ब्लॉग

जिला बिलासपुर में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 22 नए गांव चयनित – उपायुक्त

पुराने चयनित 25 गांवों में से 21 के विकास कार्य शत प्रतिशत पूर्ण, शेष गांवों के कार्य जल्द पूर्ण होंगे

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गठित जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आयोजित

बिलासपुर:  उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की अध्यक्षता में आज बचत भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय अभिसरण समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजना की प्रगति की समीक्षा की और आगामी कार्य योजना पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत अब जिला की 22 ग्राम पंचायतों के 22 नए गावों को चयनित किया गया है। इन चयनित गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न घटकों के अंतर्गत विकास कार्य करवाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि सदर बिलासपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत, बेनला ब्राहमणा का गांव लुहणू कनैता, निचली भटेड का गांव बघडीं, धौण कोठी पंचायत का गांव धौण कोठी, बरमाणा पंचायत का गांव नालग, बल्ह बल्हवाणा पंचायत का गांव तरेड़ शामिल है। इसी तरह जहां उपमण्डल घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत लुहारवीं का गांव बरोटा, पनोह पंचायत का गांव सनौर, दाबला पंचायत का गांव दाबला तथा ग्राम पंचायत तल्याणा का गांव बेहल नवाणे, तो वहीं उपमण्डल झण्डुता के अंतर्गत ग्राम पंचायत सलवाड का गांव बल्ह चलोग, ग्राम पंचायत बरठीं का गांव गुआवं, ग्राम पंचायत डाहड़ का गांव डाहड, डमली ग्राम पंचायत का गांव धराडसानी, बडगांव गलू पंचायत का गांव बडगांव, सुन्हाणी पंचायत का गांव डूहक, बैहना ब्राहम्णा पंचायत का गांव बेहना ब्राहम्णा, दाड़ी भाड़ी पंचायत का गांव रछेड़ा, बड़ोल ग्राम पंचायत का गांव पोली तथा ग्राम पंचायत बल्हसीना का गांव कथ्यूण शामिल है।

यही नहीं उपमंडल श्री नैना देवी जी के अंतर्गत ग्राम पंचायत टोबा संगवाणा का गांव नीलां, ग्राम पंचायत टाली का गांव दगडाहण तथा ग्राम पंचायत री का गांव री को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत गांवों का चयन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अंतर्गत ऐसे गांव को चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाती है जहां 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी निवास करती है।

उपायुक्त राहुल ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पूर्व में चयनित 25 गांवों में से 21 में विभिन्न विकास कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। शेष चार गांवों में भी चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजना के अंतर्गत चयनित गांवों में सभी विकास कार्यों को समयबद्ध क्रियान्वित किया जाए ताकि ग्रामीणों को योजना के तहत होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का लाभ सुनिश्चित हो सके।

शिमला: कुसुम्पटी बाजार सड़क 19 से 22 अगस्त तक यातायात के लिए बंद 

बिलासपुर: बहल-स्वाहन बाया लखाला सड़क मार्ग 25 मार्च तक यातायात के लिए बंद

बिलासपुर:  जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग मण्डल बिलासपुर के अंतर्गत बहल-स्वाहन बाया लखाला सड़क मार्ग आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए आगामी 25 मार्च तक बंद रहेंगे।

उन्होंने जारी आदेश में आगामी 25 मार्च तक इस सड़क का प्रयोग करने वाले वाहनों को किरतपुर-नेरचैर फोरलेन से मिस्सेवाल-बलोली-मंझेड़-चिकुना सडक मार्ग का उपयोग करने को कहा है।

उन्होंने जारी आदेशों में बताया कि इन सड़क मार्गों की मरम्मत कार्य के दौरान केवल एम्बुलेंस, स्कूल बसों, वीआईपी वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवा वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।

जगत सिंह नेगी ने सिरमौर के शिरूमाईला में पीसीडीओ व शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर का किया निरीक्षण

ददाहू में आयोजित राजस्व लोक अदालत में की शिरकत

नाहन: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी जिला सिरमौर के प्रवास कार्यक्रम के दौरान आज तहसील ददाहू में आयोजित राजस्व लोक अदालत में विशेष रूप से शामिल हुए। इसके उपरांत उन्होंने शिरूमाईला में फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) और एचपी शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर का निरीक्षण भी किया।

