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रक्षा मंत्री के पत्र से छावनी क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत का मार्ग प्रशस्त — सुरेश कश्यप

छावनी परिषद क्षेत्रों के नागरिक हिस्सों को अलग कर नगर निकायों में विलय की प्रक्रिया तेज

शिमला: भाजपा नेता एवं लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि देशभर की छावनी परिषदों से जुड़े नागरिक क्षेत्रों को अलग कर निकटवर्ती नगर निकायों में विलय करने की प्रक्रिया को लेकर रक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की है। यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है।

सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह विषय उठाया था, जिसमें छावनी परिषदों के अधीन आने वाले नागरिक क्षेत्रों को स्थानीय नगर निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया था। रक्षा मंत्री ने अपने उत्तर में अवगत कराया है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा 38 छावनियों के लिए सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए समितियों का गठन किया गया, ताकि नागरिक क्षेत्रों को अलग करने तथा नगर निकायों में विलय से जुड़ी प्रस्तावित कार्यप्रणालियों की विस्तार से समीक्षा की जा सके।

पत्र के अनुसार 37 छावनियों, जिनमें हिमाचल प्रदेश की सभी 6 छावनियाँ भी शामिल हैं, के नागरिक क्षेत्रों को अलग करने के प्रस्ताव राज्य सरकारों को उनकी सहमति के लिए भेजे जा चुके हैं और अब राज्य सरकारों की औपचारिक स्वीकृति अपेक्षित है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि यह कदम छावनी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय निकाय सेवाओं का बेहतर लाभ दिलाने में सहायक होगा। रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में छावनी परिषदों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क, गलियां और सड़क प्रकाश जैसी विभिन्न नागरिक सेवाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं तथा ई-छावनी पोर्टल के माध्यम से अनेक ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

सांसद कश्यप ने कहा कि छावनी क्षेत्रों के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान की दिशा में यह एक सकारात्मक और ठोस कदम है, जिससे हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भविष्य में सीधा लाभ मिलेगा।

पांगी घाटी को हर मौसम में सड़क संपर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना जरूरी — हर्ष महाजन

चंबा–किलाड़–लेह कॉरिडोर को रणनीतिक रक्षा मार्ग घोषित कर BRO को सौंपने का आग्रह

नई दिल्ली: भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने आज राज्यसभा में शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले की पांगी घाटी के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क (ऑल-वेदर कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पांगी घाटी एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ लगभग 25 हजार से अधिक जनजातीय नागरिक निवास करते हैं और जो हर वर्ष करीब आठ महीने तक देश के अन्य हिस्सों से कटे रहते हैं।

उन्होंने कहा कि कमजोर और मौसमी सड़क संपर्क के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच गंभीर रूप से प्रभावित होती है। पांगी घाटी प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत सुंदर क्षेत्र है और यदि इसे पूरे वर्ष सड़क संपर्क से जोड़ा जाए तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

हर्ष महाजन ने चंबा–किलाड़ सड़क को ऑल-वेदर रोड में विकसित करने तथा लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित चेनी पास टनल के निर्माण को इस समस्या का स्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की भौगोलिक अलगाव की स्थिति समाप्त होगी और जनजातीय समाज को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने इस मार्ग के सामरिक महत्व पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि यह कॉरिडोर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में NH-154A पठानकोट से चंबा तक जुड़ा है और किलाड़ तक मौसमी सड़क उपलब्ध है, लेकिन लेह की ओर लगभग 52 किलोमीटर का महत्वपूर्ण लिंक अभी विकसित किया जाना शेष है। इस लिंक के पूरा होने पर पठानकोट से लेह की दूरी लगभग 800 किलोमीटर से घटकर करीब 450 किलोमीटर तथा पठानकोट से कारगिल की दूरी लगभग 1000 किलोमीटर से घटकर करीब 550 किलोमीटर रह जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह मार्ग पठानकोट कैंटोनमेंट जैसे महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र से प्रारंभ होकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के निकट से गुजरता है। यह मनाली–लेह मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा, एकल मार्ग पर निर्भरता कम करेगा तथा रक्षा आपूर्ति, आपातकालीन सैन्य तैनाती और मेडिकल एवैक्यूएशन को सशक्त बनाएगा।

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चंबा–किलाड़–लेह कॉरिडोर को रणनीतिक रक्षा मार्ग घोषित कर इसके निर्माण एवं विकास का दायित्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को सौंपा जाए, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनजातीय क्षेत्र के विकास — दोनों उद्देश्यों को एक साथ मजबूती मिल सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूरा होने से सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा और देश की सामरिक तैयारी भी और अधिक मजबूत होगी।

