


हमीरपुर : जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। विद्यालय के प्राचार्य विक्रम कुमार ने बताया कि परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की प्रोविजनल सूची तैयार कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि कक्षा छठी में प्रवेश की प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पूर्ण की जाएगी, जिसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।


शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का आगाज राजनीति के सबसे तल्ख और आक्रामक तेवरों के साथ हुआ, जहां नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की घेराबंदी करते हुए सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के जरिए सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। इस हंगामेदार माहौल के बीच विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर सदन के भीतर और बाहर पिछले तीन वर्षों से बार-बार असत्य और भ्रामक बयान देने का गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा। मीडिया से बात चीत करते हुए जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है, परंतु वर्तमान सरकार लगातार संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। राज्यपाल के पद और उसकी गरिमा का सम्मान है लेकिन सरकार की न कोई उपलब्धियाँ हैं और न ही कोई तथ्य है। विपक्ष ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए आंकड़ों का एक चिट्ठा पेश करते हुए सरकार की प्रमुख योजनाओं की पोल खोल दी, जिसमें सबसे बड़ा प्रहार महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह सम्मान निधि देने के वायदे पर किया गया। विपक्ष का तर्क है कि सरकार द्वारा बताए गए 35,687 लाभार्थियों और 7.42 करोड़ के कुल खर्च के बीच का गणित ही आपस में मेल नहीं खाता, क्योंकि वास्तविक गणना के अनुसार प्रति माह का खर्च 5.35 करोड़ के करीब बैठता है, जिससे यह साफ झलकता है कि लाभार्थियों को मात्र दो महीने से भी कम की राशि दी गई है जबकि प्रचार-प्रसार पर करोड़ों लुटाए जा रहे हैं।
इसी प्रकार, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 4,131 अनाथ बच्चों में से केवल 114 बच्चों को ही शैक्षणिक भ्रमण का लाभ मिलना और शेष लगभग 4,000 बच्चों को उपेक्षित रखना सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। कृषि क्षेत्र में ऑर्गेनिक फार्मिंग और गोबर खरीद योजना की जमीनी हकीकत को उजागर करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मात्र 0.18 प्रतिशत किसानों का योजनाओं से जुड़ना और साल भर में एक किसान को गोबर खरीद के नाम पर औसतन मात्र 862 रुपए का भुगतान मिलना सरकार की नीतियों को एक भद्दा मजाक साबित करता है। सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का ध्यान जनहित के वास्तविक कार्यों से अधिक विज्ञापनों और होर्डिंग्स के जरिए अपनी छवि चमकाने पर केंद्रित है, जबकि धरातल पर योजनाएं पूरी तरह विफल और नगण्य साबित हो रही हैं।
सदन में केंद्र सरकार की ओर से मिल रही वित्तीय सहायता का तुलनात्मक विवरण रखते हुए जयराम ठाकुर ने रेखांकित किया कि मोदी सरकार ने हिमाचल को ‘रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट’ के तहत 89 हजार करोड़ रुपए की भारी-भरकम मदद दी है, जो पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के 18 हजार करोड़ के मुकाबले पांच गुना अधिक है, और इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का प्रयास कर रही है। जयराम ठाकुर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री के हर उस झूठ का पर्दाफाश करेंगे जो सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है, और अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष के उस निर्णय पर टिकी हैं जो इस महत्वपूर्ण प्रिविलेज मोशन की दिशा तय करेगा।
आंकड़ों के जरिए घेरा, कहा, होर्डिंग्स से नहीं, ठोस बजट और नीयत से होता है जन कल्याण
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे केवल विज्ञापनों और होर्डिंग्स तक सीमित सरकार करार दिया है। जयराम ठाकुर ने अपनी पिछली भाजपा सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार चंद योजनाओं का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जबकि हकीकत में ये योजनाएं पूर्ववर्ती योजनाओं के ही बदले हुए नाम हैं जिनमें फंड को डायवर्ट कर वाहवाही लूटने की कोशिश की जा रही है। जयराम ठाकुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उनकी सरकार के समय ‘सहारा योजना’ के तहत 22 हजार लाभार्थियों पर लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक, ‘हिम केयर योजना’ में 4.70 लाख लाभार्थियों पर लगभग 500 करोड़ रुपये और ‘गृहिणी सुविधा योजना’ के तहत 4.80 लाख परिवारों को लाभ पहुँचाने हेतु 170 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं ‘वृद्धावस्था पेंशन’ में आयु सीमा घटाकर 7.8 लाख लोगों को जोड़ते हुए 1300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया गया था। इसके विपरीत, सुक्खू सरकार की ‘सुख शिक्षा योजना’ (21,329 लाभार्थी, 22 करोड़ बजट), ‘सुख सम्मान निधि-1500 रुपए’ (35,687 महिला लाभार्थी, 7.42 करोड़ बजट), ‘सुखाश्रय योजना’ (4,131 लाभार्थी, 25.79 करोड़ बजट) और ‘राजीव गांधी स्टार्टअप योजना’ (मात्र 56 लाभार्थी, 4 करोड़ बजट) जैसी योजनाओं का कुल बजट महज 59.21 करोड़ रुपये है और कुल लाभार्थी संख्या भी मात्र 61,203 तक सीमित है, जो भाजपा काल की लाखों लाभार्थियों वाली योजनाओं के मुकाबले नगण्य है।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जहां उनकी सरकार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली से 65 लाख लोगों को राहत दी, 35 लाख महिलाओं को बस किराए में छूट दी और 45 लाख लोगों का पानी का बिल माफ किया, वहीं वर्तमान सरकार वात्सल्य योजना (अप्रैल 2022) और मदर टेरेसा मातृ संबल योजना (2016) जैसी पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर जनता के साथ छलावा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनमंच के माध्यम से 52 हजार शिकायतों का समाधान करने वाली व्यवस्था को ठप कर दिया गया है और अब सरकार केवल प्रचार के दम पर सत्ता चलाने का झूठा प्रयास कर रही है, जबकि धरातल पर न तो पर्याप्त बजट है और न ही लाभार्थियों तक वह लाभ पहुँच पा रहा है जिसका दावा किया जा रहा है।

