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शिमला: डीएवी स्कूल सोलन के 47 छात्र – छात्राओं ने देखी विधान सभा की कार्यवाही

शिमला:  विधान सभा सचिवालय पहुँचकर आज डीएवी स्कूल सोलन के 47 छात्र – छात्राओं नेसदन में आज हुई  कार्यवाही को देखा। सभी छात्र – छात्राओं ने सदन के अन्दर हुए प्रश्नकाल तथा शून्यकाल की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा तथा प्रसन्नता जाहिर की। दर्शक दीर्घा से सदन की कार्यवाही देख रहे बच्चों का विधान सभा अध्यक्ष ने अपने आसन से सम्बोधन  कर विशेष उल्लेख भी किया। सदन की कार्यवाही  देखने के बाद सभी छात्र – छात्राओं ने विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां  से कौंसिल चैम्बर के गेट नं0 1 पर संवाद किया तथा एक सामूहिक चित्र के साथ आज सदन के अन्दर देखी कार्यवाही से विधान सभा अध्यक्ष को अवगत करवाया।

 इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से पूछा कि आपको सदन की कार्यवाही कैसे लगी सभी ने तपाक से उत्तर दिया कि बहुत ही अच्छी। संवाद के दौरान एक छात्रा ने विधान सभा अध्यक्ष से पूछा कि सर आप इतनी अच्छी तरह से सदन की कार्यवाही को कैसे चला देते हैं जबकि सदन के अन्दर सभी 67 सदस्य वरिष्ठ तथा परिपक्व हैं जिन्हें सम्भालना तथा नियंत्रित करना बेहद मुश्किल है।

पठानिया ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सभी सदस्य वरिष्ठ तथा अनुभवी हैं। वह सभी की इच्छा तथा जिज्ञासा को पहले ही भांपने का प्रयास करते हैं तथा उसी के अनुरूप सदन की कार्यवाही विधान सभा अध्यक्ष  ने कहा कि उन्होने शिमला हो या धर्मशाला दोनों जगह विद्यार्थियों  को सदन देखने की बैठने की क्षमता  के हिसाब से अनुमति दे रखी है ताकि संसदीय प्रणाली की जानकारी तथा सदन की कार्यवाही जन- जन तक पहुँच सके। अध्यक्ष ने कहा कि उन्होने शिमला सदन में बच्चों के संसद के आयोजन की अनुमति दी थी ‍ जिसमें वह स्वयं भी मौजूद थे। पठानियां ने कहा कि बच्चों ने जिस तरह से सदन के अन्दर मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मन्त्रिमण्डल सदस्य तथा विधान सभा सदस्य की जो भूमिका निभाई वह अदभुत थी। बच्चों ने जिस तरह ज्वलंत मुद्दों पर बहस तथा चर्चा की  वह  आश्चर्य चकित करने वाली थी। उन्हें महसूस हुआ कि आज शिक्षा का इतना विस्तार हो चुका है कि आज के बच्चे भी सामयिक विषयों की जानकारी रखते हैं तथा उनका निराकरण या समाधान करने की तीव्र इच्छा रखते हैं।

इस अवसर पर पठानियां ने सभी बच्चों को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी तथा शिक्षा ग्रहण करने के साथ- साथ राष्ट्रहित एवं राष्ट्रनिर्माण में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सेब किसानों को गुमराह करने के लिए झूठ बोल रही कांग्रेस — FTA पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी : डॉ. जनक

विदेशी सेब हिमाचल के सेब से महंगे पड़ेंगे, फिर भी डर फैला रही कांग्रेस

शिमला:  भाजपा नेता एवं विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को डराने और गुमराह करने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह झूठ पर आधारित राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कांग्रेस जिस प्रकार की बयानबाजी कर रही है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

डॉ. जनक राज ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेब आयातक है और 2024-25 में लगभग 5.57 लाख मीट्रिक टन सेब का आयात हुआ, जो घरेलू उत्पादन का करीब 21.9% है । इसके बावजूद केंद्र सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं जिससे हिमाचल के सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ हुए समझौते में सेब आयात के लिए सीमित कोटा (TRQ) रखा गया है, जो मौजूदा आयात से भी कम है और इसे 10 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। साथ ही न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) ₹80 प्रति किलो निर्धारित किया गया है, जिससे सस्ते विदेशी सेब भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

