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सिरमौर अग्निकांड: माघी पर्व के लिए मायके आईं दो बेटियां, दामाद और 3 बच्चों समेत 6 लोगों की मौत

हिमाचल:  जिला सिरमौर के नौहराधार की घंडूरी पंचायत के तलांगना गांव में देर रात भीषण अग्निकांड में मकान के अंदर सो रहे तीन बच्चों सहित छह लोग जिंदा जल गए हैं। एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाया गया गया है। परिवार की दो बेटियां अपने पति व बच्चों सहित मायके आई हुई थीं, इस दौरन यह हादसा हो गया

श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र उपमंडल संगड़ाह की नौहराधार तहसील के घंडुरी के समीप तलांगना गांव में वीरवार तड़के करीब 3 बजे हुए इस भीषण अग्निकांड में एक परिवार के 3 मासूम बच्चों समेत 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अग्निकांड में विजय सिंह, भीम सिंह व मीन सिंह के घर जलकर राख हो गए। इंद्रा देवी पत्नी स्वर्गीय यशवंत सिंह का घर भी अग्निकांड में जल गया। इस दर्दनाक हादसे में माघी त्योहार मनाने के लिए मायके आईं इंद्रा की दो बेटियां, उनके तीन बच्चे और एक दामाद की भी जिंदा जलकर माैत हो गई। दूसरा दामाद लोकेंद्र(42) पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी गांव विजर अग्निकांड में घायल हुआ है जिसका सीएचसी नौहराधार में उपचार चल रहा है।

लोकेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह अपने ससुराल गांव तलांगना में माघी पर्व में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ गया था। साथ ही साली व उसका पति भी आए थे। बुधवार रात करीब 11बजे सभी लोग खाना खाकर सो गए। इसके बाद सुबह करीब 3 बजे कमरे में धुआं फैल गया और रसोई में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद मकान में आग लग गई। इसके अतिरिक्त इंद्रा देवी की पशुशाला में भी आग लग गई, जिसमें दो गाय व एक बछड़ा भी जिंदा जल गया।

मृतकों की सूची:-

(1) नरेश कुमार(50) पुत्र दुर्गा राम निवासी गांव टपरोली (दामाद)।

(2)  तृप्ता(44 ) पत्नी नरेश कुमार निवासी गांव टपरोली नौहराधार(बेटी)।

(3) कविता(36) पत्नी लोकेंद्र निवासी गांव कुमड़ा जिकनीपुल नेरवा(बेटी)।

(4) कृतिका(13) पुत्री  लोकेंद्र निवासी गांव विजर देवत नेरवा जिला।

(5) सारिका(13) पुत्री लोकेंद्र निवासी गांव विजर।

(6) कार्तिक(3) पुत्र लोकेंद्र निवासी गांव विजर। 

मुख्यमंत्री ने चंबा सड़क हादसे पर किया शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा-साहो मार्ग पर बलनेरा नाला के समीप हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता एवं राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत की आत्माओं की शांति तथा परिवारजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

सचिन शर्मा ने संभाला अतिरिक्त उपायुक्त शिमला का कार्यभार

शिमला: भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी सचिन शर्मा ने अतिरिक्त उपायुक्त शिमला के पद का कार्यभार वीरवार को संभाल लिया है। इससे पूर्व सचिन शर्मा एसडीएम अंब के पद पर सेवाएं दे चुके है।

अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने कार्यभार संभालने के बाद जानकारी देते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है ताकि कोई भी योग्य और पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही आमजन की शिकायतों का त्वरित निपटारा भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि 21 और 22 जनवरी को एंटी चिट्टा अभियान को लेकर आयोजित की जा रही ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा। जिला शिमला को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए सभी पंचायतों में प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। प्रदेश सरकार के चिटा मुक्त संकल्प को पूर्ण करने के लिए हर संभव प्रयास उठाए जाएंगो।

