ताज़ा समाचार

ब्लॉग

वैक्सीन को लेकर भी कांग्रेस पार्टी के नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे : रणधीर शर्मा

विक्रमादित्य सिंह का विकास का दावा खोखला – केंद्र की योजनाओं का श्रेय लेने की होड़ : रणधीर 

शिमला: भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्री केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति बेहद कमजोर है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह द्वारा यह दावा करना कि प्रदेश में सड़क और अन्य विकास कार्य उनके प्रयासों से हुए हैं, पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का जिक्र किया जा रहा है, वे अधिकांशतः केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं, जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), केंद्रीय सड़क निधि (CRF) और अन्य केंद्रीय अनुदान।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री महोदय के प्रयासों से ही योजनाओं के लिए धन आ रहा है, तो फिर Revenue Deficit Grant (RDG) के मुद्दे पर वही प्रयास क्यों नहीं किए गए? उन्होंने कहा कि यह दोहरा मापदंड दर्शाता है कि सरकार केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि मंत्री के भाषण में तथ्यों से अधिक राजनीतिक आरोप और आत्मप्रशंसा थी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस सरकार के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही विकास का कोई ठोस विजन।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की भारी कमी है। कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और छोटी-छोटी परियोजनाओं के लिए भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी ओर केंद्र को ही दोषी ठहराने का प्रयास भी करती है। यह विरोधाभास सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में प्रदेश के विकास के लिए गंभीरता होती, तो सरकार निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाती। लेकिन वर्तमान सरकार केवल बयानबाजी और राजनीतिक प्रचार तक सीमित है।

अंत में रणधीर शर्मा ने कहा:

“विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए। केवल श्रेय लेने से विकास नहीं होता, उसके लिए नीति, नीयत और परिणाम तीनों जरूरी होते हैं – जो इस सरकार में पूरी तरह गायब हैं।”

