


बैठक में कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया हैकि वह विशेष आवश्यकता के बिना देर रात यात्रा न करें तथा किसी भी प्रकार की आपदा, मकानों को नुकसान, सड़क अवरुद्ध होने अथवा अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के हेल्पलाइन नंबर पर दें। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करेंगी। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बिलासपुर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर शशि दत्त शर्मा ने लोगों को स्क्रब टाइफस रोग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस एक जूनोटिक रोग है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक जीवाणु के कारण होता है तथा वर्षा ऋतु के दौरान, विशेषकर घास कटाई के मौसम में इसके मामलों में वृद्धि देखी जाती है। यह रोग प्रायः ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है, जहां झाड़ियों एवं घासयुक्त स्थानों में रोग वाहक माइट्स मौजूद रहते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से सतर्कता बरतने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है, ताकि मानसून के दौरान स्क्रब टाइफस के संभावित प्रकोप को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

शिमला : भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा विधायक दल ने सरकार को चिट्टा बिकवाने, लॉटरी और जुआ खिलवाने का काम बंद करके प्रदेशवासियों को रोजगार देने की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कितने शर्म की बात है कि सुक्खू सरकार आय बढ़ाने के नाम पर प्रदेश में लॉटरी जैसी बुराई को विधिक मान्यता दे रहे हैं। पहले भी प्रदेश में लॉटरी होती थी लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा उसे बंद किया गया। यह स्थिति इसलिये आई क्योंकि परिवार के परिवार तबाह हो रहे थे। लोग इसकी लत का शिकार हो रहे थे, जमीनें बिक रही थी, जेवर बिक रहे थे। लोगों की तनख्वाह लॉटरी में जा रही थी। प्रदेश की आय बढ़ाने के नाम पर इस तरीके की बुराई का सरकार द्वारा महिमा मंडन करना दुर्भाग्य की बात है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि लॉटरी किस्मत की बात है। तो मेहरबानी करके प्रदेशवासियों को किस्मत के भरोसे ना छोड़े और लॉटरी की बुराई को अविलंब वापस ले। प्रदेशवासियों को जुआ और लॉटरी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। प्रदेशवासियों को नौकरी चाहिए, स्वरोजगार के अवसर चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री रोजगार और स्वरोजगार की अवसर देने में पूरी तरीके से नाकाम साबित हुए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन से लेकर सड़क तक, सरकारी मंचों से लेकर जनसभा तक, हर जगह झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करके मुख्यमंत्री ने अपना समय भले काट लिया लेकिन अब उन्हें जवाब देना होगा। अब उनके पास भागने की गुंजाइश नहीं है। प्रदेश के लोग सड़कों पर हैं, भारतीय जनता पार्टी भी हर प्रदेश पार्टी के साथ है, उन्हें जवाब देना होगा। प्रदेश के युवाओं को रोजगार चाहिए, स्वावलंबन जैसी आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाएं चाहिए, जरूरतमंदों को सहारा जैसी योजनाएं चाहिए, बेटियों को शगुन और कन्यादान जैसी योजनाएं चाहिए। इसलिए मुख्यमंत्री जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम करें, प्रदेश को लॉटरी के दलदल में न धकेले।
90% सहारा पेंशन धारकों को अपात्र घोषित करके पाप कर रही है सरकार
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार के समय 37000 से ज्यादा लोगों को सहारा पेंशन मिलती थी। सरकार ने 90% से ज्यादा लोगों को पेंशन के लिए अपात्र घोषित कर दिया। जिसमें से ज्यादातर लोगों को सरकार ने मृत घोषित किया है। आए दिन हमें ऐसे लोग मिलते हैं जो बताते हैं कि उनकी पेंशन रोकने के लिए सरकार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। यू लव बिस्तर पर हैं, पूरी तरीके से अशक्त हैं, अपना दैनिक कार्य भी बिना मदद के नहीं कर सकते हैं, उन लोगों के साथ सुख सरकार का यह रवैया बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना सरकार का काम है लेकिन यह दुखद है कि सरकार इस मामले में पूर्णतया नाकाम है। सहारा जैसी पेंशन रुकना, पात्र लोगों को अपात्र करना पाप है जिसकी कोई माफी नहीं हो सकती।
प्रदेश के इकलौते मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग की प्रमुख जांचें बंद
