


ऊना: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर) के चयनित 40 अभ्यर्थियों की सूची जिला ऊना में रिक्त पदों को भरने के लिए उप निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, ऊना के कार्यालय में प्राप्त हुई है। चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन 23 अक्तूबर को प्रातः 10 बजे उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना के कार्यालय में किया जाएगा।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना सोमलाल धीमान ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा मूल प्रमाण पत्रों की एक सत्यापित प्रति सहित उपस्थित होने का आग्रह किया है, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा सके।
*जरूरी दस्तावेजों की सूची *
उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को मैट्रिक, जमा दो, टेट, जेबीटी प्रमाण पत्र, हिमाचल प्रदेश का प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम चरित्र प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित प्रमाण पत्र, नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो, खंड विकास अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित बीपीएल प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय के कार्ड की प्रति तथा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अन्य प्रमाण पत्र साथ लाने होंगे।
वेबसाइट पर उपलब्ध है चयनित अभ्यर्थियों की सूची
सोमलाल ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची और बायोडाटा फॉर्म उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना के कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.ddeuuna.in पर उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे सत्यापन से पहले सूची एवं बायोडाटा फॉर्म का अवलोकन कर लें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

धर्मशाला: भू्रण की लिंग जांच और कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए जनभागीदारी सबसे अधिक जरूरी है। लिंग अनुपात में सुधार लाने और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में आमजन की महत्वपूर्ण भूमिका अहम है। सरकार, स्वास्थ्य विभाग और कानून के स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ समाज का सहयोग भी बेहद आवश्यक है। यह बात जिला स्वास्थ्य अधिकारी विक्रम कटोच ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय धर्मशाला में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) अधिनियम, 1994 के तहत गठित जिला सलाहकार समिति और जिला उपयुक्त प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के दौरान जिले में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत 19 निरीक्षण किए गए तथा तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके अतिरिक्त, जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 137 सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को भू्रण की लिंग जांच के दुष्परिणामों, कन्या भू्रण हत्या की रोकथाम और बेटियों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। अल्ट्रासाउंड केंद्रों से संबंधित अनुमोदन के लिए कुल नौ मामलों पर विचार-विमर्श किया गया, जबकि पांच मामलों को पूर्वव्यापी (एक्स-पोस्ट फैक्टो) अनुमोदन प्रदान किया गया। अन्य मामलों में संबंधित संस्थानों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
विक्रम कटोच ने बैठक में विशेष रूप से राज्य की सीमाओं से सटे क्षेत्रों में संचालित केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों के लिए पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई आम नागरिक इस प्रकार के उल्लंघन की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाता है तो उन्हें उचित रूप से पुरस्कृत करने का भी सरकार द्वारा प्रावधान किया गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि भू्रण की लिंग जांच और कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी स्तर पर नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित केंद्रों को ‘यहां भू्रण की लिंग जांच नहीं होती’ संबंधी सूचना-पट्ट स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डाॅ. अनुपमा, डाॅ. स्वाति, डाॅ. मनीषा, सुनीता कुमारी, इंदुबाला, कमलेश देवी, नीलम कुमारी और सहायक जिला न्यायवादी गौरव किशन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

धर्मशाला: विद्युत उपमंडल एचपीएसईबीएल, मैक्लोडगंज के सहायक अभियंता रमन भारमोरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 अक्टूबर 2026 को 11 केवी कलापुल-मैक्लोडगंज फीडर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित रखरखाव एवं मरम्मत कार्य के चलते 14 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अथवा कार्य पूरा होने तक बिजली बंद रहेगी।
इस दौरान मैक्लोडगंज मुख्य चौक, मैक्लोडगंज बाजार क्षेत्र, दलाई लामा मंदिर, मंदिर रोड, जोगीवाड़ा रोड, जोगीवाड़ा गांव, प्रेम गली, मीठानाला, हीरू गांव, दुसालां, टिप्पा रोड, टिप्पा, हयात होटल, पर्वतारोहण संस्थान, तुशिता ध्यान केंद्र तथा फोरसेथगंज सहित संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
सहायक अभियंता ने बताया कि एचटी/एलटी वितरण नेटवर्क के रखरखाव एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्यों को पूरा करने के लिए यह शटडाउन लिया जा रहा है।

धर्मशाला: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला में संचालित किए जा रहे डा. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर्ज चिल्ड्रन स्कीम के ज़रूरतमंद व पात्र लाभार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी है कि इस साल 7 अक्तूबर से प्रशिक्षण के लिए प्रवेश की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर्ज चिल्ड्रन स्कीम के इच्छुक विद्यार्थी निशुल्क प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसकी अंतिम तिथि 20 नवम्बर, 2026 निर्धारित की गई है।
प्रशिक्षण के लिए 100 उम्मीदवारों चयनित किए जाएंगे जिसका निर्धारण प्रवेश परीक्षा में प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर किया जाएगा। नामांकित किए जाने वाले उम्मीदवारों को एक वर्ष के लिए 4 हजार रुपये वजीफा भी प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए दाखिला नोटिस का लिंक https://www.cuhimachal.ac.in/…/202610061622591632a2c9fb… और आॅलाइन एप्लीकेशन का लिंक https://cuhimachaladm.samarth.edu.in/pmcare/ है।
इसके अलावा, दूरभाष संख्या 9872217578, 8988263285, 8127214444 और 01892-228877 पर भी इस संबंध में अधिक जानकारी हासिल की जा सकती है।

बिलासपुर: जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मैहता ने जानकारी देते हुए बताया कि हिम लाइव 24 न्यूज़, शाखा बिलासपुर द्वारा फील्ड ऑफिसर, विज्ञापन संग्राहक के एक पद के लिए कैंपस इंटरव्यू का आयोजन आगामी 16 अक्तूबर को प्रातः 11 बजे जिला रोजगार कार्यालय, बिलासपुर में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता बीए/बीबीए/एमबीए के साथ दोपहिया वाहन चलाने का अनुभव निर्धारित किया गया है। आवेदक की आयु 20 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थी को लक्ष्य आधारित वेतन के रूप में 15,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी अपने सभी मूल प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीकरण कार्ड, एक्स-10, आधार कार्ड, दसवीं का प्रमाण पत्र, संबंधित शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, बायोडाटा तथा अनुभव प्रमाण पत्र की प्रतियों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-222450 अथवा 9736665095 पर संपर्क किया जा सकता है।

नई दिल्ली/ हिमाचल प्रदेश: भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज सोमवार को नई दिल्ली स्थित पाटी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाकरअराजकता फैलाने का आरोप लगाया। श्री ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधीवोट चोरी के आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करें और बताएं कि किसमतदाता का अधिकार छीना गया। उन्होंने कांग्रेस के आपातकाल, जबरननसबंदी और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का उल्लेख करते हुए विपक्ष केदोहरे रवैये पर सवाल उठाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से अमर्यादितभाषा छोड़कर तथ्यों, प्रमाणों और लोकतांत्रिक जवाबदेही के आधार परराजनीति करने का आग्रह किया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी कहने के लिए तो नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन उन्हें न तथ्यों का पता है, न तर्कों का और न ही नियम-कायदों व कानून का। उन्हें बस यह पता है कि अराजकता कैसे फैलानी है, अस्थिरताकैसे लानी है, संवैधानिक पदों और संस्थाओं को नीचा कैसे दिखाना है तथादुनिया भर में भारत का नाम बदनाम करके देश की छवि को कमजोर कैसेकरना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को आज इतने अस्थिर, अराजक औरअगंभीर नेता प्रतिपक्ष के तमाशे और नखरे झेलने पड़ रहे हैं। राहुल गांधी केलबों पर वोट चोरी का आरोप रहता है, जबकि दरअसल वे जनादेश सेसीनाजोरी कर रहे हैं। राहुल गांधी की राजनीति का पूरा पैटर्न ही हवा हवाईहै। हम तो कहेंगे कि राहुल गांधी हवा हवाई नेता हैं। उनकी बातें, आरोप, हरकतें, प्रदर्शन, तथ्य, तर्क और आंकड़े, सब कुछ हवा हवाई है। जबकिधरातल और असलियत में शून्य बटे सन्नाटा है। राहुल गांधी बार-बार आरोपलगाते हैं और फिर अदालत में जाकर माफी मांगते हैं। यह उनका ट्रैक रिकॉर्डहै। हम इतना ही कहेंगे कि “धूल चेहरे पर थी और वे आईना साफ करतेरहे।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 99 चुनाव हारने के बाद भी राहुल गांधी हर सीजनमें यही देखते हैं कि किस पर आरोप लगाना है और ठीकरा कहां फोड़ना है। कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम, कभी मुख्य चुनाव आयुक्त, तो कभीकिसी और को निशाना बनाया जाता है। अब तो स्थिति यह हो गई है किराहुल गांधी सड़क छाप भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और निराधार आरोप लगारहे हैं। मगर राहुल गांधी, देश को शोर नहीं, सच चाहिए; आरोप नहीं, प्रमाणचाहिए और राजनीतिक बयान नहीं, स्पष्ट जवाब चाहिए। राहुल गांधीमहामहिम राष्ट्रपति जी के पास गए, जहां उनसे शिकायत के साथ सबूत देनेको कहा गया। लेकिन राहुल गांधी वहां भी बगलें झांकने लगे, भाग गए औरचुप्पी साध ली। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी से साफ-साफ कह दियाकि वे न्यायालय को अपनी राजनीति का रणक्षेत्र नहीं बना सकते।
ठाकुर ने कहा कि अब तो राहुल गांधी को यह भी सिखाना पड़ेगा किकिसी मामले की सुनवाई चल रही हो, तो अदालत और मुख्य न्यायाधीश सेसंपर्क करने की प्रक्रिया क्या होती है। अब राहुल गांधी मुख्य न्यायाधीश सेमिलने की बात करने लगे हैं, जबकि मामला अदालत में विचाराधीन है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश की न्यायिक व्यवस्था कोधमकाने की कोशिश कर रहे हैं कि यदि हमारी बात नहीं मानी गई, तो हमआपके खिलाफ भी सड़कों पर उतर आएंगे। इस पर अदालत ने भी कहा किउन्हें याचिका दायर करनी होगी। राहुल गांधी पहले भी कई बार अदालत मेंमाफी मांग चुके हैं। अब उन्हें लगता है कि वे सड़कों पर जाकर बार-बार झूठबोलेंगे और उसे दोहराएंगे, तो लोग उसे सच मान लेंगे। राहुल गांधी औरकांग्रेस पार्टी का फंडा बिल्कुल स्पष्ट है – राज नहीं तो अराजकता फैला दो। देश की जनता को अदालत के सामने अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। राहुल गांधी को भी अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन राहुलगांधी और कांग्रेस पार्टी अपने आपको एक अतिरिक्त-संवैधानिक संस्थामानते हैं। नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी खुद को नियम, कानून औरसंविधान से ऊपर मानते हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह वही परिवार और पार्टी है, जिन्होंने देश कोअपनी जागीर मानकर रखा है। राहुल गांधी जिस संविधान को हाथ में लेकरचलते हैं, उस संविधान को आपातकाल के समय कांग्रेस के दमन से बचानेका प्रयास देश की जनता, भाजपा और कई अन्य दलों ने किया था। कांग्रेसने तो संविधान को कुचलने का काम किया। जिस पार्टी और परिवार नेसंविधान जलाने का काम किया हो, जिस पार्टी और परिवार ने भारत केलाखों युवाओं की जबरन नसबंदी कराई हो और डेढ़ लाख से अधिक लोगोंको जेलों में डाल दिया हो, जहां जेलें कम पड़ गई हों और मीडिया के लोगोंतक को जेल में डाल दिया गया हो, आज वही संविधान बचाने की बात कररहे हैं। जिस