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बिलासपुर: रेलवे परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी, समय सीमा के भीतर पूरा करें कार्य – राहुल कुमार

उपायुक्त ने भानुपली-बिलासपुर रेलवे लाइन के तहत निर्माणाधीन टनल नंबर-16, पुलों और अन्य कार्यों का किया निरीक्षण

बिलासपुर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने शुक्रवार को एसडीएम सदर राजकुमार, आरवीएनएल तथा निर्माण कार्य में जुटी रेलवे कंपनी के अधिकारियों के साथ भानुपली-बिलासपुर रेलवे लाइन परियोजना के तहत भराड़ी टनल नंबर-16 के समीप चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जगतखाना से लेकर बिलासपुर तक रेलवे टनल, पुलों और अन्य संबंधित निर्माण कार्यों की गति अपेक्षाकृत धीमी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

राहुल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। इनमें सड़क, रास्ते, पानी की व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की अन्य मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने रेलवे टनल के निर्माण के कारण बंद पड़ी फोरलेन से जबली को जोड़ने वाली सड़क को भी जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बंद होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिये।

उन्होंने रेलवे अधिकारियों और एसडीएम को भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मामलों को स्थानीय लोगों के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र निपटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ परियोजना की प्रगति सुनिश्चित करने को भी कहा।

कुल्लू दशहरा के दौरान 17 अक्तूबर से यातायात व्यवस्था में बदलाव

कुल्लू: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा आम जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला दंडाधिकारी डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तहत यातायात संबंधी आदेश जारी किए हैं। ये आदेश उत्सव के दौरान 17 अक्तूबर से 8 नवंबर तक विभिन्न चरणों में लागू रहेंगे।

*यातायात मार्गों में बदलाव: 17 अक्तूबर से 8 नवंबर तक ढालपुर चौक से कॉलेज गेट के बीच वाहनों की आवाजाही क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू मार्ग से होगी। कला केंद्र होकर जाने वाला मार्ग सभी वाहनों के लिए बंद रहेगा। हालांकि, सरकारी ड्यूटी तथा अति विशिष्ट व्यक्तियों के काफिले से संबंधित वाहनों को छूट रहेगी।
फोर लेन सड़क से सरवरी की ओर आने वाले वाहन अखाड़ा बाजार स्थित बेली ब्रिज अथवा भूतनाथ पुल से जा सकेंगे। सरवरी और अखाड़ा बाजार से बाहर निकलने वाले वाहन भूतनाथ पुल का उपयोग करेंगे।
21 से 28 अक्तूबर तक लगवैली से कुल्लू आने वाले यातायात को नए बाईपास मार्ग से तथा भुट्टी चौक से लगवैली जाने वाले यातायात को डाकघर मार्ग से भेजा जाएगा।
कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए निम्नलिखित मार्गों पर 18 अक्तूबर से 8 नवंबर तक नो-पार्किंग एवं टो-अवे प्रतिबंध लागू रहेगा:
1. मोहल से ढालपुर चौक: मुख्य सड़क के रास्ते, सिटी अस्पताल मार्ग सहित।
2. कॉलेज चौक से ढालपुर चौक: क्षेत्रीय अस्पताल (आरएच), कुल्लू के रास्ते, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कार्यालय सहित।
3. कॉलेज चौक से लोअर ढालपुर बायफ्रीकेशन: कलाकेंद्र, खंड विकास अधिकारी कार्यालय के रास्ते, कुल्लू सर्किट हाउस तक की सड़क सहित। लोअर ढालपुर बायफ्रीकेशन जनता ढाबा के समीप स्थित है।
4. ढालपुर चौक से रामशिला: सरवरी और अखाड़ा बाजार के रास्ते गैमन पुल तक।
5. भुट्टी चौक से लुग वैली चौक: बाईपास सड़क के विभाजन तक शिशामाटी के रास्ते, सरवरी पुल तक बाईपास सड़क सहित।
6. सरवरी आयरन फ्लाईओवर पुल से लोअर ढालपुर पुल: एकांत आश्रम सहित। यह मार्ग भगवान रघुनाथ जी की यात्रा का मार्ग है।
*माल चढ़ाने-उतारने का समय: 20 से 28 अक्तूबर तक राइट बैंक पर भुंतर के सैनिक चौक से रामशिला स्थित गैमन पुल तक माल चढ़ाने और उतारने वाले वाहनों के लिए प्रतिदिन रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग: 20 से 28 अक्तूबर तक दशहरा उत्सव के लिए तैनात विशेष बसों को छोड़कर अन्य भारी मोटर वाहनों को झिड़ी और गैमन पुल के पास फोर लेन सड़क से भेजा जाएगा।
कॉलेज गेट के पास अस्थायी बस अड्डा: 17 अक्तूबर से 8 नवंबर तक पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कॉलेज गेट के समीप पशु मैदान में अस्थायी बस अड्डा संचालित किया जाएगा।
कुल्लू शहर में 18 स्थानों पर 2 हजार वाहनों की पार्किंग सुविधा: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा लोगों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन ने कुल्लू शहर में 18 पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। यह व्यवस्था 18 अक्तूबर से 8 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगी।
जारी आदेश के अनुसार, इन पार्किंग स्थलों पर कुल 2,000 वाहनों को खड़ा करने की क्षमता निर्धारित की गई है। इनमें हल्के वाहनों के लिए सशुल्क पार्किंग स्थल तथा बसों और भारी वाहनों के लिए निर्धारित स्थान भी शामिल हैं।

