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बैजनाथ: आईटीआई बैजनाथ में 19 मार्च को लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा कैंपस प्लेसमेंट

बैजनाथ: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बैजनाथ की प्रधानाचार्या रीता शर्मा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि कांचीपुरम स्थित लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एल एंड टी) कंपनी द्वारा 19 मार्च 2026 को आईटीआई बैजनाथ के परिसर में कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में किसी भी मान्यता प्राप्त आईटीआई से प्रशिक्षित फिटर, वेल्डर, कारपेंटर, प्लंबर तथा इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं।कंपनी द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को प्रारंभ में दो माह तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उन्हें नेशनल स्किल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करवाया जाएगा एवं दो माह की प्रशिक्षण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।उसके पश्चात अभ्यर्थियों का नियमित पदों के लिए चयनित किया जाएगा। चयनित युवाओं को कंपनी द्वारा 20 हजार रुपये प्रतिमाह सीटीसी प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कंपनी में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए साथ ही साक्षात्कार वाले दिन अभ्यर्थी को अपने साथ आधार कार्ड, बोनाफाइड, 10वीं, 12वीं, आईटीआई प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों के लिए कंपनी द्वारा रहने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी जबकि भोजन के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इसके अतिरिक्त ईएसआई, पीएफ तथा अन्य कंपनी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

प्रधानाचार्या ने सभी पात्र युवाओं से आह्वान किया है कि वे 19 मार्च 2026 को प्रातः 9:00 बजे आई टी आई बैजनाथ में उपस्थित होकर इस कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया में अवश्य भाग लें।

फार्मर रजिस्ट्री करवाएं सभी किसान, योजनाओं का लाभ लेने में होगी आसानी

कृषि विभाग के कार्यालय या लोक मित्र केंद्रों में करवा सकते हैं फार्मर रजिस्ट्री

आधार, बैंक खाता, जमीन के दस्तावेज, फोटो और मोबाइल नंबर है जरूरी

हमीरपुर :  कृषि विभाग ‘एग्रीस्टैक’ परियोजना के तहत जिला हमीरपुर में भी सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर रहा है। इस रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का एक प्रमाणित डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदानों, डीबीटी लाभ, फसल बीमा, कृषि सहायता और अन्य सभी सेवाओं का लाभ शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ प्रदान किया जा सकेगा।

आतमा परियोजना हमीरपुर के परियोजना निदेशक राकेश धीमान ने बताया कि सभी किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे-जमाबंदी या खतौनी, बैंक खाते का विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर आवश्यक है।

राकेश धीमान ने बताया कि पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने के लिए यह बहुत जरूरी है, क्योंकि पीएम-किसान सम्मान निधि और फार्मर रजिस्ट्री को इंटरलिंक किया गया है।

उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसी डिजिटल प्रणाली है, जिसमें हर किसान की एक आईडी बनाई जाती है और इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का रिकार्ड, फसल की जानकारी, बैंक विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहती हैं। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से जहां एक ही आईडी से पीएम-किसान सम्मान निधि और कई अन्य योजनाओं से संबंधित भुगतान में तत्परता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, वहीं विभिन्न योजनाओं के लिए अपात्र लोगों की पहचान भी होगी।

परियोजना निदेशक ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के दौरान किसान की आधार नंबर से ई-केवाईसी की जाती है और उसकी जमीन का रिकार्ड राजस्व विभाग के डाटा से लिंक किया जाता है। किसान की व्यक्तिगत जानकारी और फसल का विवरण दर्ज करने के बाद फार्मर रजिस्ट्री नंबर या फार्मर आईडी जारी की जाती है।

न्यायिक परिसर हमीरपुर के पुराने सामान की नीलामी 24 को

हमीरपुर : जिला न्यायिक परिसर हमीरपुर के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों के पुराने एवं नकारा घोषित सामान की नीलामी 24 मार्च को शाम चार बजे न्यायिक परिसर में की जाएगी।

जिला एवं सत्र न्यायधीश कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति को 24 मार्च शाम साढे तीन बजे तक दो हजार रुपये की सिक्योरिटी जमा करवानी होगी। इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक जिला न्यायिक परिसर में आकर पुराने सामान का अवलोकन कर सकता है।

ऊना: श्री चिंतपूर्णी में चैत्र नवरात्र मेला 19 से 27 मार्च तक, तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम ने ली बैठक

ऊना: माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेला 19 से 27 मार्च तक आयोजित होगा। यह जानकारी एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बाबा श्री माईदास सदन के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि मेले के दौरान एसडीएम अंब मेला अधिकारी होंगे, जबकि डीएसपी अंब को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा जाएगा जिसमें पुलिस व होमगार्ड के लगभग 300 जवान तैनात रहेंगे। मेले के दौरान मंदिर व मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों का समुचित उपयोग किया जाएगा ताकि असामाजिक तत्वों के जरिए होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। एसडीएम ने मंदिर अधिकारी को सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुबारिकपुर से भरवाईं तक साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को एक अच्छा वातावरण मिल सके।