राजस्व मंत्री ने लोक अदालत में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की भूमि विवाद, इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड सुधार मामलों संबंधी जानकारी ली तथा उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत प्रदेश सरकार की एक विशेष और जन-हितैषी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को राजस्व से जुड़े भूमि संबंधी मामलों का त्वरित, सरल और सुलह-आधारित समाधान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत को पारंपरिक राजस्व अदालतों की तुलना में कम खर्चीला, कम औपचारिक और जल्दी निपटान वाला मंच बनाया गया है ताकि आम लोगों के लंबित विवादों का जल्द समाधान हो सके।

उन्होंने फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र शिरूमाईला के निरीक्षण दौरान विभाग द्वारा लोगों के प्रदर्शन हेतु लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पोधों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को मौसम आधारित फलदार पोधे लगाने के लिए कहा ताकि उन प्रजातियों से प्रेरित होकर क्षेत्र के बागवान अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना सकें।

बाग़वानी मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में एच.पी. शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिवा प्रोजेक्ट में बदलाव करते हुए, तीन मालिकों की तीन हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा की उपलब्धता होने पर इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना के तहत पौधारोपण, उच्च-घनत्व बागवानी तकनीकों, सुनिश्चित सिंचाई सुविधाओं, सौर बाड़बंदी, पैक-हाउस एवं फल प्रोसेसिंग यूनिट समेत उत्पाद को बाजार तक पहुंच का प्रावधान किया गया है। इन सभी का उद्देश्य उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार मूल्य को एक साथ जोड़ना है, जिससे किसानों को पूर्ण आर्थिक लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से हिमाचल प्रदेश के बागवानी व्यवसाय तथा कृषि-उत्पादन को नई दिशा मिलेगी और देश भर के बाजार में प्रदेश के उत्पादों की पहचान बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के बागवानों को सिंचाई और फल उत्पादन के मूल्य-संयोजन के माध्यम से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन करने और ग्रामीण समुदायों की आजीविका में दीर्घकालिक सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में 10 क्लस्टर के माध्यम से 52.82 हेक्टेयर भूमि पर 62 हज़ार 259 फलदार पोधे लगाए गए हैं । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही जिला में 24 क्लस्टर के माध्यम से 132 हेक्टेयर भूमि पर 1 लाख 32 हज़ार फलदार पोधे रोपित किए जाएंगे।

बाग़वानी मंत्री ने विधायक नाहन अजय सोलंकी के साथ एचपी शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर तथा जुडग का निरक्षण किया तथा अन्य क्लस्टर मालिकों की समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए ताकि बागवानों की समस्यों का जल्द समाधान हो सके।

ऊना:  माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर निर्माण परियोजना में विलंब पर उपमुख्यमंत्री ने जताई नाराज़गी; बोले…मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर उतरे

विकास परियोजनाओं की हो सतत निगरानी और नियमित समीक्षा, कोताही बर्दाश्त नहीं : उपमुख्यमंत्री

ऊना:  उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को विशेष गति की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जाए। विभागीय स्तर पर मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित हों तथा प्रत्येक माह उपायुक्त स्वयं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करें, ताकि सभी जनोपयोगी कार्य तय समयसीमा में पूर्ण हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर कार्यों की प्रगति की प्रत्यक्ष निगरानी करें।

वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार, ऊना में आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर निर्माण परियोजना में विलंब पर जताई नाराज़गी

श्री अग्निहोत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर भवन निर्माण एवं परिसर सौंदर्यीकरण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि जब माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित हो सकता है, जब श्री वृंदावन धाम में व्यापक विकास कार्य संभव हैं, तो फिर माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यों में विलंब क्यों । उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य आरंभ न होना अस्वीकार्य है।

उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर बनना चाहिए। यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रशासनिक स्तर पर परिलक्षित न हो, तो योजनाएं मूर्त रूप कैसे लेंगी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये तथा जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन एवं विकास मॉडल का अध्ययन करने हके लिए एक टीम भेजे, ताकि वहां हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और अभिनव व्यवस्थाओं से सीख ली जा सके। उसी तर्ज पर आधुनिक और नवाचारपूर्ण कार्य यहां भी लागू किए जाएं और उन्हें निश्चित समयसीमा में पूरा किया जाए।

