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बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से जुड़ रहे पैक्स, छोटे किसानों को मिलेगा निर्यात, बीज और ऑर्गेनिक बाजार का सीधा लाभ

शिमला संसदीय क्षेत्र की पैक्स समितियों को ‘भारत बीज’ और ‘भारत ऑर्गेनिक्स’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज

शिमला:  भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में सहकारिता मंत्रालय से जुड़े तारांकित प्रश्न के उत्तर का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और छोटे व सीमांत किसानों को सीधे राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में ठोस और संरचनात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्यीय सहकारी समितियों — नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) — के माध्यम से पैक्स (PACS) को नई पहचान और नए अवसर मिल रहे हैं।

सुरेश कश्यप ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देशभर में एनसीईएल से 15,790, बीबीएसएसएल से 34,078 और एनसीओएल से 11,822 सहकारी सदस्य जुड़ चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी इन योजनाओं का अच्छा विस्तार हुआ है, जहां 140 पैक्स एनसीईएल, 451 पैक्स बीबीएसएसएल और 139 पैक्स एनसीओएल के सदस्य बने हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र में भी एनसीईएल से 15, बीबीएसएसएल से 12 और एनसीओएल से 4 पैक्स जुड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ‘भारत बीज’ और ‘भारत ऑर्गेनिक्स’ जैसे राष्ट्रीय ब्रांड किसानों को बेहतर मूल्य, प्रमाणिकता और बड़े बाजार तक पहुंच प्रदान करेंगे। इससे बीज गुणवत्ता सुधार, ऑर्गेनिक उत्पादों के प्रमाणीकरण और कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय द्वारा राज्यों की नोडल एजेंसियों के साथ एमओयू के माध्यम से सदस्यता विस्तार का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पैक्स और किसानों को सीधे जोड़ा जा सके।

सुरेश कश्यप ने कहा कि जैविक उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाणन के लिए एपीईडीए और एफएसएसएआई के सहयोग से प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे हिमाचल जैसे राज्यों के ऑर्गेनिक उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता आधारित यह मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।

भ्रम फैला रही है कांग्रेस, भाजपा ने सरकार गिराने या वेतन-पेंशन रुकने की कोई बात नहीं कही – कर्ण नंदा

आरडीजी पर राजनीति बंद करे सरकार — फिजूलखर्ची घटाए, आमदनी के स्रोत बढ़ाए, भाजपा रचनात्मक सहयोग को तैयार

शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कहा कि आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार और उसके नेता जनता व कर्मचारियों के बीच अनावश्यक भ्रम फैला रहे हैं। भाजपा ने कहीं भी यह नहीं कहा कि सरकार गिरने वाली है, न ही भाजपा ने ओपीएस बंद होने, कर्मचारियों का वेतन रुकने या पेंशन बंद होने जैसी कोई बात कही है। यह पूरा नैरेटिव कांग्रेस द्वारा खुद खड़ा किया जा रहा है।

कर्ण नंदा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं ने केवल इतना कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता हर चुनाव — चाहे पंचायती राज संस्थाओं के हों, अन्य संस्थागत चुनाव हों या भविष्य के विधानसभा चुनाव — के लिए तैयार रहें। कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है, इसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने के बाद से स्वयं मुख्यमंत्री परेशान दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता था कि इसी धन से प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था चलती रहेगी। “आत्मनिर्भर हिमाचल” का नारा देने वाली सरकार अब वित्तीय चुनौतियों पर ठोस रोडमैप देने के बजाय केवल डर और कटौती का माहौल बना रही है।

भाजपा मीडिया संयोजक ने कहा कि हाल ही में सरकार और वित्त विभाग द्वारा दी गई प्रस्तुति में खुद यह संकेत दिया गया कि डीए, टीए और कर्मचारियों के कई लाभों पर संकट आ सकता है। लगभग ₹13,000 करोड़ के कर्मचारी लाभों को लेकर जो संशय पैदा हुआ, वह भाजपा ने नहीं बल्कि सरकार की अपनी प्रस्तुति से पैदा हुआ। उसकी स्लाइड्स सार्वजनिक हुईं और मीडिया में भी आईं। अब उसी सच्चाई से ध्यान हटाने के लिए भाजपा पर आरोप लगाए जा रहे हैं।

