


शिमला: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल से दो मई तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति शिमला, छराबड़ा, पालमपुर और लाहौल क्षेत्र में विभिन्न आधिकारिक व औपचारिक आयोजनों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति 29 अप्रैल को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग का निरीक्षण करेंगी। 30 अप्रैल को पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस दौरान वह मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक प्रदान करेंगी। 30 अप्रैल को ही राष्ट्रपति का आर्मी ट्रेनिंग कमांड शिमला का दौरा भी प्रस्तावित है। यहां वह सेना की प्रशिक्षण गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगी। दो मई को राष्ट्रपति शिमला से दिल्ली लौटेंगी।

शिमला: दयानंद पब्लिक स्कूल, द मॉल शिमला में आज उत्सव का माहौल रहा। सीबीएसई (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणामों में स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत (100%) रहा, जिसने राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी है।
मेधावी सितारों ने बढ़ाया मान
स्कूल के विद्यार्थियों ने अंकों की ऐसी बारिश की है कि पूरी ‘मॉल रोड’ स्कूल की कामयाबी के नारों से गूंज उठी। टॉपर्स की सूची इस प्रकार है:-
प्रथम स्थानः अक्षरा थापा (98.4%) अपनी कड़ी मेहनत से विद्यालय का नाम रोशन किया।
द्वितीय स्थानः सात्विक धीमान (98.2%) मामूली अंतर से दूसरे स्थान पर रहे।
तृतीय स्थानः अनुभूति और अवनी (98%) दोनों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल कर सबको गौरवान्वित किया।
आंकड़ों में सफलता की गूंज
केवल टॉपर्स ही नहीं, बल्कि स्कूल के हर छात्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। परिणामों का विश्लेषण स्कूल की गुणवत्ता को बखूबी दर्शाता हैः
अंक श्रेणी छात्रों की संख्या
90% से अधिक 51 छात्र
80% से 90% के बीच 44 छात्र
70% से 80% के बीच 28 छात्र
60% से 70% के बीच 07 छात्र
प्रधानाचार्या का संदेशः टीम वर्क का फल: इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए प्रधानाचार्या अनुपम ने सभी मेधावी छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूल के समर्पित शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि “दयानंद पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक उपलब्धि हमेशा सर्वोपरि रही है। इस शानदार सफलता का श्रेय हमारे शिक्षकों के अथक परिश्रम और बच्चों के अटूट संकल्प को जाता है। हमने हमेशा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान दिया है और आज का यह परिणाम उसी मेहनत का प्रमाण है।”
खुशी की लहरः जैसे ही परिणाम घोषित हुए, स्कूल परिसर में जश्न का माहौल छा गया। शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और छात्रों की सफलता पर गर्व महसूस किया। अभिभावकों ने भी स्कूल के शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के मार्गदर्शन की जमकर सराहना की।

9 लाभार्थियों को एक-एक लाख के चेक, 24 परिवारों को दिए पट्टे
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल की विभूतियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल का नाम रोशन करने एवं उल्लेखनीय सेवाओं तथा कार्यों के लिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार से नवाजा। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन को विभागीय/संस्थान श्रेणी में और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को विभागीय/संस्थान श्रेणी में एवं उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह, जिला मंडी की स्मृतिका नेगी को व्यक्तिगत श्रेणी में सिविल सर्विसिस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
जिला शिमला के भोंट की चारू शर्मा को और जिला किन्नौर की यंगथंग तहसील के चांगो गांव की छोनज़िन ऐंग्मो को व्यक्गित श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया। भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य जिला सिरमौर की शिलाई तहसील के शरोग गांव की रितु नेगी, शिलाई तहसील के धकौली गांव की साक्षी शर्मा, शिलाई तहसील के मेलाह टेक गांव की पुष्पा, मंडी जिला के बेला गांव की भावन देवी और जिला चंबा की चुराह तहसील के बघाईगढ़ गांव की चंपा ठाकुर को ग्रुप श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से पुरस्कृत किया गया। चमियाणा अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ यूरोलॉजी को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान प्रदान किया गया।
जिला बिलासपुर के बरठी के कंडयाणा गांव के पदम् श्री से अलंकृत प्रेम लाल गौतम, जिला हमीरपुर की नादौन तहसील के डांगरी गांव के डॉ. ओ.पी. शर्मा, अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाणा, जिला शिमला के प्रिंसिपल डॉ. ब्रिज शर्मा, शिमला निवासी हरलीन कौर और जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के बछरीन गांव की स्नेहलता को व्यक्तिगत श्रेणी में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए किन्नौर पुलिस के एएसआई विकास गुलेरिया, हेड कांस्टेबल ललित कुमार तथा मेहर चंद को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भीम सेन नेगी, कनिष्ठ अभियंता सुमित डोगरा और अशोक कुमार, टेक्नीशियन मेधर सिंह और संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमोें के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 24 परिवारों को मुख्यमंत्री ने एफ़आरए के तहत भूमि के पट्टे भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के 9 लाभार्थियों को पहली किश्त के रुप में एक-एक लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए। यह राशि विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए प्रदान की गई है, जिन्हें इस योजना के तहत तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
