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हिमाचल: पेंशनभोगियों को वार्षिक जीवन प्रमाण-पत्र कोष कार्यालय में जमा करना आवश्यक

पेंशनधारक 15 फरवरी से पहले अपना (ई-केवाईसी) सत्यापन करवाना करें सुनिश्चित

शिमला: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि विभाग द्वारा प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का ऑनलाइन माध्यम से ई-केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार करने का निर्णय लिया गया था ताकि सभी पात्र पेंशनरों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन सुचारू रूप से उनके बैंक या डाकघर के बचत खातों में वितरित की जा सके। विभाग द्वारा सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन (ई-केवाईसी) जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से जुलाई, 2025 में आरम्भ किया गया था।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2026 निर्धारित की गई थी। जिन पेंशन धारकों ने निर्धारित अवधि में अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, उनकी पेंशन विभाग द्वारा अस्थायी तौर पर रोक दी गई है।
विभाग द्वारा सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों से अपील की गई है कि जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी सत्यापन अभी तक नहीं करवाया है वे अपने नजदीकी आगंनवाड़ी केन्द्र अथवा सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर 15 फरवरी, 2026 से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना (ई-केवाईसी) सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि इस अंतिम अवसर के उपरान्त, पेंशन लाभार्थी द्वारा अपनी ई-केवाईसी सत्यापित नहीं करने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि पेंशनर अनुपलब्ध है अथवा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं है तत्पश्चात् उनकी पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जायेगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी असहाय पेंशनभोगी का आधार कार्ड नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है, तो वह आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
प्रवक्ता ने बताया कि ई-केवाईसी सत्यापन हेतु आवश्यक जानकारी एवं समस्या निवारण के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा सम्बन्धित आंगनवाडी कार्यकर्ता से सम्पर्क कर सकते हैं।

मंडी: वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता के लिए ऑडिशन शुरू, 79 कलाकारों ने की सहभागिता

मंडी: अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी 2026 के अंतर्गत वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता ऑडिशन शुरू हो गए। आज ऑडिशन में मंडी सदर, कोटली, बालीचौकी और धर्मपुर उप मंडलों के 80 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह ने बताया कि 4 फरवरी को बल्ह, सरकाघाट, पधर और जोगिन्द्रनगर उप मंडलों के तथा 5 फरवरी को करसोग, गोहर, सुन्दरनगर और थुनाग उप मंडलों के ऑडिशन लिए जाएंगे।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि ऑडिशन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का चयन निर्धारित जजों के आकलन के आधार पर मेरिट अनुसार किया जाएगा तथा चयनित कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 के दौरान आयोजित वॉयस ऑफ शिवरात्रि में भाग लेने का तथा सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुति देने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी को मंडी के अलावा अन्य जिलों के कलाकारों के गायन के ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 7 फरवरी को मंडी सहित अन्य जिलों के डांस ऑडिशन होंगे।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता के विजेता को 51 हजार रुपये, प्रथम उपविजेता को 31 हजार रुपये तथा द्वितीय उपविजेता को 21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

शिमला: कुसुम्पटी बाजार सड़क 19 से 22 अगस्त तक यातायात के लिए बंद 

हमीरपुर: अब 7 तक बंद रहेगी जजरी-भठान-घोड़ी धबीरी सड़क

हमीरपुर :  बड़सर उपमंडल में जजरी-भठान-घोड़ी धबीरी सड़क के अपग्रेडेशन कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात अब 7 फरवरी तक बंद रहेगा।

इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि जजरी-भठान-घोड़ी धबीरी सड़क के अपग्रेडेशन कार्य को सुचारू रूप से पूर्ण करवाने के लिए इस सड़क को पहले 31 जनवरी तक बंद किया गया था। लेकिन, इसका कुछ कार्य शेष रहने के कारण अब इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही की पाबंदी 7 फरवरी तक बढ़ाई गई है।

जिलाधीश ने बताया कि इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक कलवाल से बड़ाग्रां, घोड़ी धबीरी वाया जरल, मंजरू, थौन सड़क से आवाजाही कर सकते हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क के कार्य को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