जयराम ठाकुर बोले- हिम केयर बंद करने के बहाने खोज रही है सुक्खू सरकार

इलाज के लिए लोगों के गहने गिरवी रखवाने, मंगल सूत्र बिकवाने वाले नहीं समझेंगे दर्द
शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लाखों लोगों की जान बचाने वाले, लोगो में इलाज करवाने का हौसला देने वाले हिम केयर को मुख्यमंत्री द्वारा घोटाला कहना सिर्फ और सिर्फ बेशर्मी है। सरकार को यह बात आज भी चुभती है कि लोगों की जुबान पर भाजपा की दर्जनों योजनाएं रटी हुई है लेकिन इस सरकार के मंत्रियों के पास भी तीन साल बाद बताने के लिए कोई ढंग की तीन योजनाएं नहीं है। इसलिए लोगों को जिंदगी देने वाली योजनाओं को बंद करने की साज़िशे कर रही है। जिन योजनाओं ने लोगों की जिंदगी बदली उन्हें बंद कर यह सरकार भले ही राजनैतिक बदले की कार्रवाई करे लेकिन प्रदेश के लोग सरकार को माफ़ नहीं करेंगे। हमारी सरकार में ही हिम केयर और आयुष्मान के तहत साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोगों का इलाज हुआ जिस पर 500 करोड से ज्यादा रुपए खर्च हुए। 
मुख्यमंत्री एक ‘वेलफ़ेयर स्टेट’ का मतलब और उसका भाव नहीं समझ सकते हैं। वह कभी हिम केयर के उन लाभार्थियों से नहीं मिले। जिन्होंने अपनी आर्थिक हालत को देखते हुए इलाज करवाने के बजाय बीमारी छुपाने का फैसला किया। लेकिन हिम केयर ने उन्हें नई जिंदगी दी। तीन साल के कार्यकाल में जब उनके पास दिखाने के लिए अपनी नाकामियों के अलावा कुछ नहीं तो सरकार साजिशों पर उतर आई है। ‘कर-कर्ज़ और मित्रों पर ही मेहरबानी’ के मॉडल से चलने वाली सरकार देने के बजाय लेने, खोलने के बजाय बंद करने के काम में लगी है। मुख्यमंत्री यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अपनी किसी की खींची लकीर मिटाने से बेहतर है कि अपनी लकीर बड़ी की जाए। अफ़सोस कि उनसे जब कोई लकीर ख़ुद खींची नहीं जा सकी तो औरों की खींची लकीर को मिटाने में ही अपनी ऊर्जा खर्च कर रहे हैं। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री क्या कहते हैं उन्हें ख़ुद पता नहीं चलता है। मुख्यमंत्री ने 25 मार्च को सदन में कहा कि हमने 972 करोड़ खर्च किए, उसके पाँच मिनट बाद बोला कि 750 करोड़ रुपर खर्च किए। 19 मार्च को सदन में बोला कि 1072 करोड़ खर्च किए? भाजपा ने सिर्फ 450 करोड़ खर्च किए। तीनो बातें मुख्यमंत्री ने सदन में इसी सत्र में ही कही हैं, अब सवाल यह हैं कि उनकी कौन सी बात सही है? मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि हिम केयर का कुल बकाया कितना है? जिसके कारण आज लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है। हकीकत यह है कि सुक्खू सरकार ने आते ही हिम केयर के इलाज के लिए सिर्फ सरकार अस्पतालों में ही हिम केयर से इलाज का फरमान जारी कर दिया। इस सरकार में लोगों के इलाज के बजाय इलाज के लिए भटकने की खबरें ही हर दिन नज़र आ रही हैं। दवा और सर्जिकल आइटम्स की सप्लाई करने वाले सैकड़ों करोड़ के भुगतान वेंडर को नहीं मिलने से सप्लाई रोकी गई। अस्पतालों में सर्जिकल टाइम्स नहीं है इसलिए लोगों के ऑपरेशन टालने पड़े। गर्भवतियों को लगने वाले पाँच रुपए के इंजेक्शन भी अस्पतालों में नहीं मिलने की ख़बरें आम बात हो गई। इसके बाद भी सरकार कह रही है कि हमने 1072 करोड़ रुपए खर्च किए। सवाल यह है कि मुख्यमंत्री ने आखिर वह घोटाला साढ़े तीन सालों से क्यों होने दिया? अगर कोई गड़बड़ी हुई तो मुख्यमंत्री नेतीन साल तक यह होने क्यों दी? इतने दिनों में घोटाला करने वालों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? जिस तरह की राजनीति मुख्यमंत्री कर रहे हैं, उससे हिमाचल का भला होने वाला नहीं हैं। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थान बंद करने के मिशन को पूरा करने के बाद अब मुख्यमंत्री अब योजनाओं को बंद करने के अभियान चला रहे हैं। स्वावलंबन के बाद अब शगुन और कन्यादान योजना भी बंद हुई। ग़रीब बेटियों के लिए शगुन और कन्यादान योजना का महत्व मुख्यमंत्री को समझ आता तो वह इसे पहले निष्क्रिय और अब बंद नहीं करते। हमारी सरकार में हमने कन्यादान योजना की राशि 31 से बढ़ाकर 51 हज़ार की और शगुन योजना शुरू की। लेकिन वर्तमान सरकार ने दोनों योजनाएं बंद करने की घोषणा कर दी है।

