


शिमला: अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि ऐसे सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी जिन्होंने ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में 28 फरवरी, 2026 से पूर्व आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता ने कहा कि अंतिम तिथि तक ई-केवाईसी न होने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि पेंशनर अनुपलब्ध है अथवा पेंशन प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं है तथा ऐसे पेंशभोगियों की पेंशन स्थाई रूप से बंद कर दी जाएगी।
प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी पेंशनभोगी का आधार कार्ड नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है तो वह व्यक्ति संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
ई-केवाईसी सत्यापन से जुड़ी आवश्यक जानकारी हेतु लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

शिमला: उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली के छात्र – छात्राओं ने आज सदन की कार्यवाही आरम्भ होने से पूर्व हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की तथा सदन में आज होने वाली कार्यवाही के बारे भी पूछा। इस अवसर पर पठानियां ने बच्चों से प्रश्न किया कि विधान सभा क्या है? जिसका उत्तर देने में सभी छात्र असमर्थ रहे। संवाद करते हुए पठानियां ने कहा कि विधान सभा प्रतिनिधियों का सदन है जहाँ हिमाचल प्रदेश के 68 निर्वाचन क्षेत्रों से प्रतिनिधि चुनकर आते हैं तथा अपने- अपने क्षेत्रों का नेतृत्व करते हैं। उन्होने कहा कि जिनकी संख्या ज्यादा होती है या जिनके पास बहुमत होता है वह सरकार बनाते हैं। उन्होने कहा कि सबसे पहले मन्त्रिपरिषद का गठन होता है जिसके मुखिया मुख्यमंत्री होते हैं। जब विधान सभा का सत्र बुलाया जाता है तो प्रतिपक्ष सरकार से प्रश्न पूछता है और सरकार उसका जवाब देने का प्रयास करती है। पठानियां ने कहा कि कानून बनाने का अधिकार देश में केवल लोक सभा और विधान सभा के पास है। राज्यपाल महोदय मन्त्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।
स्पीकर विधान सभा के चुनाव पर विधान सभा अध्यक्ष ने बच्चों को अवगत करवाते हुए कहा कि विधान सभा में स्पीकर का चुनाव विधान सभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। यह प्रक्रिया काफी दिलचस्प है। सबसे पहले सदन का सबसे वरिष्ठ सदस्य, प्रोटेम स्पीकर, चुनाव प्रक्रिया की शुरूआत करता है। फिर, स्पीकर पद के लिए उम्मीदवारों का नामांकन होता है। अगर सिर्फ एक ही उम्मीदवार है तो उन्हें निर्विरोध स्पीकर चुन लिया जाता है। लेकिन अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार हैं तो गुप्त मतदान होता है और सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार स्पीकर बन जाता है।
विधान सभा अध्यक्ष ने सभी छात्रों को आज सदन के अन्दर होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आमन्त्रित किया। उन्होने सभी बच्चों को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।


