
महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार अवसर बढ़ाने वाला विजनरी बजट — रणधीर शर्मा
शिमला: भाजपा महिला मोर्चा द्वारा शिमला स्थित पार्टी कार्यालय दीपकमल, चक्कर में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में पार्टी नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संसदीय क्षेत्र भर से 30 से अधिक महिला मंडलों की सहभागिता रही और प्रतिभागियों द्वारा बजट से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर मुख्य वक्ता के माध्यम से विस्तार से दिया गया।
महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने बताया कि यह संवाद कार्यक्रम विशेष रूप से केंद्रीय बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए किए गए प्रावधानों और योजनाओं को लेकर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बजट के विभिन्न पहलुओं पर जिज्ञासाएं रखीं और पार्टी की ओर से सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक उत्तर दिया गया।
संवाद को संबोधित करते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट लगातार नौवां बजट है, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह सुधारवादी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला बजट है, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थान हासिल करेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को विशेष बढ़ावा दिया गया है, ताकि भारत में ही रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर और अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्माण हो। रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान देशभर में सड़क, रेल, जलमार्ग, हवाई अड्डों और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास को गति देगा, जिसका सीधा लाभ महिलाओं को भी मिलेगा।
रणधीर शर्मा ने बताया कि बजट में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महिला छात्रावास स्थापित करने की योजना शामिल है, जिससे पढ़ाई और रोजगार के लिए बाहर जाने वाली महिलाओं को सुविधा मिलेगी। स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए लखपति दीदी योजना को आगे बढ़ाते हुए “शी-मार्ट” स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग हो सके।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, मातृशक्ति योजना, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ सहित महिलाओं से जुड़ी चल रही योजनाओं को भी आगे जारी रखने का प्रावधान बजट में है। कृषि क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत बढ़ी हुई ऋण सीमा का लाभ मिलेगा। ग्रामीण और मजदूर वर्ग की महिलाओं को ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा हब, केमिकल पार्क और टेक्सटाइल हब जैसे नए औद्योगिक निवेश से युवा महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुल मिलाकर यह बजट देशहित, जनहित और महिला सशक्तिकरण को समर्पित बजट है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिमला: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन की मजबूती के लिये एकजुटता के साथ आगे आना है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन के तहत इंद्रजीत सिंह संघर्षशील,अनुभवी युवा,कर्मठ पार्टी जिलाध्यक्ष मिला है और सभी को उनको पूरा सहयोग देना है। पार्टी के किसी भी दिशानिर्देश का पालन करते हुए उन्हें उनके साथ हमेशा खड़े रहना है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में आज शिमला शहरी के नव नियुक्त अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश की राजधानी शिमला बहुत ही महत्वपूर्ण जिला है। यहां से जो भी आवाज उठती है उसका संदेश पूरे प्रदेश व देश में जाता है। उन्होंने कहा कि इंद्रजीत सिंह पार्टी के बहुत ही कर्मठ कार्यकर्ता रहें हैं और अब उन्हें जो नई जिम्मेदारी दी गई है उस पर भी उन्हें खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष व शिमला नगर निगम के पार्षद के तौर पर जो श्रेष्ठ सेवाएं उन्होंने यहां के लोगों को दी है उसी प्रकार अब उन्हें कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के तौर पर उन्हें संगठन को देनी है। उन्हें संगठन की मजबूती के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में शिमला शहर में संगठन मजबूती के साथ आगे बढेगा। उन्होंने उन्हें सलाह दी कि पार्टी हित व जनहीत में उन्हें कार्य करना होगा। शिमला शहर के नागरिक होने के नाते संगठन या लोगों के हित में जब भी उन्हें उनके किसी भी सहयोग की कोई जरूरत होगी वह उनके साथ खड़े होंगे।
शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने इंद्रजीत सिंह को इस पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष होने के नाते शिमला शहर में कांग्रेस संगठन की मजबूती की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि राह कठिन है, संघर्ष करना है,आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि संगठन सर्वोपरि होता है इसलिए संगठन के किसी भी आदेश पर वह उनके साथ हमेशा खड़े होंगे।
शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने इंद्रजीत सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वह पूर्व में पार्षद के तौर पर उनके सहयोगी रहें है। उन्होंने उन्हें इस पदभार की बधाई देते हुए कहा कि भले ही आज वह शिमला नगर निगम के महापौर है पर वह कांग्रेस के कार्यकर्ता होने के नाते इंद्रजीत सिंह अब उनके नेता है। उन्होंने कहा कि इंद्रजीत सिंह सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर बहुत ही उत्कृष्ट रहें है और उन्हें उम्मीद है कि अब जिलाध्यक्ष बनने पर वह शिमला शहर में संगठन को ओर अधिक मजबूती देंगे।
इससे पूर्व इंद्रजीत सिंह ने सभी नेताओं, केंद्रीय आलाकमान व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने के लिये आभार व्यक्त किया।
भावुक होते हुए इंद्रजीत सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के बहुत ही छोटे से कार्यकर्ता है। एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस, शिमला ब्यौपार मंडल व शिमला नगर निगम पार्षद के तौर पर संगठन की मजबूती के लिये उन्होंने हमेशा कार्य किया। उन्होंने उपस्थित सभी नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे व जो भरोसा पार्टी हाईकमान ने उन पर जताया है उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह,शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा,हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा,पूर्व विधायक आदर्श सूद,प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल,हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक हरिकृष्ण हिमराल, के अतिरिक्त अमित नंदा, आंनद कौशल,जितेंद्र चौधरी,विनीत गौतम,धर्मेंद्र धामी, शिमला नगर निगम पार्षद ,महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल,एनएसयूआई व बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
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बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा ने इंद्रजीत सिंह को उनके कार्यालय में उन्हें उनकी कुर्सी पर बिठाया व उनका मुंह मीठा किया।

सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने पर दे रही विशेष बल – मुख्यमंत्री
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए दूसरे दिन के दूसरे एवं अंतिम सत्र में शिमला और कांगड़ा जिला के विधायकों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा स्टोरेज पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। हिमाचल प्रदेश दूध तथा प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, जौ, मक्की एवं हल्दी पर सर्वाधिक समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य है। इससे ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा उनके जीवन स्तर में आशातीत बदलाव आयेगा।
उन्होंने कहा कि हाल ही के एक राष्ट्रीय सर्वे में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश 16 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए 5वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में राज्य 21वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा संस्थानों में उच्च तकनीक की मेडिकल मशीनरी उपलब्ध करवा रही है। सरकार ने चमियाणा तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी है तथा शीघ्र् ही सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मरीजों को प्रदान कर दी जाएगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए राज्य में निवेशक हितैषी सुधारात्मक पहल की हैं, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश, केन्द्र सरकार द्वारा संचालित ‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2024’ में ‘टॉप एचीवर राज्य’ बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश डिजिटल नवाचारों में प्रगतिशील राज्य के रूप में उभर रहा है तथा सरकारी काम-काज में डिजिटाइजेशन और ई-फाइलिंग प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। नागरिक केन्द्रित डिजिटल सेवा वितरण में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हिमाचल को ‘पीपल फर्स्ट इन्टीग्रेेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से तैयार 2025 की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानव विकास सूचकांक औसत 0.78 है, जो राष्ट्रीय औसत 0.63 से अधिक है। यह इस बात का प्रमाण है कि एक पर्वतीय राज्य सीमित संसाधनों के बावजूद भी सही नीतियों और जन सहभागिता से प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से आग्रह किया कि वह अपनी विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित प्रपत्र पर शीघ्र योजना विभाग को दें ताकि उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विधायकों से प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को सफल बनाने के लिए अपना सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