CM सुक्खू ने मनाया 62वां जन्मदिन; चिनार का पौधा रोपित कर हरित पहल को दिया बढ़ावा

हिमाचल: प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का 62वां जन्मदिवस आज यहां हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आए लोगों, नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ पहुंचकर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुख्यमंत्री की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने चिनार का पौधा भी रोपित किया। उनकी धर्मपत्नी और देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर सहित परिवार के अन्य सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने आज सुबह हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कर्मचारियों द्वारा आयोजित एक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन सचिवालय से शुरू होकर मालरोड़ स्थित चर्च के समीप संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट जन कल्याण पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश और प्रदेशवासियों की समृद्धि की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आगामी वर्षों में और बेहतर निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सेवा परमो धर्मः के भाव से कार्य कर रही है ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने वर्ष 1952 से मिल रही आरडीजी को बंद किए जाने पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरडीजी प्रदेश की जनता का अधिकार है।
देश के विकास में हिमाचल के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये की पारिस्थितिक सेवाएं प्रदान करता है। प्रदेश सरकार विभिन्न मंचों पर प्रदेश के अधिकारों को पुरज़ोर तरीके से उठा रही है और सरकार इन प्रयासों में अवश्य सफल होगी।
उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की 18 महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की। प्रत्येक लाभार्थी को 3 लाख रुपये की सहायता में से पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये प्रदान किए गए, जिससे उनके घर बनाने का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस और राज्य युवा इकाइयों द्वारा इंदिरा गांधी खेल परिसर में रक्तदान शिविर और बॉक्सिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मंत्रीगण, विधायकगण, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।

एसजेवीएन के रामपुर एचपीएस में 25वें आंतर-सीपीएसयू कबड्डी टूर्नामेंट में बीबीएमबी बना विजेता

शिमला : एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने एसजेवीएन द्वारा आयोजित 25वें आंतर-सीपीएसयू कबड्डी टूर्नामेंट की विजेता टीम बीबीएमबी  को हार्दिक बधाई दी। गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कर्मचारियों के मध्य टीम वर्क, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को सुदृढ़ करने में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।

 एसजेवीएननिदेशक (कार्मिक),अजय कुमार शर्मा, ने मुख्य अतिथि के रूप में टूर्नामेंट के समापन समारोह की शोभा बढ़ाई।  शर्मा ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी, और साथ ही विजेताओं तथा सभी प्रतिभागी टीमों को भी बधाई दी।

 शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एसजेवीएन सदैव खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।  एसजेवीएन का दृढ़ विश्वास है कि खेल न केवल कर्मचारियों के शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं, अपितु उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं नेतृत्व क्षमताओं को भी बेहतर बनाते हैं, जो किसी भी संगठन की सफलता के लिए अतिआवश्यक हैं।  इस प्रकार के आयोजन भारत सरकार की ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसी पहलों को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 अजय कुमार शर्मा ने विजेता तथा उप-विजेता टीमों को ट्रॉफियां, पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। फाइनल मैच एसजेवीएन और बीबीएमबी के मध्य खेला गया, जिसमें बीबीएमबी टूर्नामेंट का विजेता बना।  एसजेवीएन ने प्रथम उप-विजेता का स्थान हासिल किया, जबकि टूर्नामेंट का द्वितीय उप-विजेता पीजीसीआईएल बना।  बीबीएमबी से आकाश को ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ घोषित किया गया, एसजेवीएन से विक्रम शर्मा को ‘सर्वश्रेष्ठ रेडर’ का पुरस्कार प्रदान किया गया और  बीबीएमबी से सुरेंदर सिंह को ‘सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर’ का पुरस्कार दिया गया। इन्हें मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर, रामपुर एचपीएस के परियोजना प्रमुख, विकास मारवाह, एनजेएचपीएस के परियोजना प्रमुख,  राजीव कपूर तथा एलएचईपी-1 के परियोजना प्रमुख, विवेक शर्मा के साथ-साथ आरएचपीएस, एनजेएचपीएस तथा एलएचईपी-1 के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पावर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के तत्वावधान में एसजेवीएन द्वारा अपने 412 मेगावाट आरएचपीएस में तीन-दिवसीय आंतर-सीपीएसयू कबड्डी टूर्नामेंट आयोजित किया गया और इसमें विद्युत मंत्रालय, सीईए, बीबीएमबी, एनएचपीसी, पीजीसीआईएल, आरईसी, टीएचडीसी तथा मेज़बान टीम एसजेवीएन की ओर से उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

शिमला:  26वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग कॉम्पिटीशन में विजय कुमार ने जीता पदक

