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निजी कोविड टीकाकरण केंद्र करेंगे राज्य में टीकाकरण अभियान आरम्भ

सिरमौर में एचपीवी वैक्सीन अभियान 29 मार्च से 24 मई तक – CMO

नाहन: जिला सिरमौर में सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 29 मार्च, 05 अप्रैल, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल, 10 मई तथा 24 मई, 2026 को जिला के छः चिकित्सा खंडो में चयनित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 14-15 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को टीका लगाया जाएगा।

यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 19 कोल्ड चेन स्थल निर्धारित किए गए हैं, जिसमें चिकित्सा खंड धगेड़ा में एमसीएच सेंटर मेडिकल काॅलेज नाहन तथा सिविल अस्पताल ददाहू, खंड संगडाह में सीएचसी संगडाह, सीएचसी हरिपुरधार, सीएचसी नोहराधार, पीएचसी काटिधीमान (सीएच ददाहू में) खंड राजपुर में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, सीएचसी राजपुर, पीएचसी सतौन, पीएचसी कुंड़ियां, पीएचसी कमरऊ, पीएचसी गोरखुवाला, पीएचसी जाखना तथा पीएचसी रामपुर भारापुर, और खंड शिलाई में सिविल अस्पताल शिलाई, खंड राजगढ़ में सिविल अस्पताल राजगढ़ तथा चिकित्सा खंड पच्छाद में सिविल अस्पताल सराहां व पीएचसी नारग में एचपीवी वैक्सीन लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण यूह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है, जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का मुख्य कारण है। यह खुराक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि यह महिलाओं में मृत्यु दर को कम करने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करने में भी सहायक है। एचपीवी टीका अब अस्पतालों में निशुल्क लगाया जाएगा।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14-15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रो पर अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में होने वाले गंभीर रोगों से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि एक लडकी एचपीवी टीकाकरण के लिए तभी पात्र है यदि उसने टीकाकरण के दिन तक 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो। उन्होंने अभिभावकों को टीकाकरण से पहले स्कूल रिकार्ड, आधार कार्ड या किसी भी आधिकारिक दस्तावेज के माध्यम से जन्म तिथि सत्यापित करने की सलाह दी है।

कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित

देहरा: हिमाचल प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत निदेशालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विशेष रूप से सक्षम वर्गों के सशक्तिकरण द्वारा प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत जिला कांगड़ा के देहरा एवं रक्कड़ क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

तहसील कल्याण अधिकारी देहरा विपुल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जाएगा, जिसके लिए किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग सहायक कोर्स (अवधि 3 माह) के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए अभ्यर्थी का अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित , हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी तथा आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का चयन बारहवीं एवं स्नातक में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र 31 मार्च 2026 से पहले जिला अथवा तहसील कल्याण कार्यालय में जमा कर सकते हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रैल 2026 से आरंभ किया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।

हिमाचल: इस माह घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

डीसी जतिन लाल ने की एलपीजी व व्यावसायिक गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा

सिलेंडरों की उपलब्धता एवं सुचारू आपूर्ति को लेकर दिए जरूरी निर्देश

ऊना: घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग में हाल ही में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने संबंधित विभागों, ऑयल कंपनियों एवं गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य है तथा पूर्व की भांति गैस का लोड नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस बुकिंग को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाएं।

गैस एजेंसियों को स्टॉक व आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

उपायुक्त ने जिले की सभी गैस एजेंसियों को अपने-अपने स्टॉक (14.2 किलोग्राम, 20 किलोग्राम तथा 19 किलोग्राम) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गैस लोड के सुचारू फंड फ्लो और परिवहन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऑयल कंपनियों को समय-समय पर मांग का इंडेंट भेजने तथा उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग, जमाखोरी और मुनाफाखोरी से बचने, निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति करने तथा व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। साथ ही एजेंसियों को ऑनलाइन स्टॉक और रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा गया है।

