


देहरा: क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अक्षय कुमार ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि प्रोडक्शन ऑपरेटर के कुल 60 पदों को भरने के लिए साक्षात्कार आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि फुजियामा सोलर लिमिटेड, परवाणू द्वारा प्रोडक्शन ऑपरेटर (केवल पुरुष) के 30 पद तथा एम0 टी0 ऑटो क्राफ्ट लिमिटेड, परवाणू द्वारा 30 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं, बारहवीं अथवा आईटीआई (फिटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएमवी) निर्धारित की गई है, जबकि आयु सीमा 18 वर्ष से अधिक रखी गई है।
उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को 13,500 रुपये प्रतिमाह वेतन के साथ अन्य सुविधाएं कंपनी के नियमानुसार प्रदान की जाएंगी।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के समय अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, हिमाचली प्रमाण पत्र, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बायोडाटा की प्रति तथा अनुभव प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो) लाना अनिवार्य होगा।
यह साक्षात्कार 31 मार्च, 2026 को उप रोजगार कार्यालय, देहरा में प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें पात्र अभ्यर्थी संबंधित कंपनियों के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साक्षात्कार में भाग लेने हेतु किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या अन्य देय नहीं दिया जाएगा।

सरकाघाट: उपमण्डल सरकाघाट की ग्राम पंचायत बरच्छवाड़ में सात दिवसीय नलवाड़ मेला आज पारम्परिक शोभा यात्रा के साथ शुरू हो गया।
28 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस मेले का शुभारम्भ एसडीएम सरकाघाट कृष्ण कुमार शर्मा ने मेला मैदान में खूंटी गाड़ कर किया।
इससे पूर्व एसडीएम ने त्रिवेणीघाट में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की तथा पगड़ी रस्म में भी भाग लिया। मेले के शुभारम्भ अवसर पर त्रिवेणीघाट के शिव मंदिर से मेला मैदान तक शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में पारंपरिक पगड़ियां पहनकर एसडीएम, डीएसपी, बीडीओ, तहसीलदार, विभिन्न पंचायतों के पूर्व प्रधान, बीडीसी सदस्य, पार्टी पदाधिकारी और महिला मंडलों की सदस्य शामिल हुए।
खण्ड विकास अधिकारी सरकाघाट कार्तिकेय डोगरा ने मुख्य अतिथि को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर एसडीएम ने अपने संबोधन में कहा कि सात दिवसीय यह नलवाड़ मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें हमारी समृद्ध परम्पराएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि पहले यह मेला मुख्य रूप से पशु मेले के रूप में मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ ट्रैक्टर और मशीनों के उपयोग बढ़ने से परम्पराओं में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि इस मेले में छिंज विशेष आकर्षण रहेगी, वहीं खेलकूद प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्याएं भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने मेले की बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष मेले को और बेहतर तरीके से आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम ने युवाओं और बच्चों से आह्वान किया कि वे चिट्टा व अन्य नशों से दूर रहें और खेलकूद व शारीरिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें, ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
*विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का किया अवलोकन*
मेले में उपमण्डल के विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। एसडीएम ने इन प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। मेले में कृषि विभाग, आत्मा परियोजना, महिला एवं बाल विकास विभाग, कल्याण विभाग, आयुष विभाग, जलशक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, पथ परिवहन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी कार्तिकेय डोगरा, डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम, तहसीलदार मुनीष कुमार, जीवन लाल गुप्ता, रितेश ठाकुर, गुरूदत्त शर्मा, सुमन ठाकुर, निशा कुमारी, प्रेम सागर, जितेन्द्र कुमार, अखिल गुप्ता, विजय शर्मा, राजीव ठाकुर, रवि लोचन, राजकुमार शर्मा, के सी ठाकुर, सुशिला, भूप सिंह, आशिष बन्याल, अमित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

एसडीएम शिमला शहरी मानसून की तैयारियों के लिए अपने क्षेत्र में बनाए प्लान
शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां शिमला शहर में मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने एसडीएम को निर्देश दिए कि शिमला शहर के तहत आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करें। इसके साथ ही आपदा से पूर्व सभी प्रकार के स्टॉक के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि मानसून से शहर में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए सभी विभाग एकजुट होकर तीव्रता से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग, नगर निकायों को निर्देश दिए गए कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नालियों में पानी की निकासी सुचारू रखने के लिए कार्य करें।
उपायुक्त ने कहा कि एसडीएम को आवश्यक वस्तुओं के भंडारण को लेकर भी विस्तृत तैयारियां करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, आपदा से होने वाले नुकसान की रिपोर्टिंग तुरंत करने की प्राथमिकता को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा सहित राजस्व विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी (मेडिकल) के पदों को भरने के लिए पोस्ट कोड-25003 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 12,866 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 11,065 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 502 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 2 से 7 मार्च तक इन दस्तावेजों की जांच के बाद 166 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पात्र उम्मीदवार न मिलने के कारण ओबीसी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) का एक और एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) के दो पद खाली रह गए हैं। सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