शिमला: अपने विधानसभा स्थित कार्यालय में मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं में एक तगड़ी होड़ चल रही है जिसके कारण कांग्रेस के मंत्री और विधायक मर्यादाएं तोड़कर बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं, झूठे आरोप लगा रहे हैं और बदजुबानी कर रहे हैं। आपस में खुद को बड़ा दिखाने की इस होड़ में मुख्यमंत्री और अन्य नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। आपस की यही तकरार और कुंठा मंडी के 3 साल के जश्न के मंच पर भी दिखी थी जहां अंधेरे में निपटने की बातें हो रही थी। आज भी एक विधायक द्वारा सदन में अधिकारियों की मनमानी की चर्चा की गई। अधिकारियों ने सरकार की नस पकड़ ली है और सत्ता पक्ष के भी ज्यादातर विधायक अधिकारियों से बुरी तरह त्रस्त हैं। इसका कारण सिर्फ सत्ता का संरक्षण है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार ने प्रदेश के सदन को झूठ बोलने का मंच बना दिया है। जिसके मन में जो भी आता है वह झूठ बोलकर निकल जाता है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने भी इसी तरह से झूठ बोलकर सदन की मर्यादा तार-तार की है। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल के हितों के लिए प्रतिबद्ध है उसे कांग्रेस से किसी प्रकार का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। जिस भी मंच पर हिमाचल के लिए आवाज उठानी पड़ती है हम हमेशा उठते रहते हैं, आगे भी उठाते रहेंगे। कांग्रेस में खुद को बड़ा दिखाने के लिए संविधान की किताब लेकर चलने का चलन चल रहा है। कांग्रेस के सर्वे सर्वा भी इसी तरह संविधान की किताब लेकर चल रहे हैं लेकिन हमेशा संविधान की धज्जियां उड़ाते रहते हैं। इस तरीके से हिमाचल प्रदेश के नेता भी संविधान की किताब लेकर आए हैं लेकिन उन्होंने अंदर खोलकर कुछ पढ़ा नहीं है। इसीलिए ऐसे ऐसे संदर्भों का हवाला दे रहे हैं जो कहीं पर है ही नहीं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग हमसे सवाल पूछते हैं जबकि अपने 3 साल के कार्यकाल में उन्होंने भाजपा के द्वारा किए गए विकास को ठप करने में ही लगाया है। आज भी सुक्खू सरकार पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को बंद करने उनके बजट रोकने, उनके लाभार्थियों के नाम काटने से आगे नहीं बढ़ पाई है। कोविड जैसी महामारी और पहाड़ की चुनौतियों में भी हिमाचल इस महामारी से निपटने में हम अग्रणी रहे। प्रदेश के पास उस समय स्वास्थ्य का क्या इंफ्रास्ट्रक्चर था? प्रदेश में मात्र दो ऑक्सीजन पीएसए प्लांट थे और सौ की संख्या में भी वेंटिलेटर बेड नहीं थे। इसके बाद भी हमने कोई कमी नहीं होने दी। लोन की लिमिट होने के बाद भी हमने लोन नहीं लिया। जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह थी, लोगों की नौकरियां गई, बिना बताए छटनी की गई लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक भी कर्मचारी के 1 दिन का वेतन नहीं रोका। कोविड की चुनौती से निपटने के लिए लोगों को नौकरियां दी। जिसे इस सरकार ने छीन लिया। जो लोग आपदा में आपदा प्रभावित क्षेत्र की सड़कों से ढाई साल में सड़कों से मलबा भी नहीं उठा पा रहे हैं वह हमसे हमारे कामों का हिसाब मांगते हैं। हमें पचास हजार करोड़ का लोन विरासत में मिला था। फिर भी हमने काम किया। हर होठों पर मुस्कान लाई। पूर्व सरकार के समय से लंबित पड़े पे कमीशन को लागू किया। पूर्व सरकार द्वारा लिए गए लोन की किश्तें दी। किसी को दोष देने के बजाय काम करते रहे। क्योंकि ओछी राजनीति हमारा काम नहीं है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री द्वारा सदन में बोले गए तीन झूठ का दस्तावेजों के साथ किया खंडन
जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बीते कल सदन में तीन बार झूठ बोला इसके दस्तावेज हमारे पास हैं। मुख्यमंत्री ने पहली बात कही की भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को वित्त सचिव द्वारा पत्र नहीं लिखा गया जबकि 4 फरवरी को पत्र लिखा गया था और हमने वह बात विधानसभा में रखी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि सीपीएस को बचाने की पूरी लड़ाई में पैसा नहीं खर्च किया। ज्यादातर बिलों के भुगतान सरकार ने गुप्त रखे हैं लेकिन हमने एक दस्तावेज सदन में रखे हैं जिसमें सिर्फ एक हियरिंग के बदले दो वकीलों को 1.43 करोड़ का भुगतान किया है पूरी कानूनी लड़ाई का कितना खर्च हुआ, इसे सरकार को बताना चाहिए। इसी तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र की सड़कों को बहाल करने के लिए अपने केंद्रीय मंत्री को कोई पत्र नहीं लिखा। इस मामले में भी मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे थे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को हमने विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए डीपीआर को 25 जुलाई को पत्र लिख कर हिमाचल प्रदेश को मदद करने का निवेदन किया था। हमारे निवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हमें पत्र लिखकर अवगत भी करवाया था।
अपने लिए चुनाव लड़ने की जगह नहीं पा रहे हैं मुख्यमंत्री और कई नेता
जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत कई नेता अपने लिए चुनाव लड़ने की जगह नहीं पा रहे हैं। मुख्यमंत्री की नादौन में हालत खराब है इसलिए वह देहरा की तरफ रुख कर रहे थे लेकिन वहां पर पहले से ही नो एंट्री का बोर्ड लगा हुआ है। इसी तरीके से मुकेश अग्निहोत्री ने भी आगामी चुनाव लड़ने को लेकर असमंजस की स्थिति है। कांग्रेस के कई विधायकों का भी है। वह अभी जब मिलते हैं तो यही बात करते हैं कि उन्हें लड़ने के लिए कोई जगह नहीं दिखाई दे रही है क्योंकि जहां से वह विधायक है वहां से हार निश्चित है।


उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने महोत्सव का किया विधिवत शुभारम्भ,
श्री राज माधो राय की प्रथम जलेब में हुए शामिल, प्रदर्शनियों का किया शुभारम्भ और स्मारिका का किया विमोचन
मण्डी: श्री राज माधोराय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब एवं ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण के साथ विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी-2026 का आज औपचारिक शुभारम्भ हुआ। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने पर तैयार विशेष लोगो जारी किया, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा मेला समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया।
उप-मुख्यमंत्री मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्री राज माधो राय की पारंपरिक प्रथम जलेब में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस बार 200 से अधिक देवी-देवताओं की महोत्सव में शामिल होने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और पड्डल में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों तथा जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ साल का इतिहास यहां की समृद्ध विरासत का प्रतीक है और अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल उत्सव नहीं बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने से इन मेलों की प्रतिष्ठा विश्व स्तर तक पहुंची और आज यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुके है। विदेशी कलाकार यहां आ रहे हैं और मंडी के लोगों ने इस देवसमागम की परंपरा को सदियों से सहेज कर रखा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किया जाना उचित नहीं है और यह संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर हिमाचल का अधिकार बहाल करवाने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी तथा विकास कार्य जारी रहेंगे।
इससे पहले उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित किए जा रहे अन्य कार्यक्रमों का भी ब्यौरा दिया।

भोरंज : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सोमवार को भोरंज का दौरा करके वहां जारी विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सम्मू ताल के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया। सम्मू ताल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए उपायुक्त ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने यहीं पर निर्माणाधीन बस अड्डे के कार्य की प्रगति का जायजा भी लिया। उन्होंने मिनी सचिवालय भोरंज के परिसर का भी निरीक्षण करके अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उपायुक्त ने मिनी सचिवालय के पास निर्माणाधीन सामुदायिक भवन और खेल के मैदान की साइट पर जाकर भी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भोरंज उपमंडल में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा इन योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण फीडबैक लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अगर किसी योजना के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर कोई दिक्कत आ रही है या उसमें कुछ सुधार की आवश्यकता है तो संबंधित अधिकारी उसके बारे में नियमित रूप से फीडबैक अवश्य दें।
इस अवसर पर एसडीएम शशिपाल शर्मा, तहसीलदार डॉ. आशीष शर्मा और अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त को विभिन्न विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं की ताजा स्थिति से अवगत करवाया।

हमीरपुर : नई दिल्ली की प्रसिद्ध सिक्योरिटी कंपनी जी4एस सिक्योर सॉल्यूशन्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड महिला और पुलिस सिक्योरिटी गार्ड के 60 पदों को भरने के लिए 20 फरवरी को सुबह साढे दस बजे जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लेगी।
इन पदों के लिए 18 से 35 वर्ष तक के दसवीं पास उम्मीदवार पात्र होंगे। सिक्योरिटी गार्ड का अनुभव रखने वाले 40 वर्ष तक के उम्मीदवार भी साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई पांच फुट सात इंच और महिलाओं के लिए पांच फुट रखी गई है।
चयनित उम्मीदवारों को आठ घंटे की डयूटी पर 13,170 रुपये और बारह घंटे की डयूटी पर 19,755 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। उन्हें ईपीएफ, दुर्घटना बीमा, स्वयं एवं परिवार के लिए ईएसआई स्वास्थ्य बीमा, दस साल की निरंतर सेवा पर पेंशन सुविधा, मुफ्त वर्दी, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।
भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कंपनी के मोबाइल नंबरों 98573-88030 और 95999-56620 या जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।