रिकांग पियो में भू-तापीय हीटिंग व्यवस्था
श्रेणी-1 व श्रेणी-2 के अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा
तरांडा टनल के लिए 8 करोड़ रुपये, पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोहड़ू से उरनी स्थानांतरित करने की घोषणा
गैर-राजपत्रित पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर एक रैंक उच्च पद देने की घोषणा
हिमाचल: प्रदेश ने आज 79वां हिमाचल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर सम्पूर्ण राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी उमेश्वर राणा ने किया, जिसमें 6वीं भारतीय रिजर्व बटालियन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, जिला पुलिस किन्नौर, दूसरी भारतीय रिजर्व बटालियन (महिला), होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिकांग पियो की एनसीसी इकाई, जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पियो, होमगार्ड बैंड तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठी के बैंड दल ने भाग लिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राज्य के गठन में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ योजना के तहत 1500 रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रिकांग पियो के सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग प्रणाली से जोड़ने की भी घोषणा की।
इसके अतिरिक्त, तरांडा गांव को यातायात सुरंग के माध्यम से जोड़ने के लिए 8 करोड़ रुपये, छोल्टू उच्च पाठशाला को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने तथा उसमें सीबीएससी पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले का पॉलिटेक्निक कॉलेज, जो वर्तमान में रोहड़ू में संचालित हो रहा है, उसे जल्द ही उरनी में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने रिकांग पियो में निर्माणाधीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का कार्य छह महीने के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 4 किमी लंबी निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए पास किया जा चुका है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 415 करोड़ रुपये लागत की 125 किमी लंबी और 495 टावर वाली 66 केवी क्षमता की पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना आरम्भ करने जा रही है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लगभग 17,500 लोगों लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत 45 किमी के सुमदो-काजा लाइन का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप शिपकी-ला के माध्यम से चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से दोबारा शुरू होने जा रहा है जो प्रदेश सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी शिपकी-ला के माध्यम से शुरू करने का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं।
उन्होंने श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन के निर्णय को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान मई तक कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, विधायकों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की कटौती फिलहाल जारी रहेगी।
उन्होंने राज्य पुलिस के सभी पात्र गैर-राजपत्रित अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक मानद उच्च पद प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे पुलिस कर्मियों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे आशा है कि इस पहल से पुलिस बल में नई ऊर्जा का प्रवाह होगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने से राज्य को प्रति वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये और अगले पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के परिणामस्वरूप सरकार को वित्तीय अनुशासन अपनाना पड़ा है और गत वर्ष की तुलना में इसे वित्तीय वर्ष के बजट में तीन हजार करोड़ रुपये की कमी की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन चुनौतियों का सामना करेंगे और प्रदेश को विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर करने के लिए आय के नए स्रोत पैदा करेंगे। इस वित्तीय वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में आम आदमी पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला गया है। इस बजट में सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों को प्राथमिकता दी है।’’