हमीरपुर/ भोरंज: उपतहसील जाहू में फोटोस्टैट सेवाओं के निविदाएं 6 तक

भोरंज:  उपतहसील जाहू के परिसर में फोटोस्टैट सेवाएं प्रदान करने के लिए 6 फरवरी दोपहर तक नायब तहसीलदार कार्यालय जाहू में सीलबंद निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और ये निविदाएं इसी दिन दोपहर बाद 3 बजे खोल दी जाएंगी।

नायब तहसीलदार जाहू के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार चयनित फर्म या व्यक्ति को फोटोस्टैट का यह कार्य उपतहसील परिसर में ही करना होगा। अधिक जानकारी के लिए उपतहसील कार्यालय जाहू में संपर्क किया जा सकता है।

ऊना: श्री चिंतपूर्णी दर्शनार्थ संकल्प पद यात्रा में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री

ऊना: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मंगलवार को डेरा बाबा श्री रुद्रानंद जी आश्रम के अधिष्ठाता पूज्य श्री हेमानंद महाराज जी द्वारा माता श्री चिंतपूर्णी जी के लिए निकाली गई दर्शनार्थ संकल्प पद यात्रा में शामिल हुए। यह पावन पद यात्रा पूज्य श्री हेमानंद महाराज जी के गद्दी पर विराजमान होने से पूर्व माता रानी के आशीर्वाद-अर्चन के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

उपमुख्यमंत्री पूज्य श्री हेमानंद महाराज जी की अगुवाई में निकाली गई इस पद यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ सहभागी बने। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 सुग्रीवानंद महाराज जी को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू भी पद यात्रा में उपस्थित रहे। पद यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयघोष से समूचा क्षेत्र भक्तिमय भावों से सराबोर हो उठा।

इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका और माता रानी से प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने इस प्रमुख श्रद्धा-केंद्र के समग्र विकास को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इसके भव्य भवन निर्माण एवं समग्र विकास के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और दिव्य दर्शन का अनुभव प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

6 फरवरी दिसम्बर को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में दिव्यांगजनों का होगा चिकित्सा परीक्षण

बिलासपुर: जिला बिलासपुर में दिव्यांगजन को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आगामी 6 फरवरी (शुक्रवार) को शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर आयोजन के दृष्टिगत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने जिला मेडिकल डिसेबिलिटी बोर्ड का गठन किया है।

इस सम्बन्ध में आदेश जारी करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस बोर्ड में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं अधिकारियों को नामित किया गया है, जिनमें शिशु रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ तथा क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि यह शिविर 6 फरवरी को प्रातः 10 बजे से अंतिम लाभार्थी के परीक्षण तक आयोजित किया जाएगा। परीक्षण का स्थान कक्ष संख्या-203, न्यू ओपीडी कॉम्प्लेक्स, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर रहेगा। उन्होंने सभी संबंधित लाभार्थियों से सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित तिथि व समयानुसार शिविर में शामिल होने का आह्वान किया है।

जयराम ठाकुर बोले- हिमाचल में रेलवे विस्तारीकरण के लिए केंद्र के भरपूर सहयोग के बाद अड़ंगे लगा रही है सुक्खू सरकार

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में रेलवे के विस्तारित कारण और सुदृढ़ीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए का बजट जारी करने पर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि साल दर साल हिमाचल के लिए रेलवे बजट में बढ़ोतरी हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गत वर्ष के मुकाबले यह बजट लगभग 200 करोड़ रुपए अधिक है। इस बार हिमाचल को दिया गया रेलवे बजट यूपीए सरकार के मुकाबले 27 गुना अधिक है। केंद्र सरकार के भरपूर सहयोग के बाद भी हिमाचल में रेलवे के कामों में सुक्खू सरकार अड़ंगा लगा रही है। सुख की सरकार की लापरवाही की वजह से हिमाचल प्रदेश में रेलवे की परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। सुक्खू सरकार हिमाचल के रेल नेटवर्क विस्तारीकरण में अपने हिस्से के काम में सहयोग नहीं कर रही है। जिससे हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी और रेल मार्ग संपर्क को नए आयाम देने वाली रेल परियोजनाएं लटकी हुई है और समय बढ़ने के साथ ही उन परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि होती जा रही है। सरकार की यह उदासीनता न हिमाचल के हित में  है और न ही प्रदेश की आर्थिकी और औद्योगिकरण को बढ़ावा देने की भविष्य की योजनाओं के हित में। इसलिए मुख्यमंत्री से आग्रह है कि अपना राजनीतिक विद्वेष छोड़कर हिमाचल प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं में पूर्व निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार काम करे। जिससे हिमाचल में बेहतर रेल कनेक्टिविटी का सपना साकार हो सके।

जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनाव पर सरकार की तैयारी में हीला हवाली को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी अभी तक 12 में से 10 जिलों में मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो पाया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार भले ही पंचायत चुनाव करने को राजी हो गई है लेकिन सरकार द्वारा जानबूझकर चुनाव की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। माननीय न्यायालय के आदेश और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के  भी पंचायत चुनाव मतदाता सूची का प्रकाशन न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और पंचायत चुनाव में देरी कर प्रदेशवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का यह प्रयास मुख्यमंत्री महोदय स्वयं कर रहे हैं या उनके अधीनस्थ अधिकारी? इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। सरकार  और प्रशासन द्वारा पंचायत चुनाव की प्रक्रियाओं में इस देरी के पीछे मुख्यमंत्री की वह टिप्पणी भी है जो उन्होंने माननीय न्यायालय के फैसले पर की थी।

अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ कम करना प्रधानमंत्री की कूटनीतिक सफलता, प्रधानमंत्री का आभार

जयराम ठाकुर ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम करने के फैसले की जमकर सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक सफलता बताई है। उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका आर्थिक साझेदारी के लिए यह ऐतिहासिक दिनहै। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति  के नेतृत्व में भारत–अमेरिका के बीच हुआ महत्त्वपूर्ण व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग तथा साझा विकास की भावना को और सुदृढ़ करता है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर शुल्क घटाकर 18% किया गया है। यह कदम भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और निर्यात को गति देगा। इस समझौते से भारत के किसानों, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए वैश्विक बाजार से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे। जिससे देश में उत्पादन, नवाचार और कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारतीय प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। यह समझौता भारत–अमेरिका के संबंधों को एक नई ऊँचाई देने के साथ विकसित भारत के संकल्प को भी गति प्रदान करेगा।

उत्तराखंड में बस हादसे पर जताया शोक, उत्तराखंड और हिमाचल सरकार से मदद का अनुरोध

जयराम ठाकुर ने चौपाल से उत्तराखंड होते हुए पांवटा साहिब जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के उत्तराखंड के क्वाणु में दुर्घटना ग्रस्त होने की  घटना को अत्यंत  दुःखद बताते हुए शोक प्रकट किया है। उन्होंने  सभी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही दिवंगत आत्माओं की शांति, करें, शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने तथा  सभी घायलों को अति शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने  उत्तराखंड और हिमाचल सरकार से सभी यात्रियों की हर संभव सहायता करने और उन्हें बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।

बिलासपुर शहर के आसपास के क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद..

बिलासपुर:सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-2 रविन्द्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को बिजली के नए पोल लगाने, गो-स्विच बदलने तथा पेड़ों की कांट-छांट व बिजली की लाइनों की आवश्यक मरम्मत के चलते डियारा अनुभाग के अंतर्गत कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर के डियारा अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हनुमान मंदिर, वाल्मीकि मोहल्ला, जंजघर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि शटडाउन मौसम पर निर्भर रहेगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।

कांग्रेस सरकार के “केंद्र से पैसा नहीं मिला” दावे की पोल खुली, उपयोगिता प्रमाणपत्र भी लगातार जमा – हर्ष महाजन

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में दी गई वित्तीय सहायता एवं उसके उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद महाजन के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को जल जीवन मिशन (JJM), बाढ़ प्रबंधन, कमांड एरिया विकास और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) जैसी योजनाओं के अंतर्गत बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान की है।

उत्तर में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल को वर्ष 2022-23 में कुल उपलब्ध राशि ₹2163.83 करोड़ रही, जिसमें से ₹1615.65 करोड़ का व्यय किया गया। वर्ष 2023-24 में कुल उपलब्ध राशि ₹950.52 करोड़ रही और ₹859.96 करोड़ खर्च किए गए। वहीं 2024-25 में ₹228.04 करोड़ उपलब्ध हुए और ₹189.20 करोड़ का व्यय दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को जल आपूर्ति व ग्रामीण विकास के लिए मजबूत सहायता दे रही है।

