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शिमला : ‘वाइल्ड फ्लावर हॉल’ होटल के संचालन के लिए हिमाचल को मिली वार्षिक सकल राजस्व का 47.1% हिस्सा देने की रिकॉर्ड बोली

हिमाचल: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश  सरकार ने शिमला के प्रतिष्ठित वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के संचालन एवं प्रबंधन के लिए लाइसेंस अधिकार देने की प्रतिस्पर्धात्मक ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसमें वार्षिक सकल राजस्व का 47.1% हिस्सा देने की रिकॉर्ड बोली प्राप्त हुई है।

– 35 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान प्रतिमाह लगभग 3 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है, जिसमें प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

– इस अवधि में कुल लगभग 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, 24 करोड़ रुपये की अग्रिम लाइसेंस फीस और होटल की संपत्ति में न्यूनतम 50 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता भी सुनिश्चित की गई है।

– प्रदेश सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई है।

होटल की भूमि एवं संपत्ति, संयुक्त उद्यम कंपनी (ज्वाइंट वेंचर कंपनी), उससे जुड़ी परिसंपत्तियों एवं अधिकारों पर सरकार का पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है।

शिमला: द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के चुनाव में एचपीएसईबीएल के दो अधिकारी निर्वाचित

शिमला: द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), हिमाचल प्रदेश स्टेट सेंटर के 28 अक्टूबर को हुए चुनाव में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) से डॉ. मदन गोपाल शर्मा तथा राज कुमार चौहान कार्यकारी सदस्य (Executive Member) के रूप में निर्वाचित हुए हैं।

डॉ. मदन गोपाल शर्मा एचपीएसईबीएल में निदेशक (इलेक्ट्रिकल) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि राज कुमार चौहान एचपीएसईबीएल, कुमार हाउस, शिमला में  अधीक्षण   अभियंता (SE) के रूप में कार्यरत हैं। दोनों अधिकारियों का निर्वाचन बोर्ड के लिए गौरव का विषय है।

उनके निर्वाचन से इंजीनियरों के बीच व्यावसायिक सहयोग और नेटवर्किंग को मजबूत करने, तकनीकी एवं सतत शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा युवा अभियंताओं के मार्गदर्शन और इंजीनियरिंग क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट से झटका, डेढ़ लाख कर्मचारियों के अधिकारों से खिलवाड़ – सुमीत शर्मा

बार-बार अदालत पहुंचकर कर्मचारियों के वित्तीय लाभ रोक रही कांग्रेस सरकार : सुमीत शर्मा

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय लाभों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय से राज्य सरकार की रिव्यू पिटीशन खारिज होने पर कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय बार-बार न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर उनके वित्तीय लाभों को टालने का प्रयास कर रही है।

सुमीत शर्मा ने कहा कि यह मामला प्रदेश के लगभग 1.50 लाख कर्मचारियों के हितों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण हजारों कर्मचारियों को अपने वैध वित्तीय लाभ और वरिष्ठता के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2003 से अनुबंध आधार पर नियुक्तियां होती रही हैं। शुरुआती वर्षों में कर्मचारियों को आठ-आठ वर्ष तक अनुबंध पर रखा गया। बाद में अनुबंध अवधि सात वर्ष, पांच वर्ष, तीन वर्ष और अंततः दो वर्ष की गई। इस दौरान अनेक कर्मचारियों को नियमितीकरण से पहले की सेवा अवधि के आधार पर वित्तीय लाभ और वरिष्ठता प्राप्त करने के लिए न्यायालय जाना पड़ा।

सुमीत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार वर्ष 2024 में हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एक्ट लेकर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के माध्यम से अनुबंध कर्मचारियों को पूर्व सेवा अवधि के आधार पर मिलने वाले लाभों से वंचित करने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने संबंधित प्रावधानों को असंवैधानिक करार दिया और कर्मचारियों को वित्तीय लाभ तथा वरिष्ठता प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की।