मंदिर परिसर और मार्ग में सेल्फी पॉन्ट्स, अंब रेलवे स्टेशन पर मंदिर की प्रतिकृति वाला सेल्फी पॉन्ट्स बनाने को लेकर भी विचार करें। उन्होंने मंदिर से भरवाई तक सीसीटीवी कैमरों, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ एवं सुलभ शौचालयों तथा रेन शेल्टर की व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने माता श्री चिंतपूर्णी मुख्य बाजार में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड डक्ट बनाने को कहा ताकि अटकी श्रद्धालुओं को राहत मिले।

जल्द शुरू हो श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर रोपवे परियोजना

उपमुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को नई उंचाई देने के उद्देश्य से श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर से संबंधित रोपवे परियोजना को शीघ्र सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि यह लगभग 100 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी।

उन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

पंडोगा में 12 करोड़ से बनेगा रोपवे परियोजना

उपमुख्यमंत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा में रोपवे परियोजना को पूरी गति से आगे बढ़ाने को कहा । उन्होंने बताया कि पंडोगा क्षेत्र में वनखंडी के समीप रेस्ट हाउस के पास वनखंडी माता मंदिर के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। यह रोपवे होशियारपुर सीमा से पंडोगा तक निर्मित किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। इसी साल अक्टूबर माह तक रोपवे निर्माण कार्य पूर्ण कर इसे जनता को समर्पित करने केंलक्ष्य से काम करने को कहा, ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिल सके।

प्राथमिकता पर हो पुलों के काम, कोई मिसिंग लिंक न छूटे

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सड़कों एवं पुलों पर अरबों रुपये की परियोजनाएं पूर्ण होने से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार आया है। लेकिन जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अधिशासी अभियंता यह सुनिश्चित करें कि कहीं कोई ‘मिसिंग लिंक’ शेष न रह जाए। कहां कहां काम पूरे हो गए, कहां कहां चले हैं और क्या कोई ऐसी जगह है जहां पुल निर्माण की आवश्यकता अभी भी भी बाकी है उसका समग्र डाटा विभाग एवं जिला प्रशासन के पास उपलब्ध होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन पुलों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि कनेक्टिविटी निर्बाध बनी रहे। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वां नदी में बाढ़ आने पर दोनों किनारों के लोग कट जाते थे, यातायात बाधित हो जाता था, लेकिन अब अनेक पुलों के निर्माण से आमजन को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने जिले में निर्माणाधीन पांच प्रमुख पुलों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें प्राथमिकता पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर रामपुर में वर्ष 2024 में क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर स्थापित बैली ब्रिज की बजाय स्थायी पक्का पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर इसे आगामी बजट में हर हाल में शामिल कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उपायुक्त को व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने लाठियानी-मंदली पुल परियोजना की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण किसी भी एजेंसी द्वारा किया जा रहा हो, किंतु जिला प्रशासन के पास इसकी अद्यतन जानकारी एवं प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त पंडोगा-त्यूड़ी पुल, लोहारली-चुरड़ू पुल तथा स्वां नदी पर अंब रेलवे स्टेशन एवं गगरेट को जोड़ने वाले पुल के निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए ।

ट्यूबवेलों के जीर्णोद्धार के लिए तैयार हो समेकित डीपीआर

उपमुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए बताया कि ऊना जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिन ट्यूबवेलों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर एक समेकित डीपीआर तैयार की जाए, ताकि वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव एकमुश्त भेजा जा सके और आवश्यक रिमॉडलिंग कार्य संपन्न हो सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ट्यूबवेलों को नवीन क्रम संख्या देकर विधानसभा-वार अद्यतन डाटा तैयार किया जाए, जिससे वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र योजना निर्माण संभव हो सके।

जल परिवहन को बढ़ावा, बंगाणा में संभावनाएं तलाशने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में जल परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। इस दिशा में 68 करोड़ रुपये का एमओयू भी किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि ऊना जिले के बंगाणा क्षेत्र में गोविंद सागर झील के कारण जल परिवहन और जल-आधारित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि बंगाणा क्षेत्र के लिए कोई व्यवहारिक एवं नवाचार आधारित प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाता है तो यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि इस संबंध में संभावनाओं का अध्ययन कर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

