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डिब्बा बन्द वस्तुओं की खरीद के समय उस पर दर्शाई गई मात्रा की जांच आवश्यक

शिमला: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग पैकेज्ड खाद्य तेल (रिफान्ड व सरसों) की खरीद के संबंध में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए उन्हें जागरूक कर रहा है। उपभोक्ताओं की जानकारी हेतु यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्माता/पैकर किसी भी मात्रा में तेल व अन्य तरल पदार्थ पैक कर सकता है। पूर्व में तेल के पैकेट कुछ निश्चित (मानक) मात्रा में ही पैक किये जा सकते थे, किन्तु विधिक माप विज्ञान (डिब्बा बन्द वस्तुए) नियम, 2011 के द्वितीय खण्ड़ को भारत सरकार द्वारा निरस्त किये जाने के उपरान्त निर्माता/पैकर किसी भी मात्रा में तेल को पैक कर सकता है। किसी भी प्रकार की डिब्बा बन्द वस्तुओं को क्रय करते समय उस पर दर्शाई गई मात्रा की जांच अवश्य करें।
उन्होंने बताया कि कुछ समाचार-पत्रों में उचित मूल्य की दुकानों पर कम वज़न के रिफाईन्ड तेल के सन्दर्भ में समाचार प्रकाशित हुआ था। प्रदेश भर में विधिक माप विज्ञान अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करने पर पाया गया कि कुछ उपभोक्ता तरल पदार्थों के डिब्बों/पैकेट पर मुद्रित आयतन और वज़न के अंतर को लेकर भ्रम की स्थिति में रहते है। आमतौर पर तेल के पैकट पर एक निश्चित तापमान पर आयतन (मिलीलीटर या लीटर) या वज़न अंकित किया जाता है। जहां मात्रा आयतन में घोषित की जाती है, वहां वस्तु का वज़न भी बताया जाना अनिवार्य है।
इसलिए उपभोक्ताओं को विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और विधिक माप विज्ञान (डिब्बा बन्द वस्तुए) नियम, 2011 के तहत निर्धारित अन्य वैधानिक विवरणों शुद्ध मात्रा, निर्माता/पैकर का नाम और पता, पैकिंग का माह और वर्ष, अधिकतम खुदरा मूल्य, उपभोक्ता शिकायत/सहायता विवरण और उपयोग करने की अंतिम तिथि की भी जांच करने की सलाह दी जाती है।
प्रवक्ता ने कहा कि सभी मानक डिब्बा बन्द वस्तुओं पर स्पष्ट, पढ़ने योग्य और आसानी से दिखाई देने चाहिए। उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि ऐसे डिब्बों/पैकेट लेते समय आयतन व वजन की सही जांच कर व वस्तु को तोल कर अवश्य देखें। यदि उपभोक्ताओं को कोई भी जानकारी अस्पष्ट, अनिवार्य जानकारी न होने या मात्रा या कीमत के बारे में कोई संदेह दिखाई देता है, तो उन्हें उचित कार्यवाही के लिए नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच), टोल फ्री नंबर 1800-11-4000 या 1915, तथा सीएम संकल्प हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने कहा कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता संरक्षण, व्यापार कार्यप्रणालियों में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिमला: मनरेगा में बदलाव के विरोध में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष 30 जनवरी को उपवास करेगी कांग्रेस

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस 30 जनवरी को मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने व इसे कमजोर करने के विरोध में शिमला के रिज मैदान पर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष 11 बजे से 1 बजे तक उपवास पर बैठेगी।
इस उपवास में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल,मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू,उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री मंडल के सभी सदस्य,कांग्रेस विधायक, पूर्व विधायक,पीसीसी के सभी पूर्व पदाधिकारी,जिला अध्यक्ष,बोर्डो निगमों के अध्यक्ष उपाध्यक्ष,शिमला नगर निगम के सभी पार्षद,अग्रणी संगठनों के सभी सदस्य व बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भाग लेंगे।
विनय कुमार ने पार्टी के सभी नेताओं से इस उपवास में शामिल होने को कहा है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल 30 जनवरी को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में सभी जिला अध्यक्षों,मनरेगा बचाओ अभियान के लिये नियुक्ति जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर की बैठक के बाद अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल से अलग अलग बैठक करेंगी।
प्रदेश कांग्रेस सचिव ने पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों, जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर, अग्रणी संगठनों के सभी पदाधिकारियों को इस बैठक में आवश्यक तौर पर उपस्थित होने को कहा है।

