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सतलुज जल परियोजना भाजपा सरकार की सोच और विजन का परिणाम, कांग्रेस केवल श्रेय लेने में व्यस्त – कर्ण नंदा

जयराम सरकार ने 2019 में शुरू की थी योजना, शिमला को 24 घंटे पानी देने का लक्ष्य भाजपा का था

शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने सतलुज से शिमला शहर तक पानी लाने की परियोजना को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह योजना पूरी तरह से भाजपा सरकार की सोच, विजन और दूरदर्शिता का परिणाम है, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

कर्ण नंदा ने कहा कि वर्ष 2018 में शिमला में गंभीर जल संकट पैदा हुआ था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। उसी के तहत अप्रैल 2019 में शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (SJPNL) का गठन किया गया ताकि शहर में जल और सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित और मजबूत किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इसके बाद भाजपा सरकार ने अगस्त 2021 में लगभग ₹1813 करोड़ की सतलुज पेयजल योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य शिमला शहर को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराना था। इस योजना के तहत सतलुज नदी के शक्रोली (सुन्नी के पास) क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 67 मिलियन लीटर पानी (MLD) उठाकर पंपिंग के माध्यम से शिमला के संजौली जलाशय तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

कर्ण नंदा ने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर सतलुज का पानी शिमला तक लाने का कार्य शुरू किया गया था, ताकि शहर में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई और उसी समय इसका ढांचा तैयार किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल इस योजना का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जबकि योजना की परिकल्पना, स्वीकृति और वित्तीय व्यवस्था भाजपा सरकार के समय ही की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का काम केवल पहले से चल रही परियोजनाओं पर अपना नाम चिपकाने का रह गया है।

भाजपा मीडिया संयोजक ने कहा कि शिमला जैसे पर्यटन और ऐतिहासिक शहर के लिए 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता थी और उसी सोच के तहत यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई थी।

कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को श्रेय लेने के बजाय यह बताना चाहिए कि परियोजना की लागत 421 करोड़ से बढ़कर लगभग 500 करोड़ रुपये क्यों पहुंच गई और पाइपलाइन बिछाने का कार्य धीमी गति से क्यों चल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि परियोजना में हो रही देरी के लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए कई दूरदर्शी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन कांग्रेस सरकार उनका सही क्रियान्वयन करने में भी असफल साबित हो रही है। कर्ण नंदा ने कहा कि भाजपा जनता को सच्चाई से अवगत कराती रहेगी और कांग्रेस सरकार की श्रेय लेने की राजनीति को उजागर करती 

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हिमाचल: प्रदेश सरकार ने शीर्ष अधिकारियों को दिये गए कैबिनेट रैंक के दर्जे को लिया वापस

हिमाचल: राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न प्राधिकरणों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ के दर्जे को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसमें बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन तथा प्रधान सलाहकार और राजनीतिक सलाहकार शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के तहत लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही इन पदों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ से संबंधित सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों के वेतन और मासिक भत्तों का 20 प्रतिशत हिस्सा 30 सितंबर, 2026 तक स्थगित रहेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि इस निर्णय को शीघ्रता से लागू किया जा सके और उनके अधीन सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

रिकांगपिओ: जिला स्तरीय तीन दिवसीय जनगणना-2027 का प्रथम चरण प्रशिक्षण शुरू

रिकांगपिओ: जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना हेतु तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा द्वारा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने अपने संबोधन में जनगणना की महत्ता एवं नीति निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इस बार जनगणना डिजिटल मोड में आयोजित की जा रही है, जो अपने आप में एक नवीन और चुनौतीपूर्ण पहल है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा दिए जा रहे प्रत्येक विषय को ध्यानपूर्वक समझें ताकि आगामी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके। यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय के श्री उत्कर्ष यादव, सहायक निदेशक, श्री प्रत्युश सिंह तथा श्री मनुज कुमार, सांख्यिकी अन्वेषक श्रेणी–II द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह  रविंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त पूह, सहायक आयुक्त विपिन ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी प्रवीण कुमार ‌सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सिरमौर के शिलाई में 300 से अधिक पेड़ों का अवैध कटान, सरकार दोषियों को बचाने में लगी : डॉ. बिंदल

