ऊना: सिस इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर द्वारा पुरुष वर्ग में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइज़र के 100 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 6 मार्च को सुबह 10.30 बजे ज़िला रोजगार कार्यालय ऊना और 7 मार्च को उप रोजगार कार्यालय अंब में आयोजित किया जा रहा है।
जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण, न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर, आयु सीमा 19 से 40 वर्ष और वेतन 17,500 से 23 हजार रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक महीने की ट्रेनिंग के उपरांत अभ्यर्थियों की नियुक्ति एटीएम, अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्र, मॉल सहित अन्य संस्थानों में की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। प्रमाण पत्र मूल रूप से प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए 83518-90071 पर सम्पर्क किया जा सकता है। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नही होगा।

ऊना: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई)ऊना में युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के सुनहरे अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 09 मार्च को अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में अप्रेंटिसशिप प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आईटीआई ऊना के प्रधानाचार्य अंशुल भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अप्रेंटिसशिप मेले में विभिन्न नामी कंपनियां भाग लेंगी, जिनमें सुखजीत एग्रो इंडस्ट्रीज, प्रीतिका ऑटो इंडस्ट्रीज, जीएनए एक्सल्स लिमिटेड, रालसन इंडिया, कौशल रोलर फ्लोर मिल और इंटरनेशनल कार्ड एंड मोटर्स लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में फिटर, टर्नर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, टूल एंड डाई मेकर, मैकेनिक ट्रेक्टर, डीजल मैकेनिक, मैकेनिक मोटर व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक्स, कोपा, कारपेंटर, ऑटो इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर ट्रेडों से कोर्स पूर्ण कर चुके सभी पुरुष व महिला अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को अप्रेंटिसशिप एक्ट के प्रावधानों के अनुसार वृतिका देय होगी।
अंशुल भारद्वाज ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों सहित निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
हिमाचल : प्रदेश में सीबीएसई एफिलिएटिड स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा मामला प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंच गया है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट ने सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई जिसमें प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया गया है। मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसके तहत सीबीएसई पैटर्न वाले सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को टेस्ट पास करना अनिवार्य किया गया है। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी।

सुजानपुर: राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 में इस बार सांस्कृतिक संध्याओं में हिमाचली कलाकारों की प्रस्तुतियों के अलावा दिन में भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जिला हमीरपुर की लोक संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिल रही है।
होली उत्सव आयोजन समिति ने पहली बार प्रदर्शनी स्टॉलों के बीच में विशेष रूप से एक अलग स्टेज बनाया है, जहां प्रतिदिन कई सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी मंच पर उत्सव के पहले दिन एक मार्च को कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर के कवियों ने हिंदी और पहाड़ी मंे अपनी शानदार रचनाएं प्रस्तुत कीं।
सांस्कृतिक गतिविधियों के संयोजक जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने उत्सव के पहले दिन इसी मंच पर एकतारा, करताल और पारंपरिक छोटी डफली (डौरू) के साथ भजनों एवं दोहों का गायन करने वाली मंडलियों को भी अवसर प्रदान किया गया। जिला हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिला के निचले क्षेत्रों की यह प्राचीन भजन गायन परंपरा अब लुप्त होने की कगार पर है। लेकिन, होली के मंच पर भजन गायन की इस शैली को देखकर लोग काफी प्रभावित हुए। प्रदर्शनी स्टॉलों के परिसर में ही चित्रकला प्रतियोगिता भी करवाई गई।
होली उत्सव के दूसरे दिन लोकनृत्य प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें कुसुम कला मंच ने पहला, डिग्री कालेज सुजानपुर के दल ने दूसरा और शुभम कला मंच ने तीसरा स्थान हासिल किया। इन दलों को स्थानीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने पुरस्कार वितरित किए। आयोजन समिति ने प्रथम रहे सांस्कृतिक दल को ग्यारह हजार रुपये, द्वितीय को 5100 रुपये और तृतीय दल को 3100 रुपये के नकद पुरस्कार का प्रावधान किया है। इस प्रतियोगिता के साथ ही सामूहिक लोकनृत्य झमाकड़ा भी करवाया गया, जिसमें जिले भर की सैकड़ों महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
होली उत्सव के तीसरे दिन तीन मार्च को जिला हमीरपुर की पारंपरिक गूग्गा गाथा का गायन और लोक नाट्य धाहजा की प्रस्तुतियां की गईं। जिला के विभिन्न लोक सांस्कृतिक दलों ने ये प्रस्तुतियां दीं।

