


मण्डी: 16 फरवरी से आरंभ होने जा रहे अन्तरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर मंडी पहुंचने वाले देवी-देवताओं एवं उनके साथ आने वाले देवलुओं के ठहरने, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं संयोजक देवता उप समिति, शिवरात्रि मेला डॉ. मदन कुमार ने कहा कि महोत्सव के दौरान देवताओं और देवलुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि महोत्सव में आने वाले देवता एवं देवलू ब्वायज स्कूल, गर्ल्स स्कूल, डाइट तथा देव सदन कांगणीधार में ठहरते हैं, जहां सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। ठहराव स्थलों पर नियमित साफ-सफाई, पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर पेयजल टैंकरों की व्यवस्था भी उपलब्ध रखी जाएगी।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने बताया कि देवता समिति के आग्रह पर इस बार सभी देवता पड्डल मैदान में पैगोड़ा शैली के आकर्षक टेंटों में विराजमान रहेंगे। इससे देव श्रृंखला और अधिक भव्य और सुसज्जित दिखाई देगी, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
उन्होंने नगर निगम को ठहराव स्थलों पर नियमित साफ-सफाई के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा जलशक्ति विभाग को पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए महोत्सव की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखेंगे।
उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि महोत्सव आस्था, परंपरा और संस्कृति का उत्सव है और इसके सफल आयोजन के लिए सभी विभाग सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना से कार्य कर रहे हैं, ताकि देवताओं, देवलुओं और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में देवता उप समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने सभी सुझावों पर कार्य करने का आश्वासन देते हुए कहा कि देवताओं के सम्मान और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन व एमरजेंसी दवाईयों सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने पर बल
मण्डी: स्वास्थ्य खंड करसोग की सभी सीएचसी और पीएचसी में अब एमरजेंसी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध होगी। जिसकी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। राज्य सरकार के ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर, आमजन को घर द्धार के समीप बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के संकल्प के दृष्टिगत क्षेत्र की सभी सीएचसी और पीएचसी स्तर के अस्पतालों में एमरजेंसी मेडिकल सेवाएं शुरू की जा रही है। जिस संबंध में आवश्यक प्रभावी कदम उठाने के दिशा निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारी द्धारा जारी किए गए है।
खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डाॅ. गोपाल चैहान ने बताया कि स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत पांगणा और अशला में दो सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) संचालित है। जबकि स्वास्थ्य खंड के अन्तर्गत चुराग, मांहूनाग, सेरी, सैंज बगड़ा, खन्योल बगड़ा, ग्वालपुर, महोग, बगशाड़ और तत्तापानी में 10 पीएचसी आती है। उन्होंने बताया कि इन सभी सीएचसी और पीएचसी में 15 मार्च से पहले सभी एमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य खंड के सभी अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का आंकलन करने के उपरांत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि सीएचसी और पीएचसी स्तर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एमरजैंसी में ग्लूकोज चढ़ाने, बिस्तर, आॅक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइजर, ईसीजी मशीन, हार्ट अटैक की दवाई उपलब्ध करने, एमरजेंसी में डिलीवरी करवाने, ब्हील चेयर, स्टेचर, टांके लगाने का सामन, एमरजेंसी दवाइयां, विभिन्न प्रकार के टेस्ट और सीसीटीवी कैमरा आदि इंस्टाॅल किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि इन सभी सेवाओं की आपूर्ति करने के लिए धनराशि भी आवंटित की गई है।
खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिन सीएचसी और पीएचसी में डाॅक्टर उपलब्ध हैं वहां इन सभी सुविधाओं का होना बेहद आवश्यक है ताकि एमरजेंसी में आने वाले लोगों को राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार घर द्धार समीप मरीजों को उचित उपचार प्रदान किया जा सके।

सोलन: उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने सोलन ज़िला के उपमण्डल कण्डाघाट में वर्ष 2026 के लिए स्थानीय अवकाश के आदेश जारी किए हैं।
आदेशों के अनुसार उपमण्डल कण्डाघाट में 15 जून, 2026 को मेला सिद्ध बाबा चायल तथा 05 सितम्बर, 2026 को मेला गुग्गामाड़ी कण्डाघाट के लिए उपमण्डल कण्डाघाट की परिधि में स्थानीय अवकाश रहेगा।

इसी माह के आखिरी सप्ताह में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को किया जाएगा कवर