आलू प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य शीघ्र आरंभ हो

उपमुख्यमंत्री ने श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित आलू प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य को शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए। इसके लिए भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी, उपायुक्त तथा स्थानीय विधायक संयुक्त रूप से बैठक कर प्लांट के लेआउट पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दें, ताकि कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री के हाथों रखवाने का आग्रह किया जाएगा।

ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं पर काम करें

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊना जिले में ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को चिन्हित कर योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। इस दिशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करें।

 अग्निहोत्री ने लावारिस पशुओं की समस्या को देखते हुए कृषि विभाग के माध्यम से संचालित बाड़बंदी योजना के प्रचार प्रसार पर जोर दिया। इस योजना के तहत बजट बढ़ाने को उपायुक्त के माध्यम से प्रपोजल भेजें। ताकि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें और योजना का दायरा अधिक प्रभावी ढंग से विस्तारित किया जा सके।

दूषित जल निकासी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने बैठक में टाहलीवाल क्षेत्र में कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा दूषित जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि नाले का निर्माण आबादी क्षेत्र से बाहर तक सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा दूषित जल की निकासी आबादी से दूर सुरक्षित रूप से हो सके। इस कार्य की समस्त लागत भी संबंधित एवं जिम्मेदार औद्योगिक इकाइयों द्वारा वहन की जाए।

चिंतपूर्णी माता मंदिर पेयजल योजना का लोकार्पण 28 को

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि श्री चिंतपूर्णी माता मंदिर एवं साथ लगती पंचयतों के लिए करीब 12.25 करोड़ से 100 फीसदी तैयार कर ली गई है। इस पेयजल योजना का 28 फरवरी शनिवार को लोकार्पण किया जाएगा।

विधायक सुदर्शन बबलू ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने समिति की बैठक हर तीन महीने के अंतराल में आयोजित कराने का आग्रह किया ताकि विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा नियमित हो सके। विधायक ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास के लिए दिए गए निर्देशों पर आभार जताते हुए कहा कि बड़े मंदिरों की तर्ज पर समग्र विकास कार्य शीघ्र आरंभ करने और आधारशिला जल्द रखने का आग्रह किया।

उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिया कि उपमुख्यमंत्री द्वारा बैठक में दिए सभी निर्देशों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पांवटा साहिब में पंजाब पुलिस ने मारा छापा, बरामद की नशीली दवाईयां

सोलन: 8.15 ग्राम चिट्टे के साथ दो गिरफ्तार..

सोलन: जिला सोलन में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ऑल्टो कार सवार दो युवकों को 8.15 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया है। मामला परवाणू क्षेत्र का है, जहां SIU टीम ने संदिग्ध ऑल्टो कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में सवार दोनों युवक नशीला पदार्थ छुपाए हुए पकड़े गए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत परवाणू थाना में मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है। जांच के दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला गया तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पकड़े गए युवकों में से एक आरोपी ‘आदतन तस्कर’ निकला। उसके खिलाफ पूर्व में भी नशा तस्करी के तीन मामले दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि ड्रग माफिया की चेन को तोड़ा जा सके। सोलन पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बचाया जा सके।

शिमला: MC हाउस में मेयर, डिप्टी-मेयर पद को लेकर हंगामा…

शिमला: शिमला नगर निगम के हाउस में  महापौर का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा  हुआ। सदन में भाजपा और कांग्रेसी पार्षदों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने पर महापौर ने कृष्णानगर वार्ड के पार्षद बिट्टु कुमार पाना को दो सदन के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद भाजपा समर्थित सभी नौ पार्षद सदन से वाकआउट करके चले गए।

प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले महापौर का कार्यकाल बढ़ाकर ढाई से पांच साल कर दिया है। विधानसभा में जो विधेयक लाया है उस पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भाजपा पार्षदों ने कहा कि जब विधेयक पास नहीं हुआ है तो महापौर की सीट खाली है, वह हाउस नहीं चला सकते।

हालांकि सदन साढ़े चार बजे तक चला। सदन के हंगामे के बाद यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस पार्षदों की ओर से राज्यपाल को पत्र भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से महापौर व उपमहापौर कार्यकाल विस्तार प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया जाएगा।

विधायक डॉ. जनक राज बोले- विधानसभा में सरकार उनके क्षेत्र की समस्याओं और मांगों को नजरअंदाज कर रही..

सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में जमीन पर बैठ गए विधायक जनक

हिमाचल : प्रदेश के चंबा जिले के मैहला पंचायत में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने मंच पर बैठने के बजाय जमीन पर स्टेज के सामने बैठकर अपने क्षेत्र की अनसुनी समस्याओं को मंच के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है। विधायक ने अपने इलाके लोगों की समस्याओं को लेकर बात रखी। स्पष्ट किया कि वह इस कार्यक्रम में कोई बाधा उत्पन्न करने नहीं आए हैं, बल्कि जो मांगें विधानसभा में अनसुनी कर दी जाती हैं, उन्हें इस मंच से सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि विधानसभा में सरकार उनके क्षेत्र की समस्याओं और मांगों को नजरअंदाज कर रही है। ऐसे में जब उन्हें पता चला कि मैहला में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में पहुंच रही है तो वे अपने क्षेत्र की मांगों और समस्याओं को लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमने लोकतांत्रिक विरोध किया और सरकार मजबूर हुई मंच पर बुलाने के लिए कांग्रेसियों की नंगा नाच करके लोकतंत्र और देश की बेइज्जती नहीं करवाई

सोनिया गांधी का सबरीमाला सोना घोटाले के अभियुक्त से मिलना संदेहास्पद – अनुराग ठाकुर

हिमाचल : पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी, केरलम ईकाई ने दिल्ली में सबरीमाला  मंदिर में सोना चोरी मामले को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती सोनिया गांधी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर सोनिया गांधी और स्वर्ण लूट के कुख्यात सरगना उन्नीकृष्णन पोट्टी के बीच संबंधों के खुलासे व
सबरीमाला स्वर्ण लूट की जांच की जद में सोनिया गांधी को भी सम्मिलित करने की माँग की। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सोनिया गांधी जी और स्वर्ण लूट के कुख्यात सरगना उन्नीकृष्णन पोट्टी के बीच बैठकें रहस्यमयी हैं और उन्होंने मांग की कि यह मामला CBI को सौंपा जाए, क्योंकि केरल SIT (विशेष जांच दल) की जांच अप्रभावी है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “कांग्रेस हाईकमान का उन लोगों से सीधा संबंध है जिन्होंने भगवान अय्यप्पा का सोना चुराया है, सोनिया जी और उनके परिवार को करोड़ों अय्यप्पा भक्तों के सामने जवाब देना चाहिए। दो फ्रंट पर कांग्रेस ने हिंदुओं की आस्था, विशेषकर अय्यप्पा श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया। पहला, जब सबरीमाला केस में महिलाओं के प्रवेश को लेकर अदालत का निर्णय आया तो भाजपा ने उनके परंपराओं, रीति-रिवाज़ को बचाने के लिए प्रदर्शन किया। जब कोर्ट का निर्णय आया कि महिलाओं का प्रवेश सबरीमाला मंदिर में हो जो मंदिर की परंपराओं के खिलाफ थे। भाजपा ने उसका विरोध किया लेकिन कांग्रेस ने इसका जश्न मनाया…सिर्फ भाजपा ने अय्यप्पा श्रद्धालुओं की लड़ाई लड़ी, दूसरा सबरीमाला सोना घोटाले में जो अभियुक्त हैं उन्नीकृष्णन पोट्टी, वे बार-बार सोनिया गांधी से मिलते हैं… जो मंदिरों से सोना चुराते हैं उनसे सोनिया गांधी मिलती हैं… हम इसमें CBI जांच की मांग कर रहे हैं। मेरा कांग्रेस से दो सवाल है कि जब कोर्ट का निर्णय आया तो कांग्रेस ने अय्यप्पा श्रद्धालुओं की अस्था के खिलाफ जश्न क्यों मनाया और सबरीमाला सोना घोटाले के अभियुक्त उन्नीकृष्णन पोट्टी बार-बार सिंडीकेट से क्यों मिले?