हिमाचल: 8.75 करोड़ रुपये से होगा गौ सदनों का निर्माण

शिमला: 272 बेसहारा पशु का था लक्ष्य, अभी तक 472 पहुंचाए जा चुके गौसदनों में; उपायुक्त की अपील – पशुधन हमारी धरोहर, इन्हे बेसहारा न छोड़े

शिमला: जिला शिमला में सड़क किनारे घूम रहे बेसहारा पशुओं को जिला प्रशासन ने गौशाला तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया हुआ है। जिला प्रशासन के सर्वेक्षण के मुताबिक जिला में 272 बेसहारा पशुओं की संख्या दर्ज की गई थी, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन 472 बेसहारा पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचा चुका है। 

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि एक महीने में करीब 200 बेसहारा पशु लोगों ने सड़कों पर छोड़ दिए है। हमारा लक्ष्य 01 जनवरी 2026 को बेसहारा पशु मुक्त जिला बनाने का था। इस लक्ष्य की प्राप्ति करते हुए हमने जिला भर से चिन्हित 272 बेसहारा पशु गौसदनों में पहुंचा दिए थे, लेकिन इसके बाद भी हमें लोगों से सूचनाएं मिलती रही। 28 जनवरी तक जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत कुल 472 बेसहारा पशुओं को सड़कों के किनारे से रेस्कयू करके गौसदनों तक पहुंचा दिया है।
उपायुक्त ने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है, इन्हें बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। जिन भी लोगों ने अपने पशु छोड़े है उनसे मेरी विनम्र अपील है कि अपने पशुओं को वापिस ले जाएं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में बेसहारा पशुओं की जान जाने का खतरा भी रहता है। लेकिन लोगों ने देखा कि जिला प्रशासन ने बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया है तो जिला भर में लोगों ने इन्हें छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई अपना पशु छोड़ता है तो इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
472 बेसहारा पशुओं को गौ सदनों तक पहुंचाया
पशु पालन विभाग के अधिकार क्षेत्र के अनुसार शिमला शहर से 05 बेसहारा गौसदन सुन्नी और गौसदन टुटू में पहुँचाए गए। ठियोग से 118 बेसहारा पशुओं को छैला, मतियाना, शिलारू, कोटखाई, कलबोग से रेस्कयू करके घुंड बलसन वासी गौसदन बलघर, श्री कृष्णा गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ़ पहुंचाया गया। ज्यूरी क्षेत्र के आधीन 175 बेसहारा पशुओं को नारकंडा, ओडी, ज्यूरी, कंडयाली, तकलेच, पिपटी, बधाल, नगर परिषद रामपुर, कुमारसैन क्षेत्र से रेस्कयू करके ज्यूरी के विभिन्न गौसदनों, श्री कृष्ण गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ जिला सोलन पहुंचाया गया। रोहड़ू क्षेत्र से 51 बेसहारा पशुओं को नगर परिषद रोहड़ू, मेंहदली, समाला, हाटकोटी, जुब्बल क्षेत्र से रेस्कूय करके रोहड़ू के गौसदन में छोड़ा गया। चौपाल क्षेत्र से 123 बेसहारा पशुओं को नेरवा बाजार और चैपाल क्षेत्र से रेस्कयू करके विभिन्न गौसदनों में छोड़ा गया।