डॉ. जनक राज ने आगे कहा कि विदेशी सेब की वास्तविक कीमत केवल आयात मूल्य तक सीमित नहीं होती। जब इसमें ढुलाई (transportation), कोल्ड स्टोरेज और अन्य लॉजिस्टिक लागतें जुड़ती हैं, तो यह फल मंडियों तक पहुंचते-पहुंचते ₹120 से ₹150 प्रति किलो तक पहुंच जाता है, जो कि हिमाचल प्रदेश के स्थानीय सेब से कहीं अधिक महंगा है। ऐसे में यह साफ है कि विदेशी सेब भारतीय बाजार में सस्ते विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि प्रीमियम श्रेणी में ही उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड और अमेरिका के साथ भी जो व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, उनमें केवल प्रीमियम सेगमेंट के महंगे सेब ही आयात होंगे, जिससे घरेलू सेब उत्पादकों की कीमतों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह आयात घरेलू बाजार को संतुलित रखने में मदद करेगा ।

डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस के पास न तो तथ्यों की समझ है और न ही किसानों के प्रति कोई संवेदनशीलता। केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेब बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और उत्पादन बढ़ाने, तकनीक सुधारने तथा किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि हिमाचल का बागवान अब जागरूक है और कांग्रेस के झूठ को पहचान चुका है। भाजपा सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

“पेट्रोल-डीजल पर ₹5 सेस और एंट्री टैक्स के खिलाफ भाजपा का बड़ा ऐलान – 8 से 11 अप्रैल तक 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन” : बिंदल

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल में पेट्रोल और डीजल पर ₹5 सेस लगाकर तथा पहले से VAT के माध्यम से जनता की जेब पर लगातार डाका डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से आम आदमी, व्यापारी, टैक्सी ऑपरेटर, बस मालिक और ट्रक यूनियन सभी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स के नाम पर भी छोटी-बड़ी गाड़ियों पर भारी बोझ डाला गया है, जिससे पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में भी इसका विरोध हो रहा है। परिणामस्वरूप हिमाचल के व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है और उनके रोजगार पर संकट मंडरा रहा है।

डॉ. बिंदल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया सेस और एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी तुरंत वापस नहीं लेती, तो भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के 68 के 68 विधानसभा क्षेत्रों में 8, 9, 10 और 11 अप्रैल को धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा हर हाल में जनता के साथ खड़ी है और महंगाई के इस अन्यायपूर्ण बोझ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बिजली के दामों में भारी वृद्धि, स्टांप ड्यूटी में इजाफा, राशन और सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी कर हर वर्ग को आर्थिक रूप से परेशान किया है, जिससे प्रदेश में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया है।

वहीं, डॉ. बिंदल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को ₹3,920 करोड़ की विशेष आर्थिक सहायता प्रदान करना प्रदेश के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि यह सहायता सभी राज्यों को नहीं मिली, बल्कि चुनिंदा राज्यों में हिमाचल को सबसे अधिक सहयोग दिया गया है, जो प्रधानमंत्री के हिमाचल के प्रति विशेष स्नेह को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कारण प्रदेश का बजट ₹58 हजार करोड़ से घटकर ₹54 हजार करोड़ तक पहुंच गया था, लेकिन केंद्र की इस विशेष सहायता से बजट फिर से ₹58 हजार करोड़ के स्तर पर पहुंचा है।

अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि यह सहायता प्रदेश के रुके हुए विकास को फिर से गति देगी और भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि हिमाचल के हितों के साथ कोई समझौता न हो।

हिमाचल: प्रदेश को केंद्र से 3920 करोड़ की मदद; राज्यपाल बोले-वित्तीय सहायता से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज हिमाचल प्रदेश को ‘एसएएससीआई के तहत प्राईड ऑफ हिल्स-पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष विकास सहायता योजना’ के अंतर्गत 3,920 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के निर्णय का स्वागत किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पर्वतीय राज्यों के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्र सरकार ने सोलहवें वित्त आयोग फ्रेमवर्क के तहत नौ पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए 25,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया है। इसमें से हिमाचल प्रदेश को 3,920 करोड़ रुपये आवंटित गए हैं, जिससे हिमाचल सभी पर्वतीय राज्यों में केंद्रीय सहायता प्राप्त करने वाला दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी बना है।
राज्यपाल ने कहा कि इस वित्तीय सहायता से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में तेजी से सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि यह विशेष सहायता पैकेज हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य सीमित संसाधनों और वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस राशि का सही, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग किया जाएगा, जिससे समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास और कल्याण सुनिश्चित होगा।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पर्वतीय राज्यों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को समझा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश के हर हिस्से में समान, समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करने की केंद्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हिमाचल: सस्ता हुआ घरेलू एलपीजी सिलिंडर