शिमला:  इंडिया पुलिस डयूटी मीट शूटिंग कॉम्पिटीशन (एआईपीडीएम) 2025-2026 में हिमाचल प्रदेश पुलिस के पुलिस उप-अधीक्षक विजय कुमार ने व्यक्तिगत श्रेणी में कांस्य पदक हासिल कर राज्य और पुलिस विभाग के लिए सम्मान अर्जित किया है।
इस प्रतियोगिता का आयोजन 22 से 30 मार्च 2026 तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ग्रुप सेंटर, गुरुग्राम में किया जा रहा है, जिसमें देशभर की विभिन्न पुलिस बलों के निशानेबाज भाग ले रहे हैं।
इस प्रतियोगिता में विजय कुमार ने पिस्टल/रिवॉल्वर इवेंट-50 यार्ड प्रोन (एसएनएपी), बिना सहारे (अनर्स्पोटिड ऑन एल्बो विद् डबल हेंड ग्रिप श्रेणी) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह पदक हासिल किया। उन्होंने विभिन्न राज्य और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शीर्ष प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन निशानेबाजी और निरंतरता का प्रदर्शन किया।
इससे पहले, पिछले माह भी विजय कुमार ने इंदौर में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग (स्पोर्ट्स) प्रतियोगिता में दो व्यक्तिगत कांस्य पदक जीते थे। उनकी इस उपलब्धि से राष्ट्रीय पुलिस शूटिंग प्रतियोगिताओं में उनका रिकॉर्ड और अधिक बेहतर हुआ है।
विजय कुमार प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पिस्टल निशानेबाज हैं। उन्होंनेे राष्ट्रमंडल, एशियाई और ओलंपिक जैसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने पिस्टल शूटिंग में ओलंपिक पदक भी जीता है। उनकी निरंतर सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है और हिमाचल प्रदेश पुलिस तथा पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

क्रेच कार्यकर्ता व सहायिका के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

सोलन: बाल विकास परियोजना सोलन के अंतर्गत क्रेच कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पदों को भरने के लिए साक्षात्कार प्रथम अप्रैल, 2026 को प्रातः 10.00 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन कविता गौतम ने दी।

कविता गौतम ने कहा कि आंगनबाड़ी सह क्रैच केन्द आई.टी.आई. कॉलोनी के पर्यवेक्षक वृत्त सोलन शहरी, आंगनबाड़ी सह क्रैच केन्द थाना-2 नज़दीक डाईट के पर्यवेक्षक वृत्त सोलन शहरी तथा आंगनबाड़ी सह क्रैच केन्द रबौन के पर्यवेक्षक वृत्त सोलन ग्रामीण में क्रेच कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं के 1-1 पद भरे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता को इन पदों के लिए 30 मार्च, 2026 सांय 05.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन के कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

उन्होंने कहा कि इसके लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। क्रेच कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं व क्रेच सहायिकाओं के लिए उम्मीदवार की दसवीं उत्तीर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी एवं प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, उच्च शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांग, विधवा, स्टेट होम अथवा बालिका आश्रम की प्रवासिनी, तलाकशुदा, जिनके पति पिछले 07 वर्षों से लापता हो, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां भी अपने साथ लानी होंगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अलग से व्यक्तिगत बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे।

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन में सम्पर्क कर सकते हैं।

.0.

बिलासपुर: ग्रीष्मोत्सव के दौरान पुलिस थाना घुमारवीं क्षेत्र में हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध

बिलासपुर:  घुमारवीं में 5 से 9 अप्रैल तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव के दृष्टिगत लोगों की अधिक संख्या, कानून एवं व्यवस्था तथा मानव सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक निषेधाज्ञा जारी की है।

इस आदेश के अनुसार पुलिस थाना घुमारवीं के अधिकार क्षेत्र में आगामी 5 अप्रैल से 9 अप्रैल, 2026 तक किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार, तेजधार हथियार आदि उठाकर चलने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।

यह आदेश आम नागरिकों पर लागू होगा तथा इसमें सशस्त्र सुरक्षा बल को छूट प्रदान की गई है।

उपायुक्त ने कहा कि यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है तथा इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर में यातायात के लिए बंद रहेंगे कई सड़क मार्ग..

