


शिमला: मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा, जिला सामुदायिक संसाधन समूह और जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में एचआईवी, एड्स से जुड़े अभियानों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति के तहत जिला सामुदायिक संसाधन समूह कार्य कर रहा है। इसके तहत विभिन्न एनजीओ के माध्यम से प्रभावितों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ प्रभावितों को जोड़ते हुए स्वरोजगार के साधन विकसित करने के लिए मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एड्स छुआछूत की बीमारी नहीं है और संक्रमित व्यक्तियों के साथ सहानुभूति और सहयोग आवश्यक है। इस प्रकार यह समिति स्वस्थ, जागरूक और सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। जिला एड्स प्रोग्राम अधिकारी डॉ. तहसीन ने बताया कि जिला में राष्ट्रीय एडस नियत्रंण संगठन की ओर से पीपॅल लिविंग एचआईवी का अनुमानित लक्ष्य 546 रखा गया है । इसमें से 441 लोगों की पहचान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कर ली है। ऐसे में अभी 105 लोगों की पहचान करना शेष हे। जिला में बीते वित्तीय वर्ष में 119 मामले एचआईवी के पाॅजिटिव दर्ज किए गए। इनमें 88 पुरूष, 30 महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 17 मामले अभी तक सामने आएं हैं । इनमें 12 पुरूष, 3 महिलाएं और 2 ट्रांसजेंडर है। जिला में 729 एचआईवी टेस्टिंग की गई है। इन टेस्ट में से केवल चार ही ट्रांसजेंडर आए।
बैठक में बताया गया कि 95:95:95: लक्ष्य के अंतर्गत 95 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी संक्रमण स्थिति की जानकारी हो, उनमें से 95 प्रतिशत नियमित एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) प्राप्त करें तथा उपचार प्राप्त कर रहे 99 प्रतिशत लोगों में वायरस का स्तर नियंत्रित (Viral Suppression) रहे। इस लक्ष्य की प्राप्ति से एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और एड्स उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है।
जिला में 7 इंटीग्रेटड काउंसलिंग टेस्टिंग सैंटर स्थापित किए गए है। इनमें आईजीएमसी, कमला नेहरू अस्पताल शिमला, ठियोग, रोहडू, रामपुर और सुन्नी अस्पताल में सैंटर शामिल है। यहां पर एचआईवी कन्फर्मेंशन टेस्ट किए जाते हैं।
नशे से एचआईवी, हेपेटाईटिस बी और सी के मामले बढ़ना चिंता का विषय- उपायुक्त
अनुपम कश्यप ने कहा कि नशे के आदी युवाओं में एचआईवी के लक्षण देखने को मिल रहे है। सिरिंज का इस्तेमाल करके नशा लेने वाले युवा एचआईवी ग्रसित हो रहे हैं। यह हमारे लिए चिंता का विषय है कि सिरिंज के माध्यम से एचआईवी फैल रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि एचआईवी टेस्ट समय-समय पर करवाना चाहिए। इसके अलावा नशे के आदी युवा भी फैलते एचआईवी को लेकर सर्तक रहे। अब तो बच्चों में हेपेटाईटिस बी और सी के मामले में बढ़ रहे है , जो बच्चे सिरिंज के माध्यम से नशा लेते है। बच्चों के अभिभावक पूरी निगरानी रखे कि आपके बच्चे के पास सिरिंज आदि तो नहीं है। एचआईवी का अगर सही समय पर पता चल जाए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार परहेज और दवा ली जाए तो व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि माता पिता, रिश्तेदारों, समाज के सभी हितधारकों को समझना होगा कि नशा एक बीमारी है। इसका सही इलाज तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नशे को छोड़ने वाले बच्चे, युवाओं आदि को पूर्ण सहयोग करें। ऐसे में परिवार की भूमिका बहुत बड़ी हो जाती है। उपायुक्त ने कहा कि आईजीएमसी शिमला का ओएसटी केंद्र नशा मुक्ति, सामाजिक पुनर्वास और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह केंद्र नशे की लत से प्रभावित लोगों को नया जीवन देने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
आईजीएमसी शिमला में ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्र
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा ने कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में संचालित ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्र नशीले ओपिओइड पदार्थों जैसे चिट्टा, हेरोइन और स्मैक की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा दे रहा है। यह केंद्र राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (छ।ब्व्) तथा हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
इस केंद्र में ओपिओइड पर निर्भर व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श, मनोसामाजिक सहायता तथा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रतिस्थापन दवाओं के माध्यम से उपचार प्रदान किया जाता है। उपचार का उद्देश्य मरीज की नशीले पदार्थों पर निर्भरता कम करना, वापसी के लक्षणों ( Withdrawal Symptoms) को नियंत्रित करना तथा उसे सामान्य और स्वस्थ जीवन की ओर वापस लाना है।
ओएसटी केंद्र एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि उपचार से इंजेक्शन द्वारा नशा करने की प्रवृत्ति में कमी आती है। यहां मरीजों को नियमित स्वास्थ्य जांच, परामर्श, दवा वितरण और फॉलो-अप की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, कैलाश फैडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर, डेंटल कॉलेज शिमला के प्रिंसिपल डॉ. योगेश भारद्वाज, एओएमएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रंगीला राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम बांगचुक को जबरन अनशन से उठाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि बांगचुक देश के युवाओं और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे में उन्हें जबरन अनशन स्थल से उठाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजीव भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए विनय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बांगचुक एक सामाजिक कार्यकर्ता है और पिछले 21 दिनों से वह युवाओं के अधिकारों, शिक्षा में सुधार की मांग के साथ साथ नीट पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार देश के लोकतंत्र का गला घोंट रही है। भाजपा की तानाशाही नीतियों व निर्णयों से देश का हर वर्ग परेशान है। देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, नीट व सीबीएसई जैसे महत्वपूर्ण पेपर लीक करवाएं जा रहें है। विनय कुमार ने प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार और लंबित पड़ी रेल योजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग केंद्र सरकार से की है।
विनय कुमार ने कहा है कि प्रदेश में रेल लाइन के विस्तार की कई योजनाएं आज दिन तक पूरी नहीं हुई है। विनय कुमार ने अंब इंदौरा रेलवे स्टेशन के आधुनिक स्वरूप देने पर खुशी व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के शिमला हेरिटेज रेल लाइन विस्तार की मांग भी की है। विनय कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चार प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स विस्तार की राह पर है। इसमें भानुपल्ली बिलासपुर बेरी नई रेल लाइन हिमाचल के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक है।
औद्योगिक हब ‘बद्दी’ को जोड़ने वाले 33 किलोमीटर के रेल प्रोजेक्ट में 9 किमी लंबे वायडक्ट का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने केंद्र से इस प्रोजेक्ट के लिए विशेष ग्रांट की मांग की है। उन्होंने कहा कि नंगल डैम तलवाड़ा रेल लिंक दौलतपुर चौक मुकेरियां सेक्शन भी पिछले लंबे समय से लंबित पड़ा है। नंगल बांध से दौलतपुर चौक तक का 60 किमी हिस्सा चालू हो चुका है। दौलतपुर चौक से कार्तौली 10.5 किमी का काम पूरा हो गया है, जबकि कार्तौली-तलवाड़ा और तलवाड़ा-मुकेरियां सेक्शन पर पुलों का निर्माण प्रगति पर है। इसी तरह ऊना हमीरपुर रेल लाईन,बिलासपुर मनाली–लेह रेल लाइन रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित यह देश का सबसे बड़ा और रणनीतिक प्रोजेक्ट है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। यह मण्डी, मनाली, केलांग और सरचू होते हुए चीन सीमा,लद्दाख को जोड़ेगा। विनय कुमार ने पठानकोट जोगिंदर नगर हेरिटेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदलने की मांग भी की है।

शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार केंद्र द्वारा प्रदेश को दी जा रही धनराशि का न तो सही इस्तेमाल कर रही है और न ही जनता को यह बता रही है कि विभिन्न योजनाओं के लिए धनराशि केंद्र सरकार उपलब्ध करा रही है। केंद्र की योजनाओं के खत्म होने का समय आ जाता है, लेकिन अनेक परियोजनाओं की प्रगति न के बराबर है। स्वास्थ्य से लेकर अधोसंरचना के क्षेत्र में यही स्थिति है। उन्होंने कहा कि बाह्य सहायता प्राप्त योजनाओं तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार कहीं भी केंद्र सरकार का नाम लेना उचित नहीं समझती। आज प्रदेश में 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं चल रही हैं। सरकार का पूरा ध्यान केवल केंद्र सरकार को कोसने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हिमाचल की लगातार सहायता कर रही है। प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पीजी की प्रत्येक सीट के बदले केंद्र सरकार हिमाचल को डेढ़ करोड़ रुपये उपलब्ध करा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार इस सहयोग का उल्लेख तक नहीं करती। जनता के सामने तथ्यों को रखने के बजाय केंद्र सरकार के योगदान को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश किया है। ₹40,000 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, रिकॉर्ड ₹2,911 करोड़ का रेलवे बजट, भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना, स्मार्ट सिटी मिशन, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं केंद्र की प्रदेश के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में विफल रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वीकृत कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ में से लगभग आधी राशि खर्च नहीं हुई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,000 करोड़ की सहायता स्वीकृत की और ₹225 करोड़ जारी किए, लेकिन प्रदेश सरकार केवल ₹102.13 करोड़ ही खर्च कर सकी। वहीं चिकित्सा उपकरण पार्क परियोजना से राज्य सरकार के पीछे हटने के कारण केंद्र सरकार द्वारा जारी ₹30 करोड़ की पहली किस्त वापस करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही और निर्णयहीनता के कारण प्रदेश निवेश, उद्योग और हजारों रोजगार के अवसरों से वंचित रह गया। सुक्खू सरकार को प्रदेश हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौणी ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (बी.लिब. एवं आई.एससी.) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। एक वर्ष की अवधि वाला यह पाठ्यक्रम दो सेमेस्टरों में संचालित होगा तथा नियमित (रेगुलर) एवं दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग), दोनों माध्यमों में उपलब्ध रहेगा।
पाठ्यक्रम में कुल 45 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 30 सीटें नियमित माध्यम तथा 15 सीटें डिस्टन्स एजुकेशन माध्यम के लिए निर्धारित हैं। प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जिसमें 10+2 परीक्षा के अंकों को 40 प्रतिशत तथा स्नातक परीक्षा के अंकों को 60 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।
डिस्टन्स एजुकेशन माध्यम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक सेमेस्टर में विश्वविद्यालय में 15 दिनों की संपर्क कक्षाओं में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सत्यानंद स्टोक्स पुस्तकालय में 30 दिनों की इंटर्नशिप पूर्ण करनी होगी। प्रॉस्पेक्टस एवं आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं: https://www.uhf.ac.in/storage/uploads/docs/1784271737.pdf
पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र, निर्धारित शुल्क के बैंक ड्राफ्ट सहित, 17 अगस्त, 2026 तक व्यक्तिगत रूप से अथवा डाक के माध्यम से कक्ष संख्या 217, सामान्य प्रशासन शाखा, प्रशासनिक भवन, कुलसचिव कार्यालय, डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश–173230 में जमा करवाने होंगे।
शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की मेरिट आधारित काउंसलिंग 22 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, नौणी में आयोजित की जाएगी।