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “सोनिया जी ने उन्नीकृष्णन पोट्टी से कई बार मुलाकात की है। इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले अदूर प्रकाश और एंटो एंटनी को भक्तों के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए। कई कांग्रेस नेता स्वर्ण लूट से सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए वे जांच से डर रहे हैं। कांग्रेस अय्यप्पा भक्तों के साथ वही नीति अपना रही है जो उन्होंने राम भक्तों के साथ अपनाई थी। कांग्रेस उन्नीकृष्णन पोट्टी के जरिए लूटने में लगी थी, जो सिंडीकेट का हिस्सा है, जो मुख्य अभियुक्त है जिसने साढ़े 4 किलो सोना सबरीमाला मंदिर से चुराया। वह सबरीमाला सोना घोटाले का अभियुक्त है उसकी सोनिया गांधी जी से कई बार बैठकें हुई। कांग्रेस के सांसदों ने बैठकें कराई, महंगे तोहफे लिए, इस मामले में CBI जांच होनी चाहिए। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि सोनिया गांधी का सबरीमाला सोना घोटाले के अभियुक्त से मिलना जरूरी था?

दिल्ली पुलिस ने विज्ञान भवन से सोनिया गांधी के निवास तक मार्च को बीच में रोक दिया। इसके बाद केरल युवा मोर्चा राज्य अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद सहित अन्य को गिरफ्तार कर हटा दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अनुराग सिंह ठाकुर ने किया युवा मोर्चा राज्य अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सहगल, तथा राज्य महासचिव विष्णु वांचीमाला और गोकुल गोपीनाथ ने भाग लिया।

उपयोगकर्ता अनुभव एवं डिज़ाइन प्रणाली पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित

शिमला: डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग (DDT&G), हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के सहयोग से 27 फरवरी 2026 को आईटी भवन, शिमला में “यूज़र एक्सपीरियंस (UX) एवं डिज़ाइन सिस्टम” विषय पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह राज्य में आयोजित दूसरी ऐसी कार्यशाला थी, जिसका उद्देश्य डिजिटल शासन में उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सचिव (DT&G), हिमाचल प्रदेश सरकार एवं निदेशक, DDT&G ने शिमला ज़िले के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को आधार नामांकन किट एवं लैपटॉप वितरित किए, जिससे जमीनी स्तर पर डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और अधिक प्रभावी हो सके।

उप निदेशक (आईटी)  नरेंद्र कुमार ने गणमान्य अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के तकनीकी विशेषज्ञों तथा वीएलई प्रतिनिधियों का स्वागत किया। निदेशक, DDT&G डॉ. निपुण जिंदल ने मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। मुख्य वक्तव्य में सचिव (DT&G) श्री आशीष सिंहमार ने बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए यूएक्स/यूआई के महत्व तथा डिजिटल रूपांतरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग से उप महाप्रबंधक अजीत कुमार एवं उनकी टीम ने उपयोगकर्ता अनुभव के मूल सिद्धांतों, डिज़ाइन मानकों, यूएक्स ऑडिट प्रक्रियाओं एवं उपकरणों, अपनाने की रणनीतियों तथा “यूएक्स4जी (User Experience for Government Applications)” डिज़ाइन सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत सत्र आयोजित किए। सत्रों में शासन एवं डिज़ाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला के दौरान डिज़ाइन थिंकिंग पद्धति का व्यावहारिक प्रदर्शन DDT&G वेबसाइट तथा हिमाचल प्रदेश के HPRCA पोर्टल के केस स्टडी के माध्यम से किया गया, जिसमें सार्वजनिक सेवाओं की सुगमता एवं सरकारी नौकरी आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

विभिन्न विभागों ने यूएक्स4जी डिज़ाइन सिस्टम तथा संबंधित उपकरणों को अपने कार्यप्रवाह में अपनाने में रुचि व्यक्त की। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन का अनुरोध किया, ताकि राज्य में डिजिटल सेवाओं को और अधिक नागरिक-केंद्रित, सरल एवं प्रभावी बनाया जा सके।

पादप स्वास्थ्य प्रबंधन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षा – उद्योग सहयोग पर बल