CM सुक्खू बोले- आरआईडीएफ के तहत किया गया 758.81 करोड़ का बजट प्रावधान

सोलन, चम्बा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति तथा किन्नौर जिला के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चम्बा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति तथा किन्नौर जिले के विधायकों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आरआईडीएफ के तहत 758.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने विभागों से कहा कि आरआईडीएफ के तहत विधायकों की ऐसी कोई भी डीपीआर जिसे नाबार्ड को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जा चुका है, यदि वह डीपीआर किसी अन्य मद से स्वीकृत हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में सम्बन्धित विभाग उस डीपीआर का नाबार्ड से वापिस करने के लिए योजना विभाग को शीघ्र लिखें ताकि उस डीपीआर से सम्बन्धित रिकॉर्ड का शीघ्र मेल-मिलाप किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष, 2023 तथा 2025 में भारी बरसात और बादल फटने की घटनाओं से प्रदेश को जान-माल का भारी नुक्सान हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से लोगों को राहत एवं पुनर्वास के लिए समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डाटा स्टोरेज प्राथमिक क्षेत्र तय किए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीच्यूट, डीएसए, एडवांस टेस्टिंग लैबोरेटरी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट एफेरेसिस यूनिट सहित पैट स्कीन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी प्रथम चरण में चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में दो महीने में तथा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में 6 महीने में पैट स्कैन मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी तीन महीने में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टैस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है और आने वाले दो वर्षों में 3000 करोड़ रुपये हाई-एंड टेक्नोलॉजी पर खर्च करने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 140 सीबीएसई स्कूल और चार राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश की पेयजल योजनाओं में वाटर प्यूरीफीकेशन के लिए आधुनिक तकनीक ओजोनेशन टैक्नोलोजी को शुरू किया जाएगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार गुड गवर्नेंस पर जोर दे रही है और पिछले तीन वर्षों में 5.70 लाख म्यूटेशन के मामलों का निपटारा कर दिया गया हैै और 31 मार्च तक 80 प्रतिशत दुरुस्ती के मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा।
सोलन जिला
अर्की: विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र में सड़कों को बहुत नुकसान हुआ है तथा सड़कों के सुधार के लिए समुचित धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को आरडीजी नहीं देना अन्याय है और प्रति वर्ष राज्य को 10 हजार रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है। इस परिस्थिति में भी विधायक प्राथमिकता की बैठकों के आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
नालागढ़: विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि हाल ही में उनके क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित के पुलों का शिलान्यास किया था, उनका काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में 66 करोड़ की सड़कों पर काम जारी है और जल्द ही इनका काम पूरा किया जाएगा, जिससे लोगों को फायदा होगा। उन्होंने अपने क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगाने और नंगल में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की मांग की।
दून : विधायक राम कुमार ने अपने क्षेत्र में एसडीएम, बीडीओ ऑफिस सहित पांच बड़े कार्यालय देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र में भी सड़कों को काफी नुकसान हुआ है, जिन्हें ठीक करने के लिए धन दिया जाए। उन्होंने आईएसबीटी बद्दी का काम जल्द शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने बद्दी में एसडीएम कार्यालय का भवन बनाने के लिए बजट मांगा।
कसौली: विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने पिछले वर्ष की सभी प्राथमिकताओं को स्वीकृति देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के काम शुरू हो रहे हैं, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने क्षेत्र में सड़कों के नेटवर्क और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।
चंबा जिला
चुराह: विधायक हंसराज ने अपने क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों के भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने तीसा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यहां पर्यटन को विकसित किया जाना चाहिए। इससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने चंबा में भी हेली टैक्सी सेवाएं शुरू करने की भी मांग की।
भरमौर
विधायक डॉ. जनक राज ने होली-उतराला सड़क के निर्माण का मुद्दा उठाया।
चंबा: विधायक नीरज नैय्यर ने कहा कि चंबा में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 6.33 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। उन्होंने इस भवन का काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त धन की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में पीने के पानी की योजनाओं के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने चंबा-चुवाड़ी सुरंग की डीपीआर बनाने के लिए चार करोड़ रुपये प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
डलहौजी : विधायक डी.एस. ठाकुर ने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र की सड़कों को काफी नुकसान हुआ है, जिनकी मुरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की एफसीए क्लीयरेंस जल्द करवाने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की भी मांग की।
बिलासपुर जिला
झंडूता: विधायक जीतराम कटवाल ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और पीने के पानी की योजनाओं के निर्माण का मुद्दा उठाया। अपने क्षेत्र के तीन पुलों की अप्रोच रोड के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया।
बिलासपुर: विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बिलासपुर में चल रहे सीवरेज निर्माण कार्य को करने के उपरांत सड़कों को पक्का करने की मांग की। उन्होंने गोविंद सागर और कोल डैम में पर्यटन गतिविधियां संचालित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने किसानों की फसल को बेसहारा पशुओं से बचाने के लिए योजना लाने की मांग की।
श्री नैना देवी जी: विधायक रणधीर शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत 35 सड़कों की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने का आग्रह किया। नवगांव-बाघा सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने नैना देवी सिविल अस्पताल भवन के निर्माण कार्य के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी मांग की। श्री नैनादेवी जी में आईसीयू भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।
लाहौल-स्पीति जिला
विधायक अनुराधा राणा ने लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र को हेली-टैक्सी सेवा से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कुंजुम सुरंग के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में होटलों की रजिस्ट्रेशन की शर्तों में ढील देने की मांग की, ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अपने क्षेत्र में पांच स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र की सड़कों को सुदृढ़ करने की मांग की।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी का बैठक में स्वागत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया सहित प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: एकाउंट्स असिस्टेंट, असिस्टेंट स्टीवार्ड और रूम बॉय के लिए कैंपस इंटरव्यू

