


भाजपा केवल पार्टी नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प—डॉ. जनक राज और हंस राज
शिमला: भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा शिमला मुख्यालय दीपकमल चक्कर में धूम-धाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पार्टी के प्रति अपने समर्पण और उत्साह का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में विधायक डॉ. जनक राज, हंस राज, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, सह संयोजक रामा ठाकुर, सुदीप महाजन, कोषाध्यक्ष कमल सूद, कार्यालय सह सचिव किरण बावा, इंदर ठाकुर, केशव चौहान, योग राज, शांता गौतम, नवीन सेन सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. जनक राज और हंस राज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक सशक्त आंदोलन है। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना राष्ट्रवाद, सुशासन और अंत्योदय के सिद्धांतों पर हुई, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग को सशक्त बनाया गया है तथा देश वैश्विक स्तर पर मजबूती से उभरा है।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा की विचारधारा को बूथ स्तर तक पहुंचाकर संगठन को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण ही भाजपा की असली ताकत है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए पार्टी को और सशक्त बनाने का प्रण लिया।

श्रमिकों से जुड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं पर 105 करोड़ रुपये होंगे व्यय
हिमाचल: प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज यहां बोर्ड की 54वीं निदेशक मंडल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य के निर्माण श्रमिकों के कल्याण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अध्यक्ष ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 211.47 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 105 करोड़ रुपये विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों के हित में निर्धारित किए गए हैं।
कौशल विकास और सतत आजीविका के महत्त्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों तथा उनके आश्रितों के लिए रोज़गार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है ताकि कल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बोर्ड का मुख्यालय पुराने एसडीएम कार्यालय से स्थानांतरित कर हमीरपुर के नए बस स्टैंड स्थित निर्माणाधीन भवन में स्थापित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, श्रमिकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 100 ‘श्रमिक मित्र’ को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने को मं़जूरी दी गई। साथ ही सभी पात्र लाभार्थियों को हिमकेयर योजना से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन तथा बेटी जन्म योजना सहित विभिन्न पेंशन योजनाओं को ईसोमसा के साथ एकीकृत करने को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे बेहतर क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने पंजीकृत श्रमिकों के ई-केवाईसी, भौतिक सत्यापन तथा दावों के समयबद्ध निपटान की प्रक्रिया में तेज़ी लाने पर भी बल दिया।
बैठक में बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

शिमला: एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, ने बताया कि एसजेवीएन ने शिमला स्थित कारपोरेट मुख्यालय में अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहले न केवल संगठन में संवेदना और सामाजिक दायित्व की संस्कृति को सुदृढ़ करती हैं, अपितु स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सहयोग देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रक्तदान शिविर का उद्घाटन निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, द्वारा निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे, , मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज पोरवाल, और एसजेवीएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर अजय कुमार शर्मा द्वारा कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित स्वैच्छिक सेवा भावना की सराहना की गई। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एसजेवीएन ऐसी और इस प्रकार की और अधिक गतिविधियों के आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज में सार्थक योगदान देती हैं और दूसरों को भी इस पुनीत कार्य में शामिल होने के लिए प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर अजय कुमार शर्मा और उनकी धर्मपत्नी, श्रीमती शैली शर्मा, संरक्षिका, सतलुज श्री लेडीज़ क्लब, शिमला ने रक्तदान किया।
पार्थजीत डे ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं की सराहना की और इस बात पर बल दिया कि रक्तदान जीवन बचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के शिविरों का नियमित आयोजन स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में सहयोग के साथ-साथ कर्मचारियों के मध्य एकता एवं मानवीय मूल्यों की भावना को भी बढ़ावा देता है।
इस शिविर के दौरान, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, सतलुज श्री लेडीज़ क्लब (शिमला) और कारपोरेट मुख्यालय,शिमला में तैनात संविदारत कर्मचारियों द्वारा इस जीवन-रक्षक कार्य के लिए पूरे उत्साह के साथ स्वेच्छा से 200 से अधिक यूनिट का रक्तदान किया गया। अजय कुमार शर्मा और शैली शर्मा, पार्थजीत डे और श्रीपर्णा डे तथा पंकज पोरवाल द्वारा इस जीवन-रक्षक कार्य में उनके निस्वार्थ योगदान की सराहना करते हुए सम्मान स्वरूप सभी रक्तदाताओं को स्मृति-चिह्न भेंट किए गए ।
रक्तदान शिविर का आयोजन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला के आईएच एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में आईजीएमसी के चिकित्सा अधिकारी, अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।

उपभोक्ता टोल फ्री नम्बर 1967 पर कॉल कर दर्ज करवा सकते हैं सिलेंडर, पेट्रोल और डीज़ल से जुड़ी शिकायतें
शिमला: निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कुमद सिंह की अध्यक्षता में आज यहां सभी जिला नियन्त्रकों के साथ गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की गई।
निदेशक ने कहा कि गैस सिलेंडरों की प्राप्ति और वितरण पर कड़ी नजर रखी जा रही है तथा घरेलू सिलेंडरों का दुरुपयोग न हो इसके लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। मार्च व अप्रैल, 2026 में घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 2007 निरीक्षण किए गए तथा 85 सिलेंडर जब्त किये गये हैं। इस अवधि में पेट्रोल व डीजल की जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए 187 निरीक्षण किए गए। सीमावर्ती जिलों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों को 5 किलो ग्राम सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर ऑनलाइन बुकिंग तथा ओ.टी.पी. के माध्यम से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि सभी पात्र उपभोक्ता गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकें और अनावश्यक जमाखोरी रोकी जा सके। घरेलू गैस सिलेंडरों की लगातार प्राप्ति हो रही है तथा प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1967 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
बैठक में विभाग के सयुंक्त निदेशक मिलाप शांडिल सहित प्रदेश में कार्यरत सभी जिला नियन्त्रक उपस्थित थे।