निर्धारित पार्किंग स्थलों में वन विभाग मैदान ओ एल एस स्कूल के समीप, मोनाल कैफे के समीप नगर परिषद पार्किंग, कैटल ग्राउंड, पर्यटन होटल सरवरी के सामने, खोरी रोपा में एचआरटीसी बस अड्डा लोअर ढालपुर के सामने, कैलाश थिएटर सरवरी, अखाड़ा बाजार टापू पुल, विपाशा मार्केट, सब्जी मंडी, सरवरी बैक साइड मार्केट, डीएवी स्कूल मैदान मोहल, कैंब्रिज स्कूल के सामने मोहल, गांधी नगर पेट्रोल पंप के समीप, पुराना बस अड्डा अखाड़ा बाजार, मिनी सचिवालय, कुल्लू वैली शॉल शोरूम के पास, शनि मंदिर के समीप तथा शांगरी बाग में रामशिला पुल के पास के स्थान शामिल हैं।

जिला दंडाधिकारी ने संबंधित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे अपने वाहन सड़कों पर खड़े न करें। सड़क पर वाहन खड़े करने से यातायात बाधित होने के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपने वाहनों को निजी परिसर अथवा प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने का आग्रह किया है।

जिला दंडाधिकारी ने आम जनता, वाहन चालकों और संबंधित हितधारकों से यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने तथा पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून गतिविधियों पर प्रतिबंध

कुल्लू: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी कुल्लू डॉ. अमित कुमार शर्मा ने ड्रोन तथा अन्य हवाई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अतिरिक्त आदेश जारी किए हैं।

जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 21 से 27 अक्तूबर तक दशहरा उत्सव क्षेत्र और उसके आसपास ड्रोन उड़ाने, पैराग्लाइडिंग तथा हॉट एयर बैलून सहित अन्य हवाई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन गतिविधियों के संचालन के लिए पुलिस अधीक्षक, कुल्लू से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी ड्रोन संचालकों को ड्रोन नियम, 2021 तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अथवा किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण से वैध अनुमति प्राप्त संस्थाओं पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।

यह आदेश जिला दंडाधिकारी द्वारा 15 अक्तूबर, 2026 को जारी आदेश संख्या 4540/एमए के आंशिक संशोधन के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी किया गया है। पूर्व आदेश की अन्य सभी शर्तें यथावत रहेंगी तथा यह अतिरिक्त आदेश उसी का अभिन्न अंग होगा।

पांवटा साहिब में पंजाब पुलिस ने मारा छापा, बरामद की नशीली दवाईयां

सिरमौर : इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर 5.64 लाख की ठगी..