हिमाचल: बर्फबारी और बारिश से आज सुबह से अभी तक बंद 2322 ट्रांसफार्मर बहाल

शिमला: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को प्रभावी विद्युत प्रदान करने के लिए और इस सर्दी में ठंड से निजात देने के लिए दिन और रात कार्य कर पिछले पांच दिनों में पूरे प्रदेश में 12,229 ट्रांस्फारमर बहाल किए थे, लेकिन आज रात्री एक बार फिर से पूरे प्रदेश भर में बर्फ-बारी और बारिश के कारण विद्युत अधोसरंचना को एक बार फिर भारी नुक्सान पंहुचा है। जिसके चलते 5042 और ट्रांस्फारमर बंद हो गए थे। जिसकी बहाली के लिए एक बार फिर विद्युत बोर्ड मुस्तैद हो गया है और अभी तक आज सुबह से 2322 ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए गए है। गत्त रात्री की भारी बर्फ और बारिश का सबसे ज्यादा नुक्सान शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र में 287 ट्रांसफार्मर बन्दे थे जिसमे से अब तक 187 बहाल कर दिए गए है , रामपुर में 348 ट्रांस्फारमर बन्द थे जिसमें से अब तक 113 बहाल हो गए हैं। ज्वाली, नूरपुर, सरकाघाट, गगरेट, अंब, धर्मपुर (मंडी), हरोली और फतेहपुर में आज सभी ट्रांस्फरमर बहाल कर दिए गए हैं। चिढ़गांव क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बहाल है। बोर्ड प्रबन्धन द्वारा आज भी पिछले दिनों की तरह विडियो कान्फ्रसिंग कर स्थिति का जायजा लिया गया और एक बार फिर से विद्युत बहाली के कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए। बोर्ड ने जानकारी दी है कि आज सुबह से ही पूरे प्रदेश में साफ मौसम के दृष्टिगत बहाली के कार्य में तेजी आई है और आज शाम तक लगभग सभी स्थानों में विद्युत बहाली की संभावना बढी है। कल सांय से ही भारी बारिश और बर्फ से एक बार फिर से विद्युत अधोसरंचना जैसे विद्यतु खंबों, बिजली के तारों का टुटना और ट्रांस्फारमर बन्द होने शुरू हो गए थे जिनको बहाल करने का कार्य देर रात तक जारी रहेगा। भारी बारिश और बर्फ के कारण भी विद्युत ठीक करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। गौरतलब है कि 23 जनवरी से भारी बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश की विद्युत अधोसंरचना को बहुत नुकसान पहुंचा है लेकिन बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर कार्य कर प्रदेश के काफी हिस्सों मे विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में सफलता हासिल की थी और पिछले पांच दिनों में 12,229 ट्रांस्फारमर बहाल किए थे लेकिन कल  सांय से ही लगातार बारिश और बर्फ ने बोर्ड की मुश्किलें और बढा दी थी, परिणामस्वरूप बिजली बोर्ड एक बार फिर से प्रदेश के सभी हिस्सों में विद्युत बहाली के कार्य में एक बार फिर जुट गया है।

सांख्यिकी सहायक और जेबीटी भर्ती की परीक्षा की तिथियां घोषित

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने सांख्यिकी सहायक पोस्ट कोड-25013 और जेबीटी पोस्ट कोड-25004 के पदों को भरने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) की तिथियां घोषित कर दी हैं।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि सांख्यिकी सहायक की परीक्षा 18 फरवरी को होगी। जबकि, जेबीटी की भर्ती परीक्षा 25 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि परीक्षा से एक सप्ताह पहले आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर एक लिंक का प्रावधान किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थी अपना रोल नंबर एवं एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। रोल नंबर और परीक्षा केंद्र की जानकारी मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएगी।

सचिव ने सभी अभ्यर्थियों से नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट पर या अपने मोबाइल पर एसएमएस और ईमेल पर ताजा स्टेटस चौक करते रहने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए आयोग के दूरभाष नंबर 01972-222204 पर भी संपर्क किया जा सकता है।।

28 जनवरी को कुल्लू, मनाली और बंजार में बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान

कुल्लू: जिला कुल्लू में लगातार खराब मौसम के चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 जनवरी 2026 को बंजार, कुल्लू और मनाली उपमंडलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।

उपायुक्त-एवं-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कुल्लू, तोरुल एस. रवीश, द्वारा जारी आदेशों के अनुसार बीते 48 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा/बर्फबारी के कारण भूस्खलन एवं सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अतिरिक्त, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), शिमला द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार आगामी घंटों में पुनः वर्षा/बर्फबारी की संभावना है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उप-मंडल अधिकारी (ना.) बंजार, कुल्लू एवं मनाली से प्राप्त रिपोर्टों एवं अनुशंसाओं के आधार पर विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं संरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेशानुसार बंजार, कुल्लू एवं मनाली उपमंडलों में स्थित सभी विद्यालय, DIET, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालय (सरकारी एवं निजी) 28 जनवरी 2026 को बंद रहेंगे।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मकान बनाने वालों को बड़ी सुविधा….

नक़्शे के लिए ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं, आर्किटेक्ट ही दे पायेंगे अनुमति : आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर

ऊना: 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों की योजना अनुमति के लिए अब नगर निगम कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। यह अनुमति पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स द्वारा दी जा सकती है। नगर निगम ऊना के आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि लोगों की सुविधा और समय की बचत के लिए राज्य सरकार ने यह व्यवस्था पहले ही लागू कर रखी है।

आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के नगर एवं ग्राम योजना विभाग की 15 सितम्बर, 2022 की अधिसूचना के तहत हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 77 के अंतर्गत निदेशक, नगर एवं ग्राम योजना की शक्तियां पंजीकृत प्राइवेट प्रोफेशनल्स को हस्तांतरित की गई हैं। इसके अनुसार राज्य के सभी अधिसूचित योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों, शहरी स्थानीय निकायों और हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण की कॉलोनियों में आवासीय उपयोग के लिए 500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर भवन योजना का अनुमोदन पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स कर सकते हैं। यह अधिसूचना राज्य राजपत्र में प्रकाशित है।

उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता को नगर एवं ग्राम योजना विभाग में पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट या अभियंता के माध्यम से निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था के तहत ही योजना अनुमति लेनी होगी। ऐसे मामलों में नगर निगम कार्यालय से अलग से कोई अनुमति जारी नहीं की जाती।

श्री गुर्जर ने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था भी लागू है। नियमानुसार स्वीकृत मामलों का निरीक्षण नगर एवं ग्राम योजना विभाग और संबंधित शहरी स्थानीय निकायों द्वारा किया जाता है। यदि कहीं भी स्वीकृत योजना से हटकर निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में योजना अनुमति निरस्त की जा सकती है और संबंधित पंजीकृत प्राइवेट प्रोफेशनल का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। निर्माण स्थल पर स्वीकृत योजना से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करना और निर्माण कार्य को पूरी तरह अनुमोदित मानचित्र के अनुसार करना अनिवार्य होगा।

आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों की योजना अनुमति के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर न लगाएं और पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स के माध्यम से ही आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों को समयबद्ध और सरल सेवाएं देने की दिशा में उठाया गया कदम है।

हिमाचल: प्रदेश में बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट..

हिमाचल: प्रदेश के अधिकतर भागों में आज बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जनवरी तक प्रदेश के सात जिलों में कोल्ड वेव (शीत लहर) को लेकर अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले कुछ दिनों में तापमान में भारी गिरावट की चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर एक या दो बार भारी बारिश-बर्फबारी भी हो सकती है। चंबा, कुल्लू, किन्नौर व लाहौल-स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। अगले 15 घंटों में चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल, स्पीति और शिमला जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है।जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले के लिए बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 1 फरवरी को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। 28, 30 और 31 जनवरी को ऊंची पहाड़ियों पर एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। 29 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 2 फरवरी  को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री नायडू से मिले CM सुक्खू; शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन समय शाम 4 बजे तक निर्धारित करने का किया आग्रह

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से भेंट की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री से सहयोग और इस परियोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता (अनुदान) प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने भूमि से जुड़े विभिन्न मामलों के शीघ्र निपटारे का अनुरोध करते हुए कहा कि कांगड़ा जिला में पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं विद्यमान हैं और राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही है।
उन्होंने कम दृष्यता की स्थिति में भी उड़ानों के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष विजुअल फ्लाइट रूल्स लागू करने का आग्रह किया, ताकि न्यूनतम दृष्यता मापदंड को वर्तमान 5 किलोमीटर से 2.5 किलोमीटर किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कम उड़ान संचालन और यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को सीआईएसएफ के स्थान पर राज्य पुलिस को सौंपने पर भी चर्चा की, इससे राज्य का वित्तीय बोझ कम किया जा सकेगा। उन्होंने शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय बढ़ाकर दोपहर 4 बजे तक करने का भी अनुरोध किया, ताकि उड़ानों की संख्या में वृद्धि हो सके।
उन्होंने चंडीगढ़दृशिमला और शिमलादृचंडीगढ़ के बीच उड़ानों की आवृति बढ़ाने तथा प्रस्तावित चार हेलीपोर्ट् को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का भी आग्रह किया।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने अधिकारियों को कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए और राज्य को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले CM सुक्खू; छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क को सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ किए गए स्वीकृत

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। बैठक में राज्य में सड़क अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने सीआरआईएफ के अंतर्गत छैलादृनेरीपुलदृयशवंत नगरदृओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की, इससे प्रदेश के सेब उत्पादकों को व्यापक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने शिमलादृमटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। यह राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य की राजधानी को 8 जिलों सहित पड़ोसी राज्यों से जोड़ता है। उन्होंने क्षेत्र की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट तथा भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक से अधिक संख्या में सुरंगों के निर्माण का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पैकेज-4 के अन्तर्गत फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, जिसमें चीलबाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के छोर से भंगबार तक का हिस्सा तथा नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत मानसून के कारण चीलबाहल से पक्का भरोह खंड में विभिन्न स्थानों पर भारी क्षति पहुंची है और पिछले पांच से छह वर्षों में इस सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं किया गया। यह सड़क विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहंुचने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास एवं रखरखाव कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (एनएच विंग) को सौंपने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई द्वारा 38.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की भी अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने इस राशि को मंजूरी प्रदान करते हुए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।