हिमाचल: प्रदेश में एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के विरोध में पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर इलाकों में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। बीबीएन के साथ लगते बॉर्डर जैसे बद्दी, बरोटीवाला, ढेरोवाल, बघेरी और भरतगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर दिया। पंजाब और हिमाचल की विभिन्न जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सीमावर्ती क्षेत्र मैहतपुर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। इस विरोध के चलते हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, गुजरात सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल की ओर आने वाले वाहनों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, हिमाचल में मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोगों को भी राज्य से बाहर निकलने में परेशानी झेलनी पड़ी।सोलन की सीमाओं पर बरोटीवाला, बद्दी, बघेरी, ढेरोवाल और दभोटा समेत कई एंट्री प्वाइंट्स पर लोगों ने चक्का जाम कर दिया। इसके चलते दोनों ओर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और हजारों वाहन फंस गए। प्रदर्शन के कारण बुधवार को रूपनगर-नालागढ़, भरतगढ़-दभोटा, बद्दी, पंजेहरा और बघेरी के साथ गरामोड़ सड़क पर जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने इन स्थानों पर किसी भी वाहन को नहीं आने दिया। केवल एबुलेंस और अन्य आपातकाल सेवा में लगे वाहन ही छोड़े गए। बद्दी को छोड़कर अन्य जगह दोपहर 1:30 बजे दस दिन का अल्टीमेटम देकर जाम को हटाया गया। 10 दिन के हिमाचल के किसी एक मंत्री के साथ बैठक होगी और प्रदर्शनकारी अपनी मांग रखेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने पहले टोल बढ़ोतरी वापस लेने का संदेश देकर लोगों को गुमराह किया, लेकिन बाद में अचानक नई दरें लागू कर दीं। इस फैसले से न केवल व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

“₹2,000 से ₹10,000, ₹100 से ₹500—कांग्रेस ने बढ़ाया हर शुल्क, जनता को राहत शून्य”
शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान कांग्रेस सरकार के शासनकाल में केवल महंगाई को बढ़ावा दिया जा रहा है और जनता को राहत के नाम पर शून्य दिया जा रहा है। शिमला जैसे संवेदनशील और पर्यटन प्रधान शहर में प्रतिबंधित सड़कों की परमिट फीस को सीधे 5 गुना बढ़ाना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि आम लोगों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों पर सीधा आर्थिक हमला है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने परमिट से जुड़े हर शुल्क में भारी वृद्धि की है—
परमिट जारी करने की फीस ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई
प्रोसेसिंग फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹500 कर दी गई
अस्थायी पास शुल्क ₹200 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया
प्रतिदिन शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया
इतना ही नहीं, बिना परमिट गाड़ी चलाने पर अब ₹10,000 तक जुर्माना और 15 दिन तक की सजा का प्रावधान किया गया है, जो पहले केवल ₹3,000 तक सीमित था।
कर्ण नंदा ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार को शिमला शहर की जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है और सरकार केवल राजस्व बढ़ाने के लिए जनता की जेब पर डाका डाल रही है। पहले ही पेट्रोल-डीजल पर सेस, टैक्स में बढ़ोतरी और महंगाई के बोझ से दबे प्रदेशवासियों पर अब इस प्रकार के निर्णय थोपना कांग्रेस की जनविरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिससे आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। हर स्तर पर शुल्क वृद्धि और करों का बोझ बढ़ाकर कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया, तो भाजपा सड़कों से लेकर सदन तक इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी।

शिमला: जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने संजौली चौक से ढली टनल तक का मार्ग 1 अप्रैल को दोपहर 1 बजे से कल दोपहर 2 बजे तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं ताकि संजौली में लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आशियाना स्वीट शॉप के सामने टूटी हुई पानी की पाइप की मरम्मत की जा सके।
आदेशानुसार इस दौरान वाहनों की आवाजाही संजौली चौक से ढली टनल वाया चलौंठी बाईपास से होगी।
जिला प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की है ताकि कार्य जल्द पूरा हो सके।

मण्डी : उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मंडी नगर निगम के आगामी चुनावों के लिए वार्डों के आरक्षण के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों के अनुसार नवीनतम उपलब्ध जनगणना आंकड़ों के अनुसार अनुसूचित जाति और महिलाओं की जनसंख्या के आधार पर और निर्धारित क्रमानुसार नियमों के प्रावधानों के अनुसार वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया है।
इन आदेशों के अनुसार नगर निगम मंडी के वार्ड नंबर एक खल्यार, वार्ड नंबर सात तल्याहड़, वार्ड नौ पैलेस कॉलोनी-2, वार्ड संख्या 11 समखेतर तथा वार्ड नंबर 12 भगवाहन को अनारक्षित रखा गया है। नगर निगम मंडी के वार्ड नंबर दो पुरानी मंडी, वार्ड संख्या तीन पड्डल, वार्ड नंबर चार नेला, वार्ड नंबर पांच मंगवाईं, वार्ड नंबर आठ पैलेस कॉलोनी-1 तथा वार्ड नंबर 13 थनेहड़ा को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी प्रकार वार्ड नंबर छह सनयारड़ तथा वार्ड नंबर 14 बैहना को अनुसूचित जाति के लिए तथा वार्ड नंबर 10 सुहड़ा और वार्ड नंबर 15 दौहंदी को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
यह रोस्टर उपायुक्त कार्यालय, उपमंडलाधिकारी (ना.) सदर मंडी व बल्ह के कार्यालयों तथा नगर निगम मंडी के कार्यालय में सूचना पट्ट पर जन-साधारण के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगा।