सिरमौर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान के मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिन-दहाड़े आरा मशीन लगाकर पेड़ों की कटाई की गई और उसके बाद भी प्रशासन लंबे समय तक कार्रवाई करने से बचता रहा, उससे स्पष्ट है कि इस पूरे मामले में सत्ता के संरक्षण की बू आ रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि 5 तारीख को दोपहर के समय आरा मशीन लगाकर चीड़ के पेड़ों का कटान किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने उसी दिन कोई कार्रवाई नहीं की। अगले दिन स्वयं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर यह स्वीकार किया कि उन्होंने पेड़ काटे हैं और यह भी कहा कि उनके पास 25 पेड़ों की अनुमति है और बाकी अनुमति प्रक्रिया में है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने तुरंत इस मुद्दे को उठाया और स्पष्ट किया कि दिन-दहाड़े इस प्रकार का अवैध कटान बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। इसके बाद देर रात 6 तारीख को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें लगभग 307 पेड़ों के कटान की बात कही गई और यह भी बताया गया कि अंधेरा होने के कारण पूरी गणना नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि आज तक भी गणना उसी संख्या पर अटकी हुई है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि संबंधित मंत्री ने बयान देकर इस मामले को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा के लोग इसमें शामिल हैं तो सरकार तुरंत उन्हें गिरफ्तार करे और कानून के अनुसार कार्रवाई करे। लेकिन सच्चाई यह है कि जो लोग खुलेआम मीडिया में आकर कटान की बात स्वीकार कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि 25 पेड़ों की अनुमति भी 25 फरवरी को समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों का कटान किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सामान्य लोगों को दो-तीन पेड़ों की अनुमति पाने में महीनों लग जाते हैं तो आखिर 25 पेड़ों की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका नहीं बनती?
डॉ. बिंदल ने कहा कि जिस स्थान पर यह कटान हुआ वह एसडीएम कार्यालय, पुलिस थाना और फॉरेस्ट रेंज कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना या समय पर कार्रवाई न करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे को उठाया, तभी आनन-फानन में दो छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। इस मामले में जिन अधिकारियों ने अनुमति दी और जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस मामले में सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार वन माफिया सक्रिय हो रहा है, उससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं सरकार की शह उन्हें मिल रही है।
डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जहां 10 वर्षों में लगभग ₹18,000 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) मिला था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को लगभग ₹89,000 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी अपने बकाया भुगतान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, जो कि सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले के साथ भी प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिरमौर और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भाजपा सड़कों पर उतरकर जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।

नाहन में 18 मार्च को वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित होगा स्वास्थ्य जांच शिविर

नाहन;  जिला प्रशासन सिरमौर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से 18 मार्च 2026 को राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्मृति क्षीणता (डिमेंशिया स्क्रीनिंग) एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जायेगा।

यह जानकारी देते हुए जिला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी ने बताया कि यह शिविर आस्था डे-केयर सेन्टर, पक्का टैंक के नजदीक आयोजित किया जायेगा जिसमें 60 वर्ष व इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक भाग ले सकते है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच,स्मृति क्षीणता (डिमेंशिया स्क्रीनिंग) शिविर डा0 वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में आयोजन किया जायेगा।

इस शिविर में वरिष्ठ नागरिकों की स्मृति क्षीणता, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श तथा आवश्यक चिकित्सा मार्गदर्शन निशुल्क प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की स्मृति संबंधी समस्याओ की समय रहते पहचान कर उचित उपचार एवं मार्ग दर्शन उपलब्ध करवाना हैं जिससें उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सके।

जिला प्रशासन सिरमौर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी 60 वर्ष के अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा उनके परिजनों से अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में भाग लेने का आह्वान किया।

हिमाचल: प्रदेश में 22 मार्च तक मौसम खराब रहने के आसार..

