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शिमला: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने घणाहट्टी में 24 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं के किए शिलान्यास

शिमला: लोक निर्माण एंव शहरी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधंसाभस क्षेत्र के घणाहट्टी में एक दिवसीय प्रवास के दौरान 24 करोड़ रुपए से अधिक राशि के विभिन्न विकासात्मक कार्यों की आधारशिला रखी। कैबिनेट मंत्री ने 4 करोड़ 67 लाख रूपये की लागत से राष्ट्रीय उच्च मार्ग-205 के तहत घणाहट्टी से दाड़लाघाट के बीच विभिन्न स्थानों पर रिटेनिंग वाल लगाने के कार्यों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 37 लाख 66 लाख रूपये की लागत से घणाहट्टी बाजार में पेवर बिछाने एवं ड्रेनेज के कार्य का शिलान्यास भी किया। करीब 12 करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से चक्कर से दाड़लाघाट के मध्य विभिन्न क्षेत्रों में 13 किलोमीटर मेटलिंग एवं टारिंग कार्य का भी शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त, 2 करोड़ 12 लाख रूपए के अन्य कार्य भी इसमें शामिल हैं। 

300 महिलाओं को वितरित की सिलाई मशीनें 
कैबिनेट मंत्री ने टाटा पावर एवं उषा इंटरनेशनल के सौजन्य से हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एंड एजुकेशन ट्रस्ट के द्वारा 300 महिला उद्यमी को उद्यम स्थापित करने की दृष्टि से सिलाई किट वितरित की। इसक साथ ही सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि महिलाएं समाज-परिवार के उत्थान के लिए कार्य करती हैं। आज महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी को किसी के नाम की जरूरत नहीं है, वह अपनी पहचान अपने नाम और काम से बना रही है। इस तरह की संस्थाओं में प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को रोजगार को नए आयाम मिलते है। उन्होंने संस्था को निर्देश दिए कि नया प्रोजेक्ट बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं उससे जुड़ सके। इसके लिए सरकार की तरफ हर संभव सहयोग मुहैया करवाई जाएगी। 

शिमला ग्रामीण विस में करवाए 375 करोड़ के विकास कार्य

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा दो बार आ चुकी है जिसमें हजारों करोड़ों रुपए का नुक्सान प्रदेश को हुआ है, लेकिन इसके बावजूद शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 375 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाएं गए हैं। इसी के तहत घणाहट्टी पंचायत में पिछले तीन सालों में 18 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए है। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण में बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान आज चल रहे है। इस वजह से क्षेत्र की पहचान देश भर में हो रही है। 

नशे को रोकने में भी महिलाएं दे सहयोग

उन्होंने नशे की समस्या हमारे समाज से बढ़ती जा रही है। उन्होंने महिलाओं से अपने क्षेत्र में नशे की रोकथाम में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने उत्थान के लिए तो कार्य कर ही रही हैं, लेकिन अपने क्षेत्र और युवाओं को चिट्टे से बचाने का कार्य भी करें और सभी लोगों को जागरूक करें। क्षेत्र में नशे की कोई भी जानकारी हो तो उसको पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों को दें ताकि इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सके।  

कैबिनेट मंत्री ने विधायक निधि से घणाहट्टी पंचायत को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। विक्रमादित्य सिंह ने महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं को भी सुना और उनका निराकरण सुनिश्चित किया। 

यह भी रहे उपस्थित
इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रभा वर्मा, चंद्रशेखर, सरोज शर्मा, देवेंद्र ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, मोनिका भारद्वाज, लीलावती, सुरेश गुप्ता, हरि चंद गुप्ता, सहित आला अधिकारी मौजूद रहे। 

हिमाचल: पोस्ट कोड-939 के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों को 5 अप्रैल को आयोग के कार्यालय पहुंचने के निर्देश

हिमाचल : प्रदेश सरकार राज्य में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध

हिमाचल : प्रदेश सरकार राज्य में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य से सरकार द्वारा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी विद्यालयों को सुदृढ़ करने तथा उनका चरणबद्ध विस्तार करने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध अन्य सरकारी विद्यालयों को भी मजबूत किया जा रहा है। साथ ही सरकार यह सुनिश्चित करने के प्रति भी सजग है कि वर्तमान में कार्यरत सरकारी शिक्षकों के सेवा हित पूर्णतः सुरक्षित रहें तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। इस संबंध में प्राप्त विभिन्न शंकाओं, अभ्यावेदनों एवं प्रश्नों के दृष्टिगत पारदर्शिता, निरंतरता तथा सभी हितधारकों में विश्वास बनाए रखने हेतु निम्नलिखित विस्तृत स्पष्टीकरण सार्वजनिक हित में जारी किए जा रहे हैं।

यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान में सरकारी विद्यालयों में कार्यरत वे सेवारत शिक्षक, जिनका चयन एवं पदस्थापन सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालयों में किया जाएगा, अपने मूल संवर्ग में अपने पदाधिकार संरक्षण (मूल पद पर दावा अधिकार) का पूर्ण संरक्षण बनाए रखेंगे। इसका अभिप्राय है कि ऐसे शिक्षक केवल सीबीएसई विद्यालयों में कार्य करने का विकल्प चुनने के कारण अपने वर्तमान सेवा अधिकार, वरिष्ठता अथवा सेवा की निरंतरता नहीं खोएंगे। सीबीएसई विद्यालयों में उनकी नियुक्ति से उनकी भावी सेवा संभावनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वे पदाधिकार संरक्षण, कार्यकाल तथा पुनः मूल पद पर वापसी आदि से संबंधित प्रचलित सरकारी नियमों एवं निर्देशों के अधीन ही रहेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में आश्वासन प्रदान किया गया था ताकि शिक्षकों की आशंकाएँ दूर हों और अनुभवी एवं सक्षम शिक्षक बिना किसी भय अथवा अनिश्चितता के सीबीएसई विद्यालयों में अपनी सेवाएँ प्रदान कर सकें। अब इस संबंध में आज सरकार द्वारा औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालयों में पदस्थापित किए जाने वाले शिक्षकों को सीबीएसई पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रणाली के अनुरूप शैक्षणिक रूप से तैयार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेवारत शिक्षकों के लिए एक screening test प्रारंभ किया गया है। यह screening test हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने हेतु कि कोई भी पात्र शिक्षक इस प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित न रहे, सरकार ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। पूर्व में अधिसूचित आवेदन प्रक्रिया अब 05.03.2026 तक बिना किसी विलंब शुल्क के खुली रहेगी। यह अवधि विस्तार पात्र अभ्यर्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है।

नीतिगत निर्णय के रूप में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद सर्वप्रथम सेवारत शिक्षकों में से screening test में प्राप्त योग्यता क्रम के आधार पर भरे जाएंगे। यह सरकार की इस मंशा को दर्शाता है कि राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में पहले से कार्यरत प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों का सर्वोत्तम उपयोग किया जाए। सेवारत शिक्षकों को प्राथमिकता देने से शैक्षणिक निरंतरता, संस्थागत स्थिरता तथा सीबीएसई विद्यालयों का प्रारंभ से ही प्रभावी संचालन सुनिश्चित होगा। सेवारत शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात यदि कोई पद रिक्त रह जाते हैं, तो उन रिक्तियों को प्रत्यक्ष नियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी स्वीकृत पद रिक्त न रहे तथा शिक्षण-अधिगम गतिविधियाँ कर्मचारियों की कमी के कारण प्रभावित न हों।

विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा विद्यालय प्रबंधन के लिए यह भी स्पष्ट किया जाता है कि यदि किसी बालक अथवा बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को वर्तमान वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं हेतु परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है और ऐसे विद्यालय का हालिया सरकारी अधिसूचनाओं के अंतर्गत किसी अन्य विद्यालय में विलय किया गया है, तो परीक्षा व्यवस्थाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएँ पूर्व प्रचलित व्यवस्था के अनुसार उसी विद्यालय परिसर में आयोजित की जाएंगी। यह स्पष्टीकरण विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा, भ्रम अथवा अंतिम समय में परीक्षा केंद्र से संबंधित परिवर्तन से बचाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

