DC की निगरानी में हो—तो फिर कांग्रेस प्रभारी को मंच पर लाना सीधे-सीधे सरकारी शक्ति का दुरुपयोग है,” जमवाल ने कहा।

उन्होंने कहा कि इस सरकारी उत्सव के समापन के लिए कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल को आमंत्रित करना प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

“यह सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस का राजनीतिक इवेंट बन चुका है—यही कांग्रेस का तथाकथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ है, जो अब ‘व्यवस्था पतन’ में बदल गया है,” उन्होंने तीखा प्रहार किया।

राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में महाधिवक्ता अनूप रत्न का नाम शामिल किया जाना भी गंभीर चिंता का विषय है। “महाधिवक्ता एक संवैधानिक पद है—उन्हें इस प्रकार के राजनीतिक और उत्सवात्मक कार्यक्रमों में शामिल करना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।

“जहां प्रशासन को निष्पक्ष होना चाहिए, वहां कांग्रेस अपने राजनीतिक एजेंडे को लागू कर रही है—यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है,” उन्होंने कहा। जमवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन यह दर्शाते हैं कि प्रदेश में सरकार और संगठन के बीच की सीमाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। “यह सीधा-सीधा सरकारी पावर का दुरुपयोग है—जनता के पैसे से कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम चलाया जा रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और कांग्रेस सरकार की “संवैधानिक पदों के दुरुपयोग, प्रशासनिक गिरावट और राजनीतिकरण” को जनता के सामने लाएगी। “हिमाचल की जनता समझ चुकी है—यह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था का पतन है,” उन्होंने निष्कर्ष में कहा।

ऊना जिले को 260 करोड़ की सौगात; CM सुक्खू बोले- हरोली में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हरोली उपमंडल के पोलियां बीत में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क परियोजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले साइट विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजुआना में 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले कामकाजी महिला छात्रावास की आधारशिला भी रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजना है। उन्होंने अधिकारियों को इसके कार्यों की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी छह से आठ महीनों के भीतर यहां धरातल पर इसका कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आने वाले समय में यह क्षेत्र एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित होकर उभरेगा।
उन्होंने कहा कि दो हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह औद्योगिक परिसर देश के फार्मा क्षेत्र को नई मजबूती देगा। यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इन्ग्रीडिएंट्स के निर्माण में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी तथा दवाइयों के कच्चे माल के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कम करेगी। देशभर में केवल तीन बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक हरोली में स्थापित हो रहा है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है। केंद्र और राज्य सरकार इस योजना में एक-एक हजार करोड़ रुपये का समान निवेश कर साझेदारी के आधार पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पांचवें स्थान तक पहुंचा है, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर प्रदेश हितों की अनदेखी की गई है, लेकिन राज्य सरकार हिमाचल के अधिकारों और हितों को मजबूती से केंद्र के समक्ष उठाकर प्रदेश को विकास की नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मनरेगा को बंद कर केंद्र सरकार ने गरीबों के हितों पर प्रहार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत छात्रों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। सरकार ने समाज के जरूरतमंद वर्गों, विशेषकर अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए हैं तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। साथ ही, प्रदेश की प्राकृतिक और आर्थिक संपदा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत है।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों पर देश में सबसे अधिक ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ प्रदान कर रही है। इस वर्ष प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 40 रुपये से 50 रुपये तथा प्राकृतिक हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्प 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली प्रदेश भाजपा सरकार के समय पांच वर्षों में केंद्र से बीजेपी को हमारी सरकार की तुलना में साठ हजार करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए, लेकिन उस धनराशि का सदुपयोग करने के बजाय उन्होंने उसे लूट और दुरुपयोग में गंवा दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियां प्रदेश विरोधी रही हैं और उनके शासनकाल में जनहित को प्राथमिकता नहीं दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार के समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में हिमाचल 21वें स्थान पर था। हमारी सरकार ने आते ही शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं और आज हिमाचल देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू कर बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले गए हैं, जिससे उनका भविष्य और अधिक सशक्त हो रहा है।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार निरंतर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में अनेक महत्त्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व में हरोली का औद्योगिक, आधारभूत एवं सामाजिक ढांचा निरंतर सुदृढ़ हो रहा है और बल्क ड्रग पार्क जैसी राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजना तीव्र गति से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संबंधित लगभग 66 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं के कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि अन्य विकास कार्यों पर तेजी से कार्य जारी है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रभावी नेतृत्व में यह परियोजना तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त 3400 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन इस पार्क को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे निवेश और आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रदेश सरकार विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से संतोषगढ़-जैंजों सड़क कार्य योजना पर तेजी से कार्य प्रगति पर है। यह सड़क परियोजना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी तथा लोगों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला ऊना के लोगों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी योजना विशेष रूप से ऊना के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को नई मजबूती प्रदान करेगी और हजारों परिवारों को लाभान्वित करेगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय महत्त्व की बल्क ड्रग पार्क परियोजना के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में मील का पत्थर सिद्ध होगी तथा प्रदेश को रोजगार, निवेश और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर प्रदान करेगी।