कर्ण नंदा ने कहा कि आरडीजी बंद होने पर पूरे देश में कांग्रेस शासित अन्य राज्यों ने इस तरह का विरोध नहीं किया, केवल हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ही इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है। कुछ राज्यों ने तो वित्त आयोग से स्वयं आरडीजी बंद करने का आग्रह भी किया था। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि आत्मनिर्भर हिमाचल का उनका संकल्प अब किस स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने केवल यह सुझाव दिया है कि सरकार को अपने खर्चों पर नियंत्रण करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के समय भी कठिन वित्तीय परिस्थितियां आई थीं, तब मंत्रियों के खर्चों में कटौती, सीमित कारकेड, साधारण यात्रा और प्रशासनिक मितव्ययिता अपनाई गई थी। आज उल्टा बड़े-बड़े काफिले, बढ़े हुए प्रोटोकॉल, महंगे पद और सुविधाएं जारी हैं।

उन्होंने कहा कि चेयरमैनों और विभिन्न पदों पर बढ़े़ वेतन, सुविधाएं, गाड़ियां और अतिरिक्त खर्चों की समीक्षा होनी चाहिए। अधिकारियों और मंत्रियों को भी न्यूनतम संसाधनों में अधिकतम आउटपुट देने की कार्यशैली अपनानी चाहिए। आमदनी के नए स्रोत विकसित करने के लिए ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाएं — इस दिशा में भाजपा रचनात्मक सहयोग देने को तैयार है।

कर्ण नंदा ने कहा कि सरकार केवल नकारात्मक नैरेटिव बना रही है, जबकि अपनी ओर से कोई ठोस वित्तीय सुधार योजना सामने नहीं रखी गई। जो बातें कही जा रही हैं, वे अधिकतर 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर आधारित हैं, सरकार की अपनी कोई नई वित्तीय रणनीति नजर नहीं आती।

उन्होंने कहा कि हिमाचल का कर्ज और वित्तीय घाटा 42 प्रतिशत तक पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है और यह वर्तमान सरकार की अनियंत्रित ऋण नीति का परिणाम है। सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। अगर सरकार को लगता है कि वह प्रदेश नहीं चला पा रही, तो भाजपा बेहतर प्रशासन देने के लिए तैयार है।

विधायकों के वेतन वृद्धि के मुद्दे पर कर्ण नंदा ने कहा कि वृद्धि की घोषणा तो हुई, पर मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि बढ़ा हुआ वेतन अब तक कितने विधायकों के खातों में वास्तव में जमा हुआ है। यह केवल घोषणाओं की सरकार बनकर रह गई है।

CM सुक्खू बोले- आरडीजी समाप्त होने के बावजूद ओपीएस और अन्य कल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी

भाजपा ने जानबूझकर आरडीजी प्रस्तुति का बहिष्कार किया
अपने कार्यकाल में भाजपा ने आरडीजी का दुरुपयोग किया
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त करने के बावजूद राज्य सरकार की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और सभी प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं पूर्व की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जनता के अधिकारों और हितों की हर हाल में रक्षा करेगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में होती, तो ओपीएस को हटाकर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू कर दी जाती, जिससे सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा समाप्त हो जाती। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से आने के कारण वे आम लोगों की परेशानियों को भली-भांति समझते हैं और उनकी सरकार कभी भी जनहित से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन भले ही वित्त विभाग देखता हो, लेकिन सरकार का मुख्य उद्देश्य संसाधनों को मजबूत करना और विकास को गति देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष, 2018 से 2021 तक जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन और फिजूल खर्ची के कारण आज प्रदेश की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य को लगभग 54,000 करोड़ रुपये आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में मिले, लेकिन इनका उपयोग पूंजीगत विकास के बजाय ठेकेदारों को खुश करने में किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 1,000 करोड़ रुपये ऐसी इमारतों पर खर्च किए गए जो आज खाली पड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,000 करोड़ रुपये आरडीजी प्राप्त हुए हैं, फिर भी राज्य सरकार ने सख्त वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 26,683 करोड़ रुपये अपने संसाधनों से जुटाए हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा से जनता को गुमराह करने के बजाय केंद्र सरकार से राज्य के अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाला आरडीजी राज्यों के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्य के बजट पर गंभीर असर डालेगा। उन्होंने आरडीजी समाप्त किए जाने को प्रदेश के प्रति केंद्र सरकार का ‘सौतेला व्यवहार’ बताया और कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल प्रदेश एक राजस्व घाटा राज्य बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि वे आरडीजी की बहाली के लिए प्रधानमंत्री से भेंट करेंगे और राज्य के हक के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष द्वारा भाजपा विधायकों को वित्तीय प्रस्तुति के लिए आमंत्रित नहीं किए जाने के आरोप को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को व्यक्तिगत रूप से लिखित निमंत्रण भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर बैठक में शामिल न होने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल प्रदेश के हित और जनता के कल्याण के लिए एकजुट होने की अपील की।

