धर्मशाला: जिला नियत्रंक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कांगड़ा, पुरूषोतम सिंह ने जानकारी दी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंर्तगत जिला कांगड़ा के विकास खण्ड रैत के ग्राम पंचायत टिप के गांव टिप में एक नई उचित मूल्य की दुकान आवंटित करनी सुनिश्चित हुई है। इस दुकान के आवंटन के लिए सभी इच्छुक व्यक्तियों, सहकारी सभाओं, महिला मण्डलों और स्वयं सहायता समूहों से आॅनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
सहकारी सभा, महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूह इत्यादि के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र एवं वित्तीय प्रबन्ध संबंधी दस्तावेज, शिक्षित बेरोजगार प्रमाण पत्र, दसवी का प्रमाण पत्र, उच्च शिक्षा का प्रमाण पत्र (यदि हो) तथा बीपीएल, एससी, ओबीसी, एसटी का प्रमाण पत्र उक्त बैबसाइट पर आॅनलाइन अपलोड कर सकते हैं। कोई भी आवेदन आॅफलाइन या कार्यालय में प्राप्त नहीं किये जायेगें। अधिक जानकारी हेतु विभाग के दूरभाष नं 01892-222877 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
हमीरपुर : ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के प्रभारी कर्नल (सेवानिवृत्त) चंद्रशेखर ने बताया कि 19 अक्तूबर को नवमी के उपलक्ष्य पर अवकाश के कारण पॉलीक्लीनिक बंद रहेगा। इसलिए, पॉलीक्लीनिक में इलाज के लिए आने वाले भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन अगले कार्य दिवस को अपना चैकअप करवा सकते हैं।
हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 600 पदों को ट्रेनी आधार पर भरने के लिए पोस्ट कोड-26015 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 16197 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 14270 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 1459 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। दस्तावेजों की जांच के बाद 597 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) वर्ग के 3 पद खाली रह गए हैं।
सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
पालमपुर:जी.जी.डी.एस.डी. महाविद्यालय, राजपुर में नवरात्रि उत्सव बड़े उत्साह एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। महाविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अंतर्गत बी.कॉम. विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नवरात्रि नृत्य, पौराणिक अभिनय, नवरात्रि थीम पर मंडला कढ़ाई तथा फेस पेंटिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और नवरात्रि की परंपराओं को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। पौराणिक अभिनय में महिषासुर वध और रक्तबीज के संहार जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन कर भारतीय पौराणिक कथाओं को जीवंत किया गया। वहीं, नवरात्रि थीम पर मंडला कढ़ाई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कपड़े पर धागों से देवी के विभिन्न स्वरूपों एवं उनसे प्रेरित सुंदर कलाकृतियाँ बनाकर अपनी हस्तकला का परिचय दिया। फेस पेंटिंग में भी विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।
महाविद्यालय के निदेशक एवं प्राचार्य डॉ. विवेक शर्मा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ते हैं।
नवरात्रि थीम पर मंडला कढ़ाई प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः अंशिता (बी.ए.), तमन्ना (बी.कॉम.) और खुशबू (बी.कॉम.) ने प्राप्त किया। फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः बी.कॉम. विभाग, बी.बी.ए. विभाग और बी.ए. विभाग ने प्राप्त किया। पौराणिक अभिनय प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः बी.एससी. मेडिकल विभाग, बी.ए. विभाग और बी.एससी. नॉन-मेडिकल विभाग ने प्राप्त किया। नवरात्रि नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान क्रमशः बी.सी.ए. विभाग, बी.एससी. मेडिकल विभाग, बी.एससी. नॉन-मेडिकल विभाग और बी.बी.ए. विभाग ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन बी.कॉम. विभाग के विद्यार्थियों कृष एवं सृष्टि ने आत्मविश्वास, मनोरंजक और प्रभावशाली ढंग से किया, जिसकी उपस्थित जनों ने सराहना की। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत विशेष रूप से नशे के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने पर बल दिया जा रहा है।
पुलिस जिला नूरपुर के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि नशा तस्करी के विरूद्ध अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करते हुए 74.12 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि मिल गई है। यह कार्रवाई नशा तस्करों को उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति के लाभ से वंचित करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की आर्थिक नींव कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रवक्ता ने बताया कि मादक पदार्थों से संबंधित एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद नूरपुर पुलिस ने उससे जुड़ी संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच की। इस दौरान संपत्तियों के अर्जित किए जाने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोतों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के संबंधित प्रावधानों के तहत चिन्हित संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि वित्तीय जांच के बाद पुलिस थाना ज्वाली द्वारा 18 सितंबर, 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया और पुष्टि के लिए इसे नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया। इसके बाद 15 अक्तूबर, 2026 को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक तथा एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली ने अधिनियम की धारा 68एफ(2) के तहत आदेश पारित कर चिन्हित संपत्तियों को फ्रीज करने की पुष्टि की।