शिमला: मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह मुख्यमंत्री का चौथा बजट है और इस बार प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के कारण लगभग 15 प्रतिशत का वित्तीय अंतर झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय को सरल भाषा में समझाने की आवश्यकता है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव प्रदेश के लगभग 75 लाख लोगों पर पड़ेेगा, जिनमें ग्रामीण, किसान, मजदूर और आम नागरिक शामिल है।
नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत विशेष श्रेणी के राज्यों को सहायता देने का प्रावधान किया गया था, क्योंकि ऐसे राज्य अपने संसाधनों के आधार पर पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं हो सकते। हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य के लिए यह सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा इस प्रावधान का उल्लेख नहीं किए जाने से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 10,000 करोड़ रुपये और पांच वर्षों में करीब 50,000 करोड़ रुपये की संभावित सहायता से वंचित होना पड़ सकता है। 15 प्रतिशत का यह बजटीय अंतर राज्य के अपने संसाधनों से पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश के अधिकार और भविष्य का प्रश्न है। राज्य सरकार ने इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाई, विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किया और सभी दलों को साथ लेकर केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश का पक्ष रखने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने तर्क, तथ्य और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर इस विषय पर केंद्रीय वित्त मंत्री से विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे राजनीतिक दृष्टिकोण से ऊपर उठकर प्रदेशहित में एकजुट होकर केंद्र के समक्ष अपनी बात रखें।
चौहान ने एआई समिट और प्रदर्शन से जुड़े आरोप व इस दौरान हुए प्रदर्शन के संदर्भ में स्पष्ट किया कि युवाओं ने एआई समिट का विरोध नहीं किया था, बल्कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों, विशेषकर कृषि और बागवानी क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर अपनी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है। इसे देशद्रोह या देश की छवि खराब करने से जोड़ना अनुचित है।
उन्होंने यह भी कहा कि समिट के दौरान प्रस्तुत कुछ मॉडलों को लेकर जो विवाद सामने आए, उन पर केंद्र सरकार को स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए थी। ऐसे मुद्दों को संतुलित दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिमाचल प्रदेश में बिना वारंट और स्थानीय पुलिस को सूचित किए बगैर की गई कार्रवाई निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी। नियमों के अनुसार किसी भी राज्य में कार्रवाई करने से पूर्व स्थानीय मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना और संबंधित थाने को सूचना देना आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार और पुलिस ने संघीय ढांचे और कानून के तहत अपने अधिकारों की रक्षा की। बाद में निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए जाने के उपरांत संबंधित युवाओं को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाया गया। उन्होंने इस विषय पर कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा दिल्ली पुलिस का समर्थन किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि प्रदेशहित के मामलों में सभी को एकजुट रहना चाहिए।
नरेश चौहान ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी देशों में तनाव के बाद यहां रह रहे भारतीयों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश के लगभग 40 से 42 हजार नागरिकों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि सरकार एक हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क तंत्र स्थापित कर रही है, ताकि विदेश में रह रहे लोगों और उनके परिवार से संपर्क बनाया रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य होंगी, हिमाचल के लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से संयम बनाए रखने और आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करने की अपील की।
नरेश चौहान ने राज्यसभा चुनाव की स्थिति के संदर्भ में कहा कि प्रदेश में वर्तमान संख्या बल कांग्रेस पार्टी के पक्ष में है और उम्मीदवार का चयन पार्टी हाईकमान द्वारा किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार हिमाचल प्रदेश से ही किसी योग्य व्यक्ति को अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार जो घटनाएं हुईं, वे न तो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप और न ही प्रदेश के हित में थीं। ऐसी परिस्थितियों से किसी भी दल को वास्तविक लाभ नहीं हुआ, बल्कि राजनीतिक अस्थिरता और अविश्वास का माहौल बना। उन्होंने सभी दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।
नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश के भविष्य, अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना समय की मांग है। कठिन परिस्थितियों में प्रदेशहित को सर्वोपरि रखना ही सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।

सोलन: जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन परिसर एवं कण्डाघाट, अर्की, कसौली, नालागढ़ न्यायालय परिसर में 14 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाऊंस मामले, वाहन चालान के मामले, धन वसूली के मामले इत्यादि का सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों तथा सेवानिवृत्ति से संबधित मामलों की सुनवाई कर निपटारा होगा।
प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि जो मामले अब तक न्यायालय में दायर नहीं हुए हैं का भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समय एवं धन की बचत होती है। न्यायालय शुल्क नहीं लगता और पुराने मुकदमे का न्यायालय शुल्क वापस हो जाता है। इसमें किसी पक्ष को सजा भी नही होती। उन्होंने कहा कि वाहन चालान के मामलों में वर्चुअल कोर्ट की साइट पर जाकर भी भुगतान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि अपने मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो 14 मार्च, 2026 से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय सोलन व जिला के सभी न्यायालयों में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। जिस न्यायालय में मामला विचाराधीन है में भी इस सम्बन्ध में आवेदन किया जा सकता है।
आकांक्षा डोगरा ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-220713 व टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।
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शाहपुर: आज शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने नागरिक अस्पताल शाहपुर के परिसर में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा संचालित सस्ती दवाइयों की दुकान का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शाहपुर वासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। अब क्षेत्र के लोगों को दिन-रात सस्ती दवाइयां उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि यहां दवाइयां बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक कम दरों पर मिलेंगी, जिससे आम जनता, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बाहर से दवाइयां या टेस्ट न लिखे जाएं, ताकि किसी भी गरीब व्यक्ति को अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल ने कहा कि स्थानीय विधायक के सतत प्रयासों और मेहनत के कारण ही आज शाहपुर में यह सस्ती दवाइयों की दुकान शुरू हो पाई है, जिससे क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार के गठन के बाद निगम की जिला कांगड़ा में यह पहली सस्ती दवाइयों की दुकान है।
इस अवसर पर एसडीएम शाहपुर गणेश ठाकुर, ओएसडी आयुर्वेद डॉ. सुनीत, डीएम राज्य नागरिक आपूर्ति निगम विजन शर्मा, एरिया मैनेजर जागीर सिंह, बीएमओ शाहपुर डॉ. कविता, पूर्व सीएमओ डॉ. सुशील, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विकास सूद, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुरजीत राणा, महासचिव प्रदीप बलौरिया, उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय, ओंकार राणा, नीना ठाकुर, रीना पठानिया, पुष्पा जरयाल, राजीव पटियाल, नागरिक अस्पताल के चिकित्सक, स्टाफ एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।