


शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज आईजीएमसी शिमला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान स्टाफ नर्स को भी 40 प्रतिशत के स्थान पर पूरा वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेडिकल एजुकेशन विभाग में 80 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक साल में स्वास्थ्य विभाग में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा और आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत सारी नौकरियां मिलने वाली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत तेजी से सुधार कर रही है और हाई-एंड टेक्नोलॉजी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी, हाई-एंड एमआरआई जैसी मशीनें लगाई जा रही हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आऊटसोर्स आधार पर नियुक्तियों को बंद करना चाहती है क्योंकि यह युवाओं का शोषण है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग में नियमित स्टाफ नर्सों के साथ-साथ असिस्टेंट स्टाफ नर्सों के पद भी सृजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार मिल सके। बैचवाइज नर्सों की भर्ती भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओवरसीज भर्ती विभाग भी बनाया है, जो नौकरी के लिए विदेश जाने वाले युवाओं का पूरा ट्रैक एंड ट्रेस रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस था और आज शिमला में नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी इस उपलक्ष्य पर एक कार्यशाला का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में आज बेटियां पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रही हिमाचल प्रदेश में 57.5 प्रतिशत महिलाएं पंचायती राज संस्थानों में चुन कर आईं जो प्रदेश के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की बेटियां निंरतर आगे बढ़ रही हैं और ध्येय को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से आरडीजी मिल रही थी लेकिन इस संवैधानिक अधिकार को सोलहवें वित्तायोग ने बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में आय व व्यय का अंतर होता है, उन्हें आरडीजी दी जाती थी लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों का यह अधिकार अब छीन लिया गया है। उन्होंने कहा ‘‘अगर किसी प्रदेश के बजट से हर साल 10 हजार करोड़ रुपये कम हो जाएं, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस राज्य पर क्या असर पड़ेगा? भाजपा के नेता कहते हैं कि 17 राज्यों की आरडीजी बंद हुई है लेकिन उनके संसाधन ज्यादा हैं। हमारे पास सिर्फ पानी और जंगल हैं। हमें उद्योगों से भी ज्यादा लाभ नहीं मिलता क्योंकि जीएसटी उत्पाद की खरीद पर लगता है और हिमाचल प्रदेश की आबादी बहुत कम है। उत्पाद हिमाचल में तैयार हो रहे हैं लेकिन जीएसटी का फायदा बड़े राज्यों को हो रहा है। हमारा टैक्स कलेक्शन 4000 करोड़ रुपये से घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया है।’’
उन्होंने कहा कि हमें बिजली परियोजनाओं में 50 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी चाहिए, ताकि हिमाचल के लोगों को उनका अधिकार मिले। उन्होंने नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: शिमला पुलिस टीम ने राजधानी के न्यू शिमला क्षेत्र में दबिश देकर एक भवन के कमरे से करीब एक करोड़ रुपये की लिसर्जिक एसिड डाइथलामाइड (एलएसडी) ड्रग्स बरामद की है। पुलिस ने इस प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ दो को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों में सिरमौर के ददाहू क्षेत्र की प्रिया शर्मा और पंजाब के मोगा क्षेत्र की तहसील धर्मकोट का रहने वाला संदीप शर्मा शामिल है। इन दोनों के पास से कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। आरोपी न्यू शिमला में एक कमरे में ठहरे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया। न्यू शिमला के हिम निवास में दबिश दी। इस दौरान कमरे में आरोपी युवक और युवती मिले। पूछताछ और तलाशी के दौरान इनके पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए गए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने बताया कि इन सिट्रप्स का इस्तेमाल इस नशे को लेने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी संदीप शर्मा दस साल से एलएसडी ड्रग्स की तस्करी कर रहा है। इस पर 33 ग्राम चिट्टे की तस्करी का भी केस दर्ज है। यह युवती के संपर्क में कैसे आया, युवती आगे किन लोगों के संपर्क में थी, इस पर जांच चल रही है। एएसपी ने बताया कि इस साल शिमला पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत 73 केस दर्ज कर चुकी है। 136 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें 12 आरोपी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने 45 दिन के भीतर 30 आदतन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत LSD की Commercial मात्रा की श्रेणी 0.1 ग्राम से अधिक है जिसमे 20 वर्ष की सज़ा का प्रावधान है। अभियोग मे पुलिस टीम द्वारा लगभग 11.5 ग्राम LSD बरामद की गई जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है।

