ताज़ा समाचार

ब्लॉग

हिमाचल को वित्तीय दिवालियापन की ओर धकेल रही कांग्रेस सरकार – विपिन परमार

कर्मचारी, पेंशनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारी अपने हकों के लिए सड़कों पर – रणधीर शर्मा

5 लाख नौकरियों का वादा करने वाली कांग्रेस आज युवाओं से अवसर छीन रही – राकेश जमवाल

शिमला: भारतीय जनता पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ नेता एवं विधायक विपिन परमार, मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल, मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा एवं मीडिया संयोजक कर्ण नंदा उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन, वित्तीय स्थिति और जनविरोधी नीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर भाजपा नेता विपिन परमार ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वित्तीय दिवालियापन की ओर धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेने के बावजूद सरकार जनकल्याणकारी कार्य करने में पूरी तरह विफल रही है। केंद्र सरकार से भारी भरकम सहायता मिलने के बावजूद प्रदेश की जनता को किसी प्रकार की राहत या सुविधा नहीं मिल पा रही है।

मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, पेंशनभोगी एवं आउटसोर्स कर्मचारी आज अपने हकों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक एक भी वादा धरातल पर नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल झूठ और धोखे की राजनीति कर रही है।

मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश का युवा आज भी बेरोजगारी की मार झेल रहा है। पहली कैबिनेट में 5 लाख नौकरियां देने का वादा करने वाली कांग्रेस आज नौकरियां देने के बजाय अवसर छीनने का काम कर रही है। बेरोजगारी दर लगातार बढ़ रही है और सरकार पूरी तरह मौन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल अपने चहेतों तक सीमित होकर रह गई है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से पूरी तरह निराश है और आने वाले समय में इसका जवाब जनता अवश्य देगी।

हमीरपुर: 8 अप्रैल तक बंद रहेगी मैड़-भगेटू सड़क

हमीरपुर : उपमंडल हमीरपुर के अंतर्गत मैड़-भगेटू सड़क पर झिनकरी के पास एक दीवार के कार्य के चलते इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही 8 मार्च तक बंद की गई है।

इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि सड़क की मरम्मत एवं दीवार के कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक अप्पर मैड़-पांडवीं-टाउन भराड़ी सड़क या लोअर मैड़-झिनकरी सड़क या टियाले दा घाट-झिनकरी सड़क को वैकल्पिक रूट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जिलाधीश ने सभी वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की भेंट

हिमाचल: प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। हिमाचल के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करने के उपरान्त कविन्द्र गुप्ता की यह राष्ट्रपति के साथ पहली भेंट है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को हिमाचल प्रदेश की स्थिति से अवगत करवाया तथा राज्य में कार्यन्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
राष्ट्रपति ने राज्यपाल को शुभकामनाएं देते हुए हिमाचल प्रदेश के लोगों के विकास, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में पिंजौर – बद्दी – नालागढ़ सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया

BBN क्षेत्र की जीवनरेखा बनी सड़क उपेक्षा का शिकार, उद्योग और जनता दोनों प्रभावित

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के सांसद श्री सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के तहत हिमाचल प्रदेश के पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ सड़क मार्ग की अत्यंत दयनीय स्थिति का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (BBN) औद्योगिक क्षेत्र को हरियाणा और चंडीगढ़ से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ के रूप में कार्य करता है।

सांसद सुरेश कश्यप ने सदन में बताया कि BBN क्षेत्र एशिया के प्रमुख औद्योगिक हब में से एक है, जहाँ 2000 से अधिक उद्योग संचालित हैं और प्रतिदिन लगभग 30,000 से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके बावजूद इस सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत खराब है, जिससे आम जनता, उद्योगों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस सड़क के चार-लेन निर्माण कार्य की शुरुआत अप्रैल 2022 में की गई थी, जिसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। इसके लिए प्रारंभिक रूप से लगभग 556 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जो अब बढ़कर 650–670 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है, जो राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है।

सांसद कश्यप ने यह भी बताया कि जानकारी के अनुसार लगभग 40–45 प्रतिशत कार्य होने के बाद ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिया गया, और अब तक 10 से अधिक बार टेंडर प्रक्रिया रद्द या स्थगित हो चुकी है। परिणामस्वरूप निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। वर्तमान में सड़क की हालत अत्यंत खराब है—जगह-जगह गड्ढे, अधूरी लेन, जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण न केवल आम नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उद्योगों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है और आपातकालीन सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।