10 फरवरी को कोटि रिसोर्ट लिमिटेड बल्देयां में होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन

शिमला: जिला रोजगार अधिकारी शिमला प्रवीन नगराईक ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय शिमला, जिला शिमला द्वारा कोटि रिसोर्ट लिमिटेड गांव सढौरा, डाकखाना बल्देयां, तहसील एवं जिला शिमला के लिए एकाउंट्स असिस्टेंट, असिस्टेंट स्टीवार्ड और रूम बॉय के 04 पदों के लिए 10 फरवरी, 2026 को  कोटि रिसोर्ट लिमिटेड बल्देयां, जिला शिमला में कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एकाउंट्स असिस्टेंट के 01 पद लिए इच्छुक उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता दसवीं, बारहवीं या कॉमर्स ग्रेजुएशन पास होनी चाहिए, असिस्टेंट स्टीवार्ड के 02 पदों के लिए दसवीं या बारहवीं और रूम बॉय के 01 पद लिए दसवीं पास होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार की आयु 18 से 26 वर्ष होनी चाहिए। इन पदों के लिए पुरुष व महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। जो इच्छुक उम्मीदवार इन पदों से संबंधित योग्यता रखता हो, अपने सभी अनिवार्य दस्तावेज़ों व रिज्यूम सहित 10 फरवरी को कोटि रिसोर्ट में प्रातः 11 बजे पहुंचना सुनिश्चित करे।

उन्होंने बताया कि आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकृत होना अनिवार्य है और जिनका नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नहीं है वह संबंधित साईट eemis.hp.nic.in पर जा कर घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए 94186-45246 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

चंबा: भरमौर के 200 साल पुराने मंदिर में लगी भीषण आग..

चंबा: चंबा जिले के भरमौर विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुंदेल के गिरड़ में चट्टान पर निर्मित 700 साल पुराना गिरड़ माता मंदिर आग की भेंट चढ़ गया। अग्निकांड शुक्रवार दोपहर बाद 3:30 बजे के करीब हुआ। मंदिर में अचानक उठीं आग की लपटों के चलते देखते ही देखते पूरा मंदिर जलकर राख हो गया। मंदिर के भीतर संगमरमर, ब्लैक स्टोन समेत पीतल की मूर्तियों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, देवदार की लकड़ियों पर काष्ठ कला से निर्मित मंदिर के जलने से लाखों का नुकसान हुआ है।

खुंदल पंचायत प्रधान रत्न ठाकुर ने बताया कि भरमौर उपमंडल के गिरड़ गांव समेत जिले और प्रदेशभर के लोगों आस्था के प्रतीक मंदिर में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

आशंका है कि मंदिर में बिजली के शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। अंदरोल होने के चलते गिरड़ माता मंदिर के कपाट दिसंबर से लेकर 13 अप्रैल तक बंद है। सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे और मंदिर में लगी आग को अपने स्तर पर बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए। देर रात तक मंदिर में लगी आग को बुझाने में लोग जुटे रहे।

