


सोलन: मैसर्ज़ बीटा ड्रग्स लि. बद्दी में ऑफिसर आर.एफ., जूनियर ऑफिसर, सीनियर ऑफिसर व अन्य के 07 पद तथा मैसर्ज़ माइक्रोटेक न्यू टेक्नोलॉजीज प्रा. लि. बद्दी में एग्जीक्यूटिव, वायर कट ऑपरेटर, क्वालिटी इंस्पेक्टर, ऑपरेटर व अप्रेंटिस के 35 पदों पर भर्ती के लिए 24 मार्च, 2026 को उप रोज़गार कार्यालय बद्दी में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
मैसर्ज़ एस.आई.एस. लि. आर.टी.ए. हमीरपुर में सिक्योरटी गार्ड व सिक्योरटी सुपरवाईजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 25 मार्च, 2026 को उप रोज़गार कार्यालय अर्की में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन जगदीश कुमार ने दी।
जगदीश कुमार ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आई.टी.आई., फिटर, बी.फार्मा, बी.टेक इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, एम.बी.ए. एच.आर, बी.एस.सी., एम.एस.सी., माइक्रोबायोलॉजी व आयु 19 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन पदों की विस्तृत जानकारी आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. में प्राप्त कर सकते हैं। सभी योग्य एवं इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडिडेट लॉगइन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रेजिस्ट्रेशन प्रोफाइल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन करने से पूर्व प्रत्येक आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
ज़िला रोज़गार अधिकारी ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता सम्बन्धी अनिवार्य प्रमाण पत्रों व दस्तावेज़ों सहित मॉडल कैरियर सेंटर, उप रोज़गार कार्यालय बद्दी नज़दीक गुरुद्वारा संडोली, ज़िला सोलन में 24 मार्च, 2026 तथा उप रोज़गार कार्यालय अर्की में 25 मार्च, 2026 को प्रातः 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैंपस इंटरव्यू में भाग लेने के लिए कोई भी यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नम्बर 98726-40412, 98169-28706 तथा 78328-91722 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

पहली बार हो रहे इस हैरतअंगेज शो के लिए किए जा रहे सभी प्रबंध : गंधर्वा राठौड़
विश्व की बेहतरीन एरोबेटिक टीमों में शामिल है वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम
हमीरपुर : भारतीय वायु सेना 25 और 26 मार्च को सुजानपुर टिहरा के मैदान के ऊपर एक अदभुत एयर शो करने जा रही है। हिमाचल प्रदेश में संभवतः पहली बार होने जा रहे वायु सेना के लड़ाकू विमानों के इस एयर शो की तैयारियों की समीक्षा के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने शुक्रवार को जिला एवं उपमंडल स्तर, वायु सेना और सैनिक स्कूल के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उपायुक्त ने बताया कि 25 और 26 मार्च को यह एयर शो सुबह लगभग 10ः45 बजे से 11ः30 बजे के बीच होगा, जिसमें वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के कुल नौ विमान सुजानपुर के मैदान के ठीक ऊपर आसमान में कई हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। ये विमान चंडीगढ़ और आदमपुर के एयर फोर्स स्टेशनों से उड़ान भरेंगे। एयर शो के मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों, स्कूलों एवं कालेजों के विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए मैदान में सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने जिला एवं उपमंडल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वायु सेना तथा सैनिक स्कूल के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने कहा कि एयर शो की कमेंटरी के लिए मैदान में एक विशेष कैबिन भी बनाया जा रहा है, जहां से वायु सेना के अधिकारी एक-एक पल और विमानों के करतबों की जानकारी दर्शकों को देंगे। सुजानपुर के स्थानीय निवासी इस रोमांच भरे एयर शो को अपने घरों से भी देख सकते हैं।
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि यह एयर शो सभी लोगों और विशेषकर, विद्यार्थियों के लिए एक अलग अनुभव होगा। इसलिए, इसमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी सुजानपुर और इसके आस-पास के सभी क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों को सूचित करें। कांगड़ा जिला के पालमपुर, धीरा और जयसिंहपुर तथा मंडी जिला के धर्मपुर उपमंडल के शिक्षण संस्थानों से भी संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं वायु सेना की वरिष्ठ अधिकारी ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ने बताया कि सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम एशिया की एकमात्र नौ विमानों वाली एरोबेटिक टीम है और विश्व की चुनिंदा उत्कृष्ट एरोबेटिक टीमों में गिनी जाती है। इस टीम ने भारत के विभिन्न शहरों के अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना की पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है।
