ब्लॉग

CM सुक्खू ने लुथान स्थित निर्माणाधीन सुख आश्रय परिसर का किया निरीक्षण

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले के लुथान में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सुख आश्रय परिसर का निरीक्षण किया। इसका निर्माण लगभग 92.33 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इसे निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके दृष्टिगत विभिन्न पहल की जा रही हैं।
इस अवसर पर विधायक संजय रतन भी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने अधिकारियों से वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान विभागीय वाहन उपलब्ध करवाने का किया आग्रह

वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सरकारी वाहनों की रहती है आवश्यकता

शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिला के अधिकारियों से अनुरोध किया किया कि वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट के दौरान आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर विभागीय वाहन उपलब्ध करवाएं। इससे वीवीआईपी मूवमेंट को सुचारू और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त आज यहाँ लगभग 63 विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट के दौरान अल्प अवधि सूचना पर विभागीय वाहन उपलब्ध करवाने को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने सरकारी वाहनों और उनके चालक की जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) को देने को कहा ताकि एक सूची तैयार से साथ एक रोस्टर तैयार किया जा सके जिससे वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान जिला प्रशासन और विभागों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। रोस्टर में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बार-बार एक ही अधिकारी की प्रोटोकॉल ड्यूटी न लगे जिससे सरकारी काम भी प्रभावित नहीं होगा। 
उन्होंने कहा कि शिमला प्रदेश की राजधानी होने और रमणीय पर्यटन स्थल होने के कारण यहां वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट आए दिन रहती और कई बार एक समय पर एक से अधिक वीवीआईपी मूवमेंट के कारण प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए ज़्यादा वाहनों की ज़रूरत पड़ती है। इसलिए ऐसी स्थिति में अल्प अवधि सूचना मिलने पर तुरंत विभागीय वाहन उपलब्ध करवाना हम सभी का कर्तव्य है। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट के दौरान अन्य वाहनों को प्रोटोकॉल ड्यूटी में नहीं लगाया जाता और ऐसे में सुरक्षा कारणों से केवल सरकारी वाहनों की ही आवश्यकता रहती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने सरकारी वाहन को कई बार प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए भेजा है। सभी अधिकारियों को ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

हिमाचल: सस्ता हुआ घरेलू एलपीजी सिलिंडर

घरेलू गैस आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं; कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित

हिमाचल: पैट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सचिव पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर बताया गया कि भारत सरकार शीघ्र ही पिछली लागत के अनुरूप 20 प्रतिशत व्यावसायिक गैस सिलेंडर जारी करने जा रही है। मिट्टी तेल का भी पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है ताकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ईंधन की समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के सर्वर पर बुकिंग की व्यवस्था आज रात से शुरू हो जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल एक बार ही गैस बुकिंग करें ताकि सर्वर पर लोड न पड़े। प्रदेश में सभी परिवारों को मिट्टी तेल देने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत जिला में दो या तीन डीलर नियुक्त किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए प्रत्येक जिले में टीमों का गठन किया गया है जो स्वतः व शिकायत प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि कालाबाजारी व जमाखोरी से संबंधित शिकायत के लिए विभागीय टोल फ्री नंबर 1967 और 1100 पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस आपूर्ति में कोई भी व्यवधान नहीं है, इसकी सुचारू आपूर्ति की जा रही है।

प्रदेश में कल से मौसम खराब होने की संभावना....

हिमाचल: 14 मार्च की रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना

हिमाचल: पूरे प्रदेश में 15 से 18 मार्च तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 14 मार्च की रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का पूर्वानुमान है।

प्रदेश में खराब मौसम के येलो अलर्ट के बीच वीरवार को अटल टनल रोहतांग, केलांग, पांगी में बर्फबारी और भुंतर में ओलावृष्टि हुई। मनाली और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। रोहतांग दर्रा में करीब 10 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। लाहौल में अटल टनल रोहतांग के साथ पूरी घाटी में बर्फबारी हुई। केलांग, कोकसर, कुंजम दर्रा, शिंकुला और बारालाचा में भी बर्फबारी हुई है। पांगी की ऊंची चोटियों सुराल भटोरी, साछू, परमार, कुमार, पुंटों, और हुड़ान भुटोरी में 12.7 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। मनाली में सुबह बारिश हुई। कुल्लू और भुंतर में भी पूर्वाह्न करीब 11 बजे बारिश हुई। भुंतर में ओले भी गिरे। कांगड़ा जिले में वीरवार सुबह हल्की बारिश हुई। हालांकि, हल्की बारिश से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। वीरवार को जिला किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों सहित हांगो और नाको में बर्फबारी हुई।

प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में शुक्रवार और शनिवार को लू चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