सुमीत शर्मा ने कहा कि 29 जुलाई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की एसएलपी खारिज कर दी और कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के लिए चार महीने का समय दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सरकार ने आदेशों का पालन करने के बजाय पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे भी सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की इस कार्यप्रणाली से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब न्यायालय कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दे चुका है तो सरकार उनके लाभों का भुगतान करने में देरी क्यों कर रही है। सुमीत शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिक तंगहाली का हवाला देकर कर्मचारियों के अधिकारों को अनिश्चितकाल तक नहीं टाल सकती। उन्होंने मांग की कि सरकार अदालती आदेशों का सम्मान करते हुए पात्र कर्मचारियों को देय वित्तीय लाभ और वरिष्ठता संबंधी अधिकार शीघ्र प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि भाजपा कर्मचारियों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को उठाती रहेगी और कांग्रेस सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी।

कांगड़ा: नूरपुर पुलिस का नशा तस्करों की अवैध संपत्ति पर बड़ा प्रहार – ₹48.30 लाख की संपत्ति जब्त, कब्जा सौंपने का आदेश तामील

कांगड़ा: पुलिस जिला नूरपुर में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने नशा तस्करी के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस थाना डमटाल के अंतर्गत आरोपी शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह, निवासी वार्ड नंबर 09, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा की लगभग ₹48.30 लाख की संपत्ति NDPS Act के प्रावधानों के तहत जब्त की गई है।

सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली द्वारा 22 अक्टूबर को NDPS Act, 1985 की धारा 68-I(1) एवं 68-I(3) के अंतर्गत पारित आदेश के अनुसार आरोपी की निम्नलिखित संपत्तियां सभी प्रकार के भारों से मुक्त करते हुए जब्त (Forfeited) की गई हैं:

1. आवासीय भवन: गांव चन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा स्थित आरोपी का दो मंजिला मकान, जिसमें ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर एवं बेसमेंट शामिल हैं। इस संपत्ति का मूल्य ₹45,90,557/- निर्धारित किया गया है।

2. नकद धनराशि: नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित ₹2,40,440/- (₹12,740 + ₹2,19,200 + ₹8,500)।

इस प्रकार आवासीय भवन एवं धनराशि सहित कुल ₹48,30,997/- (अड़तालीस लाख तीस हजार नौ सौ सत्तानवे रुपये) की संपत्ति जब्त की गई है।

इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस थाना डमटाल द्वारा दिनांक 29.10.2026 को आरोपी शमशेर सिंह को NDPS Act की धारा 68-U के अंतर्गत आदेश विधिवत तामील करवाया गया। इसके तहत आरोपी को जब्त संपत्ति का कब्जा संबंधित विभाग को सौंपने के दिशा दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आदेश का निर्धारित अवधि में पालन न किए जाने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए संपत्ति का कब्जा प्राप्त करने का अधिकार है।

प्रदेश भर में चलाये जा रहे एंटी चिट्टा अभियान नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, जांच एवं जब्ती के माध्यम से तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार किया जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार से अर्जित अवैध धन एवं संपत्ति को कानून के दायरे में लाकर नशा तस्करी की आर्थिक जड़ों को विध्वंस करना है। 

नूरपुर पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि चिट्टा एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति भी कानून की कार्रवाई से अछूती नहीं रहेगी।

नशा मुक्त समाज के निर्माण और नशा तस्करी के पूर्ण उन्मूलन के लिए नूरपुर पुलिस प्रतिबद्ध है।

एसजेवीएन ने विशेष अभियान 6.0 के तहत स्वच्छता एवं प्रशासनिक दक्षता को दिया बढ़ावा

शिमला: एसजेवीएन ने स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए विद्युत मंत्रालय और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत अपनी सभी परियोजनाओं और कार्यालयों में सफलतापूर्वक कई पहल की हैं, जो स्वच्छ कार्यस्थलों, बेहतर प्रशासनिक दक्षता और सतत संसाधन प्रबंधन की दिशा में भारत सरकार के प्रयास के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन पहलों के माध्यम से एसजेवीएन ने स्वच्छ कार्यस्थलों, बेहतर प्रशासनिक दक्षता तथा संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।

