
शिमला: शिमला पुलिस ने नशे के विरुद्ध अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए मादक पदार्थ तस्करी मामले में कार्रवाई की है। विशेष प्रकोष्ठ शिमला की पुलिस टीम थाना सदर शिमला के क्षेत्राधिकार में गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि रेखा(40) पत्नी स्वर्गीय बबलू उर्फ कालू निवासी मोलिजागरा डाउनडेल शिमला में चिट्टा बेच रही है। उक्त सूचना पर टीम की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए डाउनडेल शिमला में आरोपियों को स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में महिला पुलिस कर्मी की ओर से उसके पर्स की तलाशी ली गई, जिसमें से 40 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर सील किया गया तथा सभी कानूनी औपचारिकताएं मौके पर पूरी की गईं। इस संबंध में थाना सदर शिमला में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया गया तथा आरोपी महिला को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले में जांच जारी है।

शिमला: हाल ही में कुछ समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एचपीवी (HPV) वैक्सीन को लेकर भ्रामक एवं निराधार सूचनाएँ प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें यह दावा किया गया है है कि बिना एचपीवी टीकाकरण के बेटियों की विदेश यात्रा संभव नहीं होगी तथा इसके लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसी कोई भी सरकारी गाइडलाइन अथवा निर्देश भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। विदेश यात्रा के लिए एचपीवी टीकाकरण अथवा उसका कोई प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है।
एचपीवी टीकाकरण एक पूर्णतः स्वैच्छिक (Voluntary) प्रक्रिया है, जिसे केवल अभिभावकों की सूचित सहमति (Informed Consent) प्राप्त होने के पश्चात ही पात्र किशोरियों को लगाया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि टीकाकरण से पूर्व अभिभावकों को इसके लाभ एवं आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाए और उनकी सहमति विधिवत दर्ज की जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह टीका मुख्यतः 14-15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्विकल) कैंसर से बचाव हेतु निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। एचपीवी संक्रमण भविष्य में सर्विकल कैंसर का एक प्रमुख कारण है, जबकि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह वैक्सीन इस गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में अत्यंत प्रभावी पाई गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश सभी अभिभावकों एवं आमजन से आग्रह करता है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें तथा केवल स्वास्थ्य विभाग एवं अधिकृत स्रोतों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
यदि किसी अभिभावक को एचपीवी टीकाकरण के संबंध में कोई शंका या जिज्ञासा हो, तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान, चिकित्सा अधिकारी या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज ओकओवर शिमला में प्रदेश कम्प्यूटर शिक्षक महासंघ की अध्यक्ष सुमन ठाकुर की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की और उन्हें कम्प्यूटर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत करवाया।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा। संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कम्प्यूटर शिक्षकों के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए और उन्हें नियमित करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
इस अवसर पर महासंघ के मंडी जिले के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, ऊना जिले के अध्यक्ष हरदेव सिंह और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

शिमला: भाजपा नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार और संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के भीतर हालात पूरी तरह बिगड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस में कुछ ठीक नहीं है, बल्कि साफ शब्दों में कहें तो अब कुछ भी ठीक नहीं बचा है।”
सुधीर शर्मा ने कहा कि जिस कांग्रेस ने “व्यवस्था परिवर्तन” का नारा देकर सत्ता हासिल की थी, वही आज “व्यवस्था पतन” की ओर बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार और संगठन दोनों के भीतर गहरी अंतर्कलह और असंतोष साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद को घुटन के माहौल में महसूस कर रहे हैं और उनकी स्थिति “नाम के नेता, काम के बाहर” जैसी हो गई है। “आज हालत यह है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के काम तक नहीं हो पा रहे—तो आम जनता का क्या हाल होगा, यह समझा जा सकता है,” उन्होंने तंज कसा।
सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री और उनकी “मित्र सेना” पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कुछ चुनिंदा लोगों के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जहां निर्णय योग्यता से नहीं, बल्कि नजदीकियों के आधार पर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कांग्रेस नेताओं के बयान खुद इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि पार्टी के भीतर समन्वय पूरी तरह खत्म हो चुका है और नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं।
“कांग्रेस अब सरकार कम, संघर्ष ज्यादा बन गई है—अंदर ही अंदर लड़ाई और बाहर जनता की अनदेखी,” उन्होंने राजनीतिक पंच करते हुए कहा।
अंत में सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का यह दौर अपने अंत की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में प्रदेश की जनता इस “अव्यवस्था और अहंकार की सरकार” को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है।