शिमला: सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर केवी जतोग में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

एनआईसी ने साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने के लिए छात्रों और अध्यापकों को किया जागरूक

शिमला:  सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूकता लाने और इस बारे में सतर्क रहते हुए साइबर सुरक्षा उपायों पर एक कार्यशाला का आयोजन आज पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जतोग कैंटोनमेंट में किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त कार्यालय शिमला से जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं उपनिदेशक एनआईसी दीपक कुमार ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और लोगों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अजनबियों को ऑनलाइन जवाब न दें और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहें।
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) होने पर सबसे पहले बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें जोकि 24×7 चालू रहती है। यह हेल्पलाइन आपकी शिकायत दर्ज कर फ्रॉड की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद करती है। इसके बाद, जल्द से जल्द https://cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक को कॉल करके अपना खाता, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या यूपीआई को तुरंत ब्लॉक करवाएं। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
इसके अतिरिक्त, धोखाधड़ी से जुड़े स्क्रीनशॉट, मैसेज, बैंक स्टेटमेंट, और कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। फ्रॉड के मामले में जितनी जल्दी (1-2 घंटे में) सूचना दी जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। आपातकालीन स्थिति में या साइबर अपराधों के अलावा अन्य अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
इस दौरान प्रधानाचार्य, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जतोग मोहित गुप्ता सहित अन्य अध्यापक व स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे।

हिमाचल: विधानसभा में तीन दिन का बजट सत्र 16 फरवरी से , सुरक्षा प्रबन्धों की बैठक में अधिकारियों को निर्देश..

शिमला:  चौदहवीं विधान सभा के 11वें सत्र (बजट सत्र) के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था सम्बन्धित बैठक का आज आयोजन विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में किया गया जिसकी अध्यक्षता विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां द्वारा की गई। इस बैठक में प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव,गृह, वन एवं राजस्व, के0के0पंत, पुलिस महानिदेशक, अशोक तिवारी, प्रबन्ध निदेशक, हि0प्र0 राज्य विद्युत निगम आदित्य नेगी, जिलाधीश शिमला, अनुपम कश्यप,महानिरीक्षक सतर्कता, संतोष पटियाल, उप-महानिरीक्षक दक्षिण रेंज, अंजुम आरा, विधान सभा सचिव, यशपाल शर्मा, निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क हि0प्र0 एवं मुख्यमंत्री महोदय के प्रधान निजि सचिव, राजीव कुमार, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन, हरबंस सिंह ब्रेस्कॉन, प्रबन्ध निदेशक हि0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम, राजीव कुमार-॥, आयुक्त नगर निगम शिमला, भूपेन्द्र कुमार अत्री, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला शिमला, गौरव सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हि0प्र0, डॉ0 गोपाल बैरी तथा लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग विद्युत, एस0जे0पी0एन0एल0, होम गार्ड व कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी प्रवेश पत्र online के बजाए हस्तलिखित माध्यम से जारी किए जाएंगे चूँकि हमने अभी हाल ही में हिमाचल ई-विधान को छोड़कर राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) को अपनाया है जिसका कार्य अभी प्रगति पर है। बैठक में सदस्यों तथा सत्र के कार्य  से जुडे़ अधिकारियों व कर्मचारियों को कम से कम असुविधा हो के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया‍ कि विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास तथा प्रैस संवाददाताओं  को जारी किए पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि सुरक्षा कर्मियों द्वारा फ्रिस्किंग की कम से कम आवश्यकता रहे।