राज्य सरकार शिक्षकों के हितों की सुरक्षा, बोर्ड परीक्षाओं के निर्बाध संचालन तथा सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की समग्र गुणवत्ता में सुधार हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सभी हितधारकों से अनुरोध है कि विद्यार्थियों एवं सार्वजनिक शिक्षा के व्यापक हित में लिए गए इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग एवं समर्थन प्रदान करें।

इंदिरा गांधी मातृ-शिशु संकल्प योजना से सशक्त होगा प्रदेश का भविष्य; योजना पर व्यय होंगे 207 करोड़

कुपोषण मुक्त समाज की ओर महत्त्वाकांक्षी पहल
शिमला: मातृ एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 207.11 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को उच्च गुणवत्ता प्रोटीन, आवश्यक कैलोरी और महत्त्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व से युक्त पूरक पोषण उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्यभर में 2,99,488 पात्र लाभार्थियों को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित गया है।
यह पहल जीवन के पहले 1,000 दिनों की महत्त्वपूर्ण अवधि के दौरान पीढ़ी-दर-पीढ़ी कुपोषण की समस्या को समन्वित पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से दूर करने पर केन्द्रित होगी। साथ ही, इसका उद्देश्य शिशु मृत्यु दर और रोगग्रस्तता को कम करना तथा समग्र पोषण परिणामों में सुधार करना है।
योजना के अंतर्गत गंभीर तीव्र कुपोषित और मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों सहित उच्च जोखिम वाले समूहों तथा कम जन्म वजन वाले शिशुओं की शीघ्र पहचान, निरंतर निगरानी और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सशक्त रेफरल एवं अनुवर्ती तंत्र विकसित किया जाएगा।
फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि वे एनीमिया, दस्त और निमोनिया जैसी प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। योजना के तहत वैज्ञानिक रूप से तैयार, पोषक तत्वों से भरपूर और फोर्टिफाइड खाद्य प्रीमिक्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जो भारत सरकार के संशोधित पोषण मानकों के अनुरूप होंगे। प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए दूध और अंडे भी प्रदान किए जाएंगे।
गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों तथा कम जन्म वजन वाले शिशुओं के लिए विशेष पोषण और अनुवर्ती प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। पोषण पुनर्वास केंद्रों को होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर और होम-बेस्ड यंग चाइल्ड केयर की सघन विज़िट्स से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर विज़िट्स के लिए आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। निगरानी तंत्र को पोषण ट्रैकर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड तथा राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर संयुक्त समीक्षा प्रणाली के माध्यम से सुदृढ़ किया जाएगा।
पोषण, स्वास्थ्य, जल एवं स्वच्छता तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित समेकित सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच संस्थागत अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कुपोषण राज्य में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बना हुआ है और सरकार इसे समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों को पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने से कुपोषण का सामाजिक और आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा तथा एक स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।

हिमाचल: प्रदेश में शराब इकाइयों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू

हिमाचल : प्रदेश में पहली बार खुदरा शराब ठेकों (रिटेल लिकर वेंड्स) के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 की अवधि के लिए लागू होगी। इस वर्ष राज्य सरकार ने खुदरा शराब इकाइयों के आवंटन को पारदर्शी ऑनलाइन ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से करने को स्वीकृति प्रदान की है। पहले दिन किन्नौर, हमीरपुर और चंबा जिलों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। ई-नीलामी पोर्टल का लिंक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  (www.hptax.gov.in)  और आबकारी ई-गवर्नेंस पोर्टल  (https://egovef.hptax.gov.in/)  पर उपलब्ध करावाया गया है। पोर्टल को सीधे https://eauction.gov.in/ngauction  पर भी एक्सेस किया जा सकता है।
ई-नीलामी, इकाई-वार आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक खुदरा आबकारी शराब इकाई के लिए अलग-अलग ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदक अपने घर या कार्यालय से ही ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। किन्नौर, हमीरपुर और चंबा जिलों की शराब इकाइयों के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 फरवरी, 2026 शाम 6:55 बजे से 26 फरवरी, 2026 शाम 6ः15 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। दस्तावेजों की जांच 25 फरवरी शाम 6ः30 बजे से 27 फरवरी, 2026 शाम 6: 55 बजे तक की जाएगी। खुदरा शराब इकाइयों की नीलामी 28 फरवरी 2026 को सुबह 9ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक आयोजित होगी।
सिरमौर, ऊना और बद्दी जिलों के लिए आवेदन 24 फरवरी, 2026 शाम 6:55 बजे से 26 फरवरी, 2026 शाम 6:15 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की जांच 26 फरवरी शाम 6:30 बजे से 28 फरवरी, 2026 शाम 6:55 बजे तक होगी। नीलामी 2 मार्च 2026 को सुबह 9ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
सोलन, कांगड़ा और बिलासपुर जिलों के लिए आवेदन 25 फरवरी, 2026 शाम 6:55 बजे से 27 फरवरी, 2026 शाम 6:30 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। दस्तावेजों की जांच 27 फरवरी शाम 6:30 बजे से 2 मार्च, 2026 शाम 6:55 बजे तक की जाएगी। नीलामी 3 मार्च, 2026 को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी।
मंडी और नूरपुर के लिए आवेदन 26 फरवरी, 2026 शाम 6:55 बजे से 28 फरवरी, 2026 शाम 615 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की जांच 28 फरवरी शाम 6:30 बजे से 3 मार्च, 2026 शाम 6:55 बजे तक की जाएगी। नीलामी 5 मार्च, 2026 को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
शिमला और कुल्लू जिलों के लिए आवेदन 27 फरवरी, 2026 शाम 6: 55 बजे से 3 मार्च, 2026 शाम 6:15 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। दस्तावेजों की जांच 3 मार्च शाम 6:30 बजे से 6 मार्च, 2026 शाम 6:55 बजे तक होगी। नीलामी 7 मार्च, 2026 को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. यूनुस ने बताया कि सभी आवेदकों को निर्धारित ई-नीलामी पोर्टल पर वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के माध्यम से पंजीकरण करना अनिवार्य हैं। उन्होंने संभावित बोलीदाताओं को परामर्श दिया कि वे भाग लेने से पहले आबकारी नीति 2026-27, मानक संचालन प्रक्रिया और उपयोगकर्ता पुस्तिका को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। ये सभी दस्तावेज विभागीय वेबसाइट और ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे।

सोलन के इन क्षेत्रों 22 फरवरी को रहेगी बिजली बंद…

हिमाचल: प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 22 फरवरी, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अधिशाषी अभियंता सोलन विपुल कश्यप ने दी।

विपुल कश्यप ने कहा कि 22 फरवरी, 2026 को प्रातः 11.30 बजे से सांय 05.00 बजे वसंत विहार, आजीविका परिसर एवं ला पिनोज़ पिज़्ज़ा के आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।

बिलासपुर: बम्म-डिप्पर-हटवाड़ और जोल से डुमेहर सड़क मार्ग 25 मार्च तक यातायात के लिए बंद

बिलासपुर: जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग मण्डल घुमारवीं के अंतर्गत बम्म-डिप्पर-हटवाड़ सड़क मार्ग तथा जोल से डुमेहर सड़क आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए आगामी 25 मार्च तक बंद रहेंगे।

उन्होंने जारी आदेश में आगामी 25 मार्च तक जोल की तरफ से आने वाले वाहनों को बाया बरोटा-लदरौर सड़क तथा डुमेहर की तरफ से आने वाले वाहनों को रोहल खड्ड-घंडालवीं सडक मार्ग का उपयोग करने को कहा है।

उन्होंने जारी आदेशों में बताया कि इन सड़क मार्गों की मरम्मत कार्य के दौरान केवल एम्बुलेंस, स्कूल बसों, वीआईपी वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवा वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।