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से आज लोक भवन में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने भेंट की।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को उच्च शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों में नवाचार व कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से अवगत करवाया।
इस अवसर पर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा को वैश्विक स्तर के अनुसार बनाना आवश्यक है। युवाओं के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन मूल्यों आधारित शिक्षा, कौशल विकास और शोध आधारित शिक्षा से चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं। विद्यार्थियों को जिम्मेदार, कुशल और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा में नवीन पद्धतियों का समायोजन करने और प्रदेश के विकास में युवाओं का योगदान सुनिश्चित करने को कहा।
लोक भवन में राज्यपाल से यूएई और भारत में ‘स्पेशल एन्वाय’ कनिका चौधरी ने भी भेंट की।
बैठक में उन्होंने भारत और यूएई के मध्य व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के बारे में अपने विचार साझा किए।
राज्यपाल ने भारत और यूएई के बढ़ते संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि नए सहयोग के क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए, जिससे आर्थिक विकास हो सके। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, बागवानी और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी बल दिया।
उन्होंने वैश्विक संबंधों को मजबूत करने, ज्ञान का आदान-प्रदान, नवाचार और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के संवाद से राज्य में नई संभावनाओं के अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल भी उपस्थित थे।

नालागढ़ में दिनदहाड़े फायरिंग से कानून व्यवस्था ध्वस्त, जनता में भय का माहौल
शिमला: भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने नालागढ़ में दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और प्रदेश में खुलेआम गुंडा राज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में दिनदहाड़े देसी कट्टे से फायरिंग होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है, जो यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। आम नागरिक अब अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है और प्रदेश में भय का वातावरण बन चुका है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में लगातार आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। कांग्रेस सरकार की ढीली कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अपराधियों को खुली छूट मिल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के संरक्षण में असामाजिक तत्व सक्रिय हैं और यही कारण है कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। यदि सरकार सख्ती से कार्यवाही करती तो इस प्रकार की घटनाएं सामने नहीं आतीं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को चाहिए कि इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करे तथा प्रदेश में कानून व्यवस्था को बहाल करे। साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।
अंत में त्रिलोक कपूर ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहती है तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों से लेकर सदन तक उठाएगी और जनता की सुरक्षा के लिए संघर्ष करेगी।