जिला शिमला
रोहड़ू: विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने एमआईएस के तहत सेब की रिकॉर्ड खरीद तथा दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ौतरी के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने सीमा कॉलेज में बीएड की कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया तथा क्षेत्र में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
शिमला शहरी: विधायक हरीश जनारथा ने शिमला शहर में सम्पर्क मार्ग बनाने व मरम्मत के लिए अलग से बजट प्रदान करने और पेयजल योजना के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने शिमला में अंडरग्राउंड डक्ट बनाने के काम में तेजी लाने की मांग भी की। उन्होंने शिमला शहर के सौंदर्यीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
जिला कांगड़ा
नूरपुर: विधायक रणबीर निक्का ने नूरपुर में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा करने तथा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के पद भरने का आग्रह किया। उन्होंने कांगड़ा जिला की सीमा में अवैध खनन को रोकने के लिए पंजाब के साथ लगती सीमा के क्षेत्रों में निशानदेही करवाने की मांग की।
इंदौरा: विधायक मलेंद्र राजन ने बरसात में बाढ़ से हुए नुकसान का मामला उठाते हुए प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बाढ़ की रोकथाम के लिए क्षेत्र में तटीयकरण का कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने डमटाल के राम गोपाल मंदिर की भूमि से खैर की चोरी को रोकने तथा गन्ना किसानों के लिए शूगर पॉलिसी बनाने, इंसेटिव देने और शूगर मिल बनाने की मांग की।
जसवां परागपुर; विधायक बिक्रम सिंह ने रक्कड़-शांतला सड़क को सीआरआईएफ में डालने की मांग की। उन्होंने कोटला बेहड़ में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कार्यालय भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। साथ ही चनौर औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया।
ज्वालामुखी: विधायक संजय रतन ने ज्वालामुखी में हेलीपोर्ट निर्माण का मामला उठाया। उन्होंने क्षेत्र में पॉलिटेक्निक या आईटीआई खोलने, खुंडियां अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने ज्वालामुखी अस्पताल में बिजली-पानी की व्यवस्था के लिए राशि उपलब्ध करवानेे और निर्माणाधीन दो पुलों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया।
सुलह: विधायक विपिन सिंह परमार ने बैर खड्ड में निर्माणाधीन दो पुलों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने सिविल अस्पताल भवारना, पॉलिटेनिक कॉलेज, आईटीआई रझूं के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में कुहलों की मरम्मत करने की मांग भी की।
कांगड़ा: विधायक पवन काजल ने शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र की कुहलों की स्थिति को सुधारने का भी अनुरोध किया।
पालमपुर: विधायक आशीष बुटेल ने पालमपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में पानी के बढ़े हुए बिलों का मामला भी उठाया। उन्होंने पालमपुर में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और लाइब्रेरी के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने का आग्रह किया।
बैजनाथ: विधायक किशोरी लाल ने होली-उतराला सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और खाली पदों को भरने का आग्रह किया। साथ ही बैजनाथ एचआरटीसी डिपो के लिए नई बसों की मांग भी की।
राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने प्राथमिकता बैठकों में भाग लेने के लिए विधायकों का स्वागत किया और कहा कि प्रतिवर्ष इस प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाता है, जो हमारे सशक्त लोकतंत्र का प्रमाण है।
बैठक में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

जमीनी विकास कार्यों पर सरकार गंभीर नहीं
विधायक निधि, ऐच्छिक निधि और डीपीआर लंबित, ट्रेजरी से भुगतान रुका — भाजपा विधायकों ने उठाए गंभीर मुद्दे
शिमला: भाजपा नेता एवं विधायक विपिन परमार ने छोटा शिमला स्थित सचिवालय के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि आज शिमला और कांगड़ा जिला के विधायकों की विधायी प्राथमिकता बैठक आयोजित हुई, जिसमें भाजपा विधायकों ने विस्तार से अपने क्षेत्रों के विकास मुद्दे रखे, लेकिन सरकार की ओर से इसे केवल औपचारिकता के रूप में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और लंबित डीपीआर से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया।