सराहां /सिरमौर: सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शॉपिंग करना सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र की एक युवती को महंगा पड़ गया। इंस्टाग्राम पर सामान खरीदने के बाद युवती को कथित तौर पर कस्टम विभाग में पार्सल फंसने का डर दिखाया गया। इसके बाद खुद को CBI और पुलिस अधिकारी बताने वाले लोगों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर उससे कुल 5 लाख 64 हजार रुपये ठग लिए। मामले में पुलिस थाना पच्छाद में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सराहां निवासी भावना शर्मा पुत्री देवेंद्र शर्मा ने इस साइबर ठगी को लेकर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर एक शॉपिंग पेज देखा था और वहां से सामान खरीदने के लिए पेज संचालक से संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसे सामान भेजने का भरोसा दिलाया गया। शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद युवती के पास एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर बताया कि उसका सामान कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है। सामान छुड़ाने के लिए जुर्माना जमा करने को कहा गया। साथ ही, पैसे नहीं देने पर मुकदमा दर्ज कराने और CBI के जरिए गिरफ्तार करवाने की धमकी भी दी गई।

इसके बाद युवती को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार फोन आने लगे। आरोप है कि कॉल करने वाले खुद को CBI और पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर उस पर दबाव बनाते रहे। लोगों को विश्वास दिलाने और डराने के लिए आरोपियों ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर CBI और पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें भी लगा रखी थीं। आरोपियों ने कथित कार्रवाई से बचने का डर दिखाकर युवती से पैसे मांगे और उसे अपने निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया। इस पूरे घटनाक्रम में शिकायतकर्ता को कुल 5,64,000 रुपये का नुकसान हुआ।

पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम पुलिस थाना CID शिमला से ऑनलाइन CCTNS एप्लीकेशन के माध्यम से भेजी गई जीरो एफआईआर के आधार पर पुलिस थाना पच्छाद में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

बिलासपुर : स्मार्ट मीटर नहीं लगाया तो कटा प्रधान का बिजली कनेक्शन

बिलासपुर : बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत कपाहड़ा में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर विद्युत विभाग ने पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली कनैक्शन काट दिया। विभाग की कार्रवाई से नाराज प्रधान ने कहा है कि अपनी निजी जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार 24 घंटे में हटाने की चेतावनी दी है। उधर, विभाग ने कार्रवाई को नियमानुसार बताया है।

प्रधान ने बताया कि गत 9 अगस्त को ग्राम पंचायत कपाहड़ा की ग्राम सभा में पुराने बिजली मीटर नहीं बदलने के संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। पंचायत की ओर से यह प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों को भी भेजा गया था। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रही। प्रधान ने आरोप लगाया कि विभाग उपभोक्ताओं की आशंकाओं का समाधान करने की बजाय उन पर स्मार्ट मीटर लगवाने का दबाव बना रहा है। प्रधान ने बताया कि विद्युत विभाग ने 14 अक्तूबर को उन्हें और उनके दिवंगत पिता के नाम पर स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने को लेकर नोटिस जारी किए थे। नोटिस में 24 घंटे के भीतर स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर बिजली कनैक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी। उसके बाद विभाग ने बिजली काट दी। प्रधान ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में उन्होंने उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की है। घुमारवीं विद्युत विभाग के एक्सियन कर्ण चंदेल ने कहा कि स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर बिजली कनैक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी। विभाग ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार की है।

हमीरपुर: टौणी देवी में आंगनवाड़ी कर्मचारियों के साक्षात्कार अब 22 को

हमीरपुर: बाल विकास परियोजना टौणी देवी के अंतर्गत कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों में खाली पड़े पदों के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं के साक्षात्कार 22 अक्तूबर को सुबह 10 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय टौणी देवी में होंगे।

सीडीपीओ संतोष कौंडल ने बताया कि पहले ये साक्षात्कार 8 अक्तूबर को लिए जाने थे, लेकिन अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से इन्हें स्थगित करना पड़ा था। अब ये साक्षात्कार 22 अक्तूबर को लिए जाएंगे। सीडीपीओ ने सभी आवेदकों से साक्षात्कार के लिए सुबह साढे नौ बजे सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित पहुंचने की अपील की है।

