प्रदेश के सभी अस्पतालों व उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में 11 तरह की बीमारियों के टीके बिल्कुल मुफ्त : विपिन सिंह परमार

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए अस्पतालों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित बनाने के निर्देश

  • सौ फीसदी लक्ष्यों को हासिल करें अधिकारी-विपिन सिंह परमार

शिमला: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री विपिन सिंह परमार ने राज्य के सभी अस्पतालों चिकित्सकों को आवश्यक रूप से जेनेरिक दवाईयां लिखने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जेनेरिक दवाईयां न लिखने से कहीं न कहीं गरीब लोगों के साथ अवश्य अन्याय होता है और राज्य सरकार के प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ बनें, के प्रयास हतोत्साहित होते हैं।  परमार आज यहां राज्य के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के साथ राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिये आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से सभी अस्पतालों में समय पर दवाईयां उपलब्ध करवाने के लिये कहा। यही नहीं, दवाईयों की समय-समय पर सैंपलिंग करने के भी निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि दवाईयों की गुणवत्ता पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है और सैंपल फेल होने पर दोषी कंपनियों के विरूद्ध सख्ती से निपटा जाएगा।

उन्होंने राज्य के सभी अस्पतालों, विशेषकर शौचालयों के रखरखाव तथा रसोईघर की सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लोग स्वास्थ्य लाभ के लिये आते हैं, इसलिये सफाई को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि अधिक समय तक लंबित रहने के कारण लागत न बढ़े और लोगों को समय पर लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की निजी तौर पर निगरानी करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मंत्री ने 108-एम्बुलेंस तथा 102-एंबुलेंस सेवाओं के औच निरीक्षण करने के लिये भी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108-एंबुलेंस में आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयां, आक्सीजन तथा अन्य उपकरणों की उपलब्धता होना अनिवार्य है।

स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं का लाभ जनमानस तक पहुंचाने के लिये सूचना, शिक्षा व संचार गतिविधियों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी दिये गए लक्ष्यों को 31 मार्च तक हासिल करें और साथ ही आबंटित धनराशि का सौ फीसदी उपयोग करें।

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