
शिमला: एमएसएमई के तहत Xpo Originals GI महोत्सव का शुभारंभ शिमला के द पीटरहॉफ होटल में हुआ। यह महोत्सव 29 मार्च 2026 तक चलेगा। इस महोत्सव में 45 स्टॉल्स के माध्यम से देशभर के 100 जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) प्रमाणित उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्य तौर पर केंद्र सरकार में डॉ. रजनीश, आईएएस, अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) तथा आर. डी. नजीम, अतिरिक्त मुख्य सचिव, हिमाचल प्रदेश सरकार मौजूद रहे।
डॉ. राजनीश ने अपने संबोधन में एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए जीआई उत्पादों को भारतीय एमएसएमई के लिए एक तेजी से बढ़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत के जीआई प्रमाणित उत्पाद अपनी विशिष्ट पहचान, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक महत्व के कारण देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी बड़ी मांग रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीआई उत्पादों को बढ़ावा देना भारतीय एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान और शिल्पकला के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसी क्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर. डी. नजीम ने कहा कि ऐसे आयोजन अत्यंत प्रभावशाली हैं और हम सभी को भारत के जीआई उत्पादों के प्रचार-प्रसार में मिलकर योगदान देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीआई को बढ़ावा देने से आर्थिक विकास के लाभ समाज के निचले स्तर तक पहुँचते हैं, जिससे एक समावेशी समाज का निर्माण होता है, जहाँ कारीगर, शिल्पकार, किसान और कृषि उत्पादक सीधे लाभान्वित होते हैं।
पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक महोत्सव में पहुंचे और भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया। आकर्षक माहौल और उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला के चलते लगभग हर आगंतुक खरीदारी के बैग के साथ ही वापस जाता दिखा, जो इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है। यह प्रदर्शनी देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगरों, उत्पादकों और विक्रेताओं को एक साथ लाती है, जहाँ भारत के दूर-दराज इलाकों से आए कुछ दुर्लभ जीआई प्रमाणित उत्पाद भी देखने को मिलते हैं। आगंतुक Agates of Cambay] Baluchari साड़ियाँ, भागलपुर सिल्क एवं फैब्रिक्स, मधुरकाठी] Karvath Kati साड़ियाँ जैसे विशेष उत्पादों के साथ-साथ मणिपुर के खास खाद्य उत्पाद जैसे Chak Hao (ब्लैक राइस), Tamenglong संतरा, Sirarakhong Hathei (मिर्च) और Kachai नींबू भी देख और खरीद सकते हैं। इसके अलावा हैंडलूम साड़ियाँ, टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर, फैब्रिक्स, कृषि उत्पाद, मसाले, सिरप, फुटवियर, फल, खिलौने आदि की विस्तृत श्रृंखला भी उपलब्ध है।
सभी उत्पाद जीआई प्रमाणित हैं, जो उनकी प्रामाणिकता, उच्च गुणवत्ता और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं। आगंतुकों ने विशेष रूप से उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और अनूठेपन की सराहना की, साथ ही कारीगरों से सीधे जुड़कर खरीदारी करने के अनुभव को भी पसंद किया।
सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक प्रदर्शनी खुली रहेगी
जीआई महोत्सव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से आयोजित एक पहल है, जिसे इंडिया एसएमई फोरम द्वारा आयोजित और CIPRPF द्वारा क्यूरेट किया गया है। इसका उद्देश्य जीआई उत्पादों को बढ़ावा देना और कारीगरों, किसानों एवं छोटे उद्यमों के लिए सीधे बाजार की सुविधा उपलब्ध कराना है। यह महोत्सव अभी 3 और दिनों तक जारी रहेगा, और शिमला व आसपास के लोगों के लिए यह एक शानदार अवसर है कि वे देशभर के असली और उच्च गुणवत्ता वाले जीआई उत्पादों को देखें और खरीदें। यह प्रदर्शनी हर दिन सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक खुली रहेगी।
इस मौके पर अतिरिक्त निदेशक उद्योग हरीश गज्जू, संयुक्त निदेशक दीपिका खतरी, महाप्रबंधक उद्योग संजय कुमार सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

सुनील उपाध्याय की जयंती पर आयोजित संगोष्टी को किया संबोधित
शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि सुनील उपाध्याय के आदर्श और विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय और समर्पण के साथ किया गया कार्य समाज और देश को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