बैठक में एसपी बलवीर सिंह, एडीसी अभिषेक गर्ग, वायु सेना की ओर से विंग कमांडर संग्राम लुईट, एसडीएम सुजानपुर विकास शुक्ला, एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

बहुत ही शानदार रहा है होटल प्रबंधन संस्थान का प्लेसमेंट रिकॉर्ड : अभिषेक गर्ग
इस वर्ष विभिन्न डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश के लिए आवेदन 25 मार्च तक
हमीरपुर : होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) हमीरपुर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए आयोजित कैंपस प्लेसमेंट इंटरव्यू में इस बार भी द ओबरॉय, ताज होटल, विवांता वाए ताज, रास होटल, गोल्कोंडा होटल, गोल्डन टयूलिप जालधंर, होटल पार्क एस्टीक पुणे, मैकडोनल्ड, बीकानेरवाला और त्रिनेत्रा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रसिद्ध कंपनियां आई हैं।
इन कंपनियों ने मैनेजमैंट ट्रेनिंग, सुपरवाइजरी लेवल, एंट्री लेवल, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग, फूड एंड बेवरेज सर्विस और प्रोडक्शन एंड बेक्वेट सेल्स के लिए विद्यार्थियों के इंटरव्यू लिए और 2 लाख से 5 लाख तक वार्षिक वेतन पैकेज प्रस्ताव दिए। विद्यार्थियों ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया। संस्थान के 92 छात्रों में से 82 छात्रों ने कैंपस प्लेसमेंट में भाग लिया जिनमें से सभी 82 छात्रों को प्लेसमेंट ऑफर प्रदान किए जा चुके हैं।
एडीसी हमीरपुर एवं आईएचएम के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग ने बताया कि द ओबराय ग्रुप में 6 छात्रों प्रियांशु शर्मा, आकाश शर्मा, अंकित ठाकुर, अखिल चौहान, सागर वीका और हरीश ठाकुर का चयन किया गया। विवांता वाए ताज में नवनीत शर्मा और प्रियांशु शर्मा का चयन किया गया। मैकडॉनल्ड्स नार्थ एंड ईस्ट इंडिया में 30 छात्रों का चयन हुआ है। बीकानेरवाला में 11, त्रिनेत्रा वेंचर में 24, पार्क एस्टिक में 11 और आरके कंपनी में 18 छात्र चयनित हुए हैं।
अभिषेक गर्ग ने बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान इस संस्थान ने अपने छात्रों को देश-विदेश में प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मुहैया करवाया है। यह संस्थान के छात्रों के साथ-साथ संस्थान के शिक्षकों व अन्य स्टाफ की ही मेहनत का नतीजा है।
यह संस्थान 3 वर्षीय बीएससी डिग्री पाठ्यक्रम चला रहा है, जिसमें प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्टेªशिन की डिग्री नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एनसीएचएमसीटी) नोएडा और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त़ रुप से दी जाती है। आईएचएम हमीरपुर में फूड प्रोडक्शन एंड पेटीसरी (सीसीसीएफपीपी) में डिप्लोमा और डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस (डीएफबीएस) और क्राफ्ट्समैनशिप कोर्स भी करवाए जाते हैं।
इस वर्ष आईएचएम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च है। अधिक जानकारी संस्थान की वेबसाइट आईएचएमहमीरपुर.इन पर उपलब्ध है। संस्थान के हैल्पडैस्क नंबरांे 98174-93382 और 94186-22786 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

हमीरपुर: गणित के शिक्षकोें की भर्ती पोस्ट कोड-26003 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) 26 मार्च को परीक्षा लेगा।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा के आवेदकों के ई-एडमिट कार्ड आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर अपलोड कर दिए गए हैं। उन्होंने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे एडमिट कार्ड के साथ अपलोड किए गए सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह से समझ लें और निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्रों में पहुंच जाएं। सचिव ने बताया कि परीक्षा आरंभ होने से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्रों में प्रवेश शुरू कर दिया जाएगा और परीक्षा आरंभ होने के समय से आधा घंटे पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एडमिट कार्ड की डाउनलोडिंग या अन्य किसी भी तरह की समस्या के निवारण के लिए आयोग के हैल्पडेस्क नंबर 99866-38751 पर सुबह 10 से सायं 6 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के डेपुटेशन के लिए 22 मार्च को आयोजित की जाने वाली परीक्षा के लिए जिला हमीरपुर में भी पांच केंद्र बनाए गए हैं।
