बिलासपुर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी 3 मार्च को प्रातः 11 बजे राजकीय संस्कृत महाविद्यालय डंगार के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे।
इस बारे जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राजेश धर्माणी सायं 3:30 बजे बीडीओ कार्यालय परिसर घुमारवीं में घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव को लेकर बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बिलासपुर : सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-2 ई. रविन्द्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया 3 मार्च को जीओ-स्विच के भाग बदलने, बिजली की लाइनों की आवश्यक मुरम्मत व पेडों की कांट-छांट के चलते रौड़ा अनुभाग के अंतर्गत कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर के रौड़ा अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र बेहल कंडेला, नेक्सा शोरुम तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से दोपहर बारद 2 बजेे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि शटडाउन मौसम पर निर्भर रहेगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
हमीरपुर: वर्मा ज्यूलर्स सोलन में मार्केटिंग फील्ड एजेंट के 30 पद भरे जाएंगे। इन पदों को भरने के लिए 6 मार्च को जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले बारहवीं पास, स्नातक और स्नातकोत्तर पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे।
आवेदक की आयु 25 से 35 वर्ष के बीच हो।
कंपनी द्वारा चयनित आवेदकों को 14000 रुपए मासिक वेतन दिया जायेगा तथा चयनित आवेदकों का का कार्य क्षेत्र हमीरपुर होगा । इच्छुक आवेदक जिनका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हो वह भी हिमाचली स्थाई निवासी प्रमाण पत्र व् अपने मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय दूरभाष नंबर-01972-222318 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

ऑडिट में 49 करोड़ का अंतर उजागर, हिमाचल की सबसे भ्रष्ट सरकार का काला चेहरा सामने
शिमला: हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं पर भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यह खुलासा प्रदेश में फैले संस्थागत भ्रष्टाचार की पोल खोलता है।
उन्होंने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार लगभग 110 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि का न तो समुचित समायोजन हुआ और न ही उसका स्पष्ट लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त डिपॉजिट कार्यों के खातों में करीब 49 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है। यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय कदाचार का गंभीर मामला है।
राकेश जमवाल ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई अग्रिम राशियां वर्षों से लंबित हैं, उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, और खातों के मिलान में भारी विसंगतियां पाई गईं। कर्मचारियों के सीपीएफ खातों और बैंक बैलेंस में अंतर मिलना इस बात का संकेत है कि वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह चरमराया हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में “व्यवस्था परिवर्तन” का नारा दिया गया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि “आसमान से गिरे, खजूर में अटके” जैसी स्थिति बना दी गई है—न विकास हुआ, न पारदर्शिता आई, उल्टा भ्रष्टाचार के नए अध्याय खुल गए।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि किसानों और मंडी समितियों के नाम पर जारी धनराशि का सही उपयोग न होना प्रदेश के अन्नदाताओं के साथ अन्याय है। कांग्रेस सरकार की नीयत और नीति दोनों संदेह के घेरे में हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा:
क्या सरकार बताएगी कि 110 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का वास्तविक उपयोग कहां हुआ?
डिपॉजिट कार्यों में 49 करोड़ रुपये का अंतर कैसे उत्पन्न हुआ?
क्या दोषी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर आपराधिक कार्रवाई होगी?