प्रदेश के इकलौते मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल अटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल चमियाना में इकोकार्डियोग्राफी समेत हृदय रोग से संबंधित प्रमुख जांचें बंद होना प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खोलता है। अस्पताल में हृदय रोग की जांच करने वाले इकलौते स्टाफ को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेजकर सरकार ने अपनी व्यवस्था परिवर्तन की नाकामी और विवेकहीनता का परिचय दिया है। प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं और आवश्यक जांचें बंद होना सरकार के निकम्मेपन, संवेदनहीनता और व्यवस्था के पतन का प्रमाणपत्र है। सरकार को बताना चाहिए कि जब चमियाना अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाला स्टाफ ही नहीं रहेगा तो प्रदेश के मरीजों को इलाज और जांच के लिए कहां जाना पड़ेगा। सरकार को तत्काल इस निर्णय को वापस लेकर अस्पताल में सभी आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और जांचें बहाल करनी चाहिए।

संस्थान बंद करना हमारा उद्देश्य नहीं; हमारा उद्देश्य भ्रष्टाचार को बंद करना – CM सुक्खू
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के दौरान आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में सबऑर्डिनेट सिलेक्शन बोर्ड से पेपर लीक होते थे, पेपर बेचे जाते थे। हमारी सरकार ने जब यह देखा, तो हमने इस बोर्ड को बंद करने का काम किया। जिन लोगों ने पेपर लीक किए थे, उनमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक, उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा। सीएम ने कहा कि NEET के पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह वहाँ देखने को नहीं मिली। संस्थान बंद करना हमारा उद्देश्य नहीं है। हमारा उद्देश्य भ्रष्टाचार को बंद करना है।
पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जल्दबाजी में अनेक शिक्षा संस्थान और कॉलेज खोले – CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बीजेपी-कांग्रेस देखकर संस्थान नहीं खोलती। हमारा निर्णय जनता की जरूरत और क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता पर आधारित होता है। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जल्दबाजी में अनेक शिक्षा संस्थान और कॉलेज खोले। राजनीतिक लाभ के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की रेवड़ियाँ बाँटी गईं। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद जब हमने इन संस्थानों का रिव्यू किया, तो अनेक जगहों पर पर्याप्त शिक्षक तक नहीं थे। प्लस टू में सात शिक्षकों की जरूरत थी, वहाँ एक शिक्षक के सहारे साइंस शुरू कर दी गई थी। हमने इस वास्तविकता को गंभीरता से समझा। कुछ संस्थानों का युक्तिकरण किया। हम स्कूलों को मजबूत कर रहे हैं। विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद आवश्यकता के अनुसार नए संस्थानों की समीक्षा की जाएगी; जरूरत के आधार पर आवश्यक संस्थान खोले जाएंगे – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके लिए भाजपा विधायक को धन्यवाद देना चाहिए था। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसकी हाईकोर्ट में रिकमेंडेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। हमने हाईकोर्ट को इसकी कॉपी भेजी थी, वहां से रिकमेंडेशन प्राप्त हो गई है। अब एक-दो दिन में इसे नोटिफाई कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय जनगणना का कार्य चल रहा है। जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद आवश्यकता के अनुसार नए संस्थानों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के आधार पर आवश्यक संस्थान खोले जाएंगे।
हमारा प्रयास मल्टी-टास्क वर्कर को न्यूनतम वेतन की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जाए – CM
मल्टी-टास्क वर्कर के लिए सरकारी विभागों में वर्तमान में अलग-अलग व्यवस्थाएँ लागू हैं। हमारी सरकार अब इन सभी व्यवस्थाओं को एक समान नीति के तहत लाने पर गंभीरता से काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि केवल 500 रुपये या 1,000 रुपये की बढ़ोतरी तक सीमित न रहते हुए मल्टी-टास्क वर्कर को न्यूनतम वेतन की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।
हम ओबीसी समाज का कल्याण किसी राजनीतिक लाभ को देखकर नहीं कर रहे; हम उनकी भावनाओं और अधिकारों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं – CM