श्री अग्रवाल ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को चिंतपूर्णी अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी अम्ब मेला चिकित्सा अधिकारी होंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग तथा आयुर्वेद विभाग द्वारा एक-एक अतिरिक्त मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की जाएगी जहां पर श्रद्धालुओं को आवश्यकता के अनुसार उपचार प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ व साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के लिए जल शक्ति विभाग को पेयजल स्त्रोतों की स्वच्छता व समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी के समस्त पेयजल स्त्रोतों की क्लोरिनेशन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग भी सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक निरीक्षण कर लें ताकि मेले का संचालन सही ढंग से हो सके। एसडीएम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मेलावधि के दौरान मंदिर में नारियल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नारियल मंदिर के मुख्य गेट से पहले डीएफएमडी के स्थान पर लाईन में ही यात्रियों से जमा कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह साईन बोर्ड लगवाना भी सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मेले के दौरान लंगर लगाने के लिए लंगर कमेटी से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके अलावा लंगर आयोजकों को लंगर कमेटी द्वारा स्वच्छता व सड़क सुरक्षा सहित सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा अन्यथा उन्हें लंगर के लिए जारी किए गए परमिट रद्द किए जा सकते हैं। लंगर का आयोजन सड़क से निर्धारित दूरी पर किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही तथा यातायात में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

एसडीएम ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी में भिक्षावृति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसे रोकने के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए अग्निशमन विभाग को मेले से पूर्व अग्निशमन यंत्रों को पूरी तरह से कार्यशील करने के निर्देश दिए। बैठक में यातायात प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, डियूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने संबंधी व्यवस्था के अतिरिक्त साफ सफाई की व्यवस्था रखने बारे भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर डीएसपी अंब अनिल पटियाल, डीएफएससी राजीव शर्मा, मंदिर अधिकारी अजय कुमार अन्य उपस्थित थे।

अस्पतालों में न हैं डॉक्टर और न हो रहे टेस्ट, दिखावे के लिए रोबोटिक सर्जरी का ढिंढोरा – राकेश जम्वाल‌

मण्डी : अस्पतालों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक रोबोटिक सर्जरी जैसी महंगी तकनीक का कोई वास्तविक लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल के अस्पतालों में जहां मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है, वहीं सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसे महंगे और दिखावटी प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित जनता कोल गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी यूनिट शुरू की है, लेकिन प्रदेश के अस्पतालों की वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। कई अस्पतालों में रेडियोलॉजी विभाग तक बंद पड़े हैं और जहां रेडियोलॉजिस्ट हैं भी, वहां एक डॉक्टर की छुट्टी से पूरा विभाग ठप हो जाता है। कई बड़े अस्पतालों में आज तक कैथ लैब जैसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं है और मरीजों को MRI जैसी जरूरी जांच के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है।
जम्वाल ने कहा कि जिस रोबोटिक सर्जरी यूनिट की इतनी चर्चा की जा रही है, उसके संचालन के लिए प्रशिक्षित स्टाफ तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए विशेष प्रशिक्षण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता होती है, लेकिन प्रदेश के अस्पतालों में पहले से ही डॉक्टरों और तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में बिना पर्याप्त तैयारी के रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लाना केवल दिखावे की राजनीति प्रतीत होती‌ है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि रोबोटिक सर्जरी न तो हिमकेयर और न ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आती है।‌ ऐसे में इसका सीधा लाभ आम आदमी को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि जब यह सुविधा इन योजनाओं के अंतर्गत ही नहीं है तो प्रदेश सरकार इसे आम जनता की सुविधा बताकर किसे गुमराह करना चाहती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज स्थिति यह है कि हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत अस्पतालों की लंबित भुगतान राशि तक सरकार ने जारी नहीं की है। इस कारण कई अस्पताल इन योजनाओं के मरीजों का इलाज करने में हिचकिचा रहे हैं और मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। हालात यह है कि कई परिवारों को मजबूर होकर अपने घर के संसाधन बेचकर महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है।
जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार का ध्यान आम मरीजों की जरूरतों पर नहीं, बल्कि केवल दिखावे की योजनाओं पर है। अस्पतालों में सामान्य टेस्ट तक समय पर नहीं हो पा रहे हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है, लेकिन सरकार करोड़ों रुपये की रोबोटिक सर्जरी मशीन लाने का ढिंढोरा पीट रही है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश की जनता अब यह समझ चुकी है कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने, जांच सुविधाओं को मजबूत करने और हिमकेयर व आयुष्मान योजनाओं के लंबित भुगतान जारी करने के बजाय सरकार केवल प्रचार की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक अस्पतालों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक रोबोटिक सर्जरी जैसी महंगी तकनीक का कोई वास्तविक लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को दिखावे की राजनीति छोड़कर सही रूप में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

मण्डी से सकुशल बरामद हुई शिमला से लापता नाबालिग लड़की

शिमला : शिमला जिले के चौपाल उपमंडल के तहत नेरवा क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने जिला मण्डी से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। इसके बाद लड़की को सुरक्षित ढूंढ लिया गया। जिला पुलिस शिमला के अनुसार इस मामले में पुलिस थाना नेरवा में 28 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने लड़की की तलाश के लिए अलग-अलग संभावित स्थानों पर खोजबीन की और आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी। लगातार की जा रही जांच और तलाश के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि लड़की जिला मंडी में हो सकती है।

