ब्लॉग

हिमाचल: इस माह घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

LPG गैस सुरक्षा जांच अभियान 11 मार्च से होगा शुरू

सुरक्षा जांच अभियान में सहयोग करें उपभोक्ता: संजीव वर्मा

मण्डी: हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा गैस उपभोक्ताओं की सुरक्षा और जन जागरूकता को ध्यान में रखते हुए एलपीजी गैस सुरक्षा जांच अभियान 11 मार्च से शुरू किया जाएगा। यह जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड मंडी संजीव वर्मा ने देते हुए बताया कि अभियान के तहत अधिकृत गैस वितरक और कर्मचारी उपभोक्ताओं के घरों में गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, रबर पाइप, गैस चूल्हा तथा संभावित गैस लीकेज की जांच करेंगे और गैस के सुरक्षित उपयोग से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान करेंगे।

उन्होंने बताया कि यह अभियान इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान उपभोक्ताओं को गैस पाइप की एक्सपायरी तिथि, उसकी स्थिति और लंबाई की जांच के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। यदि पाइप में कट, दरार या अत्यधिक पुराना होने के संकेत मिलते हैं या उसकी अवधि 3 से 4 वर्ष पूरी हो चुकी होती है, तो उसे बदलने की सलाह दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिला मंडी में यह अभियान निगम की गैस एजेंसियों सरकाघाट, बलद्वाड़ा, करसोग, पधर और जोगिंदरनगर के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जबकि जिला कुल्लू में कुल्लू और मनाली स्थित एजेंसियों के माध्यम से भी यह अभियान चलाया जाएगा।

संजीव वर्मा ने उपभोक्ताओं से इस सुरक्षा जांच अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे गैस से संबंधित संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और घरेलू गैस के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

मण्डी: सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला 18 मार्च को, उपायुक्त करेंगे अध्यक्षता

मण्डी: जिला प्रशासन मण्डी द्वारा सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए “भविष्य सेतु” कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल सर्विसिज प्रीमियर वर्कशॉप फॉर आईएएस/एचपीएएस एस्पीरेंट्स का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 18 मार्च, 2026 को दोपहर 12.30 बजे उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में यहां उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जाएगी।

इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक सेवाएं (आईएएस) तथा हिमाचल प्रशासनिक सेवाएं (एचपीएएस) जैसी सिविल सेवा से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी, मार्गदर्शन तथा रणनीति प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, उत्तर लेखन कौशल, वैकल्पिक विषय चयन आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में अभ्यर्थियों का मागदर्शन अपूर्व देवगन, भा0प्र0से0 व डॉ0 जितेन्द्र चंदेल, हि0प्र0प्र0 सेवा /भा0व0से0 द्वारा किया जायेगा।

कार्यशाला में डाउट क्लियरिंग सेशन, प्रश्न-उत्तर तथा आईएएस व एचपीएएस अधिकारियों के प्रेरणादायक अनुभव भी शामिल होंगे, जिससे अभ्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए सही दिशा और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

जिला प्रशासन ने सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे इच्छुक अभ्यार्थियों से इस कार्यशाला में भाग लेने का आह्वान किया है। इच्छुक अभ्यर्थी अपना नाम, पता शैक्षणिक योग्यता व जिस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उसकी जानकारी व्हाट्सएप नंबर 7018893399 के माध्यम से भेजकर अपना पंजीकरण कर सकते है। पंजीकरण के बाद अभ्यर्थियों को कार्यक्रम के समय और अन्य आवश्यक जानकारी से अवगत करवाया जाएगा। यह कार्यशाला सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर सिद्ध होगी।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि आने वाले समय में ”भविष्य सेतु“ कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसी कार्यशालाएं जिला मण्डी के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों व आई0टी0आई0 में आयोजित की जाएंगी।

कांगड़ा/देहरा: लिवगार्ड एनर्जी टेक्रोलौजीज प्राइवेट लिमिटेड बद्दी द्वारा ट्रेनी एसोसिएट के भरे जाएंगे 58 पद

कांगड़ा/देहरा:  क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अक्षय कुमार ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि लिवगार्ड एनर्जी टेक्रोलौजीज प्राइवेट लिमिटेड बद्दी द्वारा ट्रेनी एसोसिएट (केवल पुरुष ) के 58 पदों के लिए (50 पद प्रोडक्शन विभाग एवं 8 पद मेंटनेंस विभाग) साक्षात्कार का आयोजन किया जा रहा हैं।

इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता बारहवीं आई .टी. आई. (इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिकस , मैकेनिकल ,फिटर ,वेल्डर ) निर्धारित की गई है तथा आयु सीमा 18 से 25 वर्ष रखी गई है। इन पदों हेतु कंपनी नियमित रूप से आवेदकों का चयन करेगी और उन्हें 13100 रूपए से 20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन व अन्य सुविधाएं कंपनी के नियमानुसार दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, हिमाचली प्रमाण पत्र, मूल प्रमाण पत्र एवं बायोडाटा की प्रति व अनुभव प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो) लाना अनिवार्य होगा।