अफवाहों से बचें, घर बैठे करें गैस बुकिंग

उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि जिले में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है, इसलिए अफवाहें न फैलाएं और अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। गैस सिलेंडर की बुकिंग एजेंसी के दूरभाष, मोबाइल नंबर या आधिकारिक ऐप के माध्यम से घर बैठे की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 13,500 घरों को पाइपलाइन गैस से जोड़ा गया है, जिनमें से करीब 6,600 घरों में गैस आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। अन्य उपभोक्ताओं के घरों तक पाइपलाइन बिछने के बावजूद कई स्थानों पर अभी कनेक्शन सक्रिय नहीं किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पाइपलाइन गैस कनेक्शन जारी करवाएं, ताकि बिना किसी परेशानी के गैस आपूर्ति मिल सके।

होटल, ढाबा व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी अपनाने की सलाह

जतिन लाल ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों, जो एजेंसियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मांग के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिले के 63 प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन गैस उपलब्ध है और वे बिना किसी समस्या के अपना कार्य संचालित कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों से पीएनजी के तहत गैस का व्यावसायिक कनेक्शन लेने की अपील की गई है, ताकि गैस आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके।

उपायुक्त ने बताया कि पीएनजी के घरेलू या व्यावसायिक कनेक्शन संबंधी जानकारी के लिए भारत पेट्रोलियम कंपनी के कार्यालय, रक्कड़ कॉलोनी ऊना या उनके दूरभाष नंबर 94177-50485 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऊना के दूरभाष नंबर 01975-226016 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

ओवरचार्जिंग व जमाखोरी पर नियमित निगरानी के निर्देशजिलादंडाधिकारी ऊना ने खाद्य आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग, जमाखोरी या मुनाफाखोरी पाए जाने पर विभागीय नियमों के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जाए।

ज़िला के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में लगाई जाएगी सर्वाइकल कैंसर बचाव वैक्सीन – डॉ. संजीव वर्मा

ऊना : स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग द्वारा ज़िला ऊना में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह के कैंसर) से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत 29 मार्च, 5 अप्रैल व 12 अप्रैल रविवार के दिन जिला के 27 डेडिकेटेड स्वास्थ्य संस्थानों में एचपीवी टीकाकरण किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ संजीव कुमार वर्मा ने आज(शुक्रवार) को क्षेत्रीय अस्पताल में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दी।

डॉ संजीव वर्मा ने बताया कि जिला ऊना में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 4500 बच्चियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी, जोकि पूर्णतः नि:शुल्क है। इसमें अब तक वैक्सीनेशन के लिए एक हज़ार बच्चियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण के लिए मौके पर भी बच्चियों का वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण किया जाएगा।
डॉ वर्मा ने बताया कि इस वैक्सीन की एक खुराक लम्बे समय तक इम्युनिटी प्रदान करने के लिए सक्षम है। यह टीका कैंसर पैदा करने वाले वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है तथा पूर्णतया प्रभावशाली और सुरक्षित है। यह वैक्सीन पहले से ही 159 देशों में दी जा रही है तथा अब यह भारत में शुरू की जा रही है I यह वैक्सीन सीडीएससीओ व एनटीएजीआई द्वारा सलाह पर और डीजीसीआई द्वारा प्रमाणित है। ये वैक्सीन विकसित देशों में पहले से ही लगाई जा रही है जिनमें कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व यूके जैसे देश भी शामिल हैं I
डॉ राम पाल शर्मा खंड चिकित्सा अधिकारी बसदेहडा और उनकी धर्मपत्नी डॉ अनुपम शर्मा ने बताया की उन्होंने भी अपनी बेटी कुमारी प्रणवी शर्मा को प्राइवेट क्षेत्र में लगवाई है जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है I
साथ ही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव कुमार वर्मा ने यह भी जानकारी साँझा की कि जिला ऊना के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी अपनी बेटियों को यह वैक्सीन लगवा चुके है तथा पूर्णतया इस वैक्सीन से संतुष्ट हैं I
उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि इस टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की भ्रांतियों में न आएं और बच्चियों का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आएं। उन्होंने कहा कि इससे बांझपन या किसी भी तरह के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव नहीं होते है, बल्कि एचपीवी वायरस के संक्रमण से प्रजनन क्षमता में कमी व गर्भधारण में बाधा आ सकती है। यह टीका कैंसर के कारण होने वाले प्रजनन अंगों के नुकसान को रोककर प्रजनन क्षमता की रक्षा करने में सहायक है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ रिचा कालिया, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विकास चौहान, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रियंका, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अंकित चौधरी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ राम पाल शर्मा, डॉ अनुपम शर्मा व उनकी सपुत्री कुमारी प्रणवी शर्मा, जन शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्ण, दीपक चब्बा उपस्थित रहे I