शिमला: विधान सभा में आज आरम्भ हुए बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही देखने आए चैप्सली स्कूल लक्कड़ बाजार शिमला तथा सम्भोट तिब्तियन उच्च पाठशाला शिमला के छात्र – छात्राओं ने सदन की कार्यवाही को देखने से पहले हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से कौंसिल चैम्बर के बाहर मुलाकात की । इस अवसर पर छात्रों ने विधान सभा अध्यक्ष से आज होने वाली कार्यवाही तथा विधान सभा की भूमिका, गठन तथा स्पीकर पद के महत्व पर प्रकाश डालने का आग्रह किया जिसका विधान सभा अध्यक्ष ने सिलसिलेबार उत्तर देते हुए कहा कि विधान सभा एक राज्य का कानून बनाने वाला सदन है। जैसे हमारे स्कूल में अलग-अलग कक्षाएं होती हैं, वैसे ही राज्य में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र होते हैं, और हर निर्वाचन क्षेत्र से एक नेता चुना जाता है, जिसे विधायक कहते हैं। ये विधायक मिलकर विधान सभा बनाते हैं। विधान सभा का मुख्य काम राज्य के लोगों के लिए कानून बनाना है। जैसे स्कूल में नियम होते हैं, वैसे ही राज्य को चलाने के लिए कानून जरूरी होते हैं।
पठानिया ने कहा कि जिस राजनीतिक दल से सबसे ज्यादा विधायक चुनाव जीतते हैं वह दल मिलकर सरकार बनाता है। सरकार का मुखिया मुख्यमंत्री कहलाता है। विधान सभा में विधायक सरकार के लोगों की समस्याओं के बारे में सवाल पूछते हैं और सरकार को उसका जवाब देना होता है। सरकार हर साल बताती है कि वह लोगों के लिए क्या-क्या काम करेगी और उसके लिए कितना पैसा खर्च होगा जिसे बजट कहते हैं और विधान सभा इसे पास करती है।
उन्होंने कहा कि विधान सभा में एक स्पीकर होता है जो सदन की कार्यवाही को नियंत्रित करता है जैसे स्कूल में प्रिंसिपल असैम्बली को चलाते हैं। इसके अतिरिक्त जो दल सरकार नहीं बना पाते वह विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। विपक्ष का काम सरकार के कामों पर नजर रखना और लोगों की आवाज उठाना होता है। विधान सभा में किसी भी मुद्दे पर खूब वहस होती है जिसमें विधायक अपनी- अपनी राय रखते हैं। जब कोई कानून बनाना होता है तो विधायक उस पर वोट करते हैं। जिस तरफ ज्यादा वोट होते हैं वह कानून बन जाता है।
पठानिया ने कहा कि विधान सभा लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह लोगों को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार में भाग लेने का मौका देता है। विधान सभा अध्यक्ष ने सभी छात्र – छात्राओं को सदन के अन्दर होने वाली कार्यवाही को देखने के लिए आमंत्रित भी किया और सभी बच्चों को अपनी ओर से शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक हि0प्र0 सरकार केवल सिंह पठानिया, विधायक विवेक शर्मा तथा मलेन्द्र राजन भी मौजूद थे।

नाहन : रोजगार कार्यालय के माध्यम से मैसर्ज वरव बायोजेनेसिस प्राइवेट लिमिटेड, कालाअंब सिरमौर में 2 पद मेनेजर, 1 सीनियर एग्जीक्यूटिव, 12 केमिस्ट, 11 ऑपरेटर तथा 2 पद इलेक्ट्रीशियन के भरे जाने है। इन पदों के लिए साक्षात्कार 20 मार्च, 2026 को उपरोजगार कार्यालय पांवटा साहिब में प्रातः 10: 30 बजे से आयोजित किए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी देविन्द्र कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार, मैनेजर के दो पदों के लिए बी.फार्मा या एम.फार्मा के साथ 15 से 20 वर्ष का लंबा अनुभव अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए 1 लाख रुपये (CTC) का आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा। वहीं, सीनियर एग्जीक्यूटिव (QMS) के एक पद के लिए बी.फार्मा या एम.फार्मा की डिग्री और 8 से 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को 35 से 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।
केमिस्ट के 12 पदों के लिए बी.फार्मा, एम.फार्मा, बी.एससी या एम.एससी की योग्यता के साथ 03 से 05 वर्ष का अनुभव आवश्यक है, जिसमें चयनित युवाओं को 15 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इसी प्रकार, ऑपरेटर के 11 पदों के लिए 10वीं, 12वीं या आईटीआई पास होने के साथ 08 से 10 वर्ष का अनुभव मांगा गया है, जबकि इलेक्ट्रीशियन के 02 पदों के लिए आईटीआई या संबंधित डिप्लोमा के साथ 03 से 05 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। इन दोनों ही श्रेणियों के लिए वेतनमान 15 हजार से 25 हजार रुपये प्रति माह के बीच रहेगा।
कंपनी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इन सभी पदों के लिए केवल पुरुष उम्मीदवार (Only Male Candidates) ही आवेदन के पात्र होंगे। अभ्यर्थियों की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
इच्छुक अभ्यर्थी 20 मार्च को अपनी शैक्षणिक तथा योग्यता संबंधी दस्तावेज, स्थायी हिमाचली प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट फोटो तथा अन्य संबंधित प्रमाण पत्रों सहित कैम्पस इंटरव्यू में भाग ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नं0 7027188837 पर भी संपर्क कर सकते है।