अभियान के अंतर्गत, एसजेवीएन ने निगम मुख्यालय (7,500 किलोग्राम) तथा नाथपा झाकड़ी जल विद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) से (5,820 किलोग्राम सहित) कुल 13.32 टन प्रयुक्त बैटरियों का व्यवस्थित निपटान किया, जिसका कुल मूल्य 16,11,453/- रुपए है। इसके अतिरिक्त, 800 किलोग्राम टायर सहित लगभग 25 टन ई-कचरे एवं अनुपयोगी सामग्रियों के पहचान को चिन्हित किया गया, जिससे स्थान के बेहतर उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान मिलेगा।

इन पर्यावरणीय पहलों के साथ, एसजेवीएन ने अपनी विभिन्न परियोजनाओं में लगभग 585 किलोग्राम कुल वजन वाली लगभग 322 लंबित फाइलों एवं दस्तावेजों के निपटान, नियमों एवं प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा लंबित जन शिकायतों एवं अपीलों का निर्धारित समय-सीमा में निवारण सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास किए। इन प्रशासनिक उपायों को और प्रभावी बनाने के लिए, एसजेवीएन के चिह्नित 14 प्रतिष्ठानों में विशेष स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान भी चलाए गए।

स्वच्छता, अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन तथा अपशिष्ट के सतत निपटान को अपनी संस्थागत कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाते हुए, एसजेवीएन दक्षता, जवाबदेही एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित कार्य संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।

मण्डी/गोहर: राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में थुनाग के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

आईसीएआर एआईईईए (पीजी)-2026 में चार विद्यार्थियों ने हासिल की सफलता, प्रतिष्ठित संस्थानों में फैलोशिप के साथ मिलेगा स्नातकोत्तर अध्ययन का अवसर

मण्डी/गोहर: डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग स्थित गोहर (गुडाहरी) के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आईसीएआर एआईईईए (पीजी)-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय और विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। महाविद्यालय के बीएससी ऑनर्स औद्यानिकी के तीन तथा बीएससी ऑनर्स वानिकी के एक विद्यार्थी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रतिष्ठित संस्थानों में फैलोशिप के साथ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफलता हासिल की है।

महाविद्यालय की छात्रा हमीरपुर निवासी वर्षा ठाकुर ने परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त किया है। वह भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर), बेंगलुरु से फल विज्ञान में एमएससी करेंगी। वहीं, सिरमौर की निवासी अलीशा नेगी ने नौवां स्थान हासिल किया है और वह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली में पुष्प विज्ञान में एमएससी की पढ़ाई करेंगी।

करसोग के पांगणा की निवासी सिमरन ने 304वां स्थान प्राप्त किया है। वह आईएआरआई, झारखंड में फल विज्ञान में एमएससी करेंगी। चंबा के निवासी आदित्य सिंह बिजलवान ने 47वां स्थान हासिल किया है। वह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में सिल्वीकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री विषय में एमएससी करेंगे।

इसके अतिरिक्त, बिलासपुर के निवासी उदय ठाकुर ने वन अनुसंधान संस्थान (सम विश्वविद्यालय), देहरादून की स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। वह यहां से वानिकी में एमएससी की पढ़ाई करेंगे।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रेम लाल शर्मा ने सभी सफल विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत तथा उनके मार्गदर्शकों और शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन से महाविद्यालय और डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन को गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की कामना की।

मण्डी: ड्राइविंग टेस्ट 5 व 19 अप्रैल को

मण्डी: 29 अक्तूबर को होने वाला ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट रद्द

मण्डी: क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि करवा चौथ के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के कारण 29 अक्तूबर, 2026 को निर्धारित ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) टेस्ट रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने संबंधित अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे इस बदलाव का ध्यान रखें। ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की अगली तिथि के संबंध में विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।

बिलासपुर: मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं अस्पताल में लिफ्ट, आधुनिक बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन और ओएसटी केंद्र का किया शुभारंभ