मण्डी: ड्राइविंग टेस्ट 5 व 19 अप्रैल को

24 फरवरी को आयोजित होने वाला ड्राईविंग टेस्ट प्रशासनिक कारणों से रद्द

बिलासपुर : जिला पंजीयन एवं अनुज्ञापन प्राधिकरण, सदर बिलासपुर डाॅ. राजदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 24 फरवरी को निर्धारित ड्राईविंग टेस्ट किन्हीं प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आगामी माह का ड्राईविंग टेस्ट कार्यक्रम क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर द्वारा जारी किया जाएगा।

बिलासपुर: राजेश धर्माणी 22 और 23 फरवरी को रहेंगे घुमारवीं प्रवास पर

बिलासपुर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी 22 और 23 फरवरी को जिला के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे।

यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राजेश धर्माणी 22 फरवरी को जहां विधानसभा के विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे तथा जनससमयाएं सुनेंगे, तो वहीं 23 फरवरी को प्रातः 11 बजे घुमारवीं के कुठाकर में 132/33 केवी, 63 एमवीए विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे।

हमीरपुर शहर के कई क्षेत्रों में 22 को बंद रहेगी बिजली

हमीरपुर: विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर के अंतर्गत लाइनों एवं उपकरणों की आवश्यक मरम्मत के कार्य के चलते 22 फरवरी को अणु कलां, पूल्ड कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी ऑफिस एवं कॉलोनी, उपायुक्त कार्यालय, गांधी चौक, अप्पर बाजार, नादौन चौक, बस स्टैंड, प्रताप गली, प्रतापनगर, बराड़ बल्ह, पुलिस स्टेशन और साथ लगते क्षेत्रों में सुबह 10 से दोपहर बाद 3 बजे तक बिजली की आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता सौरभ राय ने बताया कि अगर 22 फरवरी को मौसम खराब रहा तो मरम्मत का कार्य एक मार्च को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को ही पंजाब नेशनल बैंक दोसड़का से साईं अस्पताल डुग्घा तक और लालड़ी की ओर जाने वाले मार्ग पर एलटी लाइन के आस-पास पेड़ों की काट-छांट की जाएगी। इसके चलते इन क्षेत्रों में भी सुबह 9 से सायं 5 बजे तक बिजली बंद रहेगी।

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ऊना: मैड़ी मेले में सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर अन्य को आग्नेय अस्त्र लाने पर रहेगी पाबंदी – जिलाधीश

ऊना: उपमंडल अंब स्थित मैड़ी में 24 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित होने वाले डेरा बाबा बड़भाग सिंह होली मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने जिला ऊना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किये हैं। आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान डयूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर किसी भी अन्य व्यक्ति को आग्नेय अस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।

जतिन लाल ने बताया कि मेले के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन, प्रबंधन डेरा बाबा बडभाग सिंह, मंजी साहिब और चरण गंगा के अलावा किसी भी व्यक्ति के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल करने पर पूर्ण मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त मेले क्षेत्र में ब्रॉस बैंड, ड्रम, लंबे चिमटे अन्य शोर-शराबा करने वाले उपकरण इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति इन वस्तुओं को अपने साथ लाता है तो उन्हें बैरियर पर ही पुलिस के पास जमा करवाना होगा।

बाबा बड़भाग सिंह की प्रबंधन कमेटी श्रद्धालुओं को मंजी साहिब की ओर खुलने वाले दरवाजे से बाहर जाने की व्यवस्था करेंगे और लंगर से वापिस आने वाले श्रद्धालु पिछले दरवाजें से बाहर जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं की किसी प्रकार की कोई क्रॉस मूवमेंट न हो।

जिलाधीश ने कहा कि मंजी साहिब के सराये लंगर भवन की ओर से श्रद्धालुओं की एंट्री बंद रहेगी जबकि गुरूद्वारा के नजदीक प्रवेश द्वार के माध्यम से सराये जाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त चरण गंगा प्रबंधन सुनिश्चित करेगा कि लोग एक ही दिशा से आगे बढ़ें, ताकि किसी प्रकार की क्रॉस मूवमेंट न हो।