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ऊना में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान

29 मार्च से 21 जून तक चलेगा अभियान : उपायुक्त

ऊना: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में 29 मार्च से 21 जून तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को ज़िला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर गठित ज़िला टास्क फ़ोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में अभियान की रणनीति, लक्षित आयु वर्ग की पहचान, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान से पूर्व 10 मार्च तक सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा प्रवासी श्रमिक परिवारों का हाउस-टू-हाउस पंजीकरण और 20 मार्च तक ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर टीकाकरण से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने अभियान को लेकर जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया। विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा ताकि लक्षित आयु वर्ग की प्रत्येक पात्र किशोरी का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह तथा पंचायती राज संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग्स के माध्यम से अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण एवं टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियां इस अभियान से लाभान्वित हों।
उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
वहीं, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमणों में से एक है। समय रहते रोकथाम न होने पर यह वायरस सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। किशोरियां स्वयं भी https://uwin.mohfw.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं।

23 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह

उपायुक्त ने जानकारी दी कि 23 से 28 फरवरी तक ऊना जिले में नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जिले में 1,53,544 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 41,358 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर रिचा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार,जिला भाषा अधिकारी निकुराम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विपिन परमार बोले- जनाक्रोश की ज्वाला में घिरी कांग्रेस सरकार; चौड़ा मैदान बना सत्ता की नाकामी का आईना!

शिमला: वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि शिमला का ऐतिहासिक चौड़ा मैदान आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार की विफलताओं का साक्षात प्रमाण बन गया है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दूसरे दिन जिस प्रकार पेंशनरों को अपने अधिकारों की रक्षा हेतु सड़कों पर उतरना पड़ा, वह सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक जड़ता का स्पष्ट संकेत है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि जिन लोगों ने अपना संपूर्ण जीवन प्रदेश की सेवा में समर्पित किया, आज वही अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने को विवश हैं—यह किसी भी लोकतांत्रिक शासन के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि विधानसभा परिसर के बाहर पेंशनरों द्वारा पारंपरिक ‘नाटी’ के माध्यम से दर्ज कराया गया विरोध केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति गहरे असंतोष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब बुजुर्ग पेंशनर भी सड़कों पर उतरकर सरकार को जगाने का प्रयास करें, तो यह स्पष्ट है कि शासन तंत्र जनभावनाओं से कट चुका है।

विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रशासनिक शिथिलता, वित्तीय अव्यवस्था और नीतिगत अनिर्णय की प्रतिमूर्ति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की मांगों को लेकर सरकार का रवैया टालमटोल से भरा हुआ है। बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं, किंतु निर्णय लेने की इच्छाशक्ति का पूर्ण अभाव दिखाई देता है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक होती जा रही है। विकास कार्य ठप पड़े हैं, योजनाएं कागजों में सिमट चुकी हैं और कर्मचारी वर्ग निराशा में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के लंबित डीए और अन्य वित्तीय लाभों को रोके रखना उनके अधिकारों का सीधा हनन है। चुनाव के समय किए गए वादों को निभाने के स्थान पर सरकार अब बहानों का सहारा ले रही है।

विपिन सिंह परमार ने वित्तीय परिदृश्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वित्त सचिव स्वयं यह संकेत दे रहे हैं कि ‘सहारा योजना’ तथा बिजली-पानी जैसी मूलभूत सेवाओं पर दी जा रही सब्सिडी बंद करनी पड़ सकती है, तो यह सरकार की आर्थिक विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जो सरकार राहत देने के नाम पर सत्ता में आई थी, वही आज जनता से राहत छीनने की तैयारी कर रही है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि गरीब, निम्न एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर इस प्रकार का बोझ डालना जनादेश के साथ विश्वासघात है और यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

आरडीजी के विषय में भी विपिन सिंह परमार ने सरकार की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस शासित अन्य राज्यों में इस विषय पर तीव्र विरोध दर्ज किया गया है, तो हिमाचल में सरकार की स्पष्ट नीति क्या है? विपिन सिंह परमार ने कहा कि दोहरे मापदंड और परस्पर विरोधी वक्तव्य जनता के बीच भ्रम और अविश्वास उत्पन्न करते हैं।

विपिन सिंह परमार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री न तो विपक्ष की सार्थक आलोचना को महत्व देते हैं और न ही अपने ही विधायकों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि शासन संचालन में परिपक्वता का अभाव दिखाई देता है और निर्णय प्रक्रिया में समन्वय की कमी स्पष्ट है। अधिकारी वर्ग असमंजस में कार्य कर रहा है, जिसका सीधा प्रभाव प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।

विधानसभा के भीतर की स्थिति का उल्लेख करते हुए विपिन सिंह परमार ने कहा कि जब सदन में भी विषयों पर स्पष्टता और संतुलन का अभाव दिखाई दे, तो यह सरकार की आंतरिक कमजोरी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, किंतु वर्तमान परिस्थितियां इसके विपरीत संकेत दे रही हैं।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। युवा वर्ग अवसरों के अभाव में हताश हो रहा है, कर्मचारी असंतोष से घिरे हैं और पेंशनर आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि जनविश्वास के क्षरण का संकेत है।

 विपिन सिंह परमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही पेंशनरों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय नहीं लिए, तो भाजपा सड़क से सदन तक व्यापक जनांदोलन छेड़ने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिकारों की बहाली का नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता, पारदर्शिता और उत्तरदायी शासन की पुनर्स्थापना का है।

शिमला: पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन..