इसके बाद पुलिस टीम ने मण्डी में कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को वहां से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार लड़की सुरक्षित है और उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

जिला पुलिस शिमला ने इस मामले में लोगों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या किसी व्यक्ति के लापता होने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके और किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

भ्रष्टाचार से पैसा इकट्ठा कर दिल्ली में बैठे एक राजनीतिक परिवार को खुश करने में जुटी है कांग्रेस सरकार – कर्ण नंदा

शिमला:  भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कुसुम्पटी शहरी मंडल में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के माध्यम से पैसा एकत्रित कर दिल्ली में बैठे एक राजनीतिक परिवार को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल उस परिवार की परिक्रमा करने में व्यस्त हैं और प्रदेश के विकास तथा जनता की समस्याओं से उनका कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
कर्ण नंदा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के कई मंत्री अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और बेबुनियाद बयान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश को विकास के लिए बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज ही हिमाचल प्रदेश को 465 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जबकि लगभग एक सप्ताह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मंत्रालय से करीब 255 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश को दी गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को लगभग 2.12 लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिली है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश में इस समय 57 राष्ट्रीय राजमार्गों पर कार्य चल रहा है, जिन पर लगभग 43 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की प्रदेश के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कर्ण नंदा ने कहा कि दूसरी ओर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह आपसी गुटबाजी और अंतर्कलह में उलझी हुई है। मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता आपस में विभाजित हैं और कई नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का दर्द भी सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी में सच बोलना भी अपराध है और सच बोलने वालों को सजा दी जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लगातार भाजपा और केंद्र सरकार पर आरोप लगाती है, जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार और सत्ता बचाने की राजनीति में व्यस्त है।
कर्ण नंदा ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की असफलताओं, भ्रष्टाचार और अंदरूनी कलह को भली-भांति देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब अवश्य देगी।

शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर 8 मार्च को टिक्करी के प्रवास पर

शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर 08 मार्च 2026 को जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। 

उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री 08 मार्च को दोपहर 1 बजे टिक्करी में नवयुवक मण्डल बरथाटा (पंचगांव) द्वारा आयोजित बरथाटा प्रीमियर लीग 2026 क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिकरत करेंगे। इसके पश्चात, वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जनसमस्याएं सुनेंगे। 

प्रदेश सरकार आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – राजस्व मंत्री

शिमला: जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम लचीलापन हिमालय का भविष्य, हिमाचल प्रदेश के लिए सबक, चुनौतियां और नीतिगत मार्ग विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आज डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) शिमला में संपन्न हुई। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह दो दिवसीय कार्यशाला हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित की गई।
राजस्व मंत्री ने हिमालयी राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों पर प्रकाश डाला, विशेषकर कृषि, बागवानी, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख किया। उन्होंने बढ़ते जलवायु और आपदा जोखिमों से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा तैयारी को मजबूत करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के प्रयासों पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ते जोखिम से निपटने के लिए आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में सुधार करने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
विशेष सचिव (राजस्व) डी.सी. राणा ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संस्थागत तैयारी को मजबूत करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, आपदा जोखिम आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा हिमालयी क्षेत्रों में लचीले बुनियादी ढांचे पर विषयगत सत्र आयोजित किए गए। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थानों के विशेषज्ञों, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की तथा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर ने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु लचीलापन, खतरा निगरानी और बुनियादी ढांचा सुरक्षा पर प्रस्तुतियां दीं।
कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में आई आपदाओं, विशेषकर वर्ष 2023 और 2025 की घटनाओं से मिले अनुभवों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने राज्य में किए गए पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट के निष्कर्षों के आधार पर समेकित जोखिम आकलन, लचीले पुनर्निर्माण और बेहतर तैयारी के महत्त्व को रेखांकित किया।
इसके उपरान्त कार्यशाला के समापन अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के.के. पंत ने हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों में जलवायु और आपदा लचीलापन विकसित करने के लिए वैज्ञानिक योजना, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के महत्त्व पर बल दिया।
इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) की निदेशक रूपाली ठाकुर, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।

हिमाचल: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित; बोले- राज्य के साथ अपने जुड़ाव की सुखद यादों को रखेंगे हमेशा संजोकर

शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
लोक भवन के कर्मचारियों की ओर से राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर को उनके प्रति आदर और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पारंपरिक हिमाचली टोपी, शॉल और एक स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने लोक भवन में कार्य करते हुए हिमाचल प्रदेश में बिताए अपने तीन वर्ष के कार्यकाल को स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों की निष्ठा और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें कर्मचारियों का निरंतर सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के सक्रिय सहयोग से उन्हें विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य करने का अवसर मिला।
श्री शुक्ल ने कहा कि वे राज्य के साथ अपने जुड़ाव की सुखद यादों को हमेशा संजोकर रखेंगे। हिमाचल प्रदेश को एक सुंदर पर्वतीय राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग मेहनती और ईमानदार हैं।
कार्यक्रम का समापन लोक भवन के कर्मचारियों द्वारा राज्यपाल और लेडी गवर्नर को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।