साक्षात्कार 12 मार्च, 2026 को उप रोजगार कार्यालय, देहरा में प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें इच्छुक अभ्यर्थी संबंधित कंपनी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस साक्षात्कार हेतु आवेदकों को किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा।

हमीरपुर: नादौन में मिनी रोजगार मेला 17 को

हमीरपुर : उप रोजगार कार्यालय नादौन में 17 मार्च को मिनी रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें तीन कंपनियां विभिन्न श्रेणियों के पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लेंगी।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली की प्रसिद्ध सिक्योरिटी कंपनी जी4एस सिक्योर सॉल्यूशन्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड सिक्योरिटी गार्ड के 50 पदों और सुपरवाइजर के 6 पदों

को भरने के लिए साक्षात्कार लेगी।

इन पदों के लिए 18 से 35 वर्ष तक के दसवीं पास उम्मीदवार पात्र होंगे। उनकी लंबाई कम से कम 170 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड हमीरपुर में बीडीएम और सीनियर बीडीएम के दो पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। अभ्यर्थी स्नातक एवं एमबीए (मार्केटिंग) होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को 20,000 रुपए से 30,000 तक मासिक वेतन दिया जायेगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि हिमगिरि मल्टी लेवल मैजिक प्राइवेट लिमिटेड भोरंज में फील्ड आफिसर के 24 पदों को भरा जाएगा जिनके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास, स्नातक, बीबीए या बीवॉक रखी गई है। आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष रखी गई है। चयनित आवेदकों को 13,500 रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक आवेदक जिसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हो वह भी हिमाचली स्थायी निवासी प्रमाण पत्र और मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय दूरभाष नंबर 01972-222318 पर सम्पर्क कर सकते है।

हमीरपुर: बड़सर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के साक्षात्कार 12 को

हमीरपुर :  एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 12 मार्च को सुबह साढे दस बजे उप रोजगार कार्यालय बड़सर में साक्षात्कार लिए जाएंगे।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 52 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें 17,500 रुपये से लेकर 23,500 रुपये तक मासिक वेतन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।

भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

तकनीक से बदल रही खेती की तस्वीर, ऊना के 39 हजार से अधिक किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े

एग्रीस्टैक पोर्टल से बन रहा किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड

ऊना:  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी व सरल तरीके से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य जिला ऊना में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल के तहत किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी भूमि, फसल और सरकारी योजनाओ से जुड़ी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके और योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

जिले में तेजी से बढ़ रहा पंजीकरण

ऊना जिले के कृषि विभाग के उपनिदेशक प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से जिले में अब तक 39,373 किसानों को किसान रजिस्ट्री के तहत जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनीक फार्मर आईडी) प्रदान की जाएगी, जिससे किसान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना और भी आसान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से किसानों से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होगी और विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनेगी।

योजनाओं के लाभ में आएगी अधिक पारदर्शिता

प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि यह पंजीकरण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं के लाभार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे योजनाओं का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सकेगी।

उन्होंने बताया कि इससे किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी, क्योंकि उनका पूरा विवरण डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से मिल रही सटीक जानकारी

उन्होंने बताया कि जिले में डिजिटल क्रॉप्स सर्वेक्षण प्रक्रिया भी जारी है। इसके तहत अब तक 71,444 सर्वेक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें से 27,498 सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं। इस सर्वेक्षण में मोबाइल ऐप और जीपीएस तकनीक के माध्यम से फसलों की मैपिंग की जा रही है, ताकि किसानों की भूमि के रिकॉर्ड को फसल संबंधी जानकारी से जोड़ा जा सके।

इस प्रक्रिया से कृषि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना संभव होगा।

लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से भी करवा सकते हैं पंजीकरण

उपनिदेशक ने बताया कि जिन किसानों का अभी तक इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन करवा लें। किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या संबंधित पोर्टल

https://hpfr.agristack.gov.in/farmer-registry-hp/# के माध्यम से यह प्रक्रिया नि:शुल्क पूरी कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भूमि का कोई भी खसरा नंबर तथा आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर आवश्यक रहेगा।

किसानों को जागरूक करने के लिए चल रहा अभियान

कृषि विभाग द्वारा किसानों को इस पहल के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़ सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।

*उपायुक्त बोले…अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिलेगा योजनाओं का लाभ *

उपायुक्त जतिन लाल ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को किसानों को इस पहल के प्रति व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।

राजस्व एवं बागवानी मंत्री 13-14 मार्च को ऊना दौरे पर, मशरूम यूनिट व एचपी शिवा क्लस्टर का करेंगे निरीक्षण

ऊना: राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी 13 और 14 मार्च को ऊना जिले के दौरे पर रहेंगे। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने दी।

उन्होंने बताया कि जगत सिंह नेगी 13 मार्च सायं ऊना पहुंचेंगे तथा उनका रात्रि विश्राम सर्किट हाउस ऊना में रहेगा।