हिमाचल के शहर अब AI सक्षम स्मार्ट सिटी के रूप में उभर रहे हैं – गोकुल बुटेल

शिमला: मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गोकुल बुटेल ने आज चंडीगढ़ में आयोजित ‘अर्बन इनोवेशन समिट’ में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन का शुभारम्भ पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया।
राज्यपाल ने गोकुल बुटेल का आभार व्यक्त करते हुए शिखर सम्मेलन में उपस्थित अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों और हितधारकों से विशेष आग्रह किया कि वह हिमाचल प्रदेश के ‘डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस मॉडल’ का गहन अध्ययन करें और इसे एक बेंचमार्क के रूप में अपनाएं।
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोकुल बुटेल ने कहा, आज की बदलती दुनिया में नवाचार अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारे शहरों और नागरिकों के अस्तित्व के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है। हिमाचल प्रदेश के शहरी केंद्र अब केवल संवेदनशील पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह अब तेजी से ए.आई. सक्षम स्मार्ट शहरों के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
बुटेल ने राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में हिमाचल ने तकनीक के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हिम सेवा पोर्टल के माध्यम से वर्तमान में 550 से अधिक नागरिक-केंद्रित सेवाएं ए.आई. के उपयोग से प्रदान की जा रही हैं। हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने अपनी स्टेट डेटा होस्टिंग पॉलिसी अधिसूचित की है। डेटा-संचालित युग में बेहतर विश्लेषण और सटीक नीति निर्धारण के लिए डेटा का व्यवस्थित और सुलभ होना अनिवार्य है, जिसे हमने संभव कर दिखाया है।
उन्होंने हिम डेटा पोर्टल और ए.आई. आधारित दस्तावेज सत्यापन प्रणाली के विभिन्न लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि पहले राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों को मैन्युअल सत्यापन में हफ्तों लग जाते थे। अब हमारा ए.आई. सक्षम सिस्टम रीयल-टाइम फीडबैक प्रदान करता है, जिससे नागरिकों को जमा करने से पहले सुधार का मौका मिलता है। गोकुल बुटेल ने कहा कि हिमसोमसा, पंचायती राज और शहरी विकास के डिजिटल सुधारों, विशेषकर परिवार रजिस्टर के माध्यम से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 60 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष बचत हो रही है।
नवाचार के मानवीय चेहरे पर बल देते हुए उन्होंने हिम परिवार और माई डीड जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माई डीड के माध्यम से हिमाचल पूरी तरह से पेपरलेस संपत्ति पंजीकरण प्रणाली लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है, जिसने बिचौलियों को खत्म कर तहसील कार्यालय को सीधे नागरिक के मोबाइल स्क्रीन पर पहुंचा दिया है।

जिला में भेजी गैस सिलेंडर की 14 गाड़ियां – उपायुक्त

शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि आज गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए जिला शिमला के सभी उपमंडलों में 14 गाड़ियां भेजी गई हैं। 

उपायुक्त आज जिला के सभी उपमंडल उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला में गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति का जायजा ले रहे थे। 

उन्होंने कहा कि जिला में कहीं भी घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निरंतर जारी है। इसीलिए लोग इन चीज़ों का अनावशयक भण्डारण न करें। 

बैठक में बताया गया कि आज जिला के लिए 4488 घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त हुए थे जिनमें से 4249 जिला के विभिन्न क्षेत्रों में भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला में अभी भी 8382 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार, जिला में 521 वाणिज्यिक सिलेंडर भेजे गए हैं और 499 अभी और उपलब्ध हैं जिनकी आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर केवल अस्पतालो एवं शैक्षणिक संस्थानों को की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि जिला में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल तथा डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है तथा नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा प्रशासन को सहयोग देने का आग्रह किया।

मिट्टी तेल व कोयले की मांग करें: उन्होंने सभी एसडीएम को गैस के अतिरिक्त वह दूसरे विकल्प के रूप में मिट्टी तेल व कोयले की मांग भेजने के भी निर्देश दिए ताकि मानानुसार मिट्टी तेल व कोयला उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि एसडीएम अपने क्षेत्र में मांग का आकलन करने के पश्चात मांग की सूची जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग शिमला, जिला शिमला के कार्यालय में देना सुनिश्चित करें ताकि मांगा अनुसार उनको मिट्टी तेल व कोयले की आपूर्ति की जा सके और जरुरत अनुसार उसका उपयोग किया जा सके। 

सभी एसडीएम रोजाना देंगे रिपोर्ट: उन्होंने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी वालों के साथ प्रतिदिन बैठक कर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए और रोज सांय निर्धारित फॉर्मेट पर इसकी रिपोर्ट देना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में होटल, रेस्टोरेंट तथा अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग की भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को पेट्रोल पंप पर स्टॉक की और आरक्षित कोटा की भी निरंतर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में मिट्टी तेल की आवश्यकता का भी आकलन करे। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की रोजाना स्थिति का जायजा लिया जाना आवश्यक है। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल या डीजल कैन में न दिया जाए ताकि इन चीज़ों का अनावश्यक भण्डारण न हो।

उन्होंने कहा कि बड़े विकास कार्यों में मशीनरी के लिए डीजल की जरूरत रहती तो उन कार्यों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये ताकि कोई भी विकास कार्य बाधित न हो।  

माह के अंत तक 7,635 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगे टैबलेट; शिक्षा मंत्री ने दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्धः  शिक्षा मंत्री
पीडीएनए के तहत 219 स्कूलों के लिए 13.91 करोड़ रुपये जारी
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों को समयबद्ध लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सुविधाओं के विस्तार, कर्मचारियों की उपलब्धता तथा शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्कूलों के विलय, डिनोटिफिकेशन और रेशनलाइजेशन के कारण विद्यार्थियों को हो रही कठिनाइयों का संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिक से अधिक प्रभावित विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विशेषकर दूरदराज और जनजातीय जिलों जैसे किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति के विद्यार्थियों को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा ताकि दूरी शिक्षा में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि स्कूलों के पुनः नोटिफिकेशन और रेशनलाइजेशन से जुड़े सभी निर्णय विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर ही लिए जाएं। उन्होंने नगरोटा और ज्वालामुखी के स्कूलों को पुनः नोटिफाई करने के भी निर्देश दिए।
शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य के 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता मिल चुकी है और ये स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत संचालित होंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस माह के अंत तक 7,635 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।
कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा मंत्री ने चयनित स्कूलों में बागवानी विषय को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से ड्यूल कैटेगरी मान्यता प्राप्त हुई है और इस विषय को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा तथा जहां भी कोर्स शुरू होगा वहां पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
भर्ती से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री को अवगत करवाया गया कि 1,427 शिक्षकों ने एलडीआर परीक्षा दी है और इसके परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग से 870 शिक्षकों के पद भरने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि विशेषकर विज्ञान और वाणिज्य विषयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। उन्होंने लंबित भर्ती मामलों का विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए ताकि नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके।
बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीडीएनए के अंतर्गत 219 स्कूलों के लिए 13.91 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनमें से 782 मरम्मत एवं निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों की रैंकिंग को 17 मार्च को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे शैक्षणिक स्तर में सुधार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नए केन्द्रीय विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने के भी निर्देश दिए, ताकि इन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से कार्यशील बनाया जा सके।
रोहित ठाकुर ने प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थियों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में प्रवेश लेते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत के. शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने वेद आश्रम, कांगड़ा में स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य से की भेंट

कविन्द्र गुप्ता ने वैदिक परंपराओं के संरक्षण व प्रचार में संतों की भूमिका को बताया महत्त्वपूर्ण

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कांगड़ा जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान योल स्थित वेद आश्रम का दौरा किया। इससे पूर्व, जिला कांगड़ा आगमन पर प्रशासन ने राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य से भेंट कर वर्तमान समय में वैदिक शिक्षाओं के महत्त्व पर चर्चा की। उन्होंने आश्रम में हवन-यज्ञ में भाग लेकर प्रदेश एवं देशवासियों की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की। राज्यपाल ने स्वामी जी के वैदिक ज्ञान पर आधारित प्रवचनों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्रम के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्वामी जी भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी वेदों के प्रचार-प्रसार में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संत और आध्यात्मिक नेता आधुनिक युग में वेदों की शाश्वत ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आज जब समाज तेजी से आधुनिकता की ओर अग्रसर हो रहा है, तब भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संत समाज में वैदिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देकर लोगों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि संतों के निस्वार्थ प्रयासों से समाज को यह समझने में सहायता मिलती है कि आज के तेजी से बदलते समय में भी वैदिक शिक्षाएं संतुलित, नैतिक और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को न भूलें, जिसे भारत ने विश्व को प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि वैदिक मूल्यों को अपनाने का अर्थ आधुनिकता से दूर होना नहीं है, बल्कि प्राचीन ज्ञान से शक्ति और दिशा प्राप्त कर आधुनिक जीवन की चुनौतियों का स्पष्टता और उद्देश्य के साथ सामना करना है।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य द्वारा वैदिक ज्ञान के प्रचार और वैदिक संस्कृति के पुनरुत्थान के माध्यम से समाज और मानवता की अमूल्य सेवा की जा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वेद आश्रम आने वाली पीढ़ियों को भी इसी प्रकार प्रेरित करता रहेगा।

