


शिक्षा मंत्री ने करीब 11 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सरदार पटेल विश्वविद्यालय के द्रंग परिसर का किया लोकार्पण, साहल स्कूल भवन का भी किया उद्घाटन
राजकीय डिग्री कॉलेज नारला के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मेधावियों को किया सम्मानित
मण्डी: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंडी जिला के दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन आज द्रंग विधानसभा क्षेत्र में 10.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के नारला स्थित द्रंग परिसर तथा 1.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल के भवन का उद्घाटन किया।
इसके उपरांत उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज द्रंग, नारला के 18वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया और मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सबसे बड़ी संपदा युवा हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो लगभग 43 प्रतिशत है, जो देश में तमिलनाडु के बाद दूसरा स्थान है, जबकि तमिलनाडु में यह लगभग 47 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग 21वें स्थान से बढ़कर 5वें स्थान तक पहुंची है। इस दौरान सात हजार अध्यापकों की तैनाती की गई है। स्कूल कैडर पीजीटी के 600 से अधिक पद आयोग के माध्यम से भरे गए हैं, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगभग 500 पद ही भरे गए थे।
उन्होंने बताया कि राज्य चयन आयोग के माध्यम से टीजीटी के 937 पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दूरदराज क्षेत्रों में इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इसके अतिरिक्त 1200 जेबीटी पदों को भरने की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है। जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक होगी, वहां दूसरा अध्यापक तैनात किया जाएगा।
कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 134 सरकारी महाविद्यालय कार्यरत हैं। बदलते समय के अनुसार विद्यार्थियों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।
नारला कॉलेज में दो पीजी कोर्स शुरू करने की घोषणा
शिक्षा मंत्री ने पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह की मांग पर राजकीय महाविद्यालय नारला में आगामी शैक्षणिक सत्र से राजनीति शास्त्र और इतिहास विषय में दो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि कॉलेज में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। छात्रावास निर्माण और मैदान के चारों ओर चारदीवारी लगाने के प्रस्ताव पर भी सरकार द्वारा विचार किया जाएगा। साथ ही शारीरिक शिक्षा के पद को सृजित करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और प्रयास रहेगा कि इसे इसी सत्र से लागू किया जा सके। उन्होंने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल के भवन का निर्माण जो काफी समय से लंबित था, उसके लिए वर्तमान सरकार द्वारा 88 लाख रूपए कि धनराशि उपलब्ध करवाई गई है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और द्रंग क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा विभाग के रिक्त पदों को भरने, महाविद्यालय में हिंदी, इतिहास और राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने, खेल मैदान के विस्तार और छात्रावास निर्माण की मांग रखी। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध करने का भी आग्रह किया।
महाविद्यालय की प्रधानाचार्य निशा वैद्य ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 50 हजार रुपए
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर तथा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने भी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। शिक्षा मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 50 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की।

मण्डी: राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक की कार्यवाही की अनुपालना की समीक्षा हेतु बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में एक बैठक का आयोजन किय गया, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त मंडी डॉ. राज कृष्ण पुर्थी ने की। बैठक में उपायुक्त अपूर्व देवगन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में कोल बांध परियोजना से मंडी जिला के सुंदरनगर तथा करसोग उपमंडलों के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने एनटीपीसी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों तथा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जो भी सीएसआर गतिविधियां की जाएं, वे उपायुक्त के संज्ञान में लाकर करें, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों की समस्याओं और मांगों को समय रहते समझा जा सके और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में कोल बांध से सतलुज नदी के दोनों किनारों पर हो रही सिल्ट की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि कोल बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक की कार्रवाई का संचालन सहायक आयुक्त, मंडलायुक्त (मंडी) सुनयना शर्मा ने किया।बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी, तहसीलदार करसोग, एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ अंजुला अग्रवाल,सहायक प्रबंधक( एच आर) पूर्ण सिंह उपस्थित रहे।

(गगल) कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम ने गगल एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ मिलकर गगल हवाई अड्डा और मैक्लोडगंज के बीच पर्यटकों को लाने और ले जाने के लिए टेंपो ट्रैवलर चलाई जिसका फ्लैग आफ हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने किया इस मौके पर उनके साथ डायरेक्टर एयरपोर्ट अथॉरिटी अमित सकलानी , डीएम पंकज चड्ढा, आरएम साहिल कपूर, सचिव नवनीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा गगल एयरपोर्ट और मैकलोडगंज के बीच पर्यटकों के लिए पहली बार इस सुविधा का शुभारंभ किया गया है इसके लिए उन्होंने गगल एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रशासन का आभार जाता है जिन्होंने इस कार्य में अपना पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा इस टेंपो ट्रैवलर का उपयोग गगल एयरपोर्ट पर आने वाली प्रत्येक फ्लाइट के समय के अनुसार किया गया है ताकि हर फ्लाइट के साथ उतरने वाले पर्यटकों को धर्मशाला और मैकलोडगंज तक ले जाया जाए और वहां से गग्गल एयरपोर्ट आने वाले पर्यटकों को भी गगल एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सके। उन्होंने बताया इस टेंपो ट्रैवलर में धर्मशाला तक के सफर के लिए 60 रुपये किराया और मैकलोडगंज के लिए 100 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा इस टेंपो ट्रैवलर को चलाने की मांग बहुत पहले से की जा रही थी जिसे अब पूरा किया गया है। इसका लाभ कांगड़ा पहुंचने वाले हजारों पर्यटकों को होगा। उन्होंने बताया पर्यटक ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

ऊना: स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनुपालना के मद्देनज़र ऊना जिला प्रशासन के निर्देशों पर पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों और वैन के दस्तावेजों की जांच का अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत अब तक 154 स्कूल वाहनों की जांच की जा चुकी है, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 20 वाहनों के चालान भी किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने हाल ही में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे तथा संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण करने को कहा था।
इसी क्रम में पुलिस और संबंधित विभागों की टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया गया। इस दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

नाहन: जिला दण्डाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने आज यहां आदेश जारी करते हुए बताया कि श्री महामाया बाला सुन्दरी जी त्रिलोकपुर मंदिर में 19 मार्च से 02 अप्रैल, 2026 तक मनाए जाने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान मेला क्षेत्र त्रिलोकपुर में किसी भी प्रकार की मांस व मछली विक्रय की दुकानें नहीं लगेगी।
आदेशों में बताया गया कि इस दौरान कालाआंब से त्रिलोकपुर तक सड़क के साथ लगती मांस व मछली की दुकानों में विक्रताओं को केवल दुकान के अन्दर ही पर्दे में मांस व मछली को विक्रय करना होगा तथा मेला क्षेत्र में मांस व मछली की बिक्री पर मेला अवधि के दौरान पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने बताया कि मेले में विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु अपनी आस्था और मन्नतों के साथ श्री महामाया बाला सुंदरी जी त्रिलोकपुर मंदिर में आते है, जिससे आवश्यक हो जाता है कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र त्रिलोकपुर में मेला के दौरान कोई भी मांस व मछली इत्यादी की बिक्री न हो ताकि श्री महामाया बाला सुंदरी जी त्रिलोकपुर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं में किसी प्रकार का जन आक्रोश उत्पन्न न हो।
मेला के दौरान तूड़ी व भूसा से लदे वाहनों पर प्रातः 6 बजे से रात्री 10 बजे तक रहेगा प्रतिबंध-डीएम
नाहन-11 मार्च। श्री महामाया बाला सुन्दरी जी त्रिलोकपुर मन्दिर में 19 मार्च से 02 अप्रैल, 2026 तक मनाए जाने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला दण्डाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-115 के अतंर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए है जिसके तहत कालाआंब-त्रिलोकपुर सडक पर स्थित उद्योगों विशेषकर कागज के कारखानों में उत्पादन की पूर्ति हेतू तूड़ी अथवा भूसा आदि से लदे ट्रक/ट्रेक्टरों की आवाजाही पर मेला अवधि के दौरान प्रातः 6 बजे से रात्री 10 बजे तक प्रतिबंध रहेगा ताकि यातायात अवरूद्ध न हो सके।