अप्पर जैशीधार संपर्क सड़क के निर्माण पर खर्च होंगे 3.20 करोड़ – विक्रमादित्य सिंह

हिमाचल : प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भराड़ा में लुहरी-सुन्नी मुख्य सड़क से 3.20 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाली अप्पर जैशीधार वाया डुगानाल संपर्क सड़क का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अप्पर जैशीधार के लोगों की काफी पुरानी मांग को पूरा करते हुए लगभग तीन गांव को जोड़ने वाली इस संपर्क सड़क का निर्माण आगामी छः महीने के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। 

200 करोड़ सलापड़-तत्तापानी के निर्माण पर हो रहे खर्च, 70 करोड़ से सुन्नी-लुहरी सड़क को चौड़ा करने का कार्य प्रगति पर

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सड़कों के विस्तारीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सलापड़-तत्तापानी संपर्क सड़क पर 200 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसी तरह सुन्नी-लुहरी मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए 70 करोड़ की राशि खर्च की जा रही जिसका निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। शिमला-मंडी सड़क को चौड़ा करने का कार्य भी जारी है जिस पर 1.48 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के गांव अयोग की सड़क को भी अपग्रेड करने के लिए 3.87 करोड़ रुपए की राशि तथा ड्रॉल से जैशीधार तक सड़क निर्माण पर लगभग 11 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी ताकि ड्रॉल से भराड़ा तक की दोनों मुख्य सड़कों को आपस में मिलाकर ग्रामीणों को सड़क सुविधा दी जा सके। उन्होंने कहा कि दरोगड़ा से दनोहघाटी सड़क के रुके हुए कार्य को पूरा करने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और शीघ्र ही दोनों तरफ से निर्माण कार्य शुरू कर सड़क को पूरा किया जाएगा। इस सड़क के बनने से मत्याना व ठियोग की दूरी बहुत कम होगी।

आगली से परलोग के लिए 37 करोड़ से होगा पुल का निर्माण 

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की सोच को आगे बढ़ाते हुए 25 करोड़ रुपए की लागत से पंदोआ खड्ड से एक बड़ी पेयजल योजना निर्मित की गई है जिससे इस क्षेत्र की 7 पंचायतों को पर्याप्त पेयजल सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना से छुटी हुई बस्तियों को भी कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगली से परलोग के लिए एक बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा जिस पर 37 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि जैशी तथा भराड़ा के झूला पुल निर्माण के लिए 16 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। 

1.14 करोड़ से बनेगा भराड़ा में नया पंचायत भवन

उन्होंने कहा कि भराड़ा पंचायत दूसरी पंचायतों के कुछ गांवों को जोड़कर बनी है इसलिए इस पंचायत का आधुनिक सुविधाओं सहित नया पंचायत भवन निर्मित किया जाएगा जिस पर 1.14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के लोगों से मिलकर शीघ्र स्थल का चयन करने का आग्रह किया ताकि पंचायत भवन का निर्माण प्रक्रिया आरम्भ की जा सके।

लुहरी-सुन्नी निर्माणाधीन विद्युत परियोजना से प्रभावित लोगों के हित सर्वोपरि, मजबूती के साथ खड़ा रहूंगा – लोक निर्माण मंत्री

उन्होंने कहा कि लुहरी-सुन्नी विद्युत निर्माणाधीन परियोजना से विस्थापित 43 परिवारों को स्थापित करने के लिए परियोजना के आसपास ही कहीं उचित स्थान पर बसाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा सड़क पर किया जा रहा छिड़काव नाकाफी है इस बारे कंपनी प्रबंधन को नियमित रूप से छिड़काव के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन विद्युत परियोजना से इस क्षेत्र की चार पंचायतें प्रभावित हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन चारों पंचायत क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा और उन्हें परियोजना से आ रही समस्याओं के लिए वह सदैव साथ खड़े रहेंगे और क्षेत्र वासियों को उनका भरपूर सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी के माध्यम से इस क्षेत्र की सभी पेयजल एवं सिंचाई तथा पौराणिक पेयजल स्त्रोतों के संवर्धन के लिए 7.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में खेल मैदान के निर्माण के लिए पहले ही राशि स्वीकृत की गई है लेकिन जगह का चयन न होने के कारण सारी राशि खर्च नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा युवक मंडल के प्रतिनिधि मिलकर स्थल का चयन शीघ्र करें ताकि एक बड़े खेल मैदान का निर्माण हो सके।

कैबिनेट मंत्री ने शिलान्यास कार्यक्रम के उपरांत भराड़ा जैश तथा आसपास की पंचायतों के लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों के सहयोग से अधिकतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।