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राज्यसभा सदस्य अनुराग शर्मा पर नामांकन में संपत्ति छिपाने का आरोप, निर्वाचन आयोग को शिकायत

सरकारी ठेके, धारा 9A और अपूर्ण हलफनामे को लेकर सवाल; विधानसभा सचिव द्वारा आनन-फानन में प्रमाण पत्र देने पर भी उठे प्रश्न

शिमला: हिमाचल प्रदेश से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य अनुराग शर्मा के खिलाफ नामांकन प्रक्रिया के दौरान संपत्ति के विवरण छिपाने और चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग, राज्यसभा सचिवालय और हिमाचल प्रदेश विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई गई है। यह शिकायत धर्मशाला की अधिवक्ता निताशा कटोच द्वारा दायर की गई है।

शिकायत में कहा गया है कि अनुराग शर्मा, निवासी गांव बीड़, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा को 7 मार्च 2026 को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। लेकिन उनके नामांकन के साथ दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्तियों का पूरा और सही विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जो कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33 के तहत अनिवार्य है।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि कानून के अनुसार किसी भी प्रत्याशी को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी तथा अपने परिवार की चल और अचल संपत्तियों का पूरा विवरण देना अनिवार्य होता है। यदि कोई जानकारी जानबूझकर छिपाई जाती है तो यह कानून का उल्लंघन माना जाता है।

दायर शिकायत के अनुसार निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से यह सामने आया है कि अनुराग शर्मा द्वारा कई भूमि संपत्तियों का विवरण हलफनामे में नहीं दिया गया। इनमें जिला कांगड़ा के बैजनाथ और मुल्थान क्षेत्रों के साथ-साथ जिला मंडी के जोगिंदरनगर क्षेत्र में स्थित कई भूमि खातों का विवरण शामिल है। शिकायत में इन संपत्तियों के खाता नंबर और संबंधित गांवों का भी उल्लेख किया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि भूमि संपत्ति के अलावा एक लाइसेंसी हथियार से संबंधित विवरण भी नामांकन के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों में सही प्रकार से प्रदर्शित नहीं किया गया। इस प्रकार महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जा सकता है।

इसके अतिरिक्त शिकायत में पैरा 7 के तहत जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9A का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि अनुराग शर्मा नामांकन दाखिल करते समय एक सरकारी ठेकेदार के रूप में कार्य कर रहे थे और उनके नाम पर लोक निर्माण विभाग के लगभग 16 करोड़ रुपये के ठेके चल रहे थे, जिनके कार्य अभी प्रगति पर बताए गए हैं। धारा 9A के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास सरकार के साथ सक्रिय अनुबंध हो तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस मामले में विधानसभा सचिव द्वारा आनन-फानन में प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि किसी उम्मीदवार के पास सरकारी अनुबंध लंबित हैं तो उसके संबंध में स्पष्ट स्थिति होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए था।

अधिवक्ता निताशा कटोच ने अपनी शिकायत में कहा है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह मामला जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125A के तहत भी कार्रवाई योग्य बनता है, क्योंकि चुनावी हलफनामे में गलत या अपूर्ण जानकारी देना दंडनीय अपराध है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग, राज्यसभा सचिवालय और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रह सके।

हिमाचल सहित विभिन्न राज्यों के पूर्व सैनिकों के लिए डीजीआर द्वारा विशेष जॉब फेयर का आयोजन 17 मार्च को 

शिमला : हिमाचल  प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के पूर्व सैनिकों को नागरिक कार्यबल में पुनर्स्थापित करने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के प्रयास के तहत, डायरेक्टरेट जनरल रिसेटलमेंट (डीजीआर), पूर्व-सैनिक कल्याण विभाग (एमओडी) 17 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में पूर्व-सैनिकों के लिए जॉब फेयर आयोजित कर रहा है।

डीजीआर वित्तीय वर्ष 2025-26 में देशभर में 18 जॉब फेयर्स आयोजित कर रहा है, जिनमें से 16 फेयर दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कोलकाता, सिकंदराबाद, जम्मू, भोपाल, कोच्चि, गुवाहाटी, देहरादून, बेंगलुरु और पुणे में पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं।

यह जॉब फेयर भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के पूर्व-सैनिकों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि सुरक्षा, आईटी, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर और इंजीनियरिंग में अग्रणी कॉर्पोरेट और उद्योग नियोक्ताओं से जोड़ने का एक समर्पित मंच प्रदान करेगा।

