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हमीरपुर: बड़ू क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की योजनाओं के पानी के सैंपल पाए गए हैं सही

पेयजल योजनाओं के पानी की लगातार हो रही है सैंपलिंग एवं टैस्टिंग : अधीक्षण अभियंता

जलस्रोतों के अलावा लोगों को घरों की टंकियां साफ रखने के लिए भी किया जा रहा जागरुक

बड़ू और इसके आस-पास के गांवों में तीन दिनों से सामने नहीं आया पीलिया का कोई नया मामला

हमीरपुर :  बीते दिनों हमीरपुर के निकटवर्ती क्षेत्र बड़ू के कुछ गांवों में पीलिया के कई मामले सामने आने पर जल शक्ति विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए इस क्षेत्र में अपनी चारों पेयजल योजनाओं के स्रोतों और टैंकों से पानी के सैंपल लिए हैं और ये सभी सैंपल सही पाए गए हैं।

जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने बताया कि विभाग के एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी लगातार फील्ड में हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने चारों पेयजल योजनाओं के स्रोतों और सभी टैंकों की सफाई और पानी की सैंपलिंग एवं टैस्टिंग सुनिश्चित की है।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वाहल की टंकी के पानी का सैंपल ठीक पाया गया है, लेकिन राजकीय उच्च पाठशाला स्वाहल के हैंडपंप का सैंपल सही नहीं है और इसी स्कूल में पीलिया के लगभग 13 मामले सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि बहुतकनीकी कालेज में भी पीलिया के लगभग 13 मामले पाए गए हैं। इस संस्थान के हैंडपंप का सैंपल तो ठीक पाया गया है, लेकिन संस्थान के कई छात्र बड़ू और इसके आस-पास के गांवों में पीजी में रहते हैं। इसलिए, पीलिया फैलने का कारण अन्य जलस्रोत, भवनों की टंकियों में गंदगी या फिर कोई अन्य कारण हो सकता है।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इस क्षेत्र में 17, 18 और 19 मार्च को पीलिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, विभाग के एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी इसके कारणों का पता लगाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इसके अलावा वे सभी लोगों को घरों में अपनी टंकियों को साफ रखने और पेयजल की स्वच्छता के प्रति भी जागरुक कर रहे हैं।

कोविड प्रभावित लोगों के लिए मनो-सामाजिक सहायता हेल्पलाइन

जेईई, नीट और एसएसबी की मुफ्त कोचिंग के लिए पूर्व सैनिक निगम से करें संपर्क..

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम तीनों सेनाओं के सिपाही से लेकर जेसीओ रैंक तक के सभी पूर्व सैनिकों के बच्चों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क क्रैश कोर्स की सुविधा प्रदान कर रही है।

निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) पीसी अत्री (सेना मैडल से अलंकृत) ने बताया कि पूर्व सैनिकों के बच्चों को इस वर्ष भी निगम द्वारा हिम अकादमी हमीरपुर के माध्यम से जेईई और नीट का निशुल्क क्रैश कोर्स करवाया जाएगा। इस योजना के तहत क्रैश कोर्स करने वाले अभ्यर्थी की टयूशन फीस निगम अदा करती है।

निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने बताया कि जेईई और नीट के अलावा निगम तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों के बच्चों को अधिकारी वर्ग में प्रवेश के लिए एसएसबी की कोचिंग भी दिला रही है। यह कोचिंग निंबस डिफेंस एसएसबी अकादमी चंडीगढ़ में करवाई जाती है और इसकी टयूशन फीस भी निगम अदा करती है। यह कोचिंग उसी अभ्यर्थी को दिलाई जाती है, जिसने लिखित परीक्षा पास कर ली हो और उसे एसएसबी इंटरव्यू का कॉल लैटर आ गया हो।

इन दोनों योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए निगम के दूरभाष नंबर 01972222472 पर या वेबसाइट एचपीएक्ससर्विसमैन.इन hpexservicemen.in पर लॉग इन किया जा सकता है।

शिमला: ढल्ली टनल से भट्टाकुफर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही 24 मार्च बंद

शिमला: जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने पूर्व में जारी आदेशों की निरंतरता में आज आदेश जारी करते हुए ढल्ली टनल (वेस्ट पोर्टल) से भट्टाकुफर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद करने की अनुमति को 24 मार्च 2026 तक बढ़ाया है।

₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी के बावजूद HPMC में “5 करोड़ का मुनाफा” – कांग्रेस सरकार का वित्तीय खेल उजागर : संदीपनी 

शिमला: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने एमआईएस (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के तहत सेब बागवानों के 120.59 करोड़ रुपये लंबित होने के मामले पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्नदाता के साथ सीधा आर्थिक अन्याय है।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हजारों बागवानों का भुगतान महीनों से लंबित है, जिससे लगभग 57 हजार से अधिक बागवान प्रभावित हुए हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि कांग्रेस सरकार न तो किसानों की हितैषी है और न ही उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के अधिकारी यह तर्क दे रहे हैं कि “अधिक सेब खरीद के कारण भुगतान में देरी हुई”, लेकिन यह तर्क पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को पहले से अनुमान था तो वित्तीय प्रबंधन क्यों नहीं किया गया? क्या यह सरकार की नाकामी नहीं कि खरीद तो कर ली, लेकिन भुगतान करने की व्यवस्था नहीं की?

उन्होंने कहा कि एमआईएस के तहत 2025 में लगभग 98,506 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई, लेकिन भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। 

यह स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस सरकार केवल घोषणाएं करती है, जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पूरी तरह विफल है।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि हिमाचल में विकास कार्य ठप पड़े हैं, ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा, और अब बागवानों का पैसा भी अटका दिया गया है। यह सरकार “घोषणाओं की सरकार” बनकर रह गई है, जिसमें न नीति है और न नीयत।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले किसानों और बागवानों के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि किसान सड़कों पर हैं और सरकार जवाब देने से बच रही है।

संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में “भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी” का माहौल बन चुका है, जिसके कारण योजनाओं का पैसा समय पर लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा।

उन्होंने मांग की कि: एमआईएस के तहत लंबित 120.59 करोड़ रुपये का भुगतान तुरंत किया जाए जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय लापरवाही की जांच हो बागवानों को ब्याज सहित भुगतान दिया जाए अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने जल्द ही बागवानों को उनका हक नहीं दिया, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक जोरदार तरीके से उठाएगी।

“कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को विकास नहीं, बल्कि कर्ज, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के रास्ते पर धकेल दिया है — भाजपा बागवानों की आवाज बनकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी।”

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग कॉरपोरेशन (HPMC) के वित्तीय दावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ जहां बागवानों का ₹120 करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड मीटिंग में ₹5 करोड़ के मुनाफे का दावा किया जा रहा है। यह पूरी तरह से वित्तीय अनियमितता और आंकड़ों की हेराफेरी का मामला प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि यदि HPMC पर बागवानों की इतनी बड़ी देनदारी (liability) खड़ी है, तो फिर बैलेंस शीट में लाभ (profit) कैसे दिखाया जा सकता है? क्या सरकार और विभाग जनता को गुमराह करने के लिए गलत वित्तीय तस्वीर पेश कर रहे हैं?

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा प्रश्न है। यदि ₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी है, तो वास्तविक स्थिति घाटे की होनी चाहिए, न कि लाभ की। ऐसे में यह आशंका और मजबूत होती है कि बैलेंस शीट में तथ्यों को छुपाया या तोड़ा-मरोड़ा गया है।

उन्होंने आगे कहा कि HPMC द्वारा बनाए गए CA स्टोर भी अभी तक किराए पर नहीं दिए गए हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली और प्रबंधन पर और सवाल खड़े होते हैं। करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां बेकार पड़ी हैं और दूसरी ओर बागवानों का पैसा अटका हुआ है।

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार से सीधे सवाल पूछे:

जब ₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी है, तो ₹5 करोड़ का मुनाफा कैसे दिखाया गया?