हिमाचल: प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगों को लेकर आज धरना प्रदर्शन शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदेश सरकार के खिलाफ किया गया। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश की सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने के और मुख्यमंत्री के ऊपर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं और सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि 28/11/25 को प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर एक बड़ा धरना प्रदर्शन और रैली प्रदेश सरकार के खिलाफ धर्मशाला जोरावार स्टेडियम में निकाली गई थी और मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में शिष्टमंडल को बुलाकर आश्वासन दिया गया कि वह उन्हें बातचीत के लिए विधानसभा समाप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर बुलाएंगे पर सब कुछ झूठ, मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में फर्क है।

प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने सरकार की कार्याप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में सरकार नें अपनी मित्र मंडली को खुश करने के लिए और वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से सरकारी खजाने पर भारी बोझ डाल कर प्रदेश को वित्तीय संकट में डाल रखा है जबकि पेंशनरों और कर्मचारियों की करोड़ों करोड़ों रुपये की देनदारियों से पल्ला झाड़कर उन्हें देने बारे आनाकानी कर रही है। समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि शिष्टमंडल को जल्द वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया, तो जिस दिन बजट पेश होगा, उस दिन हजारों पैंशनर विधानसभा के बाहर उग्र प्रदर्शन करेंगे।

डिजीटल क्रॉप सर्वे में सहयोग करें भूमि मालिक – उपायुक्त

धर्मशाला : कृषि विभाग जिला कांगड़ा द्वारा प्राइवेट सर्वेयरों के माध्यम से डिजीटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है यह जानकारी देते हुए उपयुक्त जिला कांगड़ा  हेमराज बैरवा ने बताया कि अब गिरदावरी ऑनलाइन ऐप के माध्यम से की जा रही है। जिसे डिजिटल क्रॉप सर्वे का नाम दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में 31 मार्च 2026 तक 4,59,186 खसरा नंबरों का मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजीटल सर्वे किया जाएगा और अभी तक 1,50,261 खसरा नंबरों का सर्वे कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए अग्रिबाजार कंपनी से अनुबंध किया गया है इसलिए यह काम अग्रिबाजार द्वारा चयनित सर्वेयरों द्वारा किया जा रहा है।

यह सर्वेयर मोबाइल में एक मोबाइल ऐप के माध्यम से खेतों तक पहुंचते है और फिर उसी ऐप में खेत का फोटो अपलोड करते है तथा उस खेत में लगाई गई फसल या उस खेत के अन्य उपयोग की जानकारी उस ऐप में अपलोड करते है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई सर्वेयर किसानों के खेतों में जा कर इस ऐप के माध्यम से डिजीटल सर्वे कर रहा हो तो उसे यह काम करने दें और यदि किसानों को सर्वेयर की कार्यप्रणाली में शक हो तो कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क करें।

एचपीवी टीके से मिलेगी सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा; जिले की 16,533 बालिकाओं को लगेगा निःशुल्क एचपीवी टीका – उपायुक्त

स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित

धर्मशाला : जिला कांगड़ा में किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी वैक्सीनेशन लगवाने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, एडीसी विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल, एमएस जोनल अस्पताल डाॅ. अनुराधा शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. दुष्यंत तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि अभिभावकों और छात्राओं को इस टीके के महत्व के बारे में सही जानकारी मिल सके।

उपायुक्त कहा कि कि 28 फरवरी को स्कूलों में आयोजित होने वाली पीटीएम बैठकों में एचपीवी वैक्सीनेशन पर चर्चा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को टीकाकरण के लाभ, प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी जानकारी सरल भाषा में बताई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति दूर हो सके।

उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 16,533 बालिकाएं चिन्हित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 75 विभिन्न स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

उपायुक्त ने कहा कि 8 से 10 हजार की यह वैक्सीन पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है और यह सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक अत्यंत प्रभावी कदम है। उन्होंने सभी अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों तथा समुदाय के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और पात्र बालिकाओं का समय पर प्री-रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह जीवनरक्षक टीका निःशुल्क लगाया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन के सफल रोलआउट को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कांगड़ा द्वारा शीघ्र ही जिला स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से समय रहते सुरक्षा प्रदान करना है। अभियान अवधि के दौरान 15 वर्ष की बालिकाओं को तीन महीने का तक की आयु का लाभ दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाएं इस सुरक्षा कवच से जुड़ सकें। यह टीका एकल खुराक सिंगल डोज़ के रूप में बाएं ऊपरी बाजू में लगाया जाएगा।

डाॅ. करोल ने कहा कि टीकाकरण के लिए अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण यू-विन पोर्टल के माध्यम से या सीधे निकटतम टीकाकरण केंद्र पर करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के समय बच्ची का खाली पेट न होना आवश्यक है।

28 तक ई-केवाईसी नहीं करवाई तो बंद हो सकती है पेंशन

हमीरपुर : सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को ई-केवाईसी के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, वे 28 फरवरी तक अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपनी ई-केवाईसी एवं सत्यापन करवा लें।

जिला कल्याण अधिकारी ने कहा कि अंतिम तिथि तक ई-केवाईसी न होने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि पेंशनर अनुपलब्ध है अथवा पेंशन प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं है तथा ऐसे पेंशभोगियों की पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी पेंशनभोगी का आधार कार्ड नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है तो वह व्यक्ति संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।

ई-केवाईसी सत्यापन से जुड़ी आवश्यक जानकारी हेतु लाभार्थी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

हमीरपुर: नादौन में डिप्लोमा एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों के साक्षात्कार 23 को

हमीरपुर : बद्दी की प्रसिद्ध कंपनी जूपिटर सोलर टैक प्राइवेट लिमिटेड में डिप्लोमा एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के 200 पदों को भरने के लिए 23 फरवरी को सुबह साढे दस बजे उपरोजगार कार्यालय नादौन में साक्षात्कार लिए जाएंगे।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और केमिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमाधारक फ्रेशर या वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के पासआउट महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित युवाओं को बीस हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।

भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

हमीरपुर: भलेठ में टीसीपी के नियमों के उल्लंघन पर दो लोगों को नोटिस

हमीरपुर :  तहसील सुजानपुर के राजस्व मुहाल मिहाड़पुरा के अंतर्गत भलेठ में हमीरपुर-सुजानपुर सड़क के किनारे नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग के नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्माण करने पर दो लोगों को अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं।

विभाग के मंडलीय कार्यालय हमीरपुर के नियोजन अधिकारी की ओर से हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम-1977 की धारा 39 की उपधारा-1 के तहत जारी इन नोटिसों में दोनों लोगों को अवैध कार्य को तुरंत बंद करने तथा साइट पर पूर्व की स्थिति बहाल के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दिव्यांगों और बुजुर्गों को कृत्रिम अंग एवं उपकरण देने के लिए लगेंगे आकलन शिविर

16 मार्च को भकरेड़ी और 17 मार्च को हमीरपुर में लगाए जाएंगे शिविर

18 मार्च को सुजानपुर, 19 को कलूर और 20 को भोरंज में किया जाएगा आकलन

हमीरपुर :  जिला हमीरपुर के दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को कृत्रिम अंग तथा अन्य आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम मोहाली द्वारा जिला प्रशासन हमीरपुर और जिला रैडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से एक विशेष पहल की गई है। निशुल्क कृत्रिम अंग और अन्य आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान करने हेतु दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के आकलन के लिए अगले महीने जिला हमीरपुर के सभी उपमंडलों में आकलन शिविर आयोजित किए जाएंगे।

उपायुक्त एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि 16 मार्च को बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत भकरेड़ी में, 17 मार्च को जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय हमीरपुर, 18 मार्च को तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय सुजानपुर, 19 मार्च को नादौन उपमंडल की ग्राम पंचायत कलूर और 20 मार्च को पंचायत कार्यालय भोरंज मंे आकलन शिविर आयोजित किए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि इन शिविरों में जिला के दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, स्मार्ट केन, स्मार्ट मोबाइल, वॉकर एवं कानों की मशीन इत्यादि उपकरण निशुल्क प्रदान करने के लिए परीक्षण किया जाएगा। इन शिविरों में आंखों के चश्मांे और दांत लगवाने के लिए परीक्षण नहीं किए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता से ग्रस्त दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक इन शिविरों में भाग लेकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। दिव्यांगजनों को अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड और यूडीआईडी कार्ड की छायाप्रति, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, नवीनत्तम बीपीएल प्रमाण पत्र या सालाना 2.70 लाख रुपये या इससे कम आय का प्रमाण पत्र लाना होगा। जिन दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, वे स्वयं या लोक मित्र केंद्र के माध्यम से स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर यूडीआईडी कार्ड बनवा सकते हैं।

इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड की छाया प्रति, नवीनत्तम बीपीएल प्रमाण पत्र या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सालाना 1.80 लाख रुपये अथवा इससे कम आय का प्रमाण पत्र लाएं।

उपायुक्त ने जिला के पात्र दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों से इन शिविरों लाभ उठाने की अपील की है।

शिमला: कुसुम्पटी बाजार सड़क 19 से 22 अगस्त तक यातायात के लिए बंद 

हमीरपुर: 17 मार्च तक बंद रहेगी लगवाण-टौणी देवी सड़क

हमीरपुर: उपमंडल हमीरपुर के अंतर्गत लगवाण-टौणी देवी सड़क और एनआईटी-खसग्रां-मुठान सड़क की मरम्मत एवं अपग्रेडेशन का कार्य प्रगति पर है। इन कार्यों के कारण उक्त मार्गों पर यातायात 17 मार्च तक बंद किया गया है। इस संबंध में जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने आदेश जारी करते हुए वाहन चालकों से इन क्षेत्रों के अन्य संपर्क मार्गों को वैकल्पिक रूट के रूप में इस्तेमाल करने की अपील की है।