यह पहल पूर्व-सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण के प्रति पूर्व-सैनिक कल्याण विभाग (एमओडी) की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता की नागरिक रोजगार क्षेत्र में उच्च मान्यता है। पूर्व-सैनिकों को अपने कौशल और प्रतिभा को ऐसे नियोजकों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा जो उनकी विशेष योग्यता और अनुभव को समझते हैं। नियोक्ता पंजीकरण के बाद प्रतिबद्ध, कुशल और मिशन-तैयार पेशेवरों के रिज्यूमे मुफ्त में देख सकते हैं और चयनित उम्मीदवारों के इंटरव्यू की योजना बना सकते हैं।

नियोक्ता और पूर्व-सैनिक www.esmhire.com पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, जो केवल पूर्व-सैनिकों के लिए एक AI-संचालित जॉब प्लेटफ़ॉर्म है। पंजीकरण का लिंक डीजीआर की वेबसाइट www.dgrindia.gov.in पर भी उपलब्ध है। पंजीकरण अब खुला है और पूर्व-सैनिकों तथा नियोक्ताओं के लिए निशुल्क है।

सोलन: नौणी में ट्यूलिप एवं ऑर्किड महोत्सव सह पुष्प प्रदर्शनी आयोजित

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग द्वारा आज ट्यूलिप एवं ऑर्किड महोत्सव सह पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, किसानों तथा पुष्प प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस महोत्सव का उद्देश्य फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देना, सजावटी पौधों की विविधता को प्रदर्शित करना तथा शोधकर्ताओं और किसानों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना था। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित परियोजना सजावटी पुष्प बल्बों के बड़े पैमाने पर उत्पादन हेतु नवाचारी प्रौद्योगिकियों का विकास एवं प्रसार: आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे फ्लोरीकल्चर पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के सहयोग से आयोजित किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय की निदेशक अनुसंधान डॉ. देविना वैद्य विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय तथा फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विज्ञान, शिक्षा और किसानों के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विभाग के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों की मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की, जो हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक फ्लोरीकल्चर तथा नवाचारी लैंडस्केप विकास के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ऐसे लैंडस्केप की पर्यटन संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला तथा राज्य में इको-टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा देने के अवसरों का उल्लेख किया।

निदेशक अनुसंधान डॉ. देविना वैद्य ने अपने संबोधन में हिमालयी क्षेत्र में फ्लोरीकल्चर के विकास के लिए अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ट्यूलिप और ऑर्किड राज्य के फ्लोरीकल्चर उद्योग के लिए अत्यंत संभावनाशील फसलें हैं तथा इन उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है।

उत्सव के अंतर्गत किसानों के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए पुष्प सज्जा तथा फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा दो प्रकाशनों—‘नेटिव ऑर्नामेंटल्स’ पर आधारित टेबल कैलेंडर तथा ‘ट्यूलिप्स की सुंदरता’ नामक पुस्तिका—का भी विमोचन किया गया। इन प्रकाशनों में विश्वविद्यालय द्वारा फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में ट्यूलिप की खेती, प्रबंधन और सौंदर्यात्मक महत्व को रेखांकित किया गया है।

कार्यक्रम का समापन प्रधान फ्लोरीकल्चर विशेषज्ञ डॉ. बी. एस. दिल्टा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस आयोजन से इन दोनों फूलों की संभावनाओं को प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी और राज्य में फ्लोरीकल्चर उद्योग को सुदृढ़ करने में योगदान मिलेगा।

प्रधान अन्वेषक डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय पिछले एक दशक से ट्यूलिप पर कार्य कर रहा है तथा ऑर्किड को भी व्यावसायिक फसल के रूप में प्रोत्साहित करने के लिए यहां शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्रदर्शन और प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से हाल ही में 29 किस्मों के 4,000 से अधिक बल्ब लगाए गए हैं, जिन्हें आने वाले वर्षों में और विस्तार दिया जाएगा। इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए व्यावसायिक फ्लोरीकल्चर पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव सिद्धार्थ आचार्य, डीन वानिकी महाविद्यालय डॉ चमन लाल ठाकुर सहित विभाग के संकाय और  प्रगतिशील किसान एवं छात्रों ने भाग लिया।

एसजेवीएन के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने की 150 बिलियन यूनिट उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल

शिमला: एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  भूपेन्द्र गुप्ता  ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा नेशनल पावर ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में अपनी अहम भूमिका को मजबूत करने की पुष्टि की।

इस अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता तथा  निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा  की गरिमामयी उपस्थिति में पावर हाउस में समारोह आयोजित किया गया। एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह पर उपस्थित रहे।

एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मई 2004 में अपनी कमीशनिंग के उपरांत नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने निरंतर उत्कृष्ट प्रचालन विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो भरोसेमंद हरित ऊर्जा उपलब्ध करवाते हुए पीक डिमांड पीरियड में ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करता है।

उन्होंने आगे बताया कि एनजेएचपीएस के निष्पादन को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों द्वारा चिह्नित किया गया है। एनजेएचपीएस ने वित्तीय वर्ष 2011–12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, तत्पश्चात जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो इसकी अनुकूल हाइड्रोलॉजिक परिस्थितियों का सर्वोत्तम उपयोग करने की क्षमता को भी दर्शाता है।

एसजेवीएन निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा,  ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन से जुड़े सभी वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने क्षेत्र में विकास और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का आरंभ किया है।

एनजेएचपीएस परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में समस्त  हितधारकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के अटूट सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।

150 बिलियन यूनिट की यह उपलब्धि प्रमुख पर्यावरणीय महत्व भी रखती है, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन के बड़े हिस्से के प्रतिस्थापन तथा इसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का द्योतक है। इस प्रकार यह स्टेशन भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन और जलवायु प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

एसजेवीएन द्वारा प्रचालित एनजेएचपीएस में निरंतर व्यवस्थित आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी तथा उचित रखरखाव प्रक्रियाओं का लाभ मिलता रहा है। विद्युत उत्पादन के अतिरिक्त, इस परियोजना ने रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

जैसे-जैसे भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है, एसजेवीएन की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण होने के साथ-साथ देश में जलविद्युत की रणनीतिक महत्ता को भी रेखांकित करती है। 

राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष व सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा

राज्यसभा चुनाव पर उठे सवाल, प्रमाण पत्र जारी करने के फैसले की उच्च स्तरीय जांच की मांग — राजेंद्र राणा

शिमला: हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर उठे विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी अनुराग शर्मा को जारी किए गए जीत के प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को एक विस्तृत शिकायत भेजी गई है, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा की उम्मीदवारी को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9A के तहत अयोग्य ठहराने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उम्मीदवार के हलफनामे में स्वयं यह उल्लेख है कि उनका मुख्य व्यवसाय सरकारी ठेकेदारी है और उनके कई सरकारी ठेके जारी हैं, जो इस धारा के तहत अयोग्यता का आधार बन सकते हैं।

राणा ने कहा कि यही तथ्य पहले निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) के सामने भी रखे गए थे और उनसे अनुरोध किया गया था कि कानून के प्रावधानों के अनुसार हलफनामे और दस्तावेजों की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन तथ्यों पर गौर नहीं किया गया और सरकार के दबाव में आकर निर्वाचन अधिकारी ने अनुराग शर्मा को राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से आग्रह किया कि मामले में हस्तक्षेप कर शिकायत में उठाए गए तथ्यों की जांच करवाई जाए और यदि किसी स्तर पर कानून की अनदेखी हुई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