श्री नेगी अपने प्रवास के दौरान 14 मार्च को ऊना और बंगाणा उपमंडलों में पीसीडीओ तथा एचपी शिवा क्लस्टर इकाइयों का दौरा करेंगे। इसके अंतर्गत वे ऊना में एक प्रगतिशील किसान की मशरूम यूनिट का दौरा कर उत्पादन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त फ्रंट लाइन डेमोनस्ट्रेशन (एफएलडी) कठोह तथा एचपी शिवा क्लस्टर, सिरथ का भी दौरा करेंगे। उनका सायं 3 बजे शिमला प्रस्थान का कार्यक्रम है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बसों की जांच, 30 वाहनों के जांचे दस्तावेज

ऊना:  स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनुपालना को लेकर ऊना जिला प्रशासन के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों और वैन के दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान लगभग 30 स्कूल बसों के दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया।

उल्लेखनीय है कि उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बीते दिन स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे तथा संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण करने को कहा था।

इसी क्रम में किए गए निरीक्षण के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।उन्होंने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 हिमाचल : बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में धरना प्रदर्शन

शिमला:केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 के विरोध में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं और पेंशनरों ने प्रदर्शन किया।  मंगलवार को देशव्यापी आह्वान के तहत शिमला और धर्मशाला में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, अभियंताओं और पैंशनर्ज ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ज्वाइंट एक्शन कमेटी (संयुक्त मोर्चा) ने किया, जिसके बैनर तले सैंकड़ों कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की।

शिमला स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय में कर्मचारियों ने संशोधन विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर ऑल इंडिया पावर फैडरेशन के पैटर्न ई. सुनील ग्रोवर, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा और प्रशांत शर्मा समेत कई प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने इस विधेयक को पूरी तरह से जनविरोधी, कर्मचारी विरोधी और राज्य विरोधी करार दिया और इसे तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की। धरना-प्रदर्शन के अंत में कर्मचारियों और अभियंताओं ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी विधेयक को जल्द से जल्द वापस नहीं लिया, तो हिमाचल के बिजली कर्मचारी, अभियंता और पैंशनर्ज देशभर के अन्य संगठनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

जयराम ठाकुर बोले- सीबीएसई स्कूल के नाम पर कहीं भी स्पष्टता नहीं; बिना किताबों के स्कूलों में कैसे पढ़ेंगे बच्चे?

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा 2 साल से प्रदेश में कई स्कूलों के सीबीएसई में परिवर्तित करने की घोषणा की गई। इतना समय बीतने के बाद भी बिना तैयारी के कुछ स्कूलों में सीबीएसई के तहत पढ़ाई शुरू कर दी लेकिन एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी सरकार उन छात्रों को किताबें भी मुहैया नहीं करवा पाई है। जिस कारण बच्चों को बिना किताब के ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। मार्च के अंत तक बच्चों का “फॉर्मेटिव एसेसमेंट” होना है लेकिन अभी तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। स्कूल द्वारा बच्चों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। सरकार द्वारा समय से किताबें  उपलब्ध करवाए जाने के बजाय जिम्मेदार लोगों द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश बोर्ड के पाठ्यक्रम एक जैसे हैं। जिम्मेदार लोगों को इस तरीके के बेतुके बयान देने की बजाय बच्चों को समय से किताबें उपलब्ध करवाने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि सीबीएसई स्कूल के नाम पर कहीं भी स्पष्टता नहीं है। अभी शिक्षकों का भी तबादला नहीं हुआ है। वही शिक्षक पढ़ा रहे हैं जो पहले हिमाचल बोर्ड में पढ़ाते थे। उसमें भी हैरत की बातें है कि हर सीबीएसई स्कूल में कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो सीबीएसई में जाने को इच्छुक भी नहीं है। सीबीएसई स्कूलों के लिए सरकार द्वारा शिक्षकों की परीक्षा हेतु 22 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है।  यदि निर्धारित  तिथि पर भी यह परीक्षा आयोजित होती है तब भी इसको पूरा होने में महीनों का समय लगेगा।  सरकार द्वारा इतना समय लिए जाने के बाद भी सीबीएसई के नाम पर खोले गए स्कूलों में तैयारी का पूरी तरीके से अभाव है।  सुक्खू सरकार द्वारा चयनित ज्यादातर स्कूल पीएम श्री योजना के तहत आने वाले स्कूल हैं इसलिए उनमें इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है लेकिन बिना शिक्षकों और किताबों के पढ़ाई कैसे होगी इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। यदि सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के तहत कुछ स्कूलों में पाठ्यक्रम शुरू कर रही है तो उसे पूरी तरह से लागू किया जाए जिससे उसमें पढ़ने वाले छात्रों को लाभ मिल सके।

हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिमला स्थित लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कविंद्र गुप्ता अपने अनुभव और दूरदर्शिता से राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे तथा प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राज्यपाल  कविंद्र गुप्ता के सफल, प्रभावी और गरिमामय कार्यकाल की कामना भी की।