सांसद सुरेश कश्यप ने सरकार से आग्रह किया कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता और उद्योगों को राहत मिल सके।

उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

राज्यपाल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से की भेंट; प्रदेश से संबंधित प्रमुख मामलों पर किया विचार विमर्श

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। राज्यपाल के रूप में प्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त प्रधानमंत्री के साथ उनकी यह पहली शिष्टाचार भेंट है।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के विकास और जनकल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार विमर्श किया। उन्होंने ‘नशा-मुक्त हिमाचल अभियान’ और ‘टीबी-मुक्त हिमाचल अभियान’ जैसे महत्वपूर्ण पहलों से प्रधानमंत्री को अवगत करवाया। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। लोगों को प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैै जिससे बड़ी संख्या में किसान और बागवान रसायन मुक्त कृषि पद्धति को अपना रहे हैं। उन्होंने इन पहलों को और अधिक बढ़ावा देने तथा विस्तार प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पहाड़ी राज्य हिमाचल पूरी तरह से शून्य लागत और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धति को अपनाकर दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करेगा।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि इन विकासात्मक पहलों को गति देने के लिए केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राज्य और केंद्र के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश में समग्र विकास, जनकल्याण और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
.0.

सेवा विस्तार, पदोन्नति में देरी और वेतन स्थगन पर सैमडकॉट ने दी कड़ी चेतावनी

शिमला — आईजीएमसी (IGMC) शिमला के कंसल्टेंट डॉक्टरों की शीर्ष संस्था, सीनियर एकेडमिक मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन (सैमडकॉट), ने आज राज्य के मेडिकल कॉलेजों में उत्पन्न हो रहे गंभीर संकट पर चर्चा के लिए ‘जनरल हाउस’ की बैठक आयोजित की। इस सभा में प्रिंसिपलों और चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) के पदों पर चहेते अधिकारियों को दिए गए अनुचित सेवा विस्तार, नियमित पदोन्नति में बाधा और मासिक वेतन के प्रस्तावित स्थगन को लेकर संकाय सदस्यों में भारी रोष देखा गया।
​जनरल हाउस ने प्रिंसिपलों और चिकित्सा शिक्षा निदेशक के महत्वपूर्ण पदों को भरने के लिए “चुनिंदा” सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। सदस्यों ने रेखांकित किया कि ये अस्थायी व्यवस्थाएं 13 दिसंबर, 2023 की राजपत्रित अधिसूचना (Gazetted Notification) का स्पष्ट उल्लंघन हैं, जो पुनर्नियुक्त कर्मचारियों को आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) की शक्तियां देने पर रोक लगाती है।
​एसोसिएशन ने कहा, “उच्च पदस्थ और पात्र संकाय सदस्यों को पदोन्नत करने में राज्य की झिझक न केवल एक प्रशासनिक चूक है, बल्कि नीति का उल्लंघन भी है। जहाँ पात्र डॉक्टर पदोन्नति की प्रतीक्षा में ठिठके हुए हैं, वहीं पुनर्नियुक्त अधिकारी पेंशन और पूर्ण वेतन दोनों ले रहे हैं, जिससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।”
​’क्वाइट क्विटिंग’ और शैक्षणिक पतन का खतरा
​सभा में उल्लेख किया गया कि अगस्त 2022 के बाद से राज्य में प्रिंसिपल के पद पर कोई नियमित पदोन्नति नहीं हुई है। करियर की प्रगति पर इस “पूर्ण विराम” के कारण निम्नलिखित स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं:
​घटता मनोबल: वरिष्ठ संकाय सदस्य स्वयं को व्यवस्था द्वारा उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
​प्रतिभा पलायन का जोखिम: सदन ने चेतावनी दी कि पदोन्नति के अधिकारों का हनन “क्वाइट क्विटिंग” (कार्य के प्रति उदासीनता) की लहर पैदा कर रहा है।
​शैक्षणिक संकट: वरिष्ठ विशेषज्ञों का पलायन राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चल रहे और प्रस्तावित स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों की मान्यता को खतरे में डाल देगा, जिससे उच्च चिकित्सा शिक्षा पूरी तरह ठप हो सकती है।
​वित्तीय कठिनाई और वेतन स्थगन
​सैमडकॉट ने ग्रुप-ए और ग्रुप-बी कर्मचारियों के वेतन में 20-30% की कटौती/स्थगन के सरकारी प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।
​एसोसिएशन ने जोर देकर कहा, “सरकारी कर्मचारी का वेतन एक सुरक्षित अधिकार है, कोई वैकल्पिक खर्च नहीं।” पिछले दस वर्षों से लंबित संशोधित वेतनमान के एरियर और 15% लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बीच, यह स्थगन लगभग 30,000 कर्मचारियों को आर्थिक रूप से पंगु बना देगा। सदस्यों ने कहा कि जहाँ राज्य की बचत केवल ₹10 करोड़ प्रति माह है, वहीं होम लोन और दैनिक खर्चों से बंधे परिवारों पर इसका प्रभाव “अत्यंत पीड़ादायक” होगा।
​कार्रवाई की मांग
​जनरल हाउस ने सर्वसम्मति से वेतन स्थगन नीति को तत्काल वापस लेने और अधिसूचित वरिष्ठता सूची के अनुसार नियमित संकाय की पारदर्शी, योग्यता-आधारित पदोन्नति बहाल करने की मांग की है।
​सैमडकॉट ने चेतावनी दी है कि यदि इन शिकायतों का निवारण नहीं किया गया, तो हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की कार्य संस्कृति अपूरणीय रूप से क्षतिग्रस्त हो जाएगी और जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से समझौता होगा।