विपिन परमार ने कहा कि कई वर्षों से सड़कों, फ्लो इरिगेशन योजनाओं और पेयजल योजनाओं के लिए धन स्वीकृति का इंतजार है, लेकिन डीपीआर तक तैयार नहीं हो रही। उन्होंने मांग उठाई कि यदि सरकार विधायी प्राथमिकता बैठक कर रही है तो विधायकों की प्राथमिकता किट्टी की राशि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि, जो चार किस्तों में जारी होती है और आपदा या आकस्मिक कार्यों के लिए उपयोगी है, उसकी दो किस्तें समाप्त कर दी गई हैं। जो किस्त जारी भी हुई, वह जिलाधीश स्तर से स्वीकृत होने के बावजूद ट्रेजरी से जारी नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यही स्थिति ऐच्छिक निधि की भी है, जो जरूरतमंद, बीमार, गरीब परिवारों, बेटियों के विवाह और युवा खिलाड़ियों को सहायता देने के लिए उपयोग होती है, लेकिन उसका भुगतान भी रोका जा रहा है।
परमार ने बताया कि बैठक में अन्य भाजपा विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे मजबूती से उठाए। विधायक विक्रम ठाकुर ने क्षेत्रीय विकास कार्यों पर तथ्यात्मक प्रस्तुति दी, पवन काजल ने शिक्षा और सड़कों से जुड़े विषय रखे, जबकि रणवीर सिंह निक्का ने चक्की क्षेत्र में अवैध खनन और बाहरी राज्यों के हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से पहले भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत अस्पताल, पुल, सड़क, भवन, रेस्ट हाउस, पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई जैसे अनेक विकास कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन पर एक भी पैसा जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने स्पष्ट कहा है कि सरकार चाहे उद्घाटन का श्रेय ले, लेकिन अधूरे प्रोजेक्ट्स को तुरंत पूरा किया जाए।
विपिन परमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से भाजपा विधायक अपने क्षेत्रों और प्रदेश के मुद्दे लगातार उठा रहे हैं, लेकिन सरकार के रवैये में गंभीरता दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा ने मजबूती से अपना पक्ष रखा है, परंतु सरकार को अब औपचारिकता छोड़कर वास्तविक विकास पर ध्यान देना चाहिए।

शिमला: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने बहुप्रतीक्षित रेणुका बांध से प्रभावित लोगों की मांगें पूरी करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का रेणुका निवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि इस बांध निर्माण कार्य से 152 परिवार ऐसे थे जो हॉउस लैस हो गए थे अब सरकार ने उन्हें भी आर आर के तहत भूमिहीन मानते हुए उन्हें भी बांध प्रभावित श्रेणी में मान लिया है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए विनय कुमार ने कहा कि पिछले दिनों उनके नेतृत्व में उनके चुनाव क्षेत्र का बांध प्रभावित लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था और इस बांध से संबंधित मांगो से उन्हें अवगत करवाया था। उन्होंने कहा कि श्रीरेणुका जी के विकास के प्रति वह पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़क,स्वास्थ्य,
शिक्षा व पेजजल की सुविधाओं के विस्तार को प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि श्री रेणुका जी को जोड़ने वाला गिरी नदी पुल निर्माण को भी भारत सरकार के वन मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति मिल गई है और 14 करोड़ की लागत से बनने वाले इस इस पुल का शेष बचा निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र में कोई भी ऐसी पंचायत नही है जो सड़क से महरूम हो। उन्होंने कहा कि केवल एक गांव दाना घाटों पंचायत में कैल गांव ही ऐसा है जो जमीन उपलब्ध न होने की बजह से सड़क से महरूम है। उन्होंने कहा कि अगर गांव के लोग सड़क को जमीन उपलब्ध करवाते है तो इसे भी सड़क से जोड़ लिया जाएगा।
विनय कुमार ने कहा कि विधायक प्राथमिकता की बैठक में भी उन्होंने अपनी इन सभी प्राथमिकताओं पर बल देते हुए उनके क्षेत्र में जारी विकास कार्यो के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की आपार संभावना है इस पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
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विनय कुमार ने कहा है कि नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी जाएंगे।
विनय कुमार ने कहा कि इस बैठक में संगठन सृजन अभियान के तहत पीसीसी व जिला व ब्लॉक अध्यक्ष व कार्यकारणी का अनुमोदन होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक पीसीसी के गठन की पूरी उम्मीद है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में विनय कुमार ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के वित्त आयोग के फैसले से उतपन्न स्थिति पर विचार करने के लिये सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर भाजपा से सहयोग मांगा है। उन्हें उम्मीद है कि भाजपा प्रदेशहित में राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने में सरकार को अपना सहयोग देगी।

शिमला: धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश जिन आर्थिक और प्रशासनिक संकटों से गुजर रहा है, उसके लिए सीधे तौर पर सरकार के गलत फैसले और लापरवाह कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश की जनता सरकार की गलतियों की सज़ा क्यों भुगते।
सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त आयोग जैसे संवैधानिक मंच के सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने पूछा कि हिमाचल के हितों की पैरवी करने की जिम्मेदारी किसकी थी और वह जिम्मेदारी निभाने में कौन असफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत और भ्रामक आंकड़े भेजकर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को कमजोर रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) से जुड़ा निर्णय केवल हिमाचल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नीतिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता को गुमराह कर रही है।
पूर्व मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई, जिससे कागजों में आर्थिक स्थिति बेहतर दर्शाई गई। साथ ही बीपीएल सूची से लाखों पात्र लोगों के नाम काटे गए, जिसका सीधा असर केंद्रीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई और गरीब व मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ।
सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचे पर भरोसा करने के बजाय सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को आगे कर गलत परंपरा शुरू की है। इससे कार्यरत अधिकारियों का मनोबल गिरा है और निर्णय प्रक्रिया भी कमजोर हुई है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब सक्षम अधिकारी मौजूद हैं तो रिटायर्ड अधिकारियों पर निर्भरता क्यों दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो लोग आज “2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल” के दावे कर रहे हैं, वही प्रदेश को इस स्थिति तक लाने के जिम्मेदार हैं। आत्मनिर्भरता नारों और पोस्टरों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, सही आंकड़ों और मजबूत इच्छाशक्ति से आती है।
अंत में सुधीर शर्मा ने सरकार से मांग की कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे और प्रदेश की जनता के सामने एक स्पष्ट, विश्वसनीय और ईमानदार आर्थिक रोडमैप प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आज आरोप नहीं, जवाब चाहिए — क्योंकि सत्ता विशेषाधिकार नहीं, जवाबदेही है।

प्रदेश सरकार ने तीन वर्षों में अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया: मुख्यमंत्री
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मण्डी तथा शिमला जिला के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है और प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 37,199 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि यह राशि घटते अनुपात में राज्य को जारी की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 9,377 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 8,057 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 6,249 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि अब 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करना हिमाचल जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय से राज्य की विकास योजनाएं प्रभावित होंगी तथा प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं व वेतन एवं पेंशन इत्यादि पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने केन्द्र सरकार से हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने तथा विशेष आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत-चीन सीमा पर शिपकी-ला दर्रे पर बॉर्डर टूरिज्म गतिविधियों की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए के लिए ‘बौद्ध सर्किट’ की घोषणा की गई ेहै लेकिन हिमाचल प्रदेश, जो बौद्ध संस्कृति का एक बड़ा केन्द्र है, यहां के बौद्ध सर्किट को इससे बाहर रखना भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं परन्तु पर्यटन के विकास के लिए किसी योजना का बजट में प्रावधान नहीं है।
जिला कुल्लू
मनाली: विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए अच्छा नहीं है और सभी को मिलकर केंद्र सरकार पर इसे बहाल करने के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होंने मनाली में आईस स्केटिंग रिंक का निर्माण करने और लेफ्ट बैंक सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और बर्फ हटाने के लिए छोटी मशीनें प्रदान करने का आग्रह भी किया।
कुल्लू: विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू हवाई अड्डे के विस्तार की मांग करते हुए कुल्लू के लिए हैली-टैक्सी सुविधा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य को समयबद्ध पूरा करने और मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग की, ताकि क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कुल्लू में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का भी आग्रह किया।