बिना पंजीकरण रह रहे प्रवासियों के मामलों में सख्ती, एसडीएम ने भूमि मालिकों को जारी किए नोटिस

नगर परिषद नादौन ने खुले में शौच को लेकर भी जारी किए नोटिस

पूरे नादौन उपमंडल में रह रहे प्रवासियों का तहसीलदारों से मांगा ब्योरा

नादौन: उपमंडल नादौन में बिना उचित पुलिस पंजीकरण एवं सत्यापन के रह रहे प्रवासियों के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस संबंध में संबंधित भूमि मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, नगर परिषद नादौन द्वारा खुले में शौच के मामलों को लेकर भी नोटिस जारी किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने तहसीलदारों को पत्र लिखकर उपमंडल के विभिन्न गांवों में बनी प्रवासियों की झुग्गियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत झुग्गियों की कुल संख्या, उनमें रह रहे लोगों की संख्या तथा अन्य आवश्यक विवरण एकत्रित किए जाएंगे।
एसडीएम ने बताया कि दिन पहले किए गए निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।अब पूरे उपमंडल में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रवासियों के पुलिस पंजीकरण एवं सत्यापन की जांच की जाएगी। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित तथ्यों एवं लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना उचित सत्यापन के लोगों को अपने मकान या भूमि पर ठहराने वाले भूमि मालिकों की जिम्मेदारी की भी जांच की जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हाल ही में आसपास के क्षेत्रों में सामने आई कुछ गंभीर आपराधिक घटनाओं के संदर्भ में ऐसे व्यक्तियों की संलिप्तता की बातें भी सामने आई हैं, जिनका संबंधित पंजीकरण एवं सत्यापन उपलब्ध नहीं था। ऐसे में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की दृष्टि से सभी व्यक्तियों का उचित पंजीकरण एवं सत्यापन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

एसडीएम ने आमजन से अपील की कि वे अपनी भूमि, मकान अथवा अन्य परिसर में किसी व्यक्ति को किराये या अन्य आधार पर ठहराने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं। साथ ही, उचित किरायानामा अथवा लिखित समझौता तैयार करें और अपने परिसर में रहने वाले व्यक्तियों का पूरा रिकॉर्ड अपने पास भी रखें।बिना पुलिस सत्यापन को किसी व्यक्ति को अपनी भूमि या मकान में ना रहने दें।उन्होंने कहा कि सुरक्षा, स्वच्छता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजन का सहयोग आवश्यक है।

पालमपुर: जीजीडीएसडी महाविद्यालय राजपुर  में लीगल अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित

पालमपुर: गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय राजपुर में  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा के सहयोग से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पालमपुर  के अधिवक्ता क्षितिज कोरला ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, साइबर अपराधों से बचाव और  गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया के संबंध में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी।
अधिवक्ता क्षितिज कोरला ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना ‘हम, भारत के लोग’ का उल्लेख करते हुए संविधान के मूल आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मौलिक अधिकारों के साथ जुड़े कर्तव्यों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ कानून, नियमों और सामाजिक अनुशासन का पालन भी करना चाहिए।
महाविद्यालय के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विवेक शर्मा ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर भी अधिवक्ता कोरला ने जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को निगरानी में रखकर पैसे वसूलना साइबर ठगी का तरीका है।  उन्होंने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने पर जोर देते हुए बताया कि पीड़ित व्यक्ति साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर अपनी जमा पूंजी बचा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और अध्यापकों को यह भी सलाह दी कि बैंक खाते से संबंधित किसी संदिग्ध संदेश, लेन-देन या चालान की सूचना मिलने पर उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि अवश्य करें।  
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक  प्राध्यापक डॉ. ध्रुव देव शर्मा ने अधिवक्ता क्षितिज कोरला का धन्यवाद किया और उनके द्वारा दी गई जानकारी को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी अध्यापक उपस्थित थे।

शिमला: ‘व्हाइट केन डे’ पर दृष्टिबाधित लोगों के अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम; राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त दिव्या शर्मा ने कहा कंप्यूटर ही दृष्टिबाधित लोगों का सच्चा साथी