मुख्यमंत्री नादानी से बाज आएं और बॉर्डर एरिया में हालात खराब होने से रोकें – जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री के बिना विचार के फैसलों के कारण बिगड़ रहे हैं हालात
शिमला : प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ रहे विवाद और बवाल पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बीते कल जिस प्रकार के हालात बने, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति किसी के लिए भी ठीक नहीं है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। खासतौर पर बॉर्डर एरिया में हिमाचल और अन्य प्रदेशों के लोग विरोध कर रहे हैं। बीते कल ढाई घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन चलता रहा और करीब 4 घंटे तक पूरा हाईवे जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने आज से हालात और बिगड़ने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे लिए गए फैसलों के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है। इसलिए मुख्यमंत्री को पूरे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि टूरिज्म सेक्टर से जुड़े लोग भी एंट्री टैक्स का विरोध कर रहे हैं। टैक्सी यूनियन भी इसके खिलाफ है। इसके अलावा पंजाब के लोगों ने भी विरोध जताया है और कहा है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो हिमाचल में पंजाब से लगने वाले सभी एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोका जाएगा। इससे एक बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि छोटी गाड़ियों के शुल्क में अधिक वृद्धि नहीं हुई है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। छोटे वाहनों की एंट्री फीस में लगभग 234 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले हिमाचल प्रदेश के यूटिलिटी वाहनों को छूट थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसका सीधा असर किसानों, बागवानों और सब्जी उत्पादकों पर पड़ेगा। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और संवाद के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। सरकार के मनमाने फैसलों के कारण हिमाचल और पंजाब के बीच जो हालात बन रहे हैं, वे कतई उचित नहीं हैं। इस प्रकार की जिद दोनों राज्यों के बीच तनाव को बढ़ाएगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

हिमाचल: इस माह घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

LPG एवं पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, कालाबाजारी व जमाखोरी पर कड़ी निगरानी

शिमला: जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला शिमला नरेंदर धीमान ने आज यहां बताया कि जिला शिमला में वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत एलपीजी एवं पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर स्थिति सामान्य एवं नियंत्रित बनी हुई है। यद्यपि राष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर कुछ प्रभाव पड़ा है, परन्तु जिला में घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है तथा पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्व की भांति नियमित रूप से की जा रही है।

व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति 50 प्रतिशत आरम्भ 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को भी सुचारू किया गया है तथा अब व्यावसायिक  सिलेंडर की आपूर्ति 50 प्रतिशत आरम्भ कर दी गई है| जिला के होटल, रेस्तरां एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पर्याप्त मात्रा में व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे घरेलू सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए न करें तथा ईंधन के वैकल्पिक साधनों का भी उपयोग करें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों, होटलों एवं रेस्तरां में निरीक्षण कर कालाबाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि कि अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडरों या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद एवं भंडारण न करें, जिससे कृत्रिम कमी उत्पन्न न हो। घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करें तथा निर्धारित समयावधि (लगभग 25 दिन) के पश्चात ही पुनः बुकिंग करें। जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति हेतु रूट चार्ट निर्धारित किया गया है तथा होम डिलीवरी एवं पिकअप प्वाइंट्स के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि वे निर्धारित समय एवं स्थान पर ही गैस सिलेंडर प्राप्त करें तथा गैस एजेंसियों के गोदामों पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न करें।
सभी नागरिकों से शांति एवं संयम बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की जाती है, ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके।