ओबीसी समाज के कल्याण के लिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा काम किया है। भाजपा को अपनी सरकार के दौरान ओबीसी समाज के कल्याण की चिंता नहीं हुई। अब सदन में जोर-जोर से ओबीसी के हित की बात कही जा रही है। हम ओबीसी समाज का कल्याण किसी राजनीतिक लाभ को देखकर नहीं कर रहे हैं। हम उनकी भावनाओं और अधिकारों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का अध्ययन किया जा रहा है। हमारी सरकार ने पहली बार ओबीसी कमीशन बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरियों में हम आरक्षण दे रहे हैं। प्रदेश में सर्व समाज का कल्याण कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है।
स्वास्थ्य संबंधी सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं और सरकार इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखेगी – मुख्यमंत्री
बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू और अन्य वायरल बीमारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क रहती है और अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है। सदन में जिस मरीज की बात की जा रही है, वह एम्स बिलासपुर से ट्रांसफर होकर आया था। ऐसे गंभीर मामलों में मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से कार्य करता है। स्वास्थ्य संबंधी सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं और सरकार इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखेगी।
सरकार खुले मन से जनहित में उपयुक्त विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार – CM
गगरेट के विधायक राकेश कालिया जी का चिंतपूर्णी के रोप-वे को लेकर सुझाव स्वागत योग्य है। सरकार इस सुझाव को सकारात्मक रूप से देखती है। हमारा एक एम.ओ.यू. पहले से हुआ है, जिसका अभी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। विधायक के सुझाव पर माननीय उपमुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। रोप-वे 900 मीटर का हो, 1,000 मीटर का हो या 1,500 मीटर का- सरकार खुले मन से जनहित में उपयुक्त विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार है। जहाँ से भी रोप-वे लगाना उचित होगा, सरकार उस दिशा में सहयोग करेगी।
नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी ज़िपलाइन का निर्माण किया जाना है; एफ.सी.ए. की अड़चन को दूर करवाकर परियोजना का काम जल्द शुरू करवाया जाएगा : CM
हिमाचल प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से बेहद खूबसूरत है। हमारे पास स्विट्जरलैंड से अधिक स्नो-बाउंड क्षेत्र है, जहाँ रोप-वे के माध्यम से अनछुए पर्यटक स्थलों तक पहुँच बनाई जा सकती है।
नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी ज़िपलाइन का निर्माण किया जाना है। रोप-वे परियोजना के लिए 80 लाख रुपये का अपफ्रंट प्रीमियम जमा कराया जा चुका है। एफ.सी.ए. की अड़चन को दूर करवाकर परियोजना का काम जल्द शुरू करवाया जाएगा।
घर बनाने में किश्तों के भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए – मुख्यमंत्री
घर बनाने में एक किश्त के बाद दूसरी किश्त और फिर तीसरी किश्त मिलने में समय लगने से अनेक परिवारों के सामने बड़ी कठिनाई खड़ी हो जाती है। मिस्त्री और मजदूर दूसरे काम पर चले जाते हैं।
यह लंबे समय से चली आ रही समस्या है। मैं माननीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जी से भी आग्रह करूँगा कि किश्तों के भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए, ताकि गरीब परिवारों को बार-बार इंतजार न करना पड़े।
पुलिस कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट – मुख्यमंत्री
पुलिस कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट है। पदों का विज्ञापन 10 जुलाई 2026 को जारी हुआ था और आवेदन की प्रारंभिक अंतिम तिथि 6 अगस्त 2026 थी। इस दौरान करीब 65,000 आवेदन प्राप्त हुए।
युवाओं के हित में प्रदेश सरकार ने आयु सीमा में 1 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया। पात्र अभ्यर्थियों को इसका लाभ देने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 21 अगस्त 2026 की गई। इस अतिरिक्त अवधि में करीब 11,000 आवेदन प्राप्त हुए, जिससे कुल आवेदन 77,000 हो गए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए अब ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
पुलिस भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 5 सितंबर; 1 सितंबर तक कुल 98,719 आवेदन प्राप्त – सीएम
प्रदेश के होम गार्ड्स कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने उन्हें एकमुश्त 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी है। साथ ही, पुलिस भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 कर दी गई है।