हिमाचल: प्रदेश प्रशासनिक सेवा वर्ष 2025 बैच की अधिकारी अलीशा चौहान ने आज यहां उप मंडलाधिकारी नागरिक करसोग के पद पर अपना कार्यभार संभाल लिया। अलीशा चौहान इससे पूर्व, जिला लाहौल स्पीति के उदयपुर में बतौर एसडीएम सेवारत थी।
कार्यभार संभालने के उपरांत, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि जनहित, विकास के कार्य और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने कहा कि पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा कर उन्हें मुख्याधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होने कहा कि आमजन उनके कार्यालय के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे, कोई भी व्यक्ति कभी भी अपनी समस्या को लेकर उनसे मिल सकता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के पारदर्शी रूप से आमजन के विकास कार्यो को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। करसोग उपमंडल में स्थित सभी विभाग आपसी सहयोग से कार्य करें ताकि जनता विकास कार्यों से लाभांवित हो सके।
एसडीएम ने कहा कि क्षेत्र के पिछड़े और गरीब वर्ग के लोगों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कोई शिकायत या समस्या हो तो वह कार्यालय में सीधे तौर पर उनसे मिल सकते है। उन्होंने कहा कि लोगों की हर समस्या का त्वरित समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

मण्डी: नगर निगम मंडी के सभागार में आज शुक्रवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने नव निर्वाचित महापौर सुमन ठाकुर तथा उप महापौर जितेंद्र शर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त विजय कुमार, नगर निगम के सभी पार्षद, अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उन्होंने नव निर्वाचित महापौर एवं उप महापौर को पदग्रहण की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री सहारा योजना के 281 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी;
बिलासपुर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत जिला के 281 पात्र लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की अप्रैल से जून तिमाही की वित्तीय सहायता के रूप में 25.29 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का संचालन अब स्वास्थ्य विभाग के स्थान पर समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है।
राहुल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत ऐसे पात्र व्यक्तियों को, जो गंभीर एवं असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं तथा बीमारी और शारीरिक अक्षमता के कारण कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें प्रतिमाह 3 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उनके उपचार एवं दैनिक जीवन-यापन में आर्थिक सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर एवं कार्य करने में असमर्थ व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले लाभार्थियों को नियमित रूप से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कैंसर, किडनी फेल्योर, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, पार्किन्सन रोग तथा सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य गंभीर एवं असाध्य बीमारियों से पीड़ित तथा कार्य करने में असमर्थ पात्र व्यक्ति आवेदन करने के पात्र हैं। इस योजना से वंचित पात्र लोग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम निदेशालय के ई-कल्याण पोर्टल पर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से पात्र आवेदक लोकमित्र केन्द्रों के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रों को हिमाचली प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, नवीनतम परिवार रजिस्टर नक़ल, राशन कार्ड, सिंगल बैंक या डाक घर बचत खाता, आयु प्रमाण पत्र (10वीं का प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र), मेडिकल प्रमाण पत्र (चिकित्सा इतिहास अथवा रिकॉर्ड), चार लाख रुपये तक की आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला बिलासपुर के तहसील कल्याण अधिकारी अथवा जिला कल्याण अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

बिलासपुर: जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण मण्डल घुमारवीं के अंतर्गत तरघेल-लदरौर सड़क आवश्यक मुरम्मत कार्य के चलते आगामी 14 अगस्त तक बंद करने के आदेश जारी किए है।
उन्होंने तरघेल की ओर से आने वाले वाहनों को बाया तडौन से बरोटा तथा लदरौर की ओर से आने वाले वाहनों को डंगार से बरोटा सडक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश जारी किए है।