नाहन: श्री महामाया बाला सुन्दरी जी त्रिलोकपुर मन्दिर में 19 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक मनाए जाने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दण्डाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए किसी भी व्यक्ति द्वारा मेला अवधि के दौरान कालाअंब पुलिस क्षेत्र तथा मेला क्षेत्र में आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक सामग्री व अन्य धारदार हथियार लेकर चलने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है।
आदेशों के अनुसार किसी भी श्रद्धालु द्वारा मेला अवधि के दौरान मंदिर में नारियल चढ़ाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा है कि मेला क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा शराब का सेवन कर हुडदंग मचाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोलन: सोलन जिला के कण्डाघाट क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल के नेतृत्व में आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कण्डाघाट नगर पंचायत को डिनोटिफाई कर ग्राम पंचायत बनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार कण्डाघाट को पुनः ग्राम पंचायत बनाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की गरिमामयी उपस्थिति में कांग्रेस सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों में आस्था व्यक्त करते हुए पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत सिरीनगर तथा भाजपा के प्रमुख नेता गुरविन्द्र सिंह लगभग 50 कार्यकर्त्ताओं सहित भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए।
उन्होंने क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

आडवाणी जी के उम्र और स्वास्थ्य का उपहास मंत्री का घटियापन, माँगे माफी
कांग्रेस परिवार की तरह भाजपा में स्वयं को भारत रत्न देने की परंपरा नहीं है
शिमला: शिमला से जारी बयान में हिमाचल प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदर नगर से विधायक राकेश जम्वाल ने राजस्व मंत्री जगत नेगी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपने उम्र और गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और अपने विभागीय कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। जगत नेगी द्वारा प्रदेश के राज्यपाल रहे शिव प्रताप शुक्ल के बारे में की गई टिप्पणी बेहद अशोभनीय और मर्यादाहीन है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की लालकृष्ण आडवाणी के साथ दिखाई गई फोटो पर भी उनकी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के उम्र और स्वास्थ्य का मजाक उड़ाया या किसी भी प्रकार से महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हुए व्यक्ति का काम नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि जगत नेगी को पता ही नहीं है कि भारत रत्न का सम्मान देते समय सिर्फ राष्ट्रपति और जिन्हें सम्मान दिया जाना है वही खड़े रहते हैं बाकी सब बैठे रहते हैं। यह निर्धारित प्रोटोकॉल है। 98 साल के बुजुर्ग लाल कृष्ण आडवाणी जी यदि अपने स्वास्थ्य कारणों की वजह से खड़े नहीं हो सकते तो उसका उपहास उड़ाना किसी भी व्यक्ति के मानसिक दिवालियापन को ही दर्शाता है। राकेश जम्वाल ने कहां की कांग्रेस की सरकार में गांधी नेहरू परिवार से होना ही भारत रत्न पाने की काबिलियत थी और खुद को ही भारत रत्न देने की परंपरा थी। इसी कारण स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते ही खुद को भारत रत्न से नवाज लिया था। जबकि देश के विकास में अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों को भारत रत्न के लायक नहीं समझा गया था। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को भी भारत रत्न 1990 में तब मिला जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से सरकार आई। इसलिए कांग्रेस के नेताओं को भारत रत्न के बारे में एक भी शब्द कहने का अधिकार नहीं है।
राकेश जम्वाल ने सोलन में जगत नेगी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उन मित्रों पर नजर रखने की जरूरत है जो धारा 118 की आड़ में हिमाचल प्रदेश को बेचने की डीलिंग कर रहे हैं। जिनके बारे में राजस्व मंत्री को जानकारी भी है। उन्हें प्रदेश के हितों के लिए काम करना चाहिए विपक्ष को कोसने से प्रदेश का भला नहीं होगा।

