


हिमाचल: राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न प्राधिकरणों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ के दर्जे को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसमें बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन तथा प्रधान सलाहकार और राजनीतिक सलाहकार शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के तहत लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही इन पदों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ से संबंधित सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों के वेतन और मासिक भत्तों का 20 प्रतिशत हिस्सा 30 सितंबर, 2026 तक स्थगित रहेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि इस निर्णय को शीघ्रता से लागू किया जा सके और उनके अधीन सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

रिकांगपिओ: जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना हेतु तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा द्वारा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने अपने संबोधन में जनगणना की महत्ता एवं नीति निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इस बार जनगणना डिजिटल मोड में आयोजित की जा रही है, जो अपने आप में एक नवीन और चुनौतीपूर्ण पहल है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा दिए जा रहे प्रत्येक विषय को ध्यानपूर्वक समझें ताकि आगामी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके। यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय के श्री उत्कर्ष यादव, सहायक निदेशक, श्री प्रत्युश सिंह तथा श्री मनुज कुमार, सांख्यिकी अन्वेषक श्रेणी–II द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह रविंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त पूह, सहायक आयुक्त विपिन ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सिरमौर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान के मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिन-दहाड़े आरा मशीन लगाकर पेड़ों की कटाई की गई और उसके बाद भी प्रशासन लंबे समय तक कार्रवाई करने से बचता रहा, उससे स्पष्ट है कि इस पूरे मामले में सत्ता के संरक्षण की बू आ रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि 5 तारीख को दोपहर के समय आरा मशीन लगाकर चीड़ के पेड़ों का कटान किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने उसी दिन कोई कार्रवाई नहीं की। अगले दिन स्वयं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर यह स्वीकार किया कि उन्होंने पेड़ काटे हैं और यह भी कहा कि उनके पास 25 पेड़ों की अनुमति है और बाकी अनुमति प्रक्रिया में है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने तुरंत इस मुद्दे को उठाया और स्पष्ट किया कि दिन-दहाड़े इस प्रकार का अवैध कटान बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। इसके बाद देर रात 6 तारीख को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें लगभग 307 पेड़ों के कटान की बात कही गई और यह भी बताया गया कि अंधेरा होने के कारण पूरी गणना नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि आज तक भी गणना उसी संख्या पर अटकी हुई है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि संबंधित मंत्री ने बयान देकर इस मामले को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा के लोग इसमें शामिल हैं तो सरकार तुरंत उन्हें गिरफ्तार करे और कानून के अनुसार कार्रवाई करे। लेकिन सच्चाई यह है कि जो लोग खुलेआम मीडिया में आकर कटान की बात स्वीकार कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि 25 पेड़ों की अनुमति भी 25 फरवरी को समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों का कटान किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सामान्य लोगों को दो-तीन पेड़ों की अनुमति पाने में महीनों लग जाते हैं तो आखिर 25 पेड़ों की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका नहीं बनती?
डॉ. बिंदल ने कहा कि जिस स्थान पर यह कटान हुआ वह एसडीएम कार्यालय, पुलिस थाना और फॉरेस्ट रेंज कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना या समय पर कार्रवाई न करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे को उठाया, तभी आनन-फानन में दो छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। इस मामले में जिन अधिकारियों ने अनुमति दी और जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस मामले में सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार वन माफिया सक्रिय हो रहा है, उससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं सरकार की शह उन्हें मिल रही है।
डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जहां 10 वर्षों में लगभग ₹18,000 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) मिला था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को लगभग ₹89,000 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी अपने बकाया भुगतान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, जो कि सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले के साथ भी प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिरमौर और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भाजपा सड़कों पर उतरकर जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।

नाहन; जिला प्रशासन सिरमौर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से 18 मार्च 2026 को राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्मृति क्षीणता (डिमेंशिया स्क्रीनिंग) एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए जिला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी ने बताया कि यह शिविर आस्था डे-केयर सेन्टर, पक्का टैंक के नजदीक आयोजित किया जायेगा जिसमें 60 वर्ष व इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक भाग ले सकते है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच,स्मृति क्षीणता (डिमेंशिया स्क्रीनिंग) शिविर डा0 वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में आयोजन किया जायेगा।
इस शिविर में वरिष्ठ नागरिकों की स्मृति क्षीणता, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श तथा आवश्यक चिकित्सा मार्गदर्शन निशुल्क प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की स्मृति संबंधी समस्याओ की समय रहते पहचान कर उचित उपचार एवं मार्ग दर्शन उपलब्ध करवाना हैं जिससें उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सके।
जिला प्रशासन सिरमौर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी 60 वर्ष के अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा उनके परिजनों से अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में भाग लेने का आह्वान किया।

हिमाचल: प्रदेश में 19 – 20 मार्च को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार संभावना जताई जा रही है। 18 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर 22 मार्च तक प्रदेश में देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग ने 19 मार्च को कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू और कांगड़ा के ऊंचे क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की भी चेतावनी दी गई है।
21 और 22 मार्च को राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। 17 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि 16 और 18 मार्च को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 19 मार्च को कुल्लू, कांगड़ा व चंबा जिले में भारी बारिश-बर्फबारी, जबकि चंबा, शिमला व सोलन में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

कुल्लू: उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कल अचानक हुई भारी बर्फबारी के कारण अटल टनल के साउथ पोर्टल के समीप लगभग 1500 वाहन फंस गए थे।
उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन, पुलिस, तथा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीमों द्वारा तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। इस दौरान रात लगभग 4 बजे तक करीब 1100 से 1200 वाहनों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाल लिया गया।
इसके अतिरिक्त साउथ पोर्टल पर फंसे लगभग 300 वाहनों को भी बाद में सुरक्षित रूप से मनाली की ओर रवाना किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि आज सुबह से बचाव अभियान पुनः शुरू किया गया। साउथ पोर्टल पर कल फंसे रहे 300 वाहनों को आज सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाल दिया गया है। वहीं सुबह सिस्सू की ओर से आए लगभग 300 वाहनों को भी धीरे-धीरे सुरक्षित रूप से मनाली की ओर भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू तथा डीएसपी मनाली अपनी टीमों सहित मौजूद हैं। इसके अलावा बीआरओ के मेजर एम.एस. परमार अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात हैं और सभी फंसे वाहनों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर भेजने का कार्य किया जा रहा है। साउथ पोर्टल की सुरक्षा के लिए तैनात 20 जवान भी पिछले 24 घंटों से लगातार राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
उपायुक्त ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में बिना आवश्यक जानकारी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा न करें। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।

कुल्लू: अटल टनल के साउथ पोर्टल की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी और लगातार बर्फबारी के कारण प्रशासन ने नेहरू कुंड से साउथ पोर्टल तक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दंडाधिकारी कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 70 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (GREF) के अधिकारी कमांडिंग ने अपने कार्यालय पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि अटल टनल के साउथ पोर्टल (एप्रोच रोड–ARS) की ओर जाने वाली सड़क पर भारी बर्फबारी के कारण बर्फ का जमाव, आइसिंग तथा दृश्यता में कमी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में मनाली, सोलंग तथा अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गई है, जिससे आम जनता और पर्यटकों के जीवन तथा संपत्ति को खतरा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस विभाग, उपमंडल दंडाधिकारी मनाली तथा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद नेहरू कुंड से अटल टनल के साउथ पोर्टल और साउथ पोर्टल से नेहरू कुंड की ओर यातायात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने बताया कि बीआरओ द्वारा सड़क से बर्फ हटाने का कार्य जारी है। बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनरी की आवश्यकता होती है और इसके सुचारु संचालन के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी है। इसी के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 (e) के तहत यह आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उपमंडल दंडाधिकारी मनाली तथा उप पुलिस अधीक्षक मनाली इस मार्ग पर फंसे हुए वाहनों की निकासी को प्राथमिकता देंगे। वहीं पुलिस विभाग द्वारा नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे बैरियर स्थापित किए जाएंगे, ताकि वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं के वाहन—जैसे एम्बुलेंस, पुलिस, फायर टेंडर और बीआरओ—तथा स्थानीय निवासियों को केवल 4×4 वाहनों के माध्यम से ही आवागमन की अनुमति होगी। इस व्यवस्था की निगरानी उपमंडल दंडाधिकारी मनाली द्वारा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 4×4 वाहनों को नेहरू कुंड के ऊपर तथा सोलंग नाला से नीचे की ओर जाने की अनुमति देने से पहले थाना प्रभारी मनाली यह सुनिश्चित करेंगे
ट्रैफिक एडवाइजरी* – कुल्लू पुलिस 
मनाली के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी 
के कारण सड़कें *अत्यधिक फिसलन भरी और खतरनाक+
हो गई हैं। आम जनता व पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निम्न निर्देश जारी किए जाते हैं—
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
जनहित में जारी
*कुल्लू पुलिस*

बिलासपुर: उपायुक्त एवं राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल कुमार ने आज घुमारवीं में नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी से भेंट की। उन्होंने 17 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नगर व ग्राम नियोजन तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को आमंत्रित किया।
राजेश धर्माणी ने इस आमंत्रण के लिए उपायुक्त राहुल कुमार का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
इस मौके पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर का सुप्रसिद्ध नलवाड़ी मेला केवल एक उत्सव नहीं है बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामूहिक सामाजिक जीवन का जीवंत प्रतीक है, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, तहसीलदार बबीता धीमान भी मौजूद रहे।