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक डॉ. मोही राम चौहान ने बताया कि इस परीक्षा के लिए डिग्री कालेज कंजयाण, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोरंज, डिग्री कालेज हमीरपुर, बहुतकनीकी कालेज बड़ू और डिग्री कालेज सुजानपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी परीक्षा केंद्रों के लिए अलग-अलग पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां भी की गई हैं। यह परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जाएगी।

रिकांगपिओ: उपायुक्त किन्नौर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) डॉ अमित कुमार शर्मा ने आज यहां बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला किन्नौर में निर्वाचक नामावलियों का विशेष पुनरीक्षण प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला के पूह,कल्पा एवं निचार विकास खंड के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।
डॉ अमित कुमार शर्मा ने बताया कि दावे/आपत्तियों दर्ज करने की अंतिम तिथि 28 मार्च निर्धारित की गई है और दावे/ आपत्तियां का निपटान 2 अप्रैल तक कर दिया जाएगा। अपीलों का अंतिम निपटान 17 अप्रैल 2026 तक कर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने बताया कि निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 20 अप्रैल 2026 तक कर दिया जाएगा।
उन्होंने समस्त पात्र मतदाताओं से आह्वान किया कि वे मतदाता सूची में अपने नाम की जांच अवश्य करें तथा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मतदान करके अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को उस समय गरमा गया जब शून्य काल के दौरान नशे के बढ़ते चलन और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
बाद में विधानसभा में अपने कक्ष में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशा माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
जयराम ठाकुर ने मीडिया से कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत चिंता और शर्म का विषय है कि जो जवान नशे को रोकने के लिए तैनात किए गए थे, वही इस काले कारोबार में शामिल पाए जा रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि नशा तस्करों को पकड़ने के लिए गठित ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ के चार जवान एलएसडी जैसे घातक नशे की तस्करी करते हुए पकड़े गए हैं।
उन्होंने कहा, “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो प्रदेश की युवा पीढ़ी को कौन बचाएगा?
जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जब मैं सदन के भीतर इस गंभीर और संवेदनशील विषय को उठा रहा था, तो मुख्यमंत्री और पुलिस के आला अधिकारी हंस रहे थे। यह संवेदनहीनता दर्शाती है कि सरकार नशे जैसी गंभीर समस्या को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े तीन साल के इस कार्यकाल में हिमाचल में नशा ग्रामीण क्षेत्रों तक जड़ें जमा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल बड़े आयोजनों और फोटो खिंचवाने तक सीमित है।
जयराम ठाकुर ने कहा, “सरकार नशे के खिलाफ अभियान के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट कर रही है। स्कूली बच्चों को आठ-आठ घंटे धूप में खड़ा कर नाच-गाना करवाया जा रहा है। क्या नाच-गाने से नशा रुकेगा? सड़कों और चौराहों पर नौजवान नशे की ओवरडोज से दम तोड़ रहे हैं और सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय बॉर्डर एरिया पर सख्त घेराबंदी की गई थी, जिससे तस्कर कारोबार छोड़ने पर मजबूर हो गए थे।
विधायकों की जासूसी और फोन टैपिंग का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने एक और बड़ा धमाका करते हुए सरकार पर जासूसी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग नशे के सौदागरों को पकड़ने के बजाय विपक्ष के विधायकों की लोकेशन ट्रैक करने और उनके फोन टैप करने में लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया, “पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए विधायकों की पल-पल की जानकारी ‘मुखिया’ को भेज रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी यही खेल खेला गया। फोन टैपिंग के लिए गृह विभाग की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से जासूसी कर रहे हैं।”