माफिया राज, बढ़ते अपराध और पुलिस के दुरुपयोग से प्रदेश असुरक्षित—सरकार पूरी तरह विफल : रणधीर शर्मा

शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं श्री नैना देवी जी से विधायक रणधीर शर्माने विधानसभा में पुलिस एवं संबंधित संगठनों की मांग संख्या 7 पर चर्चा के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद ही नियमित रूप से नहीं भरा जा रहा हो और कार्यवाहक नियुक्तियों के माध्यम से विभाग चलाया जा रहा हो, वहां कानून व्यवस्था की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी “प्रयोग” किए जा रहे हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में हत्या के 270, बलात्कार के 1096, चोरी के 332, डकैती के 9 और अपहरण के 1540 मामले दर्ज हुए हैं, जो कुल मिलाकर 5947 गंभीर अपराधों को दर्शाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “गन कल्चर” का विकास वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ है, जिसे खुद सरकार के वरिष्ठ नेता भी स्वीकार कर चुके हैं। बिलासपुर, ऊना, नालागढ़, मंडी और ज्वाली जैसे क्षेत्रों में गोलीकांड की घटनाएं इसका प्रमाण हैं।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश में माफिया राज पूरी तरह हावी हो चुका है—चाहे वह वन माफिया हो, खनन माफिया हो या शराब माफिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में माफिया तत्वों को सरकार के संरक्षण के कारण खुली छूट मिली हुई है, जिसके चलते अवैध गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है, जबकि वास्तविक अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में पुलिस की प्राथमिकताएं बदल गई हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय अन्य कार्यों में उसे उलझाया जा रहा है।
रणधीर शर्मा ने नशा मुक्ति अभियान को भी केवल “दिखावा” करार देते हुए कहा कि तीन वर्षों में सरकार एक भी प्रभावी नशा मुक्ति केंद्र स्थापित नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहन देने के बजाय उनका तबादला कर दिया जाता है, जिससे सिस्टम में निराशा का माहौल है।
उन्होंने साइबर अपराधों में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि 2023 में जहां 877 मामले सामने आए, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 18,706 हो गई, जो गंभीर खतरे का संकेत है।
रणधीर शर्मा ने सरकार से मांग की कि-

पुलिस विभाग में नियमित और सक्षम डीजीपी की नियुक्ति की जाए

माफिया राज पर सख्त कार्रवाई हो

पुलिस के राजनीतिक दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए

नशा मुक्ति के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं

पुलिस कर्मचारियों के कार्य परिस्थितियों, वेतन और सुविधाओं में सुधार किया जाए

अंत में उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था किसी भी सरकार की सबसे बड़ी कसौटी होती है, और इस कसौटी पर वर्तमान कांग्रेस सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है।

राज्यपाल ने ‘शिक्षा महाकुंभ 2026’ ब्रोशर का किया विमोचन; एनआईटी हमीरपुर में 9 से 10 अक्तूबर को शिक्षा महाकुंभ का आयोजन

