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हमीरपुर: 20 मार्च तक बंद रहेगी बदारन-गाहलियां-गारली सड़क

हमीरपुर :बड़सर उपमंडल के अंतर्गत बदारन-गाहलियां-गारली सड़क की मरम्मत एवं अपग्रेडेशन के कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात 20 मार्च तक बंद किया गया है।

इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि बदारन-गाहलियां-गारली सड़क के मरम्मत एवं अपग्रेडेशन कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए उक्त सड़क पर वाहनांे की आवाजाही 20 मार्च तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक बुंबलू-कलौहण-ब्याड़ सड़क से आवाजाही कर सकते हैं।

होली उत्सव में ग्रामीण महिलाओं के लिए आयोजित होंगी कई गतिविधियां

रंगोली, मेहंदी, लैमन रेस, जूट बैग रेस और रस्साकशी प्रतियोगिता करवाई जाएगी

2 मार्च को चौगान में सैकड़ों महिलाएं एक साथ करेंगी झमाकड़ा लोकनृत्य

हमीरपुर : राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 में ग्रामीण महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और इन महिलाओं के लिए कई गतिविधियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

उपायुक्त एवं राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा पारंपरिक लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।

उपायुक्त ने बताया कि उत्सव के पहले दिन एक मार्च को महिलाओं के लिए रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

दूसरे दिन लैमन रेस और जूट बैग रेस करवाई जाएगी। इसी दिन सामूहिक लोकनृत्य ‘झमाकड़ा’ का भी आयोजन होगा, जिसमें जिला हमीरपुर के विभिन्न विकास खंडों की 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग की सैकड़ों महिलाएं एक साथ नृत्य करके होली उत्सव में नए रंग भरेंगी।

तीसरे दिन तीन मार्च को म्यूजिकल चेयर, मटका फोड़ और रस्साकशी प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। रस्साकशी प्रतियोगिता में एक टीम में 10 महिलाएं होंगी और जिला के प्रत्येक विकास खंड से दो-दो टीमों की भागीदारी रहेगी। इस प्रतियोगिता की विजेता टीम को 51 हजार और उपविजेता को 31 हजार रुपये के नकद ईनाम दिए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, आपसी सहयोग को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक लोक संस्कृति को सुदृढ़ करना है। रस्साकशी प्रतियोगिता और झमाकड़ा नृत्य के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में 25 फरवरी तक पंजीकरण करवाया जा सकता है।

उपायुक्त ने जिला की महिलाओं और इनसे जुड़े सभी संगठनों एवं समूहों से होली उत्सव में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

उपायुक्त शिमला के शराब की बिक्री पर तुरन्त प्रतिबंध लगाने के आदेश 

हमीरपुर: सुजानपुर में होली उत्सव के दौरान हथियारों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

हमीरपुर:  सुजानपुर में एक से चार मार्च तक आयोजित किए जाने वाले राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए उत्सव की अवधि के दौरान नगर परिषद सुजानपुर के पूरे क्षेत्र में हथियार, गोला-बारूद या किसी भी तरह के अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र सुजानपुर में यह प्रतिबंध एक से चार मार्च तक लागू रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डयूटी पर तैनात पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मचारियों या अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।।

हमीरपुर :  पंधेड़ और पटनौण पंचायत में भरे जाएंगे आंगनवाड़ी के पद, 20 मार्च तक करें आवेदन

ग्राम पंचायत भरनांग में क्रैच कार्यकर्ता और सहायिका के लिए भी आवेदन आमंत्रित

हमीरपुर :  बाल विकास परियोजना टौणी देवी के अंतर्गत ग्राम पंचायत पटनौण के आंगनवाड़ी केंद्र बरैहडू में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत पंधेड़ के आंगनवाड़ी केंद्र पंधेड़ और आंगनवाड़ी केंद्र रजियार में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों को भरने के लिए पात्र महिला उम्मीदवारों से 20 मार्च शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय टौणी देवी में सादे कागज पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि 24 फरवरी 2026 को 18 से 35 वर्ष के बीच आयु की बारहवीं पास महिलाएं इन पदों के लिए आवेदन कर सकती हैं। आवेदक उसी आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की निवासी होनी चाहिए, जिसके लिए वह आवेदन कर रही है तथा उसका नाम संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र के परिवार सर्वेक्षण रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए।