बंजार: विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को मजबूत करने तथा बिजली की समस्या का समाधान करने के लिए बजौरा सब-स्टेशन को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने औट-लुहरी सड़क में सुधार लाने और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग भी की।
आनी: विधायक लोकेंद्र कुमार ने आनी आदर्श स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाएं सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने चिट्टा माफिया पर कड़ी कार्रवाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बागवानों की सुविधा के लिए क्षेत्र में एंटी हेल गन स्थापित करने की मांग भी की।
मंडी जिला
करसोग: विधायक दीपराज ने बैठक में करसोग आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन का मामला उठाया। उन्होंने करसोग क्षेत्र में बस सुविधा बढ़ाने और क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।
सुंदरनगर: विधायक राकेश जम्वाल ने सीएचसी निहरी और पीएचसी बलग के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निहरी के लिए सतलुज से पानी उठाने और डैहर में पानी की सुविधा तथा सुंदरनगर में सीवरेज सुविधा में सुधार लाने की मांग की। उन्होंने आईटीआई डैहर के भवन तथा सुंदरनगर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा करने का आग्रह किया।
नाचन: विधायक विनोद कुमार ने क्षेत्र में आपदा से प्रभावित फुटओवर ब्रिज बनाने, डिग्री कॉलेज में बन रहे इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने चैलचौक-पंडोह सड़क को सीआरआईएफ के तहत की मांग की। उन्होंने मंडी-जंजैहली सड़क के सुधारीकरण प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
द्रंग: विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों में सुधार लाने और क्षेत्र में बस सेवा को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने पधर से मंडी फोरलेन के बीच स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ज्वालापुर पीएचसी भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की।
जोगिंदर नगर: विधायक प्रकाश राणा ने अपने क्षेत्र में बंद सड़कों को खोलने और विधानसभा क्षेत्रफल के अनुपात में कर्मचारी तैनात करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में पानी और बिजली की सुविधा में सुधार लाने का आग्रह भी किया।
धर्मपुर: विधायक चंद्रशेखर ने जोगिंदर नगर-धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन लाल बहादुर शास्त्री सेतु का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने धर्मपुर, संधोल और टिहरा स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का आग्रह किया। उन्होंने धर्मपुर बस अड्डे को हर वर्ष होने वाले नुकसान को रोकने के लिए योजना बनाने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में दूध के कलैक्शन सेंटर और चिलिंग प्लांट लगाने का आग्रह किया।
बल्ह: विधायक इंद्र सिंह गांधी ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र में अधूरे कलवर्ट और पुलों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में पीने के पानी की सुविधा प्रदान करने वाली परियोजनाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया।
मंडी: विधायक अनिल शर्मा ने बड़े वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क का निर्माण करने का आग्रह किया। उन्होंने मंडी जेल को शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पीने के पानी की योजनाओं को छह महीने के भीतर बहाल करने की सराहना करते हुए टारना स्टोरेज टैंक को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने कोटली में बिजली की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया।
सरकाघाट: विधायक दिलीप ठाकुर ने सिविल अस्पताल सरकाघाट के भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्र में चिकित्सकों के खाली पदों को भरने की मांग की। उन्होंने सरकाघाट क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की बात की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने का आग्रह किया।
जिला शिमला
चौपाल: विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने के साथ-साथ बर्फबारी के दौरान विद्युत की बेहतर व्यवस्था के लिए आपूर्ति शिलाई से प्रदान करने की बात की।

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधान सभा का ग्यारहवां सत्र दिनांक 16 फरवरी से अपराह्न 2:00 बजे आरम्भ हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की संस्तुती के उपरान्त विधान सभा सचिवालय द्वारा आज इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। पठानिया ने कहा कि सत्र का शुभारम्भ राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के साथ अपराह्न 2:00 बजे होगा। पठानियां ने कहा कि राज्यपाल महोदय के अभिभाषण उपरान्त शोकोदगार तथा विधायी कार्य (Legislative Work) शुरू होंगे।