आर्थिक और सामाजिक तबाही का दौर
जयराम ठाकुर ने अंत में कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ प्रदेश को आर्थिक रूप से दिवालियापन की ओर धकेला जा रहा है, तो दूसरी तरफ नशे के माध्यम से प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति, यानी युवा पीढ़ी को तबाह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा माफिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगाम नहीं लगाई, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

हिमाचल : पूर्व केंद्रीय मंत्री हमीरपुर लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को प्रभावित करने वाले कई अहम रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में राज्य सरकार के सहयोग न करने की वजह से हो रही लंबी देरी पर गंभीर चिंता जताई। लोकसभा में अपने लिखित जवाब में, रेल मंत्रालय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से समय पर सहयोग न करना और तय वादों को पूरा न करना प्रोजेक्ट के काम में रुकावट और तय समयसीमा को पर कार्य पूरा ना होने की वजह है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ हिमाचल में रेलवे सेवाओं के विस्तार व नई रेल परियोजनाओं को लाने के लिए मैं सदा प्रयासरत रहा हूँ। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की उदासीनता के चलते सामरिक महत्व की कई रेल परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त पड़ी हुई है। हिमाचल में रेलवे को लेकर संसद में मेरे द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्रालय का कहना है कि भानुपली-बिलासपुर-बेरी नई लाइन – जिसे कॉस्ट-शेयरिंग के आधार पर मंज़ूरी दी गई थी, पर अब तक ₹5,252 करोड़ का खर्च हो चुका है, जबकि राज्य का ₹1,843 करोड़ का बकाया हिस्सा अभी भी बकाया है, जिससे बाकी का काम रुका हुआ है। मंत्रालय ने यह भी बताया है कि राज्य में प्रोजेक्ट्स के लिए ज़रूरी 124.02 हेक्टेयर में से अब तक सिर्फ़ 82 हेक्टेयर जमीन ही मिली है , जिसका मतलब है कि कंस्ट्रक्शन सिर्फ़ उसी ज़मीन पर हो सकता है जो पहले ही दी जा चुकी है। इसके अलावा, कुल 214 किमी(मंज़ूर लागत ₹17,622 करोड़) के तीन मंज़ूर नए लाइन प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, जिनमें से 64 किमी चालू हो चुके हैं और उनपर अब तक ₹8,280 करोड़ खर्च हो चुके हैं। सामरिक रूप से महत्वूर्ण प्रस्तावित बिलासपुर-मनाली-लेह स्ट्रेटेजिक लाइन, जिसके लिए सर्वे और DPR का काम पूरा हो चुका है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,31,000 करोड़ है और इसे मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफ़ेंस ने स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण माना है”
अनुराग सिंह ने कहा “ माननीय रेल मंत्री ने अपने जवाब में इस बात पर ज़ोर दिया है कि केंद्र के पास इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का इरादा और फंडिंग है, लेकिन ज़मीन देने, तय फंड जारी करने और कानूनी मंज़ूरी में समय पर राज्य का अपेक्षित सहयोग मिलना आवश्यक है जोकि नहीं मिल पा रहा है। मंत्रालय के लिखित जवाब से यह साफ़ है कि राज्य के कमिटमेंट में लगातार कमी, जिसमें राज्य का योगदान न देना, ज़मीन अधिग्रहण में देरी और कानूनी/मंज़ूरी के मुद्दे जिनका समाधान नहीं हुआ है, प्रोजेक्ट की टाइमलाइन में बड़ी रुकावट डाल रहे हैं और लागत बढ़ने का खतरा बढ़ा रहे हैं। साथ ही, मंत्रालय ने दोहराया कि भारत सरकार प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और उन्हें सपोर्ट करने के लिए तैयार है, बशर्ते राज्य से ज़रूरी सहयोग और योगदान मिले”
अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्य का बकाया हिस्सा तुरंत जारी करने और बाकी ज़मीन के टुकड़े जल्दी सौंपने के साथ-साथ कानूनी मंज़ूरी के लिए एक तेज़ प्रोग्राम शुरू करने की अपील की है। उन्होंने केंद्र, राज्य और रेलवे के प्रतिनिधियों का एक जॉइंट मॉनिटरिंग सेल बनाने की मांग की है, जो ज़रूरी पड़ाव हासिल होने और प्रोजेक्ट की रफ़्तार वापस आने तक हर दो हफ़्ते में मिलेंगे।
अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के विकास और भलाई पर सीधे असर डालने वाले मुद्दों को उठाने का अपना वादा दोहराया और राज्य सरकार से कहा कि वह आगे की देरी से बचने के लिए पेंडिंग मामलों को तुरंत सुलझाए।