राजेंद्र राणा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सर्वोपरि होती है और यदि किसी भी स्तर पर कानून के प्रावधानों की अनदेखी हुई है तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हिमाचल: क्लास थ्री पदों में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देगी सरकार; नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए CM सुक्खू ने की 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरमौर जिला के नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती करने, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये देने तथा महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन में अगले सत्र से एमएससी जिओलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है और राज्य सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देते हुए 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की, जिसके तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि आज लाहौल-स्पीति जिला की पूरी प्रशासनिक कमान महिलाओं के हाथ में है। जिला सिरमौर के साथ-साथ जिला हमीरपुर की उपायुक्त भी एक महिला अधिकारी हैं जो प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की विवाह की आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष किया गया है। विधवाओं के पुनर्विवाह को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि को 65 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया है। पुलिस की भर्ती में 30 प्रतिशत में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन अगले वर्ष से देने पर विचार किया जाएगा।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को बदलकर मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की। प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के घरांे के पुनर्निमाण के लिए सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, जबकि पूरा प्रशासनिक अमला लोगों की मदद के लिए लगा हुआ था। जब आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक वॉकआऊट कर गए। वर्ष 2025 में आपदा के दौरान भी प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को राहत दी, जबकि भाजपा के सांसद चुप रहे। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी परन्तु आज भी यह पैसा प्रदेश के लोगों को नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी, 2026 हिमाचल प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, जिसके आय के साधन सीमित हैं। उन्होंने कहा हम पंजाब के खेतों को सींचते हैं, उत्तर भारत को पानी देते हैं, जंगलों को बचा कर रखते हैं लेकिन इसके बावजूद हिमाचल के अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया। मैंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व में हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाने को तैयार हूं लेकिन भाजपा विधायक विधानसभा सत्र में नारे लगाते रहे और हिमाचल के अधिकार की कोई बात नहीं की। आज मैं फिर कहना चाहता हूं कि हम इसका भी सामना करेंगे। हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई को युद्ध की तरह लड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं को हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी इसी जिला से हैं, उन्हें भी प्रदेश के लोगों के अधिकारों की बात करनी चाहिए। भाजपा ने धनबल से राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन देवी-देवताओं और लोगों के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई।
श्री सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामलों में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदेश के लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि गुणात्मक शिक्षा के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है और हम स्कूलों में सीबीएसई की शुरूआत कर रहे हैं। यहां म्यूज़िक और ड्राइंग की पढ़ाई भी होगी, जिसके लिए राज्य चयन आयोग के माध्यम से अध्यापकों की भर्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है और हमारी सरकार ने सात गारंटियां पूरी कर दी है। प्रदेश सरकार ने आंगवबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 10,500 रुपये तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 5800 रुपये किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस हिमाचल प्रदेश से किसी को भी उठा कर नहीं ले जा सकती। नियमों को दरकिनार करते हुए बिना सूचना कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज की गई और जब वह दोबारा हिमाचल आए तो पुलिस को सूचित किया, जिस पर राज्य सरकार ने दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग किया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि आज बेटियां पढ़ाई के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में आगे हैं। उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें आगे बढ़ने का भरपूर मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज हमें समाज में लैंगिक भेदभाव को मिटाने का संकल्प लेना चाहिए जिस समाज में नारियों का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू दिव्यांग, अनाथ बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि महिलाओं का किसी भी समाज के उत्थान में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज समाज की सोच में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दो बेटियां हैं, पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की भी दो बेटियां हैं। जबकि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उनकी भी एक-एक बेटी है। बेटियां अपने परिवार के प्रति ज्यादा समर्पित होती हैं। उन्होंने कहा कि आज पढ़ाई से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बेटियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। आज सिरमौर जिला की उपायुक्त भी एक महिला हैं, जो जिला को बेहतर ढंग से चला रही हैं।
भाजपा पर हमला करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ कभी खड़ी नहीं होती। आरडीजी बंद होने के प्रस्ताव का भी भाजपा ने विरोध किया। यह सरकार का विरोध नहीं है बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों का विरोध है। जिसका ख़ामियाज़ा प्रदेश को आने वाले वर्षों में भुगतना पड़ेगा। यही नहीं, जब हिमाचल प्रदेश आपदा के दौर से गुज़र रहा था तो भी भाजपा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी नहीं हुई।
विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल की धरती पर महिलाएं हमेशा शक्ति का प्रतीक रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा ही महिलाओं के अधिकारों और सम्मान में उनके साथ रही है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी कांग्रेस की देन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि और मुख्यमंत्री सुखाश्रय जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। कांग्रेस पार्टी मानती है कि अगर देश को आगे ले जाना है तो महिलाओं को आगे ले जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार सशक्त होगा और जब परिवार सशक्त होगा तो देश सशक्त बनेगा।
विधायक अजय सोलंकी ने मुख्यमंत्री का नाहन पहुंचने पर स्वागत करते हुए कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला से काफ़ी संख्या में महिलाएं ऊंचे पदों पर पहुंची हैं और जिला का नाम रौशन कर रही हैं, जो जिला के लोगों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़ों को बंद कर आम जनता के कल्याण के लिए योजनाएं चलाईं। आज उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में रहने वाले व्यक्ति मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की नीतियों और उनकी दूरदर्शी सोच की सराहना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की नींव रखी थी।

एसजेवीएन ने मनाया “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस”

शिमला: एसजेवीएन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर शिमला में एक भव्य समारोह का आयोजन किया।  इस आयोजन की थीम ‘गिव टू गेन’ थी। संगठन के सभी स्तरों पर अलग-अलग परियोजनाओं और इकाईयों में कार्यरत महिला कर्मचारियों सहित सतलुज  लेडीज़ क्लब के सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में लगभग 200 महिलाओं ने भाग लिया।