सचिन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार आत्म निर्भर हिमाचल के संकल्प को लेकर कार्यरत है। इसी दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं प्रदेश सरकार ने लागू की है। इन योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए कार्य किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं मानी जाती हैं। ऐसे में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को घरद्वार पर रोजगार के अवसर मुहैया करवाना और उन्हें उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए नए-नए नवाचारों को भी लागू किया जाएगा।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सभी पंचायतों में विकास कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही विशेष रणनीति बनाई जाएगी और लंबे समय से चल रहे विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से अपील की है कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में कार्य करें।

सचिन शर्मा 2022 बैच के आईएएस अधिकारी: हरियाणा के झज्जर जिला से सम्बन्ध रखने वाले सचिन शर्मा 2022 बैच के आईएएस अधिकारी है। इन्होंने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इस परीक्षा में इन्होंने 233वीं रैंक हासिल किया था। इनकी पढ़ाई गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित क्।ट स्कूल से 12वीं तक हुई है। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन शर्मा ने एक निजी कंपनी में कुछ साल नौकरी भी की। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का फैसला लिया। उनके पिता सुनील दत्त हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत इंस्पेक्टर हैं। सचिन पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके सबसे बड़े भाई विपिन शर्मा हैं और बहनों के नाम वंदना, मनीषा और वर्षा है। सचिन शर्मा की धर्मपत्नी डॉ आस्था शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एवलॉज में लॉ विभाग में सहायक आचार्य के पद पर सेवारत हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री से मिले CM सुक्खू; राजस्व घाटा अनुदान को न्यूनतम 10 हजार करोड़ प्रतिवर्ष निर्धारित किए जाने का किया आग्रह

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ राज्य की वित्तीय स्थिति पर चर्चा की और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार से उदार सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री को 16वें वित्त आयोग को प्रस्तुत किए गए ज्ञापन एवं अतिरिक्त ज्ञापन की जानकारी दी। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान को न्यूनतम 10,000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने 16वें वित्त आयोग के अवार्ड पीरियड के दौरान राज्यों के राजस्व एवं व्यय अनुमानों के यथार्थवादी आकलन पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग से एक ‘ग्रीन फंड’ के गठन की पैरवी करते हुए कहा कि इसमें प्रतिवर्ष 50,000 करोड़ रुपये का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य देश की ‘ग्रीन फ्रंटियर्स’ हैं और उनकी पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने होरिजेंटल डिवेल्यूवेशन के लिए राज्य द्वारा प्रस्तावित संशोधित फार्मूले की जानकारी भी दी, इसमें वन एवं वनों पर आधारित पारिस्थितिकी के मानदंड का विशेष ध्यान रखने की मांग की गई है। उन्होंने आग्रह किया कि हिमाच्छादित एवं शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों को भी अधिक सघन एवं मध्यम सघन वनों के साथ शामिल किया जाए, क्योंकि सह अस्तित्व को प्रदर्शित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने 15वें वित्त आयोग द्वारा विकसित आपदा जोखिम सूचकांक को पुनः परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्रों की तुलना देश के अन्य क्षेत्रों से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के बावजूद राज्य को आपदा राहत के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने विशिष्ट संकेतकों को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी राज्यों के लिए अलग डीआरआई तथा पृथक आवंटन की मांग की।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री से राज्य को अतिरिक्त सहयोग देने का अनुरोध किया और राजस्व घाटा अनुदान में पिछले कुछ वर्षों में आई भारी कमी के कारण राज्य की वित्तीय क्षमता पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव का उल्लेख करते हुए जीएसडीपी का अतिरिक्त दो प्रतिशत उधार लेने की अनुमति देने की मांग की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

असम के मुख्यमंत्री ने एसजेवीएन के 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का किया उद्घाटन

शिमला: असम के मुख्यमंत्री  हिमंत बिस्वा सरमा ने आज एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) की 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन असम के विद्युत मंत्री प्रशांत फुकन, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, एपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक, डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी, आईएएस, एसीएस (ऊर्जा)और एपीडीसीएल के अध्यक्ष, राकेश कुमार, भा.प्रशा.सेवा, एसजेवीएन के निदेशक(कार्मिक) अजय कुमार शर्मा और असम सरकार एवं एसजेवीएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया।