राकेश जमवाल ने मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं दिखाई तो भाजपा प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। भाजपा सड़क से सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी और जनता के धन की लूट को उजागर करती रहेगी।
“कांग्रेस सरकार का चेहरा अब बेनकाब हो चुका है। यह सरकार विकास नहीं, घोटालों की पहचान बन गई है। हिमाचल की जनता को जवाब चाहिए और भाजपा यह जवाब लेकर रहेगी।”

शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज अपने कोटखाई प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यों के लोकार्पण किये जिसके अंतर्गत उन्होंने उपमंडल दण्डाधिकारी कार्यालय कोटखाई में राजस्व रिकॉर्ड रूम का उद्घाटन किया। इससे पूर्व यह कार्यालय ठियोग में स्थित था। इस कार्यालय के खुलने से कोटखाई क्षेत्र के निवासियों को अपना भूमि से सम्बंधित रिकार्ड प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इसके साथ ही उन्होने सब जज कोर्ट परिसर का निरीक्षण भी किया। इस परिसर के निर्माण में 10 लाख रुपए व्यय हुए हैं। रोहित ठाकुर ने बताया कि शीघ्र ही सब जज कोर्ट का क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया जायेगा।
इसके साथ ही उन्होंने नवीनस्त्रोन्नत उप मण्डल स्तरीय पशु औषधालय का लोकार्पण भी किया और हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा पशु प्रजनन शिविर में हिस्सा लिया।
रोहित ठाकुर ने बताया कि यह पशु औषधालय शिमला जिला का पहला उप मंडलीय पशु औषधालय है जहाँ पर विभिन्न पशुओं, विशेषकर गोधन को लगने वाली बीमारियों का इलाज किया जाएगा और पूरे कोटखाई खंड के नागरिक इससे लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही यहाँ पर सीनियर वेटनरी ऑफिसर और चीफ फार्मासिस्ट के एक-एक पद को शीघ्र ही भरा जायेगा। इस औषधालय के भवन की दूसरी मंजिल का निर्माण भी किया गया है जिस पर 9 लाख रुपए व्यय किए गए हैं।
दिवानडी कथान्डी सड़क का किया उद्धघाटन
शिक्षा मंत्री ने ग्राम पंचायत टाहू कथान्ड़ी के अंतर्गत 30 लाख रूपये से निर्मित डेढ़ किलोमीटर लम्बी दिवानडी कथान्डी सड़क का उद्धघाटन भी किया। इस सड़क के निर्माण पर उन्होंने स्थानीय लोगों को बधाई दी। इस बीच ग्राम पंचायत दरकोटि के अंतर्गत 700 मीटर लम्बी मराथू चमैन नाला सड़क के पास होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया। रोहित ठाकुर ने बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के 3 वर्षों के कार्यकाल के दौरान जुब्बल नावर कोटखाई में विकास के नए मील के पत्थर स्थापित हुए हैं, जिसके अंतर्गत जुब्बल नावर कोटखाई में केवल लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़क एवं भवन निर्माण में 550 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है और विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर है।
शिक्षा के विषय पर प्रकाश डालते हुए रोहित ठाकुर ने बताया कि सरकार अपने विद्यार्थियों को गुणवतायुक्त एवं सहज व सुलभ शिक्षा प्रदान करवाने हेतू प्रतिबद्ध है जिसके तहत बहुत सारे प्रभावी निर्णय लिए गए हैं। इसी कड़ी में कोटखाई में खुलने वाला केंद्रीय विद्यालय एक बड़ा और महत्वपूर्ण संस्थान है जहाँ पर आने वाले समय में स्थानीय बच्चों को गुणवतायुक्त और आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। रोहित ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में केंद्रीय विद्यालय खुलना एक बढ़ी उपलब्धि है।
इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत थरोला से अलग होकर नयी पंचायत “टाहु कथान्डी” के बनने पर भी ग्रामीणों को शुभकामनायें दीं। साथ ही यह विश्वास भी जताया कि नवनिर्मित पंचायत के गठन के बाद विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। रोहित ठाकुर ने बताया कि इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण मराथू थरोला सड़क का उन्नययन कार्य 16 करोड़ रूपये की लागत से प्रगति पर है और 1 करोड़ 75 लाख रुपए से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थरोला का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
इस अवसर पर जुब्बल नावर कोटखाई कांग्रेस अध्यक्ष मोती लाल डेरटा, तहसील यूनियन कोटखाई के अध्यक्ष गुमान सिंह चौहान, निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक पवन चौहान, युवा कांग्रेस मण्डल अध्यक्ष जुब्बल नावर कोटखाई दीपक कालटा, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी सहित, तहसीलदार कोटखाई एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिमला: चलौंठी बायपास पूर्व की भांति 3 मार्च से छोटे बड़े सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। यहां पर यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी।

भारी मात्रा में मादक पदार्थ एवं अवैध शराब बरामद
