


बिलासपुर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित सरकारी योजनाओं में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल कल्याण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा ‘पंखुड़ी’ नामक नया वेब पोर्टल शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह डिजिटल पोर्टल महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक, स्वयंसेवी संगठन, प्रवासी भारतीय तथा कॉरपोरेट संस्थान महिला एवं बाल विकास से जुड़ी पहलों से सीधे जुड़कर सहयोग कर सकेंगे, जिससे समाज के जरूरतमंद वर्गों को बेहतर सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि ‘पंखुड़ी’ पोर्टल एक सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और बच्चों के समग्र विकास से जुड़े कार्यक्रमों को एक ही मंच पर उपलब्ध करवाना है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक और संस्थाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं और संस्थानों से जुड़कर सहयोग कर सकते हैं, जिससे इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। पोर्टल पर ‘सर्च इंस्टीट्यूशन’ की सुविधा भी प्रदान की गई है, जिसके माध्यम से इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं अपनी पसंद के संस्थान या क्षेत्र का चयन कर सहयोग प्रदान कर सकते हैं। यह पोर्टल मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य जैसे प्रमुख सरकारी मिशनों को सहयोग प्रदान करेगा तथा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत कॉरपोरेट संस्थानों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, बिलासपुर हरीश मिश्रा ने बताया कि ‘पंखुड़ी’ पोर्टल पूरी तरह पारदर्शी और गैर-मौद्रिक मंच है, जिसमें किसी भी प्रकार का आर्थिक लेनदेन नहीं किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सहयोग सीधे संबंधित संस्थानों और लाभार्थियों तक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने बताया कि यह पोर्टल महिलाओं और बच्चों के कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी और महिला सशक्तिकरण तथा बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति और दिशा प्राप्त होगी।

शिमला: 14वीं विधान सभा के ग्यारहवें सत्र के प्रथम चरण के समापन उपरान्त आज मीडिया को सम्बोधित करते हुए हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि चौदहवीं विधान सभा के ग्यारहवें सत्र का प्रथम चरण अपेक्षा अनुरूप सफल रहा। यह सत्र 16 फरवरी को आरम्भ हुआ तथा 18 फरवरी, 2026 तक चला। उन्होंने कहा कि आज सदन की कार्यवाही 18 मार्च, 2026 पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित की गई है तथा 18 मार्च पूर्वाह्न 11 बजे बजट सत्र का दूसरा चरण पुन: आरम्भ होगा। इस सत्र के प्रथम चरण में 3 बैठकों का आयोजन किया गया जिसकी कार्यवाही लगभग 18 घण्टे 24 मिनट तक चली। इस तरह सत्र की उत्पादकता 124 प्रतिशत रही।
पठानिया ने कहा कि राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के उपरान्त सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक स्व0 भगत राम चौहान के प्रति शोकोदगार प्रकट कर समूचे सदन द्वारा श्रद्वांजली अर्पित की गई। इस सत्र के प्रथम चरण में 34 (24 तारांकित तथा 10 अतारांकित) प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए। शून्य काल के दौरान सदस्यों द्वारा सदन में 10 विषय उठाए गए जिनके सम्बन्घित मंत्रियों द्वार उत्तर दिए गए।
उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान सरकार द्वारा नियम 102 के तहत लाए गए सरकारी संकल्प “प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 275 और 280 के तहत राजस्व सहायता अनुदान की राशि 5वें से 15वें वित्तायोग तक प्राप्त हो रही थी जो कि 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष से बन्द की गई है जिससे प्रदेश में आर्थिक संकट के हालात पैदा हुए हैं। इसके दृष्टिगत यह सदन केन्द्र सरकार से पुरजोर सिफारिश करता है कि पूर्व में दी जा रही राजस्व सहायता अनुदान राशि प्रदेश की आर्थिक स्थिती के मध्यनजर राजस्व घाटे के अनुरूप प्रदान की जाए” पर विस्तृत चर्चा की जिस पर सदस्यों ने बहुमुल्य सुझाव दिए तथा इसे पारित किया गया । दो विधेयकों को राज्यपाल महोदय द्वारा पुन: विचार हेतु विभागों को लौटाया गया था उन्हें भी सदन द्वारा पुन: विचारोपरान्त पुन: पारित किया गया।
पठानिया ने प्रैस वार्ता के दौरान सत्र के प्रथम चरण में सहयोग के लिए विशेषक मुख्यमंत्री हि0प्र0 ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू , नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान तथा पक्ष तथा विपक्ष के सभी माननीय सदस्यों का धन्यवाद किया।