इस अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता ने य प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया।  उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल और माननीय केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, भारत सरकार और असम सरकार का परियोजना को निष्पादित करने में उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए तथा राज्य में निष्पादनाधीन और आगामी अन्य परियोजनाओं के लिए भी आभार व्यक्त किया।  उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना का निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार करने और ऊर्जा सुरक्षा एवं स्थायित्व के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।

अजय कुमार शर्मा ने कहा कि धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना, विकास एवं प्रचालन दोनों चरणों में स्थानीय समुदायों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार उत्पन्न करने के साथ-साथ, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की आपूर्ति करके असम के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करेगा।

एसजीईएल द्वारा 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना को असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई गई 330 एकड़ भूमि पर 28 वर्ष की लीज़ के आधार पर गाँव खुदीगाँव पीटी-II, बिलासीपारा रेवेन्यू सर्कल, ज़िला धुबरी, असम में विकसित किया गया है। यह परियोजना एपीडीसीएल ने दिनांक 16 फरवरी 2023 को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से एसजीईएल को रुपए 3.92 प्रति यूनिट के टैरिफ पर अवार्ड की गई थी। परियोजना की ईपीसी लागत रुपए 367.44 करोड़ है। यह परियोजना 25 वर्षों में लगभग 3,230 मि.यू. अनुमानित संचित  विद्युत उत्पादन के साथ प्रथम वर्ष में 23% के क्षमता उपयोग फैक्टर (सीयूएफ) पर 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिज़ाइन की गई है।  इस परियोजना से लगभग 1,58,270 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है।

यह परियोजना असम राज्य की प्रथम बड़े पैमाने की सौर परियोजना है और साथ ही एसजेवीएन की उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में प्रथम प्रचालनरत परियोजना भी है। माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने रूप से दिनांक 04 मार्च 2024 को इस परियोजना की वर्चुअली आधारशिला रखी थी।

हमीरपुर की नवनियुक्त उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने संभाला कार्यभार

जिला हमीरपुर की पांचवीं महिला उपायुक्त हैं वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी

हमीरपुर : जिला हमीरपुर की नवनियुक्त उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी के रूप में लगभग 6 वर्ष तक पश्चिम बंगाल में कार्य कर चुकी गंधर्वा राठौड़ ने हिमाचल प्रदेश काडर में आने के बाद कांगड़ा जिले में एडीसी के पद से अपनी सेवाएं आरंभ की थीं। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक और महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक के रूप में भी कार्य किया। हमीरपुर की उपायुक्त पर नियुक्ति से पहले वह कार्मिक विभाग के विशेष सचिव और हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम की प्रबंध निदेशक के रूप में सेवाएं दे रही थीं।

गंधर्वा राठौड़ ने जयपुर में प्रारंभिक एवं सेकंडरी शिक्षा के बाद दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल श्रीराम कालेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम किया है और वर्ष 2016 में आईएएस की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल काडर मिला था। कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से संबंध रखने वाले हिमाचल प्रदेश काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा से विवाह के बाद गंधर्वा राठौड़ ने हिमाचल प्रदेश काडर में आने का निर्णय लिया। वह जिला हमीरपुर की पांचवीं महिला उपायुक्त हैं। इससे पहले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराधा ठाकुर, नंदिता गुप्ता, डॉ ऋचा वर्मा और देवश्वेता बनिक भी जिला हमीरपुर की उपायुक्त रह चुकी हैं।

कार्यभार संभालने के बाद मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना, इनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और आम लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। नवनियुक्त उपायुक्त ने बताया कि वह कौशल विकास निगम में कार्य कर चुकी हैं और युवाओं के कौशल विकास तथा महिलाओं को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष रूप से फोकस करेंगी।

इससे पहले, हमीरपुर पहुंचने पर जिला के कई वरिष्ठ अधिकारियों और उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों ने गंधर्वा राठौड़ का स्वागत किया तथा उन्हें जिला की परिस्थितियों एवं विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया।

जगत सिंह नेगी बोले- करसोग क्षेत्र को किया जाएगा शिवा प्रोजेक्ट में शामिल; तत्तापानी क्षेत्र में बनाया जाएगा नया कानून गो सर्कल

करसोग: ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि तत्तापानी में मनाए जाने वाला तीन दिवसीय जिला स्तरीय लोहड़ी मकर सक्रांति मेले के दूसरे दिन राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र के लोगों को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मेला धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और यहां पर लोहड़ी मकर संक्रांति के मौके पर स्नान करना शुभ माना जाता है। यहां पर किए जाने वाले दान पुण्य का विशेष महत्व है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। केंद्र से अपेक्षित सहयोग न मिलने के बावजूद अपने संसाधनों से राज्य सरकार प्रदेश के विकास को गति प्रदान कर रही है।

राजस्व मंत्री ने कहा प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है जिसका लाभ प्रदेश के आम लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विदेशों से इंपोर्ट किए जाने वाले सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर प्रदेश के बागबानों से अन्याय किया है। इससे प्रदेश की 5 हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी को सीधा नुकसान होगा।

करसोग क्षेत्र के लिए घोषणा

राजस्व मंत्री ने करसोग क्षेत्र को 600 करोड़ रुपए के शिवा प्रोजेक्ट में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने से करसोग के बागवानों को लाभ मिलेगा।

तत्तापानी में लुप्त हो रहे गर्म पानी के चश्मों को योजना बनाकर पुनः बहाल किया जाएगा। जिसके लिए व्यापक योजना बनाई जाएगी। तत्तापानी क्षेत्र में नया कानून गो सर्कल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राजस्व मंत्री ने मेले के सफल आयोजन के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से एक लाख रुपए देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तत्तापानी क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर पर पूर्व प्रत्याशी कांग्रेस महेश राज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

ग्राम पंचायत तत्तापानी के प्रधान दिनेश कुमार ने मुख्यातिथि को टोपी और उप प्रधान वीरेंद्र कपिल ने शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, एसडीम करसोग गौरव महाजन, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, मेला समिति के पदाधिकारी, सदस्यों सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

हिमाचल: 19 जनवरी को प्रदेश कैबिनेट बैठक

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 19 जनवरी यानी सोमवार को कैबिनेट बैठक होगी। यह बैठक सुबह 11 बजे बजे राज्य सचिवालय में शिखर सम्मेलन हाल में होगी। इस बैठक के लिए संबंधित सचिवों को एजेंडा तैयार करने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग ने दे दिए हैं। बैठक में बजट सत्र के प्रारूपों को तैयार करने पर निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में राज्य सरकार पंचायत चुनाव को लेकर निर्णय ले सकती है।

शिमला आरटीओ की कड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस, परमिट और वैध दस्तावेजों के चल रही बस जब्त..

..एचआरटीसी कार्यशाला में रखा गया वाहन

शिमला: यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन नियमों के कड़ाई से पालन हेतु शिमला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) शिमला विश्व मोहन देव चौहान के कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आज एक बड़ी कार्रवाई की गई। बस संख्या HP-63A-1964 को कई गंभीर उल्लंघनों के आधार पर तत्काल जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए वाहन को आगे के आदेशों तक एचआरटीसी (HRTC) कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।

जांच के दौरान निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं:

1. वाहन मान्य फिटनेस प्रमाणपत्र तथा वैध परमिट के बिना चल रहा था।
2. चालक अपना वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) प्रस्तुत करने में विफल रहा।
3. वाहन का विशेष सड़क कर (Special Road Tax) बकाया पाया गया।
4. यह भी पाया गया कि बस अपने परमिट में निर्धारित मार्ग से बाहर चल रही थी।

यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 207 के अंतर्गत की गई है, जिसे धारा 16(2) के प्रावधानों के साथ पढ़ा जाता है। धारा 16(2) के अनुसार बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी वाहन का सार्वजनिक स्थान पर संचालन वर्जित है। धारा 207 के अंतर्गत अधिकारियों को ऐसे वाहनों को, जो अनिवार्य परमिट या फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे हों, तत्काल जब्त करने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त, बकाया सड़क कर एवं परमिट शर्तों के उल्लंघन के लिए भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में श्री विश्व मोहन देव चौहान, आरटीओ शिमला ने बताया कि, “बस HP-63A-1964 का संचालन यात्री सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय खतरा था। न केवल वाहन फिटनेस और परमिट विहीन था, बल्कि चालक के पास लाइसेंस और आरसी भी नहीं थे। साथ ही, बकाया सड़क कर और परमिट मार्ग से बाहर चलना यह साबित करता है कि यह एक व्यवस्थित उल्लंघन था। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब्त वाहन को एचआरटीसी कार्यशाला में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।”

आरटीओ शिमला ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे नियमित अभियान चलाए जाते रहेंगे। जनता से भी अनुरोध है कि यदि उन्हें कोई ऐसा वाहन दिखाई दे जो बिना उचित दस्तावेजों के चल रहा हो या असुरक्षित लगे, तो वे आरटीओ कार्यालय, शिमला को सूचित करें।

यह कार्रवाई राज्य की सड़कों पर कानून के शासन, राजस्व की सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के प्रति परिवहन विभाग के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

HRTC बेड़े में जल्द शामिल होंगी 297 इलेक्ट्रिक बसें; उपमुख्यमंत्री ने किया इलेक्ट्रिक प्रोटोटाईप बस का निरीक्षण

हिमाचल: एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होने जा रहीं नई 297 ईलेक्ट्रिक बसों के हिमाचल आने से पहले निगम प्रबंधन ट्रायल के लिए आई एक इलैक्ट्रिक बस (प्रोटोटाईप) का निरीक्षण बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने इलैक्ट्रिक बस (प्रोटोटाईप) के अंदर कुछ बदलाव करने के दिशा निर्देश कंपनी के प्रतिनिधियों के दिए है। 08 जनवरी से इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल चल रहा है। पहले दिन सोलन से अर्की वाया मांजू, दूसरे दिन सोलन से सराहा वाया नारग, तीसरे दिन शिमला से गिरीपुल वाया कुफरी चायल, चौथे दिन शिमला से जयनगर वाया शालाघाट और पांचवे दिन शिमला से घड़काहन वाया मशोबरा का ट्रायल किया गया।

प्रोटोटाईप बस में 80 फीसदी बैटरी के साथ 180 किलोमीटर की दूरी तय करने की क्षमता है। इस ट्रायल के बाद प्रबंधन कंपनी को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके देगा जिसमें बस के भीतर किए जाने वाले सुधारों के बारे में जानकारी होगी। उसी के मुताबिक कंपनी नई इलेक्ट्रिक बसों को निर्माण करेगा। हैदराबाद की आलेक्ट्रा कपंनी ने प्रोटोटाईप बस ट्रायल के लिए भेजी है। इस कपंनी की बस रोहतांग पर पिछले दस वर्षो से चल रही है।

इस मौके पर एचआरटीसी के एमडी डॉ निपुण जिंदल भी मौजूद रहे।

डी.एम. शिमला देवासेन नेगी ने बताया कि वह स्वयं बस का ट्रायल ले रहे हैं। बस अच्छा परफॉर्मेंस दे रही है। आज उप मुख्यमंत्री ने स्व्य ट्रायल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को कुछ दिशा निर्देश भी दिए है।

हिमाचल: प्रदेश में मौसम खराब होने के आसार…

हिमाचल: प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में 15 जनवरी तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। 15 जनवरी की रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते राज्य के मध्य व उच्च पर्वतीय भागों में 16 से 20 जनवरी के मध्य बारिश-बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मण्डी, किन्नौर व लाहौल-स्पीति में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। मौसम में संभावित इस बदलाव से पहले 14 व 15 जनवरी को प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जलाशयों से सटे जिलों में 15 जनवरी तक सुबह और शाम को घना कोहरा पड़ने का सिलसिला जारी रहने का अलर्ट है।