 प्रैस संवाददाताओं की सुविधा एंव सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रैस संवाददाताओं का प्रवेश यथावत गेट नं0 3,4,5 व 6 से ही रखा जाएगा। विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने पहचान पत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सरकारी अधिकारी/ कर्मचारी व अन्य पास धारक अपना शासकीय पास किसी अन्य को स्थानान्तरित नहीं  करेगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। बैठक के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से विधान सभा अध्यक्ष को अवगत करवाते हुए पुलिस महानिदेशक, अशोक तिवारी ने कहा कि 500 के करीब जवान विधान सभा सत्र के दौरान सुरक्षा में मौजूद रहेंगे तथा सुरक्षा चाक-चौबंद रहेगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि विधान सभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्किंग करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रैस संवाददाताओं के लिए विधान सभा चौक से गेट नं0 2 (30 मीटर दूर) तक गाड़ियों  की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी जबकि विधान सभा सचिवालय अधिकारियों / कर्मचारियों को गेट नं0 2 (30 मीटर दूर) से महालेखाकार कार्यालय के बीच मॉल रोड़ पर चिन्हित  स्थानों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

आगे यह भी निर्णय लिया गया कि विधान सभा सचिवालय की ओर से जारी पार्किंग स्टिकरज वाहन के आगे प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि धारकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पडे़। मोबाईल फोन, पेज़र आदि विधान सभा के अन्दर ले जाने पर पूर्णत: प्रतिबन्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री  तथा मंत्री परिषद के माननीय सदस्यों से आगन्तुक तथा जनप्रतिनिधि मण्डल विधान सभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मिल सकेंगे। पुलिस विभाग तथा सी0आई0डी0 के अधिकारी आपसी तालमेल से इसकी व्यवस्था  सुनिश्चित करेंगे ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा में कोई भी चूक कतई बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि विधान सभा की बाहरी तथा आन्तरिक सुरक्षा महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष द्वारा जारी निर्देश संख्या -140 की अक्षरक्ष: अुनपालना सुनिश्चित की जाएगी ताकि आसन से जारी आदेश की कोई अवहेलना न हो। पुलिस विभाग   कैमरा से भी सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त विधान सभा परिसर में एक एम्बुलैंस जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी व दो डॉक्टर तथा पैरामैडिकल स्टॉफ भी डयूटी पर तैनात रहेगा। कोई भी अधिकारी, आगन्तुक तथा मिडिया कर्मी सदन के अन्दर फोटाग्राफी तथा विडियोग्राफी नहीं कर सकेंगे अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सत्र की कार्यवाही देखने आए आगन्तुकों को दर्शक दीर्घा में स्थान की उपलब्धता अनुसार पास जारी किए जाएँगे ।उन्होने अधिकारियों को विधान सभा  भवन तथा परिसर की मुरम्मत का कार्य समय रहते पूर्ण करने तथा साफ – सफाई व्यवस्था उच्च स्तर पर रखने  के दिशा – निर्देश भी जारी किए।

 

शिमला: सुन्नी में 25 करोड़ से दूर होगा जल संकट, एक माह में पूरी होगी परियोजना – विक्रमादित्य सिंह

शिमला: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुन्नी में जल संकट से निपटने के लिए 25 करोड़ रूपए की योजना पर कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है और एक महीने में यह परियोजना शुरू हो जाएगी जिससे क्षेत्र के लोगों को पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सुन्नी में आयोजित पीपल संस्कार पूजा में शामिल होने के उपरांत यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सुन्नी अस्पताल में सभी रिक्त पद जल्द से जल्द भरे जाए, इसके लिए भरसक प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह समय-समय पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से चर्चा करते रहते हैं ताकि इस दिशा में कार्य हो सके और क्षेत्र की समस्या का समाधान हो सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जायेगा क्रिटिकल केयर यूनिट का मुद्दा

उन्होंने कहा कि सुन्नी में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई थी परन्तु इसके लिए बजट की स्वीकृति जल्द से जल्द प्राप्त हो उसके लिए इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा ताकि इस भवन के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए जल्द जारी हो और इसका निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो।