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। गत तीन वर्षों में गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध पर समर्थन मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये किया गया है। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, मक्की और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। गेहूं पर समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिकिलो, मक्की पर 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। चंबा जिला के पांगी घाटी में प्राकृतिक रूप से उगाए गए जौ को पहले 60 रुपये प्रतिकिलो की दर से खरीद की जाती थीए जिसे अब 80 रुपये प्रतिकिलों की दर से खरीदा जाएगा। इसके अतिरिक्त अदरक को 30 रुपये प्रतिकिलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जलाशयों में मछली पालन करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है। मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के समय मछुआरा परिवारों को साल में एक बार 3500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की पहली बागवानी नीति लागू की जा रही है, जिससे लगभग 82,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सेब के लिए यूनिवर्सल कॉर्टन की अनिवार्यता से हजारों बागवानों को बेहतर दाम सुनिश्चित हो रहे हैं।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार किए हैं। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी आरम्भ की गई है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन की सुविधा आरम्भ की गई है और जल्द ही टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी, इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के परीक्षण के लिए मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू, ऊना, चम्बा, नाहन, बिलासपुर और धर्मशाला के अस्पतालों में एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी जबकि चम्बा, नाहन और बिलासपुर में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से सम्बद्ध किया गया गया है, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में आशातीत वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और वैलनेस पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। ज्वालामुखी और नैनादेवी में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए 150-150 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सुनाम में 8.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मल निकासी योजना और ग्राम पंचायत काफनू में 21 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजना की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त 4.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोल्डिंग चौरा सड़क का लोकार्पण किया।

“जेपी नड्डा, अमित शाह, नितिन नवीन और श्रीकांत शर्मा ने हिमाचल की प्रगति, परंपरा और वीरता को बताया राष्ट्र की पहचान”
शिमला: हिमाचल दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और मेहनतकश जनता की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में हिमाचल प्रदेश को “पावन देवभूमि” बताते हुए कहा कि यह राज्य अपनी समृद्ध परंपराओं, अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर और यहां के लोगों की कर्मठता, कर्तव्यनिष्ठा एवं विनम्रता के कारण विशेष पहचान रखता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हिमाचल निरंतर विकास और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश देश की सांस्कृतिक समृद्धि, वीरता और परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी हिमाचल दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां के निवासी अपनी संस्कृति के संरक्षण के साथ मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करते हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
केंद्रीय मंत्री नितिन नवीन ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और अदम्य साहस की यह धरती निरंतर प्रगति और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ती रहे।
भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने भी हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरे देश में विशेष स्थान रखता है और यह गौरव आगे भी बना रहेगा।
नेताओं ने अपने संदेशों में हिमाचल प्रदेश की पहचान को उसकी संस्कृति, परंपराओं और जनता की मेहनत से जोड़ते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिमला: शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बातों पर अब किसी को भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने आज तक जितनी घोषणाएं कीं और जितने वादे किए, उन्हें पूरा नहीं किया। वह केवल समय काट रहे हैं, इसलिए दूर-दराज के कम आबादी वाले क्षेत्रों को खोज-खोजकर कोरी घोषणाएं कर रहे हैं। लाहौल, पांगी, डोडरा-क्वार और अब किन्नौर में भी घोषणाएं कर दी गई हैं। जब गारंटियां पूरे प्रदेश को दी थीं, तो घोषणाओं में गिने-चुने क्षेत्रों के नाम ही क्यों शामिल किए जा रहे हैं? जो चुनावी गारंटियां दी गईं, वे न तो पूरी हुई हैं और न ही सरकार उन्हें पूरा करेगी।प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों की वेतन कटौती के फैसले को वापस लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम पहले दिन से कह रहे थे कि यह फैसला न तो सही है और न ही कानून सम्मत है। बागी विधायकों की पेंशन वापस लेने का फैसला भी सही नहीं था। हमारे मना करने के बावजूद यह कानून पारित किया गया, जिसे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया। आखिर इस पूरे प्रकरण में बदनामी किसकी हुई? गरिमा किसकी गिरी? माननीय सदन और सरकार की। लेकिन सरकार को इन बातों की कोई परवाह नहीं है। जो मन में आता है, वही किया जा रहा है, चाहे परिणाम कुछ भी हों। उन्होंने कहा कि चुनावों में भी इसी तरह मनमानी की जा रही है और अदालत से फटकार मिल रही है। बिना सोचे-समझे, बिना नियम-कानून के फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे हर दिन सरकार की किरकिरी हो रही है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर पूरी व्यवस्था का मजाक बना दिया गया है।
पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकाघाट में बिटिया के हत्याकांड पर सरकार ने संवेदनहीनता दिखाई है और अब मुख्यमंत्री व उनकी टीम चाहती है कि विपक्ष इस पर आवाज भी न उठाए। हमें क्या बोलना है और क्या नहीं, यह मुख्यमंत्री तय नहीं कर सकते। उन्हें अपना काम करना चाहिए। प्रदेश में माफिया बेखौफ घूम रहा है, दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं, बेटियों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, और सरकार हमें ही ज्ञान दे रही है।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता
शिमला: हिमाचल दिवस के अवसर पर आज यहां ऐतिहासिक रिज मैदान पर जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ और आज हम इसकी 78वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह दिन हम सभी के लिए ऐतिहासिक है। देश की आजादी के 8 महीनों के बाद सन् 1948 को आज ही के दिन हमारा खूबसूरत प्रदेश 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से वजूद में आया। हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचलवासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन सभी महान विभूतियों के प्रति सम्मान करते हैं जिन्होंने हिमाचल के गठन में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्हीं के प्रयासों से हिमाचल ने विकास के उच्च आदर्श स्थापित किए हैं और देश-विदेश में अपनी एक खास पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में खराब आर्थिक नीतियों के कारण हमारा प्रदेश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। हमारी सरकार को 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज तथा कर्मचारियों की देनदारियों के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में मिला। खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण आज हिमाचल को कर्ज का मूल और ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। हमने 25 हजार करोड़ के कर्ज की वापसी की है। इस स्थिति से उबरने के लिए हमने ठोस एवं कड़े निर्णय लिए और नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया ताकि हिमाचल को आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करने की सिफारिश तथा भारत सरकार द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के निर्णय से हिमाचल के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति है। पिछले 73 वर्षों से हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान निरंतर मिल रहा था। अब इस अनुदान को बंद किए जाने से हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष औसतन 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन से ही नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया है और पिछले तीन वर्षों में 49 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की नीति में परिवर्तन किया है। इससे भी राज्य को भारी नुकसान होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। प्रदेश सरकार 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने पर 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में हमारे प्रयास रंग लाए हैं और हमने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का मील पत्थर हासिल किया है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल को देश में 5वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि 2021 में हिमाचल 21वें स्थान पर था। हमारी सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष 49 ऐसे विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण और क्रियाशील भवनों को अपग्रेड करने के लिए 99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लगभग एक लाख मामले मंजूर किए गए हैं। प्रदेश सरकार प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। कांगड़ा जिला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा उप-मण्डल के बनखंडी में दुर्गेश अरण्य वन्यप्राणी उद्यान का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि ऊना जिला में 2500 करोड़ रुपए की लागत से बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य शुरु हो गया है, जबकि माता चिंतपूर्णी मंदिर को यथावत कायम करने के लिए 250 करोड़ रुपये की योजना शुरु होने जा रही है। इसके अतिरिक्त, 2500 करोड़ के वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है तथा 2000 करोड़ रुपए पानी की शुद्धता पर खर्च होंगे और 3500 करोड़ कांगड़ा एयरपोर्ट के निर्माण पर व 3000 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होंगे।
उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे का बढ़ता चलन चिंता का विषय है। नेशनल नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन पोर्टल के मुताबिक देश की 2.1 प्रतिशत आबादी सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में हैं। सरकार ने प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान आरम्भ किया है जिसमें युवाओं सहित समस्त प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मुझे विश्वास है कि हम सभी मिलकर इस बुराई को समाज से जड़ सहित उखाड़ फेंकने में सफल होंगे। चिट्टे की सूचना देने वालों को इनाम देने की घोषणा भी की है और सूचना देने वालों की पहचान को हर हालत में गोपनीय रखा जाएगा। प्रदेश शीघ्र ही ‘खेलो इंडिया – चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करेंगे जिसके तहत युवाओं को नशे की लत, विशेषकर चिट्टे से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर किया जाएगा।