राज्यपाल आज यहां ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा सुनील उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी एवं युवा सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक संगोष्ठी या पुरस्कार वितरण समारोह नहीं है, बल्कि उस महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय सुनील उपाध्याय का जीवन त्याग, समर्पण, साहस और देशभक्ति का उत्कृट उदाहरण है। युवा अवस्था से ही उनमें समाज और राष्ट्र सेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता थी। हिमाचल प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर उन्होंने छात्र आंदोलन को नई दिशा और गति प्रदान की तथा अपने अथक प्रयासों से संगठन को प्रदेश में सशक्त पहचान दिलाई।
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद सुनील उपाध्याय ने लगातार यात्राएं कर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में देश युवा शक्ति, प्रतिभा और नवाचार के बल पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार मानते हुए स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, तकनीकी और रोजगारोन्मुख बनाया है।
राज्यपाल ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय संकल्प को प्राप्त करने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और मूल्य-आधारित समाज के निर्माण का लक्ष्य भी रखता है। इसके लिए युवाओं को ज्ञान और कौशल के साथ-साथ समर्पण, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना से भी सशक्त करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नागेश ठाकुर तथा सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने भी अपने विचार सांझा किए और सुनील उपाध्याय के योगदान को स्मरण किया।
ट्रस्ट के सचिव प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
विधायक राकेश जम्वाल, सुरेंद्र शौरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

शिमला: देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के बजट में “एक जिला, तीन उत्पाद” योजना प्रारंभ की है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, स्थानीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की वास्तविक वाणिज्यिक क्षमता को विकसित करना है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले से बाज़ार की संभावनाओं के आधार पर तीन प्रमुख उत्पादों की पहचान की जाएगी। इसके पश्चात इन उत्पादों की मूल्य शृंखला को मजबूत करने, बेहतर पहचान एवं आकर्षक पैकेजिंग विकसित करने तथा बाज़ार तक पहुँच को सुलभ बनाने पर कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
माननीय मुख्यमंत्री सिंह सुक्खू ने कहा, “हमारी सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है और ‘एक जिला, तीन उत्पाद’ योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।”
माननीय उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा, “यह योजना जिला स्तर की विशिष्टताओं को उजागर करते हुए सतत आजीविका के अवसर उत्पन्न करेगी तथा हिमाचल के पारंपरिक उत्पादों को सशक्त बाज़ार उपलब्ध कराएगी।”
इस योजना के अंतर्गत कृषि, बागवानी, हथकरघा एवं हस्तशिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को शामिल किया जाएगा, जिनमें हल्दी, अदरक, मक्का, शॉल, मसाले, कांगड़ा चाय, चित्रकला, शहद, चुल्ली तेल तथा याक ऊन जैसे उत्पाद प्रमुख हैं। ये सभी उत्पाद प्रदेश की विविध जलवायु एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।
यह योजना केवल उत्पादों के प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी। इसमें कारीगरों, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा लघु उत्पादकों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आपूर्ति शृंखला और बाज़ार संपर्क को सुदृढ़ कर सरकार का लक्ष्य प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना तथा जमीनी स्तर पर आय में वृद्धि करना है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक सुदृढ़ नीतिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें चयनित उत्पादों के लिए चरणबद्ध प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव (उद्योग) (आर. डी. नज़ीम) ने कहा कि यह योजना मूल्य शृंखला विकास को संस्थागत रूप प्रदान करेगी और स्थानीय उद्योगों को केंद्रित नीतिगत सहयोग सुनिश्चित करेगी।
उद्योग आयुक्त (डॉ. यूनुस) ने कहा कि योजना का विशेष ध्यान अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने पर रहेगा, ताकि कारीगरों, किसानों और जमीनी स्तर के उद्यमों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
“एक जिला, तीन उत्पाद” योजना के माध्यम से हिमाचल प्रदेश अपने पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ–साथ समावेशी एवं ग्रामीण–आधारित विकास को नई दिशा देने की ओर अग्रसर है।

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 26 मार्च 2026 को जारी भारत सरकार के आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ऐतिहासिक कमी की गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच लिया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत और जनहितकारी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