उन्होंने कहा कि सुन्नी क्षेत्र में बहुत से विकास कार्य चले हुए हैं, जिनमें इंटरलॉकिंग टाइल्स और सोलर लाइट्स लगाने तथा सुन्नी बाजार में नालियां बनाने के कार्य शामिल हैं।

धर्मपत्नी संग पीपल संस्कार पूजा में हुए शामिल

विक्रमादित्य सिंह अपनी धर्मपत्नी डॉ अमरीन सिंह के साथ आज सुन्नी चौक में आयोजित पीपल संस्कार पूजा में शामिल हुए और रीति रिवाजों को निभाते हुए दोनों ने पीपल वृक्ष के सात फेरे भी लिए। उन्होंने कहा कि यह पीपल का पौधा उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह द्वारा 2014-15 में रोपित किया गया था। यह ख़ुशी की बात है कि उन्हें परिवार सहित इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पीपल वृक्ष संस्कार पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्मृति, संस्कार और सेवा की एक जीवंत कड़ी का रूप है।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन में विकास और पर्यावरण के संतुलन को हमेशा प्राथमिकता दी। वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी और करोड़ों पौधे लगाने के संकल्प के साथ उन्होंने हिमाचल की हरियाली और भविष्य दोनों को मजबूत आधार देने की कोशिश की। ऐसे में सुन्नी में उनके द्वारा रोपित पीपल वृक्ष पर आयोजित संस्कार पूजा न केवल एक धार्मिक क्रिया है, बल्कि उनके पर्यावरण-संवेदनशील दृष्टिकोण और “हरियाली ही समृद्धि है” वाले विश्वास को विनम्र नमन भी है। उन्होंने कहा कि सुन्नी में आज सम्पन्न यह पीपल संस्कार पूजा आने वाले समय में भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी कि विकास की दौड़ में भी प्रकृति के प्रति लगाव और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा कभी कम नहीं होनी चाहिए।

गौसदन में गऊओं को खिलाया आहार, विश्राम गृह में सुनी लोगों की समस्याएं

पीपल संस्कार पूजा सम्पन्न होने के बाद विक्रमादित्य सिंह पत्नी सहित गोसदन पहुंचे तथा गऊओं को आहार खिलाया।

हिमाचल: इस माह घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

जिला शिमला की 29 गैस एजेंसियों के लिए उपायुक्त ने रूट चार्ट किया अनुमोदित

शिमला : उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि जिला शिमला में 29 गैस एजैन्सी कार्यरत है तथा जिला के विभिन्न क्षेत्रों फोकल बिन्दुओं पर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरण हेतु प्रत्येक गैस एजेंसी के सम्बन्ध में रूट चार्ट निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिला शिमला में सभी गैस एजेंसियों को निर्धारित रूट चार्ट का अनुपालन करना अनिवार्य है।
जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला शिमला नरेंद्र कुमार धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किन्हीं अपरिहार्य कारणों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति निर्धारित तिथि को सम्भव नहीं हो पाती है, तो उस स्थिति में संबंधित गैस एजेंसी द्वारा अगले दिन गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है तथा पंचायत के प्रतिनिधियों व उपभोक्ताओं को व्हाट्सप्प ग्रुप व दूरभाष पर इसकी पूर्व सूचना दी जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी एजेंसियों को रूट चार्ट का कड़ाई से पालन करना होगा। इससे विशेषकर ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी गैस एजेंसियों को गैस सिलिंडर डिलीवरी वाहन में लाउड स्पीकर, वजन तोलने वाली मशीन, गैस लीक जाँच करने वाला यन्त्र और रूट चार्ट व निर्धारित शुल्क की कॉपी रखनी होगी।
नरेंद्र कुमार धीमान ने बताया कि रूट चार्ट की कॉपी सम्बंधित गैस एजेंसियों में भी उपलब्ध रहेगी। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त, रूट चार्ट को लेकर जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला शिमला के कार्यालय दूरभाष 0177-2657022 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

कल शिमला के इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद

बिलासपुर : बैरी अनुभाग के तहत आसपास के क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद

बिलासपुर: सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-1 सन्नी कुमार जगोता ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 फरवरी को अनुभाग बैरी में 11 केवी बैरी फीडर पर पेड़ों की कांट-छांट व जीओ स्विच के पार्ट बदले के चलते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