भरमौर विधायक डॉ. जनक राज और मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित ठाकुर ने बताया कि लोगों की आस्था का प्रतीक गिरड़ माता मंदिर जलने की सूचना मिली है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन तैयार करवा उचित कदम उठाने की बात कही है।

प्रदेश के लिए नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत – CM सुक्खू

मुख्यमंत्री ने की ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिला के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के पहले सत्र में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इन स्वीकृत योजनाओं में 512.31 करोड़ रुपये की 55 विधायक प्राथमिकता योजनाएं लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित हैं और 201.56 करोड़ रुपये की 18 विधायक प्राथमिकता योजनाएं जल शक्ति विभाग की हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट का पूर्ण उपयोग किया जाए और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च, 2026 से पहले जमा करें। इसके अतिरिक्त मार्च, 2026 तक नाबार्ड से और अधिक विधायक प्राथमिकताओं को स्वीकृत करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के तीन वर्ष लोक कल्याण नीतियों, पारदर्शी शासन तथा व्यापक सुधारों का रहा है तथा हमारी सरकार की नीतियों का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदुढ़ करना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना तथा हिमाचल प्रदेश को समृद्धशाली, हरित ऊर्जा सम्पन्न व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी क्षेत्रों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के त्वरित, समावेशी एवं सत्त विकास के लिए वचनबद्ध है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत राज्यों को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान को लेकर उठाया गया कदम पहाड़ी राज्यों के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि यह अनुदान वर्ष 1952 से 15वें वित्त आयोग तक राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए निरन्तर मिलता रहा है, जिसे 16वें वित्त आयोग ने पहली बार बन्द किया है, जो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के प्रति अन्याय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ हिमाचल से बहने वाली नदियों के माध्यम से पानी भी उपलब्ध करवाता है तथा केन्द्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश के लिए 37199 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की थी। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान पिछली भाजपा सरकार को वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 11,431 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि अनुदान बंद कर देने से राज्य को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुक्सान होगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार को अब कुशल वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के आगामी बजट में मध्यम वर्ग और किसानों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि एवं बागवानी है, परन्तु केन्द्रीय बजट में बागवानों के लिए न तो किसी सब्सिडी का प्रावधान है और न ही किसी बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र है। उन्होंने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर एवं चण्डीगढ़- बद्दी रेल परियोजनाओं के विस्तार के लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट कॉपरेटिव फैडेरलिज्म की भावना क विरूद्ध है तथा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे पहाड़ी राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उन्हें कर्ज बोझ तले दबाने के प्रयास का एक दस्तावेज है। उन्होंने केन्द्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने व प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।
ऊना जिला
चिंतपूर्णी: चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तार के लिए 130 करोड़ रुपए प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने स्तोथर पुल, चौकी-मन्यार कॉलेज का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने जोल में सब फायर स्टेशन बनाने और सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने की मांग की।
गगरेट: गगरेट क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया ने गगरेट अस्पताल के लिए दो करोड़ रुपए प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार करते हुए इसे पूरा करने के लिए बाकी धनराशि जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने भद्रकाली आईटीआई के भवन तथा छह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के भवनों का निर्माण काम भी पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने दौलतपुर चौक तथा मुबारकपुर के लिए सीवरेज सुविधा तथा फ्लड प्रोटेक्शन के लिए समुचित धनराशि की मांग की।
ऊना: ऊना के विधायक सतपाल सत्ती ने नगर निगम ऊना में शामिल नए गांवों के लिए सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, संतोषगढ़-ऊना पुल का निर्माण करने तथा बीडीओ ऑफिस का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने भभौर साहिब सिंचाई योजना को सुदृढ़ करने की भी मांग की।
कुटलैहड़: कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने उनके क्षेत्र में जल शक्ति विभाग को विभिन्न स्कीमों के लिए 36.89 करोड़ रुपये प्रदान करने तथा नई पीने के पानी की स्कीम के लिए 14.93 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बंगाणा में सीवरेज स्कीम का काम पूरा करने, बंगाणा-शांतला सड़क तथा थानाकलां-भाखड़ा सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने बंगाणा में सब जज कोर्ट खोलने की मांग भी की।
हमीरपुर जिला
भोरंज: भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने लदरौर-पट्टा पीने के पानी की स्कीम का निर्माण जल्द से जल्द करने की मांग की। उन्होंने भोरंज नगर पंचायत में आधारभूत संरचना मजबूत करने की आग्रह किया। साथ ही सब जज कोर्ट का नया भवन बनाने और भोरंज में सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने भोरंज में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 23.75 करोड़ रुपये देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सुजानपुर: विधायक रणजीत सिंह ने सुजानपुर बीडीओ ऑफिस तथा पीएचसी चबूतरा के भवनों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने टौणीदेवी-ऊहल-कक्कड़-जंगलबैरी सड़क को स्तरोन्नत करने की मांग की। टौणी देवी और सुजानपुर अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों को भरने का भी अनुरोध किया।
बड़सर: बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बड़सर और भोटा में नया बस अड्डा बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया। उन्होंने रैली जजरी स्कूल का नया भवन बनाने, पीएचसी चकमोह को शुरू करने की मांग की। उन्होंने दियोटसिद्ध से वॉल्वो बस तथा बड़सर-एम्स बस चलाने का आग्रह किया।
सिरमौर जिला
पच्छाद: विधायक रीना कश्यप ने उनके क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि हाब्बन घाटी, शिरगुल महाराज और भूरेश्वर महादेव मंदिर में पर्यटन का संभावनाएं हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हाब्बन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।
नाहन : विधायक अजय सोलंकी ने नाहन मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया और कॉर्डियोलोजी विभाग बनाने के साथ-साथ स्टाफ नर्सों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में तीन सड़कों के निर्माण को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए भोजपुर पुल बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने बिजली के कम वोल्टेज की समस्या का निवारण करने का भी आग्रह किया।
श्री रेणुकाजी: श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ने अपने क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि रेणुकाजी झील की डिसिल्टिंग की जाए। उन्होंने रेणुकाजी चिड़ियाघर में शेर लाने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने आदर्श स्वास्थ्य संस्थान संगड़ाह में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने ददाहू में कॉलेज भवन और बस स्टैंड का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने बिजली विभाग का डिविजन संगड़ाह में खोलने की मांग की।
पांवटा साहिब: विधायक सुखराम चौधरी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों के निर्माणाधीन भवनों का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नावघाट पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के साथ-साथ सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने का भी आग्रह किया। उन्होंने गिरी सिंचाई नहरों की मुरम्मत करने की मांग की। पांवटा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लोड ठीक करने का आग्रह भी किया।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि विधायकों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों से प्रदेश में विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने बैठक में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
बैठक मे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित उपायुक्त व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसजेवीएन के रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने किया अब तक का सबसे तेज विद्युत उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित

शिमला:   एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि एसजेवीएन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने दिनांक 5 फरवरी, 2026 को एक वित्तीय वर्ष में 2000 मिलियन यूनिट का अब तक का सबसे तेज (शीघ्रतम) विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि दिनांक 14 फरवरी, 2020 को बनाए गए गत रिकॉर्ड से नौ दिन पूर्व हासिल की गई, जो विद्युत स्टेशन के गत ग्यारह वर्षों के प्रचालन में विद्युत उत्पादन का उत्कृष्ट निष्पादन है।

इस अवसर पर एसजेवीएन प्रबंधन ने कर्मचारियों और इस उपलब्धि को हासिल करने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार, विद्युत मंत्रालय, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण और शिमला एवं कुल्लू के जिला प्रशासन के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ताने परियोजना प्रमुख,  विकास मारवाह के नेतृत्व में रामपुर जलविद्युत स्टेशन की टीम के अनुशासन और सुदृढ़ कार्यशैली की सराहना की।

 निदेशक(कार्मिक) अजय कुमार शर्माने इस उपलब्धि का श्रेय सामूहिक योग्यता, प्रभावी मानव संसाधन प्रथाओं और समेकित  आंतर-विभागीय सामंजस्य को दिया।

निदेशक(वित्त) सिपन कुमार गर्ग   ने कहा कि यह रिकॉर्ड निष्पादन ठोस वित्तीय प्रबंधन और प्रचालनगत उत्कृष्टता के मध्य बेहतर तालमेल को दर्शाता है।

कमीशनिंग के पश्चात से, रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने उत्पादन निष्पादन में निरंतर नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं, जो इसके इंजीनियरिंग डिज़ाइन की सुदृढ़ता, उच्च अनुरक्षण व्यवस्था और स्थायी प्रचालनगत उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

यह उपलब्धि प्रचालनगत उत्कृष्टता  और देश के लिए स्थायी ऊर्जा उत्पादन के प्रति एसजेवीएन की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

एसजेवीएन ने असम में किया 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का सीओडी हासिल

शिमला: एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता  ने अवगत कराया है कि एसजेवीएन ने असम में 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना की वाणिज्यिक प्रचालन तिथि (सीओडी) को  सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए इस परियोजना को पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी, एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के माध्यम से पूर्ण किया है,  जो कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी यात्रा में एक और बड़ा मील का पत्थर है।

