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पांवटा साहिब में पंजाब पुलिस ने मारा छापा, बरामद की नशीली दवाईयां

शिमला जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी..

हिमाचल: प्रदेश की राजधानी शिमला में चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को आज बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। जानकारी के अनुसार यह धमकी ईमेल के जरिए प्राप्त हुई थी। इसमें कोर्ट परिसर में बम रखे होने की बात कही गई थी।  सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई। पुलिस ने अदालत भवन सहित आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की, लेकिन तलाशी के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।  जांच पूरी होने के बाद अदालत परिसर में स्थिति सामान्य कर दी गई और नियमित रूप से कामकाज जारी रहा। पुलिस के अनुसार धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

बता दें कि इससे पहले भी जिला एवं सत्र न्यायालय के अलावा हाई कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हाईकोर्ट, जिला एवं सत्र न्यायालय के अलावा कई अन्य परिसरों को उड़ाने की धमकी भरी ईमेल पहले भी प्राप्त हुई है। पुलिस ने बालूगंज थाना के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह ईमेल कहां से आई थी।

शिमला: अवैध पार्किंग पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, ऑकलैंड स्कूल से नवबहार मार्ग तक हटाए गए वाहन

शिमला: शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस शिमला द्वारा सड़क के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रमुख कार्रवाई और क्षेत्र- इस अभियान के अंतर्गत ऑकलैंड स्कूल क्षेत्र तथा संजौली थाना से नवबहार मार्ग तक सड़क के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाया गया। इस दौरान यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे कई वाहनों के चालान किए गए और उन्हें मौके से हटाया गया।

कानूनी प्रावधान जिनका पालन किया गया: यह कार्रवाई निम्नलिखित कानूनी प्रावधानों के तहत अमल में लाई गई है:
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 122: इसके अनुसार कोई भी चालक अपने वाहन को ऐसे स्थान पर पार्क नहीं कर सकता जिससे अन्य वाहनों या राहगीरों को खतरा, असुविधा या बाधा हो।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 127: पुलिस को अधिकार है कि वह अवैध रूप से पार्क किए गए या बाधा उत्पन्न करने वाले वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाए और चालक के विरुद्ध चालान करे।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 का नियम 15: फुटपाथ, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल, संकरी पुलों, तीखे मोड़ों तथा “नो पार्किंग” क्षेत्रों में वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

अपील: जिला पुलिस शिमला आम नागरिकों से अनुरोध करती है कि वे अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें। सड़क के किनारे की गई अवैध पार्किंग न केवल यातायात को प्रभावित करती है, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए भी सुरक्षा जोखिम पैदा करती है।

जिला पुलिस शिमला द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकार की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में उठाया हिमाचल में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं का मुद्दा..

केंद्र सरकार ने बताया – AI आधारित चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन तंत्र से पहाड़ी राज्यों को मिलेगा लाभ

शिमला: शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में हिमाचल प्रदेश विशेषकर शिमला और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वर्ष 2025 के मानसून और प्री-मानसून के दौरान प्रदेश में अत्यधिक वर्षा, शहरी बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में हुई वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि इन आपदाओं से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और विशेष तंत्र के माध्यम से क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि देश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन कर धारा 41-A जोड़ी गई है, जिसके तहत राज्य सरकारों को राजधानी और नगर निगम क्षेत्रों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Urban Disaster Management Authority – UDMA) गठित करने का अधिकार दिया गया है, ताकि शहरी क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आपदा डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसमें जोखिम आकलन, शमन योजनाएं और आपदाओं से संबंधित वास्तविक समय का डेटा संकलित किया जाएगा। इससे भविष्य में आपदा प्रबंधन की रणनीतियों को और अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) जैसी संस्थाएं सात दिन पहले तक मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम हो रही हैं। इसके साथ ही मिशन मौसम के तहत अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए सात दिन पहले तक मौसम और चक्रवात की संभावनाओं का आकलन करने के लिए एआई आधारित सिमुलेशन प्रणाली विकसित की जा रही है।

सरकार ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) और राष्ट्रीय आपदा शमन निधि (NDMF) के माध्यम से राज्यों को आपदा राहत के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उच्च स्तरीय समिति (HLC) राज्यों को सहायता स्वीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

गृह मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न राज्यों को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से 4576.7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके।

इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी और आपदा-संवेदनशील राज्यों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पूर्वानुमान और मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र के माध्यम से समय रहते चेतावनी और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता की सुरक्षा और विकास के लिए ऐसे विषयों को संसद में उठाना उनकी प्राथमिकता है।

शिमला: CM सुक्खू ने ISBT टूटीकंडी से प्री-पेड टैक्सी सेवा का किया शुभारंभ; पारदर्शिता और सुरक्षा की जाएगी सुनिश्चित

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला के अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) टूटीकंडी से राज्य के लिए प्री-पेड टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया।
इस सुविधा के अंतर्गत यात्री आईएसबीटी टूटीकंडी स्थित प्री-पेड टैक्सी काउंटर से टैक्सी बुक करवा सकते हैं। काउंटर पर भुगतान करने के बाद ग्राहक को एक भुगतान पर्ची दी जाएगी, जिसे टैक्सी चालक को दिखाना अनिवार्य होगा। इसके बाद चालक यात्री को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाएंगे। वापिस स्टेशन लौटने पर चालक उस पर्ची को काउंटर पर जमा करेगा और यात्रा का भुगतान प्राप्त करेगा।
किराया पहले ही अदा कर दिया जाएगा, इसलिए यात्रियों को किराए को लेकर चालकों के साथ किसी प्रकार की असुविधा या विवाद का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह प्री-पेड टैक्सी सेवा शिमला शहर के भीतर 26 स्थानों को कवर करेगी, साथ ही चंडीगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और चंडीगढ़ शहर को भी इसमें शामिल किया गया है। इस सेवा में कुल 115 वाहन शामिल होंगे, जिनका संचालन टैक्सी यूनियन द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह पहल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी क्योंकि किराया दरें परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचित की गई हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी इसका लाभ मिलेगा।’

संपत्ति विवाद पर कांग्रेस की सफाई में ही छिपा है पूरा सच, जनता को गुमराह करने का प्रयास बंद करे सरकार – संदीपनी भारद्वाज

शिमला: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने राज्यसभा सदस्य अनुराग शर्मा की संपत्ति को लेकर सामने आए सवालों पर कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले में सच्चाई का सामना करने के बजाय भ्रम फैलाने और मुद्दे से ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि के हलफनामे और संपत्ति के विवरण को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं तो उसका पारदर्शी और तथ्यात्मक जवाब देना लोकतंत्र की जिम्मेदारी होती है। लेकिन कांग्रेस के नेताओं का रवैया ऐसा है मानो “चोर की दाढ़ी में तिनका” हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार सवालों से बचने के लिए भाजपा पर ही आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जनता सच्चाई जानना चाहती है।

उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार हलफनामे में दर्ज संपत्ति के आंकड़ों को लेकर कई प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं और यह भी बताया जा रहा है कि कुल संपत्ति 22 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा बार-बार यह कहना कि प्रत्याशी एक “आम कार्यकर्ता” है, जनता की समझ का अपमान है।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बयान खुद आपस में विरोधाभासी हैं। एक तरफ वे सवालों को झूठा प्रचार बता रहे हैं, दूसरी ओर पूरे मामले पर स्पष्ट और संतोषजनक जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ स्पष्ट और सही है तो कांग्रेस को खुलकर सामने आकर तथ्य रखने चाहिए, ताकि जनता के मन में उठ रहे संदेह दूर हो सकें।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पहले ही पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई प्रश्न उठ चुके हैं। अब राज्यसभा चुनाव से जुड़े इस मामले में भी जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे प्रदेश की राजनीति में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। इसलिए इस पूरे मामले में सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच और स्पष्टता जरूरी है, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि सवाल उठाने से लोकतंत्र मजबूत होता है, लेकिन सवालों से भागने से संदेह और बढ़ते हैं। भाजपा प्रदेश की जनता के हितों और पारदर्शिता के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाती रहेगी।

शिमला: CM सुक्खू 11 मार्च को IGMC में करेंगे रोबोटिक सर्जरी का शुभारम्भ

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 11 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारम्भ करेंगे। इसके पश्चात वह आईजीएमसी के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के तहत ‘राइट जस्टिस एक्शन फॉर आल वीमेन एंड गर्ल्स’ विषय पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे। 

कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल पद की ली शपथ..