कहा….घुमारवीं अस्पताल में 11 विशेषज्ञ चिकित्सक दे रहे सेवाएं, प्रतिदिन 600 से 900 मरीजों की ओपीडी, डायलिसिस सुविधा शुरू करने के लिए भी किए जा रहे प्रयास

घुमारवीं (बिलासपुर):  नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से स्थापित लिफ्ट का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 15 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन और ओपिओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र का भी शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से किडनी, लिवर, हृदय सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांच में सुविधा मिलेगी। आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों की उपलब्धता से प्रतिदिन लगभग 1,400 से 1,500 जांचें करने और मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। अस्पताल में थायराइड, विटामिन बी-12 और विटामिन डी-3 सहित विभिन्न जांच सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन जांचों की दरें कम रखी गई हैं तथा पात्र बीपीएल परिवारों को कुछ जांचें निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में लिफ्ट की सुविधा शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को विभिन्न मंजिलों तक पहुंचने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित कर रही है, ताकि लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सके। घुमारवीं के नागरिक चिकित्सालय में वर्तमान में 11 विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं तथा यहां प्रतिदिन औसतन 600 से 900 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह कार्यशील है, जहां सर्जरी और स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन किए जा रहे हैं। आधुनिक रोबोटिक आई टेस्टिंग मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों की आंखों की जांच की जा रही है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा भी शुरू की गई है, जिसके तहत प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीजों की जांच की जा रही है। अस्पताल में आधुनिक एक्स-रे मशीन, एम्बुलेंस और ब्लड स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध है। ब्लड स्टोरेज सुविधा के माध्यम से अब तक लगभग 300 यूनिट रक्त मरीजों को उपलब्ध करवाया जा चुका है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में आने वाले समय में डायलिसिस सुविधा शुरू करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं घर के नजदीक उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में न जाना पड़े।
इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल में ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित युवाओं को उपचार और पुनर्वास से जोड़ना आवश्यक है। इस केंद्र में ओपिओइड पर निर्भरता से जूझ रहे व्यक्तियों को प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में उपचार, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र में दो युवाओं का उपचार भी शुरू कर दिया गया है। बिलासपुर जिले में ऐसे लगभग 150 युवा उपचार एवं सहायता की आवश्यकता वाले समूह में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार और पुनर्वास के साथ-साथ नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर अंकुश लगाना भी जरूरी है।
प्रदेश में नशा तस्करी के नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति जब्त करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने नशे की आपूर्ति श्रृंखला के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और समाज को मिलकर कार्य करना होगा।
श्री धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना पर विशेष ध्यान दे रही है। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों, बीएमओ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिल रही है।

बॉक्सिंग के लिए चयन परीक्षण साई प्रशिक्षण केंद्र बिलासपुर में 5 व 6 नवंबर को

बिलासपुर: भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) प्रशिक्षण केंद्र बिलासपुर में आवासीय योजना के अंतर्गत 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लड़कों की बॉक्सिंग के लिए चयन परीक्षण आगामी 5 व 6 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। इस बारे केंद्र प्रभारी विजय प्रकाश नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि चयन परीक्षण साई प्रशिक्षण केंद्र बिलासपुर में होंगे।

उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लड़के भाग लेने के पात्र होंगे, जबकि 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि चयन परीक्षण में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को जन्म तिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खेल उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण पत्र तथा हाल ही में खिंचवाए गए पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लाने होंगे।

उन्होंने बताया कि आवासीय योजना के अंतर्गत चयनित प्रशिक्षुओं को रहने एवं भोजन, शिक्षा शुल्क में सहायता, चिकित्सा सुविधाएं, प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर, बीमा, खेल किट तथा अन्य सुविधाएं भारतीय खेल प्राधिकरण के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रदान की जाएंगी। चयन प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जाएगा तथा चयन परीक्षण में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा। केंद्र प्रभारी ने पात्र एवं इच्छुक लड़कों से चयन परीक्षण में भाग लेकर इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया।

