ब्लॉग

विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात; पीएमजीएसवाई-Ⅳ के अगले चरण में 1200 कि.मी. नई सड़कों का प्रस्ताव

शिमला: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-Ⅳ के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बैठक में विशेष रूप से शिमला जिले के अत्यंत दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र डोडरा क्वार की सड़क परियोजनाओं का विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अवगत कराया कि पीएमजीएसवाई चरण-Ⅰ के अंतर्गत स्वीकृत डोडरा क्वार क्षेत्र की सड़क का कुछ भाग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम भू-सतह, अत्यंत प्रतिकूल मौसम तथा सीमित कार्य अवधि के कारण अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाओं तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है।
लोक निमार्ण मंत्री ने डोडरा क्वार क्षेत्र के लंबित सड़क पैकेजों एवं चरण-Ⅰ के शेष कार्यों के लिए विशेष छूट, अतिरिक्त वित्तीय सहयोग तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए आग्रह किया, ताकि इस भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को शीघ्र सर्व-मौसम सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश को पीएमजीएसवाई-Ⅳ के तहत लगभग 1,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 2,300 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा पीएमजीएसवाई-Ⅳ के चरण Ⅱ में लगभग 1,200 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया है। इन परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जा रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने समस्त जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं भूमि-स्वामियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गिफ्ट डीड उपलब्ध करवाकर विभाग का सहयोग करें, ताकि सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध हो सके और अधिकतम दुर्गम क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता ही दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
लोक निमार्ण मंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से हिमाचल में मजबूत, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह पहल केवल सड़क निर्माण तक ही सीमित नहीं, बल्कि समान अवसरों, ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में एक सशक्त प्रतिबद्धता है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों, पीएमजीएसवाई-Ⅰ के अवशिष्ट कार्यों तथा आवश्यक वित्तीय अनुमोदनों के विषय को वित्त मंत्रालय सहित संबंधित स्तरों पर प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और सकारात्मक समाधान की दिशा में शीघ्र प्रगति सुनिश्चित की जाएगी।

“AI Impact Summit में कांग्रेस का व्यवहार राष्ट्र की छवि पर धब्बा – सुशील कड़शोली

शिमला: भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आज सीटीओ शिमला पर कांग्रेस और युवा कांग्रेस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री सुशील कड़शोली रहे। इस अवसर पर प्रत्याशी संजय सूद, प्रदेश सचिव कुसुम सदरेट, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, सह प्रभारी प्यार सिंह कंवर, सुदीप महाजन सहित अनेक पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सुशील कड़शोली ने कहा कि दिल्ली में आयोजित वैश्विक AI Impact Summit के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार का व्यवहार दर्शाता है कि कांग्रेस अब जिम्मेदार विपक्ष नहीं बल्कि अराजकता फैलाने वाली राजनीति का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस घटना को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग कांग्रेस के इस आचरण की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पूर्व नियोजित थी और राहुल गांधी के उकसावे पर कार्यकर्ताओं को एकत्र कर सम्मेलन स्थल पर प्रदर्शन कराया गया। कड़शोली ने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति या दल का नहीं बल्कि भारत की उपलब्धियों और वैश्विक प्रतिष्ठा का विरोध है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के संबंध में युवा कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया, जो इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को दर्शाता है।

युवा मोर्चा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति और व्यवधान पैदा करने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया उसके वैचारिक दिवालियापन और हताशा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास भी राष्ट्रीय उपलब्धियों पर सवाल उठाने का रहा है और आज भी वही मानसिकता सामने आ रही है। कड़शोली ने कहा कि जब दुनिया भारत की प्रगति की सराहना कर रही है, तब कांग्रेस का इस प्रकार का आचरण देशवासियों की भावनाओं को आहत करता है।

कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमित ठाकुर, मंडल अध्यक्ष राजीव पंडित, भरत भूषण, रूपा शारदा, बिट्टू पन्ना, संजीव ठाकुर, सुनील धर, सरोज गोयल, राज कुमार अग्रवाल, धनंजय पूरी, बलवंत वर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अंत में कड़शोली ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा देश की गरिमा और सम्मान के मुद्दों पर हमेशा सजग रहेगा और किसी भी राष्ट्रविरोधी मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहेगा।