मण्डी: युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रोजगार मेलों का आयोजन जिला स्तर पर किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला रोजगार कार्यालय मण्डी द्वारा 24 मार्च, 2026 को एक लघु रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की विभिन्न कम्पनियां भाग लेंगी और 196 रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।
जिला रोजगार अधिकारी अरविन्द सिंह चौहान ने बताया कि यह रोजगार मेला 24 मार्च को प्रातः 10.30 बजे मॉडल करियर सेंटर/जिला रोजगार कार्यालय, खलियार, मण्डी (हि.प्र.) में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हीरो मोटर्स कंपनी ई-वैली प्रा. लिमिटेड की ओर से टेक्निकल एसोसिएट/ ऑपरेटिंग इंजीनियर के 35 पदों के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता जमा दो कक्षा उत्तीर्ण, आईटीआई, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा धारक रखी गई है और 18 से 32 वर्ष आयु तक के पुरूष व महिला अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को पंजाब के लुधियाना में तैनाती दी जाएगी और वेतन 18,500 रुपए से 22,500 रुपए तक निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए सुपरवाइजर के 60 पदों के लिए भी तीन कंपनियों एलायंस ग्रो स्टाफिंग प्रा. लिमिटेड, नुरेका टैक्नोलॉजी प्रा. लिमिटेड तथा एमटी ऑटोक्राफ्ट सिस्टम लिमिटेड की ओर से साक्षात्कार लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता जमा दो कक्षा उत्तीर्ण या इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिटर, एमएमवी इत्यादि में आईटीआई डिप्लोमा रखी गई है। उन्होंने बताया कि परवाणु व मोहाली में तैनाती के साथ ही इनके लिए 13,500 रुपए वेतन व अन्य भत्ते निर्धारित किए गए हैं।
कंपीटेंट ऑटोमोबाइल प्रा. लिमिटेड की ओर से सेल्ज़ एग्जीक्यूटिव और सर्विस एडवाइजर के 17 पद के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में बी.टेक/डिप्लोमा/ग्रेजुएशन रखी गई है। ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होगा। 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए वेतन 14,000 रुपए से 18,000 हजार रुपए व अलग से इंसेंटिव निर्धारित किया गया है और तैनाती मंडी, कुल्लू और मनाली में की जाएगी।
आनंद ऑटो केयर प्रा. लिमिटेड की ओर से सेल्ज़ ऑफिसर के चार पदों के लिए साक्षात्कार लिए जा रहे हैं। शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में ग्रेजुएशन रखी गई है। इसमें 21 से 35 वर्ष के बीच आयु के पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वेतन 12,750/- और उससे अधिक (अनुभव के आधार पर) निर्धारित किया गया है और तैनाती मंडी में होगी।
एक्सिस बैंक (एनआईआईटी) की ओर से एसिस्टेंट मैनेजर के 30 पदों के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की उपाधि रखी गई है। 21 से 33 वर्ष आयु वर्ग के पुरूष एवं महिला अभ्यर्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए वेतन 36,500 रुपए निर्धारित किया गया है और हिमाचल प्रदेश में कहीं भी तैनाती की जा सकती है।
ग्राम तरंग टेक्निकल वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग प्रा. लिमिटेड की ओर से इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मशीनिस्ट, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर मैकेनिक इत्यादि के 50 पदों के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास/आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, वायरमैन, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिटर, एमएमवी इत्यादि) रखी गई है। इसमें 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष उम्मीदवार तथा केवल वे लड़कियां जिन्होंने आईटीआई कोपा ट्रेनिंग पूरी की है, पात्र होंगी। उन्होंने बताया कि वेतन 12,507 रुपए व 800 रुपए उपस्थिति प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है और तैनाती कपूरथला में दी जाएगी।
अरविन्द सिंह चौहान ने बताया कि इच्छुक एवं योग्य आवेदक अपने सभी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, रोजगार कार्यालय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व अपना बायोडाटा साथ लेकर साक्षात्कार के लिए उपस्थित हो सकते हैं। जिला रोजगार अधिकारी ने सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर इस रोजगार मेले में भाग लें और उपलब्ध रोजगार अवसरों का लाभ उठाएं।