शिमला: लोक भवन में आयोजित गरिमापूर्ण समारोह में आज कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कविन्द्र गुप्ता ने हिंदी में शपथ ग्रहण की।
इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू तथा लेडी गवर्नर बिन्दु गुप्ता भी उपस्थित थे।
लोक भवन में पहली बार समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से हुआ जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। शपथ ग्रहण समारोह के उपरान्त पुनः वंदे मातरम् गाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
इससे पहले मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट पढ़कर सुनाया। राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा ने राज्यपाल से कार्यभार ग्रहण प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करवाए।
समारोह में उप-मुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, आयुष मंत्री यादविन्द्र गोमा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, विधायकगण, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य, विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व आज प्रातः कविन्द्र गुप्ता ने परिजनों के साथ पूजा-अर्चना भी की।
इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की। इस संवैधानिक पद पर नियुक्त करने के लिए भारत के राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे संविधान के अनुसार कार्य करेंगे और राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित करेगें। उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल का पद एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होता और राज्य तथा समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करता है।’
श्री गुप्ता ने कहा कि वे पूर्व राज्यपालों द्वारा शुरू किए गए नवाचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री तथा राज्य सरकार का सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और वे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देंगे।
लद्दाख के उप-राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान हैं। उन्होंने कहा कि ‘लद्दाख में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सात महीनों में 10,000 किलोमीटर से अधिक यात्राएं की और वह पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं।’ वह हिमाचल प्रदेश के लोगों के आतिथ्य भाव से अत्यंत प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने, विशेष रूप से राज्य में हरित क्षेत्र में विस्तार, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा पर्यटन विशेषकर धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और भारतीय मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, युवा कल्याण तथा नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि नशामुक्त हिमाचल अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा, मूल्य आधारित सीख और काउंसलिंग जैसी पहलों को भी सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल गतिविधियों जैसे ‘खेलो इंडिया’ को भी इन प्रयासों से जोड़ा जा सकता है।
श्री गुप्ता ने चीन से लगते सीमा क्षेत्रों के विकास के महत्व पर भी बल देते हुए कहा कि राज्य में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, सत्तापक्ष और विपक्ष के साथ-साथ सामाजिक और स्वंयसेवी संगठनों के सहयोग से सामूहिक प्रयासों द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे पहाड़ी राज्य को समावेशी और सतत विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

हिमाचल: प्रदेश पुलिस ने संचालित किया विशेष नाका अभियान; कुल 176 चिन्हित स्थानों पर की गई नाकाबंदी

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर, प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम के द्वितीय चरण में 09 मार्च, 2026 को राज्यभर में 24 घंटे का विशेष ‘इंटर-स्टेट’ एवं ‘इंटर-डिस्ट्रिक्ट’ नाका अभियान संचालित किया गया।
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जिला पुलिस, एस.टी.एफ. एवं बटालियन की संयुक्त कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेश भर में कुल 176 चिन्हित स्थानों पर विशेष नाकाबंदी की गई। सुरक्षा एवं सतर्कता को प्राथमिकता देते हुए, अभियान के दौरान 20,230 वाहनों की गहन जांच की गई। सघन जांच के परिणामस्वरूप, एन.डी.पी.एस. अधिनियम के अंतर्गत 05 अभियोग पंजीकृत किए गए जिनमें 08 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1.221 किलो ग्राम चरस, 07 ग्राम चिट्टा बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी 866 चालान व सीओटीपीए अधिनियम के तहत 12 चालान किए गए। अभियान की वैज्ञानिक सटीकता सुनिश्चित करने के लिए संदिग्ध पाए गए 21 व्यक्तियों के रक्त एवं मूत्र के नमूने विधि-सम्मत प्रक्रिया के अनुसार संकलित किए गए हैं, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जा सके। यह संपूर्ण अभियान आधुनिक तकनीकी निगरानी और अंतर-जिला समन्वय के साथ संपन्न हुआ।
यह राज्य-स्तरीय विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं और अंतर-जिला समन्वय के आधार पर अत्यंत व्यवस्थित रूप से क्रियान्वित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
इसके अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को चिट्टे एवं नशे की आदत को बढ़ने से रोकना तथा ऐसे एकांत स्थलों पर विकसित हो रही समूह-आधारित नशा प्रवृत्तियों को समाप्त करना है, जो युवाओं को चिट्टे और नशे की ओर आकर्षित करती हैं।
उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि चिट्टा एवं नशे से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत दूरभाष नंबर 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व और युवाओं की सहभागिता से हिमाचल पुलिस, प्रदेश मंे चिट्टे को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

62 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू 12 मार्च को

सोलन: मैसर्ज़ वर्मा ज्वैलर्स सोलन द्वारा फील्ड मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के 40 पद, मैसर्ज़ टेफे मोटर्स परवाणू में आई.टी.आई. ट्रेनी, फीटर, र्टनर, मशीनिस्ट के 10 पद तथा जीवन आयुर्वेदा धर्मपुर में एग्जीक्यूटिव टेले कॉलर के 12 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 12 मार्च, 2026 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे।

यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन जगदीश कुमार ने दी।

जगदीश कुमार ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, फीटर, र्टनर, मशीनिस्ट व आयु 20 से 38 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन पदों की विस्तृत जानकारी आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. में प्राप्त कर सकते हैं। सभी योग्य एवं इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडिडेट लॉगइन टेब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रेजिस्ट्रेशन प्रोफाइल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन करने से पूर्व प्रत्येक आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता सम्बन्धी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों व दस्तावेज़ों सहित ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 12 मार्च, 2026 को प्रातः 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैंपस इंटरव्यू में भाग लेने के लिए कोई भी यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आवेदक ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में सम्पर्क कर सकते है।

जनगणना-2027 में पहली बार स्व-गणना सुविधा, नागरिक स्वयं भर सकेंगे जानकारी : दीपशिखा शर्मा

जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

मण्डी: जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल संचालन के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला डीआरडीए सभागार में आरंभ हुई। कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी हिमाचल प्रदेश दीपशिखा शर्मा ने किया। इस अवसर पर उपायुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी अपूर्व देवगन भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

दीपशिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना का कार्य समयबद्ध प्रक्रिया है, इसलिए सभी गतिविधियों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 देश की 16वीं जनगणना होगी। कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना 2021 में नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जनगणना मार्च 2027 में की जाएगी, जबकि इसकी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होती है। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाता है और दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होती है। उन्होंने बताया कि पहला चरण 12 मई से 11 जून तक आयोजित किया जाएगा।

डेटा की गुणवत्ता नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण

दीपशिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना से प्राप्त डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसकी गुणवत्ता नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाती है। यदि डेटा सटीक होगा तो योजनाएं भी प्रभावी बनेंगी और उनका लाभ सही तरीके से लोगों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश होने के साथ-साथ तेजी से विकास करने वाला देश भी है, इसलिए विश्वसनीय डेटा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

पहली बार स्व-गणना सुविधा

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 में पहली बार स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत नागरिक मोबाइल या वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में लगभग 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। बाद में जब जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, तो वे इन जानकारियों का सत्यापन कर पोर्टल पर दर्ज करेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन व्यक्तियों और परिवारों के लिए उपयोगी होगी जो कार्य या व्यवसाय के कारण दिनभर घर से बाहर रहते हैं।

डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर प्रशिक्षण

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को गृह सूचीकरण की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों और नवीन तकनीकों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी देना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे सीएमएमएस पोर्टल, एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) और एचएलबीसी ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है। इन माध्यमों के जरिए वास्तविक समय में फील्ड डेटा संग्रह, निगरानी तथा गांवों की सीमाओं और पर्यवेक्षण क्षेत्रों के निर्धारण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

जनगणना से मिलती है योजनाओं के लिए आधारभूत जानकारी

दीपशिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं के निर्माण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से जनगणना से जन कल्याण का संदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर संसद और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों तथा अन्य स्थानीय निकायों की सीटों का परिसीमन भी किया जाता है। इस प्रकार प्रगणक केवल जानकारी एकत्र नहीं करते, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं।

मास्टर ट्रेनर प्रियांशु सहित अन्य प्रशिक्षक डीसीओ नोडल अधिकारी हिमांशु और आनंद सोनी इस तीन दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी देंगे।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, आयुक्त नगर निगम रोहित राठौर, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, सभी एसडीएम, तहसीलदार (चार्ज अधिकारी) तथा क्लर्क (चार्ज सहायक) उपस्थित रहे।