क्या HPMC की बैलेंस शीट में हेराफेरी की गई है?

बागवानों का भुगतान कब तक किया जाएगा?

CA स्टोर जैसी संपत्तियों का उपयोग क्यों नहीं हो रहा?

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र ऑडिट जांच करवाई जाए और यदि कोई वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि बागवान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

“यह सरकार कागजों में मुनाफा दिखा रही है, जबकि हकीकत में हिमाचल का बागवान कर्ज और बकाया भुगत रहा है – भाजपा इस सच्चाई को जनता के सामने लाती रहेगी।”

किसानों की स्थिति आज बेहद चिंताजनक है क्योंकि उन्हें टीएसओ (ट्री स्प्रे ऑयल) जैसी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। मजबूरी में किसानों को यह महंगा इनपुट अपनी जेब से खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत और बढ़ गई है। जबकि सरकार को चाहिए था कि एमआईएस (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के तहत इस खर्च को वहन करते हुए किसानों को राहत देती। यह स्पष्ट दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार न तो किसानों की जरूरतों को समझ रही है और न ही उन्हें समय पर सहायता प्रदान कर पा रही है।

2025 बैच के प्रोबेशनर आईएएस अधिकारीयों ने की उपायुक्त से मुलाकात

शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने आज यहां 09 प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों के दल से मुलाक़ात की। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को शॉल और टोपी से सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। 

इस दौरान प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों ने भी उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट किया। 

उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से 12 प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का यह दल 17 मार्च से 22 मार्च 2026 तक शिमला के विंटर स्टडी टूर पर आया हुआ है और इस दौरान दल शिमला के विभिन्न संस्थानों का दौरा कर रहा है, जिनमें भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जाखू आदि संस्थान शामिल हैं। 

सीसीआई मशोबरा का दौरा कर सुखाश्रय योजना की जानकारी भी लें प्रोबेशनर अधिकारी – उपायुक्त

उपायुक्त ने प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों को मशोबरा स्थित बाल देखभाल संस्थान का दौरा करने और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की जानकारी हासिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के सभी निराश्रित और बेसहारा बच्चों को प्रदेश सरकार ने ‘चिल्ड्रन ऑफ़ दी स्टेट’ का दर्जा दिया है और उनकी पढाई-लिखाई, रहने, खाने-पीने, घूमने आदि का सारा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। 

इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने प्रोबेशनर अधिकारियों को बताया कि 21 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने प्रोबेशनर अधिकारियों को बजट सत्र में भाग लेने का सुझाव दिया।

अनुपम कश्यप ने कहा कि अपने विंटर स्टडी टूर पर शिमला आए सभी प्रोबेशनर अधिकारी प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को किस धरातल पर उतारा जाता है, इस बात की जानकारी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रत्यक्ष अनुभव उनमें समाज के कमजोर वर्ग के प्रति सहानुभूति जगाएगा, जिनकी आगे चलकर उन्हें सेवा करनी है।

इस दौरान तहसील कल्याण अधिकारी सुरेंदर बिमटा भी उपस्थित रहे जिन्हे जिला प्रशासन द्वारा प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों के दल के साथ नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। 

जिला में निरंतर हो रही घरेलू गैस की आपूर्ति – उपायुक्त शिमला

शिमला: जिला में गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने वीरवार को गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सरकार द्वारा तय की गई प्राथमिकताओं के अनुसार करने के निर्देश दिए गए है जिसके तहत अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, होटल, रेस्टोरेंट होमस्टे आदि को नियमित आपूर्ति की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिला में कहीं भी घरेलू गैस, पेट्रोल, डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निरंतर जारी है। इसीलिए लोग इन चीज़ों का अनावशयक भण्डारण न करें। 

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा प्रशासन को सहयोग देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि सभी उपमंडल दण्डाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी वालों के साथ प्रतिदिन बैठक कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और रोज सांय निर्धारित फॉर्मेट पर इसकी रिपोर्ट दे रहे है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में होटल, रेस्टोरेंट तथा अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग की जांच भी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बड़े विकास कार्यों में मशीनरी के लिए डीजल की जरूरत रहती है तो उन कार्यों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये ताकि कोई भी विकास कार्य बाधित न हो। 

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का अपमान सहन नही करेगी कांग्रेस – विनय कुमार

भाजपा सांसद कंगना के बयान पर माफी मांगे

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई अभद्र और निम्नस्तरीय टिप्पणी पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक शिष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्कृति पर हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं की भाषा दिन-ब-दिन गिरती जा रही है, जो उनकी हताशा और बौखलाहट का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कंगना रनौत की भाषा न केवल शर्मनाक है, बल्कि इससे पूरे हिमाचल प्रदेश की गरिमा को ठेस पहुंची है। “भाजपा को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या यही उनकी राजनीतिक संस्कृति है। क्या यही उनका असली चेहरा है।
विनय कुमार ने भाजपा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी के खिलाफ की गई इस अभद्र टिप्पणी पर देश से सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। “हम सड़कों पर उतरेंगे, भाजपा के हर सांसद का घेराव करेंगे और इस अहंकारी राजनीति को करारा जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने नेता राहुल गांधी के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगी। “यह केवल एक नेता का सवाल नहीं, बल्कि विचारधारा, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई है। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस कार्यकर्ता हर अपमान का जवाब देने के लिए तैयार खड़ा है।

विधानसभा के अंदर व बाहर भाजपा का आचरण निंदनीय

विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के आचरण पर जबरदस्त प्रहार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि भाजपा ने लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार करने का ठेका ले रखा है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही प्रवेश द्वार तक नारेबाजी करना कोई विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सुनियोजित अपमान है। भाजपा एक खतरनाक परंपरा की नींव रख रही है, जहां बहस और तर्क की जगह शोर-शराबा और अराजकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विनय कुमार ने तीखे शब्दों में कहा कि यह वही भाजपा है जो लोकतंत्र की दुहाई देती है, लेकिन व्यवहार में लोकतंत्र का गला घोंटने से भी पीछे नहीं हटती। सदन के बाहर नारे लगाकर सुर्खियां बटोरना आसान है, लेकिन सदन के भीतर प्रदेशहित के मुद्दों पर जवाब देना इनके बस की बात नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह रवैया साफ दिखाता है कि वह जनता के मुद्दों से भाग रही है, और अपने राजनीतिक दिवालियापन को छुपाने के लिए ड्रामा कर रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा बहस और नीतियों का मंच है, न कि सस्ती राजनीति का अखाड़ा। भाजपा ने जिस तरह से सदन की गरिमा को चोट पहुंचाई है, वह प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। “जनता ने इन्हें विपक्ष की जिम्मेदारी दी है, लेकिन ये उस जिम्मेदारी से भागकर केवल नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं।

मण्डी: सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित

मण्डी: जिला प्रशासन मंडी द्वारा सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए “भविष्य सेतु” कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल सर्विसिज प्रीमियर वर्कशॉप फॉर आईएएस/एचपीएएस एस्पीरेंट्स का आयोजन आज डीआरडीए हॉल में किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की। इस अवसर पर अपूर्व देवगन ने कहा कि सिविल सेवाएं युवाओं के लिए देश और समाज की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सही दिशा, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ युवा इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए अनुशासन और धैर्य के साथ तैयारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसके अनुरूप रणनीति बनानी चाहिए। नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और उत्तर लेखन अभ्यास सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं को समय का सदुपयोग करने और समसामयिक विषयों पर मजबूत पकड़ बनाने की भी सलाह दी।

उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया “भविष्य सेतु” कार्यक्रम युवाओं को करियर मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस कार्यक्रम के तहत जिला मंडी के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके।

कार्यशाला में परिवीक्षाधीन अधिकारियों डॉ. जितेन्द्र चंदेल और डॉ. मनु वर्मा ने अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, उत्तर लेखन कौशल, समय प्रबंधन तथा वैकल्पिक विषय के चयन सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमित अध्ययन, समसामयिक घटनाओं की जानकारी तथा उत्तर लेखन के निरंतर अभ्यास पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान डाउट क्लियरिंग सेशन एवं प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उपयोगी सुझाव प्रदान किए।

कार्यशाला में जिला रोजगार अधिकारी अरविन्द सिंह चौहान सहित सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने ‘बिलासपुर: परिवर्तन की कहानी’ डॉक्यूमेंट्री का किया लोकार्पण

जिला प्रशासन के प्रयासों को सराहा, युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने में साबित होगी अहम कड़ी

बिलासपुर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने गत सायं भाषा एवं संस्कृति विभाग सभागार में ‘बिलासपुर: परिवर्तन की कहानी’ शीर्षक डॉक्यूमेंट्री का विधिवत लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश की यह पावन धरती केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि समृद्ध इतिहास, जीवंत संस्कृति और प्रगतिशील सोच का अद्भुत संगम है। सतलुज नदी के तट पर बसा यह नगर अपने गौरवशाली अतीत की विरासत को संजोते हुए वर्तमान में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध निर्माण के कारण बिलासपुर ने भले ही गोविंद सागर झील के गहरे पानी में स्वयं को खोया है लेकिन देश के लिए हरित एवं औद्योगिक क्रांति के माध्यम से बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान ही नहीं दिलाई, बल्कि विकास की मजबूत नींव भी रखी है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति के साथ बिलासपुर आज एक नए युग की ओर अग्रसर है। यह डॉक्यूमेंट्री इसी प्रेरणादायक यात्रा का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है, जिसमें अतीत की गौरवगाथा, वर्तमान की उपलब्धियां और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं प्रभावी ढंग से दर्शाई गई हैं।

उन्होंने इस डॉक्यूमेंट्री के तैयार करवाने में जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री न केवल बिलासपुर के समृद्ध इतिहास और नए युग में विकास की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम कड़ी साबित होगी।

इस पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।

बिलासपुर: अपना घर वृद्धाश्रम दयोली में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7 दिवसीय जीविकोपार्जन कार्यशाला शुरू

बिलासपुर: जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर के तत्वावधान में आज अपना घर वृद्धाश्रम (डे-केयर सेंटर), दयोली में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7 दिवसीय “जीविकोपार्जन गतिविधियों पर कार्यशाला” का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय कार्ययोजना वरिष्ठ नागरिक के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का शुभारम्भ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, बिलासपुर नरेंद्र कुमार ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इस प्रकार की पहल वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन को सरल, सक्रिय एवं तनाव मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान जिला कल्याण अधिकारी आर.सी. बंसल ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी, जबकि तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत शर्मा ने विभागीय योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मानव सभा ट्रस्ट, दयोली (अपना घर वृद्धाश्रम के संचालक) के अध्यक्ष प्रकाश बंसल भी उपस्थित रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को लघु एवं कुटीर आधारित गतिविधियों में प्रशिक्षित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना, आत्मसम्मान को सुदृढ़ करना तथा स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएलएम (डीआरडीए) देश राज ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से आय के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं। आगामी दिनों में प्रतिभागियों को मोमबत्ती निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, जूट एवं कपड़े के थैले बनाना, हस्तशिल्प एवं सजावटी वस्तुओं का निर्माण, विपणन एवं उत्पादों की पैकेजिंग जैसे व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।

कार्यशाला के दौरान योग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा एवं मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक वातावरण प्राप्त हो सके। सात दिवसीय इस कार्यक्रम में वृद्धाश्रम, डे-केयर सेंटर एवं स्थानीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम सिद्ध होगी।