बिलासपुर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में आगामी 23 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आयोजित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण स्तर तथा समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है तथा इस अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिला के 1109 आंगनवाड़ी केंद्रों तथा 1006 विद्यालयों के माध्यम से कुल 97,674 बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। यह दवा कृमि संक्रमण की रोकथाम में प्रभावी है तथा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है। इसके अतिरिक्त 1 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 20,638 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी पिलाई जाएगी, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और उनके समुचित शारीरिक विकास में सहायता मिलेगी।
उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान के सफल आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को आगामी 23 फरवरी को संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र या विद्यालय में अवश्य भेजें, ताकि वह इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा निर्धारित तिथि पर एल्बेंडाजोल की खुराक लेने से वंचित रह जाता है, तो ऐसे बच्चों के लिए 28 फरवरी को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे जिला के सभी पात्र बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

विकास कार्यों, चैत्र मेला, गौशाला व श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष फोकस
शाहतलाई /बिलासपुर: बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई की बैठक आज आयुक्त बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 5 करोड़ 71 लाख रुपये का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक में विकासात्मक कार्यों के लिए 2 करोड़ 8 लाख 50 हजार रुपये व्यय करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त बाबा बालक नाथ के चैत्र मास के मिलन (मेला) के सफल आयोजन हेतु विभिन्न व्यवस्थाओं पर 64 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। आर्थिक सहायता मद में 7 लाख रुपये तथा वार्षिक मरम्मत (एनुअल रिपेयर) के लिए साढ़े 5 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं नॉन-प्लान मद के अंतर्गत 2 करोड़ 56 लाख 50 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया।
बैठक के दौरान आयुक्त बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने मंदिर परिसर में श्री नैना देवी जी की तर्ज पर आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने चरण गंगा के सौंदर्यीकरण कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए जल शक्ति विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यों को गति देने पर भी विशेष बल दिया गया। बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में लाइब्रेरी खोलने हेतु स्थान चिन्हित करने के भी निर्देश दिए।
आयुक्त बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई एवं उपायुक्त बिलासपुर ने आर्शिया शर्मा, एसडीएम झंडूता को निर्देश दिए कि समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें, ताकि श्रद्धालुओं को शीघ्र बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।इसके अतिरिक्त गौशाला के लिए एक हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन हेतु भेजने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में सोलर लाइटें स्थापित करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में उपायुक्त ने झंडूता स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में टीवी मरीजों के लिए श्री नैना देवी जी की तर्ज पर न्यूट्रिशन किट उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इस संबंध में शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा सके।

सरकार की योजनाओं धरातल पर उतारना प्राथमिकता : उपायुक्त*
कुल्लू: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2016 बैच के अधिकारी अनुराग चन्द्र शर्मा ने बुधवार को उपायुक्त कुल्लू के रूप में पदभार सम्भाल लिया है। उनके कुल्लू आगमन पर अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना रहेगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला बागवानी और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था वाला जिला है, इसलिए इन दोनों क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मजबूत और समन्वित टीम वर्क के माध्यम से सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुँचे। उन्होंने बताया कि वे पूर्व में भी कुल्लू जिले में उप-मंडलाधिकारी (एसडीएम) के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं, जिससे यहां की भौगोलिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के समय में जिन क्षेत्रों में नुकसान हुआ है, वहां स्थिति का आकलन कर उसकी गंभीरता का मूल्यांकन एवं समुचित समीक्षा की जाएगी, ताकि राहत एवं पुनर्वास के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