हिमाचल: प्रदेश में 19 – 20 मार्च को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार संभावना जताई जा रही है। 18 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर 22 मार्च तक प्रदेश में देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग ने 19 मार्च को कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू और कांगड़ा के ऊंचे क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की भी चेतावनी दी गई है।

21 और 22 मार्च को राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। 17 मार्च  को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि 16 और 18 मार्च को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 19 मार्च को कुल्लू, कांगड़ा व चंबा जिले में भारी बारिश-बर्फबारी, जबकि चंबा, शिमला व सोलन में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल: रविवार को अटल टनल रोहतांग से 5000 से अधिक वाहनों की आवाजाही

कुल्लू: बर्फबारी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में सैकड़ों वाहनों को सुरक्षित निकाला

कुल्लू: उपायुक्त  अनुराग चन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कल अचानक हुई भारी बर्फबारी के कारण अटल टनल के साउथ पोर्टल के समीप लगभग 1500 वाहन फंस गए थे।

उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन, पुलिस, तथा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीमों द्वारा तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। इस दौरान रात लगभग 4 बजे तक करीब 1100 से 1200 वाहनों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाल लिया गया।

इसके अतिरिक्त साउथ पोर्टल पर फंसे लगभग 300 वाहनों को भी बाद में सुरक्षित रूप से मनाली की ओर रवाना किया गया है।

उपायुक्त ने बताया कि आज सुबह से बचाव अभियान पुनः शुरू किया गया। साउथ पोर्टल पर कल फंसे रहे 300 वाहनों को आज सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाल दिया गया है। वहीं सुबह सिस्सू की ओर से आए लगभग 300 वाहनों को भी धीरे-धीरे सुरक्षित रूप से मनाली की ओर भेजा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू तथा डीएसपी मनाली अपनी टीमों सहित मौजूद हैं। इसके अलावा बीआरओ के मेजर एम.एस. परमार अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात हैं और सभी फंसे वाहनों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर भेजने का कार्य किया जा रहा है। साउथ पोर्टल की सुरक्षा के लिए तैनात 20 जवान भी पिछले 24 घंटों से लगातार राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

उपायुक्त ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में बिना आवश्यक जानकारी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा न करें। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।

लाहौल : अटल टनल रोहतांग के लिए नई समयसारिणी...

कुल्लू: अटल टनल मार्ग पर भारी बर्फबारी के चलते यातायात अस्थायी रूप से प्रतिबंधित

कुल्लू: अटल टनल के साउथ पोर्टल की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी और लगातार बर्फबारी के कारण प्रशासन ने नेहरू कुंड से साउथ पोर्टल तक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दंडाधिकारी कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 70 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (GREF) के अधिकारी कमांडिंग ने अपने कार्यालय पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि अटल टनल के साउथ पोर्टल (एप्रोच रोड–ARS) की ओर जाने वाली सड़क पर भारी बर्फबारी के कारण बर्फ का जमाव, आइसिंग तथा दृश्यता में कमी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में मनाली, सोलंग तथा अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गई है, जिससे आम जनता और पर्यटकों के जीवन तथा संपत्ति को खतरा हो सकता है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस विभाग, उपमंडल दंडाधिकारी मनाली तथा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद नेहरू कुंड से अटल टनल के साउथ पोर्टल और साउथ पोर्टल से नेहरू कुंड की ओर यातायात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।

जिला दंडाधिकारी ने बताया कि बीआरओ द्वारा सड़क से बर्फ हटाने का कार्य जारी है। बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनरी की आवश्यकता होती है और इसके सुचारु संचालन के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी है। इसी के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 (e) के तहत यह आदेश जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि उपमंडल दंडाधिकारी मनाली तथा उप पुलिस अधीक्षक मनाली इस मार्ग पर फंसे हुए वाहनों की निकासी को प्राथमिकता देंगे। वहीं पुलिस विभाग द्वारा नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे बैरियर स्थापित किए जाएंगे, ताकि वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।

उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं के वाहन—जैसे एम्बुलेंस, पुलिस, फायर टेंडर और बीआरओ—तथा स्थानीय निवासियों को केवल 4×4 वाहनों के माध्यम से ही आवागमन की अनुमति होगी। इस व्यवस्था की निगरानी उपमंडल दंडाधिकारी मनाली द्वारा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि 4×4 वाहनों को नेहरू कुंड के ऊपर तथा सोलंग नाला से नीचे की ओर जाने की अनुमति देने से पहले थाना प्रभारी मनाली यह सुनिश्चित करेंगे 

ट्रैफिक एडवाइजरी* – कुल्लू पुलिस 🚔

मनाली के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ❄️🌨️ के कारण सड़कें *अत्यधिक फिसलन भरी और खतरनाक+⚠️ हो गई हैं। आम जनता व पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निम्न निर्देश जारी किए जाते हैं—
🔹 सोलंग बैरियर से लाहौल–स्पीति की ओर सभी वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक बंद ⛔ रखी गई है।
🔹 मौसम व सड़क की स्थिति सामान्य होने पर केवल 4×4 (Four Wheel Drive) वाहन ही स्नो चेन ⛓️ के साथ आगे जा सकेंगे।
🔹 टेम्पो ट्रैवलर 🚐 केवल नेहरू कुंड तक ही अनुमति हैं।
🔹 पर्यटकों व आम जनता से ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से फिलहाल परहेज करने की अपील 🙏 की जाती है।
🔹 यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो 4×4 वाहन 🚙, स्नो चेन ⛓️ तथा आवश्यक खाद्य सामग्री 🍞🥤 व अन्य जरूरी सामान साथ रखें।
⚠️ सभी से अनुरोध है कि पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा भारी बर्फबारी के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचें।

🙏 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

📢 जनहित में जारी

🚔 *कुल्लू पुलिस*

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में शामिल होने के लिए मंत्री राजेश धर्माणी को किया आमंत्रित

बिलासपुर: उपायुक्त एवं राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल कुमार ने आज घुमारवीं में नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी से भेंट की। उन्होंने 17 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नगर व ग्राम नियोजन तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को आमंत्रित किया।
राजेश धर्माणी ने इस आमंत्रण के लिए उपायुक्त राहुल कुमार का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
इस मौके पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर का सुप्रसिद्ध नलवाड़ी मेला केवल एक उत्सव नहीं है बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामूहिक सामाजिक जीवन का जीवंत प्रतीक है, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, तहसीलदार बबीता धीमान भी मौजूद रहे।

आईटीआई बिलासपुर में छह दिवसीय यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम का हुआ समापन

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत, 126 प्रशिक्षुओं ने लिया भाग

बिलासपुर: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में द आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के माध्यम से आयोजित छह दिवसीय यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह में नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 126 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को स्वयं को पहचानने तथा अपनी क्षमताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से स्वयं को महत्वपूर्ण समझने और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के मूल्यों को सामाजिक और नैतिक मूल्यों के साथ संतुलित करते हुए जीवन को सही दिशा देने का प्रयास करना चाहिए। इससे युवा न केवल अपनी अलग पहचान बना सकते हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति अलग और विशिष्ट है, इसलिए दूसरों की नकल करने के बजाय उनसे सीखने की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति स्वयं में एक महान शिक्षक है, जिससे मनुष्य बहुत कुछ सीख सकता है।

राजेश धर्माणी ने युवाओं को जीवन की कल्पनाओं से बाहर निकलकर वास्तविकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण ही हमारी सोच और कार्यों को दिशा देता है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।

उन्होंने युवाओं से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान करते हुए कहा कि मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति अक्सर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की ओर आकर्षित हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उनका साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को समय-समय पर अपनी कौशल क्षमता को उन्नत करने तथा निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे स्वयं को कभी भी किसी से कमतर न समझें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व तेजी से बदल रहा है और तकनीकी क्षेत्र में लगातार नए परिवर्तन सामने आ रहे हैं। ऐसे में युवाओं को इन परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को तैयार रखते हुए अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ उठाकर युवा अपने भविष्य को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए अधिक से अधिक मंच उपलब्ध करवाने का आह्वान किया, ताकि उनमें आत्मविश्वास का विकास हो सके।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नशा निवारण के क्षेत्र में द आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।

इससे पूर्व संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान कोमल, तानिया, वंदना, प्रतिभा, प्रीति तथा राहुल ने यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा नशा निवारण विषय पर एक लघु नाटक भी प्रस्तुत किया तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया।

इस मौके पर नशा मुक्ति की शपथ भी ग्रहण की।

कार्यक्रम में हिमुडा निदेशक मंडल के सदस्य जितेंद्र चंदेल, निर्वतमान जिला पार्षद गौरव शर्मा, प्रोमिला वासु, युवा कांग्रेस नेता आशीष ठाकुर सहित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रतिनिधि, आईटीआई के प्रशिक्षक, विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।