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में विद्या भारती प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के समग्र शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित ‘शिक्षा महाकुंभ 2026’ ब्रोशर का विमोचन किया।
शिक्षा महाकुंभ के छठे संस्करण 2026 का आयोजन 9 और 10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में किया जाएगा। एनआईटी हमीरपुर और समग्र शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा को नई दिशा देने में, शिक्षा महाकुंभ जैसे आयोजन महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्या भारती के समग्र शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन भारतीय मूल्यों के अनुरूप उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल शिक्षा से डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि इसे व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण और समग्र विकास की आधारशिला बनाना है।
श्री गुप्ता ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपराओं को आधुनिक संदर्भों में एकीकृत करना शिक्षा महाकुंभ की मूल विचारधारा है। इस आयोजन के पांच सफल संस्करण देश के विभिन्न राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में आयोजित किए जा चुके हैं, जिन्होंने भारत के शैक्षणिक पुनरुत्थान की नींव को मजबूत किया है।
इस वर्ष के सम्मेलन की विषय ‘शिक्षा, प्रकृति और प्रगति-विकास और प्रकृति के साथ सामंजस्य के लिए शिक्षा’, पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि मानवता का अस्तित्व और विकास प्रकृति के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने पर निर्भर करता है। उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया जो केवल रोजगार उन्मुख न हो बल्कि संतुलन, संवेदनशीलता और सतत् विकास को भी बढ़ावा दे।
इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा महाकुंभ 6.0 राष्ट्रीय मूल्यों और वैश्विक आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने वाला मार्गदर्शक मंच बनेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन केवल विचारों का संगम ही नहीं, बल्कि शिक्षा को भारत की आत्मा से जोड़ने वाला एक परिवर्तनकारी प्रयास भी सिद्ध होगा। उन्होंने सभी हितधारकों से शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं, बल्कि जीवन के उत्सव के रूप में देखने का आह्वान किया, जो प्रकृति, समाज और राष्ट्र के साथ सामंजस्य में आगे बढ़े।

इससे पहले, विद्या भारती के संगठन सचिव विजय कुमार नड्डा और एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. मुरलीधर सूर्यवंशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षा महाकुंभ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शमशेर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुदेश ठाकुर ने इस पहल के बारे में जानकारी दी।
डॉ. जितेंद्र गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति भी उपस्थित रहे।

खाली एवं अनुपयोगी सरकारी भवनों की जानकारी तुरंत भेजें; अन्य विभागों को आवंटित करके इन भवनों का किया जाएगा सदुपयोग – गंधर्वा राठौड़

हमीरपुर : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों एवं उपक्रमों के खाली पड़े एवं अनुपयोगी भवनों की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करें, ताकि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार इन भवनों का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

जिले में खाली एवं अनुपयोगी सरकारी भवनों और परिसंपत्तियों की ताजा स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को हमीर भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इन भवनों एवं परिसंपत्तियों के सदुपयोग के प्रति प्रदेश सरकार बहुत गंभीर है और इसके लिए मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन भी किया गया है। इस उप-समिति ने सभी जिलों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों से रिपोर्ट तलब की है। इसलिए, सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें और तुरंत रिपोर्ट प्रेषित करें।

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे हाल ही में बंद या मर्ज किए गए स्कूलों के भवनों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम हमीरपुर या अन्य शहरी निकायों में शामिल की गई ग्राम पंचायतों के कार्यालय भवनों, अन्य सामुदायिक भवनों एवं परिसंपत्तियों की रिपोर्ट भी भेजें। इन भवनों और परिसंपत्तियों को अन्य विभागों को सौंपकर इनका सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग ने विभिन्न विभागों से प्राप्त रिपोर्टों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, नगर निगम हमीरपुर के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को डेढ़ लाख रुपये तक कैशलैस इलाज की सुविधा

डीसी गंधर्वा राठौड़ ने डाटा अपलोडिंग के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के दिए निर्देश

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर की गई चर्चा

हमीरपुर :  उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक कैशलैस इलाज की सुविधा आरंभ की गई है। इस सुविधा का लाभ पीड़ितों तक पहुंचाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कालेज अस्पताल के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सड़क दुर्घटना के बाद सरकारी या आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक घायल के डाटा की तुरंत ऑनलाइन अपलोडिंग सुनिश्चित करें। डाटा अपलोडिंग के प्रभारी कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करें, ताकि पीड़ितों की तुरंत मदद की जा सके। शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने ये निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद 24 घंटे के भीतर अस्पताल में दाखिल होने पर यह सुविधा मिलेगी और घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिन तक कैशलैस इलाज किया जा सकता है। कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल घायल को दाखिल करने से मना नहीं कर सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि पक्का भरो चौक से कोहली तक मुख्य सड़क की मरम्मत के लिए 8.5 करोड़ रुपये और पक्का भरो से नादौन की ओर चील बाहल तक की सड़क के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा कि इस सड़क की मरम्मत के साथ-साथ सभी बस स्टॉप्स पर बसों को रोकने के लिए अलग से बॉक्स मार्क करें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