हिमाचल : प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के संकल्प को सशक्त नेतृत्व एवं चिट्टा माफिया के समूल नाश की प्रतिबद्धता के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर, प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 01 मार्च, 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध समकालिक/समानांतर तलाशी एवं छापेमारी अभियान संचालित किया गया। यह विशेष अभियान राज्य गुप्तचर विभाग, सशस्त्र बलों तथा जिला पुलिस की संयुक्त एवं खुफिया-आधारित कार्रवाई के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रवक्ता ने कहा कि अभियान के दौरान ड्रग डिटेक्शन किट का प्रभावी उपयोग किया गया तथा तलाशी, बरामदगी एवं गिरफ्तारी की समस्त प्रक्रिया की विधिवत वीडियोग्राफी सुनिश्चित की गई। सभी कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट, बीएनएसएस, आर्मस एक्ट तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान कुल 145 स्थानों पर तलाशी ली गई। इस दौरान 406 ग्राम चरस, 19.236 ग्राम चिट्टा, 124 ग्राम चूरा-पोस्त तथा 4,65,100 मिलीलीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 06 तथा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 04 अभियोग पंजीकृत किए गए।
राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस नशामुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में इस अभियान को और अधिक व्यापक, वैज्ञानिक, आक्रामक एवं शून्य-सहिष्णुता के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। पुलिस विभाग ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत 112 या निकटतम पुलिस थाना में दें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता से हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में चिट्टा माफिया के समूल नाश के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

आरडीजी पर सभी राज्यों का आकलन एक ही मापदंड पर करना अनुचित
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट कर वित्त वर्ष 2026-27 के राजस्व घाटे की प्रतिपूर्ति करने के लिए स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस के तहत एक वित्तीय पैकेज प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद करने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उन दूसरे राज्यों से नहीं की जा सकती जिनका आरडीजी बंद कर दिया गया है। बड़े राज्य आरडीजी बंद होने से उत्पन्न स्थितियों का सामना कर सकते हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। सभी राज्यों को एक ही पैमाने पर आंकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागालैंड के बाद राज्य को आरडीजी का योगदान के रूप में लगभग 12.7 प्रतिशत प्राप्त होते थे जो दूसरा सबसे ज्यादा है।
उन्होंने इसे बंद करने के निर्णय को कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की भावना को कमजोर करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का आर्टिकल 275(1) राज्य को ऐसे अनुदान देने का प्रावधान करता है जो उनके राजस्व प्राप्ति और व्यय के अंतर को कम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि वित्तायोग ने छोटे पहाड़ी राज्यों की विकास की आवश्यकताओं को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया है।
उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो-तीन वर्षों में व्यय को कम करने के दृष्टिगत कई निर्णायक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत कोई ऑफ-बजट बॉरौंइग नहीं लिया गया और अलग-अलग सेस के ज़रिए हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से भी राज्य के राजस्व को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आवश्यकताओं के अनुरूप टैक्स रेट बढ़ाने और सब्सिडी के युक्तिकरण जैसे उपाए लागू करने के बावजूद राजस्व घाटे के अंतर को कम नहीं कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था के सही आकलन और सुधारों के दृष्टिगत एक कमेटी बनाने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में वन और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक
शिमला: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां वन भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में नीति प्रारूप तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। बैठक में राजस्व, वन और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कल्याणकारी राज्य की अवधारण के अनुरूप एक नीति प्रारूप तैयार करने पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व अनिल चौहान की अध्यक्षता में एक सब-कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। सब-कमेटी में वन और विधि विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। यह कमेटी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर नीति का प्रारूप सौंपेगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) संजय सूद, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद, अतिरिक्त सचिव राजस्व सुनील वर्मा, संयुक्त सचिव विधि डॉ. विवेक ज्योति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।