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स्मार्ट सीटी के नाम पर करोड़ों खर्च कर सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में भी असफल साबित हो रही : कांग्रेस

शिमला में पानी की किल्लत, कांग्रेस ने साधा निशाना..अभी मार्च में ही पेयजल संकट, अप्रैल-मई में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा तो क्या हाल होगा?

शिमला: कांग्रेस ने  प्रदेश में जयराम सरकार के चार साल  से अधिक के कार्यकाल को असफल और  निराशाजनक बताते हुए कहा है कि गत एक साल से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर  कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने में भी प्रदेश सरकार पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री एक तानाशाह के तौर पर उसे दबाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश चौहान ने आज यहां मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि जयराम सरकार कर्मचारियों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। 10 कर्मचारी नेताओं के दूर दराज के इलाकों में तबादले कर उन्हें प्रताड़ित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

नरेश चौहान ने सरकार पर कर्मचारियों के तबादले रद्द करने और उनके साथ सौहार्द बातचीत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जहां इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों का हर वर्ग आंदोलनरत है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के उन कर्मचारियों के साथ खड़ी है।

नरेश चौहान ने शिमला शहर में पेयजल समस्या पर भी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि अभी मार्च में पेयजल संकट हो गया है और जब अप्रैल मई में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा तो क्या हाल होगा।

नरेश चौहान ने भाजपा सरकार पर शिमला शहर को 24 घण्टे पेयजल उपलब्ध करवाने के दावे को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि स्मार्ट सीटी के नाम पर करोड़ो खर्च कर सरकार यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में भी असफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि शिमला शहर के साथ लगते इलाके चम्याना, मल्याणा, भट्टाकुफर, कमला नगर में चार पांच दिनों के बाद पेयजल आपूर्ति की जा रही है,जबकि शहर में तीन दिन बाद पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

चौहान ने सरकार  ने कहा है कि अगर सरकार ने शिमला शहर व इसके साथ लगते  में पेयजल आपूर्ति को नहीं सुधारा तो कांग्रेस किसी भी धरना प्रदर्शन से पीछे नहीं  हटेगी।

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