मेरिट पर मित्रता भारी, चहेतों को सेटल करने में नियम-कायदे ताक पर रख रहे सुक्खू – जयराम ठाकुर

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर मित्रों को सेटल करने के लिए मेरिट लिस्ट ही चोरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीते दो दिनों में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को सेवा विस्तार देने और हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को अकारण रद्द करने के मामलों में माननीय उच्च न्यायालय के फैसलों ने मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली और तानाशाही को उजागर किया है। उन्होंने न्यायालय के फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लगातार मित्रों और करीबियों के लिए नियम-कायदों की परवाह किए बिना काम कर रहे हैं। जनहित के नाम पर जिस तरीके से मित्रहित की योजना चल रही है, वह पूरा प्रदेश देख रहा है। व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार की नीयत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों और संवैधानिक आयोगों के पदों पर होने वाली भर्तियों में शुचिता और पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसी तरह जल शक्ति विभाग के एक अधिकारी को दिए गए सेवा विस्तार पर माननीय उच्च न्यायालय ने सवाल उठाते हुए उनके दागदार सेवाकाल को देखते हुए किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से वंचित रखने का आदेश भी दिया।
जिस तरह मुख्यमंत्री ने जनहित के नाम पर लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को सेवा विस्तार दिया और न्यायालय ने उस फैसले की आलोचना की, वह अपने आप में मुख्यमंत्री के तानाशाहीपूर्ण बर्ताव की कहानी कहता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (एचपीईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति में मनचाहे अधिकारी को सेटल करने के लिए रद्द की गई नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल ने सरकार की मित्रहित योजना को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह हास्यास्पद है कि एचपीईआरसी के अध्यक्ष पद के लिए चल रही चयन प्रक्रिया में चयन समिति ने साक्षात्कार के बाद उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव का आकलन कर सिफारिश की थी, लेकिन उस सिफारिश को रद्द कर मनमानी नियुक्ति की गई। इस प्रकार की नियुक्तियों के जो भी मामले कानूनी समीक्षा के दायरे में आएंगे, ज्यादातर जगह इसी तरह की खोट सामने आएगी। न्यायालय का आदेश मुख्यमंत्री के इस पक्षपातपूर्ण रवैये को बेनकाब कर रहा है।
बिना औद्योगिक नीति के चल रहा प्रदेश, न औद्योगिक नीति है और न ही उद्योगों के लिए अच्छी नीयत
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री मंचों से बड़े-बड़े दावे करते हैं और हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध राज्य बनाने की घोषणाएं करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में वर्तमान में कोई औद्योगिक नीति ही नहीं है। इसके चलते 30,000 से ज्यादा छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेश की औद्योगिक नीति गत वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो गई है, जिसकी अवधि सरकार द्वारा तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। सुक्खू सरकार की न कोई प्राथमिकता है और न ही विजन है। इसीलिए ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं कि उद्योग सत्ता-संरक्षित लोगों द्वारा सिर्फ उगाही का साधन बन गए हैं। प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए सरकार की तरफ से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर चल रही सुख की सरकार में न तो कोई औद्योगिक नीति है और न ही सरकार की उद्योगों को लेकर कोई अच्छी नीयत।
सरकार प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीति लाए, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने और रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों को भी भविष्य की परिस्थितियों को लेकर स्पष्टता मिल सके।

हाटी समुदाय और अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि मंडल से मिले जयराम ठाकुर

आज जय राम ठाकुर अपने आधिकारिक  आवास पर हाटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर के साथ मुलाकात की। इस दौरान हाटी समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। यह प्रसन्नता और संतोष का विषय है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए किए गए प्रयास सफल हुए और लगभग 60 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद समुदाय को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। विधानसभा स्थित कार्यालय के नेता प्रतिपक्ष अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने सोलन जिला भाजपा अध्यक्ष रतनपाल सिंह और पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के साथ भेंट की। इस दौरान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और स्थानीय समस्याओं एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।