शिमला: राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस. पी. कत्याल की अध्यक्षता में आज यहां जिला शिमला, बिलासपुर, सिरमौर एवं मण्डी के आटा मिल मालिकों के साथ आयोजित बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गेहूं एवं गेहूं के आटे की खरीद, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, फोर्टिफिकेशन तथा वितरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग के संदर्भ में निर्धारित मिलिंग मानकों के अनुपालन एवं स्वच्छता बनाए रखने तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित फोर्टिफिकेशन मानकों (आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन बी 12) के अनिवार्य अनुपालन पर बल दिया गया। फोर्टिफिकेशन प्रीमिक्स के सटीक मिश्रण के लिए माइक्रो-फीडर तकनीक अपनाने को प्रोत्साहित किया गया। पैकेजिंग से संबंधित मुद्दों, जैसे बैग की शेल्फ लाइफ एवं लेमिनेशन पर भी चर्चा की गई, जिसमें मिलर्स ने नमी के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए वजन में अनुमेय सहनशीलता की मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि परिवहन दूरी एवं लागत को कम करने के लिए जिलावार तर्क संगत आवंटन (मैपिंग) किया जाएगा और निरीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए गोदामों पर वाहनों की प्लेटफॉर्म तौल सुनिश्चित की जाएगी ताकि रिसाव को रोका जा सके और मात्रा की सटीकता बनी रहे।
मिलर्स को एफसीआई गोदामों से ही निम्न गुणवत्ता अथवा संक्रमित गेहूं को अस्वीकार करने तथा प्रतिस्थापन के लिए उचित दस्तावेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्णय लिया गया कि मिलर्स संबंधित जिला नियंत्रकों को खरीद एवं मिलिंग की समय सीमा संबंधी नियमित एवं समेकित जिलावार रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
गुणवत्ता आश्वासन एवं निगरानी के संबंध में प्री-डिस्पैच परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि समयबद्ध एवं वैज्ञानिक गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में खरीद, मिलिंग एवं वितरण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग प्रणाली अपनाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
मिलर्स ने कई परिचालन संबंधी चुनौतियों के बारे में भी अवगत करवाया, जिनमें पैकेजिंग और परिवहन एवं बिजली की लागत आदि से संबंधित विषय शामिल हैं।
बैठक में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बेहतर इलाज के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों में बढ़ाई जा रही पीजी सीटें: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में मरीजों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाई जा रही हैं। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में 33, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67 और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीटों के बढ़ने के बाद इन मेडिकल कॉलेजों के कामकाज में तेजी आएगी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो पाएगा।
मुख्यमंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों और टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अगले तीन वर्षों के लिए उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने को कहा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने पर किसी भी स्तर पर प्रमोशन को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उन्हें डेजिग्नेट कर रही है। वर्तमान सरकार की प्राथमिकता मेडिकल कॉलेजों के सभी विभागों को सुदृढ़ करने की है और विशेष रूप से डाइग्नोसिस सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। इस वर्ष नवम्बर माह तक सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के खाली पदों को भर दिया जाएगा और तकनीकी स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होगा। राज्य सरकार 3000 करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीद रही है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जा रहा है।
सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों का संचालन बेहतर ढंग से करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार होगा और प्रदेश में हैल्थ टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही मेडिकल कॉलेज चंबा के चरण-2 का कार्य आरम्भ करने जा रही है, जिस पर 192 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भी राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये प्रदान करेगी।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा और सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर शिमला में 11 अप्रैल, 2026 तक चलने वाली साउथ एशियन यूथ टेबल टेनिस चैम्पियनशिप-2026 का शुभारम्भ किया। इस प्रतियोगिता में पांच देशों भारत, श्रीलंका, मालद्वीप, बांग्लादेश और नेपाल के 100 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार का आयोजन पहली बार हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत बना रही है ताकि युवा खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। उन्होंने कहा कि खेल से अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है। खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक युवा सेवाएं एवं खेल शिवम प्रताप सिंह, एशियन टेबल टेनिस यूनियन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शेखर गौतम, हिमाचल प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष टी.पी. चोपड़ा, महासचिव अधीश राणा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