बैठक में सड़क सुरक्षा के विभिन्न उपायों पर व्यापक चर्चा की गई। इनमें सभी प्रमुख स्थानों पर सड़क सुरक्षा, स्पीड लिमिट, नो पार्किंग और डायवर्जन इत्यादि के साइन बोर्ड लगाने, आधुनिक तकनीक के स्पीड ब्रेकर लगाने, व्यस्त सड़कों पर पीक टाइम के दौरान ट्रैफिक को वन-वे करने और कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। जिला रोड सेफ्टी प्लान और शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुकता अभियान को लेकर भी चर्चा की गई। इसके बाद उपायुक्त ने स्कूली वाहनों में बच्चों की सेफ्टी के लिए सभी आवश्यक प्रबंधों को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए।

इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, एसडीएम संजीत सिंह और शशिपाल शर्मा, आरटीओ अंकुश शर्मा, सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी, समिति के सचिव एवं पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दीपक कपिल और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

CM सुक्खू बोले- हमने हिम केयर योजना की आंतरिक जांच करवाई, लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू  ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हमने हिम केयर योजना की आंतरिक जांच करवाई, जिसमें लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। इस राशि के और भी बढ़ने की संभावना है। हमारा उद्देश्य है कि जनता का धन सीधे आमजन के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा में खर्च हो। अभी तक टांडा और IGMC में घोटाले का पता चला है। निजी अस्पतालों और अन्य एजेंसियों में जांच अभी प्रारंभ नहीं हुई है। हमने इस योजना पर विजिलेंस जांच बिठा दी है।

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछली भाजपा सरकार में इलाज के नाम पर जनता के साथ विश्वासघात हुआ। प्रदेश में कहीं भी भ्रष्टाचार पाए जाने पर हमारी सरकार किसी भी बड़े नेता के खिलाफ जांच में पीछे नहीं हटेगी।

उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना में जैसे ही हमने विजिलेंस जांच के आदेश दिए, विपक्ष के लोगों में बेचैनी दिखाई देने लगी है। इस योजना में करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है, जबकि लगभग 1100 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक लंबित है।

प्रदेश में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिम केयर के अतिरिक्त यदि किसी अन्य मामले में भी घोटाला सामने आता है, तो उसकी हम निष्पक्ष जांच करवाएंगे। जांच में दोषी व्यक्तियों को कानून के तहत सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नई परंपरा की शुरुआत हो रही है। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष हाथ उठाकर सवालों के जरिए सनसनी फैलाने की कोशिश करते हैं, जिससे सदन का माहौल प्रभावित होता है।

मेरा मानना है कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद ‘पॉइंट ऑफ़ ऑर्डर’ उठाया जा सकता है, यह पहले से स्थापित प्रक्रिया है। इससे अन्य सदस्यों के महत्वपूर्ण सवाल भी बाधित नहीं होंगे।

हम चाहते हैं कि जनता से जुड़े विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा हो। जयराम जी द्वारा उठाए गए हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए तत्पर हैं, लेकिन केवल सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

हम विपक्ष से अपेक्षा करते हैं कि वे जिम्मेदारी के साथ चर्चा में भाग लें।

जयराम ठाकुर बोले- हिम केयर के नाम पर अफवाह फैलाने के लिए सदन ही नहीं पूरे प्रदेश से माफ़ी मांगे मुख्यमंत्री