डीसी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन की वार्षिक योजना की समीक्षा की, बागवानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश
ऊना: ऊना जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 4 करोड़ 57 लाख रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। यह जानकारी बुधवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बागवानी विभाग की वार्षिक योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत यह धनराशि फल उत्पादन को बढ़ावा देने, पौध वितरण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, प्राकृतिक खेती, दवाइयां तथा उपकरण उपलब्ध करवाने पर व्यय की जाएगी। योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए 57 लाख 88 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। सुरक्षात्मक खेती के लिए पॉलीहाउस एवं हाइब्रिड संरचनाओं हेतु 2 करोड़ 37 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बागवानी मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए 16 लाख रुपये की अनुदान राशि तथा रिफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए 15 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला ऊना की अर्थव्यवस्था में बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बागवानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जाए। गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, रोग एवं कीट नियंत्रण दवाइयों तथा आधुनिक तकनीकों से युक्त उपकरण समय पर उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने, योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा बागवानों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उपनिदेशक बागवानी के.के. भारद्वाज, कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. रानु पठानिया, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव सक्सेना सहित सभी खंडों के विषय विशेषज्ञों व संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

ऊना: उपायुक्त जतिन लाल ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले में चयनित गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। वे बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। योजना के तहत सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम विकास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिले के 23 गांव इस योजना के तहत चयनित किए जा चुके हैं, जिनमें विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही तीसरे चरण में जिले के 11 नए गांव – बह, धनोबाल, फतेहपुर, धेवट-बेहड़, ज्वाल, ज्वार, जबेहड़, किन्नू, लमलेहड़ा, लमलेहड़ी उपरली तथा नैहरी खालसा, का चयन किया गया है। उन्होंने इन गांवों की ग्राम विकास योजनाएं शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों को तेजी से आरंभ किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि ग्राम विकास योजना में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिन पर किसी प्रकार का विवाद न हो, ताकि विकास की गति प्रभावित न हो। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों का विवरण फोटो सहित पीएमएजीवाई पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) नरेंद्र कुमार, प्रबंधक लीड बैंक संजीव कुमार सक्सेना, तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र शर्मा, खंड विकास अधिकारी अंब, ऊना व गगरेट सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा सत्र के समापन के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि सदन में लगातार झूठ बोला जा रहा है। मुख्यमंत्री जवाब देते हुए लगातार गलत आंकड़े पढ़ रहे थे। उसका उत्तर देने के लिए हमने समय मांगा लेकिन हमें समय नहीं मिला। मजबूरन भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल को वेल में आकर नारेबाजी करनी पड़ी लेकिन हमारा पक्ष नहीं सुना गया और मुख्यमंत्री के झूठ की धारा सदन में बहती रही। जबसे यह सत्र चला है सत्ता पक्ष से लगातार यह बात कही जा रही थी कि आ डीजी खैरात नहीं है अधिकार है। विधायक ही नहीं मुख्यमंत्री भी लगातार गलत आंकड़े अलग–अलग तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन से विपरीत आंकड़े दे रहे हैं। कितना झूठ सरकार में बैठे लोग बोल रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग में हमारी सरकार द्वारा दी गई प्रेजेंटेशन लेकर आए थे। हमने जो बात सरकार में रहते हिमाचल के भले के लिए कर सकते थे किया। मुख्यमंत्री भी कह रहे थे कि आपने हिमाचल के हित के लिए 15वें वित्त आयोग में बहुत बढ़िया काम किया था। हमने काम किया, तर्कपूर्ण पक्ष रखे, हिमाचल की समस्याएं बताई, हर मंच पर हिमाचल की आवाज उठाई तो हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वालीं केंद्र से मदद मिली। हम आज भी अपनी उस प्रेजेंटेशन पर कायम हैं। हिमाचल को यदि आज राजस्व घाटा अनुदान नहीं मिला तो उसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री और सुक्खू सरकार है। हिमाचल के हितों की वह पैरवी नहीं कर पाए। भाजपा सदैव हिमाचल के हित के लिए लगातार तत्पर है। कांग्रेस की इस राजनीति से प्रदेश का नुकसान हो रहा है। सरकार को राजनीति से बाज आना चाहिए। सरकार की हठधर्मिता की वजह से प्रदेश का बहुत नुकसान हो रहा है।
पत्रकारों के सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा लगातार हिमाचल के हितों की पैरवी केंद्र सरकार से करती रहती है। लेकिन मुख्यमंत्री हिमाचल के हितों की पैरवी के बजाय सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के विधायक कौन है नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विधानसभा सत्र के समापन के बाद कांग्रेस सरकार की हिमाचल विद्युत नीतियों के विरुद्ध जमकरनारेबाजी की। सभी विधायकों ने हिमाचल को बेचने, हिमाचल के लोगों की सुविधाएं छीनने, झूठे आंकड़े पेश करने, सदन को गुमराह करने आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।