पार्टी और परिवार के लोगों ने धांधली करके चुनाव जीते हों औरफिर देश में आपातकाल लगा दिया हो, वे आज चुनावों में धांधली की बातकैसे कर सकते हैं? हम राहुल गांधी को 1989 का चुनाव भी याद दिलानाचाहते हैं। नकली गांधी बनाम असली गांधी, यानी राजीव गांधी बनामराजमोहन गांधी के बीच हुए चुनाव में कितने मतदान केंद्रों पर लूट हुई थी? राहुल गांधी को देश की आज की युवा पीढ़ी को यह भी बताना चाहिए। इंदिरा गांधी के समय जो कुछ हुआ, उसे भी आज की पीढ़ी को पाठ्यपुस्तकोंमें पढ़ाया जाना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ईवीएम तथा चुनावआयोग पर सवाल इसलिए खड़े करते हैं, क्योंकि वे वापस मतपत्रों कीव्यवस्था लाना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि मतपत्रों को लूटने काइतिहास कांग्रेस पार्टी का रहा है। 99 चुनाव हारने के बाद भी राहुल गांधीचुनाव आयोग पर आरोप लगाने पहुंच जाते हैं। देश की न्यायपालिका कोधमकाना, संवैधानिक संस्थाओं को धमकी देना और उन्हें अपनी जागीरमानना, यही राहुल गांधी और कांग्रेस का इतिहास रहा है। अंग्रेजी में एककहावत है – “What you see, what you are”, यानी जो आपको दिखाईदेता है, वही आपकी सोच को दर्शाता है। आप चुनाव जीतने के लिए जिसतरह के हथकंडों की कल्पना करते हैं, वही आरोप दूसरों पर लगाने लगते हैं। यही कांग्रेस पार्टी की राजनीति है। राहुल गांधी चुनाव आयोग पर आरोप तोलगाते हैं, लेकिन सबूत कहां हैं? राहुल गांधी ने नवंबर में सबूत देने की बातकही थी। क्या उन्होंने अब तक कोई सबूत दिया है? क्या राहुल गांधी ने अपनेआरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत किया है? चुनाव आयोग के किसीफैसले से असहमति जताना लोकतंत्र में आपका अधिकार है, लेकिन किसीसंवैधानिक पदाधिकारी पर आरोप लगाने और असहमति जताने में बहुत बड़ाअंतर है। यदि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं, तो सबूत भी देने होंगे। राहुलगांधी बताएं कि किस नियम या कानून का उल्लंघन हुआ? कौन-सा आदेशगलत था? किस मतदाता के अधिकार का हनन हुआ और उसके समर्थन मेंउन्होंने कौन-सा प्रमाण प्रस्तुत किया?
ठाकुर ने कहा कि हम खुले मंच से, इस सभा से और आपकी सभी प्रेसकॉन्फ्रेंसों के माध्यम से पूछते हैं कि किस-किस का वोट काटा गया औरकिसे वोट डालने के अधिकार से वंचित किया गया? राहुल गांधी पूरे देश केआंकड़े सामने नहीं लाते हैं। जिन क्षेत्रों में एसआईआर की प्रक्रिया चली, वहांचार से पांच महीने तक का समय दिया गया। यदि राहुल गांधी को विपक्ष केनेता के रूप में सवाल पूछने का अधिकार है, तो लगाए गए आरोपों के प्रमाणदेना भी विपक्ष की जिम्मेदारी है। देश के सामने सबूत रखिए और अपने दावोंकी स्वतंत्र जांच का समर्थन कीजिए। यदि राहुल गांधी के आरोपों के समर्थनमें प्रमाण नहीं हैं, तो इस पर स्पष्टता दीजिए। लोकतंत्र में जवाबदेही केवलसरकार की नहीं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष की भी होती है। इसलिए राहुल गांधीअपनी जिम्मेदारी समझते हुए जवाब दें और निराधार आरोप न लगाएं। जनादेश पसंद आए तो लोकतंत्र और चुनाव हार जाएं तो वोट चोरी, यहदोहरा रवैया नहीं चल सकता। लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जनादेश को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं है। इसलिए हम राहुलगांधी और विपक्षी दलों से कहना चाहते हैं कि आरोपों की राजनीति बंद करेंऔर प्रमाणों के साथ बात करें। सबूत प्रस्तुत करें और निराधार आरोपलगाने, गंदे शब्दों तथा अमर्यादित भाषा का प्रयोग बंद करें। यह देश के नेताप्रतिपक्ष के पद के लिए उचित नहीं है। राहुल गांधी सड़क छाप राजनीति औरहवा हवाई बातें करना बंद करें।

हमीरपुर: तहसील टौणी देवी के अंतर्गत बराड़ा-पटनौण-बाकर खड्ड सड़क के अपग्रेडेशन के कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात 18 अक्तूबर तक बंद कर दिया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि बराड़ा-पटनौण-बाकर खड्ड सड़क के अपग्रेडेशन कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए उक्त सड़क पर वाहनों की आवाजाही 18 अक्तूबर तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक समीरपुर-मतलाणा-बाकर खड्ड सड़क या उहल-परनाली-बाकर खड्ड सड़क से आवाजाही कर सकते हैं। जिलाधीश ने सभी वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।

हमीरपुर: तहसील टौणी देवी के अंतर्गत उहल-जंदड़ू सड़क के मरम्मत कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात 18 अक्तूबर तक बंद कर दिया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि उहल-जंदड़ू सड़क के मरम्मत कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए उक्त सड़क पर वाहनों की आवाजाही 18 अक्तूबर तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक अंदराल-पौहंज सड़क से आवाजाही कर सकते हैं। जिलाधीश ने सभी वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।