70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना को असम के धुबरी जिले के गांव खुदीगांव पीटी. II में 330 एकड़ की लीज़ आधारित भूमि पर 367.44 करोड़ रूपए की परियोजना लागत पर विकसित किया गया है। इस परियोजना के प्रचालन से प्रथम वर्ष में 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन और 25 वर्षों की अवधि में कुल संचयी विद्युत उत्पादन लगभग 3,230 मिलियन यूनिट होने की संभावना है। किफायती और स्वच्छ विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परियोजना से उत्पादित विद्युत का अधिकतम उपयोग शुल्क 3.92 रूपए प्रति यूनिट तय किया गया है। उत्पादित विद्युत की आपूर्ति असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) को की जाएगी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  4 मार्च, 2024 को आदिलाबाद, तेलंगाना से इस परियोजना की नींव रखी थी। यह परियोजना असम राज्य में प्रथम बड़े पैमाने की सौर परियोजना है और साथ ही एसजेवीएन की उत्तर पूर्व क्षेत्र में प्रथम प्रचालनरत परियोजना भी है।

भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना की कमीशनिंग एक महत्वपूर्ण योगदान है। स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करने के अतिरिक्त, इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1,58,270 टन की कमी आने की संभावना है, जिससे जलवायु परिवर्तन के लिए भारत की प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होगी। इस परियोजना ने अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे ग्रीन जॉब्स निर्मित करने में सहयोग मिला है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।

पांवटा साहिब में पंजाब पुलिस ने मारा छापा, बरामद की नशीली दवाईयां

सोलन: नालागढ़ पुलिस ने 13 किलो भुक्की के साथ ट्रक ड्राइवर किया गिरफ्तार

सोलन: पुलिस ने नालागढ़-ढेरोवाल रोड पर सैणीमाजरा के पास नाकेबंदी के दौरान एक ट्रक से भारी मात्रा में चूरा-पोस्त बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम सैणीमाजरा में वाहनों की नियमित चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को तलाशी के लिए रोका गया। ट्रक की सघन तलाशी लेने पर उसके कैबिन के भीतर छिपाकर रखा गया एक बोरा बरामद हुआ। जब बोरे को खोलकर जांच की गई तो उसमें से 13.005 किलोग्राम चूरा-पोस्त (भुक्की) बरामद  हुआ। पुलिस ने मौके पर ही ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान तरुणदीप सिंह, निवासी गांव सौडी गुजरां व तहसील नालागढ़ के रूप में हुई है।

मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मादक पदार्थ और ट्रक को कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फ़िलहाल मामले की जॉंच की जा रही है।

मण्डी: पराशर घाटी के बम्बोला क्लस्टर में 13 हेक्टेयर में रोपित होंगे जापानी फल के 8500 पौधे

मण्डी: द्रंग विधानसभा क्षेत्र के सदर विकास खंड की सम्पूर्ण पराशर घाटी में बागवानी विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन (एचपी शिवा) परियोजना के अंतर्गत जापानी फल (पर्सिमन) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस परियोजना के तहत क्षेत्र में कुल 70 हेक्टेयर भूमि में 6 क्लस्टरों—बम्बोला, बाँधी, बागी, बाड़ा, सुरन तथा मण्डाह में लगभग 40 हजार जापानी फल के पौधे रोपित किए जा रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से इन 6 क्लस्टरों के लगभग 200 बागवान लाभान्वित होंगे। इसके साथ-साथ किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से अवगत कराने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।

आज ग्राम पंचायत सेगली के बम्बोला क्लस्टर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने 13 हेक्टेयर क्षेत्र में 8,500 जापानी फल के पौधों के रोपण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एचपी शिवा परियोजना किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जापानी फल की खेती से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित तकनीकी सत्र में बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. वी.पी. बैंस ने किसानों को जापानी फल की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह फल स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है तथा बाजार में इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में यह बागवानों के लिए आय का एक सशक्त एवं टिकाऊ माध्यम बनेगा।

उप-निदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता ने एचपी शिवा परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह योजना क्लस्टर आधारित खेती, आधुनिक सिंचाई सुविधाओं एवं मूल्य संवर्द्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की अपार क्षमता रखती है। उन्होंने किसानों से परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बागवानी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय बागवान उपस्थित रहे। किसानों ने विशेषज्ञों से संवाद कर जापानी फल की खेती से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।