शिक्षा मंत्री बोले- प्रदेश के सभी कॉलेजों की होगी रैंकिंग; 394 सहायक प्राध्यापकों के पद भरे जाएंगे

मण्डी:  शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज प्रदेश के सबसे पुराने राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी के 75वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रोहित ठाकुर ने कहा कि वार्षिक समारोह किसी भी छात्र के जीवन का अहम पड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि युवा छात्र जीवन का भरपूर आनंद लें और साथ ही भविष्य की भूमिका के लिए सजग रहते हुए अपनी तैयारियां भी करते रहें। उन्होंने कहा कि आज तीव्र प्रतिस्पर्धा का दौर है और ऐसे में कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं लगन ही छात्र-छात्राओं के लिए आगे बढ़ने की सीढ़ी होती हैं। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए युवा पीढ़ी अपने कौशल में निखार लाए तथा प्रदेश व राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार कौशल आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रदेश सरकार ने सभी राजकीय महाविद्यालयों में रैंकिंग व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे विभिन्न कॉलेजों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा शुरू होगी और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी उत्तरोत्तर बढ़ोतरी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के अंतर्गत प्रदेश के केवल 34 कॉलेज ही आते हैं और शिक्षा विभाग की रैंकिंग प्रणाली में सभी 134 कॉलेजों को शामिल किया जाएगा। इसकी शुरुआत इसी माह से करने की तैयारियां विभाग द्वारा कर ली गई हैं।

रोहित ठाकुर ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के साथ ही प्राध्यापकों की नियुक्ति को भी प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में 484 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां विभिन्न कॉलेजों में की हैं। इसके अतिरिक्त विभाग को 394 सहायक प्राध्यापकों के पद भरने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज कैडर में पदोन्नति के माध्यम से प्राचार्य के लगभग 103 पद वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भरे गए हैं। इन्हीं प्रयासों का सुपरिणाम है कि उच्चतर शिक्षा में सकल नामांकन (दाखिले) अनुपात में आज हिमाचल देशभर में 43 प्रतिशत की दर के साथ दूसरे स्थान पर है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली स्तर पर भी शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल देशभर में पूर्व के 21वें स्थान से अब पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में सात हजार पदों पर नियुक्तियां की हैं और चार हजार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। विभाग द्वारा जेबीटी के 1800 पदों तथा टीजीटी के 937 पद भरे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में स्थापित वल्लभ महाविद्यालय का शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान रहा है और यहां से शिक्षित विद्यार्थियों ने विविध क्षेत्रों में इस संस्थान, मंडी व प्रदेश का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि मंडी कॉलेज में निर्माणाधीन भवन के लिए बजट की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसके लिए लगभग 46 करोड़ 17 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। अभी तक इस भवन के लिए करीब 18 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। भवन व परिसर के शेष कार्य के लिए भी प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है और उसी के अनुरूप राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी कॉलेज में बी.एड. की संबद्धता का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और सरदार पटेल विश्वविद्यालय के साथ इसकी संबद्धता बनाए रखने के मामले में पुनर्विचार किया जाएगा।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के प्रयासों से गुणात्मक शिक्षा के मामले में प्रदेश ने पूरे देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मंडी कॉलेज के योगदान को भी रेखांकित किया।

स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने मंडी कॉलेज के नए भवन के लिए समुचित राशि स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार का आभार जताया और शेष कार्य शीघ्र पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को बधाई भी दी।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और संस्थान की शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। कॉलेज विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

हमीरपुर: भर्ती रैली के चौथे दिन भी लगभग 500 अभ्यर्थियों ने लगाई दौड़

हमीरपुर: अणु के मैदान में भारतीय थल सेना द्वारा आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली के लिए अभ्यर्थियों का ग्राऊंड टैस्ट और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया वीरवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रही। वीरवार को भी लगभग 500 अभ्यर्थियों ने ग्राऊंड टैस्ट में भाग लिया।

जबकि , बुधवार को ग्राउंड टैस्ट क्लियर करने वाले अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई।

थल सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक कर्नल श्रीधर राजन ने बताया कि सेना के अधिकारियों की देखरेख में अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा करवाई जा रही है, जिसमें 1.6 किमी दौड़, बीम क्लाइम्बिंग सहित अन्य शारीरिक परीक्षण शामिल हैं।

ग्राऊंड टैस्ट में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की मैडीकल जांच करने के बाद दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

अग्निवीर भर्ती रैली हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिलों के युवाओं के लिए नौ मार्च से आयोजित की जा रही है, जो 17 मार्च तक चलेगी।