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हमीरपुर: नादौन में मिनी रोजगार मेला 17 को

हमीरपुर : उप रोजगार कार्यालय नादौन में 17 मार्च को मिनी रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें तीन कंपनियां विभिन्न श्रेणियों के पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लेंगी।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली की प्रसिद्ध सिक्योरिटी कंपनी जी4एस सिक्योर सॉल्यूशन्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड सिक्योरिटी गार्ड के 50 पदों और सुपरवाइजर के 6 पदों

को भरने के लिए साक्षात्कार लेगी।

इन पदों के लिए 18 से 35 वर्ष तक के दसवीं पास उम्मीदवार पात्र होंगे। उनकी लंबाई कम से कम 170 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड हमीरपुर में बीडीएम और सीनियर बीडीएम के दो पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। अभ्यर्थी स्नातक एवं एमबीए (मार्केटिंग) होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को 20,000 रुपए से 30,000 तक मासिक वेतन दिया जायेगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि हिमगिरि मल्टी लेवल मैजिक प्राइवेट लिमिटेड भोरंज में फील्ड आफिसर के 24 पदों को भरा जाएगा जिनके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास, स्नातक, बीबीए या बीवॉक रखी गई है। आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष रखी गई है। चयनित आवेदकों को 13,500 रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक आवेदक जिसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हो वह भी हिमाचली स्थायी निवासी प्रमाण पत्र और मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय दूरभाष नंबर 01972-222318 पर सम्पर्क कर सकते है।

सोशल मीडिया आज के दौर में संगठन की सबसे प्रभावी ताकत : कर्ण नंदा

भाजपा शिमला शहरी मंडल के प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को नमो ऐप और फेक न्यूज से बचाव की दी जानकारी

शिमला: भाजपा शिमला शहरी मंडल द्वारा आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण शिविर के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने एक महत्वपूर्ण सत्र को संबोधित किया। इस सत्र की अध्यक्षता पार्षद बिट्टू पाना ने की।

प्रशिक्षण शिविर में मंडल अध्यक्ष राजीव पंडित, दिग्विजय भानु, रमा ठाकुर, सुदीप महाजन, रूपा शारदा, अजय सरना और जगजीत बग्गा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंडल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में कर्ण नंदा ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया संगठन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया का सकारात्मक और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना चाहिए, ताकि पार्टी की नीतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचाई जा सके।

कर्ण नंदा ने कार्यकर्ताओं को नमो ऐप (NaMo App) के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया और कहा कि यह ऐप कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं, कार्यक्रमों और पार्टी की गतिविधियों से सीधे जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को नमो ऐप से जोड़ें और इसके माध्यम से पार्टी की विचारधारा और योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी तेजी से फैलती है, इसलिए कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद आवश्यक है, ताकि गलत जानकारी समाज में न फैले।

कर्ण नंदा ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और जिम्मेदार संगठन है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करने की भूमिका निभाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी की नीतियों, उपलब्धियों और राष्ट्रहित के मुद्दों को मजबूती से सामने रखें।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान संगठनात्मक विषयों, पार्टी की विचारधारा और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस प्रशिक्षण शिविर को संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

हिमाचल में 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित, 6 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना – डॉ. राजीव भारद्वाज

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से हिमाचल में 26,505 किमी सड़क और 147 पुल स्वीकृत, कांगड़ा में 3558 किमी सड़क निर्माण : डॉ. राजीव भारद्वाज

शिमला: भाजपा नेता एवं सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा लोकसभा के बजट सत्र-II के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में केंद्र सरकार ने प्रदेश में शिक्षा और ग्रामीण सड़क विकास से संबंधित विस्तृत जानकारी दी है।

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 9 मार्च 2026 को लोकसभा में शिक्षा मंत्री से प्रश्न करते हुए पूछा था कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कितने केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं तथा प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की क्या योजना है।

इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से जिला कांगड़ा में 6 और जिला चंबा में 4 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025 में पूरे देश में 56 नए केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश में भी 6 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना शामिल है। प्रस्तावित नए केंद्रीय विद्यालयों में

रीढ़ि, जिला कांगड़ा

गोकुल नगर, अपर भगाल, जिला ऊना

नंदपुर, जिला ऊना

घुनाग, जिला मंडी

जिला सिरमौर

जिला शिमला

शामिल हैं।

डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय देश में उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध हैं और यह विशेष रूप से रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को एक समान पाठ्यक्रम और बेहतर शिक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में, जहां बड़ी संख्या में परिवार सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा दे रहे हैं, वहां केंद्रीय विद्यालयों का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।

इसके अलावा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 10 मार्च 2026 को लोकसभा में ग्रामीण विकास मंत्री से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत जिला कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत सड़कों और निर्मित सड़कों के बारे में जानकारी मांगी।

इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक चार चरणों में हिमाचल प्रदेश में कुल 26,505 किलोमीटर सड़क लंबाई और 147 पुल स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि जिला कांगड़ा में अब तक 3,558 किलोमीटर सड़क निर्माण और 17 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त नूरपुर ब्लॉक में 272 किलोमीटर सड़क लंबाई तथा 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों को सर्व मौसमीय सड़कों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिल रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर संपर्क और सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

सोलन–संगड़ाह–शिलाई मार्ग के उन्नयन और सुरक्षा को लेकर लोकसभा में उठाया मुद्दा – सुरेश कश्यप

दुर्घटनाओं को देखते हुए मार्ग के चौड़ीकरण व आधुनिक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने की मांग

शिमला: भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, सोलन और शिमला जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सोलन–संगड़ाह–शिलाई मार्ग की स्थिति को लेकर गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुरक्षा उपायों को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-105 से जुड़ता है और सोलन से प्रारंभ होकर शिलाई तक जाता है। यह मार्ग मीनस में पीडब्ल्यूडी मार्ग से मिलकर समाप्त होता है और लगभग 128.325 किलोमीटर लंबा है। इस मार्ग का एक बड़ा हिस्सा राजगढ़, संगड़ाह और शिलाई डिवीजनों से होकर गुजरता है, जो क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह पूरा मार्ग एकल-लेन (सिंगल लेन) सड़क है, जिसे दो-तरफा यातायात के लिए डिजाइन किया गया है। संकरे मार्ग, तीखे मोड़, खड़ी ढलान और अपर्याप्त सुरक्षा प्रबंधों के कारण इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

सांसद ने विशेष रूप से 9 जनवरी 2026 को हरिपुरधार क्षेत्र में हुई बस दुर्घटना का उल्लेख किया, जिसमें एक बस लगभग 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिससे 12 लोगों की मृत्यु हो गई और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने कहा कि यह घटना इस मार्ग की खतरनाक स्थिति को दर्शाती है और तत्काल सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट करती है।

सुरेश कश्यप ने बताया कि इस मार्ग के लिए लगभग 22 मीटर तक भूमि अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जिससे इसके चौड़ीकरण और उन्नयन की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। यह मार्ग पच्छाद, चौपाल और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है और कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन, दैनिक आवागमन तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि क्षेत्र की भौगोलिक, सामरिक और सामाजिक-आर्थिक महत्ता को देखते हुए इस मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप उन्नयन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए।

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि इस मार्ग के सुधार से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा भी मिलेगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

हिमाचल में रेल परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में दी विस्तृत जानकारी – हर्ष महाजन

भानुपल्ली–बिलासपुर–बेरी, चंडीगढ़–बद्दी और बिलासपुर–मनाली–लेह जैसी परियोजनाओं पर हजारों करोड़ खर्च; कई कार्य प्रगति पर

शिमला: भाजपा नेता एवं सांसद हर्ष महाजन द्वारा राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं की स्थिति को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में दिए उत्तर में बताया कि हिमाचल प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है और इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

सांसद हर्ष महाजन ने अपने प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा था कि अंब-अंदौरा रेलवे लाइन के विस्तार, बिलासपुर रेलवे लाइन, बिलासपुर–मनाली–लेह रेल परियोजना और पठानकोट–जोगिंदरनगर नैरोगेज लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने के प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति क्या है।

केंद्रीय मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि अंब-अंदौरा रेल लाइन मौजूदा मोरिंडा–रूपनगर–आनंदपुर साहिब–दौलतपुर चौक मार्ग का हिस्सा है और इसे मुकेरियां तथा जालंधर–जम्मू मार्ग से जोड़ने के लिए विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत नंगल डैम से दौलतपुर चौक तक 60 किलोमीटर का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि दौलतपुर चौक से मुकेरियां (42 किलोमीटर) खंड में कार्य प्रगति पर है।

दौलतपुर चौक–करटोली (10.5 किमी) खंड का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि करटोली–तलवाड़ा (13.65 किमी) खंड में वायाडक्ट (9.2 किमी), एक प्रमुख पुल, सात छोटे पुल, दो आरओबी और आठ आरयूबी पर कार्य चल रहा है और लगभग 25 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

इसके अलावा तलवाड़ा–मुकेरियां (28.70 किमी) खंड में 13 बड़े पुलों का कार्य चल रहा है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। 40 आरयूबी में से 29 पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष पर कार्य जारी है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़–बद्दी नई रेल लाइन (33 किमी) परियोजना को 1540 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है, जिसमें हिमाचल सरकार और केंद्र सरकार की लागत साझेदारी 50–50 प्रतिशत है। इस परियोजना पर अब तक 1068.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

परियोजना के लिए कुल 1069 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है, जिसमें हिमाचल सरकार की हिस्सेदारी 534 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 348 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं, जबकि 186 करोड़ रुपये अभी शेष हैं।

परियोजना के तहत 97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 9 किलोमीटर वायाडक्ट का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और पुलों, आरओबी तथा स्टेशन भवनों का निर्माण कार्य जारी है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भानुपल्ली–बिलासपुर–बेरी नई रेल लाइन (63 किमी) परियोजना को लागत साझेदारी के आधार पर मंजूरी दी गई है, जिसमें 75 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार वहन कर रही है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 6753 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि लागत 1617 करोड़ रुपये शामिल है।

अब तक इस परियोजना पर 7729 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है। राज्य सरकार की हिस्सेदारी 2781 करोड़ रुपये है, जिसमें से 847 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं, जबकि 1934 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं।

परियोजना के तहत 16 सुरंगों में से 15 पूरी हो चुकी हैं, 27 बड़े पुलों में से 10 पूरे हो चुके हैं, 8 आरओबी में से 6 पूरे हो चुके हैं तथा 5 आरयूबी में से 4 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 6 स्टेशन भवनों में से 3 तैयार हो चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बिलासपुर–मनाली–लेह नई रेल लाइन (489 किमी) को रक्षा मंत्रालय द्वारा रणनीतिक परियोजना के रूप में चिन्हित किया गया है। इस परियोजना का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपये है और इसमें लगभग 270 किलोमीटर लंबी सुरंगें प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा पठानकोट–जोगिंदरनगर नैरोगेज रेल लाइन (200 किमी) को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए सर्वेक्षण स्वीकृत किया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश में रेलवे अवसंरचना के लिए बजट आवंटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां 2009–14 के दौरान औसतन 108 करोड़ रुपये प्रति वर्ष आवंटित किए जाते थे, वहीं 2025–26 में यह बढ़कर 2716 करोड़ रुपये हो गया है, जो पहले की तुलना में 25 गुना से अधिक है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में तीन नई रेल लाइनों की कुल लंबाई 214 किलोमीटर है, जिनकी लागत 17,622 करोड़ रुपये है। इनमें से 64 किलोमीटर रेल लाइन चालू की जा चुकी है और मार्च 2025 तक 8280 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है।

सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी बड़ा लाभ मिलेगा और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

जिला में निरंतर हो पेयजल स्रोतों की टेस्टिंग – उपायुक्त शिमला

शिमला: उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां जल जीवन मिशन के तहत जिला स्तरीय वाटर एंड सेनिटेशन मिशन की बैठक आयोजित की गई।

उपायुक्त ने कहा कि पेयजल स्रोतों की टेस्टिंग निरंतर होती रहनी चाहिए। जिला में 3055 स्त्रोत है जिनमें अभी तक 18 हजार 985 सैंपल लिए गए है। जिला के 2536 गांवों में फील्ड टेस्ट किट वितरित की गई है, लेकिन इसमें केवल 19 फीसदी ही लक्ष्य हासिल कर पाए है।

बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत कुल 264 स्कीम है जिनमें से 203 स्कीम फिजिकल पूरी हो चुकी है जबकि 114 फाइनेंशियल तौर पर पूरी हुई है। इसके अतिरिक्त, 61 पर कार्य चला छुआ है और 89 स्कीम फाइनेंशली ओपन हैं। हर घर जल योजना के तहत जिला के कुल 13 ब्लॉक से केवल 4 ब्लॉक को सर्टिफाइड किया जा चुका है। चिन्हित 412 पंचायतों में से 234 पंचायतों को हर घर जल योजना के तहत सर्टिफाइड किया जा चुका है। इसके अलावा 2536 चिन्हित गांवों में से 1621 गांवों को सर्टिफाइड कर दिया गया है। 

जिला में 100 प्रतिशत कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन

जिला में एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) के तहत 1 लाख 72 हजार 266 कनेक्शन है। जिला में 100 फीसदी कवरेज है।

उपायुक्त ने कहा जिला में निर्माणाधीन बड़ी योजनाएं जोकि अंतिम चरण में है, उनको पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त बजट मुहैया करवाया जाएगा। विभाग को ऐसी योजनाओं के बारे में डिटेल रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए है।

रूरल पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम जैसी मौजूदा छोटी-छोटी स्कीम को जल जीवन मिशन-2 के अधीन मर्ज किया जाएगा। इससे स्कीमों की संख्या कम होगी। इस के तहत अलग से आईडी बनेगी।

बैठक में एडीसी सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, जिला योजना अधिकारी निवेदिता, जल शक्ति विभाग के सभी एक्सईएन मौजूद रहे।

शिमला में 2 महीने में 42 सडक़ दुर्घटनाएं; 19 लोगों की मौत

शिमला: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज यहां उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

जिला में जनवरी 2026 में सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया गया। सड़क दुर्घटना के 2026 से पिछले तीन सालों का डाटा का आकलन किया जा रहा है। वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटना कम दर्ज की गई है। इन सड़क दुर्घटना की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक है। सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय गलतियों की वजह सबसे अधिक है।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष जनवरी और फरवरी में जिला में 42 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई जिनमें कुल 19 लोगों की मौत हुई। इनमें से 11 स्वयं गाड़ी चला रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि यह डाटा चिंताजनक है। ओवरस्पीड, शराब के नशे में, ओवरटेकिंग आदि कतई न करें। हम अपनी जिंदगी और दूसरे की जिंदगी को भी खतरे में न डाले।

आपदा मित्रों के मोबाइल नंबर और पता पुलिस और परिवहन विभाग के साथ करें साझा

अनुपम कश्यप ने आपदा मित्रों को भी सड़क सुरक्षा के लिए लगाने के निर्देश दिए। आपदा मित्र के मोबाइल नंबर और पता पुलिस और परिवहन विभाग के साथ साझा किए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना के समय आपदा मित्र की मदद ली जा सके। 

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्व देव मोहन चौहान ने कहा जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से गठित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक समिति होती है। भारत में सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों के तहत हर जिला में यह समिति बनी है। बैठक में दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की समीक्षा करती है और वहां सुधारात्मक उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत, सड़क मरम्मत और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करती है। इसके अलावा, जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम चलाती है। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाकर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जिला भर में सड़क सुरक्षा को लेकर समिति निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

वैक्सीन को लेकर भी कांग्रेस पार्टी के नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे : रणधीर शर्मा

विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई से बाहर करना असंवैधानिक और तानाशाही निर्णय – रणधीर शर्मा

पारदर्शिता खत्म कर विजिलेंस को सरकार की कठपुतली बनाना चाहती है कांग्रेस सरकार

शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं नैना देवी से विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस ब्यूरो) को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर करने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे असंवैधानिक और तानाशाहीपूर्ण फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित किसी अधिनियम में संशोधन करने का अधिकार प्रदेश सरकार को नहीं होता, लेकिन हिमाचल सरकार ने ऐसा कदम उठाकर संविधान की भावना के विपरीत कार्य किया है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में संसद द्वारा पारित किया गया कानून है, जिसका उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता लाना और जनता को शासन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देना है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि जिस समय यह कानून पारित हुआ था, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। आज उसी कांग्रेस की हिमाचल सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में इस कानून की मूल भावना को कमजोर करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का मुख्य कार्य भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना है और ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। लेकिन सरकार ने इस महत्वपूर्ण एजेंसी को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को सार्वजनिक होने से रोकना चाहती है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विजिलेंस ब्यूरो को आरटीआई से बाहर कर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करना चाहती है और अपने मनमाफिक कार्य करवाने के लिए इस एजेंसी को एक तरह से सरकार की कठपुतली बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल पारदर्शिता के सिद्धांत के खिलाफ है बल्कि इससे सरकार की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि सूचना का अधिकार देश के नागरिकों को मिला एक महत्वपूर्ण अधिकार है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार के इस निर्णय से आरटीआई कानून के मूल उद्देश्य को सीधा नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि वह तुरंत इस फैसले को वापस ले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होती है और किसी भी सरकार को जनता से जानकारी छिपाने का अधिकार नहीं है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता और सुशासन में विश्वास रखती है तो उसे तुरंत इस निर्णय को वापस लेना चाहिए, ताकि देश के नागरिकों को मिला सूचना का अधिकार सुरक्षित रह सके और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

ऊना: प्रदेश में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 2000 करोड़ रुपये होंगे खर्च; CM ने बंगाणा में डीएसपी और सब-जज कोर्ट खोलने की घोषणा की

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान 14.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तुरकाल पंगा पेयजल की योजना का शिलान्यास किया, जिससे बुधान, चमयाड़ी, धुंगले, लठियाणी और तनोह ग्राम पंचायतों के 10 हजार से निवासियों को लाभ होगा। उन्होंने सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकाल और सामर्थ्य व्यायामशाला का भी शिलान्यास किया।

राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध

इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमत्री ने बंगाणा में डीएसपी ऑफिस और सब जज कोर्ट खोलने की घोषणा की। उन्होंने रैनसरी और लठियाणी में पीएचसी खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि समारोह में उपस्थित महिला मंडलों को 25-25 हजार रुपये प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और अगले वित्त वर्ष से आधुनिक तकनीक से पानी को साफ करने पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के लोग स्वस्थ और बीमारियों से भी दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा अपने क्षेत्र के लोगों के काम करवाने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन लेकर सचिवालय में आते हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करते हैं। यह उनका सेवा भाव है और अपने क्षेत्र के लिए हमेशा समर्पण के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि 32 साल बाद कुटलैहड़ से कांग्रेस का विधायक बना, लेकिन पूर्व विधायक अपने टेंडरों की बात करने मेरे पास आते थे। कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ धोखा किया क्योंकि उनकी नीयत ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी कभी भी हार नहीं सकती है और विवेक शर्मा उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विवेक शर्मा गुणवान भी हैं और भाग्यवान भी हैं। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की जनता विवेक शर्मा को हमेशा आशीर्वाद देती है।

हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर – CM सुक्खू

पंजाब के वित्त मंत्री पर पलटवार करते हुए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब में ओपीएस देने की बात की थी। अब चुनाव सिर पर हैं लेकिन आज तक सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस नहीं दी गई है। जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में अपने कर्मचारियों को ओपीएस दी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की संपदा को किसी भी कीमत पर लुटने नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जीवन में संघर्ष किया है और लोगों के दर्द को भली-भांति जानते हैं इसीलिए लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आपदा के दौरान वह स्वयं और उप-मुख्यमंत्री ग्राउंड जीरो पर रहे और प्रभावित परिवारों की मदद की। उन्होंने कहा कि 23 हजार प्रभावित परिवारों को फिर से बसाने और फंसे हुए 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पर्यटकों को भी सुरक्षित निकाला और 48 घंटे में बिजली पानी की सुविधा अस्थाई रूप से बहाल कर लोगों की मुश्किलें कम कर दी। आर्थिक तंगी के बावजूद आपदा प्रभावित परिवारों को फिर से बसाने के लिए राज्य सरकार ने सभी नियम बदल दिए। घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर पहले डेढ़ लाख रुपये मिलने वाली सहायता को राज्य सरकार ने बढ़ाकर सात लाख रुपये किया।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अभी प्राकृतिक आपदा से जूझ ही रही थी कि राजनीतिक आपदा आ गई। उन्होंने कुटलैहड़ की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपके और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई।

CM सुक्खू बोले- पिछली भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने के लिए जनता का पैसा लुटा दिया

भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने के लिए जनता का पैसा लुटा दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अपने मित्रों की झोली भरने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये के भवन बना दिए, जो खाली पड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल विरोधी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के वीरों ने चार परमवीर चक्र जीते हैं लेकिन आज युवाओं को अग्निवीर बनाकर चार वर्ष में रिटायर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के रोजगार के अधिकार मनरेगा को भी भाजपा ने छीन लिया है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल के लोगों का आरडीजी के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायता का संवैधानिक अधिकार भी छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरडीजी पर विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के विधायक आरडीजी के पक्ष में खड़े नहीं हुए, जो प्रदेश के लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को 54 हजार करोड़ रुपये आरडीजी तथा 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी कंपनसेशन के रुप में कुल 70 हजार करोड़ रुपये मिले जबकि वर्तमान सरकार को 17 हजार करोड़ रुपये आरडीजी ही मिली। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें 70 हजार करोड़ रुपये मिले होते तो आज हिमाचल प्रदेश पर एक रुपये भी कर्ज नहीं होता। आज हमें कर्ज वापिस करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है लेकिन फिर भी हम हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर ले जा रहे हैं।’’

सीबीएसई स्कूलों को बेहतर शिक्षा के लिए अगले दो महीने से सभी अध्यापकों की कर दी जाएगी नियुक्ति – CM सुक्खू

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में 21वें स्थान पर पहुंच गया था लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आज हम सीबीएसई स्कूल खोल रहे हैं तो भाजपा द्वारा उसका भी विरोध किया जा रहा है। इन सीबीएसई स्कूलों को बेहतर शिक्षा के लिए अगले दो महीने से सभी अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र दयनीय हालत में था लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में निरंतर सुधार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम मेडिकल टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में सुधार कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश सरकार तीन हजार करोड़ रुपये स्वास्थ्य के क्षेत्र में हाई-एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी पर खर्च करने जा रही है। पहले कभी भी कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में इतने डॉक्टर नहीं थे और आने वाले समय में और डॉक्टर भेजे जाएंगे।’’
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना जिला के हर कोने तक पानी पहुंचाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। माता चिंतपूर्णी मंदिर और आसपास की पंचायतों को पानी पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए एक परियोजना पर काम चल रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ के लिए लगभग 47 करोड़ रुपये की पीने के पानी की परियोजना जल्द ही स्वीकृत की जाएगी।
पंजाब के वित्त मंत्री के बयान की निंदा करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपना घर संभालें, क्योंकि पंजाब का कर्ज बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बीबीएमबी को 4500 करोड़ रुपये हिमाचल को देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन पंजाब ने अभी तक पैसा नहीं दिया। यही नहीं शानन परियोजना पर पंजाब ने कब्जा किया है। चंडीगढ़ में 7.16 प्रतिशत हिस्सा हमारा है, वो भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश छोटा भाई है लेकिन हमें अपने अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उल्टे टिप्पणी हम पर की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम बोल नहीं रहे तो पंजाब को कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। हिमाचल पर उंगली उठाने से पहले पंजाब अपने गिरेबान में झांके। हम पहाड़ी जरूर हैं, लेकिन किसी से नहीं डरते।’’
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी कॉलेजों के लिए बराबर पैसा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोगों को निरोगी रखने के लिए साफ पानी देना आवश्यक है जिसके लिए 2000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ में एक भाजपा की बीजेपी है और दूसरी भुट्टो बीजेपी है और आने वाले समय में भी विवेक शर्मा का रास्ता साफ होता रहेगा। उन्होंने कहा कि विवेक शर्मा कुटलैहड़ की जनता के दुख-सुख के साथी हैं और अपने क्षेत्र के लिए रात-दिन मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ का भविष्य विधायक विवेक शर्मा के हाथ में सुरक्षित है।
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री कुटलैहड़ नहीं आ पाते थे जबकि आज ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कुटलैहड़ के प्रवास पर आए हैं। उन्होंने कहा कि आज कुटलैहड़ की सड़कों के लिए राज्य सरकार पैसा दे रही है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान कुटलैहड़ में भी नुकसान हुआ है और प्रभावित परिवारों को सात-सात लाख रुपये मुआवजा कांग्रेस सरकार ने दिया है। पिछली सरकार के समय में भी आपदाएं आईं, लेकिन आम लोगों को कभी पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री की सोच के कारण आज कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। थाना-कलां अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया गया है और आज वहां पर 10 डॉक्टर हैं और हर विभाग के डॉक्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में पानी की समस्या को सुलझाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

जयराम ठाकुर बोले- झूठ से हर दिन अपनी  किरकिरी करवा रहे हैं मुख्यमंत्री; प्रदेश में एंट्री फीस की वृद्धि को लेकर तर्क हास्यास्पद

शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री हर दिन अपने बयान से अपनी किरकिरी करवाते हैं। झूठ बोलकर और लोगों को गुमराह कर कर उन्हें क्या मिलता है यह समझ नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री  कह रहे हैं कि पंचायत के चुनाव समय पर हो रहे हैं और वह चुनाव में देरी इसलिए करवा रहे हैं बच्चों की पढ़ाई खराब ना हो। लेकिन हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनकी सरकार द्वारा दिए गए हलफनामे में कहीं भी इस बात का जिक्र क्यों नहीं है? कल तक डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के नाम पर चुनाव रोक रहे थे और आज कह रहे हैं कि परीक्षा और पढ़ाई को देखते हुए उन्होंने देरी से चुनाव करवाए। तो क्या सुक्खू  सरकार ने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चुनाव में देरी को लेकर जो हलफनामे दिए थे क्या वह झूठे थे?

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह से खुलेआम झूठ बोलना और लोगों को गुमराह करना किसी भी तरह शोभा नहीं देता। प्रदेश में पंचायत चुनाव 4 महीने की देरी से हो रहे हैं। प्रदेश की ज्यादातर पंचायत का कार्यकाल 31 जनवरी तक समाप्त हो गए थे। इसके बाद सरकार चुनाव न करवाने के बहाने खोजती रही। जब एक याचिका के जवाब में हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल तक चुनाव करने के आदेश दिए तो सरकार सुप्रीम कोर्ट गई और वहां भी चुनाव न करवाने के बहाने बताती रही। जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए की 30 मई तक चुनाव करवाए जाएं  तो भी सरकार अपनी पूरी क्षमता से अड़ंगे लगा रही है। प्रदेश में जो चुनाव हो रहे हैं वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहे हैं। इसके बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा यह कहना की चुनाव समय पर हो रहे हैं, खुद को ही हंसी का पात्र बनाने जैसा है। इसी तरह सरकार द्वारा प्रदेश में बाहरी गाड़ियों पर बढ़ाई गई एंट्री फीस को जायज ठहरने को दिए जा रहे तर्क भी हास्यास्पद लग रहे हैं।

मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह पंचायत चुनाव को लेकर अलग-अलग समय में अपने और मंत्रियों के बयान को सुने तथा माननीय उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में दिए गए अपने सरकार के हलफनामे को ध्यान से पढ़ें और समझे। जिससे उन्हें यह पता चल सके कि वह हर दिन कैसे अपना बयान बदल रहे हैं। इसके साथी प्रदेश के लोगों को वह स्पष्ट करें कि स्थानीय निकाय के चुनाव में हुई यह देरी किस कारण हुई है?