शिमला: दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त दृष्टिबाधित कॉरपोरेट रणनीतिकार दिव्या शर्मा का कहना है कि दृष्टिबाधित लोगों के आगे बढ़ने का रास्ता कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से हो कर जाता है।
मोटिवेशनल स्पीकर, मैराथन धावक, मार्शल आर्ट में ब्लू बेल्ट, गिटारिस्ट, योग विशेषज्ञ और कवि दिव्या शर्मा विश्व श्वेत छड़ी दिवस (व्हाइट केन डे) के अवसर पर उमंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रही थीं। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था।
उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजय श्रीवास्तव के अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर, बेहतरीन दृष्टिबाधित गायिका और संगीत की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मुस्कान नेगी ने की। व्हाइट केन डे हर वर्ष 15 अक्टूबर को दृष्टिबाधित लोगों के अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए विश्व भर में मनाया जाता है। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र में पीएचडी कर रहे दृष्टिबाधित छात्र अभिषेक भागड़ा ने की।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग और समाज में जागरूकता की कमी के कारण उन्हें स्कूल से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि वह दृष्टि बाधित थीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से पत्राचार के माध्यम से उच्च शिक्षा हासिल की और कारपोरेट सेक्टर में अपनी पहचान बनाई। वह कहती हैं कि यह मुकाम उन्हें हासिल नहीं हो सकता था अगर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी उनके पास नहीं होती।

दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक टेक्नोलॉजी पर उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया की साधारण कंप्यूटर या लैपटॉप में कौन-कौन से टॉकिंग सॉफ्टवेयर डालकर दृष्टिबाधित लोग अपनी पढ़ाई और नौकरी के काम कर सकते हैं।
उन्होंने दृष्टिबाधित लोगों द्वारा सफेद छड़ी के इस्तेमाल की जरूरत भी बताई क्योंकि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा लोग समाज में किसी से कम नहीं होते हैं। उन्हें दया नहीं बल्कि समान अधिकार और टेक्नोलॉजी मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ मुस्कान नेगी ने दृष्टिबाधित लोगों और समाज के अन्य वर्गों में विकलांगता के बारे में जागरूकता लाने की जरूरत बताई।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से इसी वर्ष एमबीए की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करने वाली चंबा की दृष्टिबाधित युवा रुखसार शेख के एक प्रश्न पर दिव्या शर्मा ने बताया कि दृष्टिबाधित युवा कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की शिक्षा कहां से ले सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पोस्ट डॉक्टरेट कर रहे दिव्यांग छात्र डॉ मुकेश कुमार का कहना था समाज में अपनी जगह बनाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है।

बैंगलोर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरो साइंस इंस्टिट्यूट से पीएचडी कर रही शिमला की विपाशा श्रीवास्तव ने अपने शोध के आधार पर बताया कि दृष्टिबाधित बच्चों और युवाओं का मस्तिष्क किस प्रकार कार्य करता है।
दृष्टिबाधित असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा ठाकुर ने बताया कि सफेद छड़ी और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी उनके लिए किस प्रकार उपयोगी है। कार्यक्रम में तेलंगाना से कौस्तुभ, ठियोग से मदन शर्मा, सुंदर नगर से विनीत और कई अन्य युवाओं के प्रश्नों के उत्तर भी मुख्य वक्ता ने दिए।

स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद नए जिलों की याद आई, चार साल तक क्यों सोई रही सरकार? – बिक्रम ठाकुर

धर्मशाला :  हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री एवं जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दस चुनावी गारंटियों को पूरा करने में विफल रही कांग्रेस सरकार अब नए जिलों के गठन की चर्चा के जरिए जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में नए जिले बनाने को लेकर गंभीर थी, तो सत्ता में आने के चार साल बाद ही इस विषय की याद क्यों आई?
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद सरकार नए जिलों के गठन जैसे संवेदनशील विषय को चर्चा में ला रही है। उनके अनुसार, अगले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के मुद्दों को उठाना सरकार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई, विकास कार्यों में देरी और चुनावी गारंटियों की स्थिति पर उठ रहे सवालों से बचना चाहती है।
उन्होंने कहा कि नए जिलों का गठन अपने आप में गलत नहीं है। जिन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, दूरी और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर अलग जिले की मांग उठ रही है, वहां सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। लेकिन इसके लिए स्पष्ट नीति, ठोस आधार और समयबद्ध कार्ययोजना जरूरी है। केवल आयोग बनाने की चर्चा करना या संभावनाएं जताकर जनता में उम्मीदें जगाना पर्याप्त नहीं है।

चार साल में क्यों नहीं तैयार हुई कार्ययोजना?: बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश में नए जिलों के गठन की आवश्यकता का आकलन करने के लिए पिछले चार वर्षों में सरकार ने क्या कदम उठाए। क्या विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त मांगों का व्यवस्थित अध्ययन किया गया? क्या प्रशासनिक सुविधाओं, भौगोलिक परिस्थितियों और वित्तीय संसाधनों को लेकर कोई रिपोर्ट तैयार की गई? यदि ऐसा कोई काम हुआ है, तो सरकार को उसके निष्कर्ष जनता के सामने रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि अब इस दिशा में प्रक्रिया शुरू करने की बात हो रही है, तो सरकार को यह भी बताना चाहिए कि आयोग या समिति का गठन कब होगा, उसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए कितना समय मिलेगा और उसकी सिफारिशों पर निर्णय लेने की समयसीमा क्या होगी। बिना स्पष्ट समयसीमा के घोषणाएं करना जनता को अनिश्चितता में रखने के समान है।

दस गारंटियों पर जवाबदेही से नहीं बच सकती सरकार: भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से अनेक वादे किए थे। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने और अन्य गारंटियों को पूरा करने के सवाल आज भी राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को नए वादों और घोषणाओं की चर्चा करने से पहले अपनी सरकार के अब तक के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की गारंटी कितनी पूरी हुई, युवाओं को रोजगार देने के वादे पर सरकार की वास्तविक उपलब्धि क्या है और चुनाव के दौरान किए गए अन्य वादों को पूरा करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? उन्होंने कहा कि नई घोषणाओं से पुराने वादों की जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती।

नए जिले बनाने हैं तो खर्च और संसाधनों का हिसाब भी दे सरकार: बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नए जिलों के गठन पर चर्चा करते समय सरकार को प्रशासनिक ढांचे के विस्तार, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती, कार्यालयों, भवनों और अन्य सुविधाओं पर होने वाले संभावित खर्च का आकलन भी सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नए जिले बनाने का निर्णय केवल राजनीतिक घोषणा के आधार पर नहीं लिया जा सकता। इसके लिए प्रशासनिक जरूरतों, जनता को मिलने वाली सुविधाओं और राज्य की आर्थिक स्थिति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। सरकार को बताना चाहिए कि वह इस प्रक्रिया के लिए वित्तीय संसाधन कहां से जुटाएगी और इससे आम लोगों को क्या ठोस लाभ मिलेगा।

बुनियादी समस्याओं पर भी जवाब दे सरकार: बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की स्थिति चिंता का विषय है। युवाओं को रोजगार और आम लोगों को बेहतर सरकारी सेवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि नए राजनीतिक मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान दूसरी ओर मोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नए जिलों की मांग करने वाले क्षेत्रों के लोगों की भावनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यदि सरकार वास्तव में इस मांग को पूरा करने की इच्छुक है, तो उसे स्पष्ट मानदंड तय करके प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। अन्यथा चुनाव के नजदीक इस विषय पर चर्चा शुरू करने से लोगों की उम्मीदें बढ़ेंगी और बाद में निराशा हाथ लग सकती है।
बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह नए जिलों के गठन को लेकर सरकार की वास्तविक मंशा स्पष्ट करें और अब तक किए गए कार्यों का ब्यौरा सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम चाहिए। मुख्यमंत्री को नई गारंटियों और नए मुद्दों की चर्चा करने के बजाय पहले अपनी सरकार के चार वर्षों का हिसाब देना चाहिए।