इन संपत्तियों में गांव लभ, डाकघर मकड़ाहन, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा स्थित दो मंजिला आवासीय भवन-सह-व्यावसायिक परिसर शामिल हैं, जिसमें सात दुकानें हैं। इस संपत्ति का मूल्य लगभग 68.99 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2019 में खरीदा गया एचपी-38एफ-6433 पंजीकरण नंबर वाला एक ट्रैक्टर भी शामिल है, जिसकी खरीद कीमत लगभग 5.13 लाख रुपये थी। सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही के दौरान वर्ष 2019 में ट्रैक्टर खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत को प्रमाणित करने के लिए आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट तथा अन्य सहायक अभिलेखों सहित पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक के प्रस्तुत आयकर रिटर्न को वर्ष 2019 में की गई ट्रैक्टर की खरीद के लिए धनराशि के स्रोत को प्रमाणित करने हेतु पर्याप्त नहीं माना गया। परिणामस्वरूप, ट्रैक्टर को फ्रीज करने की कार्रवाई की भी पुष्टि कर दी गई। इन दोनों संपत्तियों का मूल्य लगभग 74.13 लाख रुपये है।
प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक रणनीति के तहत कार्रवाई कर रहा है। इस रणनीति में मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वित्तीय जांच तथा अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। इस अभियान के तहत अब तक सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद लगभग 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा अपराधियों को अवैध कमाई का लाभ उठाने से रोकने के प्रति प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रवक्ता ने कहा कि नशा तस्करों के आर्थिक संसाधनों पर प्रहार करना नशे के खिलाफ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे अवैध कारोबार को संचालित करने वाले आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलती है।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री एवं वितरण अथवा ऐसी गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई संदिग्ध संपत्तियों से जुड़ी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशामुक्त समाज के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।

शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने आज फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्माणाधीन भूमिगत टनल से संजौली-भटाकुफर-ढली के आवासीय इलाकों के भवनों में आई दरारों के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा फोरलेन कम्पनियों को दिए गए निर्देशों की अनुपालना न करने बारे विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में फोरलेन टनल की ब्लास्टिंग से आवासीय इलाकों में आई दरारों के कारण टनल का निर्माण कार्य बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम को फोरलेन टनल से प्रभावित क्षेत्र तथा क्षतिग्रस्त भवन, जिनमें दरारें आई हुई है, के निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नियुक्त किया गया है जिसने टनल व आसपास के क्षेत्र का एक बार दौरा कर लिया है। यह टीम आगामी एक हफ्ते के भीतर अपनी विस्तृत रिर्पोट जिला प्रशासन को सौंप देगी, उसी आधार पर टनल निर्माण से संबंधित आगामी निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के दौरान फोरलेन कम्पनी द्वारा चोरी-छिपे किए जा रहे टनल के निर्माण कार्य का मामला भी प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों द्वारा उठाया गया, जिस पर उपायुक्त द्वारा दोनों अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई जिसमें सदस्य के रूप में उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कसुम्पटी वृत तथा तहसीलदार शिमला ग्रामीण शामिल किए गए है। इस कमेटी को फोरलेन टनल निर्माण कार्य की नवीनतम स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 अक्टूबर को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए है।
बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

शिमला: पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना परिवारों, शिक्षण संस्थानों, पुलिस और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
आज शिमला स्थित कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल चेल्सी के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए डीजीपी ने मुख्यमंत्री के नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के संदेश को साझा किया। उन्होंने कहा कि ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ केवल नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के उद्देेश्य से चलाया जा रहा एक जन आंदोलन है।
उन्होंने विद्यार्थियों से इस आंदोलन का संदेश अपने मित्रों और परिवारों तक पहुंचाने तथा इसका सक्रिय दूत बनने का आग्रह किया। साथ ही, अभिभावकों और शिक्षकों से चिट्टे के बढ़ते खतरे के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम की शुरुआत घर और विद्यालय से होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता, खुलकर संवाद, शुरुआती संकेतों की पहचान और समय रहते उचित कदम उठाना बेहद जरूरी है।