इस बढ़ी हुई अवधि में 21,000 अतिरिक्त आवेदन प्राप्त हुए हैं। 1 सितंबर 2026 को सायं 7:00 बजे तक कुल 98,719 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इससे यह भी स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग का ऑनलाइन पोर्टल सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और पोर्टल के बंद या क्रैश होने संबंधी खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार शारीरिक मानक परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण प्रदेश के सभी 12 जिलों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किए जाने हैं। प्रदेश की भौगोलिक एवं मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए आवेदन की तिथि बार-बार बढ़ाने से आगामी शीत ऋतु में इन परीक्षणों के आयोजन में कठिनाई आ सकती है।
प्रदेश सरकार ने युवाओं के हित में आयु सीमा में छूट के साथ आवेदन की अवधि दो बार बढ़ाई है।

हिमाचल: प्रदेश के मण्डी जिले में बुधवार को दो हादसों में दो लोगों की मौत हो गई और करीब पांच लोग घायल हो गए। पहला हादसा मण्डी जिले के करसोग में हुआ औऱ दूसरा हादसा मंडी शहर के पुलघ्राट के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, पुलघ्राट के पास एक कार सुकेती खड्ड में जा गिरी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हुए हैं। जानकारी अनुसार जिला मण्डी के पुलघराट के पास एक गाड़ी सीधे सुकेती खड्ड में जा गिरी। हादसे में कार चालक बैंक मैनेजर 39 वर्षीय मनीष भाटिया पुत्र संतराम भाटिया निवासी सन्यार्ड, तहसील व जिला मंडी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बैंक मैनेजर मनीष अपनी कार एचपी 33 एफ 9944 में नेरचौक की ओर जा रहे थे कि पुलघराट के पास उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधी 200 मीटर खाई में पलटे खाकर सीधी सुकेती खड्ड में जा गिरी। बताया जा रहा है कि सीट बेल्ट न खुलने के कारण घायल मनीष गाड़ी में ही फंस गया और नदी के पानी में डूब गया। जब तक लोगों ने उसे निकाला तो वह सांस नहीं ले पा रहे थे मौके पर ही उन्हें गाड़ी निकालकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इससे पहले, मण्डी जिले के उपमंडल करसोग में माहूनाग के समीप बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी अनुसार, एक कार के अचानक अनियंत्रित होने से वाहन में सवार मोहन सिंह मेहरन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विनीत और चुड़ामणी नाम के दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला और तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस दवारा मामले की जाँच की जा रही है।

हिमाचल: प्रदेश विधानसभा में हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित कर दिया गया। इस विधेयक के माध्यम से प्रदेश के 6 राज्य विश्वविद्यालयों से जुड़े कानूनों में संशोधन किए गए हैं। संशोधन में विश्वविद्यालयों के वित्तीय मामलों, नियुक्तियों, पद सृजन, पदोन्नति और वेतन-भत्तों को लेकर कई अहम प्रावधान किए गए हैं। भाजपा विधायक दल के विरोध के बीच संशोधन विधेयक सदन में ध्वनिमत से पारित हुआ। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधेयक सदन के पटल पर रखा था। संशोधन विधेयक लागू होने के बाद छह विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की सीधी भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) के माध्यम से होगी। गैर-शिक्षण पदों पर सीधी भर्ती हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) या सरकार की ओर से अधिसूचित किसी अन्य भर्ती एजेंसी के जरिये की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित मापदंडों के अनुसार होगी।

हिमाचल: राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनरो ने OPS बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर शिमला के चौड़ा मैदान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और OPS बहाली को लेकर नारेबाजी की।यूनियन की ओर से सुबह 11 बजे कुमार हाउस से अंबेडकर चौक तक रैली निकाली गई। इसके बाद चौड़ा मैदान में प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर बिजली बोर्ड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सहसंयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड में 15 मई 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए। इसके अलावा लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को बोर्ड में समायोजित कर नौकरी सुरक्षा दी जाए। कांग्रेस सरकार ने पहली कैबिनेट में OPS बहाल कर दी थी, लेकिन बिजली बोर्ड के कर्मचारी इससे वंचित हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर 2025 को सम्मेलन में भी घोषणा की थी, लेकिन बोर्ड प्रबंधन लागू नहीं कर रहा।सरकार जल्द ठोस फैसला लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करे।