शिमला : आपदा न्यूनीकरण के तहत 20.70 करोड़ के 4 प्रस्तावों पर की चर्चा

उपायुक्त ने एक सप्ताह में सभी कमियों को दूर कर पुनः प्रस्तावों को प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

शिमला : उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित बैठक में जिला से राज्य आपदा न्यूनीकरण के तहत लगभग 20.70 करोड़ रुपए के 04 प्रस्तावों को भेजने को लेकर गहन चर्चा की गई।

इन 04 प्रस्तावों में लगभग 1.86 करोड़ रुपए का सुरु गांव में बाढ़ से बचाव के उपाय हेतु प्रोजेक्ट शामिल है ताकि उचित जल निकासी व्यवस्था तैयार कर गांव को बचाया जा सके और संभावित नुकसान को रोका जा सके। इसी प्रकार, इनमे 9.33 करोड़ रुपए से रामचंद्र चौक से हेनॉल्ट पब्लिक स्कूल (फेज-2) के बीच सड़कों के आसपास धंसते हुए क्षेत्र के लिए न्यूनीकरण उपाय और स्थिरीकरण की योजना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, इन प्रस्तावों में 9.05 करोड़ रुपए से सुन्नी में शिमला-मंडी मार्ग पर सुरक्षा और सुदृढ़ीकरण के उपाय तथा 43.94 लाख रुपए से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुफरी के भवन की रेट्रोफिटिंग का प्रस्ताव शामिल है।

उपायुक्त ने सम्बंधित अधिकारियों को इन प्रस्तावों में एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर पुनः बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि इन मामलों को आगामी कार्यवाई के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा जा सके।

पहले भेजे 06 में से 04 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पहले भेजे गए 06 प्रस्तावों में से 10.63 करोड़ रुपए के 02 प्रस्तावों को अनुशंसा प्राप्त हुई है जबकि 2.98 करोड़ रुपए के 02 मामलों में सैद्धांतिक मंजूरी मिली है और 16.72 करोड़ रुपए के 02 मामलों को वापस भेजा गया है ताकि उनमें जो कमियां हैं उन्हें दूर करके पुनः राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा जा सके।

इस बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 5.36 करोड़ से निर्माणाधीन बीडीओ कार्यालय भवन का किया निरीक्षण

अधिकारियों को दिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश 

शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कोटखाई में 5 करोड़ 36 लाख की राशि से बनने वाले विकास खंड अधिकारी कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरिक्षण किया। 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह भवन कोटखाई की जनता के लिए एक बड़ी सौगात होगा। इसके बनने से विकास खंड कोटखाई में कार्यरत कर्मचारियों को सुविधा होगी और विकास कार्यों को अधिक गति मिलेगी। पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह कार्य एक मील का पत्थर साबित होगा। 

गौरतलब है कि यह एक पांच मंज़िला भवन होगा जिसमें खंड विकास अधिकारी के कार्यालय एवं आवास के अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए नई तकनीक से युक्त कमरों का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन के प्रथम तल पर एक पुस्तकालय का निर्माण भी किया जा रहा है जिससे पंचायती राज से जुड़े प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों सहित जनसामान्य को भी लाभ होगा।  इस भवन में लिफ्ट का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंटीन का भी प्रावधान इस भवन में रखा गया है। इस भवन की सबसे ऊपरी मंज़िल में पंचायत समिति हॉल का निर्माण भी किया जाना है, जिसमें समय-समय पर महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हो सकेगा।

रोहित ठाकुर ने इस भवन के निर्माण से जुड़े सभी अधिकारियों एवं निर्माणकर्ताओं को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। साथ ही यह भी बताया कि जुब्बल नावर कोटखाई में चल रहे विकास कार्यों की श्रृंखला में खंड विकास अधिकारी कोटखाई का कार्यालय एक अलग उदहारण प्रस्तुत करेगा।