शिमला: ‘सतत विकास के लिए तालमेल: पादप स्वास्थ्य प्रबंधन में अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ आज डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में हुआ। विशेषज्ञों ने शोध और खेत-स्तर पर उसके अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सशक्त साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस संगोष्ठी का आयोजन हिमालयन फायटोपथोलॉजीकल सोसाइटी द्वारा विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। देशभर के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और एग्रोकेमिकल उद्योग से 188 से अधिक प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे हैं।

आचार्य एन.जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय गुन्टूर की कुलपति डॉ. आर. सारदा जयलक्ष्मी देवी इस अवसर पर मुख्य अतिथि रही। उन्होंने अपने संबोधन में वैज्ञानिक खोजों को विस्तार योग्य एवं किसान-हितैषी तकनीकों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आधुनिक कृषि में फफूंदनाशी जैव-कीटनाशकों तथा पर्यावरण-अनुकूल रासायनिक संरक्षण की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में जैव-अवक्रमणीय, लक्षित प्रभाव वाले और कम विषाक्त कंपाउंड के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, नैनो-बायोफफूंदनाशकों को पारंपरिक फफूंदनाशकों के प्रभावी विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और शोध संस्थान पादप रोगजनकों, होस्ट प्रतिरोध, आणविक निदान एवं समन्वित रोग प्रबंधन पर मूलभूत ज्ञान विकसित करते हैं, किंतु इन नवाचारों—जैसे प्रतिरोधी किस्में, जैव-फॉर्मूलेशन और डायग्नोस्टिक किट—को व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुँचाने के लिए उद्योग के साथ सहयोग अनिवार्य है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पद्धति के रूप में उभर रही है, जो कई सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने जोर दिया कि अनुसंधान और तकनीक पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किसानों के लिए किफायती भी होनी चाहिए। उन्होंने उद्योग से शिक्षा संस्थानों को शोध के महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में मान्यता देने का आह्वान किया और कहा कि प्रत्येक शोध प्रबंध नवाचार में परिणत होना चाहिए, जिसका व्यावहारिक और व्यावसायिक महत्व हो।

इससे पूर्व, हिमालयन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ सतीश शर्मा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने विभाग की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के सबसे पुराने विभागों में से एक है, जिसने हिमालयी क्षेत्र की समशीतोष्ण बागवानी फसलों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास किया है।

कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर के अधिष्ठाता डॉ मनीष शर्मा ने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद उत्पादन वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो पादप संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय चिंताओं को भी संबोधित करें। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधनों के संबंध में सुझाव देने का आग्रह किया।

निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ इंदर देव ने पादप स्वास्थ्य को कृषि का एक प्रमुख स्तंभ बताया और कहा कि रोगों के कारण लगभग 40 प्रतिशत तक फसल हानि होती है, जो खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा किसानों की आजीविका के लिए गंभीर चुनौती है। सोसाइटी के सचिव डॉ अनिल हांडा ने वर्ष 2017 में स्थापित सोसाइटी की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सातवीं राष्ट्रीय संगोष्ठी है तथा सोसाइटी नियमित रूप से मंथन सत्र, व्याख्यान, किसान–वैज्ञानिक संवाद, क्षेत्र भ्रमण और ई-पत्रिका का प्रकाशन करती है। इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ भूपेश गुप्ता द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

संगोष्ठी में प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों और एग्रोकेमिकल उद्योग के विशेषज्ञ वैज्ञानिक तकनीकी सत्रों को संबोधित कर रहे हैं। इनमें समन्वित पादप स्वास्थ्य प्रबंधन, तनाव सहनशीलता हेतु उभरते जीनोमिक उपकरण, सतत रोग प्रबंधन रणनीतियाँ तथा तकनीकी हस्तांतरण को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।

जलवायु परिवर्तन, भूमि क्षरण, जल संकट और बढ़ती खाद्य मांग जैसी चुनौतियों के बीच विशेषज्ञों ने दोहराया कि शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग नवाचार को बढ़ावा देने, तकनीकों के प्रभावी प्रसार तथा क्षेत्र-विशिष्ट समाधान विकसित करने की कुंजी है। यह संगोष्ठी कृषि उत्पादकता, सततता और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए भावी साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगी।