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शिक्षा मंत्री ने की यूनेस्को ‘‘एचपी फ्यूचर्स’’ परियोजना संचालन समिति बैठक की अध्यक्षता

चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध
यूनेस्को की सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

शिमला:शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित यूनेस्को ‘‘एचपी फ्यूचर्स’’ परियोजना की संचालन समिति की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा तथा शिक्षा सुधारों के अगले चरण के लिए कार्ययोजना तय की गई।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूनेस्को के साथ हुआ समझौता राज्य सरकार की गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक कठिनाइयों और प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौतियों के बावजूद सरकार दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक शहरी क्षेत्रों के समान गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में आरंभ की गई ‘‘एचपी फ्यूचर्स’’ परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के अनुरूप है। परियोजना का उद्देश्य समावेशी भविष्य के लिए तैयार और जलवायु-संवेदनशील पीएम श्री व अन्य विद्यालयों का विकास करना है।
परियोजना तीन प्रमुख स्तंभों कौशल आधारित शिक्षा, खेलों के माध्यम से नैतिक मूल्य शिक्षा तथा हरित शिक्षा पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सितंबर 2025 में आयोजित संचालन समिति की प्रथम बैठक के बाद से नागरिक समाज संगठनों, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी एवं डाइट के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया है। लगभग 200 शिक्षकों को खेलों के माध्यम से भी नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इनमें वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता शामिल हैं, साथ ही ईको-क्लबों को सशक्त बनाया गया है और विद्यार्थियों की पर्यावरणीय गतिविधियों में सहभागिता बढ़ी है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि विस्तृत योजना के तहत सुधारों की शुरुआत 12 पीएम श्री विद्यालयों से की जाएगी, इसके बाद 99 विद्यालयों तक इसका विस्तार किया जाए और अंततः यह पूरे राज्य में लागू किए जाएं। उन्होंने डाइट के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, एससीईआरटी, डाइट के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनेस्को की सिफारिशें केवल रिपोर्ट तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षण, सीखने के परिणामों तथा विद्यालयों की कार्यप्रणाली में ठोस सुधार के रूप में दिखाई दें। उन्होंने यूनेस्को की सिफारिशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र में सार्थक एवं दूरगामी सुधार लागू कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूनेस्को के सहयोग से हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
यूनेस्को प्रतिनिधियों ने विभिन्न विद्यालयों के क्षेत्रीय भ्रमण के आधार पर विस्तृत प्रस्तुति और सुझाव दिए।
समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, यूनेस्को प्रतिनिधि तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

वैक्सीन को लेकर भी कांग्रेस पार्टी के नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे : रणधीर शर्मा

“दिल्ली पुलिस को रोकना संघीय ढांचे और संविधान का उल्लंघन” – रणधीर शर्मा

शिमला: भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली से आई पुलिस टीम को विधिसम्मत कार्रवाई करने से रोका और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भारतीय जनता पार्टी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी। किंतु उसी मंच पर राहुल गांधी के निर्देश पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया नग्न प्रदर्शन देश की छवि को धूमिल करने वाला राष्ट्रविरोधी कृत्य था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने विधिसम्मत रूप से मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रारंभ की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस जब रोहड़ू से आरोपित उपद्रवियों को गिरफ्तार कर वापस ले जा रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा उन्हें रोकना और दुर्व्यवहार करना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। संविधान के अंतर्गत एक राज्य की पुलिस का कर्तव्य है कि वह दूसरे राज्य की पुलिस को सहयोग दे, न कि टकराव की स्थिति उत्पन्न करे।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यदि हिमाचल सरकार दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई नहीं करती तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू के निर्देश पर हुआ। “चोर की दाढ़ी में तिनका” की तर्ज पर यदि सरकार आरोपियों को बचाने के लिए इतनी सक्रिय हो जाए, तो उसकी मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के गुंडों को बचाने के लिए प्रदेश में अराजकता फैलाना लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। भाजपा ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और संघीय ढांचे की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

दिल्ली में युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से मोदी सरकार पूरी तरह बौखला गई है – विनय कुमार

शिमला: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। ऐसा लगता है कि देश में अघोषित आपातकाल लग गया है,जहां न तो सरकार के खिलाफ किसी को बोलने की आजादी है न ही विरोध प्रदर्शन करने की कोई अनुमति।
विनय कुमार ने कहा कि दिल्ली में युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से मोदी सरकार पूरी तरह बौखला गई है। इसी के चलते उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी तानाशाह के तौर पर देश की आवाज को दबाने का असफल प्रयास कर रहें है,पर न तो देश डरता है न ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता।
विनय कुमार ने केंद्र सरकार की दिल्ली पुलिस की आलोचना करते हुए कहा है कि अगर पुलिस ही गैरकानूनी तरीके से किसी राज्य में आकर ,बगैर किसी को सूचित किये बिना हिरासत में लेकर अपने साथ ले जाने की कोशिश करती है तो यह सीधे तौर पर प्रदेश की प्रभुसत्ता का हनन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और इस प्रकार की अनैतिक कार्यवाही से प्रदेश के पर्यटन पर विपरीत असर पड़ सकता है।हिमाचल प्रदेश एक पर्यटक स्थल है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश विरोधी नीतियों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी,युवाओं की आवाज दबाने व उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि अमरीका के दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को फिर से गुलामी की ओर ले जा रहें है जो किसी भी सूरत में सहन नही किया जा सकता।
विनय कुमार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश के हितों से खिलवाड़ कर रही है। इंडो यू एस व्यापार समझौता भारत के हितों के खिलाफ है। मोदी ने अमेरिका के आगे घुटने टेक दिए हैं।केंद्र की मोदी सरकार अपनी किसी भी आलोचना को सहन नही कर सकती। आलोचना करने वालो के खिलाफ देशद्रोह जैसे संगीन आरोप लगा कर उन्हें डराने का प्रयास किया जाता है।
विनय कुमार ने कहा है कि देश की आवाज,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जाता। लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। संविधान को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस किसी भी सूरत में देश के साथ अन्याय नही होने देगी,इसके खिलाफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में पूरे देश में कांग्रेस एक बड़ा जन जागरण अभियान शुरू करेगी।

रोज़गार क्षमता बढ़ाने व युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने को मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम किए जाएंगे संचालित 

राजेश धर्माणी ने तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

शिमला: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां तकनीकी शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उद्योग उन्मुख, आधुनिक और भविष्योन्मुखी कौशलों में सशक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के नवाचारों को साकार रूप प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास कर रही है। इस दिशा में अत्याधुनिक पहलों को शुरू करने के लिए दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड से युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से राज्य में स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा नवीन विचारों और उर्जा से परिपूर्ण है। युवाओं को उद्यमशीलता की ओर आकर्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप भविष्योन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्रणाली का विकास किया जा रहा है। उभरती प्रौद्योगिकियों और बदलते वैश्विक रोज़गार बाज़ार को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के डिज़िटल कौशल का विकास कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक से संबंधित नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत इस क्षेत्र का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोज़गार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ लड़कियों के लिए विशेष रूप से नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा अपने हुनर को प्रदर्शित कर पा रहे हैं। प्रदेश के सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में प्रदेश के सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि युवा इनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी तकनीकी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे प्रशिक्षु राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। हिमुडा द्वारा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं की स्किल ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें और उद्योग विभाग के रिसोर्स पर्सन युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में विभाग और बोर्ड को अपनी कार्यशैली में आईटी का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एआई संबंधित कार्यक्रमों का समावेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ग्रीवांस पोर्टल भी शुरू किया गया है।
बैठक में विशेष सचिव सुनील शर्मा, निदेशक अक्षय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: 14 मार्च को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

शिमला: राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च, 2026 को आयोजित की जानी निश्चित की गई है जिसमें विभिन्न प्रकार के मामले प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इनमें धारा 138 के तहत एन.आई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली व पानी, भरण-पोषण व अन्य (आपराधिक, कंपाउंडेबल व दीवानी विवाद) से संबंधित मामले शामिल हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर के सचिव ने बताया कि न्यायलयों में लंबित मामले जिनमें क्रिमिनल कम्पाउन्डेंबल ऑफेन्स, धारा 138 के तहत एन.आई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, वाहन दुर्घटना, श्रम विवाद, विद्युत व पानी के बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भू-अधिग्रहण, सेवाओं से संबंधित तनख्वा व भत्ते, सेवानिवृति से संबंधित मामले, राजस्व मामले (केवल जिला व उच्च न्यायलय में लंबित) व अन्य दीवानी मामले (किराया, सुखभोग अधिकार (गुजारा भत्ता), हिदायत संबंधी, विशिष्ट प्रदर्शन सूट) शामिल हैं, की सुनवाई भी राष्ट्रीय लोक अदालत में की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अपने-अपने न्यायिक क्षेत्र के तहत जो कोई व्यक्ति उक्त मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान करवाना चाहते हैं तो वह न्यायिक न्यायालय परिसर रामपुर बुशहर, न्यायिक न्यायालय परिसर रिकांग पिओ जिला किन्नौर, न्यायिक न्यायालय परिसर आनी जिला कुल्लू या जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रिकांग पिओ जिला किन्नौर के कार्यालय में अपने मामले की सुनवाई के लिए संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए 01786-223605 या  secy-dlsa-kin-hp@gov.in पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

“राहुल-प्रियंका के इशारे पर चल रही हिमाचल सरकार, देवभूमि को बनाया राजनीतिक शरणस्थली” – जयराम ठाकुर

शिमला: भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिला और एआई इम्पैक्ट समिट 2026 प्रकरण में दिल्ली पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में हस्तक्षेप तथा प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस तंत्र के कथित राजनीतिक दुरुपयोग के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

राज्यपाल से भेंट के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों की उपस्थिति में भारत की छवि सशक्त रूप से उभरी। किंतु इसी मंच पर यूथ कांग्रेस नेताओं द्वारा अर्धनग्न प्रदर्शन कर देश की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के निर्देश पर हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस मशक्कत का एक कारण दिल्ली पुलिस द्वारा होटल के जब्त डीवीआर और दस्तावेजों को हासिल करना था क्योंकि डीवीआर से ही सभी साजिशकर्ताओं के राज खुलने का डर है। इस दौरान उनसे कौन मिला, उन्हें कौन पहुंचाया? उन्हें किसने सुविधाएं दिलवाई यह सब सामने आने से सरकार बेनकाब हो जाती। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि इस राष्ट्रविरोधी कृत्य के संबंध में दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज हुई और दिल्ली पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में शामिल कुछ यूथ कांग्रेस नेताओं को हिमाचल सदन में शरण दी गई तथा मुख्यमंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि कमरों की बुकिंग मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से हुई थी। “यह स्पष्ट संकेत है कि संरक्षण संगठित तरीके से दिया गया,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि जब दिल्ली पुलिस को साक्ष्य मिले कि कुछ आरोपी हिमाचल प्रदेश में छिपे हैं, तो पुलिस रोहड़ू के चांशल वैली होटल पहुँची और सौरभ सिंह (अमेठी, उत्तर प्रदेश), अरवाज (कानपुर) तथा सिद्धार्थ (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया। जयराम ठाकुर ने प्रश्न उठाया कि इनका स्थायी संबंध हिमाचल से नहीं होने के बावजूद वे यहाँ कैसे पहुँचे? “क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण और सरकारी संसाधनों के माध्यम से सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया गया?” उन्होंने पूछा।

उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मपुर पहुँचने पर दिल्ली पुलिस को असंवैधानिक तरीके से रोका गया, रात 8:11 बजे उनके विरुद्ध अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई, जबकि उनके पास वैधानिक दस्तावेज, सीजर रिपोर्ट और न्यायालयीन आदेश थे। मजिस्ट्रेट द्वारा ट्रांजिट रिमांड दिए जाने के पश्चात भी दिल्ली पुलिस को रोका गया और वाहन सीज करने की कोशिश की गई। लगभग 24 घंटे तक टकराव की स्थिति बनी रही। “यह दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने खड़ा करना संघीय ढांचे पर सीधा आघात है,” उन्होंने कहा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने राजनीतिक कारणों से पुलिस तंत्र का उपयोग किया है तो यह संविधान की शपथ का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इशारे पर हिमाचल सरकार कार्य कर रही है और देवभूमि को राजनीतिक शरणस्थली बना दिया गया है।

जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की केंद्र सरकार के माध्यम से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की स्वतंत्र जांच हो तथा दोषी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और कानून के शासन का है।

प्रतिनिधिमंडल में विधायक विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, जीत राम कटवाल, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रदेश पदाधिकारी कुसुम सदरेट, कर्ण नंदा, रमा ठाकुर, सुदीप महाजन, जिला अध्यक्ष केशव चौहान, प्रत्याशी संजय सूद, मंडल अध्यक्ष रजीत पंडित, संजीव चौहान, नगर निगम पार्षद एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सोलन: नौणी विश्वविद्यालय–समग्र शिक्षा साझेदारी से कृषि व्यावसायिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

सोलन: कृषि व्यावसायिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बढ़ते हुए डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में नैशनल स्किल्स क्वालफकैशन फ्रैम्वर्क के अंतर्गत स्थापित इन्क्यूबेशन सेंटर की गतिविधियों पर हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला विश्वविद्यालय और समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आयोजित की गई। यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की विश्व बैंक समर्थित STARS परियोजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. इंदर देव ने कहा कि विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन सुविधा विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विश्वविद्यालय कृषि विशेषज्ञता, आधारभूत संरचना तथा डाटा प्रबंधन के क्षेत्र में अपना योगदान देगा। उन्होंने दोहराया कि इन्क्यूबेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु आवश्यक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल तथा पेशेवर दृष्टिकोण से सुसज्जित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो शिक्षा की गुणवत्ता एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने हेतु अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने पर बल देती है।

परियोजना की सह-समन्वयक डॉ. आशु चंदेल ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसे एक परिवर्तनकारी साझेदारी बताया, जिसका उद्देश्य कृषि व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उनमें उद्यमिता कौशल विकसित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि इस परियोजना से प्रदेश के लगभग 227 विद्यालयों के 5,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी सुरेंद्र रंगटा ने हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना तथा उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की युवा आबादी की क्षमता का समुचित उपयोग करने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। यह परियोजना विद्यार्थियों की ऊर्जा और आकांक्षाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 1,700 से अधिक विद्यालयों में लगभग 2,800 व्यावसायिक प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें लगभग 16 ट्रेड पढ़ाए जा रहे हैं।

कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर के अधिष्ठाता डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि यह परियोजना विद्यार्थियों को पारंपरिक व्हाइट कॉलर नौकरियों से हटाकर उद्यमिता की ओर प्रेरित करने का प्रयास है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि शिक्षा को राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि देश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें व्यावसायिक अनुप्रयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इस दिशा में व्यावसायिक शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की क्षमता निर्माण में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

परियोजना के सह-समन्वयक डॉ. सुधीर वर्मा ने इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की कार्य योजना एवं प्रस्तावित पाठ्यक्रम प्रस्तुत किया, जबकि हितेश श्योराण ने इन्क्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यशाला में सोलन एवं आसपास के क्षेत्रों के वोकेशनल शिक्षक, परियोजना से जुड़े विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य तथा समग्र शिक्षा के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इन्क्यूबेशन सेंटर तथा जैव अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का भी दौरा किया। विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए हितधारकों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए, ताकि परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सोलन: कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को दिया बढ़ावा

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन ने आज हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड (एच.आई.एल.) के सहयोग से कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जिला सोलन के किसानों एवं कृषि हितधारकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं आवश्यकता-आधारित उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड के अतिरिक्त महाप्रबंधक डॉ. राजेंद्र थापर इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि रसायनों के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. थापर ने देशभर के किसानों के कल्याण हेतु कंपनी द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईएल बीज, कृषि रसायन एवं उर्वरकों के उत्पादन में संलग्न है। उन्होंने किसानों को कीटनाशक खरीदते समय लेबल पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ने की सलाह दी। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा किट के उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया। कीटनाशक सुरक्षा उपायों पर एक वीडियो प्रस्तुति तथा डॉ. थापर एवं केईसी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली के अशोक कुमार जरवाल द्वारा सुरक्षा किट का प्रदर्शन कार्यक्रम का आकर्षण रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत में तकनीकी सहायक पूजा ठाकुर ने मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं जिला सोलन के विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों का स्वागत किया। वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें कीटनाशकों का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा स्वास्थ्य का महत्व, सब्जी फसलों में आईपीएम पद्धतियां, पशुधन का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा किसानों के लिए उपलब्ध सरकारी वित्तीय योजनाएं शामिल थीं।

कीट वैज्ञानिक डॉ. अनुराग शर्मा एवं डॉ. अजय शर्मा ने फसल-विशिष्ट एवं आवश्यकता-आधारित कीटनाशक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक परामर्श का पालन करने, आईपीएम पद्धतियां अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि कृषि उत्पादकता में वृद्धि के साथ पर्यावरण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। किसानों को गैर-रासायनिक कीट प्रबंधन विधियों को अपनाने, लेबल की सही व्याख्या, उचित मात्रा का प्रयोग, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, प्राथमिक उपचार, सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग, सुरक्षित भंडारण एवं पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।

मृदा वैज्ञानिक डॉ. मीरा देवी ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में किसानों को अवगत करवाया।  उन्होंने मृदा में जैविक कार्बन, रंध्रता एवं जल धारण क्षमता बढ़ाने में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की भूमिका को भी विस्तार से समझाया। कंडाघाट की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसी शर्मा ने पशुधन के वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल देते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक सत्रों ने किसानों को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करने एवं क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया। लगभग 200 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए।

सोलन: ग्राम पंचायत सनयाड़ी मोड़ के गांव पनसोड़ा में ‘सरकार आपके द्वार’ आयोजित

सोलन: अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी को मज़बूत कर आत्मनिर्भर हिमाचल के सपने को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। संजय अवस्थी आज अर्की उपमण्डल की ग्राम पंचायत सनयाड़ी मोड़ के गांव पनसोड़ा में ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनने के उपरान्त जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थेे।

विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में ही प्रदेश की आर्थिक मज़बूती निहित है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक और जहां कृषि, बागवानी एवं दुग्ध उत्पादन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए अनेक दीर्घकालिक निर्णय लिए गए हैं वहीं ग्राम स्तर तक सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाया जा रहा है।

संजय अवस्थी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अभूतपर्व वृद्धि कर यह सुनिश्चित बनाया है कि दुग्ध उत्पादकों को बेहतर लाभ मिले। प्रदेश सरकार का यह निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निर्णायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशु पालन एवं दुग्ध एकत्रीकरण में महिलाओं का योगदान सर्वविदित है और दूध के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि महिलाओं की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में और वृद्धि की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आरम्भिक चरण में गेहूं, हल्दी और मक्का जैसे प्राकृतिक कृषि के माध्यम से उगाए गए उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने से किसान व्यापक स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से उगाई गई अदरक के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का मामला मुख्यमन्त्री एवं कृषि मन्त्री के ध्यान में लाया गया है। उन्होेंने युवाओं से आग्रह किया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने घर-द्वार के समीप रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्राप्त करें।

विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश को बहुमूल्य खनन निधि प्राप्त हो रही है और उनके सत्त प्रयासों से वर्ष 2021 के उपरान्त खनन निधि से अर्की विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समुचित धनराशि प्राप्त होना आरम्भ हुई है। वर्ष 2021 के उपरान्त पहले वर्ष में ही इस निधि से अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए 24 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं।

संजय अवस्थी ने कहा कि गत तीन वर्षों में ग्राम पंचायत सनयाड़ी मोड़ मंे विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 75 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंनेे कहा कि नालसू नाला से जावल सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए 16.50 लाख रुपए उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने लिली फार्म से पनसोडा होते हुए चाम्बा गांव तक मार्ग निर्माण के लिए 27 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। इस मार्ग के लिए पूर्व में 19 लाख रुपए उपलब्ध करवाए ग्ए हैं। उन्होंने चाम्बा गांव के सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए, पनसोडा, चाम्बा व कुणकुणू गांव में मोक्षधाम के लिए एक-एक लाख रुपए, गांव छामला चलेरनी में पेयजल टैंक के लिए 6.80 लाख रुपए तथा जठोथ सम्पर्क मार्ग के लिए आकलन अनुसार धनराशि प्रदान करने की घोषणा की।

विधायक ने कोठी गांव में वोल्टेज की समस्या के निदान के निर्देश भी दिए। उन्होंने इस अवसर पर महिला मण्डल पनसोडा, छामला, जठोत व चाम्बा के लिए 21-21 हजार रुपए तथा महिला मण्डल पनसोडा के भवन निर्माण के लिए भूमि की औपचारिकताओं के पूर्ण होने के अनुरूप प्रथम चरण में 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने युवक मण्डल पनसोडा को 11 हजार रुपय देने की घोषणा भी की।

विधायक ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास ही उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में वह सदैव कार्यरत रहेंगे। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।

CM सुक्खू ने किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं करने के निर्देश दिए

चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित नहीं करने वाले जिलों से रिपोर्ट मांगी

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद न की जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिलती रहेगी और विभाग को शेष पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अब तक 7,60,772 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है और सभी पात्र व्यक्तियों को बिना किसी अपवाद के कवर करने पर बल दिया।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की भी समीक्षा की और कहा कि वर्तमान में राज्य के 4,131 बच्चे इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 30.69 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित करने के निर्देश दिए और जिन जिलों ने अभी तक ऐसे भ्रमण आयोजित नहीं किए हैं, उनसे रिपोर्ट देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धन की कोई कमी नहीं है और आश्वस्त किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 10 प्रतिशत उपयोग करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य में 21,588 लाभार्थी हैं, जिनमें से 20,735 बच्चे 18 वर्ष तक की आयु के हैं। इस योजना के लिए 31.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर एवं आशीष सिंहमार, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित खिमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।