डॉ. बिंदल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना (Notification No. 05/2026-Central Excise एवं संबंधित संशोधन नियम 02/2026) के अनुसार पेट्रोल (Motor Spirit) पर उत्पाद शुल्क को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल (High Speed Diesel) पर उत्पाद शुल्क ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी और महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए ईंधन की देश में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर तथा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन की कमी न हो और कीमतें नियंत्रित रहें।
डॉ. बिंदल ने कहा कि यह निर्णय स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर परिस्थिति में “जनहित सर्वोपरि” के सिद्धांत पर कार्य करती है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत सरकार ने आम नागरिक को राहत देने का कार्य किया है, जो ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके विपरीत, डॉ. बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार टैक्स घटाकर जनता को राहत दे रही है, वहीं प्रदेश की कांग्रेस सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹5 प्रति लीटर तक सेस लगाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है और प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले ही डीजल पर ₹10.40 प्रति लीटर टैक्स लगाकर हजारों करोड़ रुपये जनता से वसूल चुकी है और अब ₹5 अतिरिक्त सेस लगाकर आम आदमी, किसान, बागवान, व्यापारी और परिवहन क्षेत्र को और अधिक प्रभावित करने की तैयारी कर रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि यह स्पष्ट अंतर है – एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है जो टैक्स कम कर राहत देती है, और दूसरी ओर कांग्रेस की सरकार है जो नए-नए कर लगाकर जनता की जेब पर बोझ डालती है।
उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा इस जनविरोधी सेस का कड़ा विरोध करेगी और हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

“डीजल पर ₹10.40 VAT के बाद अब पेट्रोल-डीजल पर सेस की तैयारी – जनता की जेब पर डाका डाल रही सुक्खू सरकार”
शिमला: भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2022 में बड़ी-बड़ी गारंटियों और वादों के सहारे सत्ता में आई कांग्रेस सरकार आज पूरी तरह से जनता को ठगने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि “चौबे बनने निकली कांग्रेस सरकार दुबे बनकर रह गई है”, क्योंकि एक भी गारंटी आज तक पूरी नहीं हुई है, बल्कि सत्ता में आते ही जनता पर आर्थिक बोझ डालना शुरू कर दिया गया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले डीजल पर VAT बढ़ाकर इसे ₹10.40 प्रति लीटर तक पहुंचाया, जिसके चलते पिछले लगभग 40 महीनों में हिमाचल की जनता से हजारों करोड़ रुपये वसूले गए। अब सरकार पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी कर रही है, जो आम जनता की जेब पर सीधा हमला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के इस बयान पर भी सवाल उठाया कि सेस अभी लागू नहीं हुआ है। ठाकुर ने कहा कि “जब आपके मन में टैक्स लगाने की सोच आ गई है, तो आप उसे लागू करके ही छोड़ेंगे। भाजपा इसका पुरजोर विरोध करेगी और हिमाचल की जनता पर एक रुपये का भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देगी।”
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर अपने नेताओं और करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक ओर आम जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने चेयरमैनों की तनख्वाह चार गुना तक बढ़ा दी, महंगी गाड़ियां उपलब्ध करवाई और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया। उन्होंने इसे “कांग्रेस का असली चेहरा” बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों से खुद उसके नेता भी संतुष्ट नहीं हैं, जिसके कारण पार्टी के अंदर से ही विरोध के स्वर उठ रहे हैं। ठाकुर ने चेतावनी दी कि भाजपा जनता के साथ मिलकर इस जनविरोधी नीति का सड़कों से लेकर सदन तक विरोध करेगी।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार का यह तर्क पूरी तरह भ्रामक है कि सेस का बोझ व्यापारियों पर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंततः इसका असर आम जनता, किसानों, ट्रक ऑपरेटरों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यापारियों पर ही पड़ेगा, क्योंकि ईंधन की कीमत बढ़ने से हर क्षेत्र प्रभावित होता है।
उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में धकेल दिया गया है। यदि सरकार वित्तीय प्रबंधन नहीं कर पा रही है, तो मुख्यमंत्री को वित्त विभाग किसी सक्षम व्यक्ति को सौंप देना चाहिए।