प्रदेश सरकार ने रोड ड्रेनेज पॉलिसी को दी स्वीकृति

दीर्घकालिक रणनीति के तहत सड़कों को किया जाएगा अधिक सुदृढ़

शिमला: पहाड़ी भौगोलिक स्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश में सड़कंे जीवन रेखा का काम करती है। प्रदेश में सड़कों का विस्तृत नेटवर्क है। दूर-दराज के गांवों से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्य में सड़कें आवागमन, व्यापार, पर्यटन और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। सड़कों के जाल को विस्तार देने और इन्हें सुरक्षित बनाने से राज्य की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ लोगों का उत्थान भी सुनिश्चित होगा। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने एक वृहद ‘रोड ड्रेनेज पॉलिसी’ तैयार की है। इस नीति का लक्ष्य सशक्त सड़क बुनियादी अधोसंरचना के एक नए युग की शुरुआत करना है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति मानसून में होने वाली भारी बारिश के कारण होने वाले सड़कों के नुकसान को कम करने में प्रभावी साबित होगी।
हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग 40,000 किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क का रख-रखाव सुनिश्चित कर रहा है। इनमें जिला की मुख्य सड़कें, संपर्क मार्ग और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। क्षेत्रीय निरीक्षण और मानसून के बाद के आकलन से यह यह बात सामने आयी है कि अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण सड़कों को भारी क्षति पहुंचती है।
राज्य में वर्ष 2023 और 2025 में सड़कों को क्रमशः 2400 करोड़ रुपये और 3000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ था। तकनीकी मूल्यांकन से यह भी स्पष्ट हुआ कि अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम और भूस्खलन के कारण ही सड़कों को अधिकांश नुकसान हुआ है। मानसून से सड़कों को होने वाली क्षति की मरम्मत पर हर वर्ष भारी खर्च होता है।
अब तक लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों पर जल निकासी व्यवस्था पारंपरिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर विकसित की जाती रही है। पुरानी जल निकासी व्यवस्था में सुधार करते हुए नई ड्रेनेज नीति में वैज्ञानिक हाइड्रोलॉजिकल या भू-आधारित डिजाइन सिद्धांतों को अपनाया गया है। इस नीति में हाइड्रोलॉजी आधारित डिजाइन को केंद्र में रखा गया है। अब ड्रेनेज संरचनाएं वास्तविक वर्षा तीव्रता और जलग्रहण क्षेत्र की विशेषताओं जैसे वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर डिजाइन की जाएंगी। यह डेटा एवं विश्लेषण आधारित नीति मानसून से होने वाली वार्षिक क्षति को कम करने, सड़क नेटवर्क के लचीलेपन को बढ़ाने और सार्वजनिक सुरक्षा व उपयोगिता को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।

उन्होंने बताया कि सभी नई सड़क परियोजनाओं में बॉक्स कल्वर्ट को डिफॉल्ट ड्रेनेज संरचना के रूप में अपनाया जाएगा क्योंकि इसमें जल भराव के कारण जाम होने की संभावना कम होती है और इन्हें मशीनों से साफ करना आसान होता है। नीति में पहाड़ी ढलानों की मजबूती पर भी विशेष बल दिया गया है और भूस्खलन संभावित तथा रिसाव क्षेत्रों में निवारण उपाय अनिवार्य किए गए हैं। सड़क अधोसंरचना में ड्रेनेज प्रणाली को मुख्य इंजीनियरिंग घटक के रूप में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस नीति में आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन क्षेत्रों में नालियों को मानकीकृत डिजाइन के अनुसार ढक कर रखने का प्रावधान किया जाएगा। खुले हिस्सों में ऊंचे कर्ब और इनलेट ओपनिंग बनाई जाएंगी ताकि जल प्रवाह सुचारू रहे और यातायात सुरक्षित रहे। रात के समय दृश्यता और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए उचित अंतराल पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य केवल जल निकासी में सुधार करना ही नहीं बल्कि सड़कों को अधिक सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाना भी है।
उन्होंने बताया कि नीति का कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा जिसमें आर्थिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हर मौसम में संपर्क सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिलों की मुख्य सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त प्रवर्तन का प्रावधान किया गया है ताकि घरेलू अपशिष्ट जल, छत का पानी, सीवेज और ठोस कचरे को सड़क नालियों में अनाधिकृत रूप से बहने से रोका जा सके। नालियों में वाहन खड़ा करना, निर्माण सामग्री रखना या जल प्रवाह में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
यह नीति हिमाचल प्रदेश में मानसून से होने वाली सड़कों की क्षति को कम करने के लिए एक दीर्घकालिक संरचनात्मक समाधान है। वैज्ञानिक योजनाएं, मजबूत इंजीनियरिंग मानकों, ढलान सुरक्षा उपायों और सख्त प्रवर्तन तंत्र के माध्यम से राज्य एक सुरक्षित, अधिक लचीले और टिकाऊ सड़क नेटवर्क विकसित करने की दिशा में अग्रसर है।
व्यवस्था परिवर्तन के व्यापक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और नागरिकों के लिए निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ अवसंरचना सुधार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क ड्रेनेज जैसे मूलभूत तंत्र को मजबूत करना केवल तकनीकी उन्नयन नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता के प्रति शासन की प्रतिबद्धता है। इस दूरदर्शी पहल के माध्यम से राज्य संस्थागत सुधार और टिकाऊ अवसंरचना विकास की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है।
.0.

शिमला के ऐतिहासिक आइस-स्केटिंग रिंक का होगा कायाकल्प

20.22 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आधुनिक सुविधाओं से किया जाएगा सुसज्जित 

शिमला: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला में बड़ी संख्या में देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण के लिए आते है। इसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने लक्कड़ बाजार स्थित ऐतिहासिक आइस-स्केटिंग रिंक के कायाकल्प का निर्णय लिया है। वर्ष 1920 में ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित इस रिंक ने हज़ारों उभरते हुए आइस स्केटर्स के हुनर को निखारा है। अब इसे लगभग 20.22 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य शिमला आने वाले पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। इससे क्षेत्र में शीतकालीन खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित योजना के तहत कुछ पुरानी और अनुपयोगी अधोसंरचना को नए विकास कार्यों के लिए हटाया जाएगा।
शहर के मध्य स्थित उन्नत आइस-स्केटिंग रिंक में किए जाने वाले सुधार कार्यों से पर्यटन गतिविधियों, आइस हॉकी तथा फिगर स्केटिंग जैसे खेलों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे खेल प्रेमियों को प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के नए अवसर मिलेगे साथ ही उभरते स्केटर्स, पेशेवर खिलाड़ियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगीं। यह रिंक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के एक मंच के रूप में भी उभरेगा, जिससे शिमला को खेल मानचित्र पर विशेष स्थान मिलेगा।
इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत 2.81 करोड़ रुपये की लागत से नए क्लब हाउस बिल्डिंग का निर्माण, 16.09 करोड़ रुपये से आइस-स्केटिंग रिंक के बुनियादी ढांचे का निर्माण और 1.21 करोड़ रुपये से स्टोर, सूवनिर शॉप तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।

कोरोना काल में भी भारतीय अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की सराहना : अनुराग ठाकुर

अपनी ओछी राजनीति से कांग्रेस बनी राष्ट्रीय शर्म का विषय – अनुराग ठाकुर

हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद  अनुराग सिंह ठाकुर ने दिल्ली में इंडिया एआई समिट में कांग्रेस पार्टी के शर्मनाक प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपनी ओछी राजनीति से कांग्रेस राष्ट्रीय शर्म का विषय बन चुकी है और जब जब देश प्रगति करता है, कांग्रेस प्रदर्शन करती है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “आज जब पूरी दुनिया भारत को एआई समिट की मेजबानी की गवाह बन रही है ऐसे में कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान डालने का बहुत ही शर्मनाक रास्ता चुना। कांग्रेस पार्टी मोदी जी व एनडीए सरकार विरोध करते-करते भारत विरोधी पार्टी बन चुकी है। अपनी ओछी राजनीति से कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी से राष्ट्रीय शर्म का विषय बन चुकी है। इन्हें भारत की प्रगति से कोई सरोकार नहीं मगर भारत विरोधी एजेंडे को हवा देने में, अपने विदेशी आकाओं को खुश करने में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी अव्वल स्थान पर है। एक तरफ़ जहाँ दुनिया भारत की तकनीकी क्षमताओं का लोहा मान रही है, तो वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस पार्टी ऐसे स्तरहीन विरोध प्रदर्शन कर भारत की छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। कांग्रेस का यह कृत्य मोदी सरकार नहीं भारत की वैश्विक साख व प्रतिष्ठा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन है”

 अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ कांग्रेस ने दुनिया भर में भारत की छवि खराब करने की कोशिश की है और इसकी जितनी निंदा की जाये कम है। वे इस तरह की अफ़रा-तफ़री मचाकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति अब सिर्फ पूरी तरह विरोध की राजनीति हो चुकी है। कांग्रेस मानसकिता तकनीकी विरोधी, प्रगति विरोधी, मोदी विरोधी और अब देश विरोधी है। जब-जब देश प्रगति करता है, कांग्रेस प्रदर्शन करती है। क्या राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी विदेशी निवेशकों को डराने, भारत को कमजोर करने व वैश्विक मंचों का इस्तेमाल भारत विरोधी एजेंडा चलाने का काम कर रही है?

किन्नौर जिला से भर्ती किए जाएंगे 120 सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा पर्यवेक्षक

26 फरवरी, 2026 को रोजगार कार्यालय रिकांग पिओ, 27 फरवरी, 2026 को पूह व 28 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय भावानगर में होंगे साक्षात्कार

रिकांग पिओ : जिला रोजगार अधिकारी किन्नौर सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने आज यहां बताया कि जिला किन्नौर में एसआईएस इंडिया लिमिटेड, आरटीए बिलासपुर द्वारा सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा पर्यवेक्षक के लिए 120 पद निकाले गए हैं, जिसके लिए जिला रोजगार कार्यालय किन्नौर कैंपस साक्षात्कार करवा रहा है।

उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों का वेतन 17,500 से 23 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास, आयु वर्ग 19 से 40 वर्ष, अभ्यर्थी की लम्बाई 168 सेंटीमीटर से ऊपर तथा वजन 54 किलोग्राम से अधिक होना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार जो इस पद से सम्बन्धित योग्यता रखते हो, वह अपने सभी अनिवार्य दस्तावेजों व बायो-डाटा सहित 26 फरवरी, 2026 को रोजगार कार्यालय रिकांग पिओ, 27 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय पूह व 28 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय भावानगर में प्रातः 11ः00 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। इसके अलावा चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को एक माह की ट्रेनिंग के दौरान किट आइटम के लिए 13,500 व 350 रुपए पंजीकरण की फीस रहेगी।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 01786-222291 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

मण्डी: अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में सजी भव्य अंतरराष्ट्रीय कल्चरल परेड, 35 दलों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया कल्चरल परेड को फ्लैग ऑफ

मण्डी: अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी के तहत आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय कल्चरल परेड में 35 सांस्कृतिक दलों ने भाग लेकर शहर को रंग, संगीत और लोक परंपराओं से सराबोर कर दिया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उपायुक्त कार्यालय परिसर से परेड को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। परेड सेरी मंच से होते हुए इंदिरा मार्केट परिसर तक पहुंची, जहां मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों ने इस अद्भुत सांस्कृतिक झांकी का स्वागत किया।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और वैश्विक भाईचारे का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों और राज्यों से आए कलाकारों की भागीदारी हिमाचल की अतिथि देवो भवः की परंपरा को सुदृढ़ करती है और मंडी को विश्व पटल पर नई पहचान देती है।

सबसे आगे भारत का तिरंगा ध्वज लहराता हुआ चल रहा था, उसके पीछे देश-विदेश से आए कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। परेड के अंत में मधुर धुनों के साथ होमगार्ड का बैंड आकर्षण का केंद्र बना रहा। दर्शकों ने इन आकर्षक दृश्यों को अपने मोबाइल फोन में कैद किया और पूरे मार्ग में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

11 अंतरराष्ट्रीय दलों ने दिखाई सांस्कृतिक विविधता

अंतरराष्ट्रीय दलों में अर्जेंटीना, फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका, श्रीलंका के दो दल, रूस, अफ्रीका कॉन्टिनेंट (तंजानिया, नाइजीरिया, घाना, जिम्बाब्वे, लाइबेरिया, स्वाजीलैंड, लेसोथो, कैमरून और साउथ अफ्रीका), वेनेजुएला, नेपाल, कजाकिस्तान और कंबोडिया के कलाकार शामिल रहे। इन दलों ने पारंपरिक लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। अर्जेंटीना के कलाकारों ने फायर डांस से रोमांच पैदा किया, जबकि रूस से आए कलाकारों ने एलईडी डांस के माध्यम से आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय दलों की दमदार भागीदारी

देश के सात राष्ट्रीय दलों में राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब के दो दल, असम और मणिपुर के कलाकार शामिल रहे। प्रदेश के सात जिलों शिमला, हमीरपुर, लाहौल-स्पिति, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और सिरमौर के सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी लोक परंपराओं की छटा बिखेरी। इसके अतिरिक्त मंडी जिला के पांच स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने भी परेड में भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत मंडव शो भी आकर्षण का विशेष केंद्र रहा।

रंग-बिरंगी वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर धुन और पारंपरिक नृत्य शैलियों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। यह परेड अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक सहभागिता का जीवंत उदाहरण बनी।

कल्चरल परेड में विधायक चन्द्रशेखर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन और एसपी विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे

सुंदरनगर: 5 मार्च तक स्मारिका हेतु आमंत्रित की गईं रचनाएँ

सुंदरनगर: अध्यक्ष मेला कमेटी एवं एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने बताया कि राज्य स्तरीय नलवाड़ मेला सुंदरनगर का आयोजन 22 मार्च से 28 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। मेले के दौरान खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा बेबी शो सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मेले के अवसर पर स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। स्मारिका में क्षेत्र के रचनाकारों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रचनाओं को स्थान दिया जाएगा, जिससे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और भावनाओं का दस्तावेज तैयार हो सके।

एसडीएम अमर नेगी ने क्षेत्र के लेखकों, साहित्यकारों, कवियों एवं कवयित्रियों से आग्रह किया है कि जो रचनाकार अपनी रचना स्मारिका में प्रकाशित करवाना चाहते हैं, वे 5 मार्च 2026 तक अपना लेख या कविता पासपोर्ट साइज फोटो सहित उपमंडलाधिकारी कार्यालय सुंदरनगर में जमा करवाएं।

जो रचनाकार व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में दस्तावेज जमा नहीं कर सकते, वे अपनी रचना एवं पासपोर्ट साइज फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल नंबर 9418400061 पर भी भेज सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने जारी की जिला परिषद चंबा के तहत वार्डों के परिसीमन संबंधी अधिसूचना

आगामी 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जा सकते हैं आपत्तियाँ–आक्षेप

चंबा: उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद चंबा के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के परिसीमन से संबंधित अधिसूचना प्रकाशित कर दी है।

उपायुक्त द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जिला परिषद चंबा के अंतर्गत 18 वार्डों—करयास, सनवाल, चान्जू, खणी, किलोड़, सुनारा, करियां, बख्तपुर, मोतला, समोट, बनेट, नैनीखड्ड, उदयपुर, सरोल, चकलू, करवाल, ब्याणा तथा सनूह के परिसीमन संबंधी प्रस्ताव पर आगामी 7 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्तियाँ अथवा आक्षेप प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समय अवधि समाप्त होने के पश्चात कोई भी आक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

परिसीमन सूची जिला पंचायत अधिकारी एवं सचिव जिला परिषद तथा समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं समस्त सचिव ग्राम पंचायत के कार्यालयों में अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी।

हमीरपुर: नादौन में डिप्लोमा एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों के साक्षात्कार 23 को

हमीरपुर:  बद्दी की प्रसिद्ध कंपनी जूपिटर सोलर टैक प्राइवेट लिमिटेड में डिप्लोमा एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के 200 पदों को भरने के लिए 23 फरवरी को सुबह साढे दस बजे उपरोजगार कार्यालय नादौन में साक्षात्कार लिए जाएंगे।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और केमिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमाधारक फ्रेशर या वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के पासआउट महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित युवाओं को बीस हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।

भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।