हमीरपुर: दियोटसिद्ध 28 मार्च। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बालक नाथ मंदिर के परिसर के एक सुरक्षा कर्मचारी को महिलाओं के लिए स्थापित दर्शन स्थल की सीढ़ियों पर सोने का एक कीमती लॉकेट मिला है। 22 मार्च को मिले इस लॉकेट को मंदिर अधिकारी के कार्यालय में सुरक्षित जमा करवा दिया गया है।
मंदिर अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि जिस महिला या पुरुष का यह लॉकेट गुम हुआ है वह इसकी निशानी बताकर इसे दियोटसिद्ध स्थित मंदिर अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकता है।

शिमला : विधान सभा में स्वास्थ्य के स्थगन प्रस्ताव पर बोलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दुर्लभ कैंसर के पीड़ितों के इलाज को मुख्यमंत्री द्वारा पुरुष के बच्चेदानी निकालने जैसे बयान देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री को अपने पद की अहमियत का अंदाजा नहीं है। इसलिए वह छात्र नेता की तरह चौक चौराहे पर दिए जाने वाले बयान की तरह अपनी बातें कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिन मामलों का हवाला दिया है वह कैंसर के मरीजों के इलाज से जुड़ा हुआ है। जहां पर कोई ऑपरेशन नहीं हुआ सिर्फ उन्हें कैंसर में इस्तेमाल होने वाले कीमोथेरेपी का कांबिनेशन दिया गया है। हिम केयर के पैकेज कोड एम 003 के तहत सीटी फॉर सीए ओवरी के तहत इलाज किया गया। सभी एक दुर्लभ कैंसर से ग्रस्त थे जिसका कोई सटीक इलाज पद्धति निर्धारित नहीं है। कोई सटीक इलाज पद्धति उपलब्ध नहीं होने के कारण उस बीमारी का हिम केयर में कोई स्पष्ट पैकेज नहीं था। इसलिए चार मरीजों के दुर्लभ कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा हिम केयर में उपलब्ध पैकेज का इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री जिन पुरुषों के बच्चेदानी निकालने का जिक्र कर रहे हैं। उन चार कैंसर पीड़ितों में एक 71 साल के बुजुर्ग और एक 12 साल का बच्चा भी है। दो अन्य पुरुष 50 और 37 आयु वर्ग के हैं। हिम केयर के पैकेज एम 0003 के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल ‘सीटी फॉर सीए ओवरी’ में जिस दवा के कॉम्बिनेशन इस्तेमाल होती है उसका नाम ‘लाइपो डॉक्स और कार्बोप्लैटिन’ इसके कई डोज मरीज को लगाने पड़ते हैं। सभी चारों मरीजों पर क्रमशः 17200 रुपए,17200 रुपए, 19 हजार और 14400 रुपए हैं। यानी कुल लागत 67800 रुपए आई है। इनमें से किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं हुआ और न ही किसी की कोई बच्चेदानी निकाली गई। सिर्फ जानलेवा कैंसर का ईलाज हुआ। मेरी जानकारी के अनुसार ईश्वर की कृपा से सभी मरीज स्वस्थ्य हैं। हिम केयर के तहत उनका इलाज हुआ उन्हें नया जीवन मिला, इसकी मुझे निजी तौर पर बहुत खुशी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि “लाइपोडॉक्स एंड कार्बो प्लैटिन” दवा का यह कांबिनेशन लंग्स कैंसर में, यूरिनरी ब्लैडर कैंसर, टेस्टिकुलर कैंसर में, एड्स से सम्बन्धित सारकोमा में मेल ब्रेस्ट कैंसर, हार्मोन रिफ्रेक्टरी प्रोस्ट्रेट कैंसर, सिर और गर्दन के कैंसर इलाज में भी इस्तेमाल होता है। हिम केयर में आयुष्मान में लगभग 4000 से बीमारियों के लिए पैकेज है लेकिन वे दुर्लभ कैंसर जिनके इलाज का प्रोटोकॉल चिकित्सा विज्ञान में बहुत स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वह पैकेज हिम केयर और आयुष्मान और अन्य योजनाओं में सूचीबद्ध नहीं है। ऐसे में उन दुर्लभ कैंसर के इलाज के लिए सभी में से डॉक्टर एक पैकेज बुक कर देते हैं जिससे उनका इलाज होता है। इस इलाज को मुख्यमंत्री पुरुषों की बच्चेदानी निकाल देने की अफवाह उड़ा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ये विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हुआ है और मुख्यमंत्री कुछ चाटुकार दागी अफसरों के कहने पर ऐसी बयानबाजी कर हंसी का पात्र बन गए हैं। मुख्यमंत्री इस माननीय सदन से प्रदेश की जनता से माफी मांगे। जिन्होंने सिर्फ राजनीतिक मकसद से भाजपा सरकार के समय की बहुत लोकप्रिय योजना को बदनाम कर सनसनी फैलाना चाहते हैं जिसमें वे अब बेनकाब हुए हैं।

शिमला: जिला शिमला के सभी 12 एसडीएम 29 मार्च 2026 को अपने-अपने क्षेत्र में आपदा राहत पैकेज के तहत लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करेंगे। आपदा राहत पैकेज के तहत निर्मित होने वाले घरों का स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। एसडीएम केवल पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त लोगों के घरों के उपरांत आपदा राहत पैकेज से बनने वाले घरों का निरीक्षण करेंगे।
इसके दौरान एसडीएम मौके की फोटोग्राफ और डिटेल उपायुक्त कार्यालय को प्रेषित करेंगें।इसके बाद जिला की समायोजित रिपोर्ट बनाई जाएगी।
यह आदेश उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को आपदा राहत पैकेज 2023 और 2025 की समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रभावितों को राहत पैकेज के तहत वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई है, लेकिन कई घरों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। उपायुक्त ने कहा कि जिन प्रभावितों को राशि जारी की गई है उनके घरों का निरीक्षण पटवारियों को अपनी फील्ड बुक की रिपोर्ट में दर्ज करना होगा। अगर किसी पटवारी ने रिपोर्ट तैयार नहीं की होगी तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही काम शुरू होने से पहले साइट की फोटो और काम के दौरान की फोटो राजस्व कार्यालय में साझा करनी होगी। उन्होंने कहा कि उन मामलों की जांच भी की जाएगी जिसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर दिखाया गया है लेकिन असल में आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त थे। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को तय सीमा और नियमों के मुताबिक वित्तीय सहायता मुहैया करवाई जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि 10 अप्रैल 2026 को जिला के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें राजस्व के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
एसडीएम करेंगे निरीक्षण
उपायुक्त अनुपम कश्यप के निर्देशों के बाद हर एसडीएम को लाभार्थी के घर का निरीक्षण करना होगा। 29 मार्च को लाभार्थी के घर के निरीक्षण की मौजूदा रिपोर्ट स्वयं मौके पर जाकर प्रेषित करनी होगी। इन आदेशों के अनुसार छोटू सुपुत्र धर्मपुर आरओ भोटाच तहसील डोडरा क्वार में एसडीएम डोडरा क्वार, लच्छर राम सुपुत्र स्वारू राम गांव कुरटा तहसील जांगला में एसडीएम रोहडू, प्रमोद सिंह सुपुत्र मान सिंह आरओ दुनिया डाकघर देवठ तहसील चैपाल में एसडीएम चैपाल, जोगिन्द्र सिंह सुपुत्र चेतराम आरओ पलवी तहसील ठियोग में एसडीएम ठियोग, मनीश सुपत्र जीया लाल गांव घरवटी डाकघर आडी तहसील कुमारसैन में एसडीएम कुमारसैन, दलीप सिंह सुपुत्र रणिया गांव चुरिया तहसील कुपवी में एसडीएम कुपवी, लीलावती काल्टा गांव मालथ तहसील कोटखाई में एसडीएम कोटखाई, नोख राम गांव मझीबड़ में एसडीएम सुन्नी, विद्या नंद गांव शिल्ला तहसील ननखड़ी में एसडीएम रामपुर, प्रदीप कुमार लक्ष्मी नारायण मंदिर के नजदीक कुसुम्पटी में एसडीएम शहरी निरीक्षण करेंगे।
आपदा राहत पैकेज 2023 और 2025 के लाभार्थी
आपदा राहत पैकेज 2023 के तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों में चौपाल में 83, ठियोग में 26, कुमारसैन में 48, रोहडू में 22, कुपवी में 11, शिमला ग्रामीण में 8, डोडरा क्वार में 3, जुब्बल में 37, रामपुर में 120, कोटखाई में 55 सहित कुल 405 लाभार्थी हुए। इनमें से 366 को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। वहीं 254 को दूसरी किश्त और 175 को तीसरी किस्त जा चुकी है। इसके साथ ही आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 2149 लाभार्थियों को राशि जारी की चुकी है।
वहीं आपदा राहत पैकेज 2025 के तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 115 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई। इसके साथ ही आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के तहत 725 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी की गई है।

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में LPG की कोई कमी नहीं है। कमर्शियल सिलेंडरों की कमी कुछ स्थानों पर महसूस की गई है, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
डीजल और पेट्रोल का स्टॉक लगभग 15 दिनों के लिए उपलब्ध है। हमारे मुख्य सचिव प्रतिदिन ईंधन की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