हमीरपुर : राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत इस माह के आखिरी हफ्ते में जिला हमीरपुर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में एक से 19 साल तक के सभी बच्चों, किशोरों और नवयुवाओं को कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाएगी। इसके साथ ही एक से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी। इस विशेष अभियान की तैयारियों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने यह जानकारी दी।
उपायुक्त ने बताया कि बच्चे के पेट में कृमि होने पर उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और वह अनीमिया जैसी बीमारी की चपेट में भी आ सकता है। इसलिए, 19 वर्ष तक के हर बच्चे एवं युवा के लिए कृमिनाशक दवाई बहुत ही जरूरी है। जिला में एक से 19 साल तक के 1,10,309 बच्चों एवं नवयुवाओं को यह दवाई दी जाएगी। इनमें से एक से 5 वर्ष तक के 24,748 बच्चों को विटामिन-ए की दवाई भी दी जाएगी। बच्चों में आंखों की समस्याओं के निवारण के लिए यह दवाई बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों और आशा वर्करों के साथ-साथ शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज तथा अन्य संबंधित विभागों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए, सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को पूर्णतयः सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी बच्चे और किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ चुके बच्चे भी इस अभियान में विशेष रूप से कवर होने चाहिए।
जिला में स्वास्थ्य विभाग के अन्य प्रतिरक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कई गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए छोटे बच्चों को अलग-अलग समय पर कुल 12 प्रकार की वैक्सीन दी रही हैं और जिला में इसकी कवरेज की प्रतिशतता काफी अच्छी है। जिला में 99.83 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी अस्पतालों में ही हो रही है।
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की गंभीर बीमारियों का इलाज एवं सर्जरी निशुल्क की जाती है। छोटे बच्चों के कटे होंठ की प्लास्टिक सर्जरी और अन्य बड़े ऑपरेशन भी मुफ्त किए जाते हैं। पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान जिला के 16 ऐसे बच्चों के ऑपरेशन पीजीआई चंडीगढ़, आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पतालों में निशुल्क किए गए हैं।
बैठक में सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने विभिन्न कृमि मुक्ति दिवस और अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभी बीएमओ और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग की कार्यशाला में डीसी ने अधिकारियों से की अपील
सही डाटा के आधार पर ही बनाई जा सकती हैं प्रभावी योजनाएं
हमीरपुर : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे फील्ड में किसी भी तरह का डाटा एकत्रित करते समय इसकी सटीकता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि, सभी तरह की योजनाएं हमेशा फील्ड के डाटा के आधार पर ही तैयार की जाती हैं और अगर डाटा सटीक होगा तो उससे संबंधित योजना तैयार करने में आसानी होगी तथा उस योजना का क्रियान्वयन भी बेहतर एवं प्रभावी ढंग से संभव होगा। सोमवार को यहां हमीर भवन में आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने यह अपील की। विभागीय अधिकारियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला में डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया में सुधार लाना है।
उपायुक्त ने कहा कि जनसंख्या, आर्थिक सर्वेक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, उद्यमिता, कृषि, पशुपालन और विकास के अन्य महत्वपूर्ण मानकों से संबंधित डाटा विभिन्न विभागों के माध्यम से नियमित रूप से एकत्रित किया जाता है तथा उसके आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती हैं। इसी डाटा के आधार पर देश, प्रदेश और जिले की परफॉर्मेंस का पता चलता है। जिला सुशासन सूचकांक में भी इसी डाटा के आधार पर रैंकिंग की जाती है। इससे सरकार को विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में महत्वपूर्ण फीडबैक भी मिलता है। उपायुक्त ने सभी विभागों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में डाटा एकत्रीकरण के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें और अपने डाटा को हर समय अपडेट रखें।
इस अवसर पर जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने उपायुक्त और अन्य सभी अधिकारियों का स्वागत किया तथा डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया एवं डाटा के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सांख्यिकीय सहायक जीवन कुमार ने डाटा एकत्रीकरण में आने वाली विभिन्न समस्याओं और इसकी गुणवत्ता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं तथा जिला सुशासन सूचकांक के मानकों से अवगत करवाया।

हमीरपुर: उपमंडल बड़सर के विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थानों-उपमंडलीय पशु चिकित्सालय बड़सर, पशु चिकित्सालय चकमोह, पशु चिकित्सालय दांदड़ू, पशु औषधालय ब्याड़ और पशु चिकित्सालय मक्कड़ मूसन के लिए भर्ती किए जाने वाले पशु मित्रों का ग्राउंड टैस्ट 12 फरवरी को सुबह 10 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर के मैदान में होगा। इसमें बड़सर उपमंडल के सभी आवेदकों का शारीरिक परीक्षण होगा।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर ने सभी उम्मीदवारों से 12 फरवरी को सुबह 9.30 बजे तक परीक्षा स्थल पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्हें अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र के रूप में मूल आधार कार्ड तथा उसकी एक फोटो प्रति साथ लाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए उपमंडलीय पशु चिकित्सालय बड़सर में संपर्क किया जा सकता है।
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नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी करेंगे शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ
15 से 19 फरवरी तक होगा राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 का आयोजन*
बैजनाथ: राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर सोमवार को एसडीएम कार्यालय परिसर में दूसरी समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विधायक किशोरी लाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन 15 फरवरी से 19 फरवरी 2026 तक हर्षोल्लास एवं धूमधाम से किया जाएगा । जिसका शुभारंभ 15 फरवरी को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव के शुभारंभ में नगर नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि उसी रात शिव मंदिर प्रांगण में पारंपरिक जागरण आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव का बैजनाथ क्षेत्र में विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व है तथा यह प्राचीन उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है। यह महोत्सव न केवल लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है, बल्कि क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।
विधायक ने महोत्सव के दौरान साफ-सफाई, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने सांस्कृतिक संध्याओं में स्थानीय कलाकारों को अधिक से अधिक अवसर देने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि क्षेत्रीय लोक संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बैजनाथ शिवरात्रि उत्सव का धार्मिक एवं पौराणिक महत्व अत्यंत प्राचीन है तथा इसका आयोजन जन-सहयोग एवं सहभागिता से ही संभव होता है।
बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए एसडीएम संकल्प गौतम ने जानकारी दी कि महोत्सव के दौरान बेबी शो, डॉग शो, फैशन शो ‘मिस धौलाधार’, पुरुष एवं महिला वर्ग की कुश्ती, शतरंज प्रतियोगिता, बैडमिंटन, क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस सहित महिलाओं के लिए विशेष प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक, जनकल्याणकारी एवं जागरूकता से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी जिनमें महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक संदीप शर्मा, तहसीलदार बैजनाथ रमन ठाकुर, पूर्व अनुसूचित जाति सैल के उपाध्यक्ष रविंदर बिट्टू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पार्टी पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ऊना: हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा सोमवार को लघु सचिवालय ऊना में जिला स्तर पर पहली विशेष अदालत का आयोजन कर महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा से संबंधित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष, विद्या नेगी व सदस्य सरोज शर्मा, रीना पुंडीर व रीना दरोच ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने बताया कि कुल सूचीबद्ध 28 मामलों में से 12 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें याचिकाकर्ता व प्रतिवादी शामिल हुए। इन मामलों में अधिकतर घरेलू हिंसा, कार्य स्थल उत्पीड़न, पारिवारिक व यौन उत्पीड़न जैसे मामलों पर सुनवाई हुई। उन्होंने कहा आयोग शीघ्र ही दूसरी अदालत लगाएगा।
इस अवसर पर विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और पीड़ित महिलाओं को किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आयोग के समक्ष निःसंकोच संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर ऐसी अदालतें लगाने जा रहा है। इसी कड़ी में 11 व 12 फरवरी को ज़िला कांगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला में डिविज़नल कमिश्नर के कार्यालय में विशेष अदालत लगाने जा रहा है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि महिला उत्पीड़न की घटनाओं के विरुद्ध आगे आएं और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में सहयोग करें।
इस मौके पर हिमाचल महिला आयोग कार्यालय शिमला से सदस्य सचिव बुशरा अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा , लॉ ऑफिसर यशपाल शर्मा, महिला थाना ऊना से सब-इंस्पेक्टर जमालदीन, निजी सचिव महिला आयोग दिलीप सिंह व राधिका सूद उपस्थित रहे।