सकरोहा-मंझवाड-जबलयाणा सड़क मार्ग आगामी 27 मार्च तक यातायात के लिए बंद

तरघेल से लदरौर सड़क मार्ग आगामी 30 मार्च तक यातायात के लिए बंद

बाडा दा घाट-कुठेडा-मलहोट सड़क मार्ग आगामी 16 अप्रैल तक यातायात के लिए बंद

बिलासपुर: जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग मण्डल बिलासपुर के अंतर्गत सकरोहा-मंझवाड-जबलयाणा सड़क मार्ग आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते प्रातः 9 बजे से सांय 5 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए आगामी 27 मार्च तक बंद रहेगा।

जबकि लोक निर्माण विभाग मण्डल घुमारवीं के अंतर्गत तरघेल से लदरौर सड़क मार्ग आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए आगामी 30 मार्च तक बंद रहेगा। जारी आदेश में तरघेल की ओर से आने वाले वाहनों को एनएच-103 और लदरौर की तरफ से आने वाले वाहनों को डंगार-बरोटा-लदरौर सडक मार्ग का उपयोग करने को कहा गया है।

इसी प्रकार बाडा दा घाट-कुठेडा-मलहोट सड़क मार्ग भी आगामी 16 अप्रैल तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद किया गया है। उन्होंने जारी आदेशों में बताया कि इन सड़क मार्गों की मरम्मत कार्य के दौरान केवल एम्बुलेंस, स्कूल बसों, वीआईपी वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवा वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।

पंडोह में अग्निवीर भर्ती रैली में मण्डी जिला के 399 युवा अभ्यर्थी हुए शामिल

मण्डी: सेना भर्ती कार्यालय मंडी की वर्ष 2025-26 की अग्निवीर भर्ती रैली तृतीय इंडिया रिजर्व बटालियन पंडोह के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित की जा रही है। इस रैली में कुल्लू, मंडी एवं लाहौल-स्पिति जिलों के सीईई उत्तीर्ण 2,959 कैंडिडेट्स हिस्सा ले रहे हैं।

भर्ती निदेशक, एआरओ, मंडी कर्नल गौतम निशान्त ने बताया कि आज 25 मार्च, 2026 को मंडी जिला के 399 युवाओं ने भर्ती रैली में भाग लिया। प्रातः काल 1.6 किमी दौड़ के साथ आज भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हुई। दौड़ के दौरान सभी युवा अभ्यर्थियों में बहुत ही जोश और उत्साह देखने को मिला। इसमें 300 अभ्यर्थी दौड़ में उत्तीर्ण हुए। ये अभ्यर्थी अब आगे बाकी के शारीरिक मापदंड, दस्तावेज एवं चिकित्सकीय परीक्षण से गुजरेंगे।

कर्नल गौतम निशान्त ने बताया कि भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।

साक्षात्कार की तिथियों में बदलाव

मण्डी: बाल विकास परियोजना, मण्डी सदर के उप-मण्डल मण्डी सदर के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र मट्ट-। में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी-सह-क्रैच केन्द्र दरम्याना-।। थनेहड़ा-। तथा लोअर सुहड़ा-।। में क्रैच कार्यकर्ता/क्रैच सहायिका के रिक्त पदों को भरने के लिए निर्धारित साक्षात्कार की तिथियों में बदलाव किया गया है।

एक विभागीय प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि यह साक्षात्कार उप-मण्डलाधिकारी (ना०) मण्डी सदर के कार्यालय में पहले 28 मार्च, 2026 को निर्धारित किए गए थे, मगर प्रशासकीय कारणों से साक्षात्कार अब 02 अप्रैल, 2026 को उप-मण्डलाधिकारी (ना०) मण्डी सदर के कार्यालय में लिए जाएंगे।