हिमाचल: प्रदेश में LPG सिलेंडर, पेट्रोल और डीज़ल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध

शिमला: निदेशक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, कुमद सिंह ने आज राज्य स्तरीय निगरानी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 191 गैस ऐजेंसियां हैं जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वर्तमान में कुल सामान्य खपत की तुलना में 60 प्रतिशत व्यावसायिक गैस सिलेंडर राज्य को प्राप्त हो रहे हैं तथा सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिलेंडर उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।
बैठक में मौजूद विभिन्न कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आवश्यकतानुसार गैस सिलेंडरों की प्राप्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल व डीजल की भी प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है तथा 15 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है और इन पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सूचारू रूप से हो रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से घरेलू गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं होने सम्बंधी शिकायतें आ रही है। उन्हांेने तेल कम्पनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि इस विकट परिस्थिति में किसी भी घरेलू गैस उपभोक्ता को ई-केवाईसी न होने के कारण सिलेंडर से वंचित न किया जाए तथा कैम्प मोड में शेष बचे उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी करवायें। उन्हांेने ये भी निर्देश दिए कि गैस ऐजेंसियां फोकल प्वांइट पर डिलीवरी के दो दिन पहले जिला नियंत्रकों एवं निरीक्षकों तथा संबंधित पंचायत जनप्रतिनिधियों को भी सूचित करें ताकि समाचार पत्रों के माध्यम प्रचार-प्रसार करके उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचाई जा सके। उन्होंने तेल कंपनियों को फोकल प्वांइट पर ही उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी करने के निर्देश दिए।
बैठक में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राहत योजना: दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज’ – डीसी

*दुर्घटना पीड़ित को 24 घंटे के भीतर सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती करवाना जरूरी*

*प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक के इलाज का है प्रावधान*

धर्मशाला: पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कांगड़ा द्वारा आज सोमवार को धर्मशाला स्थित उपायुक्त सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा, हेमराज बैरवा ने की।

उपायुक्त ने कहा कि यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने के लिए शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक के इलाज का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती करवाना आवश्यक है, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यशाला में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत आपातकालीन सेवाएं, सर्जरी, आईसीयू सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। यह योजना सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों चाहे वे चालक, यात्री या पैदल यात्री हों , पर समान रूप से लागू होती है। साथ ही, आईटी आधारित प्रणाली के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है।

इस अवसर पर आरटीओ धर्मशाला, विकास जम्बाल ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं और नजदीकी अस्पताल या पुलिस स्टेशन से तुरंत संपर्क कर योजना का लाभ उठाएं।

कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

हिमाचल: सस्ता हुआ घरेलू एलपीजी सिलिंडर

पेट्रोल, डीज़ल एवं घरेलू गैस की कोई कमी नहीं : अनुराग चन्द्र शर्मा

कुल्लू: उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में पेट्रोल, डीज़ल एवं घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू रूप से जारी है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर लगभग 3,04,251 लीटर पेट्रोल तथा 3,72,417 लीटर डीज़ल उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की 16 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी नियमित रूप से हो रही है। उन्होंने बताया कि 30 मार्च 2026 को 1764 घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त हुए हैं, जबकि एजेंसियों के पास 2763 घरेलू गैस सिलेंडर एवं 191 वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।

उपायुक्त ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नीति के अनुसार वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने ढाबा एवं होटल संचालकों से अपील की कि वे ईंधन के वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें, ताकि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके।

उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद करें। साथ ही गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए टोल-फ्री नंबर पर एक बार ही मिस कॉल करने की सलाह दी, ताकि अनावश्यक दबाव से बचा जा सके।

उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

जिला कुल्लू में नगर निकायों के लिए वार्डवार आरक्षण रोस्टर जारी

कुल्लू: उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जिले के नगर निकायों के लिए वर्ष 2026 के आम चुनावों हेतु वार्डवार आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है।

यह आदेश हिमाचल प्रदेश नगर पालिका चुनाव नियम, 2015 के नियम 10 के अंतर्गत जारी किया गया है, जिसके अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया है।

जारी रोस्टर के अनुसार

*नगर परिषद कुल्लू*

1. रामशिला — सामान्य

2. अखाड़ा बाजार — सामान्य

3. ब्यासा मोड़ — महिला

4.सुल्तानपुर — सामान्य

5. सरवरी — महिला

6. खोरी रोपा — अनुसूचित जाति (महिला)

7. शिशामाटी — महिला

8. ढालपुर — महिला

9. लोअर ढालपुर — महिला

10. कहुधार — अनुसूचित जनजाति

11. गांधी नगर — अनुसूचित जाति

*नगर परिषद मनाली*

1. ढुंगरी — सामान्य

2. भजोगी — अनुसूचित जाति (पुरुष)

3. स्कूल एरिया — महिला

4.मॉडल टाउन — महिला

5. मनु मार्केट — महिला

6.गोम्पा एरिया — महिला

7 . पुलिस स्टेशन एरिया — अनुसूचित जनजाति (पुरुष)

*नगर पंचायत भुंतर*

1.शमशी — अनुसूचित जाति (पुरुष)

2. छोटी शमशी — महिला

3.छोटी शमशी-II — महिला

4. भुंतर (बाईपास के ऊपर) — अनुसूचित जनजाति (पुरुष)

5.भुंतर मिडिल एरिया — महिला

6.भुंतर लोअर एरिया — महिला

7. पारला भुंतर — सामान्य

*नगर पंचायत बंजार*

1. दरुधार — महिला

2. दुआला — सामान्य

3.मेन बाजार — महिला

4.लोअर शेग्लू — सामान्य

5.घेड़ीगड़ — अनुसूचित जाति (पुरुष)

6. अपर शेग्लू — महिला

7.अपर बंजार — महिला

*नगर पंचायत निरमंड*

1. सिरकोटी — अनुसूचित जाति (महिला)

2. शगौली — सामान्य

3. सुनाराला — सामान्य

4.भियूटा — महिला

5. दीम — सामान्य

6.बिशनु — महिला

7. पोखटू— अनुसूचित जाति

अब जेओए के 351 और रेडियोग्राफर के 28 पद भरे जाएंगे

पूर्व में जारी विज्ञापनों में जोड़े जोओए के 117 और रेडियोग्राफर के 18 पद

हमीरपुर :  हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) के माध्यम से भरे जा रहे जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (ट्रेनी) के पदों की संख्या में 117 की बढ़ोतरी की गई है। अब आयोग जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (ट्रेनी) के कुल 351 पदों पर भर्ती करेगा। इसी प्रकार रेडियोग्राफर की भर्ती में भी 18 पद और जोड़े गए हैं।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस वर्ष 21 जनवरी को जारी आयोग के विज्ञापन में पोस्ट कोड-26001 के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (ट्रेनी) के 234 पद विज्ञापित किए गए थे। लेकिन, अब भर्ती निदेशालय से 117 और पदों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसलिए, अब इन पदों की संख्या बढ़कर 351 हो गई है।

डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस वर्ष 28 फरवरी को जारी आयोग के विज्ञापन में पोस्ट कोड-26009 के तहत रेडियोग्राफर के 10 पद विज्ञापित किए गए थे। लेकिन, अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशालय से 18 और पदों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसलिए, अब इन पदों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।

सचिव बताया कि इन दोनों पोस्ट कोड की भर्ती प्रक्रिया के अन्य नियम और शर्तें यथावत रहेंगी।

शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरो ने बोला हल्ला

हिमाचल: प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को लंबित वित्तीय देनदारियों का भुगतान न होने पर शिमला के चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन किया। पेंशनरों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। प्रदेश भर से शिमला पहुंच कर पेंशनरों ने इस धरना प्रदर्शन में भाग लिया। शिमला में विरोध प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पिछले तीन वर्ष से 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के रिटायर्ड हुए पेंशनर्स के साथ सौतेला व्यवहार कर ग्रेच्यूटी और लीव इनकेशमेट नहीं दिया है। एचआरटीसी में पेंशनरों को समय पर पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।   के पेंशनरों को हर माह पेंशन के लिए कई कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

पेंशनरों का आरोप है कि 13 प्रतिशत डीए और 44 महीने के एरियर की अदायगी भी अभी तक नहीं की गई है। पिछले तीन वर्षों से करोड़ों के चिकित्सा बिलों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।पेशनरों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार पेंशनरों को उनके अधिकार, उनकी देनदारियां नहीं देती है, पेंशनरों का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।