
ऊना: राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2026 इस वर्ष और भी अधिक उत्साह एवं सांस्कृतिक विविधता के साथ आयोजित किया जा रहा है। 11 से 14 अप्रैल तक हरोली-रामपुर पुल के समीप सोमभद्रा नदी के तट पर स्थित हरोली मैदान, रोड़ा में यह उत्सव भव्य रूप में सजेगा।
उत्सव के दौरान चारों दिन आयोजित होने वाली स्टार नाइट्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन सांस्कृतिक संध्याओं में हिमाचल के साथ-साथ पंजाब के प्रसिद्ध कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। वैसाखी पर्व से जुड़े इस आयोजन में प्रसिद्ध पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल और एमी विर्क समेत अनेक नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे और सोमभद्रा तट को वैसाखी के रंगों से सराबोर करेंगे।
एसडीएम हरोली विशाल शर्मा ने बताया कि उत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम आयोजित होने वाली स्टार नाइट्स में लोकप्रिय कलाकार मंच को अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से सजायेंगे। 11 अप्रैल की संध्या में पंजाब के प्रसिद्ध कलाकार गिप्पी ग्रेवाल, 12 अप्रैल को जी. खान, 13 अप्रैल को हिमाचल के सुप्रसिद्ध कलाकार कुलदीप कुमार एवं अनुज शर्मा और 14 अप्रैल को गुलरेज़ अख़्तर एवं एमी विर्क राज्य स्तरीय हरोली उत्सव में अपने सुरों का जादू बिखेर कर लोगों का मनोरंजन करेंगे।
*स्थानीय कलाकारों की ऑडीशन प्रक्रिया पूरी*
विशाल शर्मा ने बताया कि सांस्कृतिक संध्याओं में प्रतिभा प्रदर्शन करने वाले स्थानीय कलाकारों की ऑडिशन प्रक्रिया भी मंगलवार को सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई। ऑडिशन समूरकलां स्थित लता मंगेश्कर भवन में लिये गये। दो दिन चली इस प्रक्रिया में राज्य के विभिन्न ज़िलों से चयन के लिए आए 50 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए गायन, नृत्य व अन्य सांस्कृतिक विधाओं में भागीदारी दर्ज करवाई। चयन प्रक्रिया के दौरान कलाकारों ने उत्सव में प्रस्तुति देने के लिए अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि चयनित कलाकारों को 11 से 14 अप्रैल तक आयोजित होने वाले हरोली उत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में मंच प्रदान किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरोली उत्सव वैसाखी पर्व से जुड़ा ऊना जनपद के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख राज्य स्तरीय आयोजन है, जिसमें क्षेत्र की परंपरागत गतिविधिओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी और अन्य आकर्षक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें पशु मेला, डॉग शो और बेबी शो शामिल है। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
*ट्रेड फेयर और खेल प्रतियोगिताएं*
उत्सव के दौरान हरोली मैदान में ट्रेड फेयर आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्वयं सहायता समूहों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ यह आयोजन वैसाखी के आर्थिक और सामाजिक आयामों को भी मजबूती देगा। इसके अलावा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
*14 अप्रैल को रोजगार मेला*
एसडीएम हरोली ने बताया कि हरोली उत्सव-2026 के तहत रोजगार विभाग द्वारा भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। ज़िला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने जानकारी दी कि यह रोजगार मेला 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे हरोली मैदान, रोड़ा में आयोजित होगा। इसमें ल्यूमिनस पॉवर एंड टेक्नोलॉजी लिमिटेड, लिवगार्ड पीर एंड एनर्जी लिमिटेड, स्विस गार्नियर लिमिटेड, नगाड़ा मल्टीप्लास्ट इंडस्ट्री, स्टैनफोर्ड लेबोरेटरीज, एनजीजी पॉवर टेक, सुरिये पोलेक्स, सुखजीत एग्रो इंडस्ट्रीज के अलावा 15 अन्य उद्योगों द्वारा युवाओं का चयन किया जाएगा।
*13 अप्रैल को हरोली उप-मण्डल में स्थानीय अवकाश घोषित*
जिला ऊना के हरोली उप-मण्डल में राज्य स्तरीय हरोली उत्सव के मद्देनज़र 13 अप्रैल, 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्थानीय अवकाश को लेकर आदेश जारी किए हैं।
एसडीएम ने बताया कि उत्सव में सुरक्षा, पार्किंग, लाइटिंग, साउंड एवं व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। साथ ही स्थानीय कला, व्यंजन एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आकर्शक स्टाल भी लगाए जा रहे हैं, जिससे आगंतुकों को एक समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे परिवार सहित अधिकाधिक संख्या में पहुँचकर इन चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं और मनोरंजन, मेलजोल तथा हिमाचली-पंजाबी संस्कृति के अनूठे संगम का आनंद लें।
ऊना: जिला ऊना के हरोली उप-मण्डल में राज्य स्तरीय हरोली उत्सव के मद्देनज़र 13 अप्रैल, 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्थानीय अवकाश को लेकर आदेश जारी किए हैं।

मंडी: भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है और यही समर्पण भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा एक बार नहीं, बल्कि बार-बार मजबूत “डबल इंजन सरकार” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। “भाजपा देश और प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति है और कार्यकर्ताओं के बल पर ही यह शक्ति निरंतर बढ़ रही है,” उन्होंने कहा।
सौदान सिंह ने कहा कि भाजपा की कार्यशैली स्पष्ट है—“हर कार्यकर्ता को काम और हर काम पर एक कार्यकर्ता” की नीति के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज प्रदेश की जनता पूरी तरह त्रस्त है, जबकि कांग्रेस सरकार मस्त है और जनता की समस्याओं से उसका कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि पंचायत राज चुनावों से लेकर विधानसभा चुनावों तक भाजपा कांग्रेस को हर स्तर पर चुनौती देगी और उसे पूरी तरह पराजित करेगी।
“देश, प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ—हर स्तर पर भाजपा संगठित और सशक्त है, और कांग्रेस को हर मोर्चे पर करारा जवाब देने के लिए तैयार है,” उन्होंने कहा।
अंत में सौदान सिंह ने कहा कि भाजपा का संगठन ही उसकी असली ताकत है और इसी के बल पर पार्टी हिमाचल में फिर से मजबूत सरकार बनाकर विकास और सुशासन की दिशा में प्रदेश को आगे ले जाएगी।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया है कि कृषि विभाग ने वर्ष 2026 के दौरान एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है और किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि इस पद्धति से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि अब तक 2,22,893 किसान एवं बागवान परिवार प्राकृतिक खेती को अपना चुके हैं। यह पद्धति राज्य की 99.3 प्रतिशत पंचायतों तक पहुंच चुकी है और वर्तमान में 38,437 हेक्टेयर भूमि पर इस विधि से खेती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़े दो लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 1,98,000 किसानों को प्रमाण-पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ‘प्राकृतिक खेती ख़ुशहाल किसान योजना’ के अंतर्गत रासायनिक इनपुट्स के उपयोग को हतोत्साहित किया जा रहा है, जबकि देसी गाय के गोबर, गोमूत्र तथा स्थानीय वनस्पतियों पर आधारित संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में पर्यावरण संरक्षण, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना तथा खेती की लागत को कम करना शामिल है।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों पर देश में सबसे अधिक ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ प्रदान कर रही है। इस वर्ष प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का 40 रुपये से 50 रुपये, पांगी घाटी के जौ 60 रुपये से 80 रुपये तथा प्राकृतिक हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।
उन्होंने कहा कि पांगी उपमंडल को राज्य का पहला पूर्णतः प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। साथ ही अदरक को भी पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाया गया है, जिसका मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त गाय के दूध का क्रय मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, क्योंकि लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है और 53.95 प्रतिशत लोग सीधे तौर पर अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। यह क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 14.70 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रगतिशील नीतियां और किसान हितैषी पहल एवं निर्णय लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर एवं लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्का और गेहूं के आटे का विपणन ‘हिम’ ब्रांड के तहत किया जा रहा है।
जल निकासी एवं गाद प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की
मण्डी: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के ड्रेजर कॉम्प्लेक्स का दौरा किया।
इस दौरान राज्यपाल को प्रबंधन बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों और संचालन तंत्र के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने जल निकासी की तकनीकी व्यवस्थाओं तथा गाद (सिल्ट) के प्रबंधन एवं निस्तारण से संबंधित प्रक्रियाओं में विशेष रुचि दिखाई। यह जलाशयों की कार्यक्षमता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
श्री गुप्ता ने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए जल प्रवाह को सुचारू बनाए रखने, गाद प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा समग्र बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के लिए अपनाए गए उपायों की समीक्षा की। उन्होंने गाद संचयन और जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके अपनाने के लिए बोर्ड के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार तथा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सेब बागवानों को हुए भारी नुकसान को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई क्षेत्रों, विशेषकर शिमला और आसपास के बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सेब की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सेब इस प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और हजारों परिवार अपनी आजीविका इसके माध्यम से चलाते हैं। ऐसे समय में जब बागवानों को तत्काल राहत की आवश्यकता है, कांग्रेस सरकार की निष्क्रियता अत्यंत चिंताजनक है।
“जब किसान संकट में है, तब सरकार मौन है—यह संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके और बागवानों को शीघ्र मुआवजा दिया जा सके। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कई स्थानों पर सेब की फसल फ्लावरिंग स्टेज में थी, जिस पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ा है और आने वाले पूरे सीजन की पैदावार पर संकट मंडरा रहा है। इसके बावजूद सरकार की ओर से न तो कोई ठोस राहत पैकेज घोषित किया गया है और न ही कोई गंभीर पहल दिखाई दे रही है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह सरकार केवल घोषणाओं और दिखावे में व्यस्त है, जबकि जमीन पर किसान बर्बादी झेल रहा है।” अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा बागवानों के साथ खड़ी है और यदि सरकार ने शीघ्र राहत और मुआवजे की घोषणा नहीं की, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों पर उठाएगी और किसानों के हक की लड़ाई लड़ेगी।

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा का कोई भी झूठ अब चलने वाला नहीं। उन्होंने कहा है कि पूर्व में डबल इंजन सरकार का दावा करने वाली पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश के लोगों को ठगा। प्रदेश पर 70 हजार करोड़ से अधिक का ऋण 10 हजार करोड़ से अधिक की कर्मचारियों की देनदारियां प्रदेश की कांग्रेस सरकार को विरासत में छोड़ कर गई।
विनय कुमार ने मंडी में आयोजित भाजपा कार्यसमिति में पारित संकल्पों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा का कोई भी षड्यंत्र अब चलने वाला नही। भाजपा का जनविरोधी चेहरा प्रदेश के लोगों ने देखा है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा प्रदेश हितेषी होने का ढोंग रच रही है,जबकि उसके कार्यकाल में जब कर्मचारियों ने पेंशन व अपनी अन्य मांगे पूरी करने को कहा था तो तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनकी मांगों पर नकारात्मक रवैया अपनाते हुए कर्मचारियों से पेंशन के लिये चुनाव लड़ने तक की बात कही थी।
विनय कुमार ने कहा कि आज प्रदेश में कांग्रेस सरकार कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन दे रही है। कर्मचारियों की देन देनदारियों को भी चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जा रहा है।
विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां प्रदेशहित में है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेता केंद्र में अपने नेताओं से मिल कर प्रदेश के हितों पर कुठाराघात कर रहें है। प्रदेश की आरडीजी बंद करना भी भाजपा की एक सोची समझी रणनीति है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय भी भाजपा ने प्रदेश की कोई भी मदद नही की। केंद्र सरकार ने इसी के इशारे पर कोई राहत जारी नही की। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो प्रदेश को अपना दूसरा घर बताते हैं उन्होंने भी प्रदेश के लोगों को झूठ बोल कर गुमराह ही किया। 1500 करोड़ की आपदा राहत राशि आज दिन तक प्रदेश को नही मिली।
विनय कुमार ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि उसका कोई भी षड्यंत्र अब सफल होने वाला नही। प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश भाजपा द्वारा की गई थी,उसमें उसे मुंह की खानी पड़ी थी।अब पंचायत चुनावों में उसे कोई सफलता मिलने वाली नही। उसका धनबल भी धरा का धरा रह जायेगा। प्रदेश के लोग मजबूती से कांग्रेस के साथ खड़े है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ ही खड़े होंगे।

प्रवेश प्रक्रिया कन्या छात्र विद्यालय कोटखाई में की जाएगी आयोजित
शिमला: केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। मंगलवार को स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ शिवानी ने अपनी ज्वाइनिंग उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को दी।
इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि इसी सत्र से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। 8 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक एडमिशन खुली रहेंगी। इसके बाद आगामी 10 दिनों में एडमिशन की सारी प्रक्रियाएं पूरी की जाएगी। मई माह के पहले सप्ताह में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में फिलहाल पहली से पांचवीं कक्षा तक ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य रखा गया है। प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण 8 अप्रैल से शुरू होगा, जो प्रतिदिन सुबह 10ः00 बजे से दोपहर 2ः00 बजे तक किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से होगी। प्रवेश प्रक्रिया कन्या छात्र विद्यालय कोटखाई में आयोजित की जाएगी। प्रशासन की ओर से अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वह निर्धारित समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहें ताकि पंजीकरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो। आवश्यक दस्तावेजों में जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र समेत अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं।
अनुपम कश्यप ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के शुरू होने से कोटखाई और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा। इससे पहले बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ता था, जिससे अभिभावकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के शुरू होने से शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा और बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने इच्छुक सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह समय पर पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने में सहयोग करें। स्कूल में तीन पीआरटी की नियुक्ति हो चुकी है। इसके अलावा प्रधानाचार्य की नियुक्ति भी हो चुकी है। कक्षाएं शुरू होने तक सभी स्टाफ नियुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका फिलहाल अभी शुरू नहीं होगी। इसको लेकर सारी औपचारिकताएं भविष्य में पूरी कर ली जाएगी।

टीबी-मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान
शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मण्डी जिले के सुंदरनगर स्थित दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट डैहर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समान स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य ने प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
श्री गुप्ता ने क्षय रोग (टीबी) की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टीबी आज भी समाज में एक प्रमुख समस्या बनी हुई है, हालांकि राज्य इस बीमारी से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में टीबी के मामलों की संख्या वर्ष 2022 में 15,760 से घटकर वर्ष 2025 में 14,653 हो गई है, जो स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों और समाज की सामूहिक भागीदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में ज्यादा जोखिम वाले लगभग 1.49 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से लगभग सात लाख (46 प्रतिशत) लोगों की जांच एक्स-रे के माध्यम से की गई, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उन्होंने कहा कि शिविरों में आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उपयोग करते हुए निःशुल्क जांच की जा रही है, जबकि मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां दूरदराज और कठिन क्षेत्रों तक सेवाएं सुनिश्चित कर रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ‘टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत’ पहल के तहत सामुदायिक प्रयासों से उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। राज्य की 3,615 ग्राम पंचायतों में से 2023 में 731 (20 प्रतिशत), 2024 में 823 (23 प्रतिशत) और 2025 में 1,052 (29 प्रतिशत) पंचायतों को टीबी-मुक्त घोषित किया गया। उन्होंने इसे टीबी उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरक कदम बताया।
राज्यपाल ने कहा कि 100 दिवसीय विशेष अभियान इस दिशा में एक निर्णायक पहल है। इसके तहत राज्य में 5,176 उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों की पहचान की गई है, जहां आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऐसे लक्षित प्रयास राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं।
राज्यपाल ने सामुदायिक भागीदारी के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि क्षय रोग उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, आशा कार्यकर्ताओं और प्रत्येक नागरिक को टीबी उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में 25 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। साथ ही ब्लॉक स्तर पर उन्नत जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में काफी सुधार हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन की ओर से सभी मंत्रीगण, सांसदों और विधायकों को पत्र लिखकर टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार, पोषण और मानसिक सहयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी द्वारा कोटली मेडिकल ब्लॉक के 75 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पंजीकरण कर विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने शिविर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य एवं जांच सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने टीबी-मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण का ‘लोगो’ भी जारी किया। उन्होंने इस अवसर पर टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की और टीबी चौंपियन्स को सम्मानित किया तथा उपस्थित लोगों को टीबी-मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य सलाहकार डॉ. निशांत ने टीबी उन्मूलन अभियान में राज्य की उपलब्धियों की जानकारी दी। दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्य प्रकाश शर्मा ने संस्था के बारे में जानकारी साझा की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और टीबी-मुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तार से बताया।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, रोहांडा, डॉ. लाल सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य उपस्थित थे।