चमियाना और आईजीएमसी में रोबोट सर्जरी के पैकेज में क्यों है असमानता
शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई और सिर्फ़ 4 महीने के अंदर ही रोबोटिक सर्जरी की फीस लगभग दोगुना कर दी गई। विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आई जानकारी में यह स्पष्ट हुआ है कि अटल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चमियाना में जनरल वार्ड के पेशेंट की जो सर्जरी पहले 30 हजार रुपए में होती थी उसे बढ़ाकर ₹50000 कर दिया गया है। इसी तरह स्पेशल वार्ड के मरीजों से₹80000 लिए जा रहे हैं। आज आईजीएमसी में मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह बताया कि रोबोटिक सर्जरी के लिए जनरल वार्ड के मरीजों से 30 हजार और स्पेशल वार्ड के मरीजों से 50 हजार लिए जाएंगे। ऐसे में सवाल यह है कि एक ही शहर में स्थित सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए दो तरह की फीस क्यों ली जा रही है? यह वित्तीय नियमों के भी अनुकूल नहीं है? या फिर आईजीएमसी में भी रोबोटिक सर्जरी की फीस सरकार बहुत जल्दी बढ़ना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तमाम दस्तावेजों के आधार पर यह बात सामने आई है कि हर रोबोटिक सर्जरी मशीन के साथ-साथ सरकार द्वारा लगभग 200 सर्जरी के लिए ‘कंज्यूमेबल्स आइटम्स’ भी खरीदे गए थे। इसमें से ज्यादातर आइटम आइटम एक बार ही प्रयोग में ले जाते हैं। जिससे यह स्पष्ट है कि 200 सर्जरी के संसाधन प्रत्येक रोबोट के साथ हैं। उसके बाद रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमेबल्स खरीदने पड़ेंगे। डॉक्टर्स के अनुसार प्रति सर्जरी ऐसे कंज्यूमेबल्स का ही खर्च एक लाख से डेढ़ लाख रुपए होगा। ऐसे में मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें कि आगे जब रोबोट के साथ आए सभी कंज्यूमेबल्स खत्म हो जाएंगे तब भी रोबोटिक सर्जरी के दाम वही रहेंगे?
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बहुत पहले ही यह बात स्पष्ट की थी कि रोबोटिक सर्जरी को हिम केयर के दायरे में होगी। 4 महीनें से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन सरकार द्वारा ऐसा कोई शासकीय पत्र इस संबंध में जारी नहीं किया गया है। जिसकी वजह से प्रदेश की 90% आबादी जो कि हिम केयर अथवा आयुष्मान के दायरे में आती है उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश भर में हिम केयर के तहत ना तो लोगों को इलाज मिल रहा है और न ही समय पर दवाएं। इसका कारण है कि सरकार द्वारा अस्पतालों को दवाएं और सर्जिकल आइटम उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स को हिम केयर का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी के कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति और भुगतान के लिए सरकार द्वारा क्या प्रावधान किया गया है इसके बारे में भी मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज आईजीएमसी शिमला में 28.44 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित उच्च स्तरीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. गोपाल बेरी तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के चमियाना, कांगड़ा जिला के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय तथा मंडी जिला के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा के सफल शुभारंभ के बाद अब यह सुविधा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला में भी मरीजों के लिए उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी तथा गायनेकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाएं और सशक्त होंगी तथा चीरा भी छोटा लगेगा जिससे मरीज को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। प्रदेश भर के मरीजों को अत्याधुनिक और सटीक उपचार अपने घर के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लोगों को विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है, जो उत्तर भारत में अपनी तरह की विशेष पहल है। उन्होंने कहा कि अगले एक माह के भीतर हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में भी रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की जाएगी। प्रदेश सरकार दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इस सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कुल्लू तथा अन्य दूरदराज के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला, चमियाना तथा टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में उन्नत मेडिकल लैब स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा आईजीएमसी में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित की जा चुकी है, जो मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी करवाने वाले मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड के लिए 50,000 रुपये तथा सामान्य वार्ड के लिए 30,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

शिमला: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां किसानों के विकास के लिए प्रदेश स्तर पर कार्यरत सामाजिक संस्था लघु किसान कल्याण एकता हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में अवगत करवाया गया कि चकौतादार के आंकड़ों का डेटा प्रशासन के पास मौजूद डेटा से मिलान नहीं हो पा रहा है। राजस्व मंत्री ने चकौतादार का डेटा शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेटा उपलब्ध होने पर सरकार द्वारा किसानों के हक में उचित निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद, प्रदेश प्रभारी कांति प्रकाश और लघु किसान कल्याण एकता हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष दलीप सिंह उपस्थित रहे।

शिमला: मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के परिणामस्वरूप उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत आज यहां प्रदेश में पैट्रोल, डीजल, घरेलू व व्यावसायिक गैस ईधन की उपलब्धता के बारे में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.), पैट्रोल व डीजल के पर्याप्त भंडारण उपलब्ध हैं। प्रदेश में अभी केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर असर पड़ा है परन्तु निजी व सरकारी अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में लगभग 15000 व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिन्हें होटल, रेस्टोरेंट व अन्य संस्थानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने घरेलू गैस उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया मेें चल रहे भ्रामक प्रचार के चलते हड़बड़ाहट में अनावश्यक गैस बुकिंग करने से बचे व धैर्य बनाए रखें। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए कि वह प्रतिदिन इसकी समीक्षा करें।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम, निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग राम कुमार गौतम, अतिरिक्त निदेशक सुरेन्द्र राठौर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड शिमला के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड इन्द्र लाल नेगी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मंडल एलपीजी विक्रय प्रमुख मोहम्मद आमीन व एल.पी.जी. शिमला के क्षेत्र अधिकारी नितिन टंडन ने भाग लिया।

हिमाचल : प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कण्डाघाट से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 11 मार्च, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता कण्डाघाट चंदन शर्मा ने दी।
चंदन शर्मा ने कहा कि 11 मार्च, 2026 को दोपहर 12.00 बजे से सांय 03.00 बजे वाकनाघाट तथा विद्युत उप केन्द्र कण्डाघाट के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार एल.टी. लाईन के आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 11 मार्च, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अधिशाषी अभियंता सोलन विपुल कश्यप ने दी।
विपुल कश्यप ने कहा कि 11 मार्च, 2026 को दोपहर 12.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक पुराना पॉवर हाउस मार्ग, लोक निर्माण विभाग कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय, नया बस अड्डा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय एवं मॉर्डन ढाबा के आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।

मिल्क फैडरेशन के अध्यक्ष ने चैलचौक में किया दूध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
मण्डी: हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्क फेडरेशन) के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में एक दिवसीय दूध उत्पादक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की सहकारी दुग्ध सोसायटियों से जुड़े सैकड़ों किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया।
दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुशल नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में कई गुणा बढ़ोतरी की है, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की सोच है कि गांव की महिला को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की सुनिश्चित आय हो और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मिल्क फेडरेशन के माध्यम से दूध उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को आय का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार मिल्क फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश में छह नए मिल्क प्लांट स्थापित करेगी। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों से प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में एक बड़े मिल्क प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिससे कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लगभग 35.35 करोड़ रुपये की लागत से नाहन और नालागढ़ में भी मिल्क प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने नाचन क्षेत्र के पशुपालको की बढ़ती मांग के अनुसार चिलिंग सेंटर खोलने के लिए भूमि चिन्हित करने के लिए कहा और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दवारा जल्द ही चिलिंग सेंटर खोल दिया जायेगा, ताकि पशु पालकों को घर-द्वार पर लाभ मिल सके।
उन्होंने जानकारी दी कि मंडी का दूध अब शिमला में भी बिकने लगा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है! उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रोहड़ू, हमीरपुर, ऊना और मौहल में मिल्क चिलिंग प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों से एकत्रित दूध को सुरक्षित रूप से संग्रहित और प्रसंस्कृत किया जा सके।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बोर्ड के उत्तर क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र (एनआरडीटीसी) जालंधर से आए विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर गोहर से नवनियुक्त हिमाचल मिल्क फेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अमृत पाल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के एनआरडीटीसी जालंधर से डॉ. सत्यपाल कुरिये (प्रिंसिपल) तथा डॉ. दामिनी आर्य (साइंटिस्ट), मिल्क फेडरेशन प्लांट चक्कर के यूनिट इंचार्ज विश्वकांत शर्मा, पीआई इंचार्ज लाभ सिंह ठाकुर, विभागीय प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दूध उत्पादक और पशुपालक उपस्थित रहे।