इस अवसर परभूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन तथा उनकी धर्मपत्नी शैली  शर्मा के साथ कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर बलजीत सिंह, विभागाध्यक्ष (मां.सं.) भी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र गुप्ता ने महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उनके व्यावसायिक विकास के लिए समान अवसर प्रदान करने के प्रति एसजेवीएन की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारी संगठन की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं तथा अपनी प्रतिबद्धता, नवाचार और सहयोगात्मक भावना से कार्यस्थल की सकारात्मक संस्कृति को सुदृढ़ बना रही हैं।

 अजय कुमार शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन की महिला कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यक्षेत्रों में निरंतर पेशेवर दक्षता, क्षमता और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। संगठन की उपलब्धियों और विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान ने यह सिद्ध किया है कि महिलाओं का सशक्तिकरण संगठनात्मक उत्कृष्टता और सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस कार्यक्रम में कारगिल युद्ध की योद्धा कैप्टन याशिका हटवाल त्यागी मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरक संभाषण में अपनी प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख किया और लोगों को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में पराक्रम, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में एक बाह्य अनुभवात्मक अध्यययन सत्र का भी आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों में नेतृत्व, पराक्रम, आपसी सहयोग और टीम भावना को सुदृढ़ करना था।

इस कार्यक्रम ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम, ‘गिव टू गेन’ के संदेश को और सुदृढ़ किया, जिसमें इस पर बल दिया गया कि जब हम योगदान देते हैं, तो हमें लाभ प्राप्त होता है। इस कार्यक्रम में सभी को एक साथ लेकर समावेशी समाज बनाने के लिए मिलकर कार्य करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

CM सुक्खू ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को दी भावनात्मक विदाई

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भावनात्मक विदाई दी। इस अवसर पर उनके साथ उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, जन-प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल को प्रदेश के प्रति उनकी सेवाओं के सम्मान स्वरूप औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने शिव प्रताप शुक्ल को उनके भावी दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेश के विकास में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने राज्यपाल को शुभकामनाएं दीं।

मण्डी: सिक्योरिटी गार्डज व सुपरवाइजर के 100 पदों के लिए 13 मार्च को करसोग में होंगे साक्षात्कार

करसोग: प्रभारी उप-रोजगार कार्यालय करसोग रोहित गुप्ता ने बताया कि एसआईएस इण्डिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिप्र, द्वारा सिक्योरिटी गार्डज व सुपरवाइजर के 100 पदों (नियमित) केवल पुरूष को भरने हेतू आवेदकों के साक्षात्कार लिए जाएंगे।जिसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास व उससे अधिक, आयु सीमा 19-40 वर्ष होनी चाहिए व आवेदक की शारीरिक लम्बाई 168 सेमी व उससे अधिक और भार 52 से 95 किलो ग्राम होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि चयनित आवेदकों को 8 घंटे की ड्यूटी के लिए 14 हजार 500 से 17 हजार 500 रुपए व 12 घंटे की ड्यूटी के लिए 19 हजार 500 से 23 हजार 500 रुपए प्रति माह प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ईपीएफ, ईएसआई इत्यादि लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि चयनित आवेदकों को हिमाचल प्रदेश, गुजरात व चंडीगढ़ में नियुक्ति दी जा सकती है।उन्होंने बताया इच्छुक आवेदक 13 मार्च, 2026 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, आधार कार्ड, रिज्यूम, रोजगार पंजीकरण पत्र सहित उप-रोजगार कार्यालय करसोग जिला मण्डी हिप्र में साक्षात्कार हेतू नियोक्ता के समक्ष उपस्थित हों ताकि आवेदकों का साक्षात्कार हो सके। इस साक्षात्कार के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता व अन्य लाभ देय नहीं होगे। यह सूचना जनहित में जारी की जा रही है ताकि अधिक से अधिक आवेदक इसका लाभ उठा सकें।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मण्डी जिला के दो दिवसीय प्रवास पर

मण्डी : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आगामी सप्ताह मंडी जिला के दो दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं।

प्रवास कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा मंत्री 11 मार्च, 2026 को प्रातः 10.30 बजे द्रंग विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल के नवनिर्मित भवन तथा राजकीय डिग्री कॉलेज द्रंग के नए बने भवन का लोकार्पण करेंगे। इसके उपरांत वे राजकीय डिग्री कॉलेज द्रंग स्थित नारला के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। उनका रात्रि विश्राम जल शक्ति विभाग के बिजणी विश्राम गृह में होगा।

शिक्षा मंत्री 12 मार्च, 2026 को प्रातः 11.00 बजे राजकीय वल्लभ डिग्री कॉलेज मंडी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे और मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करेंगे। इसके उपरांत दोपहर बाद वे शिमला के लिए प्रस्थान करेंगे।