इसके अतिरिक्त Flood Management and Border Areas Programme (FMBAP) के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में हिमाचल को ₹30.16 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिसके उपयोगिता प्रमाणपत्र भी राज्य सरकार द्वारा जमा करवाए गए हैं।

साथ ही Modernization of Command Area Development and Water Management (M-CADWM) योजना में वर्ष 2025-26 के लिए ऊना जिले के हरोली ब्लॉक में परियोजना हेतु ₹4.37 करोड़ जारी किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री के उत्तर में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को पिछले वर्षों में कुल ₹450.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई है। इनमें वर्ष 2023-24 में ₹142.30 करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹113.00 करोड़ तथा 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में ₹154.76 करोड़ शामिल हैं।

राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने कहा कि राज्यसभा में रखे गए ये तथ्य कांग्रेस सरकार के उस झूठे प्रचार को पूरी तरह उजागर करते हैं जिसमें बार-बार कहा जाता है कि केंद्र से हिमाचल को पैसा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहयोग कर रही है और राज्य सरकार को चाहिए कि इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर जनता को लाभ पहुंचाए।

डॉ. महाजन ने यह भी बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा पीएमकेएसवाई के अंतर्गत कुल 9 उपयोगिता प्रमाणपत्र केंद्र सरकार को जमा करवाए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि धन जारी भी हुआ है और उसके उपयोग की प्रक्रिया भी चल रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी देवभूमि को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।

राजस्व घाटा अनुदान बंद होना पहाड़ी राज्यों के साथ बहुत बड़ा अन्याय; प्रदेश को होगा 40 से 50 हजार करोड़ का नुकसान – नरेश चौहान

शिमला: मुख्यमंत्री के  प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रदेश के भाजपा सांसदों व नेताओं से पूछा है कि वह राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के पक्ष में है या विरोध में। उन्होंने कहा है कि उन्हें प्रदेश के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि इसके बंद होने से प्रदेश के विकास पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा है कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होना पहाड़ी राज्यों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नरेश चौहान ने कहा कि देश के आजादी के बाद से ही प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए तत्कालीन वित्त आयोग ने ऐसे पहाड़ी राज्यों के विकास को धार देने के लिये राजस्व घाटा अनुदान देने की व्यवस्था की थी  जिसे वित्त आयोग निर्धारित करते हुए इसमें बढ़ोतरी करता था। उन्होंने कहा कि यह पैसा प्रदेश के विकास पर खर्च होता था। उन्होंने कहा कि अब इसके बंद होने से प्रदेश को 40 से 50 हजार करोड़ का नुकसान होगा।
नरेश चौहान ने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार की ही नही है,प्रदेश हित के लिये सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 16बें वित्त आयोग के समक्ष मजबूती के साथ प्रदेश का पक्ष रखा था। प्रदेश की उम्मीद थी कि इस बार इस अनुदान में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश बारे सांसद अनुराग ठाकुर जो तथ्य व आंकड़े मीडिया में दे रहें है वह पूरी तरफ गुमराह करने वाले है।  उन्होंने कहा कि हर साल टेक्स का पूरा पैसा केंद्र सरकार जीएसटी के तौर पर लेती है और उसका 40 प्रतिशत हिस्सा प्रदेशों को जारी किया जाता है। इसलिए उनके तथ्य केवल राजनीति से प्रेरित है।
नरेश चौहान ने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी कारगुजारियों से आज प्रदेश की वित्तीय स्थिति संकट में है। प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां व 75 हजार करोड़ से अधिक का ऋण प्रदेश की कांग्रेस सरकार को विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति या किसी पर दोषारोपण करने का नही है। उन्होंने कहा कि यह समय प्रदेश के अधिकारों को बचाने का है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा से भी इस मुद्दे पर आग्रह कर रहें है कि सब एक साथ इकठ्ठे होकर प्रदेश को इस संकट से उभारने के लिये केंद्र सरकार से बात करें व इस राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने में प्रदेश सरकार का सहयोग करें।