ग्राम पंचायत पंधेड़ के आंगनवाड़ी केंद्र पंधेड़ में आंगनवाड़ी सहायिका के पद हेतु संग्रहण क्षेत्र समस्त ग्राम पंचायत पंधेड़ एवं ग्राम पंचायत पंधेड़ कि सीमावर्ती पंचायतों के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र होगा। इसी ग्राम पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र रजियार में आंगनबाड़ी सहायिका के पद हेतु ग्राम पंचायत पंधेड़ और उसकी सीमावर्ती पंचायतों के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकती हैं परंतु उनका आवेदन तभी स्वीकार्य होगा यदि क्रमशः आंगनवाड़ी केंद्र रजियार के संग्रहण क्षेत्र और ग्राम पंचायत पंधेड़ के समस्त क्षेत्र में कोई पात्र उम्मीदवार उपलब्ध न हो। ऐसे मामलों में जहां संग्रहण क्षेत्र का विस्तार आंगनबाड़ी क्षेत्र के बाहर तक किया गया हो वहां संग्रहण क्षेत्र का प्रमाण पत्र उस क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करेगी जिस क्षेत्र में आवेदनकर्ता करता निवास करती है। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक न हो। आय के संबंध में तहसीलदार, नायब तहसीलदार या कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हेतु यदि कोई कार्यरत आंगनवाड़ी सहायिका आवेदन करती है तो ऐसी स्थिति में आवेदक को आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में मिलने वाले मानदेय की गणना परिवार की वार्षिक आय में नहीं की जाएगी।

भर्ती प्रक्रिया कुल 25 अंकों के आधार पर होगी। इसमें शैक्षणिक योग्यता के लिए अधिकतम 10 अंक, आंगनवाड़ी कर्मचारी, बाल सेविका, बालवाड़ी अध्यापिका, नर्सरी टीचर या उसी पंचायत में कार्यरत सिलाई अध्यापिका और शिशु पालक के रूप में अनुभव के लिए अधिकतम 3 अंक, 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता के लिए 2 अंक, एससी, एसटी या ओबीसी के 2 अंक, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, निराश्रित, बालिका आश्रम की प्रवासिनी या ऐसी विवाहित महिला जिसका पति सात साल से गुम हो, के लिए 3 अंक, केवल दो बेटियों तक सीमित परिवार से संबंध रखने वाली अविवाहित प्रत्याशी या केवल दो बेटियों की माता होने के लिए 2 अंक तथा साक्षात्कार के लिए 3 अंक निर्धारित किए गए हैं।

कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायत भरनांग के आंगनबाड़ी केंद्र ब्रह्मणी में स्थापित हो रहे पालना या क्रैच केंद्र में क्रैच कार्यकर्ता एवं क्रैच सहायिका के पद भरे जाने हैं। इन पदों को भरने के लिए संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के संग्रहण क्षेत्र (फीडिंग एरिया) की महिला अभ्यर्थी सादे कागज पर आवेदन कर सकती हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए नियम एवं शर्तें लगभग वही हैं जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती के लिए हैं। केवल शैक्षणिक योग्यता एवं अंकों के नियमों में बदलाव किया गया है। क्रैच कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास और क्रैच सहायिका के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यता के लिए अधिकतम 11 अंक रखे गए हैं। आंगनवाड़ी सहायिका, विशेष दत्तक एजेंसी, बाल देखभाल संस्थान, गवर्नमेंट प्री प्राइमरी विद्यालय में आया के रूप में अनुभव के लिए अधिकतम 3 अंक दिए जाएंगे। अनाथ, परित्यक्ता महिला के लिए 2 अंक, एससी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थी के लिए 2 अंक, स्टेटहोम, बालिका आश्रम की प्रवासिनी, विधवा, निराश्रित, तलाकशुदा, विवाहित महिला जिसका पति पिछले 7 वर्ष से लापता है और लापता होने की प्राथमिकी की संबंधित थाना में दर्ज की गई हो, के लिए 2 अंक तथा अधिकतम दो बेटियों तक सीमित परिवार से संबंध रखने वाली अविवाहित प्रत्याशी या अधिकतम दो बेटियों की माता के लिए 2 अंक तथा साक्षात्कार के लिए 3 अंक निर्धारित किए गए हैं।

इन पदों के लिए 24 मार्च को सुबह दस बजे एसडीएम कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। आवेदकों को मूल प्रमाण पत्रों सहित व्यक्तिगत रूप से स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होना होगा तथा इस संबंध में अलग से कोई बुलावा पत्र नहीं भेजा जाएगा। चयन प्रक्रिया संबंधी जानकारी संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र, महिला मंडल, ग्राम पंचायत सचिव के पास भी उपलब्ध रहेगी। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना टौणी देवी के कार्यालय से व्यक्तिगत रूप में अथवा दूरभाष संख्या 01972-299380 पर संपर्क किया जा सकता है।

निगम में शामिल हुए नए क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए अनुमति अनिवार्य

हमीरपुर : नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि हमीरपुर में निगम के गठन के बाद हमीरपुर शहर के साथ लगते 94 राजस्व गांवों को भी निगम में शामिल किया जा चुका है। निगम में शामिल होने के बाद इन नए क्षेत्रों में नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) अधिनियम 1977 की धारा 16, 28, 29, 30, 31, 34, 37, 38, 39, 39ए, 39बी, 39सी, 79, 81 और 83ए की शक्तियों को भी निगम के आयुक्त को स्थानांतरित कर दिया गया है।

राकेश शर्मा ने बताया कि अब इन क्षेत्रों में किसी भी भवन का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निगम की स्वीकृति अनिवार्य है। इसके अलावा नये व पुराने भवनों में बिजली, पानी और सीवरेज की सुविधा प्राप्त करने हेतु भी निगम से अनापति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। आवासीय तथा व्यावसायिक भवनों की स्वीकृति पंजीकृत वास्तुकारों और नगर निगम हमीरपुर द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

आयुक्त ने निगम क्षेत्र के सभी निवासियों से अपील की है कि वे भवन निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि बिना स्वीकृति से निर्मित अनाधिकृत भवनों में बिजली, पानी और सीवरेज की सुविधा प्राप्त करने हेतु नगर निगम हमीरपुर से अनापति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जायगा और इन भवनों को निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी आवश्यक सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।

टीजीटी नॉन मेडिकल की छंटनी परीक्षा का परिणाम घोषित

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने टीजीटी नॉन मेडिकल (पोस्ट कोड 25002) के 343 पदों को भरने के लिए पिछले वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 16 मार्च से आयोग के परिसर में होगी, जिसका शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी फोटो प्रतियों के दो-दो सैट और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे।

सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।

हमीरपुर: बमसन की 24 पंचायतों के वार्डों और बीडीसी के 15 वार्डों के परिसीमन के प्रारूपों पर आपत्तियां या सुझाव पहली मार्च तक

हमीरपुर: विकास खंड बमसन (टौणी देवी) की पंचायत समिति के 15 वार्डों और इनके अंतर्गत आने वाली 24 ग्राम पंचायतों के वार्डों के परिसीमन के प्रारूप प्रकाशित कर दिए गए हैं।

इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों और पंचायत समिति के वार्डों के परिसीमन के प्रारूप पर अगर किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो या फिर वह अपना कोई सुझाव देना चाहता है तो इन्हें पहली मार्च तक खंड विकास अधिकारी कार्यालय टौणी देवी या एसडीएम कार्यालय हमीरपुर में प्रस्तुत किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि परिसीमन के प्रारूप के अनुसार विकास खंड बमसन में 24 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में बजरोल, खनौली, भेरड़ा, उटपुर, कक्कड़, चारियां दी धार, जंदड़ू, पुरली, भटेड़, पौहंज, गवारडू, उहल, लग-कढ़ियार, बारीं, टपरे, पटनौण, सिकांदर, करियाली, नाड़सीं, दरोगण पत्ती कोट, बराड़ा, समीरपुर, बगवाड़ा और पंजोत शामिल हैं। इन 24 ग्राम पंचायतों को पंचायत समिति के 15 वार्डों में बांटा गया है। इस पंचायत समिति की कुल जनसंख्या 33,944 है।

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नाबार्ड की राशि पर कांग्रेस का झूठा श्रेय, ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का एक और नमूना उजागर : संदीपनी