हिमाचल दिवस पर हम सभी मिल कर शपथ लें कि चिट्टा मुक्त हिमाचल का निर्माण कर युवाओं के भविष्य को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाएंगे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान है। प्रदेश सरकार पशुपालकों से गाय और भैंस के दूध की खरीद देश भर की तुलना में सर्वाधिक समर्थन मूल्य पर कर रही है। गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध पर 47 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सरकार 6 हजार अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करते हुए उनकी शिक्षा, स्टार्ट-अप आरंभ करने, घर बनाने के लिए भूमि एवं धनराशि, पाॅकेट मनी सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी उठा रही है। प्रदेश सरकार सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के समीप कांगड़ा एयरोसिटी नाम से एक नया शहर विकसित करने जा रही है।
राजधानी शिमला में पानी समस्या होगी हल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला शहर के लिए सतलुज नदी से जल आपूर्ति परियोजना के अंतर्गत पेयजल उपलब्ध होना शुरू हो गया है। इस परियोजना पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन 42 एमएल (मीलियन लीटर) पेयजल उपलब्ध करवाने का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर भविष्य में 67 एमएल (मीलियन लीटर) भी किया जा सकता है। यह योजना अगले 50 वर्ष के लिए शहर की पेयजल समस्या का समाधान करेगी। इस योजना का कार्य जून, 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतियाना, ठियोग क्षेत्र की सूखा प्रभावित क्षेत्र के लिये प्रदेश की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी पेयजल योजना के लिए 325.90 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें अब तक कुल 277.86 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। कुरपण खड्ड से योजना का कार्य तीव्र गति से जारी है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर दिया जायेगा। शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में एस्केलेटर लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर पहुंचने में सुविधा हो रही है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया गया है। इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इसके अतिरिक्त, आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत भी हो चुकी है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई है।
सचिवालय के एलर्सली भवन के फेस-2 का निर्माण कार्य लगभग 20 करोड़ रुपये से प्रगति पर है। शिमला रोपवे के निर्माण को लेकर कार्य प्रगति पर है और इस संबंध में केन्द्र सरकार से भी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। शिमला शहर में बिजली, इंटरनेट सहित अन्य तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से क्नबज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे शहर को तारों से जाल से मुक्ति मिलेगी। संजौली हेलीपोर्ट से कुल्लू जिला के भुंतर हवाई अड्डा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ (आईटीबीपी हेलीपैड) के लिए रोजाना हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू हो गई हैं। प्रदेश सरकार 1000 नई बसें खरीदने जा रही है ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो। इसके अतिरिक्त 250 डीजल बसें, 300 इलेक्ट्रिकल बसें और 100 मिनी बसें खरीदने की प्रक्रिया जारी है।
जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बनाएंगे प्रदेश का भविष्य उज्जवल
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव आ रहे है और ऐसे में हम निष्पक्षता के साथ चुनावों में सक्षम और योग्य उम्मीदवारों को चुने ताकि नए चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रदेश का भविष्य उज्जवल बन सके।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटू, सम्भोता तिब्बतन स्कूल छोटा शिमला, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जतोग, एसडी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गंज बाजार, आर्य समाज राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोअर बाजार और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। इस दौरान मुख्यातिथि द्वारा प्रत्येक स्कूल को 5-5 हजार रुपए तथा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आशीष कौशल, निरीक्षक, जो वर्तमान में पुलिस अधिकारी प्रभारी स्पेशल सेल शिमला में कार्यरत है। इन्होने वर्ष 2026 में इग्स के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करते हुये दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 11.570 ग्राम एल.एस.डी. और 562 स्ट्रिप्स बरामद की।
पियुष राज, मुख्य आरक्षी न0 127, जो वर्तमान में पुलिस अधिकारी स्पेशल सेल रामपुर में कार्यरत है। इन्होने हाल ही में खुफिया जानकारी के माध्यम से दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को तीन अभियुक्तों के कब्जे से 9.28 किलोग्राम अफीम और 12,00,000 रुपये (बारह लाख रुपये) की अवैध नगदी बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की।
शुभम, आरक्षी न01239, जो वर्तमान में शिमला के सबसे व्यस्त और संवेदनशील यातायात बिंदुओं में से एक, विक्ट्री टनल पर है। अपने नियमित ड्यूटी कर्तव्यों से परे, आरक्षी शुभम ने एक श्जन-मित्रश् पुलिसकर्मी की छवि को धरातल पर चरितार्थ किया है। वे प्रतिदिन स्कूली बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों को सुरक्षित सड़क पार करवाने में सदैव तत्पर रहते हैं। उनके इस मानवीय दृष्टिकोण, धैर्य और सहायता के भाव की स्थानीय जनता एवं पर्यटकों द्वारा निरंतर सराहना की गई है, जिससे विभाग की छवि उज्ज्वल हुई है।
सतपाल राक्टा, आरक्षी चालक नंबर 293, जो वर्तमान में आरक्षी पुलिस थाना रामपुर में कार्यरत है। इन्होनें अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी के तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करके अपनी सूझबूझ से नदी में डूब रही महिला की जान बचाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। महिला के अचेत अवस्था में होने के कारण आरक्षी ने तुरंत सीपीआर दिया और महिला के पेट से पानी निकालकर उसे प्राथमिक उपचार दिया और महिला को कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुँचाया और अस्पताल भर्ती करवाया। इनकी त्वरित कार्यवाही और साहस के कारण 44 वर्षीय श्रीमती अशोक कुमारी की जान बचाई जा सकी।

शिमला: महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर के नेतृत्व में नारी शक्ति फोरम एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा (NGO) द्वारा 15 अप्रैल 2026 को शिमला में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” एवं “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इसे एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ होटल ध्रुव, सर्कुलर रोड में आयोजित “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” से हुआ, जिसमें महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा, नेतृत्व और राजनीति में 33% आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत और सार्थक संवाद हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत में महिलाओं की भूमिका निरंतर मजबूत हो रही है, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में भी समान भागीदारी मिले। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो देश के समग्र विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की दशकों की प्रतीक्षा के पूरा होने का समय नज़दीक आ रहा है। यह ख़ुशी मातृशक्ति के चेहरे पर स्पष्ट देखी जा सकती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश भर की मातृशक्ति में अलग ही उत्साह है। इस अवसर के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ह्रदय से आभारी हूँ। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह समग्र योजना का क्रियान्वयन है। इस अधिनियम के पहले प्रधानमंत्री द्वारा मातृशक्ति के सशक्तिकरण कारण के लिए जो योजनाएं चलाई वह दुनिया का बेहतरीन उदाहरण हैं। एक बेटी के पैदा होने से पहले उसके पोषण, जन्म के बाद सुरक्षा और शिक्षा से लाकर हर पड़ाव पर न सिर्फ़ महिलाए सुरक्षित हों बल्कि सशक्त और आत्मनिर्भर बने। इसके लिए दर्जनों योजनाएँ चलाकर लाखों करोड़ रुपए से हालात बदले। अब यह अधिनियम ज़मीन पर उतर रहा है। यह मोदी की गारंटी थी जो पूरी हो रही है।
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा डेज़ी ठाकुर ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक जनआंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति का सम्मान, नव भारत की पहचान” केवल नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है जिसे हर स्तर पर साकार किया जा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. पूर्णिमा चौहान (सेवानिवृत्त IAS) ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं की शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्रों में भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है, जिसका प्रमाण जन्म अनुपात में सुधार और उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम इस प्रगति को और गति देगा।
प्रोफेसर मीनाक्षी पॉल ने कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक और उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने हर बेटी को समान अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।
वंदना भगरा (NGO लीडर) ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सहयोग और समान अवसर ही महिलाओं को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
प्रख्यात व्यवसायी रेणु बलजीस ने कहा कि आज महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, लेकिन उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिला सुरक्षित होगी, तभी वह आत्मविश्वास के साथ समाज और अर्थव्यवस्था में योगदान दे पाएगी।
कार्यक्रम में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए मजबूत सुरक्षा और विकास का ढांचा तैयार किया गया है, जिससे उनका आत्मविश्वास और भागीदारी बढ़ी है।
इसके पश्चात दोपहर 2:00 बजे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” होटल ध्रुव से सी.टी.ओ., शिमला तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लेकर महिलाओं के अधिकारों और 33% आरक्षण के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
अंत में डेज़ी ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह अभियान आने वाले समय में और व्यापक रूप लेगा और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत जनआंदोलन बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने और “सशक्त नारी, सशक्त समाज और समृद्ध भारत” के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।