पुलिस महानिदेशक ने विशेष रूप से अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताएं, उनकी बातों और चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुनें तथा ऐसा विश्वासपूर्ण वातावरण बनाएं, जिसमें बच्चे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चे अक्सर पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने, साथियों के बीच स्वीकार्यता पाने और सामाजिक अपेक्षाओं पर खरा उतरने जैसे दबावों का सामना करते हैं। ऐसे में अभिभावकों की समझ, संवेदनशीलता और भावनात्मक सहयोग का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि घर बच्चे की पहली पाठशाला है और माता-पिता उसके पहले शिक्षक हैं। हम अपने बच्चों को जो संस्कार, आत्मविश्वास और साहस देंगे, वही भविष्य में उनके फैसलों को दिशा देंगे।
वार्षिक समारोह की थीम ‘ओशन ओडैसी’ से प्रेरणा लेते हुए पुलिस महानिदेशक ने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, साहस और दयालुता के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों या ऊंचे पदों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी आंकी जाती है कि हम किस तरह के इंसान बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सही बात के पक्ष में साहस के साथ खड़े होने, साथियों के नकारात्मक दबाव से बचने और अस्थायी असफलताओं को अपने भविष्य पर हावी न होने देने का आह्वान किया।
अशोक तिवारी ने समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक कार्यक्रमों, ड्रिल व बैंड प्रदर्शन, कराटे और स्केटिंग की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के समर्पण एवं प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी को बधाई दी।
पुलिस महानिदेशक ने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन चिट्टे के खिलाफ स्थायी सफलता हासिल करने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समारोह में उपस्थित प्रत्येक विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक से मुख्यमंत्री के ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ के संदेश को विद्यालय परिसर से बाहर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने तथा युवाओं की सुरक्षा और नशामुक्त हिमाचल के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
जन संपर्क कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से विद्यालय परिसर में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) के संबंध में जागरूकता शिविर भी लगाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को आपातकालीन हेल्पलाइन, ‘ट्रैक मी’ सुविधा तथा समय पर सहायता प्राप्त करने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की ईआरएसएस-112 सेवा के प्रदर्शन में हुए उल्लेखनीय सुधार को भी रेखांकित किया गया। आपातकालीन प्रतिक्रिया समय की राष्ट्रीय रैंकिंग में प्रदेश ने 34वें स्थान से पहले स्थान तक का सफर तय किया है।

स्मॉल आइडिया, बिग चेंज’ थीम पर आयोजित कांग्रेस में जिले के 762 प्रतिभागियों का पंजीकरण, जिला स्तर पर लगभग 271 बाल वैज्ञानिक ले रहे भाग*
रिकांगपिओ : राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कल्पा में हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग तथा जिला विज्ञान समन्वयक, किन्नौर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विभिन्न विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं का अवलोकन कर उनकी सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।
इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस का विषय ‘स्मॉल आइडिया, बिग चेंज’ अर्थात ‘छोटा विचार, बड़ा बदलाव’ रखा गया है। इस विषय का उद्देश्य विद्यार्थियों को छोटे-छोटे विचारों, वैज्ञानिक प्रयोगों और नवाचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने तथा दैनिक जीवन एवं स्थानीय परिवेश से जुड़ी समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों से उनके मॉडलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, वैज्ञानिक आधार तथा समाज के लिए उनकी संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने भी अपने प्रोजेक्ट और विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने तथा प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दैनिक जीवन में अपनाने और अपने आसपास की समस्याओं के समाधान तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, तार्किक क्षमता और रचनात्मक सोच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।
जिला किन्नौर में बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के प्रति विद्यार्थियों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला है। इस वर्ष जिले में कुल 762 प्रतिभागियों का पंजीकरण किया गया है। कल्पा, पूह एवं निचार शिक्षा खंडों में आयोजित खंड स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद चयनित विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया गया है। जिला स्तरीय कांग्रेस में लगभग 271 बाल वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
इस आयोजन में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ डीएवी तथा अन्य निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भी भाग ले रहे हैं। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को एक मंच पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने, अपने विचार साझा करने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिल रहा है।
जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट, विज्ञान मॉडल, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, गणित ओलंपियाड, विज्ञान गतिविधि तथा विज्ञान आधारित लघु नाटिका सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट के माध्यम से विद्यार्थी स्थानीय समस्याओं, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा दैनिक जीवन से जुड़े विषयों का वैज्ञानिक अध्ययन कर समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं। विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए कार्यशील एवं उपयोगी मॉडलों का प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, विज्ञान प्रश्नोत्तरी और गणित ओलंपियाड के माध्यम से विद्यार्थियों के वैज्ञानिक ज्ञान, तर्कशक्ति, गणितीय समझ तथा समस्या समाधान संबंधी कौशल का मूल्यांकन किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, विज्ञान गतिविधियों एवं विज्ञान आधारित लघु नाटिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने तथा विज्ञान, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुसंधान की भावना, रचनात्मकता, टीम भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दो दिवसीय जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का समापन 17 अक्तूबर को होगा। समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा कुलदीप सिंह डोगरा, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ओंकार सिंह पटियाल, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कल्पा के प्रधानाचार्य एवं आयोजन सचिव सहित विभिन्न विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया शुभारंभ, 650 खिलाड़ी लेंगी भाग
धर्मपुर: धर्मपुर उपमंडल के सिद्धपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को 67वीं राज्यस्तरीय अंडर-19 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिताएं शुरू हुईं। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। चार दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश के सभी 12 जिलों और तीन स्पोर्ट्स हॉस्टलों की लगभग 650 छात्रा खिलाड़ी भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, ढोड़ा और कुराश की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। शुभारंभ अवसर पर मंत्री ने खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली तथा ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का विधिवत आगाज किया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं। खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खेल नीति में संशोधन कर खिलाड़ियों की वित्तीय सहायता, पुरस्कार राशि और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में अंडर-14 से अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए जिला एवं राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं तथा कोचिंग शिविरों के दौरान 250 रुपये प्रतिदिन की समान डाइट मनी निर्धारित की गई है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 10 खेल स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पूरे प्रदेश में 55 स्वास्थ्य संस्थानों खोले गए जहां धर्मपुर क्षेत्र में दो स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं।
धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन सिद्धपुर जैसे दूरदराज क्षेत्र में करवाने के लिए प्रदेश सरकार और तकनीकी शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में दो स्पोर्ट्स हॉस्टल खोलने के लिए भी सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पांच सीबीएसई विद्यालयों का संचालन शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलने से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर मिलेंगे।

उपायुक्त ने संयुक्त कमेटी गठित कर नियमित औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश, गरामोड़ा के पास स्थापित होगी चेक पोस्ट
अली खड्ड, सीर खड्ड सहित अवैध खनन के हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश
बिलासपुर: जिला बिलासपुर में अवैध खनन पर अंकुश लगाने और खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस विभाग, खनन विभाग, उद्योग विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सभी उपमंडल अधिकारी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि इस वर्ष अब तक अवैध खनन के मामलों में लगभग 160 से अधिक चालान किए जा चुके हैं, जबकि खनन विभाग द्वारा 139 से अधिक चालान किए गए हैं। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर अवैध खनन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने अवैध खनन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त कमेटी नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेगी, जिससे अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में खनन के लिए 16 वैध लीज आवंटित की गई हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन से संबंधित किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए तथा अवैध खनन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गरा मोड़ा के समीप चेक पोस्ट स्थापित की जाएगी, जहां पंजाब की ओर से आने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) और पुलिस विभाग को ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर नियमानुसार चालान करने के भी निर्देश दिए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर अंकुश लगाया जा सके।
उपायुक्त ने अली खड्ड, सीर खड्ड सहित जिला के सभी चिन्हित अवैध खनन हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाए और अवैध खनन की गतिविधियां पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला में अवैध खनन को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।