उन्होंने बताया कि बैरी अनुभाग के अंतर्गत 11 केवी बैरी फीडर के तहत आने वाले क्षेत्र गांधीरोपा, डिगर, पुन्हान, मांनर, कंज्योटा, चमलोग, दयोली तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।

उपभोक्ताओं की सुविधा को जिला में कार्यरत गैस एंजेसियों के लिए वितरण रोस्टर चार्ट जारी – उपायुक्त

बिलासपुर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, बिलासपुर द्वारा जिला में एलपीजी सिलेंडर की सुचारू एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गैस वितरण रोस्टर रूट चार्ट जारी किया गया है। इस रोस्टर रुट चार्ट को जिला में कार्यरत गैस एजेंसियों एवं ग्रामीण वितरकों के माध्यम से लागू किया गया है ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं नियमित सेवा मिल सके।

उन्होंने बताया कि रोस्टर प्रणाली से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी तथा सभी गैस एजेंसियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार सम्बन्धित विभाग के माध्यम से समय पर सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वह अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर रोस्टर की जानकारी प्राप्त करें और समय पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाएं।

उन्होंने बताया कि जिला में उपभोक्ता एलपीजी (घरेलू गैस) आपूर्ति के लिए सैनी गैस एजेंसी बिलासपुर (94184 58377), नड्डा गैस एजेंसी (70182-32536), सांई विजय गैस एजेंसी बरमाणा (70187-49966), गैस एजेंसी नम्होल (98168-70415), गैस एजेंसी घुमारवीं (97364-71273), विनिता गैस एजेंसी हटवाड़ (94591-90525), गैस एजेंसी भराड़ी (88944-07344), जसवाल गैस एजेंसी लडयानी (88946-57274), गैस एजेंसी झण्डूता (98050-78356), गैस एजेंसी बरठीं (98172-95807), गैस एजेंसी भडोलीकलां (98057-10941), रूदा गैस एजेंसी स्वारघाट (82190-01412), विजय गैस एजेंसी ग्वालथाई (98141-73002) तथा बैहल गैस एजेंसी (97360-72771) से सम्पर्क कर सकते हैं।

साई खेल केन्द्र बिलासपुर में मुक्केबाजी और कबड्डी के लिए खेल परीक्षण 19 व 20 फरवरी को

बिलासपुर :  भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), क्षेत्रीय केंद्र चंडीगढ़ द्वारा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी), बिलासपुर में आवासीय योजना के अंतर्गत चयन परीक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। यह चयन परीक्षण वर्ष 2025-26 के लिए केवल लडकों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

इस बारे जानकारी देते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी), बिलासपुर के प्रभारी विजय प्रकाश नेगी बताया कि चयन परीक्षण मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) एवं कबड्डी खेल के लिए आयोजित होंगे। यह परीक्षण 19 एवं 20 फरवरी, 2026 को भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर में संपन्न होंगे। चयन प्रक्रिया आवासीय योजना के अंतर्गत की जाएगी, जिसमें चयनित प्रशिक्षुओं को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि इन चयन परीक्षणों के लिए 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी पात्र होंगे, जबकि 12 से 16 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक एवं पात्र खिलाड़ियों को अपने साथ जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खेल प्रमाण पत्र तथा हाल ही की तीन पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से लानी होंगी।

उन्होंने बताया कि पात्र एवं इच्छुक खिलाड़ी 19 फरवरी, 2026 को प्रातः 8 बजे निर्धारित स्थल पर उचित खेल वेशभूषा में उपस्थित होना सुनिश्चित करें। मेधावी चयनित प्रतिभागियों को चयन की सूचना पृथक रूप से प्रदान की जाएगी। आवासीय योजना के अंतर्गत चयनित प्रशिक्षुओं को निःशुल्क आवास एवं भोजन, शिक्षा शुल्क, चिकित्सा सुविधा, प्रतियोगिता प्रदर्शन, बीमा, खेल किट सहित अन्य सुविधाएं भारतीय खेल प्राधिकरण की एसटीसी योजना के मानकों के अनुसार उपलब्ध करवाई जाएंगी। चयन परीक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को किसी प्रकार का टीए/डीए देय नहीं होगा।

इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी दूरभाष संख्या 01978-222405 पर संपर्क कर सकते हैं।