शिमला: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में तथाकथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की आड़ में सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण ओडी–बिथल सड़क के जीर्णोद्धार की पट्टिका है, जिसे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधायक कुलदीप जी द्वारा रखा गया। आश्चर्य की बात यह रही कि इस कार्य में स्वीकृत राशि को विधायक निधि या प्रदेश सरकार के खाते में दिखाने का प्रयास किया गया।
संदीपनी भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए ₹20 करोड़ की राशि नाबार्ड के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार ने केवल डीपीआर तैयार कर भेजी है, जो उसका दायित्व है। प्राथमिकता दर्शाना एक बात है, परंतु केंद्र सरकार की स्वीकृत राशि पर प्रदेश सरकार या विधायक द्वारा श्रेय लेना उचित नहीं। यह स्थिति “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” जैसी प्रतीत होती है—पहले वर्षों तक उपेक्षा और अब श्रेय लेने की होड़।
उन्होंने कहा कि लगभग 40–45 वर्ष पूर्व कोटगढ़ क्षेत्र में भुट्टी और बिथल को जोड़ने वाली यह सड़क पक्की नहीं थी। वर्ष 1999–2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय प्रेम कुमार धूमल जी ने थानेदार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की और भाजपा शासनकाल में यह सड़क पक्की की गई। उससे पहले क्षेत्र की जनता धूल फांकने को मजबूर थी। बाद के वर्षों में केवल औपचारिक पैचवर्क हुआ, कोई दीर्घकालिक सुधार नहीं हुआ।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सड़क के जीर्णोद्धार का कार्य स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा। परंतु जनता को यह जानने का अधिकार है कि यह धन हिमाचल प्रदेश सरकार का नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के नाबार्ड से स्वीकृत है। नाबार्ड के तहत हिमाचल सरकार द्वारा लगभग ₹20,000 करोड़ के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, जिनमें सड़क, पेयजल, बागवानी, विद्यालय निर्माण सहित अनेक विकास कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं की ईएमआई का वहन भी केंद्र सरकार करती है। नॉन-ट्राइबल क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार को करना होता है, जबकि ट्राइबल क्षेत्रों में यह प्रावधान भी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि 41 किलोमीटर लंबी इस सड़क के पुनर्वास में यदि समुचित वाइडनिंग का प्रावधान किया जाता तो यह और अधिक उपयोगी होता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान परियोजना में वाइडनिंग का प्रावधान सीमित है, जो भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए अपर्याप्त प्रतीत होता है।
संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि वे झूठा श्रेय लेने और भ्रम फैलाने की राजनीति से बचें। जनता जागरूक है और तथ्यों को समझती है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर नई भ्रामक परंपरा स्थापित करने के बजाय विकास कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी अपनाई जानी चाहिए।

पांवटा साहिब में पंजाब पुलिस ने मारा छापा, बरामद की नशीली दवाईयां

छोटा शिमला मंदिर में दान पेटी चोरी मामले में आरोपी गिरफ्तार…पैसों से भरी दान पेटी भी बरामद

शिमला: छोटा शिमला में मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार दिनांक 23.02.2026 को प्रातः लगभग 5:30 बजे वह मंदिर पहुंचे तथा दान पेटी को मंदिर के अंदर से निकालकर गेट के बाहर रखकर पूजा करने लगे। 6:30 बजे बाहर आने पर दान पेटी गायब पाई गई, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना पूर्व शिमला की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जय प्रकाश निवासी गांव फागू, डाकघर कांडो, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच के दौरान चोरी हुई दान पेटी गांव कुम्हाली (कुसुम्पटी वन क्षेत्र) के समीप बरामद की गई तथा आरोपी से नकद राशि भी बरामद की गई है।

परवाणू-शिमला फोरलेन पर सनवारा में टोल वसूली पर लगी रोक हटी

शिमला MC मेयर के कार्यकाल बढ़ाने के मामले में अब सुनवाई 2 मार्च को..

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल बढ़ाने वाले मामले को लेकर आज में फ़िर सुनवाई हुई। उच्च अदालत में सुनवाई के दौरान इस मामले पर दोनों पक्षों की ओर से बहस की गई। हिमाचल हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामला सुना। अब 2 मार्च को मामले में अगली सुनवाई होगी।