
शिमला: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आईटी आधारित एप्लिकेशन के उपयोग पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के एकीकरण से चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से मरीजों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे मरीजोें और चिकित्सकों को फायदा मिलेगा। बैठक में ई-हेल्थ प्लेटफॉर्म, हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम और रियल-टाइम डेटा प्रबंधन पर चर्चा की गई।
उन्होंने सुरक्षित, मरीज-केंद्रित समाधानों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार बीमारी की पूर्व जांच एवं निदान, प्रभावी निगरानी और स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा दे रही है ताकि समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत किया जा सके।
डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बताया कि सुगम स्वास्थ्य मोबाइल एप्लिकेशन से ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है तथा वेब-आधारित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम ई-सुश्रुत के माध्यम से मरीज पंजीकरण, बिलिंग, ओपीडी, आईपीडी, नर्सिंग डेस्क, भर्ती, डिस्चार्ज, ट्रांसफर, बेड एवं इन्वेंट्री-स्टोर प्रबंधन सहित अनेक सेवाओं उपलब्ध करवाई जा रही है। ई-सुश्रुत को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, आभा, डीवीडीएमएस, मेरा अस्पताल, एसएमएस गेटवे और पेमेंट गेटवे के साथ एकीकृत किया गया है। ई-सुश्रुत और सुगम स्वास्थ्य की सुविधाएं पायलट आधार पर राज्य के 53 अस्पतालों में दी जा रही हैं, जिनमें 12 जिला अस्पताल, पांच मेडिकल कॉलेज और 36 सिविल एवं उप-मंडलीय अस्पताल शामिल हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि सभी 53 स्वास्थ्य संस्थानों को डेस्कटॉप, प्रिंटर, यूपीएस, बारकोड स्कैनर और बारकोड प्रिंटर उपलब्ध करवाए गए हैं। अस्पतालों को 516 टैबलेट प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि 56 टैबलेट प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इनसे आईपीडी में चिकित्सकों को ओपीडी डेस्क मॉड्यूल के माध्यम से एचएमआइएस एप्लिकेशन, ई-सुश्रुत के जांचों और प्रिस्क्रिप्शन का डेटा दर्ज करने मेें सुविधा हो रही है।
राज्य में पायलट आधार पर 53 अस्पतालों में ई-सुश्रुत एप्लिकेशन के कार्यान्वयन के पहले दो वर्षों में 77,89,266 ओपीडी पंजीकरण, 8,18,430 आपातकालीन ओपीडी पंजीकरण तथा 7,35,984 आभा टोकन जनरेशन किए गए हैं। इसके अलावा 26,83,276 जांच, 3,72,529 इन्वेंट्री-ड्रग्स और 2,04,898 भर्ती, डिस्चार्ज एवं ट्रांसफर सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप कुमार ठाकुर, अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज़, चमियाना के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी रवीन्द्र कुमार, आईजीएमजी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील विषय पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और प्रदेश की जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक ने स्वयं आरडीजी को बंद करने की बात कही थी। जब उनकी ही पार्टी के राज्य ऐसी मांग कर चुके हैं, तो हिमाचल के मुख्यमंत्री इस तथ्य पर मौन क्यों हैं? क्या कांग्रेस की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नीति है?
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में स्पष्ट संकेत दिया था कि भविष्य में आरडीजी की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो सकती है। उस समय वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में विधायक थे। उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी, फिर आज वे अनभिज्ञता का दिखावा क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तब उन्होंने इस पर क्या रुख अपनाया था।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरडीजी को लेकर झूठा भय और भ्रम फैलाकर कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाना चाहती है। सच्चाई यह है कि वित्त आयोग की सिफारिशें एक दीर्घकालिक ढांचे के तहत आती हैं और राज्यों को पहले से संकेत दिए जाते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक बयानबाजी बंद करे और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए। केंद्र पर अनावश्यक आरोप लगाने के बजाय अपनी आर्थिक नीतियों और खर्च प्रबंधन पर जवाब दे।
उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के आधार पर बात करती है और आरडीजी के मुद्दे पर भी सच्चाई जनता के सामने लाती रहेगी।
सब्सिडी मॉडल से निवेश मॉडल तक पहुँचा देश का बजट, CAPEX में 516% वृद्धि और हर सेक्टर में ऐतिहासिक विस्तार : जयराम ठाकुर
हिमाचल को रेल, सड़क, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं में रिकॉर्ड केंद्रीय सहायता—कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही : नेता प्रतिपक्ष
शिमला। भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2013-14 और बजट 2026-27 की तुलना करने पर स्पष्ट हो जाता है कि देश का बजट मॉडल पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2013-14 में बजट सब्सिडी आधारित था, जबकि 2026-27 का बजट पूंजीगत निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास आधारित बजट मॉडल लागू किया है, जिसका परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि कुल पूंजीगत व्यय (CAPEX) 2013-14 में लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी 516 प्रतिशत से अधिक वृद्धि। रक्षा बजट 2.03 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 287 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। कृषि मंत्रालय का बजट 27 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, शिक्षा बजट लगभग 65 हजार करोड़ से बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये हो गया। रेलवे CAPEX 63 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.93 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्वास्थ्य बजट 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 92 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निवेश लगभग 35 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो करीब 8 गुना वृद्धि है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावॉट से बढ़कर 254 गीगावॉट हो गई है। देश का कुल निर्यात लगभग 310 बिलियन डॉलर से बढ़कर 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। महिला श्रम भागीदारी दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत से अधिक हो गई है और बहुआयामी गरीबी दर 55 प्रतिशत से घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान भारत के तहत 42 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। कांग्रेस शासन तक देश में केवल 7 AIIMS थे, जबकि आज 23 AIIMS स्वीकृत या स्थापित हो चुके हैं, जो 229 प्रतिशत वृद्धि है। हिमाचल प्रदेश को भी AIIMS बिलासपुर के रूप में बड़ी सौगात मिली।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। वर्ष 2026-27 में कर हस्तांतरण के तहत हिमाचल के लिए 13,949 करोड़ रुपये तथा अनुदान सहायता में 10,243 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 2020-21 से 2025-26 तक हिमाचल को 8,309 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में चार हवाई अड्डों/हेलीपोर्ट का संचालन शुरू हुआ और 22 नए हवाई मार्ग शुरू किए गए। मंडी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को साइट क्लीयरेंस मिल चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में 2,600 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा हुआ है। भारतमाला परियोजना के तहत 9,964 करोड़ रुपये की लागत से नए कॉरिडोर स्वीकृत हुए हैं। अटल टनल जैसी विश्वस्तरीय परियोजना भी केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत हिमाचल के पर्यटन स्थलों के लिए 68 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत हुए। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए काला अंब ESIC अस्पताल, AIIMS बिलासपुर विस्तार, ड्रोन स्वास्थ्य सेवाएं और नालागढ़ में PLI मेडिकल परियोजनाएं शुरू हुईं। चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र की 90:10 फंडिंग वाली लगभग 200 योजनाओं से हिमाचल को बड़ा लाभ मिल रहा है। ग्रामीण रोजगार और विकास योजनाओं के लिए इस वर्ष वीबी ग्राम योजना में 96 हजार करोड़, मनरेगा के लिए 30 हजार करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 60 हजार करोड़ और आवास योजना के लिए 54,917 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट बताते हैं कि केंद्र सरकार का बजट विकास, निवेश और जनकल्याण पर आधारित है, जबकि कांग्रेस केवल भ्रम और राजनीति कर रही है।
रिकांगपिओ : उप निदेशक पशुपालन विभाग किन्नौर डॉ अजय नेगी ने आज यहां बताया कि जिला के कल्पा व पूह उपमंडल में पशु मित्र की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत 17 फरवरी को कल्पा के मिनी स्टेडियम (पुलिस लाइन) में प्रातः 11 बजे और 19 फरवरी को पूह उपमंडल के मेला ग्राउंड पूह में प्रातः 11 बजे पात्र अभ्यर्थियों का शारीरिक परीक्षण लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कल्पा उपमंडल के तहत पशु मित्र पशु चिकित्सालय रक्छम, कल्पा, सांगला, पोवारी व सापनी में रखे जाएंगे और पूह उपमंडल के तहत पशु मित्र पशु चिकित्सालय रिब्बा, स्पिलो, ज्ञाबुंग और मूरंग में रखे जाएंगे।

हमीरपुर: उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को नादौन उपमंडल का दौरा करके कई बड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सबसे पहले उन्होंने जोल सप्पड़ में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज हमीरपुर के निर्माणाधीन नए परिसर का दौरा करके वहां जारी विभिन्न भवनों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह मेडिकल कालेज मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसके सभी कार्यों में किसी भी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। इसके बाद उपायुक्त ने जलाड़ी में जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह, नादौन में इंडोर स्टेडियम, पर्यटन विकास निगम के होटल और रिवर राफ्टिंग की साइट पर जारी निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत हड़ेटा में विकसित किए जा रहे ईको टूरिजम पार्क के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ये सभी बड़ी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और वह स्वयं नियमित रूप से इनकी प्रगति की रिपोर्ट ले रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के कार्यों की गति के साथ-साथ इनकी गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखें।
इस अवसर पर एसडीएम निशांत शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र जुबलानी, बीडीओ वैशाली शर्मा, सहायक जिला पर्यटन विकास अधिकारी रवि धीमान और अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त को विभिन्न परियोजनाओं की ताजा स्थिति से अवगत करवाया।
हमीरपुर : बद्दी की प्रसिद्ध कंपनी ईस्टमैन ऑटो एंड पॉवर लिमिटेड की प्रोडक्शन, मैंटेनेंस और क्वालिटी कंट्रोल विंग में ट्रेनी के 100 पदों को भरने के लिए 9 फरवरी को सुबह साढे दस बजे जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए दसवीं फेल, दसवीं पास, बारहवीं पास, स्नातक और इलेक्ट्रिशियन एवं फीटर ट्रेडों के आईटीआई डिप्लोमाधारक युवा पात्र होंगे। इनकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।
भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 या कंपनी के मोबाइल नंबर 88947-18867 पर संपर्क किया जा सकता है।
हमीरपुर: उपमंडल हमीरपुर के अंतर्गत टौणी देवी-उहल सड़क के मरम्मत कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात 20 फरवरी तक बंद किया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि टौणी देवी-उहल सड़क के मरम्मत कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही 20 फरवरी तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक कसीरी महादेव-चौरी-उहल सड़क या कसीरी महादेव-पुंघ-छतरुड़ू सड़क या बराड़ा से पटनौण, बाकर खड्ड, परनाली, उहल सड़क को वैकल्पिक रूट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कुल्लू: जिला आबकारी अधिकारी कुल्लू मनोज डोगरा ने जानकारी दी कि आबकारी विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के अंतर्गत भुंतर क्षेत्र में जियापुल के समीप एक वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से टुबर्ग बियर की 2 पेटियां , रॉयल स्टैग अंग्रेजी शराब की 2 पेटियां बरामद की गईं।
इसके अतिरिक्त, दूसरे मामले में निरमंड क्षेत्र के ब्रो स्थित एक ढाबे से देसी शराब ऊना नं. 1 की 2 बोतलें एवं 350 मिo लीटर की एक लूज़ बोतल, रॉयल स्टैग अंग्रेजी शराब की 400 मिo लीटर की एक लूज़ बोतल बरामद की गई।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त सारी अवैध शराब को मौके पर ही जब्त करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 की धारा 39 के अंतर्गत मामले दर्ज किए गए हैं।
जिला आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब की बिक्री, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जा रहा है तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि अवैध गतिविधियों की सूचना विभाग को प्रदान कर सहयोग करें।

बिलासपुर: जवाहर नवोदय विद्यालय बिलासपुर में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं व 11वीं में रिक्त सीटों पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी को उपमंडल सदर बिलासपुर में किया जा रहा है। यह परीक्षा उपमंडल के दो परीक्षा केंद्रों, राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, बिलासपुर तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से उपमंडलाधिकारी सदर (प्रोबेशनर), प्रियंका ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बी.एन.एस.एस.) की धारा 163 के अंतर्गत आवश्यक प्रतिबंध लगाए हैं।
एसडीएम द्वारा जारी आदेश के तहत 7 फरवरी को प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक परीक्षा केंद्रों के आसपास सभी प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियां, जुलूस, रैलियां, नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के निकट लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी, ताकि ध्वनि प्रदूषण के कारण परीक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा दिवस पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, टेंट या मंच लगाने अथवा हटाने का कार्य भी प्रतिबंधित रहेगा, जिससे परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक हलचल या अव्यवस्था न हो। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास हथियार, लाठी, गोला-बारूद, तलवारें या किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलना सख्ती से वर्जित रहेगा, ताकि किसी भी सुरक्षा संबंधी जोखिम को रोका जा सके।

श्री ठाकुर जी की पावन पालकी उठाई, भव्य शोभायात्रा में हुए सम्मिलित
ऊना: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को ऊना ज़िले के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री ने श्रद्धा-भाव के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पावन पालकी उठाई और भव्य शोभायात्रा में सम्मिलित होकर परिक्रमा पूर्ण की। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा भी इस अवसर पर साथ रहे।
शोभायात्रा के लिए सुसज्जित विशेष वाहन में उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक विवेक शर्मा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के साथ विराजमान रहे।
विकास और विरासत दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाने को कटिबद्ध : मुकेश अग्निहोत्री
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सभी श्रद्धालुओं को उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान की आधारशिला हैं। इन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास और विरासत, दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाए। ऊना ज़िले की अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, जिनके सुदृढ़ीकरण और सुविधा विस्तार के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे महान संत समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनकी उपस्थिति से सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है।
परंपरा और प्रगति को साथ लेकर चलना सरकार की प्रतिबद्धता : विक्रमादित्य सिंह
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है।
उन्होंने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धाभरे भाव प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे महासंतों से समाज को जीवन दिशा मिलती है और उनके सान्निध्य से सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए सरकार हरसंभव सहयोग देती रहेगी। परंपरा और प्रगति को साथ लेकर चलना ही सरकार की मूल प्रतिबद्धता है।
भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत रही शोभायात्रा
राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज की अगुवाई में श्री राधाकृष्ण मंदिर, कोटला कलां द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति-भाव से शामिल हुए। इस दौरान भजन सम्राट संत चित्र-विचित्र महाराज के भक्तिमय भजनों से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
हर वर्ष आयोजित होता है दिव्य धार्मिक समागम
उल्लेखनीय है कि श्री राधाकृष्ण मंदिर, कोटला कलां में प्रतिवर्ष 1 से 12 फरवरी तक दिव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्री राधाकृष्ण जी के श्रीविग्रह स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ऊना शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है।