अंत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अपनी 10 गारंटियां तुरंत पूरी करनी चाहिए और जनता पर नए करों का बोझ डालने की बजाय राहत देने का काम करना चाहिए। भाजपा हिमाचल की जनता के साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर पेट्रोल-डीजल पर सेस नहीं लगने देगी।

हवा में कलाबाजियों और अलग-अलग फॉर्मेशन्स से दिखाया अदभुत कौशल
सुजानपुर : भारतीय वायु सेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबेटिक टीम द्वारा सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के मैदान के ऊपर किए गए एयर शो के दूसरे दिन वीरवार को भी वायु सेना के जांबाजों के करतबों को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। शो के दूसरे दिन भी स्थानीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
रामनवमी की छुट्टी के कारण सुजानपुर, हमीरपुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों के अलावा कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर, धीरा और पालमपुर तथा मंडी जिले के संधोल क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग एयर शो देखने के लिए सुबह से ही सुजानपुर के मैदान में पहुंचने शुरू हो गए थे।
लगभग 10.55 बजे जब सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के 9 हॉक एमके-132 जेट विमानों ने एक साथ दनदनाते हुए सुजानपुर के आसमान में प्रवेश किया तो मैदान में उमड़े हजारों लोगों ने तालियों के साथ वायु सेना के जांबाज अधिकारियों एवं पायलटों का स्वागत किया। हल्की धूप के साथ छाये हल्के बादलों को चीरते हुए इन विमानों ने सुजानपुर के ऊपर से गुजरते हुए सामने धौलाधार की धवल पहाड़ियों की ओर उड़ान भरी तो हजारों लोगों ने एक अदभुत रोमांच का अनुभव किया और लगभग 25 मिनट के इस शो के दौरान सभी लोग एकटक आसमान पर नजरें गड़ाते हुए भारतीय वायु सेना के इन जांबाजों के एक से बढ़कर एक करतब देखते रहे।
इन विमानों ने कई फॉर्मेंशन्स बनाकर रोमांच, गति, नियंत्रण और आपसी समन्वय की एक शानदार झलक पेश की। सबसे पहले इन्होंने भारतीय वायु सेना के हल्के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के आकार की फॉर्मेशन बनाई। इसके बाद विश्व के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में शुमार सुखोई के आकार की फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इसके बाद डायमंड, डीएनए, हृदय और अन्य आकृतियां बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हवा में कई कलाबाजियां करना, 90 डिग्री के कोण पर ऊपर की उड़ना और फिर इसी डिग्री पर नीचे की आना, विमानों के समूह के बीच में से एक विमान के दनदनाते हुए गुजरना, 360 डिग्री पर रोल करना और आसमान में सूर्य की किरणों जैसी छटा बिखेरने जैसे कई करतब दिखाकर वायु सेना के इन कुशल अधिकारियों एवं पायलटों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। अपनी आखिरी फॉर्मेशन में इन जांबाजों ने तीर की आकृति में उड़ान भरते हुए शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल, जोकि सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के विद्यार्थी थे, को नमन करते हुए विदा ली।
इस दौरान सूर्य किरण एरोबेटिक टीम की कमेंटेटर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से इस एयर शो की जानकारी दर्शकों तक पहुंचाई तथा इस टीम के अधिकारियों का परिचय करवाया। स्क्वॉड्रन लीडर संजेश सिंह ने ग्राउंड डयूटी की जिम्मेदारी निभाते हुए पायलटों के साथ समन्वय स्थापित किया।
इस अवसर पर सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं वायु सेना की वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन रचना जोशी ने विधायक कैप्टन रणजीत सिंह, डीसी गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। एयर शो में एडीसी अभिषेक गर्ग, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हमीरपुर : आयुष विभाग हमीरपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 27, 28 और 31 मार्च को आयुष मेले आयोजित करने जा रहा है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेश कालिया ने बताया कि 27 मार्च को नादौन उपमंडल की ग्राम पंचायत फस्टे, 28 मार्च को बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत बलयाह और 31 मार्च को नादौन उपमंडल की ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर में आयुष मेले आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन आयुष मेलों के दौरान लोगों की स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण, एनोरेकटल रोगों की जांच और पैरा सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाएंगी। लोगों को औषधीय पौधे भी वितरित किए जाएंगे। डॉ. राजेश कालिया ने इन क्षेत्रों के लोगों से आयुष मेलों का लाभ उठाने की अपील की है।