शिमला : सदन में मुख्यमंत्री द्वारा हिम केयर को लेकर दिए गए बयान के बाद भाजपा विधायक दल ने सदन में जमकर विरोध किया। मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने झूठ बोलने की सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। जब पकड़े जाते हैं तो वह माफी मांग लेते हैं। आज भी सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हिम केयर के में घोटाले की बात गलत बोली और उनके बयान सदन से हटाए जाएँ। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि अपने झूठ पकड़े जाने के बाद मुख्यमंत्री सदन में कहें कि हमारा बयान हटाया जाए, हमने ग़लत बोला। मुख्यमंत्री को सदन में ही नहीं प्रदेश के लोगों से भी इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। जिस पवित्र भावना के साथ हमने हिम केयर की शुरुआत की थी और लाखों की संख्या में लोगों को नि:शुल्क इलाज इससे मिला था। वह बहुत सुकून देने वाली बात थी। उन्होंने कहा कि हिम केयर की योजना को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश भर के मुख्यमंत्रियों के सामने इसकी प्रसेंटेशन करवाई थी और इस तरह के मॉडल को आगे बढ़ाने की दशा में कार्य करने का निर्देश दिया था। इतनी कारगर योजना की राजनीतिक विद्वेष की भावना के साथ बदनाम करने के लिए प्रदेश के लोग सीएम को कभी माफ नहीं करेंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में कोरोना के बाद भी 3.98 लाख लोगों का इलाज हुआ जिस पर 442 करोड़ रुपए खर्च हुए। आयुष्मान के लाखों लोगों का अलग से भी इलाज हुआ। ऐसे में हैरानी की बात यह है कि जिस योजना पर भुगतान ही हमारी सरकार में 442 करोड़ रुपए हुआ, उसमें 1100 करोड़ रुपए का घोटाला कैसे हुआ। मुख्यमंत्री क्या कहते हैं, क्या करते हैं। यह उन्हें भी नहीं पता चलता है। अपने पद की गरिमा का भी उन्हें ध्यान नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार में जितने मरीजों का इलाज हिम केयर के तहत हुआ उसका औसत खर्च 14 हज़ार रुपए है, जबकि हमारी सरकार के समय में प्रति मरीज इलाज का औसत खर्च 11 हज़ार रुपए है। अर्थात पूर्व सरकार के मुक़ाबले व्यवस्था परिवर्तन की सरकार में यह सवा गुना अधिक है। यह खर्च क्यों बढ़ रहा है? क्योंकि मुख्यमंत्री ने दवाइयों की सप्लाई का ठेका अपने दो खास लोगों को दे रखा है। वह सरकारी कांट्रैक्ट रेट के बजाय सिविल सप्लाई के ज़रिए प्रदेश को सैकड़ों करोड़ की चपत लग रही है। यह चपत इन्हीं लोगों की जेब में जा रही है।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन का गठन किए दो साल से ज़्यादा का समय हो गया लेकिन उस कारपोरेशन के ज़रिए स्टेट कांट्रैक्ट रेट पर  ख़रीदारी क्यों नहीं की गई?  इससे किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 26 फरवरी 2026 को वित्त सचिव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह अनुमान लगाया गया कि इस वर्ष में हिम केयर की वजह से 150 से 200 करोड़ का खर्च होगा। जबकि पहले से ही इस सरकार द्वारा हर वर्ष 334 करोड़ कैसे खर्च हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने विधान सभा के अध्यक्ष के सामने सदन में यह मांग रखी है कि हिम केयर के मामले में पूरे मामले की जांच विजिलेंस की बजाय सरकार उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश से करवाएं और सारे आंकड़े प्रदेश के सामने रखें। हिम केयर के शुरू होने से आज तक के मामले की जांच की जाए। सिर्फ एक सरकार के कार्यकाल की जाँच करवा कर वह हिम केयर के ख़िलाफ़ को नैरेटिव चलाना चाहते हैं, वह कामयाब नहीं होगी।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब जिस राज पर चल पड़े हैं वह राह बहुत दूर नहीं जाती है।

पेट्रोलियम पदार्थों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाना स्वागत योग्य कदम, सुक्खू जी भी करें विचार
मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी अस्थिर परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने का निर्णय सराहनीय और दूरदर्शी है। डीजल और पेट्रोल में दस की कमी से आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी। इसके विपरीत हिमाचल सरकार द्वारा डीजल पर सेस लगाकर कीमतें बढ़ाने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी कदम है। यह निर्णय सीधे तौर पर किसानों, परिवहन क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालता है। प्रदेश सरकार को तुरंत यह फैसला वापस लेकर जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए।